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बलियापुर बेलगड़िया क्षेत्र में चोरी: लाखों के आभूषण और नकद गायब

Dhanbad, Jharkhand:धनबाद के बेलियापुर थाना क्षेत्र के बेलगड़िया टीओपी क्षेत्र बेलगड़िया सवाईगाढ़ा में चोरों ने एक बंद घर को निशाना बनाते हुए लाखों रुपये के सोने के जेवर और 50 हजार रुपये नकद चोरी कर लिए। चोरों ने घर की तीन अलमारियों को तोड़कर उसमें रखे कीमती सामान निकाल लिए। घर के सभी कमरों में सामान बिखरा हुआ था। घटना के समय घर के मालिक गोलक चटर्जी अपनी पत्नी के साथ बोकारो गए थे। उनका बड़ा बेटा ऑफिस में था, जबकि छोटा बेटा दुर्गापूजा पंडाल में दर्शन करने गया था। दर्शन कर जब छोटा बेटा घर लौटा, तो मुख्य दरवाजे का ताला टूटा हुआ मिला। अंदर जाने पर घर का सामान बिखरा देखकर उसे चोरी की जानकारी हुई। इसके बाद परिवार को सूचना दी गई और बलियापुर थाना को घटना की जानकारी दी गई। घर की सदस्य माधुरी चटर्जी ने बताया कि चोर तीन जोड़ी कान की बाली, दो जोड़ी सोने के बाला, तीन अंगूठी और एक सोने की चेन ले गए हैं। चोरी हुए सोने का वजन करीब 30 से 35 ग्राम बताया गया है। जेवरात की कीमत लगभग तीन से चार लाख रुपये है। इसके अलावा घर में रखे 50 हजार रुपये नकद भी गायब हैं। उन्होंने बताया कि परिवार के सदस्य घर से बाहर गए थे। एक-दो घंटे बाद बेटा लौटा, तो चोरी का पता चला। सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और घर की जांच-पड़ताल की। टीओपी प्रभारी एमडी इरफान अंसारी ने बताया कि चोरी की सूचना पर पुलिस पहुंची थी। मामले की जांच की जा रही है। फिलहाल लिखित आवेदन नहीं मिला है। आवेदन मिलने के बाद चोरी गए सामान की विस्तृत जानकारी सामने आएगी.
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नवरात्र में माता सतबहिनी मंदिर: देशभर से भक्तों की भीड़

Chhatrapati Sambhajinagar, Maharashtra:शारदीय नवरात्र के मौके पर औरंगाबाद के अंबा स्थित माता सतबहिनी का मंदिर लोगों की आस्था का एक प्रमुख केंद्र बना हुआ है। एनएच किनारे स्थित माता के इस मंदिर को लेकर ऐसी मान्यता है कि जो कोई भी भक्त सच्चे मन से माता की पूजा आराधना करता है, मां उनकी मनोकामना अवश्य पूरी करते हैं। यही वजह है कि सिर्फ औरंगाबाद ही नहीं झारखंड समेत अन्य राज्यों से श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं और पिंडी स्वरूप में स्थित मां की पूजा अर्चना कर खुद को धन्य समझते हैं। वैसे तो सालों भर यहां भक्तों का तांता लगा रहता है मगर नवरात्र के दौरान इस मंदिर की छटा देखने लायक रहती है।
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रायबरेली में डंपर की टक्कर से पिता-बेटे की मौत, एक घायल

Raebareli, Uttar Pradesh:रायबरेली में दर्दनाक सड़क हादसा हो गया जिसमे बाइक सवार पिता पुत्र की मौत हो गई है। हादसा तब हुआ जब एक बाइक को डम्पर ने ज़ोरदार टक्कर मार दी। बाइक पर पिता और उसके दो बेटे सवार थे। हादसे में छोटे बेटे को मामूली चोटें आयी हैं। घटना यहां के गदागंज थाना क्षेत्र में हुई जहाँ डंपर ने बाइक सवार पिता और उसके दो बेटों को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक डंपर में फंसकर करीब 200 मीटर तक घिसटती चली गई। बाईक से निकली चिंगारी से डम्पर में भी आग लग गई। हादसे में पिता और एक बेटे की मौत हो गई, जबकि दूसरा बेटा घायल हो गया। पूरा मामला यहां के बरारा बुजुर्ग चौराहे का है। यहीं देर रात तेज रफ्तार डंपर ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के बाद बाइक डंपर में फंस गई और करीब 200 मीटर तक घिसटती चली गई। बताया जा रहा है कि खोदायपुर निवासी इंद्रपाल कानपुर से ट्रेन के जरिए लौटे थे। उनका छोटा बेटा रेलवे स्टेशन से उन्हें बाइक पर बैठाकर घर ला रहा था। इसी दौरान हुए हादसे में इंद्रपाल और उनके एक बेटे की जान चली गई, जबकि दूसरा बेटा घायल हो गया।
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मेरठ रजबन रामलीला में हुआ लंका दहन और बाली सुग्रीव युद्ध का मंचन

