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VAVeena AroraFollow7 Jul 2024, 02:40 am

यमुनानगर में सरकारी कॉलेज के लेक्चरर ने सोशल मीडिया पर ब्राह्मण समाज के खिलाफ की आपत्तिजनक टिप्पणी

Yamuna Nagar, Haryana:

यमुनानगर लघु सचिवालय में ब्राह्मण समाज के सैकड़ों लोग इकट्ठा हुए और सरकारी लेक्चरर करण सिंह के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। करण सिंह जो शाहजहांपुर के रहने वाले हैं और आहड़वाला गांव के एक सरकारी कॉलेज में लेक्चरर हैं, ने 2 जुलाई को एक युवक की पोस्ट पर आपत्तिजनक कमेंट किया जिससे ब्राह्मण समाज की भावनाएं आहत हुईं। ब्राह्मण समाज ने बिलासपुर थाने में शिकायत की लेकिन कार्रवाई न होने पर सैकड़ों लोग जगाधरी की नई अनाज मंडी में एकत्र हुए और नारेबाजी करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। 

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फर्रुखाबाद में JustDial ऐप से ट्रांसपोर्ट फी के नाम पर साइबर ठगी, तीन गिरफ्तार

Farrukhabad, Uttar Pradesh:जस्टडायल ऐप के जरिए ट्रांसपोर्ट सुविधा उपलब्ध कराने के नाम पर साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। थाना साइबर क्राइम पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि आरोपी लोगों को झांसे में लेकर दूसरे व्यक्तियों के बैंक खातों में रुपये ट्रांसफर कराते थे और बाद में एटीएम के जरिए रकम निकाल लेते थे। एसपी आरती सिंह ने पुलिस लाइन सभागार में पूरे मामले का खुलासा किया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी जस्टडायल ऐप के माध्यम से ट्रांसपोर्ट सुविधा दिलाने के नाम पर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। इसके बाद दूसरे व्यक्तियों के नाम पर खुले बैंक खातों में ठगी की रकम मंगवाते थे। इन खातों से जुड़े एटीएम कार्ड और यूपीआई आईडी में आरोपियों के मोबाइल नंबर इस्तेमाल किए जाते थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन, 10 एटीएम कार्ड, पांच बैंक पासबुक, दो एएफओ फॉर्म, विभिन्न क्यूआर कोड, मोबाइल स्क्रीनशॉट और 14 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। मामले में मुकदमा दर्ज कर तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
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वाराणसी: DM के आदेश के बाद भी नहीं पड़ी चकमार्ग पर मिट्टी, 100 आवेदन, फिर भी नहीं हुई सुनवाई

