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सुल्तानपुर में प्रधान पर धन उगाही और बिना नोटिस झुग्गियां गिराने का आरोप

ALOK SRIVASTAVAALOK SRIVASTAVAFollow2m ago
Sultanpur, Uttar Pradesh:सुल्तानपुर। सदर तहसील के बंधुआकला थाना क्षेत्र के मुडुई नेवादा गांव में गरीब परिवारों की झुग्गियां जेसीबी से गिराए जाने का मामला सामने आया है। बेघर हुए परिवार बुधवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे और डीएम को शिकायती पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई। पीड़ितों का आरोप है कि वे पिछले 10 से अधिक वर्षों से ग्राम सभा की जमीन पर झुग्गी और छप्पर डालकर रह रहे थे। उनका कहना है कि ग्राम प्रधान ने पहले आवासीय पट्टा दिलाने के नाम पर पैसे लिए और बाद में अतिरिक्त धनराशि की मांग की। पैसा नहीं दे पाने पर पट्टा नहीं दिया गया। पीड़ितों का आरोप है कि 28 सितंबर को बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के जेसीबी बुलाकर उनकी झुग्गियों को ध्वस्त करा दिया गया। कार्रवाई के बाद कई परिवारों के सामने रहने का संकट खड़ा हो गया है। पीड़ित परिवारों ने डीएम से मांग की है कि उन्हें जमीन से बेदखल न किया जाए, कब्जा पूर्ववत कायम रखा जाए और नियमानुसार आवासीय पट्टा दिया जाए। मामले में ग्रामीणों ने पूरे प्रकरण की जांच और न्याय की मांग की है।
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यूपी राज्यसभा उम्मीदवार पर झारखंड में सियासी घमासान

Ranchi, Jharkhand:यूपी में हो रहे राज्यसभा चुनाव को लेकर सरगर्मी बढ़ी हुई है, पर चर्चा झारखंड में भी गूंज रहा है। उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी ने राज्यसभा सांसद परिमल नाथवानी के बेटे धनराज नाथवानी को उम्मीदवार बनाया तो आवाज झारखंड कांग्रेस कोटे के मंत्री की तरफ से भी आई , कहा ये ठीक परंपरा नहीं, उम्मीदवारी कैंसिल होना चाहिए। उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव , उम्मीदवारी और नामांकन झारखंड में राजनीतिक चर्चा में है परिमल नाथवानी के बेटे को यूपी में सपा ने राज्य सभा उम्मीदवार बनाया तो झारखंड में कांग्रेस कोटे से स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने कहा, ये ठीक परंपरा नहीं है, उनका उम्मीदवारी कैंसिल होना चाहिए ,ये बिल्कुल गलत है।नाथवानी जी झारखंड से लड़ेंगे भाजपा से और यूपी में उनका बेटा लड़ेगा सपा से ,ये क्या है । बाप बेटा का देश है या व्यवसायियों का देश है। मैं कहना चाहता हूं राज्यसभा का सांसद वैसे लोगों को बनाइये जिसने पार्टी में समर्पित जीवन दे दिया , व्यवसाई को बना रहे हैं। सपा से मेरा आग्रह होगा , इंडिया ब्लॉक से हैं ,उनको कहूंगा पता कर लें अभी उनके फादर झारखंड से बीजेपी से जीते हैं उनके बेटा को सपा यूपी से उम्मीदवार बनाएगा तो क्या मैसेज जायेगा। सपा से आग्रह होगा इस निर्णय पर पुनर्विचार किया जाए। धन बल के प्रयोग से बने हैं तो दिक्कत है।
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राजभर ने IND-गठबंधन पर तंज किया, ज्ञानेश कुमार के सीईसी पर विपक्ष को जवाब चाहिए

