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HGHarish GuptaFollow15 Sept 2024, 10:44 am
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कुम्हरार सेवा सहायता पोर्टल से जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान, बीजेपी ने लोकार्पण किया

Patna, Bihar:पटना में कुम्हरार विधानसभा क्षेत्र की जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए कुम्हरार सेवा सहायता पोर्टल – आपका विधायक आपके साथ की शुरुआत की गई। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने इस जनसमस्या निवारण ऐप का लोकार्पण किया। कार्यक्रम में बीजेपी बिहार प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी और कुम्हरार विधायक संजय गुप्ता समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। इस मौके पर बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि बीजेपी का मूल मंत्र सेवा और संकल्प है। पार्टी का उद्देश्य समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समाज के सभी वर्गों के विकास के लिए काम किया है और EWS आरक्षण से लाखों लोग लाभान्वित हुए हैं。
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घूंघट पर आजादी: ग्रामीण महिलाओं की पंचायत चुनाव में सशक्तिकरण की जद्दोजहद

Jaipur, Rajasthan:एंकर। महिलाएं अभी भी घूंघट से आज़ाद नहीं हो पाई हैं गांवों में आधी आबादी पंचायत चुनाव के बीच घूंघट के पर्दे से आजादी की जद्दोजहद करती दिखाई दे रही हैं। पर समाज और परम्पराओं का हवाला देकर उन्हें खुली हवा में सांस लेने की छूट मिलती फिलहाल दिखाई नहीं दे रही आधी आबादी पर अभी भी घूंघट का पहरा है। पंचायत चुनावों के बीच नारी शक्ति इस अंदाज में दिख रही तस्वीरें है। पुरुषों के बराबर बैठने का हक तो महिलाओं ने हासिल कर लिया है पर घूंघट से बाहर निकलकर अपने फैसले खुद लेने के लिए उसे अब भी काफी वक्त की दरकार है। दूदू पंचायत समिति का चुनाव लड़ रही संतोष देवी घूंघट की अब भी कैद में है। जबकि पास में बैठी पूर्व प्रधान और जिला परिषद की उम्मीदवार संतोष कड़वा बरसों पहले घूंघट की बंदिशों से आजादी हासिल कर चुकी है। जहां जहां भी ये प्रत्याशी प्रचार पर जा रहीं हैं। वहां पुरुष प्रधान समाज का ही दबदबा नजर आ रहा है। घूंघट को महिलाओं की इज्जत से जोड़कर उन्हें पर्दे में ही रहने को मज़बूर किया जा रहा है। वो गांव की चौपाल पर बैठ मतदाताओं के सामने वोट की गुज़ारिश तो कर रही है पर अब भी मंच पर वो संतोष कड़वा जैसी भाग्यशाली नहीं हैं संतोष कड़वा ने दूदू के इस पिछड़े इलाक़े में महिला सशक्तिकरण की मिसाल पेश की। घूंघट से परिवार ने आजादी दी तो उन्होंने प्रधान बनकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का मार्ग दिखाया। पर दूसरी तरफ उनकी बगल में बैठी संतोष देवी को देखिये, अब भी माइक उनकी पहुंच से दूर है। न ही वो कुछ बोलने का ऐसा कोई आग्रह करती। बस पंचायती पतिदेव को करनी है। बस संतोष देवी का घूंघट में बंद चेहरा ही उनकी उम्मीदवारी की पहचान है। बाइट। संतोष देवी। पंचायत समिति उम्मीदवार बाइट। संतोष देवी के पति जहां जहां भी चु प्रचार पर जा रहीं हैं। वहां पुरुष प्रधान समाज का ही दबदबा नजर आ रहा है। घूंघट को महिलाओं की इज्जत से जोड़कर उन्हें पर्दे में ही रहने को मज़बूर किया जा रहा है। वो गांव की चौपाल पर बैठ मतदाताओं के सामने वोट की गुज़ारिश तो कर रही है पर अब भी मंच पर वो संतोष कड़वा जैसी भाग्यशाली नहीं हैं संतोष कड़वा ने दूदू के इस पिछड़े इलाक़े में महिला सशक्तिकरण की मिसाल पेश की। घूँघट से परिवार ने आजादी दी तो उन्होंने प्रधान बनकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का मार्ग दिखाया। पर दूसरी तरफ उनकी बगल में बैठी संतोष देवी को देखिये, अब भी माइक उनकी पहुंच से दूर है। न ही वो कुछ बोलने का ऐसा कोई आग्रह करती। बस पंचायती पतिदेव को करनी है। बस संतोष देवी का घूंघट में बंद चेहरा ही उनकी उम्मीदवारी की पहचान है।
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जीण भवानी माता के शारदीय नवरात्र मेले में भक्तों की भारी भीड़

