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VSVipan SharmaFollow3 Aug 2024, 03:07 pm
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केशव प्रसाद मौर्य ने 403 की चर्चा से विपक्ष पर स्पष्ट टिप्पणी की

Prayagraj, Uttar Pradesh:प्रयागराज, उत्तर प्रदेश: उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने विधानसभा चुनाव पर कहा, "राहुल गांधी और अखिलेश यादव भारतीय जनता पार्टी के सत्ता में बने रहने से बेचैन थे। जब उन्होंने आज तीन नहीं, 403 की बात की, तो मैं समझ गया कि उनको अपनी हैसियत का अंदाजा लग गया है। 403 की बात वो 2022 में भी कर रहे थे। उस समय उनके साइकिल की चेन मुझे लगता है कि 100 के नंबर पूरा करने से पहले उतर जाएगी और समाजवादी पार्टी का सूपड़ा साफ हो जाएगा।"प्रयागराज, उत्तर प्रदेश: उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने CEC के खिलाफ प्रदर्शन करने और नेताओं के डिटेंशन पर कहा, "अगर कोई संवैधानिक संस्था के खिलाफ कोई ज्ञापन देना है, धरना-प्रदर्शन करना है, शांतिपूर्ण ढंग से करें। उसका अधिकार है, करें। लेकिन अगर कोई व्यवस्था को चुनौती देने का काम करेगा, तो पुलिस अपना काम करेगी।"
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जोधपुर कोर्ट ने एचपीसीएल परिसर विकास पर रोक हटाकर योजना पेश करने कहा

Jodhpur, Rajasthan:जो़धपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने एम्स जोधपुर के सामने स्थित एचपीसीएल परिसर में प्रस्तावित विकास कार्यों पर लगी अंतरिम रोक हटा दी है। कोर्ट ने एचपीसीएल को अपने विकास कार्य आगे बढ़ाने की अनुमति देते हुए एम्स की पार्किंग और मल्टी सुपर स्पेशियलिटी सुविधा की विस्तृत योजना भी पेश करने के निर्देश दिए हैं। न्यायाधीश विनीत कुमार माथुर और न्यायाधीश चंद्रशेखर शर्मा की खंडपीঠ ने चंद्रशेखर की याचिका पर सुनवाई के दौरान यह आदेश दिया। कोर्ट ने 10 दिसंबर 2024 और 6 फरवरी 2025 को जारी अंतरिम आदेशों को समाप्त कर दिया। इन आदेशों के तहत एचपीसीएल परिसर में निर्माण एवं विकास गतिविधियों पर यथास्थिति के निर्देश थे। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि एचपीसीएल का रिफिलिंग प्लांट अब उपयोग में नहीं है, इसलिए उसकी जमीन का उपयोग एम्स आने वाले मरीजों के वाहनों की पार्किंग के लिए किया जा सकता है। वहीं अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल भरत व्यास ने बताया कि 2 सितंबर 2025 और 2 अगस्त 2026 की बैठकों में तय हुआ कि एचपीसीएल की जमीन सड़क के दूसरी ओर होने के कारण एम्स पार्किंग के लिए उपयुक्त नहीं है। एएसजी ने बताया कि एम्स में मल्टी लेवल पार्किंग और मल्टी सुपर स्पेशियलिटी सुविधा विकसित करने की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। इसके लिए वर्ष 2016 में काजरी से मिली 67 एकड़ जमीन के उपयोग पर भी विचार किया जा रहा है। कोर्ट ने केंद्र सरकार को चार सप्ताह में पार्किंग और मल्टी सुपर स्पेशियलिटी सुविधा का विस्तृत लेआउट प्लान पेश करने को कहा है। काजरी को भी अपनी मौजूदा आधारभूत संरचना और भविष्य की भूमि उपयोग योजना की जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं। अगली सुनवाई 6 नवंबर को होगी。
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पासपोर्ट रिन्यूअल नहीं: हत्या जैसे अपराध पर राजस्थान हाईकोर्ट का अहम फैसला

