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उन्नाव में सास के साथ दामाद के भागने पर जेवरात चोरी मामला: सनसनीखेज पुलिस शिकायत

Unnao, Uttar Pradesh:स्लग- दामाद के साथ भागी सास, आभूषण भी ले गई। उन्नाव से एक हैरान कर देने वाला पारिवारिक मामला सामने आया है, जहाँ पत्नी, बीमार पति को छोड़कर दामाद के साथ लाखों के जेवर लेकर फरार हो गई है। बेटे ने अपनी ही माँ पर लाखों के जेवर लेकर जीजा के साथ भागने का गंभीर आरोप लगाया है। थाना अजगैन क्षेत्र का रहने वाला विंदालाल ने प्रशासन से गुहार लगाई है। आरोप है कि उसकी माँ चंदावती लगभग 10 लाख रुपये के जेवर लेकर दामाद के साथ भाग गई हैं। उन्नाव में यह घटना चर्चा का केंद्र बनी हुई है। पीड़ित के मुताबिक, उसकी माँ ने घर में बने तीन गड्ढों में छिपाकर रखे गए जेवरों को खोदकर निकाला। 2 तारीख को सुबह के समय वो जेवर खोदकर ले गईं, फिर बाद में दोबारा आकर शाम को 7 बजे के बाद बाकी बचा जेवर जमीन से खोदकर कब्जे में लेकर फरार हो गईं। विंदालाल ने बताया कि इस समय उसकी माँ थाना सोहरामऊ क्षेत्र के मिर्जापुर गांव में मिश्रीलाल के घर पर रह रही हैं। आरोपी मिश्रीलाल महिला का रिश्ते में दामाद है। महिला 2 किलोग्राम चांदी, 80 ग्राम सोना लेकर फरार हो गई है। विंदालाल का आरोप है कि प्रशासन से यही मांग है कि मेरी माँ को गिरफ्तार किया जाए और मेरी ज्वैलरी वापस दिलाई जाए। बेटे का आरोप है कि मां ने बहन के बेटे के नाम पर दो माह पहले जमीन भी कर दी है। मेरे पिता बीमार हैं और मुझे इंसाफ चाहिए। फिलहाल पीड़ित के मुताबिक अजगैन पुलिस व SSP उन्नाव को शिकायत पत्र दिया गया है मगर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। अजगैन थाना प्रभारी सुरेश सिंह बोले कि मेरी जानकारी में ऐसा कोई मामला नहीं है। पीड़ित के अनुसार 2 नवंबर को अजगैन पुलिस को प्रार्थना पत्र दिया। 5 नवंबर को SSP उन्नाव से न्याय की गुहार लगाई है। बाइट - विंदालाल, पीड़ित।
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उत्तराखंड मंत्री ने स्व-गणना और दस्तावेज रखने पर जागरूकता जताई

Karnaprayag, Uttarakhand:एंकर उत्तराखंड सरकार में राज्य मंत्री डॉ. संतोष खंडूड़ी ने कर्णप्रयाग में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने आगामी 16 नवंबर से शुरू होने वाली स्व-गणना को लेकर आमजन से बढ़-चढ़कर भागीदारी करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी लोग स्व-गणना के दौरान अपनी पूरी और सही जानकारी दर्ज करें, ताकि सरकारी रिकॉर्ड में उनकी जानकारी सही तरीके से दर्ज हो सके। एसआईआर को उन्होंने प्रदेश में रहने का अच्छा प्रमाण बताया । इससे बाहरी लोगों की पहचान हो जाएगी। राज्य मंत्री डॉ. संतोष खंडूड़ी ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने से संबंधित जरूरी दस्तावेज भी तैयार रखने चाहिए। उन्होंने लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि अपने व्यक्तिगत और पारिवारिक दस्तावेजों को व्यवस्थित रखना बेहद जरूरी है। इससे भविष्य में व्यक्ति अपनी पहचान, अधिकारों और विभिन्न योजनाओं से संबंधित अपनी दावेदारी को मजबूती से प्रस्तुत कर सकता है। उन्होंने कहा कि लोगों को इस दिशा में समय रहते जागरूक होना चाहिए, जिससे आगे किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। प्रेसवार्ता के दौरान डॉ. संतोष खंडूड़ी ने प्रदेश की भाजपा सरकार के कार्यों की भी जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार लगातार बेहतर कार्य कर रही है और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं विकास कार्यों का लाभ प्रदेश की संपूर्ण जनता को मिल रहा है। उन्होंने भाजपा सरकार की कार्यशैली पर संतोष जताते हुए कहा कि सरकार जनता के हितों को ध्यान में रखकर काम कर रही है। वहीं, कर्णप्रयाग विधानसभा सीट से आगामी चुनाव में अपनी दावेदारी को लेकर पूछे गए सवाल पर राज्य मंत्री डॉ. संतोष खंडूड़ी ने खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि यदि पार्टी उन पर भरोसा जताती है और उन्हें कर्णप्रयाग विधानसभा से चुनाव लड़ने का अवसर देती है, तो वह इसके लिए पूरी तरह तैयार हैं। उनके इस बयान के बाद कर्णप्रयाग विधानसभा क्षेत्र में उनकी राजनीतिक दावेदारी को लेकर चर्चाएं तेज होने की संभावना है.
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भारी मात्रा चरस तस्कर गिरफ्तार, यूपी से लाकर ग्रामीणों को बेचने की तैयारी

