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एसपी ने पंचायत चुनाव शांतिपूर्ण कराने के लिए कड़े निर्देश जारी किए

Dholpur, Rajasthan:एसपी ने ली अपराध समीक्षा बैठक, पंचायत चुनाव को लेकर दिए निर्देश धौलपुर पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान ने जिले के पुलिस अधिकारियों की अपराध समीक्षा बैठक ली। जिला कलेक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक बैठक में आगामी पंचायत राज चुनावों के मद्देनजर कानून-व्यवस्था बनाए रखने, लंबित प्रकरणों के समयबद्ध निस्तारण और अनुसंधान की गुणवत्ता में सुधार पर चर्चा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा, एडीएफ बाड़ी एएसपी श्रवण कुमार झोरड़, एएसपी हवा सिंह सहित सभी वृत्ताधिकारी और थानाधिकारी रहे मौजूद。 एसपी सांगवान ने कहा कि सभी थानाधिकारी अपने थाना क्षेत्र की प्रत्येक पंचायत की स्थिति का विस्तृत आकलन तैयार रखें। चुनाव के दौरान शांति व्यवस्था के लिए संवेदनशील क्षेत्रों, आपसी रंजिश, संभावित विवादों और असामाजिक तत्वों पर विशेष निगरानी रखें। शांति व्यवस्था प्रभावित करने वाले तत्वों को चिन्हित कर निरोधात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करें ताकि चुनाव निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और भयमुक्त वातावरण में हो सके。 बैठक में 60 और 90 दिवस में निस्तारण योग्य प्रकरणों की समीक्षा की गई। एसपी ने निर्देश दिए कि ऐसे प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग कर प्राथमिकता से निस्तारण करें। अनुसंधान में साक्ष्य संकलन और दस्तावेजों की पूर्ति समय पर करें。 ई-साक्ष्य की प्रगति की भी समीक्षा की। जिन प्रकरणों में ई-साक्ष्य तैयार नहीं हुआ है या लिंकिंग शेष है, उनकी सूची तैयार कर कमियों को दूर करने के निर्देश दिए। तकनीकी संसाधनों के प्रभावी उपयोग पर जोर दिया। एसपी ने अपराध रोकथाम, वांछित अपराधियों की धरपकड़, नियमित गश्त और जन शिकायतों के त्वरित निस्तारण के भी निर्देश दिए
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वासुदेव देवनानी ने अजमेर उत्तर के लिए रोगी वाहन दान किया

Ajmer, Rajasthan:विधानसभा अध्यक्ष एवं अजमेर उत्तर से विधायक वासुदेव देवनानी ने रेड क्रॉस सोसायटी को बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए विधायक कोष से रोगी वाहन की सौगात प्रदान की है... रेड क्रॉस सोसायटी के आग्रह पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और जवाहर लाल नेहरू अस्पताल प्रबंधन की अनुशंसा पर उपलब्ध करवाई गई इस एंबुलेंस के उपयोग से दूर दराज ग्रामीण इलाकों में रोगियों को सुलभ उपचार के साथ साथ समय रहते अस्पताल तक लाया जा सकेगा.. इस मौके पर रेड क्रॉस सोसायटी से जुड़े अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं सहित चिकित्सा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे.. बाइट - वासुदेव देवनानी, अध्यक्ष विधानसभा
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जयपुर में 120 फीट रावण: मुस्लिम कारीगरों की कला से दशहरे की नई कहानी

