icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Pinewz
458001
MANISH KUMAR PUROHITMANISH KUMAR PUROHITFollow27 Jul 2024, 09:57 am
0
0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने अनूप मिश्रा और प्रदीप वर्मा को किया सम्मानित

Netua Grameen, Uttar Pradesh:Unnao : उन्नाव। एक प्रतिष्ठित समाचार पत्र द्वारा आयोजित ‘विमर्श–2026 : विकसित उत्तर प्रदेश, विकसित उन्नाव’ कार्यक्रम में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले दस विशिष्ट व्यक्तित्वों को सम्मानित किया गया। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री ब्रजेश पाठक ने नवाचारी शिक्षक डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा और उन्नाव पुलिस कंट्रोल रूम प्रभारी सब-इंस्पेक्टर अनूप कुमार मिश्रा के प्रयासों की मंच से सराहना करते हुए उन्हें सम्मानित किया। औरास विकासखंड स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय रामपुर गढ़ौवा में नियुक्त डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा शिक्षा में नवाचार, बालिका खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन, नशामुक्ति अभियान, डिजिटल शिक्षा, साक्षरता, जैविक खेती, वर्मी कंपोस्ट और लर्निंग बाय डूइंग जैसी गतिविधियों के माध्यम से बच्चों के सर्वांगीण विकास में योगदान दे रहे हैं। उनके विद्यालय की बालिकाओं ने खेलों में मंडल एवं राज्य स्तर तक उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। विज्ञान आधारित प्रयोगों और डिजिटल संसाधनों से वे बच्चों में वैज्ञानिक सोच, आत्मनिर्भरता और सामाजिक जिम्मेदारी विकसित कर रहे हैं। सम्मान ग्रहण करते समय डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा ने अपनी पत्नी ज्योति वर्मा को अपनी उपलब्धियों का महत्वपूर्ण श्रेय दिया। उन्होंने भावपूर्ण शब्दों में कहा कि पत्नी के सहयोग, प्रेरणा और प्रोत्साहन के कारण ही वे शिक्षा एवं सामाजिक सेवा के कार्यों को निरंतर आगे बढ़ा पा रहे हैं। उपमुख्यमंत्री श्री ब्रजेश पाठक ने उनकी इस भावना की सराहना की और डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा तथा उनकी पत्नी को सम्मानित किया। यह क्षण कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहा। वहीं, ‘ट्री मैन ऑफ यूपी’ और ‘हरित प्रहरी’ के नाम से लोकप्रिय पुलिस कंट्रोल रूम प्रभारी सब इंस्पेक्टर अनूप कुमार मिश्रा पिछले 30 वर्षों से पर्यावरण संरक्षण अभियान चला रहे हैं। वे एक लाख से अधिक पौधे लगा चुके हैं। उन्नाव में चार वर्षों के दौरान 5,000 से अधिक पौधों के रोपण और 3,000 से अधिक बरगद के वृक्षों के संरक्षण में योगदान दिया है। ‘ग्रीन एंड क्लीन उन्नाव’ तथा ‘वृक्ष रक्षा, जन सुरक्षा’ अभियान के माध्यम से वे पुलिस की हरित पाठशाला चलाकर बच्चों और आमजन को जल संरक्षण, स्वच्छता, पौधारोपण तथा प्लास्टिक मुक्त जीवन के लिए प्रेरित कर रहे हैं। रक्षाबंधन को ‘वृक्ष रक्षा उत्सव’ के रूप में मनाने की उनकी पहल भी उल्लेखनीय है। समारोह में जिलाधिकारी घनश्याम मीणा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जय प्रकाश सिंह , अपर जिलाधिकारी, जिला कृषि अधिकारी, जिला पर्यटन अधिकारी, सदर विधायक पंकज गुप्ता, बांगरमऊ विधायक श्रीकांत कटियार और सफीपुर विधायक बंबालाल रावत सहित अनेक गणमान्य हस्तियां उपस्थित रहीं। वरिष्ठ पत्रकार ब्रजेश शुक्ला सहित संजीव संखवार, संजय कनौजिया, आशीष दीक्षित आदि गणमान्य लोगों तथा सैकड़ों शिक्षकों ने कार्यक्रम में सहभागिता की। उपस्थित लोगों ने दोनों सम्मानित व्यक्तित्वों की उपलब्धियों पर हर्ष व्यक्त किया। जिलाधिकारी और बीएसए ने भी उन्हें बधाई दी। यह सम्मान समारोह शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक बदलाव के लिए समर्पित व्यक्तित्वों के योगदान को पहचान देने के साथ समाज में सकारात्मक कार्यों के प्रति प्रेरणा का संदेश बना।
0
0
Report