Noida, Uttar Pradesh:Om Prakash Rajbhar मित्र RahulGandhi जी, कल आपने इंडी गठबंधन की बैठक की। ज़रा अपने दोस्त अखिलेश यादव जी से पूछियेगा कि वो ऐसा कौन सा काम कर रहे थे कि बैठक में आ ना सके। राज्यसभा का नामांकन 6 अक्टूबर तक होना है, कल ही नामांकन करने की कौन सी जल्दी थी? Chaliye मान लिया कि कल नामांकन नहीं होता तो अखिलेश जी के लिए पहाड़ टूट जाता लेकिन उनसे पूछियेगा कि अगर ख़ुद नहीं गए, तो डिंपल जी या धर्मेंद्र जी को क्यों नहीं भेजे? ये लोग यो नामांकन में भी नहीं थे。 Chaliye मान लिया कि कल नामांकन बहुत ज़रूरी था, ये भी मान लिया कि डिंपल और धर्मेंद्र जी भी बहुत ज़्यादा बिज़ी थे। ऐसे में अखिलेश जी ऑनलाइन भी तो जुड़ सकते थे, जैसे कई नेता जुड़े थे। जब आप दिल्ली में बैठक कर रहे थे, तब अखिलेश जी एसी में बैठक पीसी करके ठहाके लगा रहे थे。 अब रही बात ज्ञानेश कुमार की, जिनके नाम पर कल आप लोग इकट्ठा हुए थे। महाराज, ज्ञानेश कुमार मुख्य चुनाव आयुक्त बने फरवरी 2025 में और बीजेपी के इतिहास देख लीजिए कि उनके पहले से कितने चुनाव जीते。 आपके गुर्गे अभिजीत दीपके कह रहे हैं कि ज्ञानेश कुमार ने बीजेपी को हरियाणा, महाराष्ट्र और दिल्ली जिता दिया। उनको बताइयेगा कि इन तीनों राज्यों में चुनाव ज्ञानेश कुमार के सीईसी बनने से पहले हो चुका था। 2014, 2019 और 2024 में बीजेपी जीती, तब भी ज्ञानेश कुमार सीईसी नहीं बने थे。 इसलिए अपनी ऊर्जा ज्ञानेश कुमार पर बर्बाद करने की जगह जनता के बीच जाइए। उनके बीच जायेंगे, तभी कुछ संभावना जीत की बनेगी। वरना आरोप आरोप खेलते रहिए, आपस में लड़ते रहिए और विपक्ष में बैठे रहने के अलावा कुछ हासिल नहीं होगा。 जय भारत, जय श्रीराम, जय श्री कृष्ण, जय महाराज सुहेलदेव
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अछनेरा में घरेलू विवाद से महिला हत्या: शव घर में जलाने की बात सामने

Agra, Uttar Pradesh:अछनेरा में महिला की हत्या का सनसनीखेज मामला ग्राम कुकथला से महिला के लापता होने की पुलिस को मिली सूचना पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर जांच शुरू की जांच के दौरान महिला के पति से पुलिस ने की पूछताछ पूछताछ में पति ने घरेलू विवाद में हत्या की बात कबूली महिला की हत्या के बाद शव घर में जलाने की बताई बात पुलिस टीम ने बताए गए स्थान से शव के अवशेष बरामद किए मौके से महिला का मोबाइल फोन भी पुलिस ने किया बरामद मामले में सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज, जांच जारी एसीपी अछनेरा शैलेन्द्र सिंह ने दी पूरे मामले की जानकारी
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CBI ने डिजिटल अरेस्ट दिखाकर डॉक्टर से 48 लाख से अधिक की ठगी: तीन गिरफ्तार

