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वैशाली के राघोपुर नाव हादसे में 13 बच्चों की मौत, प्रशासन पर गहरा आक्रोश

Hajipur, Bihar:वैशाली के राघोपुर में बड़ा नाव हादसा हुआ है जिसमें 13 बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई है। राघोपुर प्रखंड क्षेत्र के रामपुर श्यामचंद गांव के पास नाव फट जाने से यह हादसा हुआ है। बताया जा रहा है कि सभी बच्चे एक ही गांव के हैं जो नाव से भोज खाने जा रहे थे। सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि एक ही परिवार के 7 बच्चों की मौत हो गई है। रामपुर श्यामचंद गांव के रामप्रवेश राय उर्फ राजा के परिवार के 7 बच्चे इस हादसे का शिकार हुए हैं। घटना की सूचना मिलते ही डीएम, एसपी सहित तमाम आला अधिकारी मौके पर पहुंचे लेकिन घटना को लेकर लोग में आक्रोश था और आक्रोशित लोगों ने डीएम का जमकर विरोध किया। बता दें कि नाव फटने से यह हादसा हुआ है और लोग आक्रोशित हैं। लोगों का आरोप है कि नाव पुराना और जर्जर था जिसे बदलने के लिए ग्रामीणों ने बार बार आवेदन दिया लेकिन नाव नहीं बदली गई जिसका नतीजा है कि इस तरह का हादसा हुआ। ग्रामीणों की मांग है कि सीओ पर हत्या का केस दर्ज होना चाहिए। साथ ही लोगों ने बताया कि अस्पताल में एक ही डॉक्टर मौजूद थे और एम्बुलेंस भी नहीं थी। इतना ही नहीं अस्पताल में ऑक्सीजन सिलेंडर और वेंटिलेटर की भी सुविधा नहीं थी जिससे लोगों ने डीएम का जमकर विरोध किया और डीएम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की; मजबूरन डीएम को वापस लौटना पड़ा। फिलहाल सभी शव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में रखा गया है और शव लोग उठने नहीं दे रहे हैं। राघोपुर स्वास्थ्य केंद्र से हालात का जायजा लिया गया।
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जम्मू-कश्मीर में जुम्मा खुत्बा थीम को लेकर वक्फ बोर्ड बनाम नेताओं में विवाद

Srinagar, Uttarakhand:वक्फ बोर्ड के शुक्रवार के खुतबे के प्रस्ताव से J&K में विवाद अंद्राबी ने कहा कि यह पहल धार्मिक विद्वानों का मिला-जुला फैसला हैl उमर अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती, MMU और दूसरे नेताओं ने जुमे के खुतबे की थीम को स्टैंडर्ड बनाने के कदम का विरोध किया। श्रीनगर, जम्मू कश्मीर वक्फ बोर्ड के मस्जिदों और उससे जुड़े धार्मिक संस्थानों में जुमे खुत्बे के लिए एक जैसी थीम लाने के प्रस्ताव से राजनीतिक और धार्मिक विवाद खड़ा हो गया है, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, PDP अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती, मुताहिदा मजलिस-ए-उलेमा (MMU) और कई राजनीतिक नेताओं ने इस कदम का विरोध किया है। हालांकि, वक्फ बोर्ड की चेयरपर्सन डॉ. दरख्शां अंद्राबी ने साफ किया कि यह पहल उनका निजी फैसला नहीं था, उन्होंने कहा कि यह इमामों, मुफ्तियों और मौलवियों की मिली-जुली पहल हैं। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित जुमे के खुत्बे में समाज के सामने आने वाले कई सामाजिक मुद्दوں पर बात करेंगे, जिसमें युवाओं में नशे की लत और दूसरी सामाजिक बुराइयां शामिल हैं। अंद्राबी ने यह भी कहा कि कुछ लोग उनके बयान को गलत तरीके से पेश करने की कोशिश कर रहे हैं, उनका कहना है कि इस पहल का मकसद धार्मिक संस्थाओं के ज़रिए ज़रूरी सामाजिक चिंताओं को दूर करना हैं। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस प्रस्ताव को मंज़ूर नहीं बताया और BJP पर मुसलमानों के धार्मिक मामलों में दखल देने का आरोप लगाया। X पर एक पोस्ट में, उन्होंने वक्फ बोर्ड के चेयरपर्सन से इस पहल को वापस लेने को कहा। PDP प्रेसिडेंट महबूबा मुफ़्ती ने भी श्रीनगर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस प्रस्ताव की आलोचना की, और सवाल किया कि शुक्रवार के खुतबे में इमाम क्या पढ़ाएंगे, यह कौन तय करेगा। उन्होंने कहा कि स्थानीय धार्मिक विद्वान अपने-अपने समुदायों की चिंताओं और ज़रूरतों को बेहतर ढंग से समझ सकते हैं। महबूबा ने तर्क दिया कि मस्जिदें ज़्यादातर स्थानीय लोगों के योगदान से बनी हैं और धार्मिक विद्वानों को अपने खुतबों में बताए गए मुद्दों पर फैसला करने का अधिकार होना चाहिए। उन्होंने वक्फ बोर्ड को जम्मू कश्मीर सरकार के एडमिनिस्ट्रेटिव कंट्रोल में लाने की भी मांग की। मीरवाइज़ उमर फारूक की लीडरशिप वाली मुताहिदा मजलिस-ए-उलेमा ने भी इस प्रपोज़ल का विरोध किया और कहा कि धार्मिक गाइडेंस और सरमन का कंटेंट तय करना उलेमा, इमाम और मान्यता प्राप्त धार्मिक संस्थाओं के अधिकार क्षेत्र में आता है। MMU ने वक्फ बोर्ड से कहा कि वह सरमन के टॉपिक या स्क्रिप्टेड भाषण तय करने के बजाय वक्फ प्रॉपर्टी और संस्थाओं के मैनेजमेंट, मेंटेनेंस और प्रोटेक्शन पर फोकस करे। श्रीनगर के पूर्व मेयर जुनैद मट्टू और बडगाम MLA आगा मुंतज़िर मेहदी ने भी इस प्रपोज़ल की आलोचना की और कहा कि बोर्ड की ज़िम्मेदारी धार्मिक बातचीत को रेगुलेट करने के बजाय वक्फ प्रॉपर्टी के मैनेजमेंट पर ही केंद्रित रहनी चाहिए। बडगाम MLA आगा मुंतज़िर मेहदी ने इस प्रपोज़ल का विरोध करते हुए कहा कि वक्फ बोर्ड का रोल धार्मिक बातचीत तय करने के बजाय वक्फ प्रॉपर्टी और संस्थाओं के मैनेजमेंट तक ही सीमित रहना चाहिए। मेहदी ने कहा कि धार्मिक विद्वान अपने समुदायों से जुड़े मुद्दों की पहचान करने और शुक्रवार के सरमन के दौरान यह तय करने में सक्षम हैं कि किन मुद्दों पर ध्यान देने की ज़रूरत है। उन्होंने चेतावनी दी कि कॉमन थीम तय करने का इस्तेमाल धार्मिक संस्थाओं के जरिए किसी खास कहानी को बढ़ावा देने के लिए किया जा सकता है। यह विवाद अंद्राबी के उस ऐलान के बाद हुआ है जिसमें उन्होंने कहा कि वक्फ से जुड़े धार्मिक संस्थाओं में शुक्रवार के खुत्बे के लिए कॉमन थीम की पहचान करने और उन्हें फाइनल करने के लिए मुफ्तियों, इमामों और खतीबों की एक कोर कमेटी बनाई जाएगी। हालांकि BOARD चेयरपर्सन ने इस पहल को सामाजिक समस्याओं को हल करने के लिए एक मिलकर किए गए प्रयास के तौर पर पेश किया है, लेकिन विरोधियों ने धार्मिक आज़ादी और खुत्बे का कंटेंट तय करने के अधिकार को लेकर चिंता जताई है। जुमे के भाषण विवाद के बीच मौलाना अब्दुल रशीद दाऊदी डॉ.