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पंचायत चुनावों को लेकर गर्ग का दावा: बीजेपी की जीत, हत्या पर सख्त कदम

Jaipur, Rajasthan:जयपुर पंचायत चुनावों और पूर्व विधायक भड़ाना की हत्या को लेकर बोले जोगेश्वर गर्ग पंचायत चुनावों को लेकर बीजेपी प्रदेश कार्यालय में बैठकों दौर जारी है मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने पंचायत चुनावों में बीजेपी की जीत का दावा किया है। वहीं, पूर्व विधायक भड़ाना की हत्या को लेकर गर्ग ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते ہوئے कहा कि सरकार सख्त कदम उठाएगी। कानून व्यवस्था को लेकर कांग्रेस नेताओं की ओर से उठाए गए सवालों पर भी गर्ग ने पलटवार किया。 मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने पंचायत चुनावों को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा। गर्ग ने कहा कि कांग्रेस आरोप लगाती थी कि प्रदेश में चुनाव नहीं होंगे, लेकिन वन स्टेट, वन इलेक्शन के तहत प्रदेश में चुनाव हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों में माहौल अच्छा है और बीजेपी पंचायत चुनावों में जीत दर्ज करेगी。 वहीं, पूर्व विधायक भड़ाना की हत्या की घटना को جوجेश्वर गर्ग ने दुर्भाग्यपूर्ण बताया। गर्ग ने कहा कि सरकार इस मामले में सख्त कदम उठाएगी। कानून व्यवस्था को लेकर कांग्रेस नेताओं की ओर से उठाए गए सवालों पर पलटवार करते हुए गर्ग ने कहा कि घटना दुर्भागपूर्ण है, लेकिन इसे कानून व्यवस्था से जोड़ने वाले लोगों से मेरा सवाल है कि देश के प्रधानमंत्री को उनके घर में गोली मार दी गई थी। तब कानून व्यवस्था कैसी थी, उसे याद करके फिर आरोप लगाएंगे तो ज्यादा ठीक रहेगा。
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दिल्ली में विरोध प्रदर्शन या धरना आयोजित करने के लिए दिशा-निर्देश, इन जगहों को क‍िया मार्क

SShyamFollow1m ago
New Delhi, Delhi:

नई द‍िल्‍ली/प्रमोद शर्मा:  भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने नागरिकों के विरोध प्रदर्शन/धरना आयोजित करने के अधिकार के लिए मौजूदा निर्धारित स्थल के स्थान पर वैकल्पिक और उपयुक्त स्थानों की पहचान करने के लिए एक समिति का गठन किया था।

 

समिति की सिफारिशों के आधार पर जंतर-मंतर को विरोध प्रदर्शन स्थल के रूप में निर्धारित करने की अधिसूचना रद्द कर दी गई है। इसके स्थान पर विरोध प्रदर्शन/धरना आयोजित करने के लिए तीन नए स्थलों को निर्धारित किया गया है।

 

ये स्थल हैं:


रामलीला मैदान
बुराड़ी मैदान
सीबीडी मैदान, पूर्वी दिल्ली

 

इन तीनों स्थलों पर विरोध प्रदर्शन/धरना आयोजित करने के लिए विस्तृत और संशोधित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) अलग से जारी की जाएगी। यह आदेश 28 अप्रैल 2022 को जारी किए गए पूर्व स्थायी आदेश संख्या L&O/48/22 में आंशिक संशोधन के तहत जारी किया गया है।
 

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पुरुलिया में विरोधी दलों के प्रदर्शन पर सुदीप बंधोपाध्याय का बयान; शुभेंदु अधिकारी के पक्ष में रुख

Purulia, West Bengal:পুরুলিয়া : সিজেপির আন্দোলন দেখে বিরোধী দলগুলি আন্দোলনে নেমেছে । সিজেপি অহিংস ভাবে আন্দোলনেলে নামলে বাধা দেওয়া ঠিক না । পুরুলিয়ায় সাংবাদিকদের মুখোমুখি হয়ে বললেন এনসিপিআই সাংসদ সুদীপ বন্দ্যোপাধ্যায়। পাশাপাশি বিগত সরকারের সমালোচনা করে বর্তমানে মুখ্যমন্ত্রী শুভেন্দু অধিকারীকে সমর্থন করে সুদীপ বন্দ্যোপাধ্যায় বলেন, বিগত সরকারের আমলে পুরুলিয়ায় অনেক কিছু করা 시작 হয়েছিল কিন্তু সম্পূর্ন হয়নি । এবারের সরকারের আমলে ফুট স্টেপ রাখতে শুরু করেছে, আগামী ৫ বছর অপেক্ষা করা উচিত । আশা করি অনেক কিছু হবে। বাঁকুড়া পুরুলিয়ার প্রতি শুভেন্দু অধিকারীর দৃষ্টি আছে । এছাড়াও তিনি বলেন, বিজেপি বিরোধী জোট ভালোভাবে জোট পাকেনি । এখন একটা প্রবণতা দেখা যাচ্ছে তৃণমূল সরকার রাজ্যে অনেকতা পিছিয়ে পড়ার পর । এই জোট নির্ভর করছে উত্তরপ্রদেশে ফলাফলের উপর । বাইট : সুদীপ বন্দ্যোপাধ্যায় (সাংসদ)
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पटना में 1731 KYP केंद्रों को फिर से शुरू करने की मांग पर धरना