Sikar, Rajasthan:जिला सीकर विधानसभा दातारामगढ़ लोकेशन दातारामगढ़ ओमेंद्र सिंह skr02 9829898385 अरावली की पहाड़ियों में स्थित शेखावाटी जनपद के प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां जीण भवानी का शारदीय नवरात्र मेला पूरे परवान पर सीकर जिले के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल जीण माता में नौ दिवसीय नवरात्रि मेले का आज सातवां दिन है मंदिर पुजारी मधुसूदन ने बताया कि मां जीण भवानी का शाही पोशाक से भव्य श्रृंगार किया गया। मंगला आरती के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन किए। माता के दर्शन के लिए राजस्थान सहित विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी है। अब तक लाखों श्रद्धालु माता के दरबार में शीश नवाकर दर्शन कर चुके हैं। सुबह मंगला आरती के साथ ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने लगी और मां जीण भवानी के जयकारों से जीण धाम भक्तिमय हो उठा। माता के प्रति श्रद्धालुओं की अटूट आस्था मेले में देखने को मिल रही है। कई श्रद्धालु गोरिया से करीब 16 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर माता के दरबार में पहुंच रहे हैं। कोई पैदल चलकर तो कोई पेट पलानियां करता हुआ मैया के दरबार में हाजिरी लगा रहा है। एक श्रद्धालु घुटनों के बल चलते हुए जलता हुआ दीपक लेकर माता के दरबार पहुंचा, जो श्रद्धा और भक्ति का विशेष दृश्य रहा। भक्तों के कदम थकान की परवाह किए बिना माता के दर्शन की ओर बढ़ते रहे। श्रद्धालु मां जीण भवानी को चूड़ा-चुंदड़ी, फूल-मालाएं और प्रसाद अर्पित कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना कर रहे हैं। मंदिर परिसर में ‘एक, दो, तीन, चार, मैया तेरी जय-जयकार’ और ‘जब तक सूरज-चांद रहेगा, जीण भवानी तेरा नाम रहेगा’ जैसे गगनभेदी जयकारों से वातावरण गुंजायमान हो रहा है। जीण माता के दर्शन के साथ श्रद्धालु काजल शिखर और हर्षनाथ भैरव के दर्शन करने भी पहुंच रहे हैं। रविवार को अष्टमी के अवसर पर श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए प्रशासन और संबंधित विभाग सतर्क हैं। मेले में श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुचारु दर्शन व्यवस्था बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मां जीण भवानी के जयकारों के बीच श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी है।
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खाटू श्यामजी में नवरात्रि की धूम, गरबा-डांडिया से भक्तों का उत्साह बढ़ा

Sikar, Rajasthan:खाटू श्यामजी सीकर। खाटूधाम सहित आसपास के गांवों में नवरात्रि की धूम, माता के दरबार में गूंज रहे जयकारे,काशीदा बावड़ी, अलोदा और खाल्डाधाम में धार्मिक आयोजनों की छटा, डांडिया-गरबा महोत्सव में झूम रहे श्रद्धालु, सीकर जिले की धार्मिक नगरी खाटूश्यामजी सहित आसपास के गांवों में नवरात्र पर्व धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। क्षेत्र के काशीदा बावड़ी, अलोदा और खाल्डाधाम स्थित भर्तृहरि बाबा धाम मंदिर सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों पर दुर्गा पूजा महोत्सव के तहत अनेक धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। माता रानी के दरबार सजाए गए हैं जहां श्रद्धालु पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना कर रहे हैं।गांव अलोदा के श्री गोपीनाथ मंदिर चौक में दुर्गा पूजा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। यहां प्रतिदिन माता रानी का विशेष श्रृंगार किया जा रहा है। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना और दुर्गा सप्तशती के पाठ से वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। शाम को आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों में श्रद्धालु बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं। वहीं गरबा महोत्सव में श्रद्धालु भक्ति गीतों की धुन पर गरबा और डांडिया करते नजर आ रहे हैं।इसी प्रकार खाल्डाधाम स्थित भर्तृहरि बाबा धाम temple में राजेंद्र महाराज के सानिध्य में नवरात्रि के अवसर पर धार्मिक आयोजन हो रहे हैं। काशीदा बावड़ी सहित क्षेत्र के अन्य धार्मिक स्थलों पर भी माता रानी की आराधना और पूजा-अर्चना का दौर जारी है। नवरात्रि पर्व को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। मंदिरों में माता के दर्शनों के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। भक्ति गीतों, माता के जयकारों और धार्मिक अनुष्ठानों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में सराबोर हो रहा है.
