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अजमेर दरगाह पर छठी शरीफ दुआ में एक लाख जायरीन का भारी हुजूम

Ajmer, Rajasthan:रियासत राजस्थान के शहर अजमेर शरीफ में आज मुल्क भर से कसीर तादाद में जायरीन पहुंचे। जहां उन्होंने हजरत ख्वाजा गरीब नवाज़ रहमतुल्लाह अलैहि की महाना छठी शरीफ की इज्तेमाई दुआ में शिरकत की। खुसूसी दुआई जलसे में खुद्दामे ख्वाजा की तरफ से चिश्तिया शजरा ख्वानी और मुल्क की तरक्की के लिए दुआ मांगी गई। छठी शरीफ की फातेहा में दरगाह और उसके आस पास इलाका में जायरीन का हुजूम नजर आया। दरगाह कमेटी और पुलिस डिपार्टमेंट की तरफ से भी जायरीन की सिक्योरिटी के इंतजामात किए गए।ख्वाजा साहब के दरबार में अकीदत मंदो ने अपनी जिंदगी में खुशियों की दुआ मांगी और लंगर भी तकसीम किया। दरगाह के अहाता नूर में अंजुमन सैय्यद जादगान की जानिब से छठी शरीफ की फ़ातेहा का ऐहतमाम किया गया था, जहा तिलावते कुरआन पाक से दुआ का आगाज हुआ। इसी तरह जायरीन ने ख्वाजा साहब के दरबार में भी अकीदत की चादर फूल पेश कर हाजिरी लगाई। छठी शरीफ की दुआ के बाद सखी खिदमत फाउंडेशन की जानिब से जायरीन को लंगर तकसीम किया गया। दरगाह के झालरा मैदान से लेकर,जन्नती दरवाज़ा,शाह जानी मस्जिद ,महफिल खाना,बुलंद दरवाजा,निजाम गेट और ओलिया मस्जिद,संदल खाना समेत आहता नूर जायरीन से खचाखच भरा रहा। छठी शरीफ की इज्तेमाई फातेहा में तकरीबन एक लाख जायरीन ने शिरकत की और जिंदगी में खुशियों की दुआ मांगी।
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शामली में पुराना डाकघर वाली गली में मिला 32 वर्षीय युवक का शव

Shrvan PanditShrvan PanditFollow11m ago
Shamli, Uttar Pradesh:श्रवण पंडित शामली भिक्की मोड़ पर शव मिलने से मचा हड़कंप, मृतक की पहचान भूरा उर्फ सलीम के रूप में हुई शामली जनपद सदर कोतवाली क्षेत्र के भिक्की मोड़ स्थित पुराना डाकघर वाली गली में एक 32 वर्षीय युवक का शव मिला है। जहा शव मिलने स पुलिस में हड़कंप मच गया। वहीराहगीरों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव की शिनाख्त कराने के बाद आवश्यक कार्रवाई की। वहीं पुलिस ने मृतक की पहचान भूरा उर्फ सलीम निवासी गांव लूम, तुगाना क्षेत्र, बड़ौत, जनपद बागपत के रूप में बताई गई है। जानकारी के अनुसार, वह पिछले कई वर्षों से शामली में रहकर होटलों और ढाबों पर बर्तन धोने का काम करता था। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों से अधिक नशा करने के कारण होटल संचालकों ने उसे काम से हटा दिया था। इसके बाद वह भीख मांगकर और रेलवे फाटक बंद होने के दौरान वाहनों के शीशे साफ कर अपना गुजर-बसर कर रहा था। फिलहाल युवक की मौत के कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत की वजह स्पष्ट हो सकेगी।
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नेपाल सीमा पर बुर्का पहने महिला की तलाश से श्रद्धा केस की नयी दिशा

