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PSPradeep SharmaFollow11 Oct 2024, 01:36 pm
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छत्तीसगढ़ की गड्ढों में सियासत तेज: क्या बनेगी गड्ढामुक्त सड़कें?

Begun, Rajasthan:छत्तीसगढ़ में जर्जर सड़कों को लेकर अब सियासत तेज हो गई है.. सड़क की बदहाली देखकर डिप्टी सीएम अरुण साव के अधिकारियों पर नाराज होने का वीडियो सामने आया.. तो कांग्रेस ने इसे सरकार की नाकामी स्वीकार करने वाला कदम बता दिया.. PCC चीफ दीपक बैज ने तंज कसते हुए कहा कि डिप्टी सीएम का रील उन्होंने भी देखा है.. PWD मंत्री बीच में अमेरिका गए थे, वहां स्टील का ब्रिज बना रहे थे.. लेकिन छत्तीसगढ़ में तीन साल में सरकार कोई नई सड़क नहीं बना पाई... जो सड़कें बनीं, वो दो महीने भी नहीं टिक पाईं... बैज ने आरोप लगाया कि पुरानी सड़कों का मेंटेनेंस भी नहीं हुआ... उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सड़कों से ज्यादा गड्ढे तो सरकार में हो गए हैं. और गड्ढों-जर्जर सड़कों के जरिए जेब भरने का आरोप भी लगाया. वहीं, कांग्रेस के रील कंटेंट वाले बयान पर बीजेपी ने पलटवार किया... सांसद और बीजेपी मीडिया प्रभारी संतोष पांडे ने कहा कि उनके सभी मंत्री मुस्तैदी से काम करते हैं और जहां भी कमी होती है, उसकी जांच करते हैं.. उधर, डिप्टी सीएम अरुण साव ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस के पापों की सजा छत्तीसगढ़ की जनता को भुगतनी पड़ रही है.. अब सवाल है.. सड़क के गड्ढे भरेंगे या सियासत के आरोप-प्रत्यारोप ही चलते रहेंगे? जनता को रील नहीं, गड्ढामुक्त सड़कें चाहिए!
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झाड़ियों में नवजात छोड़ने का मामला; समाजसेवियों ने बच्ची बचाई जान

RMRam MehtaJust now
Baran, Rajasthan:मानवता शर्मसार झाड़ियों में फेंकी नवजात, समाजसेवियों ने बचाई जान बारां शहर के नटराज गार्डन, उत्तम कॉलोनी क्षेत्र में इंसानियत को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। एक कलयुगी मां अपनी नवजात बच्ची को झाड़ियों में फेंक कर चली गई। बच्ची के रोने की आवाज सुनकर मोहल्ले में सनसनी फैल गई। जानकारी के अनुसार गौसेवक अमित भार्गव को झाड़ियों से नवजात के रोने की आवाज सुनाई दी। उन्होंने पास जाकर देखा तो झाड़ियों में एक नवजात बच्ची पड़ी हुई थी। अमित भार्गव ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत अपने मित्र शिवाय वेलफेयर के अध्यक्ष एवं भाजपा नेता प्रशांत विजयवर्गीय और विहिप कार्यकर्ता गौरव शर्मा गजनपुरा को सूचना दी। सूचना मिलते ही प्रशांत विजयवर्गीय, समाजसेवी अंशुल व्यास, गौसेवक अमित भार्गव और गौरव शर्मा मौके पर पहुंचे। चारों ने मानवता का परिचय देते हुए बच्ची को झाड़ियों से बाहर निकाला और तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया। साथ ही घटना की सूचना पुलिस को दी गई। फिलहाल नवजात बच्ची सुरक्षित बताई जा रही है और डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर कौन है वो परिजन जिसने मासूम को इस तरह मरने के लिए छोड़ दिया। क्षेत्र के लोगों ने बच्ची की जान बचाने वाले समाजसेवियों के इस मानवीय कार्य की सराहना की है।
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भिवंडी में पानी संकट और वायु प्रदूषण: विधायक रईस शेख ने महापालिका को घेरा

