icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

बेटमा दशहरे: घुड़दौड़, निशानेबाजी और रावण दहन के साथ उत्साह

Indore, Madhya Pradesh:मध्यप्रदेश के इंदौर के बेटमा में दशहरे के अवसर पर वर्षों पुरानी अनोखी परंपरा निभाई जाती है। यहां दशहरा उत्सव की शुरुआत भव्य चल समारोह से होती है। इसके बाद अमन चमन टेकरी पर तीन बार घुड़दौड़ का आयोजन किया जाता है। घुड़दौड़ के बाद तीन बार बंदूक़ों से गोलियां चलाकर रावण के पास रखी मटकियों पर निशाना साधा जाता है और फिर रावण दहन किया जाता है। इस अनूठी परंपरा को देखने के लिए दूर-दूर से लोग बेटमा पहुंचते हैं। बेटमा में दशहरा उत्सव की शुरुआत बड़ा रावला पर विधि-विधान से दशहरा पूजन के साथ होती है। इसके बाद भव्य चल समारोह निकाला जाता है, जो अमन चमन टेकरी पहुंचता है। यहां परंपरागत रूप से घुड़दौड़ का आयोजन किया जाता है, जिसमें कई प्रतिभागी हिस्सा लेते हैं। घुड़दौड़ के बाद बंदूक से निशानेबाजी की जाती है। इस दौरान रावण के समीप रखी मटकियों को निशाना बनाया जाता है। घुड़दौड़ और निशानेबाजी के रोमांचक आयोजन के बाद बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक रावण का दहन किया जाता है। रावण दहन उत्सव समिति के अध्यक्ष बब्बी दरबार के अनुसार, बेटमा में दशहरा पूजन से लेकर रावण दहन तक परंपरागत आयोजनों का विशेष महत्व है। इस अनूठी परंपरा को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचते हैं। वहीं, आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पुलिस बल और वरिष्ठ अधिकारी तैनात रहते हैं, ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो सके। क्षेत्रीय विधायक के पुत्र
0
0
Report
Advertisement
0
0
Report
Advertisement

शाजापुर विजयादशमी उत्सव: 71 फीट रावण और 25-25 फीट मेघनाथ- कुंभकर्ण का दहन

Shajapur, Madhya Pradesh:शाजापुर शहर में मंगलवार को विजयादशमी का पर्व उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर श्रीकृष्ण व्यायामशाला से पारंपरिक चल समारोह निकाला गया, जो शहर के प्रमुख मार्गों से होता हुआ स्टेडियम ग्राउंड पहुंचा। यहां भव्य आतिशबाजी के बीच 71 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। इस दौरान मेघनाथ और कुंभकर्ण के 25-25 फीट ऊंचे पुतले भी जलाए गए। रावण दहन देखने के लिए बड़ी संख्या में शहरवासी स्टेडियम ग्राउंड पहुंचे। चल समारोह का शुभारंभ शाम को श्रीकृष्ण व्यायामशाला में हनुमानजी की आरती के साथ हुआ। समारोह में भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और हनुमानजी की वेशभूषा में सजे कलाकार शामिल हुए। शहर के प्रमुख मार्गों से निकले चल समारोह का जगह-जगह लोगों ने पुष्पमालाओं से स्वागत किया। श्रद्धालुओं ने भगवान राम और हनुमानजी की पूजा-अर्चना कर आरती उतारी। इसके बाद चल समारोह स्टेडियम ग्राउंड पहुंचा, जहां रावण दहन का मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। आतिशबाजी के साथ दिखाया श्रीराम-रावण युद्ध का दृश्य स्टेडियम ग्राउंड पर समिति के सदस्यों ने परंपरा के अनुसार शमी वृक्ष का पूजन किया। इसके बाद आकर्षक आतिशबाजी के माध्यम से भगवान श्रीराम और रावण के बीच युद्ध का रोमांचक दृश्य प्रस्तुत किया गया। इस दौरान मैदान में मौजूद दर्शक मंत्रमुग्ध नजर आए। जैसे ही भगवान श्रीराम का बाण रावण को लगा, रावण का सिर कटने और नाभि में तीर लगने का दृश्य दिखाया गया। इसके साथ ही रावण के विशाल पुतले का दहन हुआ और पूरा मैदान जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। इस बार 71 फीट ऊंचे रावण के साथ 25-25 फीट ऊंचे मेघनाथ और कुंभकर्ण के पुतले भी आकर्षण का केंद्र रहे। पुतलों के दहन के दौरान शानदार आतिशबाजी ने कार्यक्रम को और भव्य बना दिया। परिवारों सहित पहुंचे लोगों ने इस आयोजन का आनंद लिया और बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक विजयादशमी पर्व का उत्सव मनाया। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने की पूजा-अर्चना कार्यक्रम में शाजापुर विधायक अरुण भीमावद, कलेक्टर डॉ परिक्षित संजयराव झाड़े, एसपी प्रियंका शुक्ला सहित जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। उन्होंने भगवान श्रीराम और हनुमानजी का पूजन कर आरती उतारी। आयोजन को देखने के लिए स्टेडियम ग्राउंड पर बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए। पूरे आयोजन के दौरान उत्सव और धार्मिक उल्लास का माहौल बना रहा। विजयादशमी का पर्व बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश देता है। शाजापुर में आयोजित इस पारंपरिक कार्यक्रम के माध्यम से लोगों ने भगवान श्रीराम के आदर्शों को याद किया और हर्षोल्लास के साथ पर्व मनाया।
0
0
Report

