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Lalit SharmaLalit SharmaFollow27 Sept 2024, 07:17 am

इंदौर में शासकीय चाचा नेहरू बाल चिकित्सालय का कायाकल्प शुरू, 10 करोड़ रुपए खर्च होंगे कायाकल्प में

Indore, Madhya Pradesh:इंदौर की शासकीय चाचा नेहरू बाल चिकित्सालय का कायाकल्प शुरू हुआ है।इस कायाकल्प के प्रोजेक्ट को लेकर आज कलेक्टर आशीष सिंह और विधानसभा 3 के भाजपा विधायक गोलू शुक्ला के द्वारा अस्पताल का निरीक्षण किया गया।कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया कि चाचा नेहरू चाचा अस्पताल का कायाकल्प रेड क्रॉस और सीएसआर के माध्यम से किया जाएगा। जिसमें तकनीकी सहायता और अन्य सहयोग की क्रेडाई के माध्यम से प्रदान किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट को लेकर उन्होंने कहा कि 8 से 10 करोड़ की लागत से इस पूरे अस्पताल के कायाकल्प की योजना बनाई है।
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समस्तीपुर: दरवा गांव में बेटे ने पिता की हत्या की साजिश रची, गिरफ्तार

Samastipur, Bihar:समस्तीपुर में पुलिस के खुलासा ने सबको चौंकाया।फिल्म देखकर बेटा ने रची पिता की हत्या की साजिश, मोबाइल बंद कर सूरत में छोड़ा सुराग ।समस्तीपुर जिले के हलई थाना क्षेत्र के दरवा गांव में बीते दो महीने पूर्व 26 जुलाई की रात दरवाजे पर सो रहे किसान रघुवीर सहनी की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर लिया है ।पुलिस के मुताबिक रघुवीर की हत्या उसके ही बेटे शिव शंकर सहनी ने की थी। पुलिस ने आरोपी को सूरत से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।पूछताछ में पुलिस के अनुसार, शिव शंकर ने हत्या की योजना एक पुरानी अजय देवगन की फिल्म से प्रेरित होकर बनाई थी। फिल्म में पुलिस को गुमराह करने के लिए मोबाइल फोन को दूसरी जगह भेजने का तरीका दिखाया गया था। इसी तर्ज पर आरोपी ने अपना मोबाइल सूरत से निकलने से पहले बंद कर दिया, ताकि पुलिस को उसकी आखिरी लोकेशन सूरत में मिले। लेकिन हत्या के बाद पत्नी से फोन पर बात करना उसकी सबसे बड़ी गलती साबित हुई। इसी कॉल के जरिए पुलिस को उसके मूवमेंट पर शक हुआ और जांच आगे बढ़ी।पुलिस के अनुसार, शिव शंकर सूरत से ट्रेन के जरिए पटना पहुंचा। वहां से हाजीपुर और फिर पटोरी स्टेशन गया। रात करीब 8 बजे पटोरी उतरने के बाद वह टोटो से जोरपुरा चौक पहुंचा। इसके बाद करीब 4 किलोमीटर खेत के रास्ते पैदल चलकर अपने घर पहुंचा।रात करीब 12 बजे घर के सामने का दरवाजा बंद मिला। इसके बाद वह पीछे के दरवाजे से घर में दाखिल हुआ। पुलिस के मुताबिक, घर की एक कोठरी में उसे कुल्हाड़ी मिली। वह कुल्हाड़ी लेकर दरवाजे पर पहुंचा, जहां उसके पिता सो रहे थे।आरोप है कि शिव शंकर ने सो रहे रघुवीर सहनी के सिर पर कुल्हाड़ी से चार वार किए। हत्या के बाद उसने कुल्हाड़ी वहीं फेंक दी और उसी रास्ते से वापस निकल गया।इसके बाद वह लगुनिया स्टेशन पहुंचा और वहां से पटोरी होते हुए पटना गया। सुबह पटना पहुंचने के बाद वह पुणे-पटना एक्सप्रेस से वापस सूरत चला गया।शिव शंकर ने सूरत से निकलने से पहले अपना मोबाइल फोन बंद कर दिया था। उसका मकसद पुलिस को उसकी लोकेशन से गुमराह करना था।हत्या के बाद भी मोबाइल बंद रहा। लेकिन सूरत लौटते समय उसने मोबाइल चालू किया और पत्नी से बातचीत की। इसी दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिला।पुलिस ने जब कॉल डिटेल और टावर लोकेशन की जांच की तो 26 जुलाई की रात पत्नी से बातचीत का रिकॉर्ड मिला। इस दौरान मोबाइल की लोकेशन पटोरी में मिली थी। इसके बाद फोन बंद हो गया। करीब 36 घंटे बाद मोबाइल दोबारा ऑन हुआ तो उसकी लोकेशन सूरत मिली।रघुवीर सहनी की हत्या के बाद शिव शंकर लगातार कई दिनों तक परिवार से दूर रहा। पिता की मौत के बावजूद उसके अंतिम संस्कार में शामिल नहीं होने पर गांव और परिवार में चर्चा शुरू हो गई ।शिव शंकर की मां ने भी उस पर हत्या का शक जताया था। जांच के दौरान पुलिस को कई ऐसे साक्ष्य मिले, जिनसे शक शिव शंकर पर गहराता गया।इसके बाद पुलिस की एक टीम सूरत पहुंची और शिव शंकर को गिरफ्तार कर समस्तीपुर ले आई।पटोरी के डीएसपी बीके मेधावी ने बताया कि पूछताछ में शिव शंकर ने घटना में अपनी संलिप्ता स्वीकार की और वारदात से जुड़ी जानकारी दी ।आरोपी ने बताया कि उसका अपने पिता और पत्नी से अक्सर विवाद होता था। इसी विवाद से परेशान होकर उसने पिता की हत्या की योजना बनाई। पूछताछ में यह बात भी सामने आई कि वह कुछ जमीन बेचना चाहता था, लेकिन ऐसा नहीं कर पा रहा था।दरवा गांव में 26 जुलाई की रात रघुवीर सहनी घर के दरवाजे पर सो रहे थे। इसी दौरान उनकी कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी गई थी। कुल्हाड़ी घर में ही रखी थी।कुल्हाड़ी घर की होने और वारदात के तरीके को देखते हुए पुलिस को शुरुआत से ही शक था कि हत्या में किसी नजदीकी व्यक्ति की भूमिका हो सकती है। जांच आगे बढ़ने पर बेटे शिव शंकर का नाम सामने आया। आरोपी के बयान, कॉल डिटेल, टावर लोकेशन और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की आगे की जांच की ।बात : बीके मेधावी, डीएसपी पटोरी
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दिल्ली में ओखला लैंडफिल पर ताजा और पुराना कचरा एक यूनिट से प्रोसेसिंग शुरू