Jaipur, Rajasthan:एंकर-जिस रावण को आग में खाक करना है... उसे शानदार बनाने के लिए दिन-रात एक कर रहे हैं 25 मुस्लिम कारीगर। डेढ़ महीने की मेहनत... और महज दो मिनट में सब राख। क्योंकि इनके लिए रावण बनाना सिर्फ हुनर नहीं, इबादत है। जयपुर के श्रीराम मंदिर में पांच पीढ़ियों से यह मुस्लिम परिवार रावण को आकार दे रहा है। इस बार 120 फीट के रावण को ऐसा रौब देने की तैयारी है कि जलने से पहले हर नजर उसी पर ठहर जाए। देखिए... राम की नगरी नहीं, गुलाबी नगरी से गंगा-जमुनी तहजीब की एक बेमिसाल तस्वीर। वीओ-1- रावण अहंकारी था। उसके अहंकार को कोई पसंद नहीं करता, लेकिन उसका पुतला ऐसा बने कि देखने वाला देखता रह जाए। चेहरे पर रौब हो, नाक-नक्श शानदार हों और सीना ऐसा तना हो कि दूर से ही लंकापति का अहंकार झलकने लगे। जिस रावण को आखिर में आग के हवाले करना है, उसे खूबसूरत बनाने के लिए 25 मुस्लिम कारीगर दिन-रात पसीना बहा रहे हैं। डेढ़ महीने की मेहनत महज दो मिनट में राख हो जाएगी, लेकिन इन कलाकारों के चेहरे पर शिकन नहीं होगी। यह कहानी है मथुरा के मुस्लिम कारीगर चांद बाबू और उनके परिवार की। जयपुर के आदर्श नगर स्थित श्रीराम मंदिर में यह परिवार पीढ़ियों से रावण के पुतले तैयार कर रहा है। मंदिर परिसर में रहते हैं तो चूल्हे पर न मांस पकता है, न लहसुन-प्याज। इनके लिए रावण बनाना महज रोजी-रोटी का जरिया नहीं, बल्कि कला की साधना है। 55 वर्षीय चांद बाबू कहते हैं, रावण अहंकारी था। सच्चाई के सामने उसका अहंकार नहीं टिक पाया। मगर जब हम उसका पुतला बनाते हैं तो कोशिश रहती है कि वह सबसे सुंदर और रोबदार दिखाई दे। उसकी आंखें, मूंछें, नाक-नक्श और छाती ऐसी बनाएं कि लगे सचमुच लंकापति सामने खड़ा है। हमारी और हमारे 25 साथी कलाकारों की कोशिश रहती है कि जयपुर का रावण देश के सबसे खूबसूरत पुतलों में गिना जाए। यही हमारी कला है और यही हमारे लिए पूजा है। चांद बाबू कहते हैं कि रावण के पुतले का एक-एक हिस्सा बनाने में मेहनत लगती है। बांस का ढांचा खड़ा करने से लेकर चेहरे को आकार देने और सजावट तक कई सप्ताह गुजर जाते हैं। मगर दशहरे की शाम जब पुतला जलता है तो डेढ़ महीने की मेहनत महज दो मिनट में खत्म हो जाती है। वे कहते हैं, हमें कभी इस बात का मलाल नहीं होता कि इतनी मेहनत से बनाया पुतला इतनी जल्दी क्यों जला दिया। रावण का यही हश्र हुआ था। उसके पुतले का भी यही होना है। हमारी खुशी इस बात में है कि जलने से पहले लोग हमारी कला की तारीफ करें। वीओ-2- आदर्श नगर में रावण के पुतले तैयार करने वाले चांद बाबू के मुताबिक उनके परिवार ने जयपुर में करीब 60-70 साल पहले रावण बनाने की शुरुआत की थी। उस समय महज 20 फीट ऊंचा पुतला तैयार किया जाता था। इसके लिए 250 रुपए मेहनताना और 10 रुपए इनाम मिलता था। समय बदला तो रावण का कद भी बढ़ता चला गया। इस बार 120 फीट ऊंचा रावण और 105 फीट ऊंचा कुंभकर्ण तैयार किया जा रहा है। रावण की ऊंचाई इतनी अधिक है कि उसे खड़ा करने के लिए क्रेन की मदद लेनी पड़ेगी। चांद बाबू के मुताबिक इस बार रावण निर्माण का मेहनताना एक लाख रुपए तय हुआ है। इस मुस्लिम परिवार की परंपरा का सबसे दिलचस्प पहलू उसकी जीवनशैली है। रावण बनाने के लिए परिवार के सदस्य दशहरे से करीब डेढ़-दो महीने पहले जयपुर पहुंच जाते हैं। श्रीराम मंदिर परिसर ही उनका अस्थायी घर बन जाता है। चांद बाबू और उनके भाई राजा खां बताते हैं कि यहां रहते हुए पूरा परिवार सात्विक भोजन करता है। रसोई में मांसाहार तो दूर, लहसुन-प्याज तक नहीं बनाया जाता। बच्चे भी इसी माहौल में बड़े हुए हैं। चांद बाबू बताते हैं कि रावण बनाने का हुनर उन्हें विरासत में मिला है। उनके पिता लखो भाई को लोग 'रावण वाले भाई' के नाम से जानते थे। वे महज छह साल की उम्र में अपने दादा के साथ जयपुर आए थे। तब श्रीराम मंदिर में दशहरा मेले की शुरुआत हुई