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Devendra RangireDevendra RangireFollow10 May 2025, 11:45 am

Balaghat - सीएससी केंद्रों की शिकायत के बाद युवक पर किया गया हमला

Balaghat, Madhya Pradesh:

बालाघाट तहसील परसवाड़ा में सीएससी आधार केंद्रों की कथित अनियमितताओं के खिलाफ शिकायत करना एक युवक को भारी पड़ गया। पीडि़त मोहम्मद तौसीफ कुरैशी परसवाड़ा निवासी ने शनिवार को मुख्यालय पहुंचकर एसपी से शिकायत की है जिसमें उसने बताया है कि शिकायत से नाराज होकर उस पर परसवाड़ा में जानलेवा हमला कर दिया गया है। पीडि़त तौसीफ कुरैशी ने जानकारी देते हुए बताया कि घटना 9 मई की रात लगभग 8 बजे की है, जब पीडि़त जिलानी मेडिकल के सामने मौजूद था। वहीं पर मोहित डहरवाल नामक युवक ने उस पर हमला किया और कथित तौर पर उसकी अनामिका अंगुली को दांत से काटकर अलग कर दिया। पीडि़त की मानें तो इस हमले के पीछे वजह परसवाड़ा क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित आधार केंद्रों की शिकायत है जो उन्होंने कलेक्टर और सीएम हेल्पलाइन में दर्ज कराई थी।

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रामदेवरा दीपावली: 500 किलो फूलों से बाबा रामदेव समाधि स्थल की सजावट

Jaisalmer, Rajasthan:दीपोत्सव पर्व पर बाबा का समाधि स्थल पर हुआ फूलों का विशेष श्रृंगार पुष्कर से आए कारीगरो के दौरा किया गया फूलों का श्रृंगार एक दर्जन प्रजाति के 500 किलो से अधिक फूलों से हुआ बाबा समाधि स्थल का श्रृंगार दीपावली पर्व पर प्रतिवर्ष पुष्कर के कारीगरो के द्वारा किया जाता है बाबा के समाधि स्थल पर फूलों से श्रृंगार दुल्हन की तरह विशेष रूप से सजा बाबा रामदेव का दरबार रामदेवरा, जैसलमेर दीपावली पर्व पर बाबा रामदेव समाधि स्थल पर देश भर से आने वाले भक्तों के लिए विशेष रूप से 500 किलो से अधिक फूलों से श्रृंगार किया गया है। पुष्कर के जाने-माने फूल के कारीगर जीवन राम पुष्कर व उनकी टीम के द्वारा प्रतिवर्ष बाबा रामदेव समाधि स्थल परिसर को दीपावली पर्व पर विशेष रूप से श्रंगार किया जाता है। इस अवसर पर समाधि स्थल को विविध प्रकार के फूलों से श्रृंगार किया गया। फूलों की भीनी भीनी खुशबू से संपूर्ण परिसर गुलजार दिखाई दे रहा है। देश के अलग-अलग स्थान से जो भक्त भी यहां पर दर्शन करने के लिए पहुंच रहे हैं यहां की साज सजावट व श्रृंगार देखकर काफी आनंदित हो रहे हैं। सजावट के साथ किए गए श्रृंगार के साथ अपनी फोटो भी यादगार स्वरूप ले रहे हैं धनतेरस से दीपावली तक बाबा रामदेव समाधि स्थल पर देश के अलग-अलग स्थान से दर्शन करने के लिए प्रतिदिन हजारों लोग पहुंच रहे हैं। ऐसे में यहां पर की गई सजावट लोगों को काफी पसंद आ रही है फूलों का विशेष श्रृंगार देखकर भक्त भी आनंद मय दिखाई दे रहे हैं। दीपावली पर्व पर लोग एक दूसरे के मंगल कामना की शुभकामनाएं देकर खुशहाल जीवन की भी कामना कर रहे हैं वहीं समाधि स्थल के आसपास दुकान होटल व अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठान पर भी विशेष रूप से साज सजावट की गई है। ऐसे में धार्मिक नगरी रामदेवरा दीपावली से पहले ही दुल्हन की तरह सजा हुआ नजर आ रहा है। दीपावली पर्व से लेकर एक पख़वाड़े तक गुजराती पर्यटकों की भारी बूम बूम दिखाई देने की संभावना है इसको लेकर सभी आवश्यक तैयारियां अभी से पूर्ण कर ली गई है। बाइट- जीवन राम माली पुष्कर
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मंदसौर के खिलचीपुरा कुबेर मंदिर में धनतेरस पर भक्तों की भारी भीड़ और खास पूजा