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Meerut, Uttar Pradesh:मेरठ में जगह-जगह रामलीला का मंचन बड़े जोरों से हो रहा है लेकिन रजबन बाजार की रामलीला अपने आप में एक अनोखा इतिहास संजोय हुए है। 56 वर्ष पहले शुरू हुई है रामलीला आज भी लोगों को अपनी और आकर्षित करती है। इस रामलीला में हिंद,ू मुस्लिम, सिख, ईसाई धर्मों के लोग रामलीला के पात्रों का किरदार निभाते हुए परम्परा को जीवित रखे हुए हैं। रात रामलीला में बाली सुग्रीव युद्ध और लंका दहन का मंचन किया गया जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस, छावनी परिषद के सीईओ जाकिर हुसैन और छावनी बोर्ड की पूर्व उपाध्यक्ष शिप्रा रस्तौगी मौजूद रही। अतिथियों का स्वागत व्यापारी एवं समाजसेवी सुधीर रस्तौगी और रजबन रामलीला के अध्यक्ष राजेश यादव सेठी के द्वारा किया गया।
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बहराइच में कार सवार बदमाशों से मुठभेड़, सरगना लंगड़ा गिरफ्तार

Bahraich, Uttar Pradesh:बहराइच से बड़ी ख़बर, बहराइच में कार सवार बदमाशों से पुलिस की मुठभेड़, मुठभेड़ में चोरों के गैंग का सरगना संभारी हुआ लँगड़ा, क्राइम ब्रांच की स्वॉट व थाना खैरीघाट की पुलिस टीम की शातिर अपराधियों से हुई मुठभेड़, एक अपराधी के पैर में लगी गोली उसके तीन अन्य साथी गिरफ्तार, दो साथी भागने में रहे कामयाब, लँगड़ा हुआ अपराधी है हिस्ट्रीशीटर बदमाश, लगभग तीन दर्जन से अधिक मुकदमों का है अपराधिक इतिहास, मौके पर SP सहित तमाम पुलिस के आलाधिकारी कर रहे जांच, थाना खैरीघाट क्षेत्र की वारदात, खबर विस्तार पूरा वृत्तांत, जनपद में अपराधियों के विरुद्ध चलाये जा रहे अभियान के क्रम में पुलिस अधीक्षक बहराइच महोदय विश्वजीत श्रीवास्तव द्वारा पुलिस टीमों का गठन करते हुए चोरियों के अनावरण और अपराधियों के विरुद्ध कार्यवाही हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए थे, इसी क्रम में आज दिनांक 19.10.2026 की रात्रि को क्राइम ब्रांच की स्वाट टीम व थाना खैरीघाट पुलिस की संयुक्त टीम को मुखबिर खास के माध्यम से सूचना मिली कि नानपारा खैरीघाट रोड के पास वैवाही रोड पर कुछ संदिग्ध/अपराध प्रवृत्ति के व्यक्ति चोरी की घटना कारित करने या चोरी का सामान बेचने की फिराक में निकलने वाले हैं। इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए प्रभारी निरीक्षक खैरीघाट मय पुलिस टीम और स्वाट टीम द्वारा मुखबिर द्वारा बताये गये