थी। परदादा से शुरू हुआ यह सिलसिला दादा, ताऊ और पिता से होते हुए अब पांचवीं पीढ़ी तक पहुंच चुका है। परिवार की छठी पीढ़ी भी बांस बांधना, ढांचा तैयार करना और पुतलों के चेहरे बनाना सीख रही है। चांद बाबू कहते हैं कि उनके बुजुर्गों ने जो कला सौंपी, उसे आगे बढ़ाना उनकी जिम्मेदारी है। रावण का विशाल पुतला तैयार करने में सिर्फ कारीगरी ही नहीं, भारी मात्रा में सामग्री भी लगती है। चांद बाबू के मुताबिक इस बार 120 फीट के पुतले के निर्माण में 600 बांस, पांच क्विंटल मैदा, तीन क्विंटल खाकी कागज (मलेट), 200 किलो जेवड़ी, 200 किलो सफेद रद्दी, 150 किलो सन की रस्सी और 35 किलो धागे का इस्तेमाल हो रहा है। बांस से विशाल ढांचा तैयार करने के बाद कागज और अन्य सामग्री से रावण को आकार दिया जाता है। इसके बाद चेहरे, मुकुट और सजावट का काम होता है। कारीगरों की सबसे ज्यादा मेहनत रावण के चेहरे को रोबदार बनाने पर रहती है。 ब Bite- राजा, कारीगर बहरहाल, जयपुर का यह दशहरा केवल बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक नहीं, बल्कि सांप्रदायिक सौहार्द की कहानी भी कहता है। एक ओर श्रीराम मंदिर का परिसर है, दूसरी ओर मुस्लिम परिवार की पीढ़ियों पुरानी कला। यहां न धर्म की दीवार हुनर के आड़े आती है, न परंपरा के। चांद बाबू और उनके साथी हर साल रावण को पहले से ज्यादा भव्य बनाने का संकल्प लेकर आते हैं। उन्हें पता है कि दशहरे की शाम उनकी पूरी मेहनत आग की लपटों में समा जाएगी। लेकिन उनके लिए यही इस कला की खूबसूरती है........हाथों से रावण को आकार देना और फिर अपनी आंखों के सामने अहंकार को राख होते देखना।
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अंता चाकूबाजी: पुरानी रंजिश में युवक गंभीर घायल, आरोपी फरार

RMRam MehtaJust now
Baran, Rajasthan:चाकूबाजी की घटना में युवक गंभीर घायल, घायल युवक को कोटा किया रेफर, घटना के बाद आरोपी फरार, बारां जिले के अंता में पुरानी रंजिश के चलते चाकूबाजी की घटना सामने आई है जिसमें मानपुरा निवासी मोहित नामक युवक गंभीर घायल हो गया जिसे कोटा रेफर किया गया है वही घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है। डीएसपी पुष्पेन्द्र सिंह आडा ने बताया कि मानपुरा गांव में पुरानी रंजिश को लेकर 2 युवकों के बीच चाकूबाजी की घटना हुई, जिसमें मोहित नामक युवक गंभीर घायल हो गया। घटना के बाद घायल युवक को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया जहां युवक की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे कोटा रेफर किया गया दूसरी ओर वारदात के बाद आरोपी युवक मौके से फरार हो गया। घटना की सूचना मिलने के बाद अंता पुलिस आरोपी की तलाश में जुट गई है। वही पंचायत चुनावों से पहले हुई इस घटना के बाद ग्रामीण क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है।
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गोपालगंज के बाहुबली विशाल सिंह की रिहाई के बाद फिर उभरी पुरानी अदावत