Mandsaur, Madhya Pradesh:मनीष पुरोहित/मंदसौर: धन के देवता कुबेर की पूजा का खास महत्व होता है. मंदसौर के खिलचीपुर में प्राचीन कुबेर मंदिर स्थित है , शिवलिंग के समीप पश्चिम मुखी कुबेर प्रतिमा केदारनाथ के बाद मंदसौर में ही है.मंदसौर के खिलचीपुरा में पश्चिम मुखी कुबेर प्रतिमा का मंदिर करीब डेढ़ हजार साल पुराना है. इस मंदिर के कभी पट बंद नहीं होते. (धनतेरस पर पूरी होगी हर मुराद, कभी बंद नहीं होते धन के देवता के मंदिर के पट} मंदसौर के खिलचीपुरा में पश्चिम मुखी कुबेर प्रतिमा का मंदिर करीब डेढ़ हजार साल पुराना है. इस मंदिर के कभी पट बंद नहीं होते. इस मंदिर में धनतेरस पर ख़ास पूजा होती है. जिसके लिए भक्तो की भारी भीड़ उमड़ रही है मंदिर की बनावट ऐसी है कि हर भक्त को मंदिर में सिर झुकाकर प्रवेश करना होता है. मंदिर में प्रवेश के प्राचीन दरवाजे की ऊंचाई तीन फीट के लगभग है. ऐसे में एक बार में एक ही भक्त प्रवेश कर पाता है.हालांकि आज गर्भगृह में प्रवेश बंद किया हुआ है । धनतेरस के दिन यहां दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ रहा है मंदिर के गर्भगृह में स्थित गुप्तकालीन प्रतिमा के दर्शन के लिए श्रद्धालु एक दिन पहले से ही कतार में लगे हुए है तो कई भक्त सुबह से लाइन में खड़े होकर अपनी बारी की प्रतीक्षा कर रहे है केवल मंदसौर नहीं बल्कि आसपास के जिलों के अलावा पड़ोसी राज्यों से भी लोग यहां धन के देवता की विशेष पूजा-अर्चना करते करने आते हैं. धनतेरस पर यहाँ धन के देवता कुबेर की आज पूजा की जा रही है मध्यप्रदेश के मंदसौर के खिलचीपुरा के समीप स्थित धन के देवता कुबेर का यह गुप्तकालीन मंदिर है यह विश्व का एकमात्र अनोखा मंदिर है जिसमे कुबेर के साथ साथ शिब प्रतिमा भी विराजित है कहा जाता है कि यह चमत्कारी मंदिर यहाँ बनाया नहीं गया बल्कि उड़ कर आया है क्योकि इसकी नीव नहीं है अब मंदिर कुबेर का है तो जाहिर है की खजाना भी बिखरा होगा जिसे खोजने के लिए लोग यहाँ रात में खुदाई करते है लेकिन इस प्रयास में कई लोग पागल भी हुऐ है तो कई और विपदाओं से घिरे है : माना जाता है की यहाँ से मिटटी ले जाकर तिजोरी में रखने पर वह धन में परिवर्तित हो जाता है और कुबेर की कृपा बनी रहती है शिव और कुबेर की प्रतिमाओ वाले इस चमत्कारी मंदिर में धनतेरस पर होने वाली विशेष पूजा और हवंन के लिए हजारो श्रद्धालु सुबह तड़के से ही यहाँ जुटते है माना जाता है की यहाँ धनतेरस पर कुबेर प्रतिमा के दर्शन करने से की श्रद्धालुओं की समस्त मनोकमनाए पूर्ण होती है और कुबेर प्रसन्न होकर धन धान्य से उन्हें परिपूर्ण करते है
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सनातन के पक्ष में संतों का खुला मोर्चा, अखिलेश के बयान पर दबाव बढ़ा