Lucknow, Uttar Pradesh:पूर्व डीजीपी ए के जैन की बाइट व्हाट्स ऐप पर भेजा गया है बुर्के वाली की तलाश में बॉर्डर पर पहरा, CCTV खंगाल रही पुलिस… सरेंडर की तैयारी? नेपाल बॉर्डर पर बुर्के वाली की तलाश… बाजारों में पुलिस की दबिश… दुकानों के CCTV कैमरों की जांच… और सादे कपड़ों में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर! लखनऊ के चर्चित श्रद्धा दुबे प्रकरण में अब नेपाल से भारत में दाखिल होने वाली बुर्का पहने महिला की पहचान पुलिस के लिए अहम हो गई है। भगवानपुर बाजार से लेकर सोनौली और नौतनवा बॉर्डर तक संभावित आवाजाही के इनपुट खंगाले जा रहे हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बुर्का पहनकर नेपाल से भारत में दाखिल होने वाली महिला कौन थी और क्या उसका इस प्रकरण से कोई संबंध है। इधर, श्रद्धा के नए सिम कार्ड के जरिए संपर्क साधने, कई वकीलों से बातचीत और नए ठिकाने की तलाश की चर्चाओं भी सामने आ रही हैं। यूपी के कुछ लोगों के मदद से पीछे हटने की बात भी कही जा रही है। ऐसे में सवाल है—क्या पुलिस की बढ़ती निगरानी के बीच श्रद्धा अब समर्पण की तैयारी कर रही है? नेपाल बॉर्डर पर अब निगरानी का फोकस बुर्का पहनकर आवाजाही करने वाली महिलाओं की पहचान पर भी है। लखनऊ पुलिस और महाराजगंज-सोनौली बॉर्डर की पुलिस ने बाजारों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालने की कार्रवाई की है। भगवानपुर बाजार में दुकानों के कैमरे चेक किए गए। सादे कपड़ों में पहुंची पुलिस टीम ने दुकानदारों से भी जानकारी जुटाई। साथ ही भगवानपुर पुलिस के जवानों की मौजूदगी में यह पता लगाने की कोशिश की गई कि क्या कोई महिला बुर्का पहनकर नेपाल से भारत में दाखिल हुई थी। नेपाल सीमा से सटे इलाकों में संभावित आवाजाही के इनपुट की जांच की जा रही है। सोनौली और नौतनवा जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों में पुलिस की निगरानी इस मामले में महत्वपूर्ण हो सकती है। लेकिन बुर्का पहने किसी महिला का नेपाल से भारत आना अपने आप में यह साबित नहीं करता कि वह श्रद्धा ही थी। पुलिस के लिए CCTV फुटेज, समय, स्थान और अन्य स्वतंत्र साक्ष्यों का मिलान करना जरूरी होगा। अगर इन साक्ष्यों से पहचान की पुष्टि होती है, तो यह श्रद्धा की तलाश में महत्वपूर्ण सुराग साबित हो सकता है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच श्रद्धा के नए सिम कार्ड के जरिए लोगों से संपर्क करने की जानकारी भी चर्चा में है। दावा है कि उत्तर प्रदेश से जुड़े कुछ लोगों ने बदनामी या कानूनी मुश्किलों के डर से मदद करने से दूरी बना ली है। अब सवाल है कि क्या नए नंबरों से संपर्क बनाने की कोशिश नए ठिकाने की तलाश से जुड़ी है? क्या पुराने संपर्कों से दूरी बनने के बाद दूसरे लोगों से सहायता मांगी जा रही है? इन दावों की पुष्टि तकनीकी साक्ष्यों और संबंधित पक्षों के आधिकारिक बयान से जरूरी है। फिलहाल संपर्कों की वास्तविक प्रकृति स्पष्ट होना बाकी है। श्रद्धा के कई वकीलों के संपर्क में होने और संभावित समर्पण की तैयारी की चर्चा भी इस मामले को नया मोड़ दे रही है। नवरात्रि की छुट्टियों के दौरान नए ठिकाने की खोज किए जाने का दावा है। इसके बाद अदालत में समर्पण किए जाने की संभावना जताई जा रही है। पहली चुनौती—CCTV फुटेज में दिखाई देने वाली संदिग्ध महिला की पहचान करना। दूसरी चुनौती—नए सिम कार्ड और संपर्कों से जुड़े इनपुट का सत्यापन करना। तीसरी चुनौती—श्रद्धा की मौजूदा लोकेशन और संभावित समर्पण से जुड़ी जानकारी की पुष्टि करना。 इन तीनों कड़ियों को जोड़ने में पुलिस की जांच अहम होगी। बुर्का, संपर्क और संभावित सरेंडर की चर्चाओं के बीच अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या पुलिस को श्रद्धा तक पहुंचने वाला कोई ठोस सुराग मिला है?
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रामनारायण चौधरी की 14वीं पुण्यतिथि पर कांग्रेस ने श्रद्धांजलि सभा आयोजित

