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चंदला के मिठाई दुकानों पर एक्सपायर्ड मिल्क केक मिलने से दुकान सील, प्रशासन सख्त कार्रवाई

Chhatarpur, Madhya Pradesh:एकंर -छतरपुर के चंदला में खाद्य सुरक्षा टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। मिठाई की दुकान पर एक्सपायरी मिल्क केक मिलने पर दुकान को सील कर दिया गया। कार्रवाई कलेक्टर मृणाल मीना के निर्देश पर की गई। एसडीएम लवकुशनगर आयुष जैन के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम ने चंदला में मिठाई दुकानों का निरीक्षण किया। इस दौरान जय कामतानाथ स्वीट्स की दुकान पर एक्सपायरी मिल्क केक के पैकेट मिले। टीम ने मिल्क केक को जब्त कर नियमानुसार नष्ट कराया और दुकान को सील करने की कार्रवाई की। प्रशासन का कहना है कि आमजन के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए लगातार दुकानों का निरीक्षण किया जा रहा है। दीपावली के सीजन में मिलावटी और एक्सपायरी खाद्य पदार्थों को लेकर प्रशासन सख्त है।
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म Mokri गांव में डाक विभाग की लापरवाही, बोरों में हजारों दस्तावेज मिले

Khajuria Khurd, Bihar:भभुआ प्रखंड के मोकरी गांव में डाक विभाग की घोर लापरवाही का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। गांव के वार्ड नंबर तीन में स्थित पुराना पोखरा और ट्रांसफार्मर के पास नाले से दो बोरों में भरे हजारों महत्वपूर्ण सरकारी और बैंकिंग दस्तावेज लावारिस हालत में बरामद किए गए हैं। इन दस्तावेजों में भारी मात्रा में आधार कार्ड, पैन कार्ड, एटीएम कार्ड, बैंक चेकबुक, पासबुक और जरूरी सरकारी नोटिस शामिल हैं। मोकरी पंचायत के पूर्व मुखिया जयशंकर बिहारी और ग्रामीण तेज बहादुर सिंह ने बताया कि जब किसान और स्थानीय लोग सिवान की तरफ खेतों में गए, तो उन्होंने पोखरे के पास दो बोरों में भरे ये कागजात देखे। एक बोरा वहीं बिखरा पड़ा था, जिसे ग्रामीण और बच्चे उठाकर गांव में लाए। पूर्व मुखिया का अनुमान है कि इन बोरों में लगभग दस हजार लोगों के महत्वपूर्ण दस्तावेज हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में पोस्टमास्टर और डाकिया की नियुक्ति होने के बावजूद, वितरण की मेहनत से बचने के लिए इन जरूरी दस्तावेजों को कचरे की तरह फेंक दिया गया। क्षेत्र के हजारों लोग सालों से अपने आधार कार्ड, पैन कार्ड और चेकबुक के लिए परेशान भटक रहे थे, लेकिन डाक विभाग की इस कारस्तानी ने उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। आक्रोशित ग्रामीणों ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने और सभी दस्तावेज असली मालिकों तक पहुंचाने की मांग की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए भभुआ एसडीएम ने तत्काल संज्ञान लिया है। एसडीएम ने बुधवार की शाम बताया कि प्रथम दृष्टया यह डाकघर द्वारा दस्तावेजों का वितरण न किए जाने की लापरवाही प्रतीत होती है। प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए भभुआ थाना पुलिस के माध्यम से सभी बरामद सामग्रियों को जब्त कर थाने में सुरक्षित रखवाया है, जहां इनकी विस्तृत सूची तैयार की जा रही है। डाक विभाग के संबंधित उच्चाधिकारियों को सूचित कर उनसे विस्तृत जांच रिपोर्ट मांगी गई है। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद जिलाधिकारी और डाक विभाग के वरीय पदाधिकारियों के माध्यम से दोषियों के विरुद्ध सख्त विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी.
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लालगंज में ड्रग फ्री जोन के लिए पुलिस ने ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू की