दरख्शां अंद्राबी के सपोर्ट में आए हैं। दाऊदी ने कहा कि डॉ. दरख्शां अंद्राबी ने यह नहीं कहा हैं कि जुमे का भाषण कोई पॉलिटिकल पार्टी या सरकारी अधिकारी तैयार करेंगे। उन्होंने साफ किया कि जुमे का भाषण इमाम और खतीब देंगे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोग और पॉलिटिकल नेता इस मुद्दे का राजनीतिकरण कर रहे हैं और इसे पॉलिटिकल मकसद के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। जम्मू-कश्मीर के ग्रैंड मुफ्ती मुफ्ती नसीर-उ-इस्लाम ने मस्जिदों और धार्मिक संस्थानों में शुक्रवार के भाषण के लिए एक जैसे विषय तय करने के वक्फ बोर्ड के प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने कहा है कि यह कदम लोगों की भावनाओं के खिलाफ है और इससे धार्मिक आज़ादी पर चिंताएं बढ़ती हैं। इस बहस ने वक्फ बोर्ड की भूमिका, धार्मिक विद्वानों की आज़ादी और सामाजिक मुद्दों को हल करने के लिए शुक्रवार के खुत्बे के इस्तेमाल को पूरे जम्मू-कश्मीर में तेज़ी से फोकस में ला दिया है।
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हॉल्दिया में सुमन वट्टाचार्य के साथ जहाज़ कारखाने के लिए निवेश का ऐलान

Haldia, West Bengal:হলদিয়া: রাজ্যের মুখ্যমন্ত্রী শুভেন্দু অধিকারী घोषনা করেছেন বাংলায় শিল্পপতিদের শিল্প গড়তে চাইলে তাদের পাশে থাকবে রাজ্য সরকার। মুখ্যমন্ত্রীর ঘোষনার পর রাজ্যের অন্যান্য প্রান্তের পাশাপাশি শিল্প শহর হলদিয়ায় বিনিয়োগ করতে চলেছেন শিল্পপতীরা। হলদিয়ার কুঁকড়াহাটিতে জাহাজ তৈরি কারখানা গড়ে তুলতে উদ্যোগী শিল্পপতি সুমন ভট্টাচার্য। সি মেলোডি শিপিয়ার্ড প্রাইভেট লিমিটেড নামক একটি শিল্প সংস্থা গোয়া সহ অন্যত্র জাহাজ তৈরি কাজ করছে। এবার তারা শিল্প শহর হলদিয়ায় কারখানা গড়ে তোলার চায়। মঙ্গলবার হলদিয়ার একটি গেস্ট হাউসে সাংবাদিক বৈঠক করেন শিল্পপতি সুমন ভট্টাচার্য। উপস্থিত ছিলেন হলদিয়ার বিধায়ক প্রদীপ বিজলী। এদিন সুমনবাবু বলেন, " হলদিয়ায় কারখানা গড়ে তোলার চেস্টা দীর্ঘদিনের। বিগত সরকারের আমলে তা গড়ে তোলা সম্ভব হয়নি। নতুন সরকারের মুখ্যমন্ত্রী কথা শুনে আস্বস্ত হোলাম। হলদিয়ায় জাহাজ কারখানা গড়ে তোলার প্রাথমিক কাজ শুরু করেছি। আগামী দিনে অন্যান্য কাজ করার চিন্তাভাবনা রয়েছে। আমরা হলদিয়ায় হাজার কোটি টাকা বিনিয়োগ করে ইচ্ছুক।" শুরু হয়েছে বাঙালির শ্রেষ্ঠ উৎসব দুর্গোৎসব। সেই উৎসবে হলদিয়ার মানুষের মুখে হাসি ফোটাতে হলদিয়ার দরিদ্র মানুষের হাতে পুজোর নতুন পোষাক তুলে দেওয়ার জন্য শিল্পপতি সুমন ভট্টাচার্য বিধায়কের হাতে পুজোর নতুন পোষাক তুলে দেন। বিধায়ক প্রদীপ বিজলী জানান, " আমাদের সরকার শিল্প গড়ে তোলার জন্য শিল্পপতিদের পাশে থাকছে। ফলে রাজ্যের পাশাপাশি হলদিয়ায় নতুন নতুন শিল্প গড়ে ওঠছে এবং কর্মসংস্থান বাড়ছে। সুমনবাবুর ও আমার মিলে মোট ১০ হাজার পুজোর নতুন পোষাক হলদিয়ার প্রান্তিক এলাকার মানুষের হাতে তুলে দেওয়া হচ্ছে।"
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शहडोल में 735 किलो गांजे के साथ ट्रक चालक गिरफ्तार, करोड़ों मूल्य का तस्करी मामला उजागर