Thane, Maharashtra:भिवंडी शहरात पाणी टंचाईने नागरिकांचे प्रचंड हाल होत असताना आमदार रईस शेख यांनी महापालिका प्रशासनाला धारेवर धरले आहे. शहरात 70 बेकायदा बॉटलिंग प्लांटमुळे 20 ते 30 MLD पाणी वाया जात असून त्यावर तातडीने कारवाईची मागणी त्यांनी केली आहे. तर दुसरीकडे भिवंडीतील वाढत्या वायू प्रदूषणावरूनही त्यांनी प्रशासनाचे कान टोचले आहेत. भिवंडीचा स्वतःचा पाण्याचा स्रोत नाही. शहराला STEM प्राधिकरणातून पाणी मिळते. महाराष्ट्रात दुष्काळाची परिस्थिती आहे, तलावातील 10 टक्के पाण्याचे बाष्पीभवन होत आहे आणि त्यातच 10 टक्के पाणीकपात सुरु आहे. अशा परिस्थितीत भिवंडीकरांपर्यंत पाणीच पोहोचत नाही. आमदार रईस शेख यांनी आरोप केला की, शहरात तब्बल 70 बेकायदा बॉटलिंग प्लांट सुरु आहेत. एका प्लांटने जरी अर्धा MLD पाणी घेतले तरी 20 ते 30 MLD पाणी असेच वाया जाते. या प्लांटना कनेक्शन कुठून मिळाले? यावर FDA, प्रदूषण मंडळ आणि पोलिसांनी तातडीने कारवाई करावी. तसेच शहरात मोठ्या प्रमाणात लिकेज आहे, ते दुरुस्त केल्यास नागरिकांपर्यंत पाणी पोहोचेल. पाणी हा नागरिकांचा मूलभूत अधिकार आहे, संविधानाने जगण्याचा अधिकार दिला तसाच पाण्याचाही अधिकार आहे. रहमतपुरा कॅम्पमध्ये आम्ही 500 महिलांना भेटलो, सगळ्या त्रस्त आहेत, काही ठिकाणी रात्री 1 वाजता पाणी येते अशी व्यथा त्यांनी मांडली. दुसरीकडे आमदारांनी नागरिकांना आवाहनही केले आहे. ते म्हणाले, पाणी रातोरात वाहून जाते. नागरिकांनी इतका लालच करू नये की मला पाणी मिळाले आणि ते वाहून गेले. पाणी लिकेजपैकी अर्धे लिकेज आपल्या स्वतःमुळे होते. अल्लाहने, वरच्याने कमी पाणी दिले आहे, त्याचा वापर जबाबदारीने करा. मोठ्या घरांमध्ये, बिल्डिंगमध्ये छोटे वायसर लावा, कमी पाणी वापरा, पाण्याला नियामत समजून वापरा. 42-50 नगरसेवक आहेत, आमदार आहेत, ही त्यांची जबाबदारी आहे. आयुक्त चांगले आणि समजदार आहेत, आज आम्ही त्यांना निवेदन देत आहोत. पण जर ठोस पाऊल उचलले नाही तर महासभा चालू देणार नाही आणि महापालिकेचा घेराव होणारच असा इशारा त्यांनी दिला. भिवंडीतील वायू प्रदूषणावर बोलताना त्यांनी धक्कादायक खुलासा केला. कालचा लाईव्ह पाहिला तर संपूर्ण जगात भिवंडी 5 व्या क्रमांकावर सर्वाधिक प्रदूषित शहर होते. येथे एअर क्वालिटी मॉनिटरिंगचे इक्विपमेंट लागायला हवे ते लागलेलेच नाही. मी तीन दिवसांपूर्वी प्रदूषण बोर्डाला बोलावले होते, येत्या 10 दिवसात तुम्हाला मोठी कारवाई दिसेल.
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कोटपूतली-नीमकाथाना मार्ग पर पांच घंटे से यातायात जाम, आम आदमी परेशान