मेरठ की गली में खेलते बच्चों पर कार, CCTV फुटेज सामने

मेरठ में दर्दनाक हादसा-गली में खेल रहे दो बच्चों पर चढ़ी कार- CCTV फुटेज आया सामने. मेरठ से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां गली में खेल रहे दो बच्चों को कार चालक ने अपनी गाड़ी की चपेट में ले लिया। घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद मामला चर्चा में है। वीडियो में कार चालक मासूम बच्चों पर कार से रौंदता हुआ नजर आ रहा है। बताया जा रहा है कि भावनपुर थाना क्षेत्र के जयभीम नगर में बच्चे गली में खेल रहे थे तभी कार वहां पहुंची और दोनों बच्चे उसकी चपेट में आ गए। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। अब इस घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है जिसके आधार पर घटना की परिस्थितियों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आखिर कार चालक की लापरवाही थी या हादसे के पीछे कोई दूसरी वजह। ये जांच का विषय है। मेरठ के शिव शक्ति विहार की इस घटना ने एक बार फिर रिहायशी गलियों में वाहन चलाने के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत को उजागर किया है.
0
0
Report
Advertisement

अजय टम्टा ने चार दिन में हल्द्वानी के जाम पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी

Haldwani, Uttarakhand:एंकर: हल्द्वानी में लगातार लग रहे जाम को लेकर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा का गुस्सा अधिकारियों पर फूट पड़ा। केंद्रीय मंत्री ने दो टूक कहा कि पैसा देना सरकार का काम है, लेकिन जब धरातल पर काम नहीं होता, तो जनता की नाराजगी जनप्रतिनिधियों को झेलनी पड़ती है। हल्द्वानी के सर्किट हाउस में पुलिस, प्रशासन और परिवहन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए मंत्री ने यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही चार दिन के भीतर व्यवस्था में सुधार नहीं होने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी। वीओ: वीकेंड पर हल्द्वानी, काठगोदाम, नैनीताल और कैंची धाम की ओर जाने वाले मार्गों पर लगने वाला जाम लगातार परेशानी का सबब बना हुआ है। पर्यटकों से लेकर स्थानीय लोगों और दूसरे शहरों से आने-जाने वाले यात्रियों को घंटों जाम में फंसना पड़ रहा है। यातायात की इसी समस्या को लेकर केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा ने सर्किट हाउस में अधिकारियों के साथ बैठक कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की।बैठक में मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि जाम से निजात दिलाने के लिए केवल कागजी योजनाएं नहीं, बल्कि धरातल पर प्रभावी कार्रवाई दिखाई देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता को राहत देना प्राथमिकता होनी चाहिए और यातायात व्यवस्था में सुधार के लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें। केंद्रीय मंत्री ने भवाली और अल्मोड़ा की ओर जाने वाले यात्रियों को ज्योलिकोट के रास्ते भेजने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए, ताकि हल्द्वानी में यातायात का दबाव कम किया जा सके। इसके साथ ही अधिकारियों को यातायात संचालन की विस्तृत योजना तैयार करने और यात्रियों व पर्यटकों की सुविधा सुनिश्चित करने को कहा。 मंत्री ने व्यवस्था में सुधार के लिए चार दिन की समयसीमा तय करते हुए चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय में परिणाम नहीं दिखे, तो जिम्मेदार अधिकारियों को कार्रवाई के लिए तैयार रहना होगा। बाइट: अजय टम्टा, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री वीओ-3: कैंची धाम में लगातार बढ़ते यातायात दबाव और जाम की समस्या को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी सरकार का रुख स्पष्ट किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कैंची धाम में निर्माणाधीन बाईपास को जल्द सुचारु कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने माना कि कैंची धाम में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाना सरकार के सामने बड़ी चुनौती है और इस समस्या के समाधान के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। बाइट: पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड FVO : कुल मिलाकर, हल्द्वानी से लेकर कैंची धाम तक जाम की समस्या अब प्रशासन और सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। एक ओर केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा ने अधिकारियों को चार दिन का अल्टीमेटम दिया है, तो दूसरी ओर मुख्यमंत्री ने कैंची धाम के बाईपास को जल्द सुचारु करने की बात कही है। अब देखना होगा कि इन सख्त निर्देशों और सरकारी प्रयासों का धरातल पर कितना असर दिखाई देता है और आम जनता को जाम से कब तक राहत मिल पाती है।
0
0
Report