Shahdol, Madhya Pradesh:शहडोल गांजा तस्करी का बड़ा खुलासा 735 किलो गांजा जब्त, ट्रक चालक समेत दो गिरफ्तार ,कीमत 1.13 करोड़ रुपये से ज्यादा मध्य प्रदेश के शहडोल में गांजा तस्करी के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। ट्रक में ड्राइवर की सीट के पीछे विशेष जगह बनाकर छिपाया गया 735 किलो 440 ग्राम गांजा बरामद किया गया है। गांजे को 18 बोरियों और 81 पैकेटों में छिपाकर ले जाया जा रहा था। पुलिस ने ट्रक चालक समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जब्त गांजा, ट्रक और मोबाइल फोन की कुल कीमत करीब 1 करोड़ 13 लाख 55 हजार रुपये बताई जा रही है। शहडोल-रीवा मुख्य मार्ग पर जयसिंहनगर पुलिस की गश्त के दौरान गांजा तस्करी के इस बड़े मामले का खुलासा हुआ। जानकारी के मुताबिक, नवरात्र पर्व के मद्देनजर पुलिस रात और सुबह गश्त कर रही थी। इसी दौरान एक संदिग्ध ट्रक पुलिस गश्ती वाहन को टक्कर मारते-मरते बचा। इसके बाद पुलिस ने ट्रक का पीछा कर उसे रोक लिया। पुलिस ने ट्रक चालक और खलासी से पूछताछ की, लेकिन उनके जवाब संतोषजनक नहीं मिले। संदेह होने पर जब ट्रक की तलाशी ली गई, तो पुलिस भी हैरान रह गई। ट्रक में चालक की सीट के पीछे बनाई गई विशेष जगह में गांजा छिपाकर रखा गया था। पुलिस ने मौके से 735 किलो 440 ग्राम गांजा बरामद किया, जिसे 18 बोरियों और 81 पैकेटों में रखा गया था। मामले में पुलिस ने ट्रक चालक समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जब्त गांजा, ट्रक और मोबाइल फोन की कुल कीमत करीब 1 करोड़ 13 लाख 55 हजार रुपये आंकी गई है। पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय कुमार अग्रवाल के निर्देश पर मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इसी अभियान के तहत जयसिंहनगर पुलिस ने यह कार्रवाई की। आरोपियों ने बताया कि यह गांजा उड़ीसा से सतना ले जाया जा रहा था लेकिन सतना जिले से पहले ही शहडोल पुलिस की मुश्तेजी से तस्करों पर प्रहार कर दिया, अन्य जानकारी के लिए आरोपियों से पूछताछ भी जारी है आने वाले दिनों में और आरोपियों के खुलासे हो सकते हैं,,
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तिरुमला ब्रह्मोत्सव में फूल प्रदर्शनों से रामायण के प्रसंगों का आकर्षण

Hyderabad, Telangana:तिरुमला में चल रहे नवरात्रि ब्रह्मोत्सवम में फूलों के प्रदर्शन आकर्षण बढ़ा रहे हैं, जहां रामायण से जुड़े महत्त्वपूर्ण दृश्यों वाले सुंदर प्रदर्शनों को सजाया गया है. दूर-दूर से आए तीर्थयात्रियों को इन प्रदर्शनों का आनंद लेने का मौका मिल रहा है और वे अपने बच्चों को रामायण के मूल्यों और महत्व के बारे में समझा रहे हैं. Zee Media ने कर्नाटक से आए एक परिवार से बातचीत की, जिसने बताया कि वे अपने बच्चों को मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम, लक्ष्मण और सीता से परिचित करवा रहे हैं, उनके गुणों और भारतीय संस्कृति में उनके महत्व को उजागर कर रहे हैं. साथ ही टीटीडी गार्डन अधीक्षक श्री एसरीनिवास ने फूलों की विविधता और Mythological concepts का विवरण दिया. Zee Media के गिरी Tirumala से इस खास रिपोर्ट लेकर आया है.