Jaipur, Rajasthan:जिला KOTPUTLI_BAHROR विधानसभा BAHROR रिपोर्टर AMIT_YADAV लोकेशन.....BAHROR.... इंट्रो: कोटपूतली-नीमकाथाना मार्ग पर यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। मार्ग पर पिछले करीब 5 घंटे से अधिक समय से लगातार लम्बा जाम लगा हुआ है, जिससे यात्रियों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जाम का असर नाहरेड़ा से लेकर चोटियां मोड़ तक देखा जा रहा है, जहां भारी ट्रॉले, बसें और छोटे वाहन ज्यों के त्यों फंसे हुए हैं। स्थानीय निवासियों और फंसे हुए वाहन चालकों का आरोप है कि जाम लगने के घंटों बाद भी मौके पर एक भी पुलिसकर्मी नहीं पहुंचा। लोगों का कहना है कि सरूंड थाना पुलिस को इस संबंध में कई बार फोन कर स्थिति से अवगत कराया गया, लेकिन इसके बावजूद पुलिस टीम ने मौके पर आना मुनासिब नहीं समझा। पुलिस की इस बेरुखी और ढुलमुल कार्यशैली को लेकर वाहन चालकों व राहगीरों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय लोगों के अनुसार, चोटियां मोड़ और बनेठी की तरफ जाने वाले मार्ग पर वाहन चालकों द्वारा जल्दबाजी के चक्कर में गाड़ियों को आड़ा-तिरछा खड़ा कर देना इस जाम की मुख्य वजह बना। मार्ग पर भारी वाहनों का दबाव बढ़ने के कारण स्थिति और विकराल हो गई। भीषण जाम के कारण बसों में सवार छोटे बच्चे, महिलाएं परेशानी का समाना करना पड़ रहा है। एम्बुलेंस जैसी आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को भी निकलने का रास्ता नहीं मिल पा रहा है। वाहन चालकों व स्थानीय लोगो ने कहा मामले मे उच्च अधिकारी संज्ञान लें और यातायात सुचारू करवाकर लापरवाह जिम्मेदारकर्मियों पर कार्रवाई करें。
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जयपुर में शांतिपूर्ण, निष्पक्ष चुनाव के लिए प्रशासन की तेज तैयारी

Jaipur, Rajasthan:Anchor-पंचायती राज चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस ने तैयारियां तेज कर दी हैं। चुनावी प्रक्रिया के बीच अब प्रशासन का विशेष फोकस संवेदनशील मतदान केंद्रों और कानून व्यवस्था पर है। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर संदेश नायक और जयपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक हनुमान प्रसाद ने सांभरलेक और कालवाड़ का दौरा कर चुनावी तैयारियों की जमीनी हकीकत जानी। इस दौरान अधिकारियों ने उपखंड कार्यालय में प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर चुनावी व्यवस्थाओं की समीक्षा की। मतदान केंद्रों पर आवश्यक सुविधाओं से लेकर संवेदनशील बूथों की स्थिति और सुरक्षा इंतजामों पर विस्तार से चर्चा हुई। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि चुनाव से जुड़ी सभी तैयारियां समय रहते पूरी कर ली जाएं, ताकि मतदान प्रक्रिया के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था नहीं हो। बैठक में संवेदनशील मतदान केंद्रों की स्थिति और कानून व्यवस्था बनाए रखने की तैयारियों पर विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर संदेश नायक और एसपी हनुमान प्रसाद ने अधिकारियों को निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों की सख्ती से पालना सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही चुनाव के दौरान प्रशासन और पुलिस के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने के निर्देश दिए। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि चुनावी प्रक्रिया के हर चरण में सतर्कता बरती जाए। मतदान केंद्रों पर जरूरी व्यवस्थाओं में किसी तरह की कमी नहीं रहनी चाहिए। स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव संपन्न कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। बैठक में सांभरलेक एसडीएम ऋषिराज कपिल, जयपुर एसडीएम खुशबू शर्मा, एसीएम अभिषेक कुमार सिंह, पुलिस उपाधीक्षक मुकेश कुमार जोशी, विकास अधिकारी रश्मि मीना और तहसीलदार पवन कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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सरदारशहर रोड शो में एंबुलेंस फंसी, बिना अनुमति कार्यक्रम पर प्रशासन से जवाब मांग

