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पटना की Marine Drive पर रफ्तार कार का पहिया फट, भोजपुरी गायक सौरव सिंह घायल

Patna, Bihar:PMCH के सामने तेज रफ्तार कार का अचानक पहिया फट गया। इसके बाद चालक गाड़ी पर से अपना नियंत्रण खो बैठा और कार अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इस दुर्घटना में कार चला रहे भोजपुरी गायक सौरव सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई। आसपास से गुजर रहे राहगीर तुरंत मदद के लिए पहुंचे। लोगों ने काफी मशक्कत के बाद घायल सौरव सिंह को कार से बाहर निकाला। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार की रफ्तार काफी तेज थी। इसी दौरान अचानक पहिया फटने से गाड़ी का संतुलन बिगड़ गया और यह हादसा हो गया। दुर्घटना इतनी जोरदार थी कि कार को काफी नुकसान पहुंचा है। हादसे के बाद मरीन ड्राइव पर कुछ देर के लिए लोगों की भीड़ जमा हो गई। राहगीरों ने घायल गायक को बाहर निकालने में मदद की। घटना के बाद इलाके में काफी देर तक अफरातफरी का माहौल बना रहा। घटना की सूचना के बाद मौके पर यातायात थाने की पुलिस पब मामले की जांच में जुट गई है।
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बागपत में अवैध तमंचे के साथ युवक का वीडियो वायरल: पुलिस जांच शुरू

Baghpat, Uttar Pradesh:बागपत में अवैध तमंचे के साथ युवक का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने से इलाके में हड़कंप मच गया है। हाथ में तमंचा लेकर सोशल मीडिया पर अपनी धाक जमाने की कोशिश कर रहे युवक का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में कैफ नाम का युवक हाथ में अवैध तमंचा लेकर दिखाई दे रहा है। बताया जा रहा है कि युवक ने इलाके में अपना खौफ और वर्चस्व कायम करने के लिए इस वीडियो को सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था। वीडियो सामने आने के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। वायरल वीडियो छपरौली थाना क्षेत्र के टांडा गांव का बताया जा रहा है। सोशल मीडिया पर तमंचे का प्रदर्शन करने वाले युवक की हरकत ने कानून व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं, वीडियो का संज्ञान लेते हुए बागपत पुलिस जांच और कार्रवाई में जुट गई है। अब देखना होगा कि पुलिस आरोपी युवक के खिलाफ कब तक कार्रवाई करती है।
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उदयपुर के माणिक्य लाल वर्मा पार्क बदहाल, प्रशासन सुधारों की घोषणा जल्द

Udaipur, Rajasthan:लेकसिटी उदयपुर अपनी खूबसूरती, ऐतिहासिक धरोहरों और पर्यटन स्थलों के लिए देश-दुनिया में विख्यात है। इस शहर की खूबसूरती को निहारने के लिए हर साल लाखों की संख्या में देशी-विदेशी सैलानी यहां पहुंचते हैं और अपने साथ सुनहरी यादें लेकर लौटते हैं। लेकिन इसी खूबसूरत शहर में कुछ ऐसे पर्यटन स्थल भी हैं, जो रखरखाव के अभाव में अपनी पहचान खोते जा रहे हैं। बदहाली की यह तस्वीर न केवल शहर की खूबसूरती पर दाग लगा रही है, बल्कि यहां आने वाले पर्यटकों के बीच उदयपुर की छवि को भी प्रभावित कर रही है। कुछ ऐसा ही हाल है स्वतंत्रता सेनानी माणिक्य लाल वर्मा के नाम पर विकसित किए गए पार्क का। कभी शहरवासियों और पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहने वाला यह पार्क आज अनदेखी का शिकार होकर बदहाली के आंसू बहा रहा है। वीरों-1— झीलों के शहर उदयपुर में स्वतंत्रता सेनानी और पद्म भूषण से सम्मानित माणिक्य लाल वर्मा के नाम पर इस खूबसूरत पार्क को विकसित किया गया था। पिछोला झील के किनारे और माछला मगरा की पहाड़ियों के बीच स्थित इस पार्क से पिछोला झील की खूबसूरती के साथ सिटी पैलेस और पूरे शहर का विहंगम दृश्य दिखाई देता है। पार्क की हरियाली, सुंदर बगीचे और आकर्षक फव्वारे कभी शहरवासियों और पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र हुआ करते थे। यह पार्क शहर की खूबसूरती में चार चांद लगाता था। सुबह से शाम तक यहां लोगों की आवाजाही बनी रहती थी। लेकिन उचित रखरखाव के अभाव में आज इस पार्क की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। पार्क के फवारे लंबे समय से बंद पड़े हैं। बगीचों से हरियाली गायब होती जा रही है। बच्चों के खेलने के लिए लगाए गए अधिकांश झूले और स्लाइड खराब हो चुके हैं। जिस पार्क में कभी बच्चों की किलकारियां गूंजती थीं, वहां आज वीरानी पसरी हुई है। हालात ऐसे हैं कि यह पार्क अब नशेड़ियों और असामाजिक तत्वों का अड्डा बनता जा रहा है। इतना ही नहीं, स्वतंत्रता सेनानी माणिक्य लाल वर्मा की प्रतिमा भी बदहाली का शिकार होकर अपना स्वरूप खोती जा रही है। डब्ल्यूटी-01 प्रतिमा के पास किया गया 2.12 मिनट वाला डब्ल्यूटी। वीरों-2— ऐसा नहीं है कि स्थानीय नगर निगम ने माणिक्य लाल वर्मा पार्क की कभी सुध नहीं ली। समय-समय पर लाखों रुपये खर्च कर पार्क को खूबसूरत बनाने के प्रयास भी किए गए। यहां आकर्षक विद्युत पोल, फव्वारे और लाइटें लगाई गईं। लेकिन देखरेख के अभाव और असामाजिक तत्वों की हरकतों ने पार्क की खूबसूरती کو बिगाड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ी। हालात यह हैं कि पार्क में कई विद्युत पोल टूट चुके हैं, जबकि जो पोल खड़े हैं, उनकी लाइटें तक फोड़ दी गई हैं। रखरखाव के अभाव में बंद पड़े फव्वारे और जंग खा चुकी रेलिंग अब इस पार्क की पहचान बनते जा रहे हैं। असामाजिक तत्व का अड्डा बन चुके इस पार्क में जगह-जगह शराब की टूटी बोतलें और बीयर के खाली कैन नजर आते हैं। डब्ल्यूटी-02 3.33 मिनट वाला डब्ल्यूटी। वीरों-3— पार्क के भीतर बच्चों के खेलने के लिए चाइल्ड पार्क भी विकसित किया गया था। यहां बच्चों के मनोरंजन के लिए कई आकर्षक स्लाइड बनाई गई थीं। इन स्लाइड को बच्चों के लिए और अधिक आकर्षक बनाने के उद्देश्य से इन्हें वन्यजीवों की आकृतियों से भी जोड़ा गया था। कभी इन स्लाइड पर दिनभर बच्चों को खेलते हुए देखा जा सकता था, लेकिन आज यहां का पूरा इलाका सूना और वीरान पड़ा है। स्लाइड जगह-जगह से टूट चुकी हैं और कई पूरी तरह खराब हो गई हैं। ऐसे में बच्चों के चोटिल होने का खतरा बना रहता है। यही वजह है कि अब अभिभावक भी बच्चों को यहां लाने से कतराने लगे हैं। बच्चों की हंसी और किलकारियों से गुलजार रहने वाला यह चाइल्ड पार्क आज बदहाली की तस्वीर बनकर रह गया है। डब्ल्यूटी-03 4.11 मिनट वाला डब्ल्यूटी। वीरों-4— माणिक्य लाल वर्मा पार्क में बड़ी संख्या में शहरवासी सुबह की सैर के लिए पहुंचते हैं। इसी को देखते हुए स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत यहां ओपन जिम भी स्थापित किया गया था, ताकि लोग सैर के साथ सेहत का भी ध्यान रख सकें। लेकिन पार्क की बदहाली का असर अब ओपन जिम पर भी साफ दिखाई दे रहा है। जिम के कई उपकरण पूरी तरह टूट चुके हैं, तो कई लंबे समय से खराब पड़े हैं। हालात यह हैं कि सुबह के समय लोग पार्क में घूमने तो पहुंचते हैं, लेकिन ओपन जिम का इस्तेमाल करने से बचते हैं। जिस सुविधा को शहरवासियों की सेहत के लिए विकसित किया गया था, वह आज खुद बदहाली का शिकार है। डब्ल्यूटी-04 1.16 मिनट वाला डब्ल्यूटी। वीरों-5— शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल पिछोला झील के नजदीक विकसित किया गया यह पार्क रात होते ही अंधेरे में डूब जाता है। पार्क में रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है और सुरक्षा के लिए भी कोई गार्ड तैनात नहीं रहता। ऐसे में किसी अनहोनी की आशंका के चलते शाम ढलने के बाद शहरवासी और पर्यटकों यहां आने से कतराते हैं। पार्क की इस बदहाली का फायदा असामाजिक तत्व और नशेड़ी उठाते हैं। रात के अंधेरे में पार्क नशेड़ियों