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने पासपोर्ट अधिनियम से जुड़े एक अहम मामले में फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि हत्या (धारा 302/149 आईपीसी) जैसे गंभीर अपराध में दोषी ठहराए गए व्यक्ति को पासपोर्ट रिन्यू कराने की अनुमति नहीं दी जा सकती। न्यायाधीश मुन्नुरी लक्ष्मण और न्यायाधीश बलजिंदर सिंह संधू की खंडपीठ ने चूरू निवासी जिनेंद्र सिंह की याचिका को खारिज कर दिया। याचिकाकर्ता को मई 2023 में निचली अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी, जिसके against उसकी अपील हाईकोर्ट में लंबित है। उसने अपने पासपोर्ट के रिन्यूअल के लिए अदालत से अनुमति मांगी थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पासपोर्ट अधिनियम, 1967 की धारा 6(2)(ई) का हवाला दिया। इसके तहत यदि किसी व्यक्ति को पिछले 5 वर्षों के भीतर नैतिक अधमता से जुड़े अपराध में दो साल या उससे अधिक की सजा हुई हो, तो पासपोर्ट जारी या रिन्यू नहीं किया जा सकता। सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का संदर्भ देते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि घातक हथियारों से किया गया हमला और हत्या जैसा अपराध गंभीर नैतिक अधमता की श्रेणी में आता है। कोर्ट ने कहा कि ​लंबित ट्रायल और सजायाफ्ता मामले में फर्क है कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जिन मामलों में मुकदमा केवल लंबित होता है, वहां कानून में अदालत की अनुमति से पासपोर्ट जारी करने की राहत दी जा सकती है। लेकिन जहाँ व्यक्ति को दोषसिद्ध किया जा चुका हो, वहाँ पासपोर्ट अधिनियम के तहत ऐसी कोई छूट उपलब्ध नहीं है।
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Bengaluru Zomato विवाद: हिंदी सिखाने को कहा, सुरक्षा कर्मी पर बवाल; बाद में माफी

Noida, Uttar Pradesh:‘Learn Hindi or Quit Your Job’: Zomato Supervisor Faces Backlash, Later Apologises in Kannada A supervisor at a Zomato warehouse in Bengaluru has landed in controversy after allegedly asking employees to learn Hindi. A video of the supervisor telling staff, “I don’t know Kannada, I will speak only in Hindi. If you want to work here, learn Hindi. otherwise quit,” has gone viral on social media. According to reports, the supervisor, identified as Ashok, made the remarks while speaking to employees. In the viral video, he can be heard speaking in Hindi and instructing the staff to learn the language. Employee Says ‘This Is Karnataka’; Supervisor Says ‘I Will Speak Only in Hindi’ In the viral video, an employee is heard telling Ashok, “This is Karnataka.” In response, the supervisor reportedly says that he will speak only in Hindi. He is heard saying, in essence, “I don’t know Kannada. I speak Hindi. If you want to work here, learn Hindi. If you want to quit the job, I have no problem.” As the video spread across social media, the incident triggered criticism and anger among sections of the public. Kannada Activists Protest Outside Zomato Warehouse Following the incident, activists from Kannada organisations reportedly gathered outside the Zomato warehouse and demanded action against the supervisor. A complaint was also reportedly filed against the supervisor, with activists demanding that he be removed from his job. A petition was submitted to Madanayakanahalli police in connection with the incident, according to reports. Police reportedly took Ashok into custody for some time to prevent the situation from escalating. Ashok Later Apologises in Kannada As the controversy intensified, Ashok released another video in which he apologised in Kannada. With folded hands, he reportedly apologised if his remarks had hurt anyone and assured that such an incident would not happen again. Language Row Sparks Debate in Bengaluru Bengaluru has witnessed several controversies in the past over the use and recognition of Kannada, the local language. The latest incident at a Zomato warehouse has once again sparked debate on social media over language preferences and the use of Kannada in workplaces in Karnataka.
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राजस्थान हाईकोर्ट का शिक्षकों की नियुक्ति तिथि और वेतन पर बड़ा आदेश

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर. राजस्थान हाईकोर्ट जस्टिस कुलदीप माथुर ने शिक्षकों की प्रथम नियुक्ति तिथि की गणना तथा ग्रीष्मकालीन अवकाश के वेतन भुगतान से जुड़ी एक महत्वपूर्ण याचिका का निस्तारण करते हुए बड़ा आदेश दिया है। याचिकाकर्ता कैलाश चंद चौधरी एवं 63 अन्य शिक्षकों/सेवानिवृत्त शिक्षकों की ओर से अधिवक्ता शौर्य प्रताप सिंह राठौड़ के माध्यम से दायर की गई थी। याचियों का तर्क था कि उनकी नियुक्ति नियमित चयन प्रक्रिया के तहत हुई थी और कार्यग्रहण की वास्तविक तिथि से ही उन्हें स्थायी कर्मचारी माना जाना चाहिए। पूर्व में प्रशासनिक निर्देशों के कारण 31 दिसंबर के बाद नियुक्त कर्मचारियों को ग्रीष्मकालीन अवकाश का वेतन नहीं दिया जाता था और उनकी चयन वेतनमान की तिथि की गणना में भी विसंगति आ रही थी। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं के वकील ने कोर्ट के पूर्व में जोरावर सिंह बनाम राजस्थान राज्य में दिए गए निर्णय का हवाला दिया। उसमें कोर्ट ने माना था कि कार्यग्रहण की वास्तविक तिथि ही प्रारंभिक नियुक्ति तिथि मानी जाएगी और कर्मचारी ग्रीष्मकालीन अवकाश के वेतन सहित सभी सेवा लाभों के हकदार होंगे। कोर्ट ने मामले का निपटारा करते हुए याचिकाकर्ताओं को दो सप्ताह के भीतर संबंधित सक्षम प्राधिकारी के समक्ष अपनी विस्तृत नुमाइंदगी पेश करने की अनुमति दी। साथ ही, संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे पूर्व फैसले के परिप्रेक्ष्य में दो सप्ताह में प्राप्त अभ्यावेदन पर विचार करें और अधिकतम 12 सप्ताह (तीन माह) के भीतर एक तार्किक और स्पष्ट आदेश जारी करें। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि विभाग याचिका में किए गए दावों की सत्यता की जांच करने के लिए स्वतंत्र होगा और तथ्यों के सही पाए जाने पर ही नियमानुसार राहत प्रदान की जाएगी।
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CO ट्रैफिक के निरीक्षण में बिना कैप यातायात उपनिरीक्षक एवं सिपाही, निर्धारित वर्दी को लेकर उठे सवाल