Churu, Rajasthan:सरदारशहर में शुक्रवार शाम एक लोकल सिंगर के रोड शो के दौरान ऐसा मामला सामने आया, जिसने भीड़भाड़ वाले आयोजनों और आपातकालीन सेवाओं की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। जश्न और डीजे के शोर के बीच एक गंभीर हालत में प्रसूता को लेकर अस्पताल जा रही एंबुलेंस रास्ते में फंस गई। एंबुलेंस चालक के अनुसार, करीब 15 मिनट तक इंतजार करना पड़ा। ऐसे में प्रसूता और उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई। एंबुलेंस चालक से मिली जानकारी के अनुसार, जयसंगसर निवासी एक प्रसूता की हालत गंभीर होने पर स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से उसे सरदारशहर के राजकीय उप जिला अस्पताल के लिए रेफर किया गया था। एंबुलेंस प्रसूता को लेकर अस्पताल की ओर जा रही थी, लेकिन सरदारशहर पुलिस थाने के सामने एक लोकल सिंगर का रोड शो निकलने के कारण रास्ते में परेशानी का सामना करना पड़ा। रोड शो में डीजे की तेज आवाज और लोगों की भीड़ के बीच एंबुलेंस का सायरन सुनाई नहीं देने की बात सामने आई। चालक के मुताबिक, 1 मिनट के रास्ते में एंबुलेंस को करीब 15 मिनट तक रास्ता मिलने का इंतजार करना पड़ा। मौके पर मौजूद लोग एंबुलेंस को देखते रहे, लेकिन आरोप है कि किसी ने डीजे बंद करवाने या तत्काल रास्ता खुलवाने की पहल नहीं की। एक ओर रोड शो में शामिल लोग जश्न मना रहे थे, वहीं दूसरी ओर एंबुलेंस में सवार गंभीर हालत की प्रसूता को जल्द अस्पताल पहुंचाने की जरूरत थी। ऐसे में आपातकालीन स्थिति में रास्ता उपलब्ध नहीं करवाना व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। बताया जा रहा है कि जब रोड शो पुलिस थाने के ठीक सामने पहुंचा, तब पुलिसकर्मियों ने एंबुलेंस का सायरन सुना और उसे रोड शो से आगे निकलवाया। इसके बाद एंबुलेंस को रास्ता मिल सका। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम में हुई देरी ने आपातकालीन सेवाओं के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता को लेकर सवाल खड़े कर दिए। इस मामले में एक और गंभीर पहलू सामने आया है। जानकारी के अनुसार, रोड शो के आयोजन को लेकर पुलिस प्रशासन से अनुमति नहीं ली गई थी। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि और प्रशासन का पक्ष सामने आना बाकी है। यदि बिना अनुमति रोड शो निकाला गया था, तो यह जांच का विषय है कि आयोजकों ने आवश्यक प्रक्रिया का पालन क्यों नहीं किया और यातायात व्यवस्था को लेकर पहले से इंतजाम क्यों नहीं किए गए। यदि रोड शो की पूर्व अनुमति ली गई होती और पुलिस प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित किया होता, तो संभवतः एंबुलेंस को रास्ता दिलाने में इस तरह की परेशानी से बचा जा सकता था। इस घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या किसी भी जुलूस या रोड शो के दौरान एंबुलेंस के लिए रास्ता खुला रखने की जिम्मेदारी आयोजकों की नहीं है? क्या तेज आवाज में डीजे बजाने और भीड़ के बीच आपातकालीन वाहनों की आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए कोई व्यवस्था नहीं होनी चाहिए? और यदि बिना अनुमति रोड शो निकाला गया था, तो संबंधित आयोजकों के खिलाफ प्रशासन क्या कार्रवाई करेगा? आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस को रास्ता देना केवल नियमों का पालन नहीं, बल्कि किसी की जिंदगी बचाने से जुड़ा मामला है। राहत की बात यह रही कि पुलिसकर्मियों ने एंबुलेंस को रास्ता दिलवाया, लेकिन करीब 15 मिनट की देरी ने पूरे घटनाक्रम को गंभीर बना दिया। अब देखना होगा कि पुलिस और प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं, रोड शो की अनुमति को लेकर जांच होती है या नहीं और भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं। संदेश साफ है—जश्न अपनी जगह, लेकिन किसी की जिंदगी से बढ़कर कुछ नहीं।
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हनुमानगढ़ में पूर्व सभापति सुमित रणवां को इनामी घोषित, गिरफ्तारी में मदद पर इनाम

Hanumangarh, Rajasthan:हनुमानगढ़ : पूर्व सभापति सुमित रणवां को घोषित किया इनामी वांछित, गिरफ्तारी में मदद पर 100 रुपए का इनाम घोषित, जंक्शन निवासी सुमित रणवां के खिलाफ दर्ज है विभिन्न धाराओं में मामला, टाउन थानाधिकारी को धमकाने और हिरासत में लिए आरोपी को ले जाने का है आरोप, जिला पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य ने जारी किया उद्घोषणा आदेश, पुलिस ने गिरफ्तारी में सहयोग करने की अपील, सुमित रणवां की सूचना देने के लिए एसपी कार्यालय, एएसपी कार्यालय और पुलिस कंट्रोल रूम के नंबर जारी, हनुमानगढ़ पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी या गिरफ्तारी में मदद करने वाले व्यक्ति को इनाम देने की घोषणा की
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जोधपुर के MUN में वसुंधरा राजे ने नेतृत्व और पर्यावरण का संदेश दिया