New Delhi, Delhi:दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ओखला लैंडफिल साइट का दौरा किया और वहां चल रहे कचरा प्रबंधन और सफाई के काम का जायजा लिया। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता कहती हैं, "हमारी सरकार ने कचरे के पहाड़ों को खत्म करने का जो संकल्प लिया था, उसके तहत सिर्फ़ डेढ़ साल में हम उस मुकाम पर पहुँच गए हैं जहाँ हमने अपनी तीनों लैंडफिल साइटों पर 100 एकड़ ज़मीन वापस हासिल कर ली है। आज ओखला में खड़े होकर हम देख सकते हैं कि जनवरी 2025 से पहले जमा हुआ लगभग सारा 'पुराना कचरा' (legacy waste) प्रोसेस किया जा चुका है। यहाँ अभी जो कचरा जमा है, वह असल में जनवरी 2025 के बाद पैदा हुआ 'ताज़ा कचरा' (fresh waste) है, और उसे भी चौबीसों घंटे प्रोसेस किया जा रहा है। इसलिए, हम दो मोर्चों पर लड़ रहे हैं: एक तो पुराने कचरे को खत्म करना, और दूसरा यह पक्का करना कि रोज़ाना आने वाला 3,000 से 4,000 मीट्रिक टन ताज़ा कचरा तुरंत प्रोसेस हो जाए। इसीलिए हम आज यहाँ ताज़ा कचरा प्रोसेस करने वाली एक यूनिट शुरू कर रहे हैं; इससे ताज़ा कचरे और कंस्ट्रक्शन व डिमोलिशन (C&D) कचरे, दोनों को प्रोसेस किया जा सकेगा, जिससे आने वाली पीढ़ियों के लिए कचरे के नए पहाड़ नहीं बनेंगे..." वह आगे कहती हैं, "...हमारी सरकार प्रदूषण को कम करने के लिए हर पहलू से (360-डिग्री नज़रिए से) काम कर रही है। हम हर पहलू पर काम कर रहे हैं - चाहे वह कचरे के पहाड़ों को खत्म करना हो, यमुना की सफाई हो, सड़क के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाना हो या कचरा प्रबंधन हो - ताकि दिल्ली के लोगों को बेहतर हवा मिल सके। हमारा संकल्प और हमारी नीतियां बिल्कुल साफ हैं, और हम जनहित में चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं..."
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घर में घुसा ब्लैक कोबरा: डॉग ने डटा रहा, रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित निकाला

Alwar, Rajasthan:घर में घुसा ब्लैक कोबरा, डॉग ने लिया मोर्चा; रेस्क्यू टीम ने किया रेस्क्यू अलवर शहर के कटोरी वाला तिबारा इलाके में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक घर में अचानक जहरीला ब्लैक कोबरा घुस आया। सांप को घर के अंदर देखकर परिवार के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर सांप रेस्क्यू टीम को बुलाया गया, लेकिन टीम के पहुंचने से पहले ही ब्लैक कोबरा घर से बाहर निकल आया। इसी दौरान वहां मौजूद एक डॉग की नजर कोबरा पर पड़ गई। डॉग ने सांप के सामने मोर्चा संभाल लिया और उसके साथ भिड़ गया। कुछ देर तक डॉग और ब्लैक कोबरा के बीच आमना-सामना होता रहा। कोबरा फन फैलाकर डॉग को पीछे हटाने की कोशिश करता नजर आया, जबकि डॉग भी लगातार उसके सामने डटा रहा। मौके पर मौजूद लोगों ने इस पूरी घटना का वीडियो बना लिया। इसी दौरान रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और सावधानीपूर्वक डॉग को सांप से दूर किया। इसके बाद टीम ने ब्लैक कोबरा को सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया। सांप के पकड़े जाने के बाद परिवार और आसपास के लोगों ने राहत की सांस ली। ‘गुजारिश एक पहल’ के रेस्क्यू टीम सदस्य शिवम चौहान ने बताया कि ब्लैक कोबरा को बाद में आबादी क्षेत्र से दूर जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया गया। घटना में किसी व्यक्ति के घायल होने की सूचना नहीं है। वहीं, डॉग और ब्लैक कोबरा के बीच हुई इस भिड़ंत का वीडियो अब इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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