देवास जिला अस्पताल के मेटरनिटी वार्ड का निरीक्षण, विधायक ने दिए जरूरी निर्देश
Dewas, Madhya Pradesh:देवास जिला अस्पताल के मेटरनिटी वार्ड का निरीक्षण विधायक गायत्री राजे पवार और कलेक्टर ऋषभ गुप्ता ने किया। इस दौरान अस्पताल की व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। विधायक गायत्री राजे पवार ने बताया कि मेटरनिटी वार्ड में रात के समय पुरुषों के प्रवेश पर रोक लगाई जाएगी। साथ ही, अस्पताल में डॉक्टरों की कमी को लेकर प्रदेश सरकार को पत्र लिखकर जानकारी दी जाएगी। निरीक्षण के बाद अस्पताल के स्टाफ को भी जरूरी निर्देश दिए गए।
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सीतापुर में 17 साल की शादी के बाद पति ने पत्नी को प्रेमी के साथ जाने दी
Sitapur, Uttar Pradesh:सीतापुर के मिश्रिख में एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां 17 साल की शादी के बाद पति ने अपनी पत्नी को उसके प्रेमी के साथ जाने की इजाजत दे दी। पत्नी 22 दिन पहले घर से चली गई थी। वापस लौटी तो उसने पति के सामने प्रेमी के साथ रहने की इच्छा जाहिर की। इसके बाद पति ने खुद उसे विदा कर दिया। मामला मिश्रिख तहसील क्षेत्र का है। विपिन भार्गव के मुताबिक, उसकी शादी 12 मार्च 2009 को हुई थी। उनके दो बच्चे हैं, जिनकी उम्र 16 और 14 साल है। विपिन ने बताया कि पत्नी के घर से चले जाने के बाद उसने गुमशुदगी दर्ज कराई थी। 22 दिन बाद पत्नी लौटी तो उसने अम्बेडकर नगर निवासी राहुल के साथ जाने की बात कही। विपिन के अनुसार, दोनों की दोस्ती फेसबुक के जरिए हुई थी। इसके बाद तहसील परिसर में कागजी कार्रवाई हुई। फिर हनुमान मंदिर के सामने दोनों ने एक-दूसरे को माला पहनाई। विपिन ने खुद पत्नी को गाड़ी में बैठाया और दिल्ली के लिए विदा कर दिया। विपिन का कहना है कि अब उसका पत्नी से कोई लेना-देना नहीं है और दोनों अपनी जिंदगी में खुश रहें।जालौन के खेत में ट्यूबवेल के करंट से बुजुर्ग की मौत, परिवार शोक
Jalaun, Uttar Pradesh:जालौन के सिरसाकलार थाना क्षेत्र के ग्राम लोना में खेत पर बने ट्यूबवेल में काम करते समय बिजली का करंट लगने से 70 वर्षीय बुजुर्ग की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। वहीं, घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। दरअसल, ग्राम लोना निवासी जीत सिंह अपने खेत पर बने ट्यूबवेल में काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक वह बिजली के करंट की चपेट में आ गए। करंट लगने से उनकी हालत गंभीर हो गई और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। हादसे के बाद परिजनों को घटना की जानकारी मिली तो घर में मातम छा गया। जीत सिंह की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनके दो बेटे और तीन बेटियां हैं। पिता की असमय मौत से बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और उन्हें सांत्वना देने के लिए ग्रामीण पहुंच रहे हैं। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बुजुर्ग की अचानक हुई मौत से गांव में शोक का माहौल है।रुदौली में चाय की चर्चा: 2027 के लिए भाजपा बनाम समाजवादी पार्टी का मूड