Kanpur, Uttar Pradesh:कानपुर: बुजुर्ग डॉक्टर से 48.20 लाख की साइबर ठगी – 3 आरोपी गिरफ्तार. CBI और क्राइम ब्रांच का अफसर बनकर डॉक्टर को 7 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा गया. पांचवीं पास आतिश ने खुद को CBI अफसर बताकर डॉक्टर को धमकाया. प्रतापगढ़ में ऑफिस खोलकर बोगस फर्म के जरिए ठगी का नेटवर्क चल रहा था. गिरफ्तार आरोपियों में महिला शामिल. सरगना मुकुल चौबे फरार. एंकर: कानपुर में डिजिटल अरेस्ट के नाम पर बुजुर्ग डॉक्टर से 48 लाख रुपये से ज्यादा की ठगी का सनसनीखेज खुलासा हुआ है. साइबर क्राइम टीम ने मामले में एक महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों ने खुद को CBI, क्राइम ब्रांच और इंटरपोल का अधिकारी बताकर डॉक्टर को आतंकी गतिविधियों और मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में फंसाने की धमकी दी. इसके बाद डॉक्टर को सात दिनों तक वीडियो कॉल के जरिए डिजिटल अरेस्ट रखा गया और जांच के नाम पर 48 लाख 20 हजार रुपये ट्रांसफर करा लिए गए. पुलिस के मुताबिक, ठगी के लिए आरोपियों ने प्रतापगढ़ में बोगस फर्म का ऑफिस तक खोल रखा था. VO: कानपुर के स्वरूप नगर निवासी 73 वर्षीय डॉक्टर योगेश चंद्र मिश्रा साइबर ठगी का शिकार हो गए. 10 सितंबर को उनके मोबाइल पर एक कॉल आई. कॉल करने वाले ने खुद को टेलीकॉम अथॉरिटी ऑफ इंडिया का अधिकारी बताया और कहा कि उनके आधार से लिंक मोबाइल नंबर का इस्तेमाल मुंबई में धमकी भरी कॉल और अश्लील सामग्री भेजने जैसी गतिविधियों में हुआ है। इसके बाद डॉक्टर को व्हाट्सऐप पर CBI और इंटरपोल के फर्जी दस्तावेज भेजे गए. अलग-अलग लोगों ने खुद को क्राइम ब्रांच और CBI मुंबई का अधिकारी बताकर डॉक्टर को गंभीर अपराधों और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में फंसाने की धमकी दी. आरोपियों ने जांच के नाम पर उन्हें सात दिनों तक वीडियो कॉल पर डिजिटल अरेस्ट रखा. इसी दौरान डॉक्टर से कुल 48 लाख 20 हजार रुपये की ठगी कर ली गई। बाद में जब डॉक्टर एक करोड़ रुपये की FD तुड़वाने बैंक पहुंचे तो बैंक अधिकारियों को शक हुआ. पूछताछ में पूरा मामला सामने आया और इसके बाद साइबर थाने में FIR दर्ज कराई गई. पुलिस की जांच में 25 लाख 98 हजार 200 रुपये का ट्रांजेक्शन बोकॉयो कांट्रेक्टर्स प्राइवेट लिमिटेड के खाते में मिला. जांच में सामने आया कि फर्म वासु और कंचन प्रजापति के नाम पर थी. दोनों ने कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए फर्म बनाई और प्रतापगढ़ से इसका संचालन कर रहे थे. डॉक्टर को डिजिटल अरेस्ट करने में इस्तेमाल मोबाइल नंबर रायबरेली निवासी आतिश कुमार का मिला. पुलिस के मुताबिक आतिश पांचवीं पास है और उसने खुद को CBI अधिकारी बताकर डॉक्टर को धमकाया था. पुलिस ने वासु, कंचन और आतिश को गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह के कथित सरगना मुकुल चौबे की तलाश जारी है. पुलिस के अनुसार बोगस फर्म के खाते के खिलाफ दिल्ली, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में NCRP पोर्टल पर चार शिकायतें दर्ज हैं, जिनमें करीब 1.42 करोड़ रुपये की ठगी का पता चला है. आरोपियों से जुड़े खाते से 611 म्यूल अकाउंट में रकम ट्रांसफर किए जाने की भी जांच की जा रही है.
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ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रोटेस्ट: दिल्ली में दलों का धरना, BNSS धारा 163 लागू

New Delhi, Delhi:चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रोटेस्ट का मामला दिल्ली पुलिस के मुताबिक कांग्रेस,लेफ्ट और आम आदमी पार्टी ने जंतर मंतर पर धरना प्रदर्शन की परमिशन मांगी है दिल्ली पुलिस ने अब तक किसी को परमिशन नहीं दी है इंडियन यूथ कांग्रेस पार्टी ने 1 अक्टूबर से 25 अक्टूबर तक प्रदर्शन की इजाजत मांगी है लेफ्ट और आम आदमी पार्टी ने 2 अक्टूबर को प्रदर्शन करने की परमिशन मांगी है दिल्ली पुलिस के मुताबिक नई दिल्ली इलाके में BNSS की धारा 163 लागू है अगर कोई भारी भीड़ के साथ इक्कठा होता है तो भीड़ गैर कानूनी मानी जाएगी..
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झारखंड: प्रज्ञा केंद्र संचालकों के वेतन-मानदेय को लेकर राज्यपाल से मुलाकात