और असामाजिक तत्वों का अड्डा बन जाता है। नशा करने के बाद यहां गंदगी फैलाना और तोड़फोड़ करना आम बात होती है। नतीजा यह है कि जिस जगह को शहर की खूबसूरती बढ़ाने के लिए विकसित किया गया था, वही जगह अब शहर की छवि पर सवाल खड़े कर रही है। डब्ल्यूटी-05 5.09 मिनट वाला डब्ल्यूटी। वीरों-6— अनदेखी का शिकार हुए माणिक्य लाल वर्मा पार्क की हालत देखकर शहरवासियों के मन में भी पीड़ा है। पार्क की बदहाली के लिए कुछ लोग स्थानीय प्रशासन को जिम्मेदार मानते हैं, तो कुछ का कहना है कि सार्वजनिक संपत्तियों को सुरक्षित और सुंदर बनाए रखने की जिम्मेदारी आम लोगों की भी है। लोग मानते हैं कि प्रशासन की अनदेखी के साथ-साथ आमजन की लापरवाही भी इस बदहाली की बड़ी वजह है। ऐसे में पार्क की मौजूदा हालत के लिए सिर्फ जिम्मेदार अधिकारियों को ही नहीं, बल्कि यहां आने वाले लोगों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। डब्ल्यूटी-06 6.55 मिनट वाला डब्ल्यूटी। वीरों-7— ऐसा नहीं है कि माणिक्य लाल वर्मा पार्क की बदहाली से नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि अनभिज्ञ हैं। नवनिर्वाचित महापौर पारस सिंघवी भी स्वीकार करते हैं कि माणिक्य लाल वर्मा पार्क के साथ ही शहर के कई अन्य पार्कों की हालत भी ठीक नहीं है। हालांकि, उन्होंने अभी कुछ समय पहले ही महापौर का पदभार संभाला है। उनका कहना है कि शहर की झीलों और पर्यटन स्थलों का संरक्षण उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। आने वाले छः महीनों में इन व्यवस्थाओं को सुधारने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि शहर के पर्यटन स्थलों को फिर से उनकी पुरानी पहचान और खूबसूरती लौटाई जा सके। बाइट— पारस सिंघवी, महापौर, नगर निगम, उदयपुर
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दुमका में शिबू सोरेन डिजिटल लाइब्रेरी का उद्घाटन, छात्रों के लिए सुविधाओं का केंद्र

Dumka, Jharkhand:दुमका में विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। झारखंड आईएएस ऑफिसर्स वाइव्स एसोसिएशन (जेसोवा) एवं जिला प्रशासन, दुमका के संयुक्त सहयोग से कचहरी परिसर स्थित पुराने सरकारी भवन को आधुनिक स्वरूप देकर तैयार की गई शिबू सोरेन डिजिटल लाइब्रेरी का लोकार्पण किया गया। इस लाइब्रेरी का उद्देश्य जिले के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री, बेहतर वातावरण और डिजिटल तकनीक के माध्यम से पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध कराना है। शिबू सोरेन डिजिटल लाइब्रेरी के नाम से बनाये गये पुस्तकालय में आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित साहित्य, विज्ञान, इतिहास, दर्शन सहित विभिन्न विषयों की पुस्तकें उपलब्ध कराई गई हैं। इसके अलावा नीट, जेईई, यूपीएससी सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी विशेष अध्ययन सामग्री की व्यवस्था की गई है। पुस्तकालय में विद्यार्थियों के लिए आधुनिक फर्नीचर, शांत एवं अनुकूल अध्ययन वातावरण, निःशुल्क वाई-फाई और पेयजल की सुविधा उपलब्ध है। वहीं, डिजिटल लर्निंग लैब के माध्यम से विद्यार्थी देश के प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थानों की ऑनलाइन कक्षाओं से जुड़कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की भी सुविधा होंगी। इसके साथ ही यहाँ के छात्र छात्राएँ एआई आधारित टूल्स और नई तकनीकों की जानकारी प्राप्त कर अपने ज्ञान एवं कौशल को भी विकसित कर सकेंगे। उपायुक्त अभिजीत सिन्हा ने कहा कि यह आधुनिक पुस्तकालय विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई का बेहतर केंद्र साबित होगा। यहां उपलब्ध पुस्तकों, डिजिटल लाइब्रेरी और डिजिटल लर्निंग लैब का लाभ उठाकर विद्यार्थी अपनी पढ़ाई को बेहतर बना सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उसे हासिल करने के लिए मेहनत, अनुशासन के साथ अपना भविष्य बना सकेंगे। आधुनिक पुस्तकालय में सभी तरह के सुविधाये उपलब्ध कराये गये हैं। वहीं, लाइब्रेरी की सुविधाओं को देखकर विद्यार्थी भी काफी उत्साहित नजर आए। विद्यार्थियों का कहना है कि अब जिले के छात्र-छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर संसाधन और आधुनिक अध्ययन सुविधाएं स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सकेंगी, जिससे आने वाले समय में आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।
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सीतामढ़ी पुलिस ने ड्रग्स की बड़ी खेप विनष्ट कर नुकसान की पुष्टि की

Sitamarhi, Bihar:सीतामढ़ी पुलिस ने नशे के कारोबार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जब्त मादक पदार्थों की बड़ी खेप को नष्ट किया है। जिले के विभिन्न थानों में अलग-अलग पुलिस कार्रवाई के दौरान बरामद किए गए 3 हजार 657 किलोग्राम गांजा और 33 किलोग्राम चरस का विधिवत विनष्टीकरण किया गया। नष्ट किए गए मादक पदार्थों की अनुमानित कीमत करीब 10 करोड़ रुपये बताई जा रही है। नशामुक्त बिहार अभियान के तहत सीतामढ़ी SP के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। पुलिस की इस कार्रवाई को जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा माना जा रहा है। जब्त किए गए इन मादक पदार्थों का नियमानुसार विनष्टीकरण कर दिया गया।
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चोरी की घटना से परिवार में दहशत पुलिस जांच में जुटी

Manoj KumarManoj KumarFollow6m ago
Bbrasi, Uttar Pradesh:बलुआ के इटवां गांव में चोरों का आतंक, लाखों के जेवरात और नकदी पर किया हाथ साफ; बीमार किशोर पर भी किया हमला चहनिया ।बलुआ थाना क्षेत्र के इटवां गांव में बेखौफ चोरों ने एक बार फिर पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देते हुए चोरी की बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। चोरों ने मुन्ना प्रजापति के घर को निशाना बनाते हुए करीब 2 से 3 लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवरात और 12 हजार रुपये नकदी पर हाथ साफ कर दिया। घटना के दौरान घर में सो रहे 17 वर्षीय बीमार किशोर के साथ भी चोरों ने अमानवीय व्यवहार किया। आरोप है कि चोरों ने किशोर के मुंह पर स्प्रे छिड़क दिया। जब किशोर ने विरोध किया तो चोरों ने उसके सिर और पीठ पर मारपीट की। इसके बाद चोर छत के रास्ते फरार हो गए। घटना के बाद से गांव में दहशत का माहौल है। लगातार हो रही चोरी की घटनाओं से ग्रामीणों में भय और आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से रात्रि गश्त बढ़ाने और चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने की मांग की है। सूचना मिलते ही बलुआ पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच-पड़ताल शुरू कर दी। वहीं थाना प्रभारी ने जल्द ही घटना का खुलासा करने और आरोपियों को गिरफ्तार करने का भरोसा दिलाया है।
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पटना में लगातार हत्या से बिहार में कानून-राज पर विपक्ष का सवाल उठने लगा

Patna, Bihar:RJD के मुख्य प्रवक्ता शक्ति यादव ने कहा कि दिनदहाड़े पटना, बिहार की राजधानी, हत्या हो जाती है। सत्ता का इकबाल इस कदर गिरा कि अब आम आदमी का जीवन इतना सस्ता हो गया, कि जब जहां चाहे कोई यहां हत्या कर दे। शासन का इकबाल मर चुका है; विपक्ष अगर यह सवाल उठाता कि बिहार में कानून का राज मर चुका है तो सत्ता प्रतिष्ठान में बैठे लोग को मिर्ची लगती है। और एक बार अपने अंतरात्मा में झांक कर देखिए क्या बिहार का कोई गली ऐसा है जहां शांति है? प्रतिदिन बिहार के हर कोने में हत्या होती है। पटना में दो-दो हत्या, राजधानी में दो-दो हत्या, जहां मुख्यमंत्री, प्रशासन के उच्च आला अधिकारी रहते हों, तो कहां है कानून का राज? हम तो पहले से कहते रहे हैं कि गुंडाराज है बिहार के अंदर। और गुंडाराज इसलिए बना बिहार कि गुंडों का संरक्षण सत्ता से मिल रहा है। सत्ता में बैठे लोग मनबढ़ू और मनचले लोगों को संरक्षित कर रहा है। नतीजा, हत्या。