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उधम फिश पॉइंट आग: खिड़की से कूदकर बची कई जानें, सुरक्षा समीक्षा की मांग

New Delhi, Delhi:वेलकम जाफराबाद के उधम फिश पॉइंट के रसोईघर में लगी आग, जान बचाने के लिए खिड़की से कूदे लोगरेस्टोरेंट में मची अफरा-तफरी, महिला ओर लोगो के खिड़की से कूदने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल; उत्तर पूर्वी दिल्ली के थाना वेलकम इलाके में स्थित उधम फिश पॉइंट में रसोईघर में सिलेंडर में आग लगने की घटना से हड़कंप मच गया। रेस्टोरेंट में खाना खा रहे लोगों के बीच अचानक अफरा-तफरी का माहौल बन गया। अपनी जान बचाने के लिए पहली मंजिल पर मौजूद महिला और पुरुष छत की ओर भागने लगे। हालात ऐसे बन गए कि कुछ लोग छत से कूदकर अपनी जान बचाने का प्रयास करने लगे। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक महिलाए अपनी जान बचाने के लिए खिड़की से नीचे कूदती दिखाई दे रही है। प्रत्यक्ष रूप से सामने आए वीडियो ने रेस्टोरेंट में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, आग लगने के वास्तविक कारण और घटना के दौरान हुए नुकसान की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। समय रहते आग पर काबू, टला बड़ा हादसा जानकरी के अनुसार, उधम फिश पॉइंट के रसोईघर में सिलेंडर में आग लगने के बाद वहां मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। आग की खबर मिलते ही लोगों ने अपनी जान बचाने की कोशिश शुरू कर दी। दूसरी मंजिल पर मौजूद लोगों के सामने सुरक्षित बाहर निकलने का रास्ता कितना मुश्किल हो गया होगा, इसका अंदाजा वायरल वीडियो से लगाया जा सकता है। गनीमत रही कि आग पर समय रहते काबू पा लिया गया। यदि आग तेजी से फैलती या लोगों को बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिलता, तो यह घटना किसी बड़े हादसे में बदल सकती थी। फिलहाल आग लगने के कारणों की स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। मामले में संबंधित विभागों की जांच और आधिकारिक जानकारी का इंतजार है। बिना फायर एनओसी चल रहे रेस्टोरेंटों पर सवाल इस घटना के बाद उत्तर पूर्वी दिल्ली में संचालित रेस्टोरेंटों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय स्तर पर कई रेस्टोरेंटों में अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम और फायर एनओसी को लेकर सवाल उठाए जाते रहे हैं। हालांकि, उधम फिश पॉइंट के पास फायर एनओसी थी या नहीं, इसकी पुष्टि संबंधित विभाग के रिकॉर्ड से होना जरूरी है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर किसी रेस्टोरेंट के लिए अग्निशमन विभाग की अनुमति और सुरक्षा संबंधी शर्तें अनिवार्य हैं, तो उनका पालन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी किस अधिकारी की है? क्या लाइसेंस जारी करने से पहले सभी जरूरी दस्तावेजों और सुरक्षा मानकों की जांच की जाती है? क्या समय-समय पर ऐसे प्रतिष्ठानों का निरीक्षण भी किया जाता है? दिल्ली नगर निगम की जिम्मेदारी पर उठे सवाल रेस्टोरेंट के संचालन से जुड़े लाइसेंस और अग्नि सुरक्षा संबंधी अनुमतियां अलग-अलग विभागों के अधिकार क्षेत्र में आ सकती हैं। ऐसे में दिल्ली नगर निगम और संबंधित अग्निशमन विभाग को अपने-अपने स्तर पर यह स्पष्ट करना चाहिए कि संबंधित प्रतिष्ठान के पास कौन-कौन सी अनुमतियां थीं और सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं। यदि किसी प्रतिष्ठान में जरूरी सुरक्षा इंतजामों की कमी पाई जाती है, तो नियमनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही, उत्तर पूर्वी दिल्ली के अन्य रेस्टोरेंटों का भी निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि वहां आग बुझाने के उपकरण, सुरक्षित निकास मार्ग और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की उचित व्यवस्था मौजूद हो। उधम फिश पॉइंट की घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर किसी बड़े हादसे के बाद ही सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा क्यों होती है? संबंधित विभागों को मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके और रेस्टोरेंट में खाना खाने आने वाले लोगों की जान सुरक्षित रह सके।
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बेतिया के पूजा पंडालों में सुरक्षा चेक, सीसीटीवी और डीजे पर प्रतिबंध लागू

Bettiah, Bihar:बेतिया से खबर है जहां बेतिया डीएम तरनजोत सिंह एसपी कुमार गौतम ने शहर के पूजा पंडालों का निरीक्षण किया शांतिपूर्ण सौहार्दपूर्ण वातारण में पूजा सम्पन्न कराने को लेकर जिला प्रशासन सतर्क है बेतिया डीएम ने सभी पूजा पंडालों के आयोजकों को सख्त दिशा निर्देश दिए है सभी पूजा पंडाल सीसीटीवी कैमरा के जद में रहेंगे अग्नि सुरक्षा प्राथमिक उपचार की सुविधा सभी पूजा पंडाल में रहेंगे डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा बेतिया डीएम तरनजोत सिंह ने पावर हाउस,कालीबाग, बानू छपर,सहित आधा दर्जन पूजा पंडालों का निरीक्षण किया डीएम के साथ बेतिया एसपी नगर आयुक्त तमाम अधिकारी मौजूद रहे
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विदिशा में 100 साल पुरानी स्टीम इंजन ट्रेन से मां दुर्गा की झांकी आकर्षण केंद्र

Vidisha, Madhya Pradesh:विदिशा में अनोखी झांकी... 100 साल पुरानी स्टीम इंजन ट्रेन के स्वरूप में सजी मां दुर्गा की झांकी, देखने उमड़ रही भीड़... मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में इन दिनों शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर एक बेहद ही अनूठी और आकर्षक झांकी चर्चा का विषय बनी हुई है। मोहनगिरी विदिशा के रहने वाले पवन पेंटर और उनकी समिति के सदस्यों ने मिलकर लगभग 100 साल पुरानी स्टीम इंजन (भाप से चलने वाली ट्रेन) की थीम पर एक शानदार झांकी तैयार की है। इस अनोखी ट्रेन में 10 डिब्बे और एक इंजन बनाया गया है, जिसके जरिए नई पीढ़ी को पुराने इतिहास से रूबरू कराया जा रहा है। विदिशा में नवरात्रि के दौरान स्थापित की गई इस भव्य और अनूठी रेलवे झांकी को देखने के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। इस झांकी की खास बात यह है कि इसे एक ट्रेन का रूप दिया गया है, जिसमें कुल 10 डिब्बे और एक इंजन शामिल है। इस ट्रेन में इंजन के चालक के रूप में भगवान भोलेनाथ को विराजमान किया गया है, जबकि पहले से लेकर नौवें डिब्बे तक अलग-अलग नौ देवियों (स्वरूपों) की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। वहीं, ट्रेन के 10वें और आखिरी डिब्बे में गणेश जी को गार्ड (गार्ड बाबू) के रूप में दर्शाया गया है जो हरी झंडी दिखाते नजर आते हैं। इस पूरी झांकी को तैयार करने में लगभग एक महीने का समय लगा है और इसकी लागत 6 से 7 लाख रुपये आई है। भक्तों की गिनती के लिए एक विशेष 'टिकट घर' भी बनाया गया है ताकि रोजाना आने वाले श्रद्धालुओं का रिकॉर्ड रखा जा सके। यहाँ हर दिन हजारों की संख्या में भक्त पहुंचकर माता के दर्शन कर रहे हैं और इस अनूठी कला की सराहना कर रहे हैं。
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नवरात्रि के मौके पर वृद्ध माताओं को देवी स्वरूप सजाकर पूजा