Patna, Bihar:लोकेशन — पटना गोपालगंज में बाहुबल की पुरानी अदावत फिर चर्चा में, सात साल बाद विशाल सिंह की जेल से रिहाई हुई बिहार के गोपालगंज में बाहुबल और वर्चस्व की पुरानी कहानी एक बार फिर सुर्खियों में है। वजह है चर्चित बाहुबली विशाल सिंह की करीब सात साल बाद भागलपुर जेल से रिहाई होने पर। विशाल सिंह के जेल से बाहर आते ही सतीश पांडे और उनके बीच पुरानी अदावत को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। कभी गोपालगंज में वर्चस्व की लड़ाई और गैंगवार की घटनाओं ने पूरे बिहार का ध्यान खींचा था। अब सवाल उठ रहा है कि क्या पुराने विवाद एक बार फिर कोई नया मोड़ लेंगे? वही गोपालगंज में जेडीयू के बाहुबली विधायक आमरेंद्र पांडेय उर्फ पप्पू पांडे का भाई सतीश पांडेय पिछले दो दशक से अपराध की दुनिया में सक्रिय है। सतीश पांडे पर लगभग 90 से 100 हत्या, रंगदारी, लुट जैसे गंभीर मुक़दमे दर्ज हैं। तो वही विशाल सिंह पर 40 से 50 गंभीर मुकदमे दर्ज। गोपालगंज जिले में विधायक आमरेंद्र पांडेय उर्फ पप्पू पांडे का भाई सतीश पांडेय और विशाल सिंह की वर्चस्व की लड़ाई है। मीरगंज थाना क्षेत्र के मटिहानी गांव के रहने वाले विशाल सिंह पर भी हत्या, रंगदारी समेत कई आपराधिक मामलों में संलिप्तता के आरोप लगते रहे हैं। साल 2019... गोपालगंज में वर्चस्व की लड़ाई ने उस वक्त गंभीर रूप ले लिया, जब जेपी यादव समेत परिवार के तीन लोगों की हत्या का मामला सामने आया। इस प्रकरण में सतीश पांडे और उनके परिवार के कुछ सदस्यों के नाम भी सामने आए थे। कभी सतीश पांडे के करीबी रहे जेपी यादव से बाद में उनके संबंध बिगड़ गए और वह विशाल सिंह के गुट से जुड़ गए थे। वही विशाल सिंह ने ज़ी न्यूज़ से बात करते हुए कहा बाहुबली सतीश पांडे और उनके विधायक भाई पप्पू पांडे के वजह से हम अपराध की दुनिया में आए। मैं जब नाबालिक था तो गलत मुकदमा में हमें फंसा कर जेल भेज दिया गया। हमारे घर परिवार के लोगों का शोषण किया मारा गया। इस वजह से हम इस अपराध की दुनिया में आए। आम बच्चों की तरह मैं भी पढ़ लिखकर पुलिस अधिकारी बनना चाहता था। लेकिन मेरे दुश्मन पप्पू पांडे और अमरेंद्र पांडे ने मुझे फंसा कर जेल भेज दिया और मुझे अपराध की दुनिया में आने पर मजबूर किया। अमरेंद्र पांडे और पप्पू पांडे ने जेपी यादव और उनके परिवार की हत्या कराई है। साल 2019 में बिहार और उत्तर प्रदेश की एसटीएफ ने विशाल सिंह समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उस वक्त पुलिस ने उसके गिरोह के कथित अंतरराज्यीय नेटवर्क और हथुआ अनुमंडल में दर्ज कई आपराधिक मामलों का जिक्र किया था। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच पुरानी अदावत और वर्चस्व की लड़ाई को लेकर चर्चाएं होती रहीं। हालांकि, अलग-अलग घटनाओं में किसकी क्या भूमिका रही, यह संबंधित मामलों के रिकॉर्ड और न्यायिक प्रक्रिया से ही स्पष्ट होगा। फिलहाल, विशाल सिंह की रिहाई के बाद गोपालगंज में बाहुबल और पुरानी अदावत की कहानी फिर सुर्खियों में है। अतीत में वर्चस्व की लड़ाई से दहशत का दौर देख चुके इस जिले में अब सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या पुरानी अदावत सिर्फ चर्चा तक सीमित रहेगी, या आने वाले दिनों में घटनाक्रम कोई नया मोड़ लेगा? बाइट — विशाल सिंह,
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मंगेर के कल्याणपुर दुर्गा पूजा: मलेशिया ट्विन टावर जैसी भव्य पंडाल आकर्षण