Mathura, Uttar Pradesh:मथुरा: वृंदावन के साधु-संतों और धर्माचार्यों ने कथा व्यास धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के समर्थन में खुलकर हुंकार भरी है और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की हालिया बयानबाजी का कड़ा विरोध किया है। संतों ने दो टूक चेतावनी देते हुए कहा है कि सनातन और कथा-भागवत के खिलाफ अब किसी भी तरह की बयानबाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संतों ने स्पष्ट किया कि राजनीतिक मानसिकता को धर्म से पूरी तरह दूर रखा जाना चाहिए। जो लोग पहले राम जन्मभूमि और कृष्ण जन्मभूमि के मुद्दों पर चुप्पी साधे रहे थे, वे आज अचानक धर्म और सनातन की बात कर रहे हैं, जो कि उचित नहीं है। संतों ने चेतावनी दी कि सनातन और धार्मिक आयोजनों का विरोध करने वालों को आगामी चुनावों में इसका भारी राजनीतिक खामियाजा भुगतना पड़ेगा। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री या अन्य धर्माचार्यों को कथा करने से रोकने की चुनौतियों पर तीखा रोष व्यक्त करते हुए संतों ने कहा कि भारत राम-कृष्ण और ऋषियों का देश है और यहाँ किसी में इतनी हिम्मत नहीं है कि वह किसी को कथा, भागवत या सत्संग करने से रोक सके। काशी विद्वत परिषद और अखाड़ा परिषद समेत तमाम संत-धर्माचार्य एकजुट हो चुके हैं और अब पूरे देश में यह आवाज उठाई जाएगी कि सनातन के खिलाफ किसी भी प्रकार की अवहेलना सहन नहीं की जाएगी तथा इस पर सख्त एक्शन लिया जाएगा। अंत में संतों ने घोषणा की कि जो भी व्यक्ति कृष्ण जन्मभूमि, सनातन धर्म और ऋषि-संत मुनियों के हितों की बात करेगा, केवल वही उनका अपना माना जाएगा。
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श्रावस्ती में नकली नोट छापने वाले गिरोह का पर्दाफाश; 3 गिरफ्तार

Shravasti, Uttar Pradesh:श्रावस्ती में नकली नोट छापने वाले गिरोह का पुलिस एवं एसटीएफ ने बड़ा खुलासा किया है। सोनवा पुलिस और एसटीएफ लखनऊ की संयुक्त टीम ने गिरिराज राइस मिल में छापेमारी कर नकली नोट छापते हुए तीन अभियुक्तों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। मौके से एक लाख 74 हजार रुपये के जाली नोट, कलर प्रिंटर और नोट छापने में इस्तेमाल होने वाली तमाम सामग्री बरामद हुई है। पूछताछ में सामने आया है कि दीपावली के त्योहार पर बाजार में नकली नोट खपाने की तैयारी थी। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान बहराइच निवासी गिरिजा शंकर जायसवाल, श्रावस्ती निवासी नरेन्द्र कुमार चौरसिया और वृजेन्द्र गोस्वामी के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, मौके से 100, 200 और 500 रुपये के कुल 804 जाली नोट बरामद हुए हैं, जिनकी कुल कीमत एक लाख 74 हजार रुपये है। इसके अलावा कैनन कलर प्रिंटर, चार इंक रिफिल, पेपर, कटर ब्लेड, कैंची, स्केल और तीन मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी यूट्यूब वीडियो और मुंबई में मिली जानकारी के आधार पर नकली नोट छापने का तरीका सीखकर इस अवैध कारोबार में जुटे थे। वृजेन्द्र नोटों की छपाई करता था, जबकि उसके दोनों साथी नोटों की कटाई, गड्डियां बनाने और पैकिंग का काम करते थे। आरोपियों ने दीपावली के त्योहार पर बाजार में नकली नोट खपाने की योजना बनाई थी। दुकानदारों से खरीदारी और जुआ खेलने वालों के बीच नकली नोट चलाने की तैयारी थी। इतना ही नहीं, एक लाख रुपये के असली नोट के बदले तीन लाख रुपये के नकली नोट देने के लिए ग्राहक भी तलाशे जा रहे थे। इस अवैध कारोबार से होने वाले मुनाफे को तीनों आपस में बराबर बांटने वाले थे。
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गोरखनाथ मठ को धमकी: बर्खास्त फायरमैन जितेंद्र राठौर संदिग्ध