Vidisha, Madhya Pradesh:शारदीय नवरात्रि के अवसर पर विदिशा के श्री हरि वृद्धाश्रम में एक विशेष आयोजन किया गया, जहां वृद्धाश्रम में रहने वाली माताओं को मां दुर्गा के नौ स्वरूपों में सजाकर उनकी पूजा-अर्चना की गई. भोपाल से आई आर हेयर मेकअप अकादमी की कलाकारों की टीम ने वृद्ध माताओं को अलग-अलग देवी स्वरूपों में तैयार किया. इसके बाद महाआरती कर माताओं का सम्मान किया गया. आयोजन का उद्देश्य समाज को यह संदेश देना रहा कि जिस तरह हम देवी के विभिन्न स्वरूपों की पूजा करते हैं, उसी तरह अपने घरों में जन्म देने वाली माताओं को भी सम्मान और प्रेम देना चाहिए. इंदिरा शर्मा ने कहा कि यहाँ रहने वाली कई माताएं अपनों के व्यवहार से आहत होकर वृद्धाश्रम में रहने को मजबूर हैं. मां जन्म देने वाली होती है और उसका स्थान ईश्वर से भी ऊपर माना जाता है. ऐसे में हर परिवार को अपनी मां का सम्मान करना चाहिए और उन्हें वह स्थान देना चाहिए जिसकी वे हकदार हैं. कार्यक्रम में शामिल कलाप्रेमी सौम्या शर्मा ने भी वृद्ध माताओं को देवी स्वरूप में सजे देखकर प्रसन्नता जताई. उन्होंने लोगों से अपील की कि त्योहारों के अवसर पर वृद्धाश्रम पहुंचकर बुजुर्गों के साथ समय बिताएं, उनके जीवन में खुशियां बांटें और अपने घर के बुजुर्गों को कभी अकेला न छोड़ें. भाजपा नेता मनोज कटारे ने आयोजन को सराहनीय बताते हुए कहा कि नवरात्रि के दौरान वृद्ध माताओं को नौ दुर्गा का स्वरूप देकर उनकी पूजा करना समाज को एक महत्वपूर्ण संदेश देता है. उन्होंने वृद्धाश्रम संचालक वेद प्रकाश और इंदिरा शर्मा सहित पूरी टीम के प्रयासों की सराहना की. वहीं समाजसेवी राजकुमार सोनी ने कहा कि इस तरह के आयोजन से वृद्धजनों के प्रति सम्मान की भावना मजबूत होती है. उन्होंने कहा कि वृद्धाश्रम में रहने वाले बुजुर्ग समाज का अमूल्य हिस्सा हैं और उनकी सेवा करना किसी पर उपकार नहीं, बल्कि सौभाग्य की बात है. आयोजन के माध्यम से लोगों को अपने माता-पिता की सेवा करने और उन्हें सम्मान के साथ जीवन देने का संदेश दिया गया. नवरात्रि के दौरान आयोजित यह कार्यक्रम वृद्ध माताओं के सम्मान और समाज में बुजुर्गों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने की पहल के रूप में सामने आया.
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विदिशा में त्योहार सुरक्षा: हथियार पर रोक, डीजे-ध्वनि नियम कड़ाई से लागू

Vidisha, Madhya Pradesh:विदिशा में नवरात्रि, दशहरा और दीपावली को लेकर पुलिस-प्रशासन अलर्ट मोड पर है। त्योहारों में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा का खाका तैयार कर लिया है। चल समारोह में हथियार लेकर चलने पर रोक रहेगी, तो डीजे की तेज आवाज और नियमों की अनदेखी करने वालों पर भी कार्रवाई होगी। झांकियों और गरबा पंडालों में सीसीटीवी से निगरानी की जाएगी। मंगलवार को कलेक्टर अंशुल गुप्ता और एसपी रोहित काशवानी की मौजूदगी में हुई शांति समिति की बैठक में सुरक्षा, ट्रैफिक और भीड़ प्रबंधन को लेकर कई अहम निर्देश दिए गए। त्योहारों में उत्साह के बीच कोई हुड़दंग न हो और शहर की शांति व्यवस्था बनी रहे, इसके लिए विदिशा पुलिस और प्रशासन ने कमर कस ली है। शांति समिति की बैठक में तय किया गया कि चल समारोह के दौरान हथियारों की अनुमति नहीं होगी और पुलिस आयोजकों के साथ चेकिंग भी करेगी। झांकियों, गरबा पंडालों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जाएगी। आयोजक समितियों को अपने वालंटियर की सूची पुलिस को देनी होगी, जबकि व्यवस्थापकों के पहचान पत्र भी जारी किए जाएंगे। वहीं, डीजे संचालकों को निर्धारित समय और ध्वनि सीमा के नियमों का पालन करना होगा। उल्लंघन पर कार्रवाई की जाएगी। झांकियों के आसपास एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड के लिए रास्ता