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इंटर कॉलेज के बाहर दो गुटों की हिंसक भिड़ंत, छह छात्रों के विरुद्ध मुकदमा

Bareilly, Uttar Pradesh:इंटर कॉलेज के बाहर छात्रों के दो गुटों में मारपीट, छह के खिलाफ मुकदमा बरेली। रिठौरा कस्बे के दरबारी लाल शर्मा इंटर कॉलेज में कक्षा 12 के छात्रों के दो गुटों के बीच कहासुनी के बाद जमकर मारपीट हुई। कॉलेज के बाहर सड़क किनारे दोनों गुटों के छात्रों ने एक-दूसरे पर लात-घूंसे चलाए। मारपीट में छात्र अरसलान घायल हो गया। उसकी तहरीर पर पुलिस ने छह छात्रों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। जानकारी के अनुसार, कॉलेज में कक्षा 12 के छात्रों के दो गुटों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। देखते ही देखते कहासुनी गाली-गलौज में बदल गई। इसके बाद दोनों गुट कॉलेज के बाहर सड़क किनारे आमने-सामने आ गए और उनके बीच मारपीट शुरू हो गई। इस दौरान अरसलान घायल हो गया। घटना के बाद पीड़ित छात्र ने पुलिस से शिकायत की। रिठौरा चौकी इंचार्ज राजीव शर्मा ने बताया कि छात्र अरसलान की तहरीर के आधार पर आधा दर्जन छात्रों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई कर रही है। छात्रों में बढ़ती आक्रामकता चिंता का विषय छोटी-छोटी बातों पर छात्रों के बीच विवाद और फिर मारपीट की घटनाएं चिंता बढ़ा रही हैं। जिस उम्र में विद्यार्थियों को पढ़ाई और अपने भविष्य पर ध्यान देना चाहिए, उस उम्र में गुस्से और आपसी मतभेदों के कारण हिंसक घटनाएं सामने आना गंभीर सवाल खड़े करता है। ऐसे में परिवार, शिक्षकों और समाज की जिम्मेदारी है कि वे विद्यार्थियों को संयम, संवाद और आपसी सम्मान का महत्व समझाएं। गुस्से में उठाया गया एक कदम न केवल किसी को शारीरिक चोट पहुंचा सकता है, बल्कि छात्रों के भविष्य पर भी असर डाल सकता है।
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5200 करोड़ के टैक्स-छूट और LD विवाद: जल जीवन मिशन के प्रोजेक्ट्स ठप

Jaipur, Rajasthan:जयपुर-जेजेएम में वित्तीय संकट के कारण सरकार ने सिक्योरिटी डिपॉजिट(SD) की छूट दी थी, ताकि करोडों के प्रोजेक्ट्स पर असर ना पड़े. जल महकमे में इस छूट की राशि के आदेश भी जारी नहीं किए, जिससे जल जीवन मिशन 90% योजनाएं प्रभावित हो रही हैं. जल जीवन मिशन से गांव ढाणियों तक पहुंचने वाली योजनाओं पर ब्रेक लग गया. SD की छूट भी अटक गई: 26 हजार करोड़ के पेयजल प्रोजेक्ट्स में 10 प्रतिशत सिक्योरिटी डिपॉजिट रूका हुआ है. वित्त विभाग ने 1 अक्टूबर को आदेश दिए थे, लेकिन पीएचईडी ने अब तक आदेश नहीं निकाला. इससे JJEM के 90% प्रोजेक्ट्स प्रभावित हो रहे हैं. यह छूट चालू वित्त वर्ष के लिए दी गई है. जानकारों के मुताबिक 2600 करोड़ की सिक्योरिटी डिपॉजिट अटक है. SD की यह छूट वित्त विभाग ने दी: कार्य पूरा होने पर ................SD छूट 50% या इससे अधिक..........25% तक 75% या इससे अधिक............. 50% 100 % ............. 60% क्या होती है सिक्योरिटी डिपॉजिट टेंडर में सिक्योरिटी डिपॉजिट (SD) वह गारंटी राशि होती है,जो रनिंग बिल में कंपनी या फर्मो द्धारा जमा करवाई जाती है.विभाग द्वारा यह इसलिए ली जाती है कि ताकि फर्म समय पर और अच्छी गुणवत्ता के साथ काम पूरा करे.यदि काम अधूरा छोड़ दिया जाता है या तय मानकों के अनुसार नहीं होता तो हर्जाना वसूलने के लिए इस राशि का उपयोग किया जाता है.पीएचईडी ने रनिंग बिल के साथ 10 प्रतिशत SD ली जाती है.आम तौर पर SD वर्क कम्पलीशन के 1 साल बाद लौटाई जाती है.लेकिन वित्तीय संकट के बीच पीएचईडी में पहले से लौटने की छूट गई दी. टैक्स,पेनल्टी,PV का पेंच फंसा: SD छूट के अलावा पीएचईडी में टैक्स यानी जीएसटी,पेनल्टी और प्राइस वेरीएशन का पेंच भी फंसा हुआ है. 1.प्राइस वेरिएशन(PV)-दुनिया में फाइनेंस क्राइसिस के कारण स्टील समेत कई वस्तुए महंगी हो गई.अनुबंध करते समय और मौजूदा रेट्स में फर्क पड़ा.जिस कारण मेटेरियल की लागत बढ़ी.जिन टैंडरों में पीवी की शर्त है,उनका पैमेंट का विवाद फंसा हुआ है.इसके अनुमानित आकंडे सामने नहीं आए. 2.GST के 6% पर विवाद-10 जुलाई 2022 के बाद से वर्क कॉन्ट्रेक्ट पर जीएसटी 12 प्रतिशत से बढकर 18 प्रतिशत किया गया.नियमों के मुताबिक क्लोज 36E के तहत जब अनुबंध किया गया,उतना ही जीएसटी कंपनी देनी.लेकिन इसके बावजूद फर्मों को 6 प्रतिशत ज्यादा जीएसटी देना पडा.अब 1100 करोड के जीएसटी पर विवाद गरमाया है. 3.लेट डिलीवरी(LD) पर पेनच फंसा-अनुबंध की शर्तों के मुताबिक यदि कोई कॉन्ट्रैक्टर समय पर कॉन्ट्रैक्ट पूरा नहीं कर पाता तो उसे लेट डिलीवरी यानि पैनल्टी वसूली जाती है.लेकिन जल विभाग में वित्तीय संकट या बजट ना मिलने के कारण कॉन्ट्रैक्टर तय समय पर काम नहीं कर पाए.ऐसे में कई प्रोजेक्ट्स में फर्मों पर पैनल्टी लगाई.करीब 1500 करोड की एलडी लगाई गई.इस पर विवाद गरमाया हुआ है.करीब 5200 करोड की छूट और टैक्स को लेकर पेयजल प्रोजेक्ट्स में विवाद छिडा हुआ है.यानि पेयजल महकमे का वित्तीय ढांचा और मैनेजमेंट बुरी तरह से बिगड़ा हुआ है.