Munger, Bihar:मुंगेर: मलेशिया के ट्विन टावर की तर्ज पर सजा मां दुर्गा का दरबार, विक्टोरिया हाउस में महादेव के दर्शन,कल्याणपुर की बड़ी दुर्गा महारानी का भव्य पंडाल बना आकर्षण का केंद्र, पवन सिंह, रवि किशन, मनोज तिवारी समेत कई चर्चित कलाकारों के कार्यक्रम प्रस्तावित मुंगेर। जिले के कल्याणपुर की बड़ी दुर्गा महारानी का दरबार इस बार एक अलग और भव्य स्वरूप में सजकर तैयार हो रहा है। मलेशिया के प्रसिद्ध पेट्रोनस ट्विन टावर की तर्ज पर विशाल पंडाल का निर्माण कराया गया है। वहीं, पंडाल के भीतर विक्टोरिया हाउस की थीम पर भगवान भोलेनाथ के दर्शन, आकर्षक झरना, लेजर शो और रंग-बिरंगी रोशनी श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र होंगे। हर वर्ष अलग-अलग थीम पर सजने वाली कल्याणपुर की दुर्गा पूजा ने मुंगेर सहित आसपास के जिलों में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। इस बार पंडाल की सजावट में आधुनिक तकनीक और धार्मिक आस्था का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। मुख्य प्रवेश द्वार पर झरने की आकर्षक संरचना श्रद्धालुओं का स्वागत करेगी। मां दुर्गा के दरबार तक पहुंचने वाले रास्ते में शीशे पर कलात्मक नक्काशी, एलईडी गेट और आकर्षक प्रकाश व्यवस्था की गई है। वहीं, विक्टोरिया हाउस की तर्ज पर तैयार किए जा रहे हिस्से में भगवान भोलेनाथ के दर्शन होंगे। पंडाल में लेजर शो की भी व्यवस्था की गई है, जो रात के समय इसकी खूबसूरती को और बढ़ाएगा। 363 वर्ष से अधिक पुरानी है पूजा की परंपरा कल्याणपुर की बड़ी दुर्गा महारानी की पूजा का इतिहास 363 वर्ष से अधिक पुराना बताया जाता है। प्रत्येक वर्ष यहां बनने वाले भव्य पंडाल को देखने के लिए मुंगेर के अलावा आसपास के कई जिलों से श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस बार पूजा महोत्सव के दौरान एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद जताई जा रही है। बर्नी होम्योपैथी प्राइवेट लिमिटेड एवं हरिओम होमियो के प्रबंध निदेशक और प्रसिद्ध होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. नीतीश चंद्र दुबे ने बताया कि मां दुर्गा की कृपा से प्रत्येक वर्ष पूजा महोत्सव धूमधाम से आयोजित किया जाता है। पिछले वर्ष अरुण मंदिर की तर्ज पर पंडाल बनाया गया था, जबकि इस बार मलेशिया के ट्विन टावर की थीम पर भव्य पंडाल तैयार किया जा रहा है। वहीं उन्होंने बताया कि बिहार सरकार के ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बोलो मंडल तथा भारत सरकार के कोयला राज्य मंत्री सतीशचंद्र दुबे के द्वारा कार्यक्रम का भव्य उद्घाटन होगा इसके अलावे 10वीं पूजा को बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी भी कार्यक्रम में शामिल होंगे। कल्याणपुर की दुर्गा पूजा के दौरान बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने भी सुरक्षा और यात्री सुविधाओं को लेकर विशेष इंतजाम किए हैं। मालदा रेल मंडल की ओर से कल्याणपुर रोड स्टेशन पर आरपीएफ, जीआरपी और जिला पुलिस बल के जवानों की तैनाती की गई है। यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए 17 से 21 अक्टूबर तक जमालपुर और सुल्तानगंज के बीच 12 कोच वाली मेमू विशेष ट्रेन चलाने की जानकारी दी गई है। इसके अतिरिक्त पांच एक्सप्रेस ट्रेनों को कल्याणपुर रोड स्टेशन पर अतिरिक्त ठहराव दिया गया है। मालदा रेल मंडल के डीआरएम मनीष कुमार गुप्ता के अनुसार, स्टेशन पर भीड़ की स्थिति पर लगातार नजर रखने के लिए मालदा कंट्रोल रूम में वार रूम स्थापित किया गया है। रेलवे के अधिकारी और पर्यवेक्षक कर्मचारी 24 घंटे परिचालन की निगरानी कर रहे हैं। निर्धारित अवधि में कल्याणपुर रोड स्टेशन से गुजरने वाली ट्रेनों की अधिकतम गति 30 किलोमीटर प्रति घंटा रखी गई है। इस बार कल्याणपुर की बड़ी दुर्गा महारानी का दरबार धार्मिक आस्था, भव्य सजावट, आधुनिक तकनीक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के कारण श्रद्धालुओं के लिए खास आकर्षण बनने जा रहा है। बाइट: डॉ. नीतीश चंद्र दुबे, प्रसिद्ध होम्योपैथिक चिकित्सक