Jhunjhunu, Rajasthan:झुंझुनूं - कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष स्व. रामनारायण चौधरी की 14वीं पुण्यतिथि - स्वर्गीय रामनारायण चौधरी की 14वीं पुण्यतिथि पर विद्यार्थी भवन में श्रद्धांजलि - विधायक रीटा चौधरी सहित कांग्रेस नेताओं और समर्थकों ने पुष्पांजलि अर्पित की - पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं मंत्री RAM Narayan Chaudhary को किया याद - दिनेश सुंडा, सुशीला सीगड़ा सहित कई कांग्रेस नेता रहे मौजूद - रीटा चौधरी बोलीं—राजनीतिक शुचिता और संस्कारों को आगे बढ़ाना लक्ष्य - जनहितैषी और किसान हितैषी नेता के संस्मरण साझा कर दी श्रद्धांजलि कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री स्वर्गीय रामनारायण चौधरी की 14वीं पुण्यतिथि रविवार को झुंझुनूं जिला मुख्यालय स्थित उनकी कर्मस्थली विद्यार्थी भवन में मनाई गई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में कांग्रेस नेताओं, कार्यकर्ताओं और जिलेभर से पहुंचे उनके समर्थकों ने स्मृति स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उपस्थित लोगों ने चौधरी साहब के जीवन, विचारों और जनसेवा से जुड़े संस्मरण साझा किए। कार्यक्रम में उनकी बेटी एवं मंडावा विधायक तथा कांग्रेस जिलाध्यक्ष रीटा चौधरी, कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष दिनेश सुंडा, पूर्व प्रधान सुशीला सीगड़ा सहित अनेक कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। वक्ताओं ने स्वर्गीय चौधरी को जनहित और किसान हितों से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देने वाला नेता बताते हुए उनके सार्वजनिक जीवन और राजनीतिक संस्कारों को याद किया। इस मौके पर मंडावा विधायक रीटा चौधरी ने कहा कि रामनारायण चौधरी की पुण्यतिथि पर हर साल श्रद्धांजलि सभा और पुष्पांजलि कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। यह दिन उनके परिवार के साथ मंडावा क्षेत्र के लोगों और कार्यकर्ताओं के लिए भी विशेष महत्व रखता है। सभी लोग एकत्रित होकर चौधरी साहब को श्रद्धांजलि देते हैं और उनके विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प लेते हैं। रीटा चौधरी ने कहा कि स्वर्गीय चौधरी ने राजनीति में शुचिता, स्वच्छता और संस्कारों को महत्व दिया। उनकी सोच थी कि राजनीति जनहित से जुड़ी होनी चाहिए और सार्वजनिक जीवन में नैतिक मूल्यों का पालन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रयास है कि चौधरी साहब के विचारों, संस्कारों और राजनीति को लेकर उनकी सोच को आगे बढ़ाया जाए। पुण्यतिथि कार्यक्रम के माध्यम से उपस्थित लोगों ने स्वर्गीय रामनारायण चौधरी के योगदान को याद करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने तथा जनसेवा के मूल्यों को बनाए रखने का संकल्प व्यक्त किया。
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राहुरी में किसानों ने मार्ग रोका; 5000 रुपये पहली किश्त और शक्कर 50 रुपये दर मांग

Shirdi, Maharashtra:हातात ऊस घेऊन शेतकरी उतरले रस्त्यावर... शेतकऱ्यांनी नगर मनमाड महामार्ग अडवला... उसाला पहिली उचल पाच हजार रुपये देण्याची मागणी... साखरेला 50 रुपये दर देण्याची मागणी... अहिल्यानगर जिल्ह्यातील राहुरी शहरात शेतकऱ्यांचे रास्तारोको आंदोलन... जोरदार घोषणाबाजी करत ऊस उत्पादक शेतकऱ्यांनी अडवला रस्ता... शिवसेना शिंदे गटाचे नेते रवींद्र मोरे यांच्या नेतृत्वात आंदोलन... आंदोलनामुळे महामार्गावर वाहतूक ठप्प... रास्ता रोको आंदोलनाचा आढावा घेत शेतकऱ्यांशी बातचीत केलीय आमचे प्रतिनिधी कुणाल जमदाडे यांनी
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बस्तर दशहरा: जगदलपुर में पांच अस्थाई पार्किंग स्थल शुरू, जाम के बीच राहगीर राहत की उम्मीद