Hajipur, Bihar:वैशाली के लालगंज में नशे के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। स्कूल-कॉलेज के 500 मीटर दायरे को ड्रग फ्री जोन बनाने के लिए लालगंज चौक और कॉमर्स कॉलेज के आसपास की दुकानों और गुमटियों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की गई।गृह मंत्रालय भारत सरकार के संकल्प के तहत यह अभियान चलाया गया। पुलिस का लक्ष्य है कि स्कूल-कॉलेज में पढ़ रहे बच्चों तक किसी भी हाल में नशीला पदार्थ न पहुंचे। इसी को लेकर लालगंज एसडीपीओ गोपाल मंडल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने लालगंज चौक इलाके में स्थित कई दुकानों की सघन तलाशी ली। चरस, स्मैक, ब्राउन शुगर सहित अन्य नशीले पदार्थों की तलाश में दुकानों को खंगाला गया। छापेमारी के दौरान इलाके में हड़कंप मच गया।स्कूल-कॉलेज के 500 मीटर दायरे को ड्रग फ्री जोन बनाना है। बच्चों तक नशा न पहुंचे, इसलिए यह अभियान चलाया गया है। आम लोगों से अपील है कि नशा बेचने की गुप्त सूचना हमें दें। दुकानदारों को कड़ा संदेश है, नशीले पदार्थों की खरीद-बिक्री की तो कड़ी से कड़ी कार्रवाई होगी। यह अभियान लगातार जारी रहेगा। हालांकि इस छापेमारी में अभी तक कोई बरामदगी नहीं हुई है, लेकिन पुलिस ने साफ कर दिया है कि नशे के कारोबारियों को बख्शा नहीं जाएगा। अभियान आगे भी जारी रहेगा। बाईट---गोपाल मंडल एसडीपीओ लालगंज 2
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मुजफ्फरपुर में दीपावली-छठ सुरक्षा: एसएसपी ने रातभर गश्ती तेज रखने के निर्देश दिए

Muzaffarpur, Bihar:दीपावली और लोक आस्था का महापर्व छठ को लेकर अब अन्य राज्यों में रहने वाले लोग अपने घर को लौटने लगे हैं, इस दौरान देर रात लोग ट्रेन और बस से शहर में पहुंचते हैं और फिर वहां से वह अपने घर के लिए रवाना होते हैं और मुजफ्फरपुर उत्तर बिहार का व्यवसाय का मुख्य मंडी है, ऐसे में रात के समय नो एंट्री खत्म होने पर ट्रको का आवाजाही शुरू हो जाती है. इस दौरान सुनसान रास्तों का फायदा उठाकर आसामाजिक तत्व लोगों के साथ कई तरह के घटनाओं को अंजाम देता है. आखिर इनकी सुरक्षा को लेकर मुजफ्फरपुर की पुलिस कितनी सजग और कितनी अलर्ट है, साथ ही एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा द्वारा प्रदेश से लौटने वाले लोगों के सुरक्षा को लेकर जो रणनीति बनाई गई है उसका जायजा लेने जी मीडिया की टीम देर रात मुजफ्फरपुर से गुजरने वाले हाईवे से लेकर शहर के करीब आधा दर्जन थाना क्षेत्रों का पुलिस गस्ती का जायेजा लिया. इसके बाद मुजफ्फरपुर के एसएसपी ने ब्रह्मपुरा सिकंदरपुर नगर थाना क्षेत्र मिठनपुरा थाना क्षेत्र के साथ अलग-अलग जगह का निरीक्षण किया. इस दौरान गरीबस्थान स्थित ज्वेलरी मार्केट और व्यावसायिक प्रतिष्ठान वाले जगहों पर भी उनके द्वारा पुलिस मुस्तैदी का जायेजा लिया. वहीं जी मीडिया से बात करते हुए मुजफ्फरपुर के एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने बताया कि दीपावली और छठ पर्व को लेकर अन्य राज्यों में रहने वाले लोग अब अपने घर को लौट रहे हैं और उनकी सुरक्षा को लेकर जिले के सभी स्थान की पुलिस को अलर्ट रहने का निर्देश दिया गया है. साथ ही रात्री में विशेष रूप से पुलिस के गस्ती टीम को सड़कों पर अलर्ट रहने का निर्देश दिया गया है. वहीं अपने निरीक्षण के दौरान एसएसपी ने नगर थाने की पुलिस के द्वारा गस्ती में शिथिलता बरतने की बात कही. जिसे लेकर उन्होंने कहा नगर थाना अध्यक्ष को शो कौज किया जाएगा कि आखिर किस परिस्थिति में नगर थाने की गस्ती गाड़ी रात को सड़कों पर नहीं दिखी. वहीं उनके द्वारा बताया गया कि पर्व के दौरान अन्य राज्यों से जो लोग अपने घर को लौट रहे हैं उनकी सुरक्षा को लेकर रात्रि में लौटने वाले लोगों के लिए पुलिस निशुल्क वाहन चला रही है, ताकि अन्य राज्यों से जो लोग देर रात मुजफ्फरपुर स्टेशन या फिर बस स्टैंड पहुंचते हैं उनको सुरक्षित उनके गंतव्य तक पुलिस पहुंचा सके. वहीं उन्होंने माना की निरीक्षण के दौरान कुछ जगहों पर सुरक्षा को लेकर खामियां देखी गई है, लेकिन आने वाले समय में उसको दुरुस्त किया जाएगा और हम लोग पूरी तरह से अन्य राज्यों से आने वाले लोगों और शहर के व्यासाइयो के सुरक्षा को लेकर अलर्ट मोड में है. वही धनतेरस पर्व को लेकर भी पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के मध्य नजर विशेष रणनीति तैयार कर ली गई है.
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जहानाबाद में बच्चों की लड़ाई ने युवक की हत्या कर दी; पुलिस जांच में जुटी

