icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

करवा चौथ पर चीनी करवे ने बाजार में मचाई धूम, नवविवाहिताओं में खास मांग

Sri Ganganagar, Rajasthan:रायसिंहनगर. करवा चौथ के पर्व को लेकर शहर के बाजारों में रौनक बढ़ने लगी है। सुहागिन महिलाएं करवा चौथ पर्व की तैयारियों में जुटी हुई हैं, वहीं दुकानदारों ने भी त्योहार को देखते हुए अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। बाजार में जहां पूजन के लिए मिट्टी के करवे बिक रहे हैं, वहीं चीनी से बने मीठे करवे भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार करवा चौथ पर चीनी से बने करवों का पूजन करने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। यही वजह है कि हर साल त्योहार के मौके पर इनकी मांग बनी रहती है।मुख्य बाजार में करवा चौथ की खरीदारी के लिए महिलाओं की चहल-पहल देखने को मिल रही है। पूजन सामग्री के साथ-साथ मिठाइयों और चीनी से बने करवों की दुकानों पर भी ग्राहकों की भीड़ उमड़ रही है। लंबे समय से चीनी के करवे बनाने का कार्य कर रहे कारीगर जगदीश शर्मा पतासे वाले के नाम से मशहूर जिन्होंने बताया कि हर साल की तरह इस बार भी करवे बनाने का काम तेजी से किया जा रहा है। करवा चौथ के अवसर पर मीठे करवों की विशेष मांग रहती है। इन्हें तैयार करने में कारीगरों को पहले से ही जुटना पड़ता है, ताकि त्योहार के समय ग्राहकों को पर्याप्त मात्रा में करवे उपलब्ध हो सकें। चीनी से बने मीठे करवे केवल मिठास ही नहीं, बल्कि पारिवारिक परंपरा और रिश्तों की मिठास का भी प्रतीक हैं। विशेष रूप से नवविवाहिताओं के मायके पक्ष की ओर से मीठे करवे ससुराल भेजे जाते हैं। नवविवाहिताएं इन्हें अपनी सास और परिवार की बुजुर्ग महिलाओं को भेंट करती हैं। इस परंपरा के चलते करवा चौथ पर चीनी के करवों की मांग बढ़ जाती है।करवा चौथ के पर्व पर बाजारों में बढ़ती रौनक और मीठे करवों की खरीदारी से त्योहार का उत्साह साफ नजर आने लगा है। मिट्टी के करवों के साथ चीनी से बने करवों की बिक्री भी पर्व की पारंपरिक मिठास को बनाए हुए है।
0
0
Report

बारां वार्ड 23 से माया औड BJP प्रत्याशी, देश सेवा के बाद समाज सेवा उम्मीद

RMRam MehtaJust now
Baran, Rajasthan:बारां पंचायतीराज चुनाव में वार्ड क्रमांक 23 से भारतीय जनता पार्टी ने पूर्व महिला बीएसएफ जवान माया को जिला परिषद के वार्ड नंबर 23 से प्रत्याशी बनाया है। टिकट मिलने के बाद माया ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्होंने पांच साल तक देश सेवा की है, अब समाज की सेवा करना चाहती हैं। माया औड ने बताया कि पारिवारिक समस्याओं के चलते उन्हें फौज से घर आना पड़ा। वह महिला कांस्टेबल के रूप में 174 बटालियन बीएसएफ में तैनात थीं, जो फिलहाल पश्चिम बंगाल के रानीनगर में है। उन्होंने कहा कि घर आने के बाद जब उन्होंने समाज की स्थिति देखी तो लगा कि कुछ अच्छा होना चाहिए, लेकिन हो नहीं पा रहा है। इसी दौरान उन्होंने सोचा कि जब वह देश की सेवा कर सकती हैं तो समाज की सेवा क्यों नहीं कर सकतीं। परानिया निवासी माया औड ने कहा कि भाजपा ने उन पर विश्वास जताकर वार्ड 23 से टिकट दिया है। उन्हें भरोसा है कि वह चुनाव जीतेंगी और जीतने के बाद जनता की सेवा करेंगी, उनकी समस्याओं को आगे लाएंगी और उनका समाधान करने का पूरा प्रयास करेंगी।
0
0
Report