Patna, Bihar:पटना में 1731 कुशल युवा कार्यक्रम (KYP) केंद्रों को दोबारा चालू कराने की मांग को लेकर सोमवार को पटना में केंद्र संचालकों ने धरना-प्रदर्शन शुरू किया। बिहार कौशल विकास मिशन के KYP केंद्र संचालक बड़ी संख्या में नियोजन भवन के गेट के पास जुटे हैं। प्रदर्शन में 200 से अधिक संचालक शामिल हैं। केंद्र संचालकों का कहना है कि विभागीय स्तर पर हुई वार्ता के दौरान सभी पुराने KYP केंद्रों को चालू रखने का आश्वासन दिया गया था। इसके बावजूद बाद में केवल 871 केंद्रों पर KYP डिजिटल मित्र कार्यक्रम शुरू करने को लेकर अधिसूचना जारी की गई। इससे बड़ी संख्या में पुराने केंद्र संचालकों के सामने रोजगार और संचालन को लेकर संकट पैदा हो गया है। प्रदर्शनकारी संचालक पुरानी प्रशिक्षण व्यवस्था को बहाल करने के साथ सभी 1731 पूर्व संचालित केंद्रों को दोबारा शुरू करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि पहले की तरह केंद्रों की इंटेक क्षमता भी बहाल की जाए, ताकि युवाओं को कौशल प्रशिक्षण का लाभ मिल सके। संचालकों ने विभाग से जल्द निर्णय लेकर सभी पुराने केंद्रों को संचालित करने की मांग की है।
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भागलपुर में डायन के आरोप पर पुलिस की भूमिका पर सवाल, आशीर्वाद विवाद

Naya Chak, Bihar:एक तरफ देश डिजिटल इंडिया और आधुनिकता की बात कर रहा है, तो दूसरी तरफ भागलपुर में अंधविश्वास के नाम पर एक महिला को डायन बताकर प्रताड़ित करने का आरोप सामने आया है। मामला शाहकुंड थाना क्षेत्र के पचरुखी गांव का है, जहां तारा देवी ने गांव के ही कुछ लोगों पर मारपीट, साड़ी खींचने और गोली मारने तक की धमकी देने का आरोप लगाया है। लेकिन इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा चर्चा पुलिस की भूमिका को लेकर हो रही है। आरोप है कि मामले की जांच के लिए पहुंची पुलिस के सामने आरोपी ने महिला के चरण छूकर आशीर्वाद लिया। पुलिस ने आशीर्वाद दिलवाया महिला से कहा इसे आशीर्वाद दीजिये माफ कर दीजिए। अब सवाल है कि आखिर यह कैसी कार्रवाई है, जहाँ एक तरफ महिला गंभीर आरोप लगा रही है, तो दूसरी तरफ आशीर्वाद लेने का घटनाक्रम सामने आ रहा है? तारा देवी, बिंदेश्वरी राम की पत्नी हैं। पीड़िता का आरोप है कि गांव के बॉसकी राम, बोरी राम, बिजली राम और बबलू राम ने उन्हें डायन बताकर प्रताड़ित किया। महिला के मुताबिक, उनके साथ मारपीट की गई, साड़ी खींचने की कोशिश की गई और गोली मारने के साथ शरीर में आग लगाने की धमकी भी दी गई। इन आरोपों ने महिला की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर किसी महिला को डायन बताकर उसके साथ ऐसा व्यवहार करने का अधिकार किसने दे दिया? क्या आज भी अंधविश्वास के नाम पर महिलाओं को अपमानित और प्रताड़ित किया जाता रहेगा? पीड़िता ने शाहकुंड थाने में आवेदन देकर न्याय और सुरक्षा की गुहार लगाई है। मामले में एक आरोपी के पकड़े जाने की बात सामने आई है। इसी बीच पुलिस की मौजूदगी में आरोपी के महिला के चरण छूकर आशीर्वाद लेने की बात भी चर्चा में है। हालांकि, इस घटनाक्रम की परिस्थितियों और पुलिस की भूमिका की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है। सवाल यह है कि क्या पुलिस ने महिला की शिकायत में लगाए गए आरोपों की गंभीरता से जांच की है? क्या धमकी और मारपीट के आरोपों पर नियमानुसार कार्रवाई होगी? अंधविश्वास के नाम पर किसी महिला को डायन कहना केवल सामाजिक कुरीति नहीं, बल्कि उसके सम्मान और सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। ऐसे मामलों में पीड़िता को सुरक्षा देना, शिकायत की निष्पक्ष जांच करना और दोषी पाए जाने वालों पर कानून के मुताबिक कार्रवाई करना जरूरी है। अब देखना होगा कि शाहकुंड पुलिस इस मामले में क्या कदम उठाती है और तारा देवी को न्याय मिल पाता है या नहीं.
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