हाथरस के मानवता साड़ी हाउस में युवती से छेड़छाड़ का आरोप, शोरूम में जमकर हुई मारपीट

GOVIND CHAUHANGOVIND CHAUHANFollow13m ago
Hathras, Uttar Pradesh:हाथरस शहर के कोतवाली सदर क्षेत्र में रामलीला मैदान के निकट स्थित मानवता साड़ी हाउस में युवती से छेड़छाड़ के आरोप को लेकर हंगामा हो गया। आरोप है कि दुकान पर कपड़े लेने आई युवती के साथ वहां काम करने वाले एक कारीगर ने छेड़छाड़ की। इसकी जानकारी मिलने पर युवती के परिजन शोरूम पर पहुंचे, जहां दोनों पक्षों के बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते विवाद मारपीट में बदल गया और शोरूम का शटर बंद कर दोनों पक्षों के बीच डंडे चलने लगे। युवती के पिता भाजपा व्यापार मंडल प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष बताए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी बेटी दुकान पर कपड़े लेने गई थी, तभी वहां काम करने वाले युवक ने उसके साथ छेड़छाड़ की। इसके बाद युवती के परिजन दुकान पर पहुंचे तो उनके साथ भी मारपीट की गई। युवती का भाई भी मौके पर पहुंचा, जो भाजपा युवा मंडल में मीडिया प्रभारी बताया गया है। घटना के दौरान शोरूम पर हंगामे की स्थिति बन गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच-पड़ताल शुरू कर दी। पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि विवाद और मारपीट की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और दोनों पक्षों से मिली जानकारी के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
0
0
Report

कॉकरोच-रावण प्रतीक के विरोध पर पंजाब में जनता की चीत्कार

New Delhi, Delhi:कपिल मिश्रा- कॉकरोच प्रतीक है अराजकता का यह गठजोड़ है भ्रष्टाचारियों का नक्सलियों का उभरते भारत के खिलाफ यह कहते हैं तथा पलट कर देंगे देश में आग लगाएंगे पर जनता ने को हमेशा चकनाचूर किया है और आगे भी करेगी नक्सली लाल सलाम जिहादी आतंकवादी भ्रष्टाचारियों का गठबंधन है पुतला कॉकरोच का जाल है और दर्द दीमक के पेट में हो रहा है दीमक के पेट में मरोड़ उठ रहे हैं यह किराए की क्रांति कर रहे हैं जो बाकी देशों में हुआ है जो फ्रांस में हो रहा है यह चाह रहे हैं कि भारत में भी ऐसा ही करेंगे पर नहीं कर पाएंगे पंजाब में भी इनका जवाब मिलेगा कॉकरोच और रावण का पुतला जलने के विजुअल और वॉकथ्रू और कपिल मिश्रा TT
0
0
Report
Advertisement

कवर्धा पुलिस ने फांसी के फंदे पर लटके युवक को बचाकर दिखाई मानवता

Kawardha, Chhattisgarh:फांसी के फंदे पर लटके युवक को कवर्धा पुलिस ने तत्परता से बचाया, दरवाजा तोड़कर कमरे में पहुंची टीम ने दिखाई मानवता कवर्धा। ग्राम भीमपुर रानीसागर में कवर्धा सिटी कोतवाली पुलिस ने तत्परता और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए फांसी के फंदे पर लटके युवक को तत्काल नीचे उतारा। प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक युवक शराब के नशे में खुद को कमरे में बंद कर फांसी लगाने की बात कह रहा था। उसके भाई की सूचना पर पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने युवक को आवाज देकर दरवाजा खोलने और समझाने का काफी प्रयास किया, लेकिन दरवाजा नहीं खुला। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने दरवाजा तुड़वाकर कमरे में प्रवेश किया। वहां संजीव पिता सेवाराम कोसले (30 वर्ष) पंखे से दुपट्टा बांधकर फांसी के फंदे पर लटका मिला। पुलिसकर्मियों ने बिना समय गंवाए उसे फंदे से नीचे उतारा। इसके बाद युवक और उसके परिजनों को वाहन से थाना कोतवाली लाया गया तथा पूरे घटनाक्रम की जानकारी दिवस अधिकारी एएसआई बंदे सिंह मेरावी को देकर युवक को उनके सुपुर्द किया गया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई, सूझबूझ और संवेदनशीलता से संकट की घड़ी में तत्काल मदद पहुंचाई गई। इस घटना ने एक बार फिर पुलिस की तत्परता और मानवता के प्रति उसकी जिम्मेदारी को उजागर किया।
0
0
Report