Dehradun, Uttarakhand:विकासनगर पुलिस ने एक शातिर नशा तस्कर को भारी मात्रा में अवैध चरस के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। मुखबिर की सटीक सूचना पर पुलिस ने भोजावाला क्षेत्र में खड़ी स्विफ्ट कार की तलाशी ली। तलाशी में स्विफ्ट कार के स्टीयरिंग सीट के नीचे छिपाकर रखी गई 464 ग्राम अवैध चरस बरामद हुई। गिरफ्तार आरोपी की पहचान 45 वर्षीय प्रदीप उर्फ सोनू के रूप में हुई है। आरोपी के पास चरस के साथ तस्करी में इस्तेमाल की गई स्विफ्ट कार को भी पुलिस ने सीज कर दिया। पूछताछ में तस्कर ने कबूल किया कि वो उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर से यह चरस खरीदकर लाया था और ग्रामीण इलाकों व राहगीरों को छोटी-छोटी पुड़िया बनाकर ऊंचे दामों पर बेचकर मोटा मुनाफा कमाने की फिराक में था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज कर आरोपी को सलाखों के पीछे भेज दिया। आरोपी पहले भी एनडीपीएस के मामलों में जेल की हवा खा चुका है।
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अमित शाह ने उत्तराखंड पुलिस के विकास और आपदाओं से निपटने की प्रतिबद्धता दोहराई

Noida, Uttar Pradesh:देहरादून, उत्तराखंड: 'प्रेसिडेंट्स पुलिस कलर' पुरस्कार समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, "...उत्तराखंड पुलिस के विकास का सफर जिसमें कर्मियों की संख्या 13,000 से बढ़कर 26,000 हो गई है, काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। हम सभी जानते हैं कि उत्तराखंड को अक्सर कई तरह की आपदाओं का सामना करना पड़ा है। राज्य को कई बार बड़ी प्राकृतिक आपदाओं से जूझना पड़ा है। फिर भी, चाहे SDRF के रूप में हो या उत्तराखंड पुलिस बल के रूप में, हमारे जवानों ने हर आपात स्थिति में डटकर मुकाबला किया है, चाहे वह जंगलों की आग हो, भूस्खलंन हो, केदारनाथ की भीषण बाढ़ हो, या फिर सुरंगों में फंसे मजदूरों को बचाने का काम हो। उत्तराखंड पुलिस ने ऐसी हर अप्रत्याशित आपदा का सामना अडिग संकल्प के साथ किया है۔
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महाराजगंज सिंदुरिया थाना चिउटहां चौराहे पर भीषण जाम, एक घंटे से अधिक मशक्कत के बाद भी नहीं मिली