Umesh TrivediUmesh TrivediFollow19m ago
Unnao, Uttar Pradesh:उन्नाव में 06 अक्टूबर को CO ट्रैफिक प्रदीप कुमार मौर्य ने सरैया क्रासिंग, मरहला चौराहा, बदरका चौराहा और गदनखेड़ा बाईपास पर डायवर्जन ड्यूटी में लगे पुलिसकर्मियों की ड्यूटी चेक की। पुलिस मुख्यालय के निर्देशों में ड्यूटी के समय पुलिसकर्मियों को समुचित एवं निर्धारित वर्दी धारण करने के निर्देश हैं। निरीक्षण के दौरान CO ट्रैफिक प्रदीप कुमार मौर्य स्वयं कैप लगाए हुए नजर आए, जबकि उनके सामने ड्यूटी पर तैनात कुछ यातायात उपनिरीक्षक और सिपाही बिना कैप के दिखाई दिए। ऐसे में सवाल उठता है कि जब वरिष्ठ अधिकारी खुद निर्धारित वर्दी में ड्यूटी कर रहे थे, तो उनके सामने तैनात पुलिसकर्मी निर्धारित वर्दी के अनुरूप क्यों नहीं दिखाई दिए? क्या ड्यूटी के दौरान वर्दी अनुशासन के नियम अधीनस्थ पुलिसकर्मियों पर लागू नहीं होते? इतना ही नहीं पुलिस मीडिया सेल पर भी निरीक्षण की वही फोटो पोस्ट की गई है जिसमें जनपद के सभी आला अधिकारी जुड़े हुए हैं
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SDM गोटेगांव बनाम अधिवक्ता संघ: जाति प्रमाण पत्र पर गहरा गतिरोध

Narsinghpur, Madhya Pradesh:एंकर-नरसिंहपुर के गोटेगांव में एसडीएम और अधिवक्ताओं के बीच विवाद सामने आया है। मामला जाति प्रमाण पत्र बनवाने से जुड़ा है। अधिवक्ता संघ का आरोप है कि एसडीएम पूजा सोनी ने वरिष्ठ अधिवक्ता भगवत पटेल के साथ अभद्र व्यवहार किया और उन्हें ‘बिचौलिया’ कहकर अपमानित किया। घटना के विरोध में अधिवक्ता संघ ने एसडीएम की कार्यवाहियों के पूर्ण बहिष्कार का ऐलान किया है। वहीं, एसडीएम पूजा सोनी ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि प्रमाण पत्र के दस्तावेज अधूरे थे। उन्होंने ‘बिचौलिया’ शब्द को किसी वकील पर लक्षित टिप्पणी मानने से इनकार किया और कहा कि वह वकील, डॉक्टर और जज समेत हर पेशे का सम्मान करती हैं। फिलहाल गोटेगांव में प्रशासन और अधिवक्ताओं के बीच गतिरोध बना हुआ है। अब सवाल है कि यह विवाद कब और कैसे सुलझता है। बाइट- अधिवक्ता संघ बाइट-पूजा सोनी (SDM गोटेगांव)
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सीतामढ़ी के श्मशान घाट पर तांत्रिक के बच्चों के इलाज का वीडियो वायरल