Jagdalpur, Chhattisgarh:बस्तर दशहरा के दौरान जगदलपुर शहर में बढ़ती भीड़ और पार्किंग की अव्यवस्था लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही है, शहर के प्रमुख मार्गों और बाजार क्षेत्रों में वाहनों की बढ़ती संख्या से जाम की स्थिति भी निर्मित हो रही, जिसकी वजह से स्थानीय नागरिकों के साथ ही बाहर से आने वाले पर्यटकों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, इस समस्या को देखते हुए नगर निगम ने बस्तर दशहरा के मद्देनजर पांच अस्थाई पार्किंग स्थल तैयार किए हैं, लेकिन प्रचार प्रसार नहीं होने से इन पार्किंग स्थलों का उपयोग लोग नहीं कर पा रहे, ऐसे में शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है, नगर निगम की ओर से बनाए गए पांच अस्थाई पार्किंग स्थलों का उद्देश्य वाहनों को व्यवस्थित तरीके से खड़ा कराना और मुख्य सड़कों पर लगने वाले जाम को कम करना है, नगर निगम के द्वारा पुराना बस स्टैंड स्थित डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी व्यवसायिक परिसर के बेसमेंट , प्रतापगंज पारा स्थित रिक्त भूमि , जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, गोल बाजार में नवनिर्मित निगम बिल्डिंग के पास एवं अफसरा लॉज के पास अस्थाई पार्किंग स्थल बनाए गए गए है, अब देखना होगा कि यह व्यवस्था लोगों को पार्किंग की समस्या से कितनी राहत दिला पाती है।
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कम भूमि में बड़ी इलायची से किसानों की आय बढ़ाने वाला बिलासपुर का मॉडल

Bilaspur, Chhattisgarh:कम भूमि में अधिक आय का बेहतर विकल्प बनी बड़ी इलायची की खेती, बिलासपुर जिला के करोट गांव निवासी किसान प्रेम लाल ठाकुर पिछले लगभग 20 वर्षों से बड़ी इलायची की खेती कर रहे हैं। लगभग एक बीघा जमीन में प्रतिवर्ष औसतन 2 से 3 क्विंटल बड़ी इलायची का उत्पादन कर रहे हैं और बाजार में लगभग 1,800 रुपये प्रति किलोग्राम तक दाम मिल रहे हैं। वे बताते हैं कि ऐसी वैकल्पिक फसल कम भूमि वाले किसानों के लिए आय का अच्छा विकल्प बन सकती है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां पारंपरिक फसलें कम उपज देती हैं। बड़ी इलायची की तुड़ाई सामान्यतः नवंबर-दिसंबर माह में की जाती है, उसके बाद सफाई, धुलाई और सुखाने की प्रक्रियाएं होती हैं ताकि बिक्री के लिए गुणवत्तापरक उत्पाद बन सके। बड़ी इलायची मसालों के साथ-साथ औषधीय उत्पादों में भी प्रयुक्त होती है और बाजार में इसकी मांग बनी रहती है। यह फसल जंगली जानवरों और पक्षी द्वारा कम नुकसान पहुँचाती है, जिससे किसानों के लिए आय बढ़ाने का एक अहम जरिया बन सकती है। युवा पीढ़ी भी खेती को स्वरोजगार और आय अर्जन के अवसर के रूप में देख सकती है। ऐसी वैकल्पिक फसल कम भूमि वाले किसानों के लिए भी आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत बन सकती है, बशर्ते भूमि, जलवायु, पानी की उपलब्धता और बाजार स्थिति इसके अनुकूल हों। प्रदेश सरकार प्राकृतिक तौर पर उगाए गए गेहूं, मक्का, जौ, हल्दी तथा अदरक के न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रदान कर रही है ताकि किसानों की आर्थिकी सुदृढ़ हो सके।
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