पारोळा में दुष्काळ समीक्षा बैठक: मंत्री गुलाबराव पाटील ने अधिकारियों के कान साफ़ किए

Jalgaon, Maharashtra:जळगाव,पारोळा जळगावच्या पारोळा येथे दुष्काळाच्या पार्श्वभूमीवर आढावा बैठक. पालकमंत्री गुलाबराव पाटील, पारोळा एरंडोल मतदारसंघाचंे आमदार अमोल पाटील यांच्यासह अधिकाऱ्यांची उपस्थिती. चारा , पाणी यास विविध विषयांच्या पार्श्वभूमीवर बैठकीत मंत्र्यांसह आमदारांनी उपाययोजनांचा आढावा घेतला. कामचुकारपणा करण्याची नाही तर शेतकऱ्यांना मदत करण्याची वेळ असल्याचा सांगत मंत्री गुलाबराव पाटलांनी उपस्थित अधिकारी कर्मचाऱ्यांचे कान टोचले कोरोना आणि चिकनगुनिया या आजारापेक्षा देखील हे संकट छोट आहे त्यामुळे आपण जर लक्ष घातलं तर 50 टक्के दुष्काळाची जळ कमी करू.. असं सूचना वजा आदेश देखील मंत्री गुलाबराव पाटील यांनी दिले. साउंड बाईट मंत्री गुलाबराव पाटील.. बाचाई आमदार अमोल पाटील, शिवसेना शिंदे गट..
0
0
Report
Advertisement

रोहित पवार के एमपीएससी आंदोलन पर गोपीचंद पडळकर की तीखी टिप्पणी; संजय राउत पर हमला

Sangli, Maharashtra:रोहित पवारांनी एमपीएससी विद्यार्थ्यांचं आंदोलन,हे तमाशाचा फड करून ठेवला आहे,भाजप आमदार गोपीचंद पडळकर यांनी केली आहे,तसेच रोहित पवारांचे डोके मेंढरांच्या डागणीने डागले पाहिजे,अशी खोचक टीका देखील पडळकरांनी केली आहे.राजकारण केंद्रित हे सर्व आंदोलन सुरू असून रोहित पवारांनी आता विद्यार्थ्यांची माथी भडकवणे बंद केले पाहिजे,असा आरोप देखील गोपीचंद पडळकरांनी पुण्यातील रोहित पवारांच्या एमपीएससी आंदोलनावरून केला आहे,ते सांगली मध्ये बोलत होते. बाईट - गोपीचंद पडळकर - आमदार . अँकर - संजय राऊतांनी,आधी आपण राज्यसभेवर निवडुन येतो,का,याची चिंता करावी, पंतप्रधान नरेंद्र मोदी आणि भारतीय जनता पार्टीला त्यांच्या सल्ल्याची आवश्यकता नाही,अशी टीका आमदार गोपीचंद पडळकर यांनी खासदार संजय राऊतांवर केली आहे.केंद्रातील सरकार कोसळणार,या संजय राऊतंकडून करण्यात आलेल्या विधानावरून पडळकर यांनी संजय राऊतांवर ही टीका करत,गेल्या ६ वर्षांपासून राऊत सरकार कोसळणार,असं म्हणत आहेत,असा टोला देखील लगवाला आहे.
0
0
Report