कवर्धा में 273 सालों से शाही दशहरे में नन्हे राम-लक्ष्मण ने रावण का वध

Kawardha, Chhattisgarh:नन्हे राम-लक्ष्मण ने किया रावण का वध, शाही दशहरा देखने उमड़ी हजारों की भीड़ 273 वर्षों से कायम है कवर्धा की शाही दशहरे की परंपरा, आठवीं पीढ़ी के राजा योगेश्वर राज सिंह ने निभाई रस्म कवर्धा। छत्तीसगढ़ के कवर्धा में 273 वर्षों से चली आ रही शाही दशहरे की परंपरा इस वर्ष भी राजसी वैभव और धार्मिक उत्साह के साथ निभाई गई। शाही सवारी के दर्शन और दशहरा उत्सव देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग जुटे। सरदार पटेल मैदान में नन्हे राम-लक्ष्मण और हनुमान बने बच्चों ने धनुष से प्रतीकात्मक वार कर रावण का वध किया। इसके साथ ही विजयादशमी का उत्सव उल्लास के साथ मनाया गया। कवर्धा रियासत की राजगद्दी की स्थापना वर्ष 1751 में हुई थी। बताया जाता है कि तत्कालीन महाराज स्वर्गीय महाबली सिंह ने शाही दशहरे की परंपरा शुरू की थी। वर्तमान में राजपरिवार की बारहवें पीढ़ी के योगेश्वर राज सिंह इस परंपरा का निर्वहन कर रहे हैं। दशहरे के अवसर पर राजा ने सुबह कुलदेवी मां दंतेश्वरी सहित नगर के प्रमुख मंदिरों में पूजा-अर्चना की। इसके बाद राजमहल में शस्त्र पूजन किया गया。 राजसी वेशभूषा में सजे राजा योगेश्वर राज सिंह शाही बग्घी में सवार होकर नगर भ्रमण के लिए निकले। उनके साथ राजकुमार मैकालेश्वर सिंह भी मौजूद रहे। शाही सवारी के आगे बैंड-बाजे, धुमाल और आतिशबाजी के बीच श्रद्धालु उत्साह के साथ चलते नजर आए। जगह-जगह लोगों ने राजा का अभिवादन किया。 शाही सवारी सरदार पटेल मैदान पहुंची, जहां राजपरिवार की ओर से तैयार किए गए लगभग 35 फीट ऊंचे रावण का नन्हे राम-लक्ष्मण ने वध किया। इसके बाद विजय रथ नगर भ्रमण के लिए रवाना हुआ। मान्यता है कि दशहरे पर राजा के दर्शन करना शुभ माना जाता है। इसी आस्था के चलते कवर्धा सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं।
0
0
Report
Advertisement

Muzaffarpur में 80 फीट रावण-मेघनाथ पुतलों का दहन, बंदर पहुंचने से लोग चकित

Muzaffarpur, Bihar:Muzaffarpur जिले में विजयादशमी के अवसर पर 80 फीट ऊँचे रावण और मेघनाथ के पुतलों का दहन किया गया. मोतीपुर प्रखंड के पनसलवा गांव में भी रावण एवं मेघनाथ के पुतलों का दहन किया गया. आयोजन के दौरान आसपास से सैकड़ों ग्रामीण पहुँचे. युवा पूजा परिषद पिछले दो दशकों से यहाँ 80 फीट ऊँचे रावण के पुतले के दहन का आयोजन करती आ रही है. पुतलों को तैयार करने के लिए बाहर से आए कलाकार कई दिनों तक मेहनत करते हैं. कार्यक्रम के दौरान वीआईपी नेता इंजीनियर राकेश कुमार ने रावण दहन किया. रावण दहन से ठीक पहले कार्यक्रम स्थल पर एक बंदर पहुँचने से लोगों के बीच कौतहल रहा. बंदर ने पुतले को कुछ देर तक निहारना जारी रखा. कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए मोतीपुर पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम तैनात रही.
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top