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दुष्काळ से आत्महत्या करने वाले चंद्रपूर के चार किसान परिवारों को शिवसेना ने प्रत्येक को 50 हजार रुपये दिए

Chandrapur, Chhattisgarh:दुष्काळामुळे आत्महत्या केलेल्या चंद्रपूर जिल्ह्यातील चार शेतकरी कुटुंबांना शिवसेनेकडून प्रत्येकी 50 हजार रुपये मदतीचं वाटप अँकर: नवरात्रीनिमित्त दरवर्षी आयोजित करण्यात येणारा चंद्रपुरातील दांडिया उत्सव रद्द करून आत्महत्याग्रस्त शेतकऱ्यांच्या कुटुंबीयांना प्रत्येकी 50 हजार रुपये देण्याचा निर्णय चंद्रपूर जिल्ह्यातील शिवसेना उबाठा पक्षाने जाहीर केला होता. शिवसेनेने केलेल्या घोषणेप्रमाणे आज या आत्महत्याग्रस्त Shेतकऱ्यांच्या कुटुंबीयांना शिवसेनेच्या कार्यकर्त्यांनी थेट घरी जाऊन 50 हजार रुपयांची रक्कम हातात सोपवली. चंद्रपूर शहरात गेल्या अनेक वर्षांपासून शिवसेनेच्या वतीने जय भवानी दांडिया उत्सव आयोजित करण्यात येतो मात्र यावर्षी दुष्काळाची परिस्थिती पाहून शिवसेनेने हा दांडिया उत्सव रद्द करून दांडिया आयोजनाची रक्कम आत्महत्याग्रस्त शेतकऱ्यांच्या कुटुंबीयांना आणि गरजू शेतकऱ्यांना देण्याचा उपक्रम जाहीर केला. त्याप्रमाणे आज चंद्रपूर जिल्ह्यातील मारडा आणि वेळवा या दोन गावातील आत्महत्याग्रस्त शेतकऱ्यांच्या कुटुंबीयांना प्रत्येकी 50 हजार रुपयांची रक्कम सोपविण्यात आली.
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अमृतसर के गुरु नानक स्टेडियम में खेल वतन पंजाब दीयों का चतुर्थ सीज़न सफल आयोजन

Amritsar, Punjab:ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ ਦੇ ਗੁਰੂ ਨਾਨਕ ਸਟੇਡੀਅਮ ਵਿੱਚ ਸੂਬਾ ਪੱਧਰੀ ‘ਖੇਡਾਂ ਵਤਨ ਪੰਜਾਬ ਦੀਆਂ’ (ਸੀਜ਼ਨ-4) ਦਾ ਸਫਲ ਆਯੋਜਨ ਕੈਬਨਿਟ ਮੰਤਰੀ ਹਰਭਜਨ ਸਿੰਘ ਈਟੀਓ ਨੇ ਕਿਹਾ— ਤੀਰਅੰਦਾਜ਼ੀ ਅਤੇ ਰਗਬੀ ਮੁਕਾਬਲਿਆਂ ਵਿੱਚ ਲਗਭਗ 3,000 ਖਿਡਾਰੀ ਦਿਖਾ ਰਹੇ ਹਨ ਆਪਣਾ ਦਮਖਮ। ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਖਿਡਾਰੀਆਂ ਨੂੰ ਖੇਡਾਂ ਦਾ ਸਾਮਾਨ ਖਰੀਦਣ ਲਈ ਸਿੱਧੇ ਬੈਂਕ ਖਾਤਿਆਂ ਵਿੱਚ ਵਿੱਤੀ ਸਹਾਇਤਾ ਭੇਜੀ ਗਈ। ਨੌਜਵਾਨਾਂ ਨੂੰ ਖੇਡਾਂ ਨਾਲ ਜੋੜ ਕੇ ਨਸ਼ਿਆਂ ਵਰਗੀਆਂ ਸਮਾਜਿਕ ਬੁਰਾਈਆਂ ਤੋਂ ਦੂਰ ਰੱਖਣ ਲਈ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਵਚਨਬੱਧ। ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ: ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਨੌਜਵਾਨਾਂ ਨੂੰ ਖੇਡ ਸੱਭਿਆਚਾਰ ਨਾਲ ਜੋੜਨ ਅਤੇ ਸੂਬੇ ਵਿੱਚ ਖੇਡਾਂ ਨੂੰ ਉਤਸ਼ਾਹਿਤ ਕਰਨ ਦੇ ਉਦੇਸ਼ ਨਾਲ ਸ਼ੁਰੂ ਕੀਤੀਆਂ ‘ਖੇਡਾਂ ਵਤਨ ਪੰਜਾਬ ਦੀਆਂ’ ਦੇ ਚੌਥੇਸੀਜ਼ਨ ਦੇ ਸੂਬਾ ਪੱਧਰੀ ਮੁਕਾਬਲਿਆਂ ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ ਦੇ ਪ੍ਰਸਿੱਧ ਗੁਰੂ ਨਾਨਕ ਸਟੇਡੀਅਮ ਵਿੱਚ ਪੂਰੇ ਉਤਸ਼ਾਹ ਨਾਲ ਕਰਵਾਏ ਜਾ ਰਹੇ ਹਨ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਦੇ ਕੈਬਨਿਟ ਮੰਤਰੀ ਹਰਭਜਨ ਸਿੰਘ ਈਟੀਓ ਨੇ ਮੀਡੀਆ ਨਾਲ ਗੱਲਬਾਤ ਕਰਦਿਆਂ ਪ੍ਰੋਗਰਾਮ ਸਬੰਧੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਸਾਂਝੀ ਕੀਤੀ。 