Gorakhpur, Uttar Pradesh:उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मठ को जलाने की धमकी मिलने से हलचल मच गया है। धमकी देने वाले ने UP-112 पर फोन कर मठ में आग लगाने की बात कही। फोन करने वाले ने अपनी पहचान आगरा के बर्खास्त फायरमैन जितेंद्र राठौर के रूप में बताई। इतना ही नहीं, उसने खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सक्रिय सदस्य भी बताया है। धमकी भरी कॉल सामने आने के बाद गोरखपुर से लेकर आगरा तक पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई। पुलिस कॉल की रिकॉर्डिंग, मोबाइल नंबर और कॉलर की पहचान से जुड़ी जानकारियों की जांच कर रही है। सवाल यह है कि आखिर गोरखनाथ मठ को निशाना बनाने की धमकी देने वाला जितेंद्र राठौर कौन है और उसने इस तरह की धमकी क्यों दी? दरअसल, UP-112 के कंट्रोल रूम में एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को आगरा का बर्खास्त फायरमैन जितेंद्र राठौर बताया। उसने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मठ को आग लगाने की धमकी दी। कॉल के दौरान जितेंद्र ने कहा कि अगर निर्धारित समय के भीतर उसे अपनी जांच आख्या नहीं मिली तो वह गोरखपुर पहुंचकर मठ में आग लगा देगा। उसने यह भी कहा कि इसके परिणाम चाहे जो हों, उसे इसकी परवाह नहीं है। कॉल पर मौजूद महिला पुलिसकर्मी ने उसे समझाने और कोई गलत कदम नहीं उठाने की सलाह दी। लेकिन कॉल करने वाला लगातार अपनी मांग और धमकी दोहराता रहा। धमकी भरी कॉल के दौरान जितेंद्र राठौर ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सक्रिय सदस्य होने का दावा भी किया। हालांकि, उसके इस दावे की अभी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। उसने अपनी परेशानी का जिक्र करते हुए रिफाइनरी के प्रवीण तिवारी पर उसे गलत कदम उठाने के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया। उसने पुलिसकर्मी से अपनी पूरी बात रिकॉर्ड करने की भी अपील की। कॉल के दौरान उसने कई नारे लगाए और बार-बार जांच आख्या नहीं मिलने पर गोरखनाथ मठ को निशाना बनाने की धमकी दोहराई। आगरा से गोरखपुर तक पुलिस अलर्ट: मामले की गंभीरता को देखते हुए UP-112 कंट्रोल रूम से संबंधित अधिकारियों को सूचना दी गई। इसके बाद आगरा और गोरखपुर पुलिस को अलर्ट किया गया। पुलिस अब कॉल की रिकॉर्डिंग, मोबाइल नंबर और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले की पड़ताल कर रही है। साथ ही धमकी देने वाले की वास्तविक मंशा और लॉरेंस गैंग से उसके कथित संबंधों की भी जांच की जा रही है。 कौन है जितेंद्र राठौर? अब जानिए आखिर गोरखनाथ मठ को धमकी देने वाला जितेंद्र राठौर कौन है? जितेंद्र राठौर मूल रूप से शिकोहाबाद का रहने वाला बताया जाता है। वह फायर सर्विस विभाग में फायरमैन के पद पर तैनात था। लेकिन अनुशासनहीनता, अधिकारियों के खिलाफ सोशल मीडिया पर विवादित टिप्पणियां और बिना अनुमति सरकारी वर्दी में अलग-अलग शहरों में प्रदर्शन करने जैसे आरोपों के बाद विभाग ने उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया था। विभाग की ओर से जारी कारण बताओ नोटिस का निर्धारित समय में जवाब नहीं देना भी उसकी बर्खास्तगी के आधारों में शामिल बताया गया है। छात्रा से छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न का मुकदमा: जितेंद्र राठौर का विवादों से पुराना नाता भी रहा है। वर्ष 2024 में आगरा के दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट की एक छात्रा की शिकायत पर उसके खिलाफ न्यू आगरा थाने में छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ था। इसके बाद उसे निलंबित कर दिया गया था। hहालांकि, जितेंद्र इन आरोपों को गलत बताते हुए खुद को निर्दोष बताता रहा है। उसका दावा है कि उसने शिक्षा माफिया के खिलाफ आवाज उठाई थी, जिसके चलते उसे झूठे मुकदमे में फंसाया गया है। उसका पूर्व विरोध प्रदर्शन: जितेंद्र राठौर इससे पहले भी अपने अनोखे विरोध प्रदर्शन को लेकर चर्चा में आया था। आगरा की दीवानी कचहरी में वह फायर सर्विस की वर्दी पहनकर और चेहरे पर काली पॉलीथिन लगाकर कॉकरोच की तरह रेंगते हुए पहुंचा था। उसके हाथों में अखबारों की कटिंग भी थी। इस दौरान उसने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की गुहार लगाई थी। उसका कहना था कि शिक्षा माफिया के खिलाफ आवाज उठाने की कीमत चुका रहा है। दो साल से न्याय के लिए भटकने का दावा: जितेंद्र राठौर ने अपने पुराने बयानों में दावा किया था कि उसने 12 फरवरी 2024 को नकल माफिया के खिलाफ हरीपर्वत थाने में FIR दर्ज कराई थी। इसके बाद 9 जुलाई 2024 को उसी व्यक्ति ने अपनी बेटी को सामने रखकर उस पर यौन उत्पीड़न का झूठा आरोप लगवा दिया। जितेंद्र का यह भी दावा था कि कथित घटना के दिन वह महाराजगंज में ड्यूटी पर तैनात था। उसने कहा था कि वह पिछले दो साल से न्याय के लिए भटक रहा है और शिक्षा माफिया के खिलाफ आवाज उठाने की कीमत चुका रहा है। halांकि, ये सभी उसके अपने दावे हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित मुकदमों की वर्तमान कानूनी स्थिति की जानकारी सामने आना बाकी है। फिलहाल गोरखनाथ मठ को धमकी देने के इस मामले ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। एक तरफ बर्खास्त फायरमैन की विवादित पृष्ठभूमि सामने आ रही है, तो दूसरी तरफ लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ने का उसका दावा भी जांच के दायरे में है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह सिर्फ अपनी जांच आख्या पाने के लिए दबाव बनाने की कोशिश थी या इसके पीछे कोई दूसरी मंशा है? पुलिस जांच के बाद ही पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी。
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धनतेरस पर जालौन पुलिस ने 145 खोए मोबाइल लौटाये, कीमत 21.75 लाख