Sitamarhi, Bihar:त्रिपुरारी शरण सीतामढ़ी में अंधविश्वास की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसे देख लोग हैरान हैं एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। मामला परिहार प्रखंड के महादेव पट्टी गांव स्थित श्मशान घाट की बताया जा रहा है जहां श्रवण भगत नाम का एक तांत्रिक छोटे-छोटे बच्चों का इलाज अजीब तरीके से करता नजर आ रहा है। वायरल तस्वीरों और वीडियो में बच्चों के साथ की जा रही तांत्रिक प्रक्रिया को देखकर लोगों में भी चिंता और आक्रोश है। बताया जा रहा है कि श्रवण भगत पिछले करीब चार वर्षों से श्मशान घाट में तंत्र-मंत्र के जरिए बच्चों का इलाज करने का दावा कर रहा था। वो मासूम बच्चों को हवा में इस तरीके से घुमाता है जिसको देखने के बाद आपकी रूह भी काप जाएगी ।मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। हालांकि पुलिस के पहुंचने से पहले ही कथित तांत्रिक वहां से फरार हो गया। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और उसकी तलाश में जुटी है।
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गोरखपुर STF ने अंतरराज्यीय हथियार तस्कर रितेश त्रिपाठी को दबोचा

Gorakhpur, Uttar Pradesh:गोरखपुर में अवैध असलहा तस्करी के खिलाफ STF को बड़ी सफलता मिली है। STF यूनिट गोरखपुर के प्रभारी निरीक्षक सत्यप्रकाश सिंह की टीम ने अंतरराज्यीय अवैध असलहा तस्कर रितेश त्रिपाठिक को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से दो अवैध पिस्टल, कारतूस और अन्य सामान बरामद किए गए हैं। STF के मुताबिक आरोपी 15 से 20 हजार रुपये में अवैध असलहे बेचता था। आरोपी की गिरफ्तारी कैंट थाना क्षेत्र में कचहरी बस स्टैंड के पास से की गई। पुलिस के मुताबिक आरोपी के पास से दो अवैध पिस्टल, कारतूस और अन्य सामान बरामद हुआ है। पूछताछ में अवैध असलहों की बिक्री से जुड़े अहम सुराग मिलने की बात सामने आई है। STF के अनुसार आरोपी अवैध पिस्टल को करीब 15 से 20 हजार रुपये में बेचता था। फिलहाल STF आरोपी से पूछताछ कर उसके नेटवर्क और असलहों की सप्लाई से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है。
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चौरीचौरा गोलीकांड: हिस्ट्रीशीटर को दिनदहाड़े गोली, आरोपी फरार

Gorakhpur, Uttar Pradesh:गोरखपुर के चौरीचौरा थाना क्षेत्र में मंगलवार को अचानक गोली चलने की आवाज से हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि हिस्ट्रीशीटर मार्कंडेय निषाद की दूसरे पक्ष के साथ किसी बात को लेकर शुरू हुआ विवाद अचानक इतना बढ़ गया कि दूसरे पक्ष की ओर से हरीश बिंद ने पास रखे हुए तमंचे से मारकण्डेय को गोली मार दी। गोली मार्कंडेय के छाती और पेट के बीच में लगी है। गोली लगते ही वह गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा। वारदात की सूचना मिलते ही चौरीचौरा पुलिस मौके पर पहुंची और घायल मार्कंडेय निषाद को तत्काल इलाज के लिए एम्स गोरखपुर पहुंचाया गया। फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज जारी है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक घायल की हालत अभी स्थिर बताई जा रही है। प्रारम्भिक पुलिस जांच में सामने आया है कि हरीश बिंद ने कथित तौर पर मार्कंडेय निषाद को गोली मारी। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। अब पुलिस की कई टीमें आरोपी की तलाश में जुटी हैं। एसपी नॉर्थ राजेश गुनावत के मुताबिक, आरोपी की गिरफ्तारी के लिए तीन SOG टीम और दो थाना पुलिस की टीम, यानी कुल पांच टीमें लगाई गई हैं। पुलिस टीमें आरोपी के संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। आसपास के इलाकों में भी आरोपी की तलाश की जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर बातचीत के दौरान ऐसा क्या हुआ कि विवाद अचानक गोलीकांड में बदल गया। वारदात में इस्तेमाल हथियार कहां से आया, आरोपी और घायल के बीच पुराना विवाद था या तत्काल किसी बात को लेकर कहासुनी हुई—इन तमाम सवालों के जवाब पुलिस की जांच में सामने आने बाकी हैं। चौरीचौरा में दिनदहाड़े हिस्ट्रीशीटर को गोली मारे जाने की इस वारदात के बाद पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। पांच पुलिस टीमें आरोपी की तलाश में जुटी हैं। अब पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती फरार आरोपी को जल्द गिरफ्तार करना और गोलीकांड के पीछे की असली वजह का खुलासा करना है। फिलहाल पुलिस की नजर आरोपी हरीश बिंद की गिरफ्तारी पर है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। चौरीचौरा के गोलीकांड ने इलाके में दहशत जरूर पैदा कर दी है, लेकिन अब देखना होगा कि पुलिस फरार आरोपी तक कितनी जल्दी पहुंचती है और इस सनसनीखेज वारदात की पूरी कहानी क्या सामने आती है।
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