icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

उदयपुर की बंद खदान में छात्रा की मौत, खदान सुरक्षा नियमों पर सवाल

Jaipur, Rajasthan:भारत के राजस्थान राज्य के उदयपुर जिले में बंद खदानों के कारण मौत और जोखिम लगातार बढ़ रहे हैं। कई जगहों पर खदानों को खुला छोड़ दिया गया है, बारिश के पानी से डूबने वाले गड्ढे बन रहे हैं और इन्हें पर्यटन स्थल के तौर पर प्रचारित किया जा रहा है। उदयपुर के गोवर्धन विलास क्षेत्र की बंद Paradiz[e] खदान में बीएन कॉलेज की 19 वर्षीय एनसीसी कैडेट वैभवी राजोरा की डूबने से मौत हो गई, जिससे खान विभाग की माइन क्लोजर एवं रिक्लेमेशन नीति पर सवाल उठ रहे हैं। विभाग के अनुसार बंद खदानों की सुरक्षा, जमीन का पुनर्भरण और पर्यावरणीय सुधार की जिम्मेदारी तय है, पर प्रावधानों का पालन मुश्किल से हो रहा है। माइनर मिनरल कन्सेशन रूल्स-2017 और राजस्थान मिनरल पॉलसी के तहत खदानों का रिक्लेमेशन अनिवार्य है और क्लोजर प्लान स्वीकृत होना जरूरी है, ताकि जमीन सुरक्षित और पुन: उपयोग योग्य बने। कई जिलों में खदानों को खुली स्थिति में छोड़ा गया है; यहाँ क्लोजर प्लान नहीं दिए जा रहे और न ही खदानें बंद हो रही हैं। बंद खदानों पर नियमों का सार: खुले गड्ढों को सुरक्षित पानी की Bodies में बदलना, ढलान 30 डिग्री से कम रखना, खतरनाक रास्तों को फेंस करना ताकि लोग प्रवेश न कर सकें, रिक्लेम के बाद जमीन ग्राम पंचायत को सौंपना और फाइनेंशियल एश्योरेंस के प्रावधान जैसे सुरक्षा राशि जमा कराई जाना ताकि समय पर सुधार संभव हो। राजस्थान में 1 हजार से अधिक खदानें बंद स्थिति में पड़ी हैं, जिनमें कुछ में अभी भी मिनरल बचे हो सकते हैं और इन्हें फिर से शुरू करने की संभावना है। जिन खदानों में खनिज नहीं बचे, उनके क्लोजर प्लान नहीं देने के कारण हादसों की आशंका बनी रहती है, जबकि कुछ को फिर से शुरू करने का प्रयास जारी है ताकि पुनरावृत्ति रुके। हालांकि जिन खदानों के शुरू होने की संभावना नहीं, उन्हें सही प्रक्रिया के अनुसार बंद किया जाना चाहिए ताकि भविष्य में हादसे न हों।
0
0
Report