खाली रखने के साथ बिजली की सुरक्षित व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए हैं। प्रशासन ने सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट से बचने और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की है। Üdvebodan Anshul Gupta, Collector प्रशासन की तैयारी साफ है कि त्योहार पूरे उत्साह से मनाइए, लेकिन सुरक्षा और नियमों का उल्लंघन करके नहीं। अब देखना होगा कि इन निर्देशों का जमीन पर कितना सख्ती से पालन कराया जाता है। बाइट - रोहित काशवानी, SP विदिशा।
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हरदोई के संडीला में डेयरी फैक्ट्री पर छापा, सिंथेटिक दूध की खबर से हड़कंप

Hardoi, Uttar Pradesh:हरदोई में दूध फैक्ट्री पर छापा,संडीला डेयरी उद्योग कंपनी में कथित सिंथेटिक दूध मिलने से हड़कंप,कई घंटे से जांच जारी हरदोई के संडीला इंडस्ट्रियल एरिया में संडीला डेयरी उद्योग कंपनी पर छापेमारी से हड़कंप मच गया। फैक्ट्री में भारी मात्रा में कथित सिंथेटिक दूध मिलने की सूचना सामने आई है। खाद्य विभाग से मिले इनपुट के आधार पर देर रात शुरू हुई कार्रवाई कई घंटे से जारी बताई जा रही है। दूध की गुणवत्ता और उसकी वास्तविक प्रकृति को लेकर अब गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। छापेमारी के दौरान एएसपी श्लोक गौतम और एसडीएम नारायणी भाटिया पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद हैं। अधिकारियों की मौजूदगी में फैक्ट्री की जांच की जा रही है। कथित सिंथेटिक दूध मिलने की सूचना के बाद इस कार्रवाई को अहम माना जा रहा है। हालांकि, मौके से कितनी मात्रा में दूध मिला है और वह वास्तव में सिंथेटिक है या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामला सीधे तौर पर आम लोगों की सेहत से जुड़ा है। ऐसे में खाद्य विभाग की जांच और प्रशासन की कार्रवाई पर सबकी निगाहें टिकी हैं। अब यह देखना अहम होगा कि जांच में दूध की गुणवत्ता को लेकर क्या खुलासा होता है और जिम्मेदारों के खिलाफ क्या कदम उठाए जाते हैं।फिलहाल मामले में आधिकारिक विस्तृत बयान का इंतजार है।
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शाजापुर की चुनरी यात्रा भक्तिमय माहौल, माता राजराजेश्वरी के दर्शन के साथ

Shajapur, Madhya Pradesh:एंकर- शाजापुर शहर में हाथों में डांडिया, मुख पर माता के जयकारे और मन में अटूट आस्था। शहर में निकली चुनरी यात्रा में सैकड़ों श्रद्धालु भक्ति और उत्साह के साथ शामिल हुए। लालपुरा से निकली यह चुनरी यात्रा 13वें वर्ष आयोजित की गई। यात्रा के दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। यात्रा से पहले श्रद्धालुओं ने माता का पूजन किया। इसके बाद नवदुर्गा उत्सव समिति लालपुरा के तत्वावधान में चुनरी यात्रा प्रारंभ हुई। यात्रा कंस चौराहा, आजाद चौक, नई सड़क, बस स्टैंड और एबी रोड होते हुए मां राजराजेश्वरी मंदिर पहुंची। यहाँ श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। विधि-विधान से पूजन-अर्चन के बाद माता को आस्था की चुनर ओढ़ाई गई। यात्रा का यह 13वां वर्ष है। माता को चुनरी अर्पित कर विश्व कल्याण, अच्छी बारिश और सुख-समृद्धि की मंगल कामना की गई। भजनों पर झूमे श्रद्धालु, जगह-जगह स्वागत डीजे पर बजते भजनों की धुन पर श्रद्धालु नाचते-गाते और डांडिया खेलते हुए आगे बढ़े। मार्ग में विभिन्न संगठनों और प्रतिष्ठानों ने चुनरी यात्रा का स्वागत किया। स्वागत के दौरान पुष्पवर्षा से सड़कें फूलों से पट गईं। माता के जयकारों के बीच यात्रा का माहौल पूरी तरह भक्तिमय नजर आया।
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