शेमाल्क शेतकऱ्यांच्या मागण्या पूर्ण नाहीत तर बड़े मोर्चे, सरकारवर दबाव वाढेल

Jalgaon, Maharashtra:जळगाव काँग्रेस नेते हर्षवर्धन सपकाळ पत्रकार परिषद पॉईंटर देवेन्द्रजी खूप अभ्यासू आहेत, पेपर संपले तरी त्यांचा अभ्यास सुरू आहे... आता त्यांनी आता पंचनामांचा खटाटोप सुरू केला आहे. प्रत्यक्षामध्ये सर्वच ठिकाणी पीक सुकलेले आहेत, नुकसान झालेले आहे असं असताना पण पंचनामे कशासाठी? राज्यात कोकणापासून चांद्यापासून बांद्यापर्यंत ती स्थिती आहे. देवेंद्र फडणवीस यांनी महायुतीचे सरकारला कुठेही पाझर फुटत नाही राजा उदार झाला आणि हाती भोपळा दिला दुष्काळ जाहीर करून टाकला मात्र मदतीचा अजून पत्ता नाही... थोतांड बाजी बंद करा...पंचनाम्याचे नाटक बंद करा ...ही दिशाभूल बंद करा.. दसऱ्याच्या आधी एक लाख रुपये शेतकऱ्याचे खात्यात जमा करा, त्यामुळे सरसकट पूर्णपणे कर्जमाफी करा.. मनमोहन सिंग यांनी ज्या पद्धतीने निर्णय घेतला होता त्याच पद्धतीने महाराष्ट्रातील संपूर्ण कर्जमाफी करा. शेतमजुरांना देखील सानुग्रह अनुदानाचा विचार करा, रेशन धान्य दुकानदार , त्यांना दुपटीने धान्य..उपलब्ध करून द्यावा. Chara छावण्या तातडीने सुरू करा, मुलांची ट्युशन फी, बस पास मोफत द्यावी अशा मागण्या आहे. जलमिशन अंतर्गत अनेक योजना बंद पडले आहेत ....जलजीवन मिशन नव्हे तर जलमरण मिशन योजना आहे, सर्व योजना सुरू झाल्या पाहिजे केंद्रीय पथक येणं आणि पंचनामे करणे हा पांचट धंदा सध्या चालला आहे.., याचा आम्ही तीव्र शब्दात निषेध करतो केवळ आठ हजार रुपयांची मदत म्हणजे शेतकऱ्यांची फसवणूक सुरू आहे आणि यामुळे फडवणीस यांना फसवणीस म्हणण्याची वेळ आली आहे.. कुंभमेळा मध्ये मोठा भ्रष्टाचार सुरू आहे सीसीटीव्ही असेल किंवा इतर गोष्टी या ठिकाणी पैसे खाण्याची जी तरतूद असेल तिला मर्यादा लावावी आणि हा पैसा शेतकऱ्यांच्या मदतीसाठी वळवावा. 78000 कोटी रुपये शक्ती पिठात टाकण्यासाठी टाकण्याऐवजी शेतकऱ्यांना मदतीच्या स्वरूपात शक्ती द्या अदानी आणि अंबानी यांना मोठं करण्यासाठी शक्तिपीठ महामार्ग करण्याचा सरकारचा घाट सुरू आहे कुंभमेळ्यामध्ये भ्रष्टाचार सुरू आहे, शक्तिपीठ महामार्ग मध्ये भ्रष्टाचार सुरू आहे जाऊ तिथे खाऊ अशी सरकारची भूमिका आहे. अशा पद्धतीने जर तुम्ही सरकारला वाटाण्याच्या अक्षदा लावत असाल तर हे योग्य नाही.. मागण्या पूर्ण झाल्या नाही तर आम्ही मंत्र्यांना फिरू देणार नाही प्रत्येक जिल्ह्यात मोर्चे करणार आहोत शेतकऱ्यांच्या पाठीशी सर्वांनी उभे राहण्याची आवश्यकता आहे.. शेतकऱ्यांच्या आत्महत्या झालेल्या आहेत त्या व्यवस्थेने घेतलेल्या बळी आहेत. आणि आत्महत्यांना जबाबदार सरकारवर सदोष मनुष्यबदाचा गुन्हा दाखल करावा ऑन अभिजित दीपक पोलिसांच्या ताब्यात सरकार हमसे डरते आहे पोलीस को आगे करती है केवळ नारा नाही तर वस्तुस्थिती आहे... धर पकड करन हे लोकशाहीच्या विरुद्ध आहे.. हम करे सो कायदा या पद्धतीने सरकार दंडेलशाही करत आहे हुकुमशहा जसा वागतो तसा आपले देशाचे पंतप्रधान हेकेखोर आणि हुकूमशाही पद्धतीने वागत आहेत दुसरा स्वातंत्र्याचा उठावाता झाला पाहिजे. ही राहुल गांधी आणि काँग्रेस पक्षाची भूमिका आहे. ऑन गुलाबराव पाटील जळगाव जिल्हा महाराष्ट्रात मध्येच आहे सहानुभूती आणि आणि सामाजिक बांध देऊन जर कोणी येत असेल तर त्यांच्यावर अशी टिपणी करणे योग्य यावर मी बोलणार नाही. त्यांनी मला फुकटचा सल्ला दिला , कशासाठी येत आहेत. माझा प्रतिप्रश्न पाणी टंचाईचा आराखडा जाहीर करा, जलजीवन मिशन किती भ्रष्टाचार झाला त्याची श्वेतपत्रिका काढा लाडका ठेकेदारी योजना चालू केली होती त्याचा काय झालं या प्रश्नाकडे त्यांनी जास्त लक्ष द्यावं.. पाणीपुरवठा विभागात अस्वच्छता झाली, जलजीवन मिशन नाही तर जल मरण ही योजना झाली आहे.. त्यांना भीती आहे की आपले वाभाडे म्हणून निघणार आहे..