फरीदकोट पुलिस ने सीमा पार से नशे की खेप पकड़ी: 54 किलो हैरोइन बरामद

Kot Kapura, Punjab:ਬੀਤੇ ਦਿਨੀ ਫਰੀਦਕੋਟ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਪੁਲਿਸ ਵੱਲੋਂ ਇਤਿਹਾਸਕ ਕਾਰਵਾਈ ਕਰਦੇ ਹੋਏ ਚਾਰ ਮੁਲਜ਼ਮਾ ਨੂੰ 47 ਕਿੱਲੋ 300 ਗ੍ਰਾਮ ਹੈਰੋਇਨ ਅਤੇ ਤਿੰਨ ਵਿਦੇਸ਼ੀ ਪਿਸਟਲ ਨਾਲ ਗ੍ਰਿਫਤਾਰ ਕੀਤਾ ਸੀ ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਵੱਲੋਂ ਸਰਹੱਦ ਪਾਰ ਤੋਂ ਨਸ਼ੇ ਦੀ ਖੇਪ ਮਨਗਵਾਈ ਗਈ ਸੀ ਜੋ ਅੱਗੇ ਸਪਲਾਈ ਕਰਨ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਹੀ ਪੁਲਿਸ ਨੇ ਕਾਬੂ ਕਰ ਲਈ। ਹੁਣ ਇਸ ਮਾਮਲੇ ਚ ਪੁਲਿਸ ਰਿਮਾਂਡ ਤੇ ਚੱਲ ਰਹੇ ਚਾਰੋ ਅਰੋਪੀਆਂ ਚੋਂ ਇੱਕ ਮੰਗਲ ਸਿੰਘ ਨਾਮ ਦੇ ਮੁਲਜ਼ਮ ਤੋਂ ਪੁੱਛ ਗਿੱਛ ਦੌਰਾਨ ਸਾਹਮਣੇ ਆਇਆ ਕੇ ਜਦੋਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਵੱਲੋਂ ਇਹ ਨਸ਼ੇ ਦੀ ਖੇਪ ਸਰਹੱਦ ਕੋਲੋਂ ਚੁੱਕੀ ਸੀ ਤਾਂ ਇਸ ਦਾ ਕੁੱਜ हिस्सा ਸਰਹੱਦ ਤੇ ਲੱਗੀ ਕੰਡਿਆਲੀ ਤਾਰ ਦੇ ਨਜ਼ਦੀਕ ਰਹਿ ਗਿਆ ਸੀ ਜਿਸ ਦੀ ਲੋਕੇਸ਼ਨ ਉਸ ਨੂੰ ਪਤਾ ਸੀ ਜਿਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਫਰੀਦਕੋਟ ਪੁਲਿਸ ਵੱਲੋਂ ਬੀ ਐੱਸ ਐਫ ਦੀ ਮਦਦ ਦੇ ਨਾਲ ਮੁਲਜ਼ਮ ਵੱਲੋਂ ਦੱਸੀ ਗਈ ਜਗ੍ਹਾ ਤੋਂ 6 ਕਿੱਲੋ 700 ਗ੍ਰਾਮ ਹੈਰੋਇਨ ਹੋਰ ਬਰਾਮਦ ਕੀਤੀ ਗਈ ਜਿਸ ਨਾਲ ਹੁਣ ਬਰਾਮਾਦ ਕੀਤੀ ਕੁਲ ਹੈਰੋਇਨ 54 ਕਿੱਲੋ ਹੋ ਗਈ। ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿੰਦੇ ਹੋਏ ਐਸ ਪੀ ਨਰਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕੇ ਮੁਲਜ਼ਮਾ ਤੋਂ ਹੋਰ ਡੂੰਘਾਈ ਨਾਲ ਪੁੱਛ ਗਿੱਛ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ ਕੇ ਸਰਹੱਦ ਪਾਰ ਬੈਠੇ ਨਸ਼ਾ ਤਸਕਰਾ ਨਾਲ ਇਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਸੰਬੰਧ ਕਿਵੇਂ ਬਣੇ ਅਤੇ ਨਸ਼ੇ ਦੀ ਖੇਪ ਮੰਗਵਾਉਣ ਲਈ ਕਿਸ ਤਰੀਕੇ ਪੈਸਿਆਂ ਦਾ ਲੈਣ ਦੇਣ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਸੀ।
0
0
Report
Advertisement

