जबलपुर में डेंगू का प्रकोप बढ़ा, स्थानीय नागरिकों ने स्वास्थ्य विभाग पर लगाया लापरवाही का आरोप
Jabalpur, Madhya Pradesh:जबलपुर जिले में डेंगू का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। रानी लक्ष्मीबाई वार्ड टेमर भीटा में गंदगी के अंबार के चलते लगातार डेंगू के मरीज सामने आ रहे हैं। क्षेत्र में 10 से 12 मरीज डेंगू से संक्रमित हो चुके हैं जिनका इलाज निजी और सरकारी अस्पतालों में किया जा रहा है। इस बीमारी के कारण दो मरीजों की मौत भी हो गई है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग द्वारा सफाई व्यवस्था में लापरवाही बरती जा रही है, और क्षेत्र में दवाओं का छिड़काव नहीं किया जा रहा है।
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केरल कांग्रेस ने की चीफ जस्टिस के खिलाफ पोस्ट, सुप्रीम कोर्ट में वकीलों ने दायर की याचिका
New Delhi, Delhi:नई दिल्ली: चीफ जस्टिस सूर्यकांत के खिलाफ सोशल मीडिया पर की गई पोस्ट को लेकर कांग्रेस पार्टी के विरुद्ध आपराधिक अवमानना की कार्रवाई शुरू करने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है। कुछ वकीलों की ओर से दायर इस याचिका में राजनीतिक दलों द्वारा जजों और CJI को निशाना बनाकर सार्वजनिक अभियान चलाने पर रोक लगाने के लिए दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की गई है।
यह याचिका कांग्रेस की केरल इकाई के आधिकारिक X (ट्विटर) अकाउंट से 12 अक्टूबर को किए गए एक पोस्ट के बाद दायर की गई है।
कांग्रेस की केरल इकाई ने अपने पोस्ट में CJI सूर्यकांत को संबोधित करते हुए लिखा था, “प्रिय सूर्यकांत, अगर कानून-व्यवस्था आपका काम नहीं है, तो अभी इस्तीफा दे दीजिए। हम आपकी जगह किसी ऐसे व्यक्ति को ढूंढ लेंगे, जो इसे संभाल सके।”
इसी दिन तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखा था।
याचिका में कहा गया है कि कांग्रेस की पोस्ट में चीफ जस्टिस को उनके पद के सम्मानजनक संबोधन के बजाय सीधे नाम से संबोधित किया गया। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि इस तरह की टिप्पणी के जरिए एक मौजूदा चीफ जस्टिस पर दबाव डालने और उन्हें प्रभावित करने का प्रयास किया गया।
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि किसी राजनीतिक दल द्वारा CJI से इस्तीफे की मांग करना और उनकी जगह किसी अन्य व्यक्ति को नियुक्त करने की बात कहना संवैधानिक व्यवस्था के विपरीत है।याचिका में संविधान के अनुच्छेद 121 और 124(4) का हवाला देते हुए कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट के जज को पद से हटाने के लिए संविधान में निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना आवश्यक है।
याचिकाकर्ताओं के मुताबिक, किसी जज पर दबाव बनाने या उसे प्रभावित करने के उद्देश्य से सार्वजनिक अभियान चलाना न्यायिक स्वतंत्रता के लिए चिंता का विषय है।
इस मामले में केंद्र सरकार, कांग्रेस पार्टी, राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी, महुआ मोइत्रा और अखिलेश यादव को पक्षकार बनाया गया है।
(नई दिल्ली से Zee News रिपोर्टर अरविंद सिंह की रिपोर्ट)