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर. शहर के एक निजी स्कूल में आयोजित मॉडल यूनाइटेड नेशंस कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने विद्यार्थियों को नेतृत्व, पर्यावरण संरक्षण और एकजुटता का संदेश दिया। राजे ने कहा कि वैश्विक बदलाव की शुरुआत स्थानीय स्तर पर किए गए छोटे-छोटे प्रयासों से होती है। उन्होंने युवाओं से अपने विचारों को धरातल पर उतारने का आह्वान किया। वसुंधरा राजे ने कहा कि एक अच्छा राजनयिक वही होता है, जो दूसरे की बात ध्यान से सुने और असहमति के बावजूद सम्मान बनाए रखे। उन्होंने विद्यार्थियों से बहस के दौरान अपने विचार मजबूती से रखने के साथ दूसरों के विचारों को भी समझने की अपील की। पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए राजे ने खेजड़ली में अमृता देवी बिश्नोई के बलिदान और पीपलांत्री में बेटी के जन्म पर 111 पेड़ लगाने की परंपरा का उदाहरण देते हुए स्थानीय प्रयासों की अहमियत बताई। उन्होंने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा के साथ अनुभव भी जरूरी है। राजे ने कहा कि जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए सभी देशों को मिलकर काम करना होगा। पेड़ काटना रोकना और अधिक से अधिक पौधे लगाना हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए उम्र बाधा नहीं है, बच्चे भी छोटे प्रयासों से बड़ा बदलाव ला सकते हैं।राजे ने कहा कि विद्यार्थी खुद को छोटा समझकर पीछे न रहें। उनके छोटे-छोटे प्रयास समाज और देश में बड़े बदलाव की नींव बन सकते हैं。
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किशनगढ़ में एडवोकेट को थप्पड़: बार ने मुख्य बाजार में विरोध की चिंगारी तेज़

Kishanganj, Bihar:किशनगढ़ में सरेबाजार अधिवक्ता को थप्पड़ मारने के मामले ने तूल पकड़ लिया। घटना से आक्रोशित बार एसोसिएशन के वकीलों ने शहर के मुख्य बाजार में जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। वकील संबंधित पुलिस अधिकारी को निलंबित करने सहित अन्य मांगों पर अड़े हैं। जानकारी के अनुसार, देर शाम सिटी रोड पर गाड़ी खड़ी करने की बात को लेकर अधिवक्ता बाबूलाल बागरिया और ट्रैफिक सीओ अंजू यादव के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। आरोप है कि इसी दौरान ट्रैफिक सीओ ने अधिवक्ता को थप्पड़ मार दिया। घटना से आहत वकील एकजुट होकर मुख्य बाजार पहुंचे और विरोध जताया। प्रदर्शन के दौरान वकीलों ने मानव श्रृंखला बनाकर एकजुटता का संदेश दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीओ सिटी धर्मराज चौधरी सहित तीन थानों का पुलिस जाब्ता मौके पर तैनात रहा। पुलिस अधिकारी वकीलों से समझाइश कर जाम खुलवाने के प्रयास में जुटे रहे। वहीं, सड़क पर जाम के चलते वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे यातायात प्रभावित हुआ।
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किसान आंदोलन: सरकार और शिष्टमंडल की वार्ता से समाधान की उम्मीद बढ़ी