Ranchi, Jharkhand:रांची: झारखंड प्रदेश डिजिटल पंचायत सचिवालय प्रज्ञा केंद्र संचालक संघ के आउटसोर्सिंग कर्मियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आज राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से मुलाकात की। प्रज्ञा केंद्र संचालक झारखंड के अलग-अलग जिलों में संचालित प्रज्ञा केंद्रों के माध्यम से सरकार की विभिन्न योजनाओं और सेवाओं को डिजिटल माध्यम से लोगों तक पहुंचाने का काम करते हैं। इनमें मंईयां सम्मान योजना, सर्वजन पेंशन योजना और अबुआ आवास योजना समेत कई योजनाएं शामिल हैं। प्रज्ञा केंद्र संचालकों का दावा है कि राज्य में करीब 4,345 प्रज्ञा केंद्र/सीएससी केंद्र संचालित हैं। उनका कहना है कि इन केंद्रों पर काम करने वाले संचालकों को काफी कम मानदेय मिल रहा है। प्रज्ञा केंद्र संचालक संघ के प्रदेश अध्यक्ष शिशिर टोप्पो ने कहा कि वे पिछले करीब 15 वर्षों से पंचायत स्तर पर काम कर रहे हैं और सरकार की योजनाओं एवं विभिन्न सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में अपनी भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से प्रज्ञा केंद्रों के लिए करीब 7,500 रुपये तक का प्रावधान किया जाता है, जबकि उन्हें मानदेय के रूप में मात्र करीब 2,475 रुपये मिलते हैं। संचालकों का कहना है कि वे सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक पंचायत में बैठकर काम करते हैं। संचालकों ने मांग की है कि उनकी समस्याओं का समाधान किया जाए और सीएससी के साथ सरकार के एमओयू की समीक्षा की जाए। उनका कहना है कि वे पहले भी कई बार संबंधित अधिकारियों के सामने अपनी समस्याएं रख चुके हैं, लेकिन अब तक उचित समाधान नहीं हुआ है। इसी को लेकर प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से मुलाकात कर मामले में हस्तक्षेप और उचित कार्रवाई की मांग की। शिशिर टोप्पो ने आरोप लगाया कि सीएससी से जुड़े अधिकारियों द्वारा प्रज्ञा केंद्र संचालकों का शोषण किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि उनके दो साथियों की आत्महत्या के मामले भी सामने आए हैं और इन मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि अगर उनकी मांगों पर जल्द सुनवाई नहीं होती है, तो प्रज्ञा केंद्र संचालक आंदोलन को और तेज करने के लिए मजबूर होंगे।
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हांसी में दूषित पेयजल समाधान के लिए 150 करोड़ का आरसीसी टैंक प्रोजेक्ट शुरू

Hansi, Haryana:हांसी में दूषित पेयजल की समस्या पर जनस्वास्थ्य विभाग का बड़ा कदम 15 टैंकों में से 9 आरसीसी टैंक, 6 नए टैंक बनेंगे हांसी में पेयजल समस्या से निपटने के लिए करीब 150 करोड़ का नया प्रोजेक्ट हांसी के ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते भूजल स्तर के कारण पेयजल आपूर्ति प्रभावित होने की समस्या सामने आई है।जनस्वास्थ्य विभाग के अनुसार, पिछले दो वर्षों में कई इलाकों में भूजल स्तर तेजी से ऊपर आया है। इसके चलते जमीन के नीचे मौजूद पानी ग्रामीण जलापूर्ति के एसएस टैंकों में रिसकर मिल रहा है, जिससे पानी पीने योग्य नहीं रह पा रहा। हांसी में पेयजल व्यवस्था सुधारने के लिए करीब 150 करोड़ रुपये का नया प्रोजेक्ट, बढ़ते भूजल स्तर से प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों में आरसीसी टैंकों का निर्माण होगा। विभाग की ओर से पानी के लैबोरेटरी टेस्ट और सब-सॉइल टेस्ट करवाए गए। जांच में सामने आया कि जिन टैंकों की गहराई सामान्य तौर पर करीब 8 से 12 फीट होती है, वहां भूजल स्तर भी करीब 8 से 10 फीट तक पहुंच गया है। ऐसे में ग्राउंड वाटर टैंकों में मिक्स होकर पानी को केमिकल तौर पर अनफिट कर रहा है।समस्या को देखते हुए सरकार ने प्रभावित गांवों में पुराने ईंटों के टैंकों को आरसीसी टैंकों में बदलने और नए आरसीसी टैंक बनाने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने प्राथमिकता के आधार पर इसके एस्टीमेट तैयार कर सरकार को भेजे हैं। हांसी क्षेत्र में बकलाना, जमावड़ी, सिंघवा खास, उगालन, मदनहेड़ी, पुथी मंगलखा, मामनपुरा, सोरखी, सुल्तानपुर और जामनीखेड़ा समेत कई गांवों में काम प्रस्तावित है। वहीं उमरा, गढ़ी, गुराना, पुट्ठी सामन और रामायण में भी मौजूदा ईंटों के टैंकों को आरसीसी टैंकों में बदलने की योजना है। संजीव त्यागी जनस्वास्थ्य विभाग कार्यकारी अभियंता ने बताया कि पहले से चल रहे कार्य में 15 टैंकों में से 9 आरसीसी टैंक और 6 नए टैंक बनाए जाएंगे। इसके अलावा पांच अलग-अलग कार्यों के तहत 10 और आरसीसी टैंकों का निर्माण प्रस्तावित है। विभाग के मुताबिक सरकार ने एस्टीमेट को प्राथमिक मंजूरी दे दी है। अब सॉयल बेयरिंग कैपेसिटी टेस्ट और अन्य तकनीकी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। विभाग को उम्मीद है कि अगले बरसात के सीजन से पहले ये आरसीसी टैंक तैयार हो जाएंगे, जिससे भूजल के टैंकों में मिलने की समस्या कम होगी और लोगों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जा सकेगा.
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