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गोंडा में 1965 से मुस्लिम परिवार बनाता रहा रावण-मेघनाथ पुतला, हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल

Gonda, Uttar Pradesh:गोंडा जिले के विविध स्थानों पर रावण के पुतले तैयार करने का काम जोरों पर है। इस त्योहार के अवसर पर 1965 से एक मुस्लिम परिवार हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल पेश कर रहा है और हर वर्ष रावण के पुतले बनाकर दिया जाता है। इस वर्ष मोहम्मद शाहिद और उनके परिवार ने अपने बच्चों, पत्नी और कुछ कारीगरों के साथ मिलकर रावण और मेघनाथ के पुतले बनाने का कार्य किया है। पुतला बनाने के बदले 20,000 से 25,000 रुपए तक लिए जाते हैं और इस वर्ष उनकी आय लगभग 1 लाख रुपए तक पहुँचेगी। मालवीय नगर में 45 फीट ऊंचे रावण के दहन के लिए पुतला तैयार किया जा रहा है, वहीं मां खैरा भवानी मंदिर के प्रांगण में 30 फीट ऊंचा रावण और 20 फीट ऊंचा मेघनाथ बन रहा है। मोहम्मद शाहिद के अनुसार पहले उनके पिता यह काम करते थे, अब वही जगह-जहां जन्म से यह परंपरा चली आ रही है, उसे आगे बढ़ा रहे हैं। वे कहते हैं कि लोग हिंदू-मुस्लिम एकता के संदेश के साथ त्यौहार मनाते हैं और परिवार के सभी सदस्य इस काम में लगे रहते हैं। उनके अनुसार सरकार द्वारा एक जगह आवंटन मिल जाए तो वे पुतले बना कर सड़क पर रख सकेंगे, ताकि बारिश-आंधी में नुकसान से बच सकें।
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इनोवा-ऑटो भिड़ंत: महिला की मौत, दो घायल; चकिया के बरहुआ मोड़ पर दर्दनाक हादसा

Chandauli, Uttar Pradesh:ब्रेकिंग:- चंदौली... - इनोवा और ऑटो की भीषण टक्कर, महिला की मौत; दो गंभीर घायल - दर्दनाक सड़क हादसा, महिला की मौत से मचा कोहराम - हादसे में मुन्नी देवी की मौत, जामवंत और गौरव गंभीर रूप से घायल। - स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को पहुंचाया गया अस्पताल。 - चिकित्सकों ने मुन्नी देवी को जांच के बाद मृत घोषित किया, घायलों का उपचार जारी。 - हादसे के बाद दोनों वाहनों के चालक मौके से फरार - सूचना पर पहुंची पुलिस मामले की जांच और आवश्यक कार्रवाई में जुटी。 - चकिया कोतवाली क्षेत्र के बरहुआ गांव के समीप मोड़ की घटना。
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उत्तराखंड की पवित्र छड़ी यात्रा रुद्रप्रयाग तक पहुंची, विश्व कल्याण और शांति का संदेश

Routhiya, Uttarakhand:उत्तराखंड की देवभूमि में इन दिनों आस्था और आध्यात्मिक चेतना की अलख जगा रही पवित्र छड़ी यात्रा आज रुद्रप्रयाग पहुंची। आदि गुरु शंकराचार्य की परंपरा से जुड़ी इस यात्रा ने कोटेश्वर महादेव मंदिर में प्रवेश किया, जहां श्रद्धालुओं ने छड़ी के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और आशीर्वाद लिया। साधु-संतों के सानिध्य में आगे बढ़ रही इस यात्रा का उद्देश्य सनातन परंपराओं के संरक्षण के साथ विश्व कल्याण और शांति का संदेश प्रसारित करना है। यहां स्थानीय श्रद्धालुओं ने यात्रा में शामिल होकर पूजा-अर्चना की और पवित्र छड़ी के दर्शन किए। यात्रा के साथ बड़ी संख्या में साधु-संत भी चल रहे हैं, जो विभिन्न धार्मिक पड़ावों पर पूजा-अर्चना कर रहे हैं बीते 7 अक्टूबर को बागेश्वर के प्रसिद्ध बागनाथ मंदिर से शुरू हुई यह यात्रा विभिन्न धार्मिक स्थलों से होकर आगे बढ़ रही है। हरिद्वार में कई स्थानों पर