ਹਰਭਜਨ ਸਿੰਘ ਈਟੀਓ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਇਸ ਵਾਰ ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ ਜ਼ਿਲ੍ਹੇ ਨੂੰ ਤੀਰਅੰਦਾਜ਼ੀ ਅਤੇ ਰਗਬੀ ਖੇਡਾਂ ਦੇ ਮੁਕਾਬਲਿਆਂ ਦੀ ਮੇਜ਼ਬਾਨੀ ਸੌਂਪੀ ਗਈ ਹੈ। ਇਨ੍ਹਾਂ ਮੁਕਾਬਲਿਆਂ ਵਿੱਚ ਹਿੱਸਾ ਲੈਣ ਲਈ ਪੰਜਾਬ ਦੇ 18 ਵੱਖ-ਵੱਖ ਜ਼ਿਲ੍ਹਿਆਂ ਤੋਂ ਲਗਭਗ 3,000 ਖਿਡਾਰੀ ਪਹੁੰਚੇ ਹਨ। ਇਹ ਖਿਡਾਰੀ ਪਹਿਲਾਂ ਬਲਾਕ ਅਤੇ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਪੱਧਰ ਦੇ ਮੁਕਾਬਲਿਆਂ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਨਦਾਰ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨ ਕਰ ਚੁੱਕੇ ਹਨ ਅਤੇ ਹੁਣ ਸੂਬਾ ਪੱਧਰ ’ਤੇ ਆਪਣੀ ਪ੍ਰਤਿਭਾ ਦਾ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨ ਕਰ ਰਹੇ ਹਨ। ਇਹ ਸੂਬਾ ਪੱਧਰੀ ਖੇਡ ਮੁਕਾਬਲੇ 23 ਨਵੰਬਰ ਤੱਕ ਲਗਾਤਾਰ ਜਾਰੀ ਰਹਿਣਗੇ。 ਕੈਬਨਿਟ ਮੰਤਰੀ ਈਟੀਓ ਨੇ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਦੀ ਅਗਾਂਹਵਧੂ ਸੋਚ ਦੀ ਸ਼ਲਾਘਾ ਕਰਦਿਆਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਮਾਨ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਸੱਤਾ ਵਿੱਚ ਆਉਂਦਿਆਂ ਹੀ ‘ਖੇਡਾਂ ਵਤਨ ਪੰਜਾਬ ਦੀਆਂ’ ਦੀ ਸ਼ੁਰੂਆਤ ਕੀਤੀ ਸੀ। ਅੱਜ ਇਨ੍ਹਾਂ ਖੇਡਾਂ ਦਾ ਚੌਥਾ ਸੀਜ਼ਨ ਵੱਡੇ ਪੱਧਰ ’ਤੇ ਕਰਵਾਇਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ, ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਬੱਚਿਆਂ ਤੋਂ ਲੈ ਕੇ 70 ਸਾਲ ਤੱਕ ਦੇ ਬਜ਼ੁਰਗਾਂ ਨੇ ਵੀ ਉਤਸ਼ਾਹ ਨਾਲ ਭਾਗ ਲਿਆ ਹੈ。 ਪੱਤਰਕਾਰਾਂ ਵੱਲੋਂ ਤੀਰਅੰਦਾਜ਼ੀ ਦੀ ਮਹਿੰਗੀ ਖੇਡ ਸਮੱਗਰੀ ਅਤੇ ਖਿਡਾਰੀਆਂ ਨੂੰ ਆਉਣ ਵਾਲੇ ਖਰਚਿਆਂ ਸਬੰਧੀ ਪੁੱਛੇ ਗਏ ਸਵਾਲ ਦਾ ਜਵਾਬ ਦਿੰਦਿਆਂ ਕੈਬਨਿਟ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਹਰ ਆਰਥਿਕ ਵਰਗ ਦੇ ਖਿਡਾਰੀ ਦੀ ਮਦਦ ਕਰ ਰਹੀ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਹੋਣਹਾਰ ਬੱਚਿਆਂ ਦੇ ਬੈਂਕ ਖਾਤਿਆਂ ਵਿੱਚ ਸਿੱਧੀ ਵਿੱਤੀ ਸਹਾਇਤਾ ਭੇਜੀ ਗਈ ਹੈ, ਤਾਂ ਜੋ ਉਹ ਬਿਨਾਂ ਕਿਸੇ ਆਰਥਿਕ ਰੁਕਾਵਟ ਦੇ ਮਿਆਰੀ ਖੇਡ ਸਾਮਾਨ ਖਰੀਦ ਸਕਣ ਅਤੇ ਆਪਣੀ ਤਿਆਰੀ ਜਾਰੀ ਰੱਖ ਸਕਣ। ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਮਾਨ ਦੀ ਸੋਚ ਹੈ ਕਿ ਪੈਸੇ ਜਾਂ ਸਾਧਨਾਂ ਦੀ ਘਾਟ ਕਾਰਨ ਕੋਈ ਵੀ ਖਿਡਾਰੀ ਪਿੱਛੇ ਨਾ ਰਹਿ ਜਾਵੇ。 ਖੇਡਾਂ ਦੀ ਮਹੱਤਤਾ ’ਤੇ ਜ਼ੋਰ ਦਿੰਦਿਆਂ ਹਰਭਜਨ ਸਿੰਘ ਈਟੀਓ ਨੇ ਨੌਜਵਾਨਾਂ ਨੂੰ ਅਪੀਲ ਕੀਤੀ ਕਿ ਉਹ ਪੜ੍ਹਾਈ ਦੇ ਨਾਲ-ਨਾਲ ਖੇਡਾਂ ਨੂੰ ਵੀ ਆਪਣੇ ਜੀਵਨ ਦਾ ਅਹਿਮ ਹਿੱਸਾ ਬਣਾਉਣ। ਖੇਡਾਂ ਵਿੱਚ ਰੁੱਝੇ ਰਹਿਣ ਨਾਲ ਨੌਜਵਾਨ ਨਸ਼ਿਆਂ ਅਤੇ ਹੋਰ ਸਮਾਜਿਕ ਬੁਰਾਈਆਂ ਤੋਂ ਦੂਰ ਰਹਿੰਦੇ ਹਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਇਹ ਵੀ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਪਿੰਡਾਂ ਅਤੇ ਸ਼ਹਿਰਾਂ ਵਿੱਚ ਖੇਡਾਂ ਦੇ ਬੁਨਿਆਦੀ ਢਾਂਚੇ ਨੂੰ ਮਜ਼ਬੂਤ ਕਰ ਰਹੀ ਹੈ। ਇਸ ਤਹਿਤ ਨਵੇਂ ਖੇਡ ਮੈਦਾਨ, ਜਿਮ ਦਾ ਸਾਮਾਨ ਅਤੇ ਆਧੁਨਿਕ ਸਟੇਡੀਅਮ ਤਿਆਰ ਕੀਤੇ ਜਾ ਰਹੇ ਹਨ。 ਅੰਤ ਵਿੱਚ ਉਨ੍ਹਾਂ ਸਾਰੇ ਖਿਡਾਰੀਆਂ ਨੂੰ ਸ਼ੁਭਕਾਮਨਾਵਾਂ ਦਿਤੀਆਂ ਅਤੇ ਉਮੀਦ ਪ੍ਰਗਟਾਈ ਕਿ ਇਹ ਖਿਡਾਰੀ ਸੂਬੇ ਅਤੇ ਦੇਸ਼ ਦਾ ਨਾਮ ਕੌਮਾਂਤਰੀ ਪੱਧਰ ’ਤੇ ਰੌਸ਼ਨ ਕਰਨਗੇ。 ਬਾਈਟ: ਕੈਬਨਿਟ ਮੰਤਰੀ ਹਰਭਜਨ ਸਿੰਘ ਈਟੀਓ