गोरखपुर के डीएवी कॉलेज मतदान केंद्र पर सपा-भाजपा समर्थकों में नोकझोंक

Gorakhpur, Uttar Pradesh:गोरखपुर में शिक्षक MLC चुनाव के मतदान के बीच डीएवी पीजी कॉलेज स्थित मतदान केंद्र पर सपा और भाजपा समर्थकों के बीच नोकझोंक हो गई। सपा प्रत्याशी डॉ. संजय त्रिपाठी के मीडिया से बातचीत करने के दौरान विवाद शुरू हुआ। भाजपा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि सपा प्रत्याशी करीब एक घंटे से कैंपस के अंदर रहकर मतदाताओं को प्रभावित कर रहे थे। हालांकि, यह आरोप भाजपा कार्यकर्ताओं की ओर से लगाया गया है। मौके पर पहुंची पुलिस ने हस्तक्षेप करते हुए दोनों पक्षों को मतदान केंद्र के गेट से बाहर कराया। इसके बाद स्थिति नियंत्रित हुई और मतदान प्रक्रिया जारी रही। गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए शुक्रवार को हो रहे मतदान के दौरान डीएवी पीजी कॉलेज स्थित मतदान केंद्र पर कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया। जानकरी के मुताबिक, सपा प्रत्याशी डॉ. संजय त्रिपाठी मतदान करने के बाद केंद्र से बाहर निकल रहे थे। इसी दौरान वह मीडिया से बातचीत करने लगे। आरोप है कि मौके पर मौजूद भाजपा कार्यकर्ताओं ने इसका विरोध किया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। भाजपा कार्यकर्ताओं का आरोप था कि सपा प्रत्याशी करीब एक घंटे से कैंपस के अंदर मौजूद रहकर मतदाताओं को प्रभावित कर रहे थे। इसी मुद्दे को लेकर दोनों पक्षों के समर्थक आमने-सामने आ गए। मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने तत्काल हस्तक्षेप किया और दोनों पक्षों को अलग कराया। पुलिस ने संबंधित लोगों को मतदान केंद्र के गेट से बाहर कराया, जिसके बाद स्थिति शांत हुई। फिलहाल, इस घटनाक्रम के बीच मतदान प्रक्रिया जारी रही।
0
0
Report
Advertisement

डेचा पंचायत में 30 साल से परिवार का दबदबा, अब विधायक पुत्र मैदान में

Dungarpur, Rajasthan:जिला डूंगरपुर विधानसभा सागवाडा अखिलेश शर्मा लोकेशन सागवाडा हेडलाइन- डेचा पंचायत में 30 साल से सरपंची पर 1 परिवार का दबदबा, अब विधायक पुत्र को चुनावी मैदान में उतारा, पंचायत में राजनीतिक विरासत की चर्चा एंकर इंट्रो- डूंगरपुर जिले की सागवाडा पंचायत समिति की ग्राम पंचायत डेचा में करीब 30 साल से सरपंची की राजनीति के केंद्र में रहे एक परिवार की विरासत इस बार फिर चर्चा में है। गांव की सरपंची से प्रधान और फिर विधायक तक पहुंचे शंकरलाल डेचा के परिवार से अब उनके पुत्र राहुल डामोर चुनावी मैदान में हैं। सरपंच चुनाव के तहत आज सागवाडा विधायक शंकरलाल डेचा के पुत्र राहुल ने अपने पिता के साथ सरपंच पद के लिए नामांकन दाखिल किया | बॉडी- डूंगरपुर जिले की सागवाडा पंचायत समिति की ग्राम पंचायत डेचा में सागवाडा विधायक शंकरलाल डेचा स्वयं एक बार सरपंच रहे हैं। वही उनकी पत्नी गंगा देवी डामोर भी चार बार सरपंच चुनी गईं, जबकि उनके भाई की पत्नी अनीता डामोर भी इस पद पर रह चुकी हैं। इस तरह परिवार करीब 6 कार्यकाल तक पंचायत की राजनीति में प्रभावी रहा है। शंकरलाल डेचा प्रधान भी रह चुके हैं और वर्तमान में विधायक हैं। इधर पंचायत चुनाव में ग्राम पंचायत डेचा में एक बार फिर चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। वर्ष 1995 से लेकर अब तक लगातार 6 बार सरपंच पद की जिम्मेदारी संभाल चुके डेचा परिवार ने इस बार भी चुनावी मैदान में ताल ठोंकी है। सागवाडा विधायक शंकरलाल डेचा और उनकी पत्नी के लगातार छह बार चुनाव जीतने के बाद, अब सातवीं बार सरपंच पद के लिए उनके बेटे राहुल डामोर ने नामांकन फॉर्म दाखिल किया है। गांव के विकास को आगे बढ़ाने का संकल्प बेटे का नामांकन दाखिल करवाने के बाद विधायक शंकरलाल डेचा ने बताया कि 1995 से अब तक गांव की जनता ने लगातार उन पर और उनके परिवार पर अपना आशीर्वाद बनाए रखा है। इस बार सातवीं बार गांववासियों के समर्थन और आशीर्वाद से उनके बेटे ने सरपंच पद के लिए दावेदारी पेश की है। उन्होंने पूर्ण विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि गांव की जनता का भरोसा और आशीर्वाद आगे भी उनके परिवार के साथ बना रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि बीते वर्षों में ग्राम पंचायत में जो भी विकास कार्य किए गए हैं और जो कार्य अधूरे रह गए हैं, उन्हें आगे पूरा करना ही उनकी पहली प्राथमिकता रहेगी। बाईट- शंकरलाल डेचा विधायक सागवाडा ग्राम पंचायत डेचा में एक तरफ जहां चुनाव में डेचा परिवार का अब तक का राजनीतिक सफर और उनका प्रभाव मुख्य चर्चा का विषय है, वहीं दूसरी तरफ गांव के मतदाताओं के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार, सड़कों की स्थिति, और पेयजल व बिजली जैसी बुनियादी जरूरतें सबसे बड़े मुद्दे हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या मतदाता एक बार फिर इसी राजनीतिक विरासत पर भरोसा जताते हैं या फिर भविष्य के विकास की नई अपेक्षाओं के साथ कोई नया विकल्प चुनते हैं। अखिलेश शर्मा जी मीडिया डूंगरपुर
0
0
Report