Varanasi, Uttar Pradesh:मयंक कश्यप/ वाराणसी। राजातालाब तहसील के ग्राम बसन्तपट्टी में चकमार्ग सं० 522 को लेकर किसान शिवसहाय सिंह की लड़ाई अब सिर्फ मिट्टी की नहीं रह गई है, बल्कि सिस्टम से सुनवाई की लड़ाई बन गई है। पीड़ित का कहना है कि उन्होंने तहसील से लेकर डीएम तक लगभग 100 से ज्यादा आवेदन दे दिए हैं, लेकिन अभी तक किसी भी आवेदन का निस्तारण नहीं हो पाया है। शिवसहाय सिंह पुत्र स्व० अन्नत, निवासी ग्राम बसन्तपट्टी, परगना कसवार राजा, तहसील राजातालाब, जिला वाराणसी के अनुसार वे आराजी नं० 518 रकबा 0.2070 हे० के मूल काश्तकार हैं। उनकी आराजी के ठीक उत्तर तरफ चकमार्ग सं० 522 रकबा 0.360 हे० स्थित है। नायब तहसीलदार कसवार राजा, राजातालाब, राजस्व निरीक्षक और लेखपाल ने मौके पर जाकर उक्त चकमार्ग को चिन्हित भी कर दिया था। 15 बार तहसील दिवस, CM को भी लिखा पत्र शिवसहाय सिंह का कहना है कि चकमार्ग पर मिट्टी डलवाने के लिए उन्होंने पिछले पन्द्रह तहसील दिवस पर प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन मिट्टी नहीं पड़ सकी। थक-हारकर उन्होंने दिनांक 09/07/2026 को माननीय मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार को पत्र लिखकर खण्ड विकास अधिकारी आराजी लाइन, राजातालाब को चिन्हित चकमार्ग पर मिट्टी डलवाने हेतु आदेश देने की मांग की। जनसुनवाई पर शिकायत और उसके बाद का आरोप: जनसुनवाई पोर्टल पर दर्ज शिकायत के अनुसार हरिशंकर सिंह, ग्राम बसन्तपट्टी, जिला वाराणसी, पोस्ट गंगापुर, थाना रोहनिया ने शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में उन्होंने कई शिकायत संख्याओं का हवाला दिया है - पीड़ित पक्ष का आरोप है कि पहले फर्जी तरीके से फोटो खींचकर और फर्जी साइन करके कंप्लेन क्लोज कर दी जाती थी। अब तो और बुरा हो गया है, कंप्लेन क्लोज करने के लिए OTP माँगा जा रहा है और OTP न देने पर कथित तौर पर इनडायरेक्टली धमकी दी जा रही है।पीड़ित का कहना है कि हम ग्राम सभा की चकरोड बनाने की माँग दो साल से कर रहे हैं, वो भी तहसील दिवस और जनसुनवाई के माध्यम से। DM के कहने पर भी नहीं हुआ काम - पीड़ित का आरोप: पीड़ित पक्ष का यह भी आरोप है कि यहाँ तक कि डीएम साहब दो बार तहसील दिवस पर BDO साहब को बोल चुके हैं कि चकरोड पर मिट्टी डलवा दो, लेकिन BDO साहब उनके सामने बोल देते हैं कि सर दो दिन में हो जाएगा और कुछ नहीं होता। पीड़ित का कहना है कि किसान परेशान है और अपना टाइम खराब करके हर उम्मीद के साथ तहसील दिवस पर जाता है कि शायद इस तहसील दिवस पर हमारा काम हो जाए। पीड़ित का आरोप है कि DM साहब का तो गिनती नहीं है कि वो कितनी बार BDO साहब को बोले हैं कि मिट्टी डलवा दीजिए, लेकिन मिला क्या, बस आश्वासन। इसके अलावा कुछ भी नहीं। पीड़ित का आरोप - पैसा और धमकी वाला पीड़ित का आरोप है कि लेखपाल से लेकर तमाम अधिकारी पैसा न देने की वजह से उनका कार्य नहीं कर रहे हैं। पीड़ित का यह भी आरोप है कि अधिकारियों द्वारा उन्हें कथित तौर पर धमकाया गया और कहा गया कि आप इतना ऊपर क्यों जा रहे हैं? फिर पहुंचे हाईकोर्ट: जब कहीं सुनवाई नहीं हुई तो शिवसहाय सिंह ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में जनहित याचिका (PIL संख्या - 2326/2026) दायर की। याचिका में मांग की गई थी कि राजस्व अभिलेखों में चकमार्ग के रूप में दर्ज प्लॉट संख्या 522 पर अतिक्रमणकारियों द्वारा किए गए अवैध अतिक्रमण को हटवाया जाए। न्यायमूर्ति अरुण कुमार की कोर्ट संख्या - 51 में 29 सितंबर 2026 को सुनवाई हुई। पीड़ित ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील की है कि उनके कार्य को जल्द से जल्द करवाने के लिए आदेशित किया जाए, ताकि उन्हें न्याय मिल सके।
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चित्तौड़गढ़ पंचायत चुनाव: तीसरे चरण में 160 ग्राम पंचायतों में मतदान चालू

Begun, Rajasthan:#चित्तौड़गढ़ - एंकर - चित्तौड़गढ़ जिले में पंचायत राज चुनाव के तीसरे चरण के तहत गुरुवार को पांच पंचायत समितियों की 160 ग्राम पंचायतों में सरपंच और वार्ड पंच पदों के लिए मतदान जारी है। सुबह 7 बजे से शुरू हुई मतदान प्रक्रिया में मतदाताओं में उत्साह देखने को मिल रहा है। इस चरण में 1125 सरपंच प्रत्याशी और 1217 वार्ड पंच प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। जिले के कुल 4 लाख 60 हजार 231 मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे। इनमें 2 लाख 28 हजार 605 पुरुष, 2 लाख 31 हजार 620 महिला और 6 अन्य श्रेणी के मतदाता शामिल हैं। मतदान के लिए जिले में कुल 532 केंद्र बनाए गए हैं। इनमें 98 केंद्र संवेदनशील और अतिसंवेदनशील श्रेणी में रखे गए हैं। वहीं, 82 वार्ड पंच निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं। प्रशासन ने शांतिपूर्ण मतदान के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं।
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बिहार में गंगा गाद हटाने से बाढ़-कटाव में राहत, सड़क निर्माण में उपयोग