पूजन के बाद यात्रा उत्तरकाशी पहुंची। इसके बाद श्रीनगर स्थित मां धारी देवी मंदिर में पूजा-अर्चना की गई और फिर यात्रा कोटेश्वर महादेव मंदिर पहुंची। धर्म और अध्यात्म की इस यात्रा का संदेश केवल आस्था तक सीमित नहीं, बल्कि मानवता के कल्याण और विश्व शांति की कामना से भी जुड़ा है। यात्रा की अगुवाई कर रहे महामंडलेश्वर वीरेंद्रनंदगिरी और कोटेश्वर के महंत शिवानन्द गिरी महाराज ने कहा कि छड़ी यात्रा का प्रमुख उद्देश्य सनातन समाज की रक्षा, साधु-संतों के संरक्षण और धार्मिक परंपराओं को आगे बढ़ाना है। इसके साथ ही यात्रा के माध्यम से विश्व कल्याण, शांति और सद्भाव की कामना की जा रही है। देवभूमि उत्तराखंड की धार्मिक और आध्यात्मिक परंपराओं से जुड़ी पवित्र छड़ी यात्रा विभिन्न पड़ावों से गुजरते हुए आस्था का संदेश दे रही है। कोटेश्वर महादेव मंदिर में दर्शन और पूजन के साथ यात्रा ने रुद्रप्रयाग में भी श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक परंपरा से जुड़ने का अवसर दिया।
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इटावा में विजयादशमी पर श्रीराम विजय यात्रा, सनातन बोर्ड की मांग और धर्म सम्मेलन

Etawah, Uttar Pradesh:इटावा में सनातन बोर्ड की मांग के साथ विजयादशमी पर निकाली जाएगी भगवान श्रीराम विजय यात्रा, धर्म सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में अयोध्या धाम के महंत कमल नयनदास, राघवेश दास वेदांती, पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ शामिल होंगे। इटावा में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी 12 वीं श्रीराम विजय यात्रा धूमधाम से निकाली जाएगी हिन्दू सेवा समिति के द्वारा विजयदशमी दशहरा के पावन पर्व पर अयोध्या के महंत के सानिध्य में सनातन धर्म बोर्ड की मांग के साथ यात्रा को निकालकर धर्म सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा, हिंदू सेवा समिति के संस्थापक प्रदीप शर्मा ने बताया कि दुर्भाग्य की बात है कि हमारे देश में सनातन बोर्ड ना होकर वक्फ बोर्ड बना हुआ है मदरसे बने है उसमें सैलरी मिलती है जमीन मिली है लेकिन सनातन बोर्ड नहीं है। सनातन बोर्ड बनना बहुत जरूरी है हमारे दान से जालीदार टोपी बालो को सेलरी दी जा रही है। मदरसों में मौलवियों को सेलरी दी जाती है लेकिन हमारे मंदिरों में ऐसा नहीं हो रहा है। सनातन बोर्ड बनना चाहिए जिससे हमारे मंदिर और मंदिर के पुजारियों की देखरेख हो सके。
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महराजगंज में हाईवोल्टेज ड्रामा: प्रेमी की रिहाई के लिए युवती टावर पर चढ़ी, उतर गई

Maharajganj, Uttar Pradesh:उत्तर प्रदेश के महराजगंज में उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक किशोरी अपने प्रेमी की रिहाई की मांग को लेकर बिजली के हाईटेंशन टावर पर चढ़ गई। युवती को टावर पर चढ़ा देख मौके पर लोगों की भारी भीड़ जुट गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और युवती को सुरक्षित नीचे उतारने के लिए उसे समझाने-बुझाने में जुट गई। करीब चार घंटे तक चले इस हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद पुलिस के समझाने पर किशोरी टावर से नीचे उतर आई जिसके बाद पुलिस और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली। पुलिस के अनुसार किशोरी का एक गांव के युवक से प्रेम प्रसंग चल रहा था मामले की जानकारी होने पर किशोरी के पिता ने आरोपित युवक के विरुद्ध अपहरण व पाक्सो