म्हणून त्यांच्या पोटदुखी आहे. हर्षवर्धन पाटील यांचे मंत्री गुलाबराव पाटील यांना प्रत्युत्तर.. अपत्य होऊ तर द्या...जन्माला येऊ द्या.. ऑन दुष्काळावरून सत्ताधारी - विरोधक अशा दोन्हीमध्ये राजकारण सुरू आहे का? सरकारला आपण मायबाप म्हणतो त्यामुळे राजकारणाचा यामध्ये संबंध नाही.. मायबाप सरकारने मदत करावी अशी परिस्थिती आहे. चारा छावण्या झाल्या पाहिजे मुलांना शिक्षण मोफत झालं पाहिजे ही मागणी राजकीय आहे का? दौऱ्याच्या माध्यमातून आमच्या समोरच्या मागण्या आल्या आहेत त्याच आम्ही मांडतो आहे. बावनकुळे महसूल मंत्री असून जळगाव जिल्ह्यात जे सांगून जाता तेच जर होत नसेल तर काय ? शेतकऱ्यां प्रति आमचं कर्तव्य आहे आणि तुमच्या माध्यमातून आम्ही पार पाडू.. ऑन राहुल गांधी हे राहुल गांधीजी यांचे मत आहे आणि ज्ञानेश कुमार यांना जावंच लागेल. ज्ञानेश कुमार यांनी जे काम केलेला आहे ते राष्ट्रद्रोहाच्या गुन्ह्यांमध्ये मोडते, त्यांच्यावर राष्ट्रद्रोहाचा गुन्हा दाखल करून खर्चा चालवला पाहिजे ऑन तुषार गांधी देखील ताब्यात तुषार गांधी यांना त्यांच्या राहत्या घरातूनच अटक करण्यात ही देशातील काही घटना आहे... काळा दिवसाच्या अनुषंगाने ही दुसरी घटना आहे.. राष्ट्रपित्याच्या कुटुुंबातील तुषार गांधी सारखे यांच्या व्यक्तीला ची अटक झाली आहे त्याचा आम्ही तीव्र शब्दात निश्चित करतो तत्काळ त्यांची सुटका करावी अन्यथा याचे परिणाम गंभीर होतील.. हा इशारा देखील आम्ही राज्य सरकारला देतो ऑन प्रकाश आंबेडकर हिटलरशाही सरकार आहेच तुमचं रेल्वेचा रिझर्वेशन असताना तर मला रेल्वेतून उतरून घेतलं जात आहे ही दंडेल शाही नाही तर काय आहे राहुल गांधी यांना रस्त्यातून पोलीस उचलून जात आहे हाही हुकूमशाही नाहीतर काय आहे हुकूमशाही सुरू झालेली आहे आणि आपण स्वस्थ बसलो तर ही टाच आपल्या घरापर्यंत आल्याशिवाय राहणार नाही ऑन संजय राऊत त्यांचं म्हणणं खरं ठरव ही अनेक देशवासीयांची इच्छा आहे. ऑन देशात अराजकता बांगलादेश श्रीलंकेसारखी परिस्थिती आपल्या देशात येऊ नये ही अपेक्षा आहे.. अमित शहा आणि नरेंद्र मोदी यांना राजकीय इतिहासाचा भाग म्हणून जनता जेव्हा मागे वळून बघेल तेव्हा रंगा बिल्ला शिवाय दुसरं काही म्हणणार नाही असं त्यांचं कारस्थान आहे.. कुणाचाही ऐकायचं नाही अशा पद्धतीने आराजकता सरकार निर्माण करत आहे ज्ञानेश कुमार साठी तर आंदोलन होत असेल तर ज्ञानेश कुमार हा केंद्र सरकारचा जावई आहे का? असा तो कोण लागून चालला आहे की त्यासाठी पूर्ण दिल्लीला विटीस धरल्या जात आहे. भाजपला संविधानाच्या सर्व संस्था आपल्या खिशात घालायच्या आहे याशिवाय दुसरं काही नाही ऑन नवनाथ बन (राहुल.गांधी वक्तव्य) एमपीएससीच्या विद्यार्थ्यांनी नवनाथ बन यांची बोलती बंद केलेली आहे. नवनाथ बंद यांनी ही दिलेली प्रतिक्रिया तसेच सल्ला हा एमपीएससीच्या विद्यार्थ्यांनी ऐकावे.. ऑन अभिजीत दिपके कुटुंब इतके कुटुंबाने अभिव्यक्तीच्या स्वातंत्र्याच्या अनुसार वक्तव्य केला आहे. गुजरात मध्ये दंगली कोणी घडवून आणला हा इतिहास आहे? मोदी यांना त्यांना दंगेखोरीचा इतिहास हा दाखवल्याशिवाय राहणार नाही.
0
0
Report