स्थान पर पहुंचकर संदिग्ध व्यक्तियों की तलाश की जा रही थी, इसी दौरान पुलिस टीम को दो चारपहिया वाहनों से संदिग्ध व्यक्ति आते हुए दिखाई दिए, पुलिस टीम द्वारा उन्हें घेराबन्दी कर रोकने का प्रयास किया गया परन्तु स्वयं को पुलिस टीम से घिरता हुआ देखकर एक अपराधी अर्टिका कार से उतरकर पुलिस टीम पर जानलेवा हमला करने की नियत से फायरिंग करने लगा जिस पर आत्मरक्षार्थ पुलिस टीम द्वारा जवाबी कार्यवाही में किए गए फायर से उस अपराधी के पैर में गोली लग गयी तथा वह घायल होकर गिर पड़ा, तत्पश्चात पुलिस टीम द्वारा कार की घेराबंदी कर कार में पूर्व से मौजुद अन्य तीन अपराधियों को जो भाग रहे थे उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार अपराधियों की पहचान 1. महेश चौहान पुत्र नानकुन निवासी अरनवा टिकुरी थाना खैरीघाट जनपद बहराइच, 2. मोहित लाल पुत्र बदलू निवासी अरनवा टिकुरी थाना खैरीघाट जनपद बहराइच, 3. अनिल विश्कर्मा पुत्र बाकेलाल निवासी मीहीपुरवा रेलवे क्रासिंग थाना मोतीपुर जनपद बहराइच के रूप में हुई। जबकि पीछे से आ रही दूसरी कार में बैठे गिरोह के अन्य दो अपराधी पुलिस टीम पर फायर करते हुए गाड़ी पीछे कर भागने में सफल रहे, जनपद की कई पुलिस टीमें कांबिंग कर उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं। घायल अपराधी को नियमानुसार हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर उनकी पहचान सम्भारी पुत्र भोखन निवासी अरनवा टिकुरी थाना खैरीघाट जनपद बहराइच जनपद बहराइच के रूप में हुई है। अभियुक्तों के पास से एक अदद तमंचा, एक खोखा कारतूस, एक अदद जिंदा कारतूस व एक चारपहिया वाहन आर्टिका कार, पीली और सफेद धातु के जेवरात और नकदी बरामद हुई। घायल अपराधी सम्भारी के विरुद्ध तीन दर्जन से अधिक अभियोग पूर्व से दर्ज हैं और वह थाना खैरीघाट का हिस्ट्रीशीटर है। अपराधियों से प्राथमिक पूछताछ में उनके द्वारा जनपद बहराइच की कई चोरियों और अन्य जनपदों में चोरी की घटनाओं को करना बताया गया है। घायल अपराधी को तत्काल उपचार हेतु अस्पताल भेजा गया जहाँ उसका इलाज चल रहा है। पुलिस अधीक्षक बहराइच द्वारा मौके पर पहुँच कर मौक़ा मुआयना करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश दिए। आगे की कार्रवाई जारी है। बाइट SP विश्वजीत श्रीवास्तव।
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मथुरा-वृंदावन कात्यायनी शक्तिपीठ में नवरात्र विशेष अनुष्ठान, संधि पूजन और खजाना वितरण