बगहा की महिलाओं ने शराब विरोधी अनूठा अभियान शुरू किया

Bagaha, Bihar:बगहा जिले के रामनगर थाना क्षेत्र के बड़गो गांव में महिलाओं ने पूर्ण शराबबंदी के बीच एक अनोखा अभियान शुरू किया है. एकजुट दर्जनों महिलाएं हाथों में डंडा और झाड़ू लेकर नशा के खिलाफ पहरेदारी कर रहीं हैं. गांव में शराब की चोरी-छिपे बिक्री और सेवन को रोकना उनका लक्ष्य है ताकि आने वाली पीढ़ी नशे के गिरफ्त में न आए. महिलाएं शाम होते ही गश्त पर निकलती हैं और जहां भी शराब पीते या पिलाते लोग मिलते हैं उन्हें रोकने और विरोध करने में जुटी हैं. इस मुहिम से परिवार में विवाद और आर्थिक परेशानी घटाने की उम्मीद है. मुहीम में शामिल महिलाएं बताती हैं कि पहले बाहरी लोग गांव में शराब लाते थे, अब वह रुक गया है. ग्राम पंचायत की मुखिया और अन्य नेताओं ने भी इस कदम की तारीफ की है. मुहीम में करीब 50 महिलाएं जुड़ चुकी हैं और कुछ पुरुष भी सहयोग कर रहे हैं. जिले के अन्य गांवों में भी देशी शराब निर्माण की अनुमति अभी भी है, इसलिए अभियान आगे भी जारी रहेगा ताकि युवाओं और परिवार को नुकसान से बचाया जा सके. बाइट – शराब के खिलाफ मुहीम में शामिल महिलाएं
0
0
Report

संभल: महिष्मती नदी जीर्णोद्धार पर आरोप, ग्रामीणों ने खुदाई रोकी

Sambhal, Uttar Pradesh:लोकेशन संभल संभल । ऐतिहासिक महिष्मती नदी के जीर्णोध्वार कार्य में लेखपाल और ग्राम प्रधान पर नदी के मूल रूप को बदलने का आरोप. ग्रामीणों ने नदी की खुदाई का काम रुकवाया । कमिश्नर से मामले की शिकायत के बाद तहसील दार धीरेंद्र सिंह ने राजस्व विभाग की 5 सदस्यीय टीम गठित की। राजस्व विभाग की टीम जेसीबी लेकर खग्गू पूरा पहुंचकर नदी इलाके की पैमाइश की .. शिकायत कर्ता ग्रामीणों के साथ बातचीत के बाद नदी की खुदाई का काम शुरू कराया गया । संभल तहसील क्षेत्र के खग्गू पूरा क्षेत्र के महिष्मति नदी इलाके का मामला । बाइट .. अरविंद कुमार, नायब तहसीलदार संभल
0
0
Report
Advertisement

मायावती ने ईशान आनंद को राष्ट्रीय संयोजक बनाकर बड़ी जिम्मेदारी सौंप दी

Noida, Uttar Pradesh:लखनऊ बसपा सुप्रीमो मायावती ने ईशान आनंद को बड़ी जिम्मेदारी दी ईशान आनंद को बीएसपी सुप्रीमो ने राष्ट्रीय संयोजक बनाया इस आईडी में ईशान आनंद ने बैठक के दौरान बी.एस.पी के राष्ट्रीय अध्यक्ष, मायावती का पैर छुकर आशीर्वाद ले रहे हैं। बहुजन समाज पार्टी (बी.एस.पी.) की राष्ट्रीय अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश की चार बार रही मुख्यमंत्री व पूर्व सांसद आदरणीय बहन कु. मायावती जी आज, 23 सितंबर 2026 को, बी.एस.पी. के ऑल इण्डिया स्तर के सभी वरिष्ठ पदाधिकारियों एवं विभिन्न राज्यों के बी.एस.पी. अध्यक्षों आदि की विशेष व महत्वपूर्ण ऑल इण्डिया बैठक को सम्बोधित किया
0
0
Report
Advertisement