मधेपुरा में आचार संहिता उल्लंघन पर प्रशासन ने समर्थकों के टेंट-बैनर हटवाए

Madanpur, Bihar:कोसी स्नातक निर्वाचन 2026 के मतदान के दौरान मधेपुरा में प्रशासन ने आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन को लेकर कार्रवाई की. मधेपुरा प्रखंड सह अंचल कार्यालय के समीप विभिन्न प्रत्याशियों के समर्थकों के द्वारा लगाए गए टेंट और बैनर-पोस्टर को अधिकारियों ने हटवा दिया. इस दौरान मौके पर कुछ देर के लिए हलचल का माहौल बना रहा. जानकारी के अनुसार, प्रखंड सह अंचल कार्यालय के समीप विभिन्न राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों के समर्थकों ने बिना अनुमति टेंट लगाकर पार्टी कार्यालय जैसा ढांचा तैयार कर लिया था. वहां टेबल-कुर्सियां लगाई गई थीं और कार्यकर्ता बैठकर चुनाव संबंधी गतिविधियों में जुटे थे. टेंट पर प्रत्याशियों के नाम और तस्वीरों वाले बैनर भी लगाए गए थे. मामले की जानकारी मिलने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की. अधिकारियों ने बैनर हटवाकर जब्त कर लिया और संबंधित लोगों को तत्काल टेंट हटाने का निर्देश दिया. प्रशासन ने स्पष्ट किया कि बिना आधिकारिक अनुमति के इस तरह कार्यालयनुमा ढांचा तैयार करना और निर्वाचन नियमों का उल्लंघन करते हुए प्रचार सामग्री लगाना स्वीकार्य नहीं है. मामले में विधि सम्मत कार्रवाई की बात भी कही गई. बताया जा रहा है कि सड़क के एक तरफ राजद समर्थित नितेश यादव प्रत्याशी के समर्थकों का टेंट था, जबकि दूसरी तरफ भाजपा समर्थित एन के यादव प्रत्याशी के समर्थकों का कार्यालयनुमा ढांचा बनाया गया था. प्रशासन की अचानक हुई कार्रवाई से मौके पर मौजूद कुछ समर्थकों में नाराजगी देखी गई. हालांकि, अधिकारियों ने निर्वाचन संबंधी नियमों का हवाला देते हुए कार्रवाई को आवश्यक बताया.
0
0
Report
Advertisement

