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चक्रवाती तूफान अर्नब से बस्तर- दंतेवाड़ा के सीमावर्ती क्षेत्र में ग्रामीण की मौत

Jagdalpur, Chhattisgarh:ब्रेकिंग जगदलपुर बस्तर में चक्रवाती तूफान अर्नब का कहर, बस्तर और दंतेवाड़ा जिले के सीमावर्ती क्षेत्र में एक ग्रामीण की मौत, इंद्रावती के तेज बहाव में शुक्रवार को बह गया था ग्रामीण, मृतक की पहचान मालेवाही थाना क्षेत्र के अमलीधार निवासी हीरा राम के रूप में हुई, इंद्रावती नदी का जल स्तर ज्यादा होने के चलते इलाका बन गया था टापू, समय रहते नहीं पहुंच पाई मदद, ग्रामीणों ने चार दिन बार मृतक का शव पेड़ों और झाड़ियों से बरामद किया, पुलिस ने शव को पीएम के लिए भेजा घटना के बाद से गांव में शोक का माहौल।
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प्रेत बाधा के नाम पर आश्रम चलाने वाले कथावाचक को 14 साल की सजा

Sagar, Madhya Pradesh:कथावाचक का कारनामा, गया सलाखों के पीछे... एंकर/ सागर जिले से एक ऐसी खबर सामने आई जिसमें प्रेत बाधा दूर करने और बीमारी का इलाज करने के नाम पर महिला को अपने आश्रम बुलाने वाले कथावाचक को न्यायालय ने 14 साल के कारावास की सजा सुनाई है। आरोप है कि कथावाचक ने महिला का वीडियो बना लिया और उसे सार्वजनिक करने की धमकी देकर करीब एक साल तक गलत कार्य किया। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया था। न्यायालय ने आरोपी को दोषी मानते हुए सजा सुनाई है। मामला सागर जिले के बांदरी थाना क्षेत्र का है। रोड़ा गांव निवासी कथावाचक ओमकार मिश्रा ने पथरिया बामन गांव के जंगल में आश्रम बना रखा था। आरोपी महिला को प्रेत बाधा दूर करने और बीमारी का इलाज करने के नाम पर आश्रम बुलाता था। इसी दौरान उसने महिला के साथ गलत काम किया और उसका वीडियो बना लिया। इसके बाद वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी देकर महिला को लगातार ब्लैकमेल किया जाने लगा। आरोपी कभी महिला को आश्रम बुलाता तो कभी उसके घर पहुंचकर उसके साथ वह करता जो उसे नहीं करना चाहिए था। ये सिलसिला करीब एक साल तक चलता रहा। लगातार धमकियों के चलते महिला काफी समय तक किसी को कुछ नहीं बता सकी। बाद में उसने पूरी बात अपने पति को बताई, जिसके बाद परिजनों के साथ थाने पहुंचकर 26 दिसंबर 2024 को शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी ओमकार मिश्रा को गिरफ्तार किया और जांच के बाद न्यायालय में चालान पेश किया। तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश संध्या मनोज श्रीवास्तव की अदालत ने मामले में पेश किए गए साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी माना। न्यायालय ने दो अलग-अलग धाराओं में 14-14 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। सजा सुनाए जाने के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया।
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हरियाणा में कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन: वोट चोरी के आरोप पर सीईसी इस्तीफे की मांग

Hisar, Haryana:देश में चुनाव आयोग के आयुक्तों के बीच आपसी मतभेद की खबरों के बीच कांग्रेस ने 'वोट चोरी' के अपने आरोपों को लेकर आक्रामक रुख अपनाते हुए हरियाणा के तमाम जिलों में सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। हिसार में जिलाध्यक्ष बृजलाल बेबलपुरिया के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में संगठन की एकजुटता भी देखने को मिली, जहाँ आदमपुर से विधायक चंद्रप्रकाश सहित कई प्रमुख नेता शामिल हुए। विधायक चंद्रप्रकाश ने बीजेपी पर सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि फॉर्म 6 की प्रक्रिया को जानबूझकर इतना जटिल बनाया गया है ताकि आम जनता का वोट न बन सके और इसी के चलते बड़ी संख्या में वोट काटे गए हैं; साथ ही उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया के लिए सत्तारूढ़ दल को जिम्मेदार ठहराते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। — 121, चंद्र प्रकाश, कांग्रेस विधायक, आदमपुर。
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NH-730 पर भीषण सड़क हादसा, चार पहिया वाहन और डंपर में टक्कर, 3 की मौत, एक गंभीर।