Sri Ganganagar, Rajasthan:श्रीगंगानगर जिले के नई मंडी घड़साना में सिंचाई पानी की मांग को लेकर चल रहे किसान आंदोलन के बीच पंचायत समिति भवन में किसानों और सरकार की ओर से भेजे गए शिष्टमंडल के बीच वार्ता हुई। शिष्टमंडल में भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेंद्रपाल सिंह टीटी, पूर्व मंत्री निहालचंद मेघवाल, विधायक गुरवीर सिंह बराड़ सहित पूर्व विधायक एवं अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। बैठक में किसान प्रतिनिधिमंडल ने अनूपगढ़ शाखा नहर से जुड़े सिंचाई पानी के मुद्दे और किसानों की समस्याओं को विस्तार से रखा। शिष्टमंडल ने किसानों की बातों को गंभीरता से सुना और समस्याओं को बारीकी से समझा। प्रतिनिधियों ने किसानों की मांगों को जायज बताते हुए जल्द से जल्द समाधान करवाने का आश्वासन दिया। वार्ता के बाद किसानों को समस्या के समाधान की उम्मीद जगी है। अब सभी की नजरें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं।
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Congress maintains hold on Jodhpur district chief, BJP faces a test to change history

Jodhpur, Rajasthan:जिला प्रमुख की कुर्सी पर कांग्रेस का दबदबा,भाजपा के सामने इतिहास बदलने की चुनौती 11 चुनाव में कांग्रेस 09 बार काबिज,भाजपा को 2 बार मिला मौका,मदेरणा परिवार का करीब 23 साल प्रभाव,राठौड परिवार का भी लम्बा दौर जोधपुर। पंचायती राज चुनाव का बिगुल बजते ही जोधपुर जिला प्रमुख की कुसी को लेकर भाजपा और कांग्रेस में सियासी हलचल तेज हो गई है। जिला परिषद गठन के बाद हुए 11 चुनावों में कांग्रेस ने 09 बार जिला प्रमुख पद पर कब्जा जमाया,जबकि भाजपा को अब तक 02 बार ही सफलता मिली है। साल 2005 में अमिता चौधरी और साल 2015 में पूनाराम चौधरी भाजपा से जिला प्रमुख बने है। इस बार पद अनारक्षित होने से मुकाबला और दिलचस्प हो गया है। जोधपुर जिला परिषद में इस बार 43 वार्ड है। इनमें 04 एससी,01 एसटी, 05 ओबीसी और 12 सामान्य महिला सहित विभिन्न श्रेणियों में वार्ड आरक्षित है। पहले जोधपुर-फलोदी को मिलाकर 50 वार्ड थे। नए परिसीमन के बाद बदले क्षेत्र और छोटे वार्डो ने दावेदारों के साथ राजनीतिक समीकरण भी बदल दिए है। अब लडाई केवल वार्ड जीतने की नहीं,बल्कि जिला प्रमुख बनने लायक बहुमत जुटाने की है। मदेरणा परिवार का करीब 23 साल प्रभाव जिला प्रमुख की राजनीति में मदेरणा परिवार का सबसे लम्बा प्रभाव रहा है। पूर्व मंत्री महिपाल मदेरणा चार बार जिला प्रमुख रहे।पिछली बार उनकी पत्नि लीला मदेरणा ने पद संभाला और 2021 में भाजपा की चम्पा देवी को हराया। इस परिवार का करीब 23 साल तक जिला प्रमुख पद पर प्रभाव रहा है। राठौड का भी लम्बा दौर जोधपुर जिला परिषद के शुरूआती दौर में कांग्रेस के खेत सिंह राठौड का प्रभाव रहा। बताया जाता है कि 1959 से 1977 तक करीब 18 साल तक कार्यकाल रहा है। इसके बाद कांग्रेस के दूसरे लोगो को मौका मिला था। भाजपा को इस बार जोधपुर में जिला प्रमुख की उम्मीद भाजपा इस बार पूरी तैयारी के साथ चुनाव मैदान में नजर आने लगी है। जिले की आठ विधानसभा सीटों मे से पांच ग्रामीण क्षेत्र की है। जिसमें भोपालगढ को छोडकर सभी ग्रामीण सीटों पर भाजपा विधायक है। ऐसे में विधानसभा स्तर के राजनीतिक समीकरण भी जिला परिषद चुनाव में असर डाल सकते है। हालाकि मतदाता के वोटो की ताकत ही अंतिम मोहर लगाएगी की जिला प्रमुख कौन होगा लेकिन फिलहाल दोनो दल अपना दावा मजबूत बता रहे है।
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राजस्थान में राष्ट्रीय लोक अदालत से 8 लाख से अधिक प्रकरण निस्तारित, विवादों के समाधान में तेजी