Jalaun, Uttar Pradesh:धनतेरस पर जालौन पुलिस ने दिया खुशियों का तोहफा, 21.75 लाख की कीमत के 145 लोगों को लौटाए खोए मोबाइल फोन जालौन में दीपावली से पहले धनतेरस के पावन अवसर पर जालौन पुलिस ने 145 लोगों के चेहरों पर मुस्कान लौटाकर उन्हें खुशियों का अनमोल तोहफा दिया। पुलिस ने चोरी और गुम हुए 145 मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक स्वामियों को वापस सौंप दिए। लंबे समय बाद अपना खोया हुआ मोबाइल हाथ में पाकर लोगों की खुशी देखते ही बनी। बरामद मोबाइल फोन की अनुमानित कीमत करीब 21 लाख 75 हजार रुपये बताई गई है। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक सुरेश चंद्र रावत और अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. इशांत सोनी ने उरई पुलिस लाइन में संयुक्त रूप से प्रेस कांफ्रेंस कर कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अपर पुलिस महानिदेशक कानपुर जोन अनुपम कुलश्रेष्ठ एवं पुलिस महानिरीक्षक झांसी परिक्षेत्र आकाश कुलहरि के निर्देशन और पर्यवेक्षण में मोबाइल बरामदगी के लिए विशेष अभियान चलाया गया था। एसपी ने बताया कि साइबर क्राइम थाना और जनपद के विभिन्न थानों की गठित साइबर टीमों ने लगातार प्रयास कर यह सफलता हासिल की। मोबाइल गुम होने के संबंध में प्राप्त शिकायतों और प्रार्थना पत्रों के आधार पर CEIR पोर्टल की मदद ली गई। तकनीकी जांच और लगातार निगरानी के जरिए विभिन्न थाना क्षेत्रों सहित अन्य जनपदों से गुम हुए 145 मोबाइल फोन खोजकर बरामद किए गए। पुलिस अधीक्षक जालौन सुरेश चंद्र रावत ने बरामद मोबाइल फोन उनके वास्तविक मालिकों को वितरित किए। मोबाइल वापस मिलने पर लोगों ने पुलिस की इस सराहनीय पहल की प्रशंसा करते हुए आभार जताया।
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बिरसिंहपुर के सराफा व्यापारी के घर से डेढ़ करोड़ आभूषण चोरी, दरवाजा भीतर बंद