Mohmmad SiddiqueMohmmad SiddiqueFollow7m ago
Maharajganj, Uttar Pradesh:महाराजगंज सिंदरिया थाना क्षेत्रे मे धनतेरस पर्व के मद्देनजर बाजारों में बढ़ी भीड़ और भारी वाहनों की आवाजाही ने यातायात व्यवस्था को पूरी तरह प्रभावित कर दिया। शुक्रवार को चिउटहां चौराहे पर भीषण जाम लगने से राहगीरों और स्थानीय लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे आवागमन बाधित हो गया। बताया जा रहा है कि धनतेरस के चलते बाजारों में खरीदारों की भारी भीड़ उमड़ रही है। वहीं, चौराहे से लगातार भारी वाहनों के गुजरने के कारण यातायात का दबाव बढ़ गया। देखते ही देखते चिउटहां चौराहे पर जाम की स्थिति गंभीर हो गई। जाम में दोपहिया और चारपहिया वाहन चालक काफी देर तक फंसे रहे। पैदल राहगीरों को भी सड़क पार करने और अपने गंतव्य तक पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। करीब एक घंटे से अधिक समय तक मशक्कत के बावजूद जाम पूरी तरह समाप्त नहीं हो सका। त्योहार के दौरान ऐसी स्थिति से बचने के लिए स्थानीय लोगों ने यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने, भारी वाहनों के आवागमन पर नियंत्रण लगाने और चौराहे पर यातायात प्रबंधन सुनिश्चित करने की जरूरत जताई है।
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सख्त प्रशासक के भीतर संवेदनशील कवि का दिल वंदना त्रिवेदी की अलग पहचान

Deepak DixitDeepak DixitFollow11m ago
Sawayajpur, Uttar Pradesh:हरदोई। हरदोई की अपर जिलाधिकारी रहे वंदना त्रिवेदी गरीबों को न्याय दिलाने और भ्रष्टाचार पर कार्रवाई में रही हैं आगे, तो कविता के मंचों पर अपनी रचनाओं से बांधती हैं श्रोताओं को वंदना त्रिवेदी प्रशासनिक दृढ़ता और साहित्यिक संवेदनशीलता का अनूठा संगम हैं। वरिष्ठ पीसीएस अधिकारी के रूप में उन्होंने जहां अपनी सख्त कार्यशैली, निर्णय क्षमता और जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण से अलग पहचान बनाई है, वहीं एक कवयित्री के रूप में अपने कोमल हृदय और भावपूर्ण रचनाओं से लोगों का मन भी जीता है। वर्तमान में वह डॉ. राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी में उपनिदेशक के पद पर तैनात हैं। प्रदेश के कई जिलों में महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर रहते हुए उन्होंने शासन की मंशा के अनुरूप गरीबों, जरूरतमंदों और पीड़ितों को न्याय दिलाने को प्राथमिकता दी। गोंडा में सिटी मजिस्ट्रेट के कार्यकाल के दौरान कोरोना काल में उनकी कार्यशैली विशेष रूप से चर्चा में आई थी। उस कठिन दौर में जमाखोरी करने और निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर खाद्यान्न व आवश्यक वस्तुएं बेचने वाले व्यापारियों के खिलाफ उन्होंने अभियान चलाया। इस दौरान कई व्यापारियों को रंगे हाथों पकड़ा गया और उनके खिलाफ जेल भेजने तक की कार्रवाई की । उनकी इस सख्ती ने प्रशासनिक अमले में उनकी अलग पहचान बनाई। हालांकि, वंदना त्रिवेदी की शख्सियत का एक दूसरा पहलू भी है, जो उनकी प्रशासनिक छवि से बिल्कुल अलग लेकिन उतना ही प्रभावशाली है। वह एक संवेदनशील कवयित्री भी हैं। छोटे-बड़े अनेक काव्य मंचों से लेकर मुंबई जैसे महानगर तक वह अपनी कविताओं का पाठ कर चुकी हैं। उनकी भावपूर्ण प्रस्तुति और शब्दों की संवेदना श्रोताओं को बांधे रखती है। भगवान शिव पर आधारित उनकी काव्य प्रस्तुति ने एक बार फिर उन्हें चर्चा में ला दिया है। उनकी रचनाओं में भक्ति, संवेदना और जीवन के गहरे भावों की झलक दिखाई देती है। प्रशासनिक जिम्मेदारियों के बीच साहित्य के लिए समय निकालना उनके व्यक्तित्व की विशेषता है। वंदना त्रिवेदी की पहचान केवल एक कड़क प्रशासक या मंचों पर काव्य पाठ करने वाली कवयित्री तक सीमित नहीं है। वह इस बात की मिसाल हैं कि कठोर प्रशासनिक फैसले लेने वाला व्यक्तित्व भीतर से कितना संवेदनशील हो सकता है। एक ओर अन्याय और अव्यवस्था के सामने उनका सख्त तेवर दिखता है, तो दूसरी ओर कविता के माध्यम से वही व्यक्तित्व भावनाओं, आस्था और मानवीय संवेदनाओं को स्वर देता है। यही विरोधाभास नहीं, बल्कि उनके व्यक्तित्व का सबसे खूबसूरत संतुलन है।
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