Ayodhya, Uttar Pradesh:अयोध्या में चाय पर चुनावी चर्चा का माहौल पूरी तरह गरम है भले ही अभी चुनाव की तारीख नही आई है।लेकिन माहौल बनना शुरू हो गया है आज हम बात कर रहे है रूदौली विधानसभा की जहा से रामचंद्र यादव बीजेपी से तीन बार के लगातार विधायक है।और यह सीट पूर्व के दिनों में सपा की गढ़ मानी जाती थी लेकिन इस बार क्या रुदौली में मौजूदा विधायक के कामकाज से जनता संतुष्ट है? क्या सड़क, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, किसानों की समस्याएं और स्थानीय विकास चुनावी मुद्दे बनेंगे? समाजवादी पार्टी की दावेदारी और विपक्ष की रणनीति का कितना असर होगा?इन सवालों के जवाब किसी राजनीतिक दफ्तर में नहीं, बल्कि जनता के बीच मिलेंगे। चाय की दुकान होगी, चाय की चुस्की होगी और होगी खुलकर चुनावी चर्चा। तो चलिए, सीधे रुदौली चलते हैं, जहां हमारे संवाददाता प्रवेश पांडेय जनता के बीच पहुंचकर जानेंगे—रुदौली का मूड क्या है और 2027 के लिए जनता के मन में क्या है? जब हमारी टीम ग्राउंड जीरो पर पर उतर कर लोगो की राय टटोलने की कोशिश की तो उसमें बीजेपी का पलड़ा भारी दिखा है यही नही चाय की दुकान पर बैठे मुस्लिम मतदाता ने कहा बीजेपी ने जो किया वह किसी पार्टी ने नही किया बीजेपी में सबका साथ सबका विकास होता है।यही मुस्लिम मतदाता ने अखिलेश यादव को लेकर कही दी बड़ी बातNH-139 फोरलेन मंजूर: पटना-औरंगाबाद से पलामू तक विकास रफ्तार पाएगा
Chhatrapati Sambhajinagar, Maharashtra:पटना से अरवल और औरंगाबाद होते हुए झारखंड के पलामू जिले को जोड़ने वाली एन एच-139 के फोरलेन निर्माण योजना को केंद्र सरकार की मंजूरी मिल गई है। स्वीकृति मिलते ही औरंगाबाद वासियों की चीर प्रतीक्षित मांग तो पूरी हो ही गई, इलाके के विकास में एक नया आयाम भी जुड़ गया है। पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह ने बताया कि इसके निर्माण का रास्ता अब साफ हो गया है। जल्द ही इसका टेंडर होगा और निर्माण कार्य की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। उन्होंने कहा कि बिहार को झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ तथा उत्तर प्रदेश से जोड़नेवाली इस सड़क का फोरलेन हो जाने से आवागमन तो सुगम होगा ही, विकास को भी रफ्तार मिलेगी। गौरतलब है कि पूर्व में इस फोरलेन को लेकर कई बार फंसे पेंच के बाद इस दफे मिली मंजूरी के बाद अब औरंगाबाद से पटना जाने के समय मे भी राहत मिलेगी और प्रतिदिन हो रहे सड़क हादसों से होनेवाले मौत वे आंकड़ो में भी कमी आएगी।गया के मंगलागौरी शक्तिपीठ में भक्तों की आस्था बरकरार
Gaya, Bihar:पालनपीठ के रूप में प्रसिद्ध है मां मंगलागौरी मंदिर, यहां पूरी होती है भक्तों की हर मनोकामना. गया की पावन नगरी की मान्यता हिन्दू धर्मलबियों के एक अलग ही पहचान और इतिहास के रूप में देखा जाता है और यहां आस्था का मुख्य केंद्र है मां के दरबार में आकर जो भी सच्चे मन से मां की पूजा व अर्चना करते हैं, मां उस भक्त पर खुश होकर उसकी हर मनोकामना को पूर्ण करती है. नवरात्र के मौके पर प्रत्येक देवी स्थानों पर भक्तों की भारी भीड़ इकट्ठा हो रही है. ऐसे में बिहार के गया शहर से कुछ ही दूरी पर भस्मकूट पर्वत पर स्थित