Naya Chak, Bihar:बिहार में हर साल बाढ़ लाखों लोगों के लिए मुसीबत बनकर आती है। खासकर गंगा किनारे बसे जिलों में बाढ़ के साथ-साथ भीषण कटाव भी होता है, जिससे हजारों एकड़ जमीन गंगा में समा जाती है और बड़ी आबादी को विस्थापन का खतरा झेलना पड़ता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, गंगा में लगातार जमा हो रही गाद भी बाढ़ और जलस्तर बढ़ने की एक प्रमुख वजह है। ऐसे में अब बिहार में गंगा से गाद हटाने को लेकर दो स्तरों पर पहल होती दिख रही है। एक तरफ जनता दल यूनाइटेड पिछले कई दिनों से गंगा किनारे बसे 12 जिलों में संवाद कार्यक्रम आयोजित कर रही है। इस संवाद के जरिए फरक्का जल संधि के नवीनीकरण को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। जदयू की मांग है कि इस संधि का नवीनीकरण नहीं होना चाहिए, ताकि गंगा में गाद जमा होने की समस्या का समाधान तलाशा जा सके。 वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार ने गाद के इस्तेमाल को लेकर नई नीति पर पहल की है। 3 नवंबर को बिहार सरकार और सड़क एवं परिवहन मंत्रालय के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इसके तहत गंगा से निकाली जाने वाली गाद का इस्तेमाल सड़क और राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण में किया जाएगा। यानी अब गंगा की गाद को सिर्फ समस्या नहीं, बल्कि निर्माण कार्यों में उपयोग होने वाले संसाधन के रूप में भी देखा जा रहा है。 सरकार की इस पहल का मकसद गंगा से गाद निकालकर उसका उपयोग विकास कार्यों में करना है। इसके साथ ही गंगा में ड्रेजिंग यानी नदी की तलहटी से गाद हटाने को लेकर भी दिशा-निर्देश दिए गए हैं। इससे एक तरफ नदी की जलधारण क्षमता बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है, तो दूसरी तरफ बड़े और मालवाहक जहाजों के परिचालन के लिए गंगा में नौवहन मार्ग भी विकसित किया जा सकेगा。 दरअसल, गंगा में गाद जमा होने और फरक्का जल संधि का मुद्दा एक-dूसरे से जुड़ा हुआ है। जदयू का तर्क है कि पिछले तीन दशकों में गंगा में गाद जमा होने की समस्या गंभीर हुई है। ऐसे में संधि के नवीनीकरण को लेकर नए सिरे से विचार करने की जरूरत है। हालांकि, गाद हटाने और बाढ़ के प्रभाव को कम करने के लिए विशेषज्ञों के मुताबिक वैज्ञानिक और पर्यावरणीय पहलुओं को ध्यान में रखना भी जरूरी होगा। अब बात भागलपुर की करें तो यहां गंगा किनारे बसे दर्जनों पंचायत हर साल बाढ़ और कटाव की मार झेलते हैं। हजारों परिवारों की जिंदगी गंगा के जलस्तर और कटाव पर निर्भर करती है। कई इलाकों में खेती की जमीन नदी में समा जाती है, तो कई गांवों पर विस्थापन का खतरा मंडराता रहता है। ऐसे में अगर गंगा से गाद निकालने की योजना प्रभावी तरीके से लागू होती है और फरक्का जल संधि को लेकर भी कोई नया फैसला होता है, तो इसका असर भागलपुर समेत गंगा किनारे बसे बिहार के कई जिलों पर पड़ सकता है। पिछले दिनों भागलपुर में फरक्का जल संधि को लेकर आयोजित जदयू के संवाद कार्यक्रम के दौरान पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने ड्रेजिंग पॉलिसी को लेकर मीडिया से बातचीत की थी। वहीं बिहार सरकार के पथ परिवहन मंत्री इंजीनियर शैलेंद्र ने सम्राट सरकार की गाद नीति को उपयोगी बताते हुए इसके फायदे गिनाए हैं।
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रींगस के गौरव पथ पर गहरे गड्ढे, लोगों ने मरम्मत तत्काल की मांग की