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मैनपुरी-करहल संत विवेकानंद ग्रुप ऑफ स्कूल में नवरात्रि पर नौ देवी स्वरूपों पर आधारित भव्य कार्यक्रम।

Ajay KumarAjay KumarFollow4m ago
Kanakpur, Uttar Pradesh:मैनपुर/करहल नगर के संत विवेकानंद ग्रुप ऑफ स्कूल में नवरात्रि के अवसर पर नौ देवी स्वरूपों पर आधारित भव्य और भक्तिमय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने गरबा नृत्य,काली तांडव,नौ देवी के स्वरूप तथा रामायण के पात्रों की शानदार प्रस्तुतियां दी। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की प्रबंधक श्रीमती सरिता सिंह एवं निदेशक डॉ.जे.पी.यादव ने नौ देवी स्वरूपों का पूजन और आरती कर किया। छात्राओं ने मां दुर्गा के नौ स्वरूपों का रूप धारण कर आकर्षक प्रस्तुति दी। राम,सीता,मेघनाद,भरत, शत्रुघ्न और हनुमान का सुंदर मंचन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण राम-रावण युद्ध और रावण वध एवं महिषासुर मर्दन रहा। भगवान श्रीराम द्वारा रावण वध का दृश्य प्रस्तुत होते ही पूरा विद्यालय परिसर जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा। विद्यार्थियों ने बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की जीत का संदेश दिया। निदेशक डॉ.जे.पी.यादव ने कहा कि बच्चों ने भारतीय संस्कृति और परंपराओं को सुंदर रूप में प्रस्तुत किया है। नौ देवी के नौ स्वरूप हमें शक्ति,साहस,संयम,करुणा,पवित्रता और अच्छे कर्मों की सीख देते हैं। रावण अहंकार,असत्य और बुराई का प्रतीक है,जबकि राम सत्य और धर्म के प्रतीक हैं। ज्ञान के साथ अच्छे संस्कार और प्रतिभा के साथ अच्छा चरित्र ही जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। अनन्या,पंखुड़ी,माही,माही वर्मा,वंशिका,पलक,हार्दिक कुमार,अर्णव वर्मा,युमैजा, आरव,उत्कर्ष,आराध्या सहित अनेक विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया।
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चूरू में अतिक्रमण हटाने के दौरान दुकानदार-एडवक्ता विवाद, पुलिस ने थाने तक पहुंचाया

Churu, Rajasthan:अतिक्रमण हटाने के दौरान विवाद, दुकानदार और अधिवक्ता को थाने ले गई पुलिस, गढ़ चौराहे पर अधिवक्ताओं ने किया विरोध-प्रदर्शन, सभापति से वार्ता के बाद समाप्त किया धरना, चूरू। नगर परिषद की ओर से शहर में अतिक्रमण हटाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत सफेद घंटाघर से गढ़ चौराहे तक कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान दुकानों के आगे किए गए अतिक्रमण को हटाया गया। इसी दौरान गढ़ के पास एक ज्वैलर्स की दुकान के आगे नाली पर बनी पट्टी और ऊपर स्थित अधिवक्ता के कार्यालय तक जाने वाली सीढ़ियों को हटाने को लेकर नगर परिषद अधिकारियों और दुकानदार व अधिवक्ता के बीच विवाद हो गया। दुकानदार ने दुकान के पट्टे से संबंधित कागजात दिखाते हुए कार्रवाई पर आपत्ति जताई। दुकानदार का कहना था कि दुकान पट्टे में शामिल है, ऐसे में वहां कार्रवाई नहीं की जा सकती। इसी बात को लेकर नगर परिषद अधिकारियों और दुकानदार, अधिवक्ता के बीच बहस हो गई। इसके बाद दुकानदार और अधिवक्ता दुकान के आगे बैठ गए। इस दौरान पुलिस और दुकानदार पक्ष के बीच भी बहस हो गई। मामला बिगड़ता देख पुलिस दुकानदार और अधिवक्ता को कोतवाली थाने ले गई। कुछ देर बाद पुलिस ने दुकानदार और अधिवक्ता को छोड़ दिया। घटना के विरोध में अधिवक्ताओं और दुकानदार ने विरोध प्रदर्शन किया तथा नगर परिषद अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए EO को हटाने की मांग की। मामला की सूचना मिलने पर नगर परिषद सभापति विनय गोयनका गढ़ चौराहे पहुंचे। उन्होंने अधिवक्ताओं और दुकानदार के परिजनों से बातचीत कर उनकी बात सुनी। सभापति ने कहा कि अतिक्रमण अभियान के तहत गढ़ चौराहे से सुभाष चौक तक नालियों की सफाई करवाई जाएगी। इसके बाद नालियों पर लोहे की जालियां लगाई जाएंगी, ताकि नालियों की सफाई में परेशानी नहीं हो और व्यवस्था सुचारू बनी रहे। सभापति के साथ हुई वार्ता के बाद अधिवक्ताओं ने धरना समाप्त कर दिया। इसके बाद नगर परिषद की टीम ने दोबारा अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू किया।
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5200 करोड़ टैक्स-छूट पर जल जीवन मिशन में विवाद, SD अटकने से परियोजनाएं प्रभावित

Jaipur, Rajasthan:बिजेएम में 5200 करोड़ के टैक्स-छूट पर विवाद, वित्तीय संकट से उभरने के लिए सिक्योरिटी डिपॉजिट की छूट दी, वो भी अटकी\nजयपुर- जल जीवन मिशन में वित्तीय संकट के कारण सरकार ने सिक्योरिटी डिपॉजिट(SD) की छूट दी थी ताकि करोडों के प्रोजेक्ट्स पर असर ना पडे. लेकिन जल महकमे में इस छूट की राशि के आदेश भी जारी नहीं किए, जिस कारण जल जीवन मिशन 90% योजनाएं प्रभावित हो रही है. जल जीवन मिशन से गांव ढाणियों तक पहुंचने वाली योजनाओं पर ब्रेक लग गया.. आखिरकार जेजेएम में इतना विवाद क्यों.. देखें इस एनालिसिस रिपोर्ट में!