FKFirasat KhanFollow12m ago
Puranpur, Uttar Pradesh:पूरनपुर के चीनीमिल के पास एक भीषण सड़क हादसा हो गया। पीलीभीत के नेशनल हाईवे 730 पर चीनी मिल के पास एक चार पहिया वाहन और डंपर में जबरदस्त टक्कर हो गई। हादसा इतना भीषण था कि मौके पर ही चीख-पुकार मच गई।प्राप्त जानकारी के अनुसार टक्कर के बाद आनन-फानन में स्थानीय लोगों और पुलिस ने सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। जहाँ डॉक्टरों ने एक पुरुष और दो महिलाओं को मृत घोषित कर दिया। वहीं एक घायल की हालत गंभीर देखते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया है।सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने डंपर को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।मृतकों की अभी शिनाख्त नहीं हो पाई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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कालिंदी पास में भारी बर्फबारी: 136 ट्रैकर्स फंसे, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

Dehradun, Uttarakhand:उत्तराखंड के उत्तरकाशी से बड़ी खबर है। देश के सबसे मुश्किल और खतरनाक माने जाने वाले कालिंदी पास ट्रैक पर भारी बर्फबारी के कारण 136 ट्रैकर्स फंसे हैं। शासन ने बड़े पैमाने पर सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है। अब तक 29 से अधिक ट्रैकर्स को सुरक्षित रेस्क्यू कर हर्षिल बेस कैंप लाया जा चुका है। जानकारी के मुताबिक कालिंदी ट्रैक पर 10 ट्रैकिंग ऑपरेटिंग कंपनियों के 136 ट्रैकर्स अलग-अलग लोकेशन पर फंसे हुए हैं। अचानक हुई भारी बर्फबारी से ट्रैक का रूट पूरी तरह बंद हो गया है। आपदा प्रबंधन विभाग सभी 10 कंपनियों के ऑपरेटरों के संपर्क में है और सभी ट्रैकर्स की लोकेशन को ट्रैक किया जा रहा है। रेस्क्यू के लिए उत्तराखंड सिविल एविएशन डेवलपमेंट अथॉरिटी यानि यूकाडा के 8 हेलीकॉप्टर लगाए गए हैं। NDRF, SDRF, जिला प्रशासन, नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (NIM) समेत कई एजेंसियां ग्राउंड पर जुटी हैं। केंद्र सरकार ने भी हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। अगर मौसम और बिगड़ा तो एयरफोर्स की मदद भी ली जाएगी。 उद्धरण: आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि उच्च altitude और लगातार बर्फबारी के कारण हेलीकॉप्टरों को लैंड करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ये रेस्क्यू ऑपरेशन इसलिए भी चुनौतीपूर्ण है क्योंकि कालिंदी पास भारत के सबसे कठिन ट्रैक्स में से एक है। कालिंदी पास ट्रैक की कुल दूरी 90 से 100 किलोमीटर है। यह ट्रैक गंगोत्री धाम से शुरू होकर बद्रीनाथ धाम पर खत्म होता है और इसे पूरा करने में 12 से 15 दिन लगते हैं। इसका सबसे ऊंचा पॉइंट 5,950 मीटर यानि 19,500 फीट पर है। रूट: गंगोत्री से भोजबासा, भोजबासा से गौमुख होते हुए तपोवन, तपोवन से नंदनवन, नंदनवन से वासुकी ताल, वासुकी ताल से खड़ा पत्थर और श्वेता ग्लेशियर, और फिर कालिंदी बेस कैंप से 5,950 मीटर ऊंचा कालिंदी पास पार करके राज पड़ाव, अरवा ताल, घस्तौली और माना गांव होते हुए बद्रीनाथ। पूरे रास्ते में गंगोत्री, चतुरंगी और श्वेता जैसे विशाल ग्लेशियरों को पार करना पड़ता है, जहां तापमान माइनस 20 डिग्री तक चला जाता है। फिलहाल राज्य सरकार और शासन के आला अधिकारी खुद रेस्क्यू ऑपरेशन की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। कोशिश यही है कि सभी 136 트ैकर्स को जल्द से जल्द सुरक्षित नीचे लाया जा सके।
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