Mathura, Uttar Pradesh:मथुरा-वृंदावन: कात्यायनी शक्तिपीठ में उमड़ा आस्था का जनसैलाब, संधि पूजन और खजाना वितरण के साथ संपन्न हुआ विशेष अनुष्ठान (मथुरा):वृंदावन स्थित सिद्ध पीठ माँ भगवती कात्यायनी देवी मंदिर में नवरात्रोत्सव के पावन अवसर पर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। प्रातःकाल आयोजित विशेष मंगला आरती के दिव्य दर्शनों के लिए श्रद्धालु बेहद लालायित नज़र आए। गौरतलब है कि यह विशेष आरती नवरात्र के पावन समय पर ही आयोजित की जाती है। ब्रजमंडल के इस प्रमुख शक्तिपीठ का धार्मिक एवं पौराणिक दृष्टि से विशेष महत्व है। मान्यता है कि यहाँ माँ भगवती के केश गिरे थे और द्वापर युग में गोपियों ने भगवान श्री कृष्ण को पति रूप में प्राप्त करने के लिए इसी स्थान पर माँ कात्यायनी की कठोर आराधना की थी。 संधि पूजन और सहस्रार्चन का विशेष महत्व मंदिर के पुजारी/प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि नवरात्र के दौरान मंदिर में भगवती का विशेष पूजन-अर्चन किया जाता है। अष्टमी तिथि के समापन और नवमी तिथि के आगमन के संधि काल में 24 मिनट का अत्यंत शुभ मुहूर्त बनता है, जिसमें माँ कात्यायनी का विशेष 'संधि पूजन' एवं आरती आयोजित की जाती है। इस शुभ मुहूर्त में 1000 कमल के पुष्पों से माँ भगवती का 'सहस्रार्चन' किया गया, जिसके पश्चात महाभोग लगाकर भक्तों में प्रसाद वितरित किया गया। सिक्कों के रूप में लुटाया गया माँ का 'खजाना' म महाराजा श्री के समय से चली आ रही परंपरा का निर्वहन करते हुए मंदिर प्रांगण में सिक्कों का अभिषेक एवं षोडशोपचार पूजन किया गया। इसके बाद इन पूजित सिक्कों (खजाने) को भक्तों के बीच लुटाया गया। श्रद्धालुओं में इन सिक्कों को प्राप्त करने के लिए भारी उत्साह देखा गया। मान्यता है कि इन सिक्कों को अपने घरों व तिजोरियों/गुल्लकों में रखने से माँ लक्ष्मी की विशेष कृपा और समृद्धि प्राप्त होती है。 भक्तों के सहयोग से यह पूरा अनुष्ठान एवं भव्य कार्यक्रम अत्यंत धूमधाम और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। सम्पूर्ण मंदिर परिसर माँ कात्यायनी के जयकारों से गुंजायमान रहा।
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उत्तरकाशी के सिद्धपीठ कुटेटी देवी: नवरात्र में दूर से श्रद्धालु, मनोकामनाएं पूरी का विश्वास

barahat, Uttarkashi, Uttarakhand:स्लग -सिद्धपीठ मां कुटेटी देवी जहां सच्चे मन से मांगी हर मनोकामना होती है पूरी, नवरात्र में दूरदराज से पहुंचते श्रद्धालु रेपोर्टर - हेमकांत नौटियाल उत्तरकाशी एंकर -उत्तरकाशी जनपद मुख्यालय से करीब 4 किलोमीटर दूर ऐरासूगढ़ पर्वत पर विराजमान सिद्धपीठ मां कुटेटी देवी मंदिर में नवरात्र पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिलती है। सिर्फ जनपद ही नहीं, बल्कि उत्तराखंड के दूर-दराज क्षेत्रों से लोग कुटेटी मंदिर में अपनी मनोकामना लेकर पहुंचते हैं। मान्यता है कि जो भी श्रद्धालु सच्चे मन से मां के दर्शन और पूजा-अर्चना करता है, मां कूटेटी उसकी हर मनोकामना पूरी करती हैं। उत्तरकाशी जनपद मुख्यालय से लगभग 4 किमी दूर गंगा के उस पार ऐरासूगढ़ पर्वत पर स्थित यह मंदिर गढ़वाल के प्रमुख सिद्धपीठों में गिना जाता है। मां आदि शक्ति को समर्पित कुटेटी मंदिर से भागीरथी नदी और पूरे उत्तरकाशी शहर का विहंगम दृश्य दिखता है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी इस मंदिर को आस्था, भक्ति और आध्यात्मिक शांति का संगम बताया है। सिद्धपीठ कुटेटी मंदिर में नवविवाहित महिलाओं का आना अनिवार्य माना जाता है और संतान सुख से वंचित दंपतियों की गोद भरने की मान्यता यहां विशेष है। कोटा के महाराजा से जुड़ी पौराणिक कथा के अनुसार, यात्रा के दौरान उनका धनसंपन्न संदूक खो गया। राजा ने विश्वनाथ मंदिर में प्रार्थना की, यदि धन मिल गया तो उनकी एकलौती पुत्री का विवाह उसी जिले के एक योग्य युवक से कर देंगे। धन मिलने पर उनकी राजकुमारी का विवाह एक गरीब किसान के बेटे से हुआ। विवाह के बाद देवी से दूरी के कारण वह दुखी रहने लगीं। तब देवी के कहने पर खेत में पिंडों के रूप में तीन पत्थर मिले और उन्हीं तीन पिंडों की स्थापना कर मंदिर की स्थापना हुई। अब यह स्थान सिद्धपीठ के रूप में पूजित है और यहां के पुजारी 14 पीढ़ियों से नौटियाल ब्राह्मण परिवार से हैं।
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