बिहार विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता बचाने के लिए मार्च, विरोध- अध्यादेश 2026

Patna, Bihar:लोकेशन — पटना बिहार के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों की स्वायत्तता बनाए रखने और विश्वविद्यालय अधिनियम-2026 के विरोध में शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मचारी आज लोकभवन march किया। बिहार राज्य विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के तहत यह march निकाला जा रहा है। इस march में शामिल होने के लिए JD वीमेंस कॉलेज में सभी शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मचारी जुटे हैं और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे हैं। सभी शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मचारी राज्यपाल से मिलकर ज्ञापन सौंपकर उच्च शिक्षा की स्वायत्तता बरकरार रखने की मांग करेंगे। विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता खत्म करने की साजिश का आरोप मोर्चा ने आरोप लगाया कि नए अधिनियम के जरिए विश्वविद्यालयों पर सरकार का नियंत्रण बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। अधिनियम की धारा-3 में राज्य सरकार को राजपत्र में अधिसूचना प्रकाशित कर विश्वविद्यालय की प्रकृति में परिवर्तन करने, उसका विस्तार या संकुचन करने और उसकी क्षेत्रीय अधिकारिता को पुनर्परिभाषित करने का अधिकार दिया गया है। इसके अलावा, संबंधित महाविद्यालयों और संस्थानों के विवरण में संशोधन का भी प्रावधान है। संगठन ने सरकार से विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों की स्वतंत्रता बरकरार रखने की मांग की है। महिला महाविदेशालयों के विलय का भी विरोध संघर्ष मोर्चा ने पटना में माता सीता विश्वविद्यालय और बेगूसराय में दिनकर विश्वविद्यालय की स्थापना की घोषणा के बाद कैबिनेट से मिली स्वीकृति का हवाला देते हुए कहा कि माता सीता विश्वविद्यालय में पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के सभी अंगीभूत महिला महाविद्यालयों को शामिल करने, दिनकर विश्वविद्यालय में ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय और मुंगेर विश्वविद्यालय के कई अंगीभूत महाविद्यालयों को शामिल करने की घोषणा की गई है। मोर्चा ने इसे विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता प्रभावित करने वाला कदम बताते हुए महिला महाविद्यालयों को दूसरे विश्वविद्यालयों में शामिल नहीं करने और नए विश्वविद्यालय अधिनियम-2026 को पारंपरित विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों पर लागू नहीं करने की मांग की है। मैंने उनकी बातों को सुना है। हमारी सभी महिला शिक्षिकाओं के प्रति मेरे मन में पूरा सम्मान है। लेकिन दूसरी तरफ, वे मातृशक्ति का प्रतिनिधित्व भी करती हैं। बिहार में माता सीता के नाम पर महिला विश्वविद्यालय खोलने की घोषणा माननीय मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी जी ने की है। एक महिला होने के नाते मैं इस घोषणा का स्वागत करती हूं और मुझे लगता है कि इसका स्वागत सभी को करना चाहिए। जहां तक उनकी अन्य मांगों और अपेक्षाओं की बात है, तो मेरी जानकारी में अभी तक इस संबंध में कोई अधिसूचना जारी नहीं हुई है। यदि महिला विश्वविद्यालय के मानकों, शिक्षकों की नियुक्ति या विशेष रूप से महिला शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर उनकी कोई अपेक्षाएं हैं, तो उन्हें अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है। लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने का अधिकार है। लेकिन जब हम सही समय पर, सही जगह और सही तरीके से अपनी बात रखते हैं, तो समस्याओं के समाधान का रास्ता भी निकलता है। मैं अपनी सभी महिला शिक्षिकाओं से विनम्रतापूर्वक आग्रह करना चाहूंगी कि वे अपनी मांगों को लिखित रूप में माननीय मुख्यमंत्री जी और माननीय शिक्षा मंत्री जी तक पहुंचाएं। उनकी जो भी अपेक्षाएं होंगी और जो नियमों के अनुरूप स्वीकार्य होंगी, उन पर निश्चित तौर पर विचार किया जाएगा। महिला शिक्षा से जुड़े इस महत्वपूर्ण विषय पर सरकार को स्पष्ट नीति बनानी चाहिए, ताकि मां सीता विश्वविद्यालय का निर्माण बिहार में महिला शिक्षा को मजबूत करने का माध्यम बने, न कि पहले से संचालित शैक्षणिक व्यवस्था के लिए नई मुश्किलों का कारण। एजाज अहमद, प्रवक्ता, राजद मां सीता विश्वविद्यालय के लिए पहले बने बुनियादी ढांचे, पुराने महिला कॉलेजों को न किया जाए प्रभावित बिहार में महिला शिक्षा को लेकर सरकार की गंभीरता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। मां सीता विश्वविद्यालय का निर्माण एक सकारात्मक पहल हो सकती है, लेकिन सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि इसके नाम पर पहले से संचालित महिला कॉलेजों और वहां पढ़ने वाली छात्राओं एवं शिक्षिकाओं को किसी तरह की परेशानी न हो। सरकार को चाहिए कि मां सीता विश्वविद्यालय के लिए पहले पर्याप्त भवन और बुनियादी ढांचे का निर्माण करे। इसके अंतर्गत नए महिलाकॉलिज खोले जाएं, नए इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास किया जाए और शिक्षकों की नई बहाली की जाए। इसके बाद इन नए कॉलेजों को मां सीता विश्वविद्यालय से संबद्ध किया जाए। वहीं, जो महिला कॉलेज पहले से दूसरी विश्वविद्यालयों के अंतर्गत संचालित हो रहे हैं, उन्हें फिलहाल उन्हीं विश्वविद्यालयों के अंतर्गत रहने दिया जाए। इससे छात्राओं की पढ़ाई बाधित नहीं होगी और शिक्षिकाओं को भी प्रशासनिक एवं शैक्षणिक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा। सरकार को यह समझना होगा कि केवल विश्वविद्यालय की स्थापना कर देना पर्याप्त नहीं है। शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए जरूरी संसाधन, भवन, शिक्षक और बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था भी उतनी ही आवश्यक हैं। यदि बिना पर्याप्त तैयारी के पुराने कॉलेजों को नई व्यवस्था में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू की जाती है, तो इसका सीधा असर छात्राओं की पढ़ाई और शिक्षिकाओं के कामकाज पर पड़ सकता है। इसलिए सरकार को जल्दबाजी में व्यवस्था बदलने के बजाय पहले मजबूत बुनियादी ढांचा तैयार करना चाहिए। महिला शिक्षा से जुड़े इस महत्वपूर्ण विषय पर सरकार को स्पष्ट नीति बनानी चाहिए, ताकि मां सीता विश्वविद्यालय का निर्माण बिहार में महिला शिक्षा को मजबूत करने का माध्यम बने, न कि पहले से संचालित शैक्षणिक व्यवस्था के लिए नई मुश्किलों का कारण। ड्रॉ एजाज अहमद, प्रवक्ता, राजद बिहार के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों की स्वायत्तता छीनने का प्रयास वर्तमान सरकार कर रही है। नई नियमावली इसी का उदाहरण है। कांग्रेस पार्टी इस नियमावली का विरोध करती है। साथ ही, विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता बचाने के लिए जो शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मचारी इसका विरोध कर रहे हैं, कांग्रेस पार्टी उनके साथ खड़ी है और उनके आंदोलन का समर्थन करती है डॉ. स्नेहाशीष वर्धन, प्रवक्ता , कांग्रेस
0
0
Report
Advertisement