अलवर में पंचायती राज के आरक्षण की लॉटरी आज, बदलेगा समीकरण

Alwar, Rajasthan:पंचायती राज चुनाव की तैयारी तेज, जिप-पंस वार्डों के आरक्षण की लॉटरी आज अलवर. निकाय चुनाव संपन्न होने के साथ ही अब पंचायती राज चुनाव को लेकर जिले में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। बुधवार को मिनी सचिवालय स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में जिला परिषद सदस्यों, पंचायत समिति सदस्यों और प्रधान पदों के आरक्षण की लॉटरी निकाली गई। जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. आर्तिका शुक्ला की मौजूदगी में एक बच्ची के हाथों से क्रमवार लॉटरी की प्रक्रिया पूरी कराई गई। परिसीमन के बाद अब अलवर जिले में जिला परिषद के 39 वार्ड निर्धारित किए गए हैं। औसतन करीब 32 हजार की आबादी पर एक जिला परिषद वार्ड तय किया गया है। जिले में कुल 11 पंचायत समितियां हैं, जिनमें 221 पंचायत समिति सदस्य चुने जाएंगे। जिला प्रमुख का पद पहले ही अनुसूचित जनजाति (एसटी) महिला के लिए आरक्षित किया जा चुका है。 जिले के छह विधानसभा क्षेत्रों में राजगढ़-लक्ष्मणगढ़ और थानागाजी एसटी बाहुल्य क्षेत्र माने जाते हैं। वहीं, रामगढ़, कठूमर और अलवर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्रों में भी एसटी वर्ग की अच्छी आबादी है। ऐसे में आरक्षण के बाद पंचायती राज चुनाव में राजनीतिक समीकरणों में बदलाव की संभावना है。 15 साल महिलाओं के हाथ रही जिला प्रमुख की कमान पिछले 25 वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो करीब 15 साल जिला प्रमुख का पद महिलाओं के पास रहा है। इनमें वर्ष 2000 में किरण यादव, वर्ष 2010 में सफिया जुबेर खान और वर्ष 2015 में रेखा राजू यादव जिला प्रमुख रही हैं。 वहीं, पिछले करीब 20 वर्षों से अलवर जिला परिषद में कांग्रेस समर्थित जिला प्रमुख बनते रहे हैं। हालांकि वर्तमान जिला प्रमुख बलबीर छिल्लर ने कांग्रेस के सिंबल पर जिला प्रमुख का चुनाव जीता था, लेकिन लोकसभा चुनाव से पहले वे भाजपा में शामिल हो गए थे。 अब आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पंचायती राज चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों की गतिविधियां और तेज होने की उम्मीद है। इसके बाद 24 सितंबर को उपखंड स्तर पर सरपंच और पंच पदों के आरक्षण की लॉटरी निकाली जाएगी。
0
0
Report

दौसा नगर परिषद के नवनिर्वाचित सभापति पदभार ग्रहण, स्वच्छता और रोशनी पर फोकस

Dausa, Rajasthan:जिला दौसा\n\nनव निर्वाचित सभापति पहुंची नगर परिषद\nसभापति रेखा गुर्जर ने किया पदभार ग्रहण\nउप सभापति सुनीता सैनी भी साथ\nदोनों ही कांग्रेस के टिकट पर है निर्वाचित\nकांग्रेस के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी पहुंचे नगर परिषद\nसभापति रेखा गुर्जर ने कहा\nमेरा प्रयास रहेगा जनता की उम्मीदों पर खरा उतरू\nशहर के साफ सफाई व्यवस्था पर रहेगा विशेष फोकस\nसाथ ही रोड लाइट ओर आवाजाही के मार्ग हो दुरुस्त\nउसके अनुरूप किए जाएंगे काम\nसभी पार्षदों के सहयोग से शहर को बनाएंगे साफ स्वच्छ ओर सुंदर\n\ndausa नगर परिषद की नवनिर्वाचित सभापति रेखा गुर्जर और उपसभापति सुनीता सैनी पदभार ग्रहण करने नगर परिषद पहुंची जहां उन्होंने कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में नगर परिषद सभापति का पदभार ग्रहण किया इस दौरान सभापति रेखा गुर्जर ने कहा मेरा प्रयास रहेगा मैं जनता की उम्मीद पर खरा उतरू शहर की साफ सफाई व्यवस्था पर मेरा विशेष फोकस रहेगा रोड लाइट और आवाजाही के मार्ग दुरुस्त हो उसके अनुरूप काम किए जाएंगे सभी पार्षदों के सहयोग से अच्छा काम करते हुए दौसा शहर को साफ स्वच्छ और सुंदर बनाएंगे और इस काम में उन्होंने नगर परिषद के कार्मिको से भी सकारात्मक अपेक्षा रखी सभापति रेखा गुर्जर और उप सभापति सुनीता सैनी ने कहा प्रदेश में भाजपा की सरकार है और हम कांग्रेस के टिकट पर जीत कर आए हैं फिर भी हमारा भरसक प्रयास रहेगा दौसा का विकास गति पड़े
0
0
Report