\nSD छूट वित्तीय संकट के बीच दी, वो भी अटकी-\nजल जीवन मिशन में जिस वित्तीय संकट से उभरने के लिए छूट दी, वह भी अटक गई. दरअसल जेजेएम में वित्तीय संकट पर मरहम लगाने के लिए वित्त विभाग ने सिक्योरिटी डिपॉजिट पर छूट दी थी ताकि पेयजल प्रोजेक्ट की रफ्तार बनी रहे. लेकिन जल जीवन मिशन की ये छूट भी अटक गई. जिसके कारण 26 हजार करोड के पेयजल प्रोजेक्ट्स में 10 प्रतिशत सिक्योरिटी डिपॉजिट रूका हुआ है. वित्त विभाग ने 1 अक्टूबर को सिक्योरिटी डिपॉजिट जारी करने के आदेश दिए थे, लेकिन पीएचईडी ने अब तक छूट का कोई आदेश ही नहीं निकाला. इससे जेजेएम के 90 प्रतिशत प्रोजेक्ट्स प्रभावित हो रहे हैं. यह छूट चालू वित्तीय वर्ष के लिए दी गई है. जानकारों के मुताबिक 2600 करोड की सिक्योरिटी डिपॉजिट अटका है.\nBD की ये छूट दी वित्त विभाग ने-\nकार्य पूर्ण होने पर ... SD छूट\n50% या इससे अधिक... 25% तक\n75% या इससे अधिक... 50%\n100% ... 60%\nक्या होती है सिक्योरिटी डिपॉजिट?\nटेंडर में सिक्योरिटी डिपॉजिट (SD) वह गारंटी राशि होती है, जो रनिंग बिल में कंपनी या फॉर्मो द्धारा जमा करवाई जाती है. विभाग द्वारा यह इसलिए ली जाती है ताकि फर्म समय पर और अच्छी गुणवत्ता के साथ काम पूरा करे. यदि काम अधूरा छोड़ दिया जाता है या तय मानकों के अनुसार नहीं होता तो हर्जाना वसूलने के लिए इस राशि का उपयोग किया जाता है.पीएचईडी ने रनिंग बिल के साथ 10 प्रतिशत SD ली जाती है. आम तौर पर SD वर्क कम्पलीशन के 1 साल बाद लौटाई जाती है. लेकिन वित्तीय संकट के बीच पीएचईडी में पहले ही लौटने की छूट गई दी.\nटैक्स,पेनल्टी,PV का पेंच फंसा-\nSD छूट के अलावा पीएचईडी में टैक्स यानी GST, पेनल्टी और प्राइस वैरिएशन का पेंच फंसा हुआ है.\n1.प्राइस वेरिएशन (PV)- दुनिया में फाइनेंस क्राइसिस के कारण स्टील समेत कई वस्तुएं महंगी हो गई. अनुबंध करते समय और मौजूदा रेट्स में फर्क पडा. जिसके कारण मेटेरियल की लागत बढी. जिन टैंडरों में पीवी की शर्त है, उनका पैमेंट का विवाद फंसा हुआ है. इसके अनुमानित आकंडे सामने नहीं आए.\n2.GST के 6% पर विवाद- 10 जुलाई 2022 के बाद से वर्क कॉन्ट्रेक्ट पर जीएसटी 12 प्रतिशत से बढकर 18 प्रतिशत किया गया. नियमों के मुताबिक क्लोज 36E के तहत जब अनुबंध किया गया, उतना ही जीएसटी कंपनी देनी. लेकिन इसके बावजूद फर्मों को 6 प्रतिशत ज्यादा जीएसटी देना पडा. अब 1100 करोड के जीएसटी पर विवाद गरमाया है.\n3.लेट डिलीवरी(LD) पर पैंच फंसा- अनुबंध की शर्तों के मुताबिक यदि कोई कॉन्ट्रैक्टर समय पर कॉन्ट्रेक्ट पूरा नहीं कर पाता तो उसे लेट डिलीवरी यानि पैनल्टी वसूली जाती है. लेकिन जल विभाग में वित्तीय संकट या बजट ना मिलने के कारण कॉन्ट्रैक्टर तय समय पर काम नहीं कर पाए. ऐसे में कई प्रोजेक्ट्स में फर्मों पर पैनल्टी लगाई. करीब 1500 करोड की एलडी लगाई गई. इस पर विवाद गरमाया हुआ है. करीब 5200 करोड की छूट और टैक्स को लेकर पेयजल प्रोजेक्ट्स में विवाद छिडा हुआ है. यानी पेयजल महकमे का वित्तीय ढांचा और मैनेजमेंट बुरी तरह से बिगडा हुआ है.\nनोट-इस खबर की फीड 2 सी में अटैच है.
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