श्रीविजयनगर में पंचायत प्रत्याशी प्रबोधन शिविर आयोजित, चुनाव प्रक्रियाओं पर मार्गदर्शन

Sri Ganganagar, Rajasthan:श्रीविजयनगर में पंचायती राज आम चुनाव 2026 को लेकर पंचायत समिति सभागार में आज विशेष पंचायत प्रत्याशी प्रबोधन शिविर का आयोजन हुआ। मुख्य निर्वाचन अधिकारी जयपुर के निर्देश पर दोपहर 3 बजे आयोजित कार्यशाला में रिटर्निंग अधिकारी (पंचायत) एसडीएम साक्षी पुरी और तहसीलदार की अध्यक्षता में भावी प्रत्याशियों को चुनाव प्रक्रिया, योग्यता-अयोग्यता, क्षेत्राधिकार और विविध फार्म भरने की विस्तृत जानकारी दी गई। बीएलएमटी ने चुनावी नियमों, दस्तावेजों और आचार संहिता को लेकर भी मार्गदर्शन दिया। शिविर में बड़ी संख्या में सरपंच, पंच और जिला परिषद के भावी प्रत्याशी मौजूद रहे।
0
0
Report

मदन राठौड़ ने अशोक गहलोत पर हमला, राहुल गांधी और कांग्रेस पर निशाने

Jaipur, Rajasthan:बाईट - मदन राठौड़, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ का अशोक गहलोत पर हमला नितिन नवीन के बयान पर गहलोत की प्रतिक्रिया को बताया गैर-जरूरी, राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद से जुड़े मामले को लेकर भी उठाए सवाल मदन राठौड़ बोले- गहलोत की समाज में बनी छवि हो रही धूमिल भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की सलाह पर अशोक गहलोत की प्रतिक्रिया को बताया अनुचित बोले- निर्वाचन आयोग से मिलने के लिए कांग्रेस को उचित प्रक्रिया अपनानी चाहिए थी निर्वाचन आयोग के सामने 300-400 लोगों को ले जाने का कोई प्रावधान नहीं, निर्धारित संख्या में प्रतिनिधिमंडल जाकर अपनी बात रखे कांग्रेस कभी 240 तो कभी 400 लोगों को ले जाने की बात करती है, आयोग के सामने शक्ति प्रदर्शन करने की जरूरत नहीं मदन राठौड़ का आरोप- कांग्रेस को वास्तव में कोई शिकायत नहीं करनी, केवल जनता और मीडिया में सुर्खियां बटोरने के लिए कर रही है नौटंकी बोले- कांग्रेस भ्रम फैलाने का काम कर रही है, निर्वाचन आयोग के सामने अपनी बात रखने की उचित प्रक्रिया होती है राहुल गांधी पर भी मदन राठौड़ ने साधा निशाना बोले- अशोक गहलोत अपने नेता राहुल गांधी के व्यवहार पर क्यों नहीं बोलते? महिला पुलिसकर्मी के साथ राहुल गांधी के व्यवहार पर उठाए सवाल, बोले- ऐसे व्यवहार से लोकतंत्र शर्मसार होता है मदन राठौड़ बोले- लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष का पद सम्मानजनक, इस पद पर बैठे व्यक्ति को मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए गहलोत को राहुल गांधी को मर्यादा में रहने की सलाह देनी चाहिए कांग्रेस सांसद से जुड़े मामले पर भी घेरा जेएनयू में प्रोफेसर रहे कांग्रेस सांसद से जुड़े मामले का किया जिक्र आरोप- छात्राओं से अंक बढ़ाने के बदले उनकी अस्मिता की मांग करना बेहद निंदनीय मदन राठौड़ बोले- ऐसे गंभीर मामले में केवल निलंबन पर्याप्त नहीं, दोष सिद्ध होने पर सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए गहलोत से सवाल- कांग्रेस सांसद से जुड़े मामले पर चुप्पी क्यों? भाजपा का आरोप- राजनीतिक नेतृत्व अपने नेताओं के खिलाफ बोलने से बच रहा है मदन राठौड़ बोले- ऐसी घटनाएं भारतीय संस्कृति और लोकतांत्रिक मर्यादाओं को धूमिल करती हैं
0
0
Report
Advertisement

NHM संविदा कर्मियों का पैदल मार्च: समान वेतन और 25% आरक्षण के लिए हड़ताल तेज

Chanwal, Himachal Pradesh:हमीरपुर - राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के संविदा कर्मचारियों ने अपनी छह सूत्रीय मांगों को लेकर निकाला पैदल मार्च, 3 दिन की हड़ताल के बाद आज किया पैदल मार्च, कर्मचारी संघ ने मुख्यमंत्री ज्ञापन भेजकर नियमितीकरण की उठाई मांग, संविदा कर्मचारियों ने समान कार्य-समान वेतन, महंगाई भत्ता, EPF, HRA और ग्रेच्युटी का लाभ देने की मांग की, कर्मचारियों और उनके आश्रित परिवारों को 10 लाख रुपये तक कैशलेस स्वास्थ्य बीमा देने की माँग, रिक्त पदों पर गैर जनपद स्थानांतरण नीति, अनुकंपा नियुक्ति और नियमित भर्तियों में 25 प्रतिशत आरक्षण की भी माँग, 8 से 10 अक्टूबर तक कार्य बहिष्कार के बाद 12 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की दी चेतावनी, हमीरपुर जिला मुख्यालय का मामला।
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top