Sikar, Rajasthan:सीकर जिले के रींगस में सार्वजनिक निर्माण विभाग की अनदेखी का खामियाजा वाहन चालकों और आमजन को भुगतना पड़ रहा है। रींगस शहर के प्रमुख मार्ग गौरव पथ सहित आरओबी पुलिया पर जगह-जगह गहरे गड्ढे हो गए हैं। सड़क की बदहाल स्थिति के चलते वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी हो रही है। खाटू श्याम जी जाने वाले शाम भक्तों को भी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। पैदल मार्ग रिंगस से खाटू शाम जी तक पहुंचने में कठिनाई है; बदहाली के कारण रिंगस वासियों तथा खाटू श्याम जाने वाले भक्तों को दिक्कत हो रही है। दीपावली जैसे त्योहार पर भी विभाग की ओर से सड़कों की मरम्मत का काम नहीं करवाया गया। गौरव पथ और आरओबी पुलिया पर गड्ढे वाहन चालकों के लिए परेशानी बन गए हैं। विशेषकर दोपहिया चालक दुर्घटना के डर में रहते हैं। पुलिया पर गड्ढों के कारण पहले भी कई हादसे हो चुके हैं, फिर भी ठोस कदम नहीं उठे। स्थानीय लोग कहते हैं कि सड़कों की मरम्मत के नाम पर प्रतिवर्ष पेचवर्क कराते हैं, पर कुछ समय बाद सड़क पुनः बदहाल हो जाती है। इस बार पेचवर्क की औपचारिकता भी नजर नहीं आ रही। त्योहार के दौरान शहर में वाहन आवाजाही बढ़ने के बावजूद गड्ढे भरे नहीं जाते, जिससे लोगों में नाराजगी है। आमजन ने विभाग से गौरव पथ और आरओबी पुलिया का मौका-मुआयना करवाकर गड्ढों की तत्काल मरम्मत और सड़क की स्थाई समस्या के समाधान की मांग की है, ताकि दुर्घटनाओं के खतरे और रोजमर्रा की परेशानी से राहत मिल सके।
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देवघर में अवैध नेल पॉलिश फैक्ट्री में भीषण आग, संचालक फरार

Deoghar, Jharkhand:देवघर। नगर थाना क्षेत्र के देव संघ नवदुर्गा मंदिर के पीछे अवैध रूप से संचालित नेल पॉलिश फैक्ट्री में भारी मात्रा में रखे केमिकल में अचानक आग लग गई। आग इतनी भयावह थी कि आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना अहले सुबह 4 बजे की बताई जा रही है, घटना की सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की चार दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और करीब पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। घटना के बाद फैक्ट्री संचालक अपना मोबाइल फोन स्विच ऑफ कर मौके से गायब हो गया। संचालक का नाम गुड्डू बरनवाल बताया जा रहा है। मौके पर मौजूद अग्निशमन पदाधिकारी गोपाल यादव ने बताया कि फैक्ट्री में भारी मात्रा में केमिकल रखा हुआ था। यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता तो आसपास के लोगों और संपत्तियों को भारी नुकसान हो सकता था। उन्होंने बताया कि फिलहाल आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है। साथ ही अवैध रूप से संचालित फैक्ट्री के संचालक के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा और अवैध फैक्ट्री के संचालन को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
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धनतेरस पर रतलाम के महालक्ष्मी मंदिर में कुबेर का खजाना दिखावे का आयोजन

Ratlam, Madhya Pradesh:रतलाम रतलाम में धनतेरस पर एक बार फिर प्राचीन महालक्ष्मी मंदिर में कुबेर का खजाना प्रकट होने जा रहा है। धनतेरस से लगातार पांच दिनों तक शहर के बीच स्थित महालक्ष्मी मंदिर में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ेगा。 दरअसल, वर्षों पुरानी परंपरा के अनुसार श्रद्धालु अपनी संपत्ति, नोटों की गड्डियां और सोने-चांदी के आभूषण मां महालक्ष्मी के चरणों में अर्पित करते हैं। पांच दिनों तक मां के दरबार में विराजित इस संपत्ति को श्रद्धालु आशीर्वाद के साथ वापस ले जाकर अपनी तिजोरियों में रखते हैं। मान्यता है कि इससे पूरे वर्ष मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है। इसी परंपरा के चलते मंदिर को नोटों और आभूषणों से इस तरह सजाया जाता है कि पूरा दरबार कुबेर के खजाने जैसा नजर आता है। धनतेरस पर सुबह 5:30 बजे से दर्शन शुरू होंगे। देशभर से श्रद्धालु मां महालक्ष्मी के दर्शन और आशीर्वाद लेने रतलाम पहुंचेंगे。
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