Satna, Madhya Pradesh:सतना। जिलeे के बिरसिंहपुर में शातिर चोरों ने सराफा व्यापारी के घर से करीब डेढ़ करोड़ के सोने-चांदी के जेवर उड़ा लिए। चोरी का तरीका देख पुलिस भी उलझन में है, क्योंकि घटना के बाद घर का दरवाजा अंदर से बंद मिला। जानकारी के अनुसार, बिरसिंहपुर निवासी सराफा व्यापारी दीपू सोनी की नीचे ज्वेलरी दुकान और ऊपर मकान है। व्यापारी के मुताबिक वह पत्नी के साथ 4 नवंबर को जबलपुर गए थे। 5 नवंबर की शाम करीब 7 बजे लौटे तो ऊपरी मंजिल के कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिला। काफी कोशिश के बाद भी दरवाजा न खुलने पर वे नीचे दुकान के बगल वाले कमरे में सो गए。 शुक्रवार सुबह कर्मचारी के साथ फिर दरवाजा खोलने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद पड़ोसी की छत से देखा तो पीछे का दरवाजा आधा खुला दिखा। कर्मचारी छत के रास्ते अंदर घुसा और अंदर से बंद दरवाजा खोला। अंदर पहुंचने पर दीवान और अलमारी में रखे जेवर गायब मिले। हैरानी की बात है कि घर में तोड़फोड़ नहीं हुई थी और बाकी सामान व्यवस्थित था。 सूचना पर एडिशनल एसपी प्रेमलाल कुर्वे और सभापुर थाना प्रभारी शंखधर द्विवेदी मौके पर पहुंचे। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और यह पता लगा रही है कि बदमाश अंदर कैसे घुसे और बाहर कैसे निकले।
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ओरछा के लक्ष्मी मंदिर में दीपावली पर माता लक्ष्मी की पूजा की मान्यता

Niwari, Madhya Pradesh:देश का एक अनूठा मंदिर जो उल्लू की चोंच एवं श्री यंत्र के आकार में तांत्रिक विधि से बना बताया जाता है, ओरछा रियासत की राजधानी बुंदेलखंड के ओरछा शहर में स्थित है, जहां भगवान राम को राजा के रूप में पूजा जाता है। जामुनी और बेतवा नदी के किनारे बसा यह ऐतिहासिक नगर कई सांस्कृतिक धरोहरों को समेटे हुए है, इनमें रामराजा मंदिर, जहांगीर महल, राजा महल, चतुरभुज मंदिर, लक्ष्मीनारायण मंदिर प्रमुख हैं। लक्ष्मीनारायण मंदिर 17वीं सदी की शुरुआत में बना और 1622 ईस्वी में वीर सिंह जूदेव ने बनवाया था; यह ओरछा के पश्चिम में एक पहाड़ी पर बना है। यह मंदिर पिछले 40 सालों से मूर्ति विहीन है और 17वीं तथा 19वीं शताब्दी के चित्र कैद हैं, जिनके चटक रंग जीवंत लगते हैं। रामायण, महाभारत, झांसी की लड़ाई के दृश्य और कृष्ण लीला की आकृतियाँ मंदिर दीर्घाओं में दिखती हैं। यह मंदिर श्रीयंत्र के आकार में उल्लू की चोंच को दर्शाते हुएreti तांत्रिक विधि से बना एक ख़ास मंदिर माना जाता है। दीपावली के दिन दीपक जलाने से मां लक्ष्मी की पूजा की मान्यता है, और 1983 में मूर्तियाँ चोरी होने के बाद से गर्भगृह का सिंहासन खाली पड़ा है। 17वीं सदी के तथ्यों के अनुसार यह मंदिर धन की देवी माता लक्ष्मी को समर्पित है; मंदिर में माता की प्रतिमा नहीं होने के बावजूद भक्त पूजा करते हैं और माथा टेककर दर्शन किए बिना लौट जाते हैं। धनतेरस से दीपावली तक हजारों लोग ओरछा पहुँचते हैं। ऐसी मान्यता है कि दीपावली की रात मंदिर परिसर में दीपक प्रज्वलित करने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं।
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