खैरथल तिजारा: पार्षद रोकने के वीडियो से सियासी घमासान तेज

Bagheri Kalan, Rajasthan:खैरथल तिजारा की राजनीति में निकाय चुनाव खत्म होने के बाद भी सियासी घमासान थमता नजर नहीं आ रहा है। तिजारा नगर परिषद के सभापति चुनाव से पहले हरियाणा में पार्षदों को रोके जाने के मामले से जुड़ा एक वीडियो सामने आया है; कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि उसके समर्थक पार्षदों को हरियाणा में रोका गया था। वीडियो में एक बस तेज रफ्तार से सड़क पर जाती दिख रही है, बस के आगे लालबत्ती वाली गाड़ी भी दिखाई दे रही है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस नेता और समर्थक बस को रोकने के लिए पहले से सड़क पर मौजूद थे। बस रुकते ही मौके पर हंगामा बढ़ गया; वायरल वीडियो में बस की खिड़कियों के शीशे टूटे दिखते हैं और बस में मौजूद महिलाओं- बच्चों समेत लोग बाहर निकाले जा रहे हैं। वहीं बस के आगे चल रही लालबत्ती वाली गाड़ी मौके से निकलती दिखाई देती है। इस पूरी घटना को लेकर कांग्रेस नेताओं ने बीजेपी पर अपने समर्थक पार्षदों को एक बस में ले जाने और अलग-अलग जगह घुमाने के आरोप लगाए हैं। तिजारा से कांग्रेस प्रत्याशी रहे नेता का कहना है कि सूचना मिलने के बाद कांग्रेस के नेता हरियाणा पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया; उनके मुताबिक इसी दौरान एक पार्षद ने अपनी लोकेशन बताई जिसके बाद कांग्रेस नेता पार्षदों तक पहुँच सके।
0
0
Report
Advertisement

हिसार रोडवेज डिपो में धरना जारी, 3 करोड़ ACP लाभ बकाया

Hisar, Haryana:हिसार रोडवेज डिपो में महाप्रबंधक (GM) की कार्यप्रणाली और पिछले पांच महीनों से लंबित मांगों के विरोध में रोडवेज कर्मचारियों का अनिश्चितकालीन धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। 'हरियाणा रोडवेज वर्कर यूनियन सांझा मोर्चा' के बैनर तले डिपो प्रांगण में हुई गेट मीटिंग में सैकड़ों कर्मचारियों ने जीएम प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कर्मचारियों का कहना है कि 29 अप्रैल को सौंपे गए 15 सूत्रीय मांगपत्र में से एलटीसी, मेडिकल बिल, शिक्षा भत्ता, रात्रि भत्ता और एसीपी (ACP) जैसे मुख्य लाभ अब तक अटके हुए हैं, जिससे उन्हें भारी आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। कर्मचारी नेताओं ने बताया कि अभी भी हिसार और हांसी में लगभग 3 करोड़ रुपये से ज्यादा का जो एसीपी का लाभ मिलना है, वह बकाया है। जीएम द्वारा एक महीने का अतिरिक्त समय मांगने के प्रस्ताव को मोर्चा खारिज कर चुका है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक लंबित फाइलों का निपटारा नहीं होता, धरना खत्म नहीं होगा और मांगें न मानी जाने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top