Jehanabad, Bihar:जहानाबाद से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहाँ बच्चों के बीच हुई मामूली सी लड़ाई ने एक युवक की जान ले ली। गोपालपुर बाजार में बच्चों के विवाद को लेकर दो पक्षों के बड़े आपस में भिड़ गए। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ा कि चाकूबाजी शुरू हो गई, जिसमें एक युवक को चाकू घोंपकर मौत के घाट उतार दिया गया। वहीं, इस हिंसक झड़प में दूसरे पक्ष का एक युवक भी घायल हुआ है। वारदात के बाद गांव में भारी तनाव है, जिसे नियंत्रित करने के लिए पुलिस मौके पर कैंप कर रही है। घटना शकूराबाद थाना क्षेत्र के गोपालपुर बाजार की है। दरअसल बुधवार की शाम गांव में कुछ बच्चों के बीच खेल-खेल में किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी। लेकिन यह छोटी सी बात देखते ही देखते दोनों परिवारों के बड़ों के बीच प्रतिष्ठा की लड़ाई बन गई। दोनों पक्षों के अभिभावक आमने-सामने आ गए। पहले तीखी नोकझोंक और गाली-गलौज हुई और फिर अचानक हथियार निकल आए। आरोपी है कि दूसरे पक्ष के विनोद कुमार ने तैश में आकर नागमणि यादव के 25 वर्षीय पुत्र अशोक कुमार पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। चाकू लगने से लहूलुहान होकर अशोक जमीन पर गिर पड़ा। खून से लथपथ अशोक को परिजन आनन-फानन में सदर अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन वहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर सुनते ही परिजनों में कोहराम मच गया। वहीं, इस हिंसक टकराव में दूसरे पक्ष का धीरज कुमार नामक युवक भी घायल हुआ है। इधर घटना की सूचना मिलते ही शकूराबाद थानाध्यक्ष आशुतोष कुमार भारी पुलिस बल के साथ गोपालपुर बाजार पहुंचे। पुलिस ने तुरंत घायल धीरज कुमार को इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया। वारदात के बाद मुख्य आरोपी विनोद कुमार समेत अन्य लोग घर छोड़कर फरार हैं। गांव में बने तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
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लोकतंत्र पर कांग्रेस का बयान हास्यास्पद, महादेव ऐप केस में खुलेंगे कई राज: सीएम विष्णु देव साय

Raipur, Chhattisgarh:रायपुर में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कांग्रेस और 'इंडिया' गठबंधन पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को असली खतरा कांग्रेस से है, जिसने आपातकाल लगाकर प्रेस और गैर-कांग्रेसी नेताओं की आवाज दबाई तथा अनुच्छेद 356 का दुरुपयोग किया। हारने पर ईवीएम पर सवाल उठाना इनकी पुरानी आदत है। वहीं, महादेव सट्टेबाजी ऐप के मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर के प्रत्यर्पण पर सीएम ने कहा कि सीबीआई पूछताछ के बाद इस मामले में कई अन्य चेहरे भी बेनकाब होंगे। Congress Talking About Democracy Is Laughable; Many Will Be Caught in Mahadev App Scam: CM Sai
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महादेव सट्टा ऐप: सौरभ चंद्राकर को लेकर दिल्ली रवाना हुई CBI टीम, 12 नवंबर तक रिमांड पर

Raipur, Chhattisgarh:महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले के मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर को लेकर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की टीम रायपुर से दिल्ली रवाना हो गई है। इससे पहले रायपुर की एक विशेष अदालत ने चंद्राकर को 8 दिनों की सीबीआई रिमांड पर भेज दिया था। जांच एजेंसी अब दिल्ली स्थित मुख्यालय में सिंडिकेट के वित्तीय नेटवर्क और अंतरराष्ट्रीय कड़ियों को लेकर उससे विस्तृत पूछताछ करेगी। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद सौरभ चंद्राकर को 12 नवंबर को दोबारा रायपुर की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा। Mahadev Betting App: CBI Team Departs for Delhi with Saurabh Chandrakar on 8-Day Remand
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उन्नाव में राजा भैया का बड़ा बयान: हिंदुत्व, सनातन और संविधान पर तकरार