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। समझौते से विवादों के निपटारे और अदालतों में लंबित मामलों का बोझ कम करने के उद्देश्य से शनिवार को प्रदेशभर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन होगा। राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर व जयपुर पीठ सहित अधीनस्थ न्यायालयों, उपभोक्ता आयोगों, राजस्व न्यायालयों एवं अन्य संस्थानों में बड़ी संख्या में प्रकरणों का निस्तारण किया जाएगा। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर आयोजित वर्ष 2026 की तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत में अब तक करीब 8 लाख 38 हजार 797 प्रकरण निस्तारण के लिए चिह्नित किए गए हैं। इनमें 4,83,737 प्री-लिटिगेशन तथा 3,55,060 न्यायालयों में लंबित प्रकरण शामिल हैं। इसके अलावा भी कई मामलों को लोक अदालत में भेजा जा रहा है। राजस्थान हाईकोर्ट, जोधपुर में सुबह 10 बजे राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ मुख्य न्यायाधीश एवं रालसा के मुख्य संरक्षक न्यायधीश संजय के. अग्रवाल की अध्यक्षता में होगा। कार्यक्रम में प्रशासनिक न्यायाधीश एवं रालसा के कार्यकारी अध्यक्ष विनीत कुमार माथुर, हाईकोर्ट विधिक सेवा समिति जोधपुर के अध्यक्ष न्यायाधिपति अरुण मोंगा सहित अन्य न्यायाधीश मौजूद रहेंगे। हाईकोर्ट की जोधपुर और जयपुर पीठ में चार-चार बेंचों का गठन किया गया है। दोनों पीठों में करीब 4319 प्रकरण निस्तारण के लिए सूचीबद्ध हैं। लोक अदालत में पक्षकारों को आपसी समझौते के माध्यम से विवादों के त्वरित और स्थायी समाधान का अवसर मिलेगा। रालसा ने आमजन से लोक अदालत का लाभ उठाने की अपील की है।
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राजसमंद पेयजल मांग पर हाईकोर्ट कोलाहल: कलेक्टर से शपथपत्र, झील के जलस्तर को प्राथमिकता

Jodhpur, Rajasthan:राजसमंद में पेयजल की जरूरत पर उलझा सरकारी हिसाब, हाईकोर्ट ने मांगा कलेक्टर का शपथपत्र झील में पीने के पानी का पर्याप्त भंडारण रखने के निर्देश, 26 नवंबर को अगली सुनवाई जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने राजसमंद जिले में पेयजल की मांग को लेकर सरकारी रिकॉर्ड में सामने आए विरोधाभास पर राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। कोर्ट ने जिला कलेक्टर को जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) से परामर्श कर शपथपत्र पेश करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही स्पष्ट किया कि राजसमंद झील में पेयजल के लिए पर्याप्त जलस्तर बनाए रखना जरूरी है और सिंचाई की जरूरत को पेयजल की प्राथमिकता से ऊपर नहीं रखा जा सकता। न्यायाधीश विनीत कुमार माथुर और न्यायधानी शर्मा की खंडपीठ ने नागरिक अधिकार एवं उपभोक्ता संरक्षण संस्थान की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए अहम आदेश पारित किया है। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रवि भंसाली ने कोर्ट को बताया कि RTI के तहत मिली जानकारी में पीएचईडी ने 30 अक्टूबर 2023 के पत्र में वर्ष 2023-24 के लिए 749.37 एमसीएफटी पानी की जरूरत बताई थी। अगले दस वर्षों में यह मांग 1100 एमसीएफटी तक बढ़ने की संभावना जताई गई थी। वहीं, 5 नवंबर 2024 की बैठक के कार्यवृत्त में वर्ष 2024-25 और 2025-26 के लिए दो वर्षों की कुल पेयजल आवश्यकता 500 एमसीएफटी बताई गई। याचिकाकर्ता ने बढ़ती आबादी के बावजूद मांग कम दर्शाने पर सवाल उठाए। राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता एसएस राठौड़ इन दोनों आंकड़ों के अंतर को स्पष्ट नहीं कर सके। उन्होंने बताया कि बैठक के आंकड़े पीएचईडी की ओर से जल संसाधन विभाग को भेजी गई मांग पर आधारित थे। हाईकोर्ट ने वास्तविक जरूरत स्पष्ट करने के निर्देश दिए। इससे पहले 6 अगस्त 2025 को भी कोर्ट इस मामले में निर्देश दे चुका है। मामले की अगली सुनवाई 26 नवंबर को होगी。
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