समस्तीपुर के 58 मतदान केंद्रों पर मतदान, डीएम ने किया खुद मतदान

Samastipur, Bihar:समस्तीपुर के 58 मतदान केंद्रों पर हो रहा है मतदान, डीएम ने भी किया मताधिकार का प्रयोग ।37 हजार से अधिक मतदाता करेंगे मतदान, सुरक्षा के किए गए पुख्ता इंतजाम । समस्तीपुर में दरभंगा स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव को लेकर समस्तीपुर जिले के 58 मतदान केंद्रों पर शुक्रवार सुबह 8 बजे से मतदान शुरू हो गया। जिले में कुल 36,941 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। मतदान को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए सभी मतदान केंद्रों पर दंडाधिकारी और पुलिस बल की तैनाती की गई है।मतदान के दौरान जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा ने भी अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इस मौके पर उन्होंने मतदाताओं से लोकतांत्रिक प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि मतदान लोकतंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सभी मतदाता निर्भीक होकर अपने मताधिकार का प्रयोग करें। मतदान को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन की ओर से आवश्यक व्यवस्था की गई है।स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए जिले में कुल 34,515 मतदाता हैं। इनमें 24,647 पुरुष और 9,868 महिला मतदाता शामिल हैं। इनके मतदान के लिए 34 केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 24 मूल मतदान केंद्र और 10 सहायक मतदान केंद्र हैं।वहीं, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए कुल 2,426 मतदाता पंजीकृत हैं। इनमें 1,913 पुरुष और 512 महिला मतदाता शामिल हैं। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता के लिए 24 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।सभी मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन की ओर से मतदान प्रक्रिया पर नजर रखी जा रही है, ताकि मतदाता बिना किसी परेशानी के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।
0
0
Report

पटना MLC चुनाव के दौरान DIU ने छोटू सिंह को हिरासत में लिया

Patna, Bihar:पटना MLC चुनाव के दौरान जक्कनपुर थाना क्षेत्र के करबिगहिया इलाके से DIU की टीम ने अनंत सिंह के समर्थक छोटू सिंह को डिटेन किया है। पुलिस के मुताबिक, सूचना मिली थी कि मतदान के दौरान शांति भंग करने और गड़बड़ी फैलाने की आशंका है। इसी सूचना के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए छोटू सिंह को हिरासत में लिया और पूछताछ के लिए जक्कनपुर थाने लेकर पहुंची। फिलहाल पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है। बता दें कि छोटू सिंह हाल के दिनों में JDU के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार पर टिप्पणी करने को लेकर चर्चा में आए थे। चुनाव के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस सतर्क है।
0
0
Report
Advertisement

डीडवाना- कुचामन जिला परिषद चुनाव: आखिरी दिन नामांकन के साथ सियासी ज्वार तेज

Didwana, Rajasthan:डीडवाना-कुचामन जिले में जिला परिषद चुनाव को लेकर आज सियासी सरगर्मियां तेज हो गईं। जिला परिषद के 35 वार्डों के लिए नामांकन दाखिल करने का आज अंतिम दिन है। कल तक 71 आवेदन जमा हो चुके हैं। अंतिम दिन होने के कारण कलेक्ट्रेट में आवेदकों की भारी भीड़ है। निर्वाचन विभाग की ओर से दोपहर 3 बजे तक नामांकन स्वीकार किए जाएंगे। भाजपा और कांग्रेस की नजरें आज अपने उम्मीदवारों की सूची जारी करने पर टिकी हैं। सुरक्षा के लिहाज से कलेक्ट्रेट में बेरीकेडिंग और अतिरिक्त जाब्ता तैनात किया गया है। सभी प्रशासनिक अधिकारी कलेक्ट्रेट में मौजूद हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी अवधेश मीणा और अतिरिक्त जिला निर्वाचन अधिकारी रतन लाल कलेक्ट्रेट में आवेदकों के फार्म जांच कर स्वीकार कर रहे हैं। नवगठित जिले की जिला परिषद का पहला जिला प्रमुख बनाने के लिए दोनों प्रमुख राजनीतिक दल अपनी पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में हैं। डीडवाना जिला प्रमुख का पद इस बार एससी कैटेगरी के लिए रिजर्व है। ऐसे में अंतिम दिन नामांकन के दौरान राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।
0
0
Report
Advertisement

फर्रुखाबाद एमएलसी मतदान बूथों की सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी

Farrukhabad, Uttar Pradesh:फर्रुखाबाद: एमएलसी चुनाव में डीएम-एसपी ने किया बूथों का निरीक्षण, सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा जिला - फर्रुखाबाद तारीख - 23-10-2026 ➡️ फर्रुखाबाद में आगरा खंड स्नातक एवं शिक्षक एमएलसी चुनाव के लिए मतदान जारी ➡️ डीएम डॉ. अंकुर लाठर और एसपी आरती सिंह ने मतदान केंद्रों का किया निरीक्षण ➡️ फतेहगढ़ के एमआईसी कॉलेज और बढ़पुर ब्लॉक, कमालगंज स्थित मतदान केंद्र पहुंची डीएम-एसपी ➡️ मतदान केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा ➡️ बूथों पर पुलिस बल तैनात, शांतिपूर्ण मतदान कराने के लिए सुरक्षा व्यवस्था पर नजर ➡️ सुबह 10 बजे तक स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 8.50% मतदान ➡️ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में सुबह 10 बजे तक 15.73% मतदान बाइट - डॉ अंकुर लाठर , जिलाधिकारी , फर्रुखाबाद
0
0
Report

नूंह-गुरुग्राम के पैरलल लाइसेंस रद्द: हड़तालकारियों ने तीन दिनों में सरकार से ठोस जवाब माँगा

Jhajjar, Haryana:हड़ताली बिजली कर्मचारियों की दो टूक, नूंह-गुरुग्राम के पैरलल लाइसेंस रद्द होने से कम कुछ मंजूर नहीं सीएम और ऊर्जा मंत्री को दो जिलों के लाइसेंस की जानकारी न होने का दावा बताया हास्यास्पद, बोले कर्मचारी नेता राम दर्शन कौशिक- जानकारी नहीं है तो कुर्सी छोड़कर धरने पर आकर बैठें बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के बीच पैरलल लाइसेंस का मुद्दा लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। हड़ताल कर रहे बिजली कर्मचारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि नूंह और गुरुग्राम में दिए गए पैरलल लाइसेंस रद्द किए जाने से कम उन्हें कुछ भी स्वीकार नहीं है। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी मुख्य मांग पूरी नहीं होती, तब तक आंदोलन को लेकर उनका रुख स्पष्ट और अडिग रहेगा बिजली कर्मचारी नेता राम दर्शन कौशिक ने सरकार के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि मुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री वास्तव में इस मामले से अनजान हैं, तो उन्हें अपनी कुर्सी छोड़कर बिजली कर्मचारियों के धरने पर आकर बैठना चाहिए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मांग को नजरअंदाज करने के बजाय सरकार को इस मुद्दे पर स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए और पैरलल लाइसेंस रद्द करने के संबंध में ठोस निर्णय लेना चाहिए राम दर्शन कौशिक ने कहा कि बिजली कर्मचारी अपनी मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं और सरकार से समाधान की उम्मीद लगाए बैठे हैं। कर्मचारियों की मांग है कि नूंह और गुरुग्राम में पैरलल लाइसेंस का मामला समाप्त किया जाए, ताकि बिजली कर्मचारियों की चिंताओं का समाधान हो सके। उन्होंने संकेत दिया कि कर्मचारी फिलहाल सरकार के रुख का इंतजार करेंगे, लेकिन मांग पूरी होने तक उनके आंदोलन की स्थिति में बदलाव की उम्मीद नहीं की जानी चाहिए तीन दिन तक इंतजार करेंगे कर्मचारी राम दर्शन कौशिक के अनुसार, बिजली कर्मचारी अगले तीन दिन तक इंतजार करेंगे। इसके बाद आंदोलन को लेकर आगे की दिशा तय करने के लिए सेंटर काउंसिल के फैसले का इंतजार किया जाएगा। सेंटर काउंसिल के निर्णय के बाद ही आगामी रणनीति स्पष्ट होगी। ऐसे में आने वाले तीन दिन बिजली कर्मचारियों की हड़ताल और सरकार के साथ चल रहे टकराव के लिहाज से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं फिलहाल कर्मचारियों ने साफ कर दिया है कि नूंह और गुरुग्राम के पैरलल लाइसेंस रद्द करना उनकी प्रमुख मांग है। अब देखना होगा कि सरकार कर्मचारियों की मांग पर क्या रुख अपनाती है और तीन दिन की अवधि के बाद सेंटर काउंसिल आंदोलन को लेकर क्या फैसला लेती है बाइट रामदर्शन जेइ झज्जर सुमित कुमार
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top