के तहत मुकदमा दर्ज कराया था जिस पर पुलिस ने युवक को गिरफ्तार कर लिया था इस मामले में प्रेमी युवक 15 दिन से जेल में बंद है किशोरी उसे जेल से छुड़ाने की मांग कर रही थी किशोरी को नीचे उतरने के बाद पुलिस उसे निचलौल थाने ले गई । जिस विद्युत टावर पर किशोरी चढ़ी थी उसे बिजली आपूर्ति अभी शुरू नहीं हुई है इसलिए तत्काल विद्युत प्रभाव को खतरा नहीं था हालांकि ऊंचाई पर चढ़ने से उसके गिरने का जोखिम बना हुआ था । फिलहाल पुलिस युवती की शिकायत और पूरे मामले को लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई में जुटी है। प्रेमी की रिहाई की मांग को लेकर युवती के इस कदम ने इलाके में चर्चा का माहौल बना दिया है। निचलौल थानाध्यक्ष योगेंद्र राय ने बताया कि टावर पर चढ़ी युवती को हिरासत में लिया गया है और उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा रहा है ।
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फरीदाबाद: दहेज, नशे के खिलाफ 36 बिरादरी की महापंचायत; डीजे पर रोक

Faridabad, Haryana:फरीदाबाद में दहेज प्रथा और नशे के खिलाफ 36 बिरादरी की महापंचायत, शादी-विवाह में डीजे पर पाबंदी का फैसला फरीदाबाद में दहेज रूपी दानव को समाज से खत्म करने, बच्चों को नशे से दूर रखने और शादी-विवाह में डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने को लेकर 36 बिरादरी की महापंचायत आयोजित की गई। राजीव कॉलोनी और तिगांव विधानसभा क्षेत्र की अनाज मंडी में गुर्जर समाज की ओर से आयोजित महापंचायत में सैकड़ों की तादाद में गुर्जर समाज सहित 36 बिरादरी के लोगों ने हिस्सा लिया। इस दौरान समाज में फैली कुरीतियों को खत्म करने और पंचायत के फैसलों को घर-घर तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया। महापंचायत में मंत्री राजेश नागर, पूर्व कैबिनेट मंत्री पंडित मूलचंद शर्मा, पूर्व पार्षद दीपक चौधरी सहित समाज के अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे। पंचायत में दहेज प्रथा पर रोक लगाने, बच्चों को नशे से बचाने और शादी-विवाह में डीजे नहीं बजाने जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई। समाज में बढ़ती कुरीतियों पर रोक लगाने के उद्देश्य से आयोजित इस महापंचायत में वक्ताओं ने दहेज प्रथा को खत्म करने की अपील की। वरिष्ठ समाजसेवी जगन डागर ने बताया कि 52 पाल की पंचायत में दहेज रहित विवाह और शादी समारोहों में डीजे पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि बच्चों को नशे से दूर रखने के लिए माता-पिता की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी। महापंचायत में पहुंचे गुर्जर समाज के लोग जगन डागर के मुताबिक, शादी-विवाह में पारंपरिक बैंड और ढोल बजाने की व्यवस्था पहले की तरह जारी रहेगी, जबकि पनीर सहित मिलावटी खाद्य पदार्थों के इस्तेमाल पर रोक लगाने की बात भी कही गई है। महापंचायत में मौजूद लोगों ने इन फैसलों को समाज के हर घर तक पहुंचाने और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ मिलकर काम करने की बात कही। समापन: महापंचायत में शामिल लोगों का कहना है कि दहेज प्रथा, नशे की लत और शादी-विवाह में बढ़ते अनावश्यक खर्च जैसी समस्याओं पर सामूहिक प्रयासों से रोक लगाई जा सकती है। अब देखना होगा कि पंचायत के इन फैसलों को समाज में किस तरह लागू किया जाता है और कितने लोग इन्हें अपने जीवन में अपनाते हैं। दीपक चौधरी
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