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बोतल बाबा जेल से बाहर, आश्रम में फिर दरबार सजाने लगा

Amauli Thakuran, Uttar Pradesh:कानपुर देहात में छेड़छाड़ और दुष्कर्म के प्रयास के आरोपों में करीब तीन महीने जेल में रहने के बाद चर्चित बोतल बाबा हरिओम यादव एक बार फिर अपने आश्रम में सक्रिय हो गया है। जेल से बाहर आते ही हरिधाम सरकार आश्रम में बाबा का दरबार फिर सजने लगा है और भक्तों की आवाजाही भी शुरू हो गई है। कभी गंभीर आरोपों को लेकर सुर्खियों में आया यह आश्रम अब एक बार फिर चर्चा में है। आरोपों से जेल तक का सफर मामला देवराहट थाना क्षेत्र के चैन का पुरवा गांव स्थित हरिधाम सरकार आश्रम का है। यहां के संचालक हरिओम यादव को लोग बोतल बाबा के नाम से जानते हैं। करीब तीन महीने पहले एक महिला ने बाबा पर पूजा-पाठ के बहाने अश्लील हरकत करने, दुष्कर्म का प्रयास करने, मारपीट और गला दबाकर जान से मारने की कोशिश करने के आरोप लगाए थे। महिला की शिकायत पर बाबा समेत पांच नामजद और अन्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए बाबा और उसके एक शिष्य को गिरफ्तार किया था। अब जेल से बाहर आने के बाद बाबा दोबारा अपने आश्रम में दरबार लगाने लगा है। बाबा ने आरोपों को बताया साजिश जेल से बाहर आने के बाद हरिओम यादव अपने ऊपर लगे आरोपों को साजिश बता रहा है। बाबा का दावा है कि उसे झूठे आरोपों में फंसाया गया। उसका कहना है कि उससे 50 लाख रुपये की मांग की गई थी और पैसे नहीं देने पर फंसाने की धमकी दी गई। बाबा ने यह भी दावा किया कि महिला ने मेडिकल कराने से इनकार किया था। हालांकि, ये सभी बाबा के अपने दावे हैं, इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। महिला के आरोपों और बाबा के दावों के बीच मामले की वास्तविकता जांच और न्यायिक प्रक्रिया से ही स्पष्ट होगी। जेल में भी भक्ति और बोतल का दावा बोतल बाबा का कहना है कि जेल में रहते हुए भी वह भक्ति करता रहा और अपने पास पानी की बोतल रखता था। बाबा दावा करता है कि जेल में भी वह पानी पर मंत्र पढ़ता था और वहां कुछ बंदी उसके शिष्य बन गए। उसका कहना है कि उसके बाहर आने की खबर फैलते ही भक्त दोबारा आश्रम पहुंचने लगे हैं। बाबा लौंग और जल के जरिए बीमारियां दूर करने का दावा भी करता है। पहले वह बोतल के पानी पर फूंक मारकर कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां ठीक करने का दावा करता रहा है। हालांकि, ऐसे दावों की पुष्टि के लिए कोई विश्वसनीय चिकित्सीय प्रमाण सामने नहीं है। आश्रम बंद नहीं होगा, बाबा का ऐलान बाबा का कहना है कि उस पर लगे आरोप सनातन धर्म को बदनाम करने की साजिश हैं। भगवान राम, माता सीता और भगवान कृष्ण का उदाहरण देते हुए वह खुद को भी अग्निपरीक्षा से गुजरने वाला बता रहा है। उसका दावा है कि वह जेल में भी अपने साथ बोतल रखता था और अब उसका दरबार पहले की तरह चलता रहेगा। बिहार, मुंबई, गुजरात और गोवा समेत कई राज्यों से श्रद्धालुओं के आने का दावा भी बाबा कर रहा है। करीब आठ बीघे में फैले हरिधाम सरकार आश्रम में फिर से भीड़ जुटने लगी है। सवाल यह है कि गंभीर आरोपों के बीच बाबा के दावों की सच्चाई क्या है और मामले की जांच किस नतीजे तक पहुंचेगी? फिलहाल बाबा अपने आश्रम में लौट चुका है और भक्तों के बीच अपनी पुरानी पहचान फिर कायम करने में जुटा है। T T – हरिओम यादव उर्फ बोतल बाबा
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