Unnao, Uttar Pradesh:ब्रेकिंग न्यूज़ 。 उन्नाव - प्रदीप मिश्रा की कथा में राजा भैया का बड़ा बयान 。 सहकारी बैंक के अध्यक्ष अरुण सिंह द्वारा कराई जा रही कथा, कथा में राजा भैया का बड़ा बयान 。 मुसलमान अगर इस्लाम की बात करता है तो समाज समर्थन देता है - राजा भैया । हिंदू अगर सनातन और हिंदुत्व की बात करे तो उसे दूर किया जाता है - राजा भैया । भारत तभी तक संवैधानिक राष्ट्र जब तक हिंदू बहुल्य है - राजा भैया । बिना भारत के हिंदुस्व की और बिना हिन्दुस्व के भारत की कल्पना नहीं की जा सकती - राजा भैया । उन्नाव में राजा भैया ने दिया बड़ा बयान ।
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रीवा के पटाखा गोदामों पर लाइसेंस-सुरक्षा का बड़ा सवाल

Rewa, Madhya Pradesh:रीवा। रीवा शहर के चोरहटा थाना क्षेत्र अंतर्गत मैदानी में स्थित पटाखा गोदामों पर प्रशासन की टीम ने अचानक दबिश देकर जांच की। दरअसल, जिन स्थानों पर पटाखों का भंडारण किया जा रहा है, वहां घनी आबादी बसी हुई है। ऐसे में रिहायशी इलाके के बीच पटाखा गोदामों का संचालन सुरक्षा व्यवस्था और नियमों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। बताया जा रहा है कि इसी आधार पर कलेक्टर ने पहले इन गोदामों के लाइसेंस देने से इनकार करते हुए लाइसेंस निरस्त कर दिए थे। इसके बाद व्यापारियों ने कलेक्टर के फैसले के खिलाफ कमिश्नर के समक्ष अपील प्रस्तुत की और अपना पक्ष रखते हुए दावा किया कि उनके गोदाम निर्धारित नियमों के तहत संचालित हो रहे हैं तथा उन्हें लाइसेंस दिया जाना चाहिए. व्यापारियों की दलील सुनने के बाद कमिश्नर स्तर से उन्हें लाइसेंस देने की अनुमति मिल गई. गौरतलब है कि बीते दिनों पटाखा व्यापारी कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर लाइसेंस निरस्त होने की जानकारी दे चुके थे। व्यापारियों का कहना था कि यदि लाइसेंस नहीं मिला तो इस बार रीवा में दिवाली के दौरान आतिशबाजी और पटाखों की बिक्री प्रभावित होगी। इसके बाद 2 नवंबर को कमिश्नर स्तर से गोदाम खोलने की अनुमति मिलने की बात सामने आई और इसके ठीक दो दिन बाद प्रशासन की टीम अचानक देर रात गोदामों की जांच करने पहुंच गई. इस दौरान एसडीएम ने बताया कि टीम केवल जांच करने आई थी। निरीक्षण में कुछ कमियां मिली हैं, जिन्हें दूर करने के निर्देश व्यापारियों को दिए गए हैं। साथ ही हिदायत दी गई है कि भविष्य में ऐसी कमियां दोबारा न हों और सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त रखी जाए। लेकिन इस पूरी कार्रवाई के बीच सबसे बड़ा सवाल प्रशासनिक व्यवस्था पर खड़ा हो रहा है कि जब कलेक्टर ने रिहायशी इलाके और सुरक्षा संबंधी चिंताओं के आधार पर लाइसेंस निरस्त किया था. तो आखिर कमिश्नर ने किस आधार और किन परिस्थितियों में दोबारा लाइसेंस की अनुमति दे दी. क्या लाइसेंस देने से पहले मौके की स्थिति और आबादी की सघनता का दोबारा परीक्षण किया गया था. क्या व्यापारियों को अनुमति देने से पहले सुरक्षा के सभी मानकों की पुष्टि की गई. घनी आबादी के बीच पटाखों का भंडारण किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकता है। ऐसे में केवल कमियां बताकर हिदायत देना पर्याप्त है या जिम्मेदार अधिकारियों को इस पूरे मामले में जवाबदेही भी तय करनी चाहिए. फिलहाल मैदानी के पटाखा गोदामों की जांच के बाद प्रशासनिक फैसलों और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं。
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