शक्तिपीठ मां मंगलागौरी मंदिर पर सुबह से ही भक्तों का तांता लग जाता है. मान्यता है कि यहां मां सती का वक्ष स्थल गिरा था, जिस कारण यह शक्तिपीठ 'पालनहार पीठ' या 'पालनपीठ' के रूप में प्रसिद्ध है. पौराणिक ग्रंथों के मुताबिक, भगवान भोले शंकर जब अपनी पत्नी सती का जला हुआ शरीर लेकर तीनों लोकों में उद्विग्न होकर घूम रहे थे तो सृष्टि को बचाने के लिए भगवान विष्णु ने मां सती के शरीर को अपने सुदर्शन चक्र से काटा था. इसी क्रम में मां सती के शरीर के टुकड़े देश के विभिन्न स्थानों पर गिरे थे, जिन्हें बाद में शक्तिपीठ के रूप में जाना गया. इन्हीं स्थानों पर गिरे हुए टुकड़े में स्तन का एक टुकड़ा गया के भस्मकूट पर्वत पर गिरा था. इस शक्तिपीठ को असम के कामरूप स्थित मां कमाख्या देवी शक्तिपीठ के समान माना जाता है कालिका पुराण के अनुसार, गया में सती का स्तन मंडल भस्मकूट पर्वत के ऊपर गिरकर दो पत्थर बन गए थे. इसी प्रस्तरमयी स्तन मंडल में मंगलागौरी मां नित्य निवास करती हैं जो मनुष्य शिला का स्पर्श करते हैं, वे अमरत्व को प्राप्त कर ब्रह्मलोक में निवास करते हैं. इस शक्तिपीठ की विशेषता यह है कि मनुष्य अपने जीवन काल में ही अपना श्राद्ध कर्म यहां संपादित कर सकता है और उसकी हर मनोकामना को पूर्ण करती हैं. मां मान्यता है कि इस मंदिर में आकर जो भी सच्चे मन से मां की पूजा व अर्चना करते हैं, मां उस भक्त पर खुश होकर उसकी मनोकामना को पूर्ण करती है. ऐसी मान्यता है कि यहां पूजा करने वाले किसी भी भक्त को मां मंगला खाली हाथ नहीं भेजतीं. इस मंदिर में साल भर श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रहती है. यहां गर्भगृह में ऐसे तो काफी अंधेरा रहता है, परंतु כאן वर्षो से एक दीप प्रज्वलित हो रहा है. कहा जाता है कि यह दीपक कभी बुझता नहीं है. इस मंदिर में सिर्फ स्थानीय नहीं, बल्कि विदेशी भी आकर मां मंगला गौरी में पूजा अर्चना करते हैं. माता... चढ़कर ऊपर जाना पड़ता है. पुराणों में भी है इस मंदिर का उल्लेख पद्म पुराण, वायु पुराण, अग्नि पुराण आदि में. तांत्रिक कार्यों में भी इस मंदिर को प्रमुखता दी जाती है. हिंदू संप्रदाय में इस मंदिर में शक्ति का वास माना जाता है. इस मंदिर में उपa शक्ति पीठ भी है, जिसे भगवान शिव के शरीर का हिस्सा माना जाता है. शक्ति पोषण के प्रतीक को एक स्तन के रूप में पूजा जाता है. कई और भी मंदिर हैं...नवरात्र की संधि पूजा खत्म होने के बाद मां-मां कहकर फूट-फूट कर रो पड़े तृणमूल सांसद कल्याण बनर्जी
Hooghly, West Bengal:श्रीरामपुर: तृणमूल सांसद कल्याण बनर्जी श्रीरामपुर 5 और 6 नंबर पल्ली गोष्ठी और व्यवसायी समिति की दुर्गा पूजा के मुख्य संरक्षक थे। हर साल श्रीरामपुर स्टेशन से सटे आरएमएस मैदान में बड़े पैमाने पर पूजा का आयोजन करते थे। कल्याण अष्टमी और नवमी की संधि बेला में इस पूजा में हर साल भावुक होकर रो पड़ते थे।
सत्ता पलट के बाद आरएमएस मैदान की पूजा अब बीजेपी के हाथ में है। इस बार उस पूजा में कल्याण बनर्जी को जगह नहीं मिली। श्रीरामपुर में ही जिस आवास में वे रहते हैं, उसी गंगा दर्शन आवास की पूजा में कल्याण बनर्जी के आंसू देखने को मिले।
(जी न्यूज ब्यूरो रिपोर्ट)
