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करीब 35 लाख रुपयों से बनने वाले रास्ते का विधायक प्रतिनिधि सतीश डागर ने किया उद्धघाटन
Hathin, Haryana:गांव पारोली से घंघोला सीमा तक लगभग 35 लख रुपए की कीमत से बनने वाले रास्ते का MLA प्रतिनिधि सतीश डागर ने उद्धघाटन किया। जिसका नारियल मेंबर सुखपाल ने नारियल तोड़कर उद्धघाटन किया। मौके पर पारोली की तरफ से सरदारी ने गांव में पहुंचने पर MLA प्रतिनिधि व सभी साथियों का फूल माला पहनकर स्वागत किया। गांव की सरदारी में वीरेंद्र सरपंच, सतीश सरपंच, मेंबर राकेश, दिलीप, विजय, रामवीर पंडित आदि मौजूद रहे तथा गांव की तरफ से सरपंच ने बिजली व शिक्षा से संबंधित अपनी बातें रखी।
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IAS बनकर फ्रेंड रिक्वेस्ट से धोखा: ग्वालियर में 1.56 लाख का फर्नीचर फर्जीवाड़ा
Morena, Madhya Pradesh:ग्वालियर- IAS पी. नरहरी बनकर भेजी फ्रेंड रिक्वेस्ट.. CRPF कमांडेड का फर्नीचर बेचने का दिया झांसा .. ठगो ने IAS के नाम पर सिंचाई विभाग के रिटायर्ड EE से की ठगी.. फर्नीचर के नाम पर 1 लाख 56 हजार ठगे.. ठगो ने रिटायर्ड EE को फर्नीचर के फोटो भेज किया सौदा .. पैसे लेने के बाद ठगो ने नहीं पहुंचाया फर्नीचर.. पीड़ित EE ने IAS नरहरी को लगाया कॉल.. कॉल लगाते ही हुआ खुलासा.. पीड़ित मैथिली शरण गुप्ता ने साइबर पुलिस थाना पहुंच की शिकायत .. पुलिस ने किया मामला दर्ज जांच पड़ताल में जुटी..0
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बिहार शराबबंदी की समीक्षा नहीं, 93% के समर्थन के साथ जारी रहने की बात
Patna, Bihar:चिराग पासवान के बयान पर मंत्री ने कहा शराब बन्दी का नहीं होगा समीक्षा। बिहार में लगातार शराब पकड़ी जा रही है। यह बात आपके संज्ञान में भी आती होगी। अभी हम लोगों ने कंपनियों पर भी एफआईआर करना शुरू किया है । और शराबबंदी को लेकर काफी हद तक नियंत्रण भी है। लगातार प्रयास जारी है। जो भी लोग शराब की तस्करी कर रहे हैं, उसे रोकने के लिए हम लोग मेहनत कर रहे हैं और उसका नतीजा भी अच्छा आ रहा है। हम लोग यही चाहेंगे कि बिहार में जिस उद्देश्य से शराबबंदी लागू की गई है, उसमें सभी लोग सहयोग करें। आपको भी सहयोग करना चाहिए, इससे और बेहतर परिणाम आएगा। आप सोशल मीडिया पर रोज देखते होंगे कि शराबबंदी खत्म होने जा रही है, शराबबंदी चालू होने जा रही है—इस तरह की बातें लगातार चलती रहती हैं। आपको पता है कि न तो मंत्री ने ऐसा कहा है, न ही किसी स्थानीय मंत्री ने, लेकिन आप लोग खुद से ऐसी खबरें चला देते हैं। इसलिए हम यही कहेंगे कि आप लोग इस तरह की बातें न करें और जिस उद्देश्य से शराबबंदी लागू की गई है, उसमें सहयोग करें। हमारे नेता आदरणीय मुख्यमंत्री जी ने बड़े उद्देश्य के साथ बिहार में शराबबंदी लागू की है और इसका फायदा भी मिला है। शराबबंदी को लेकर दो बार सर्वे भी हुआ है और दोनों बार सर्वे में 93 प्रतिशत लोगों کا समर्थन سامنے आया है, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हैं। जब 93 प्रतिशत लोग इसके पक्ष में हैं तो इसकी समीक्षा क्यों की जाए? जहां तक समीक्षा की बात है, विभाग के स्तर पर प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से लगातार इसकी समीक्षा होती रहती है कि शराबबंदी को और बेहतर तरीके से कैसे लागू किया जाए। बिहार सरकार अपने काम और नीति के अनुसार निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र है। आप लोग सबकी बात सुनते हैं, लेकिन विभाग में जो नीति बनी हुई है, उसी के अनुसार हम लोग काम करते हैं। आपको यह मालूम होना चाहिए कि बिहार में पिछले दस साल से शराबबंदी लागू है। दूसरे प्रदेशों में शराबबंदी नहीं है, लेकिन उन प्रदेशों का नाम लेना अभी उचित नहीं होगा। इतना जरूर कहूंगा कि जिन प्रदेशों में शराबबंदी नहीं है, वहां भी सूखे नशे का इस्तेमाल बिहार से ज्यादा होता है। सूखे नशे में इस्तेमाल होने वाले सभी मादक पदार्थों को हम लोग लगातार जब्त कर रहे हैं और बड़ी मात्रा में कार्रवाई भी हो रही है। इस पूरे मामले की लगातार समीक्षा की जा रही है। पहली बार मुख्यमंत्री और डीजीपी स्तर पर भी इसकी समीक्षा हुई है। माननीय गृहमंत्री जी भी इस विषय पर विचार कर रहे हैं। बिहार सरकार का प्रयास है कि नशे और अवैध शराब के कारोबार पर पूरी तरह नियंत्रण किया जाए।0
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हनुमानगढ़ में 22.015 किग्रा डोडा पोस्त चूरा बरामद, 19 वर्षीय आरोपी गिरफ्तार
Hanumangarh, Rajasthan:Hanumangarh: पल्लू पुलिस ने 22.015 किलो डोडा पोस्त चूरा किया बरामद, ऑपरेशन चक्रव्यूह के तहत कार सवार 19 वर्षीय आरोपी गिरफ्तार, अर्जुनसर रोड पर नाकाबंदी के दौरान पुलिस ने कार्रवाई, डोडा पोस्त चूरा परिवहन में इस्तेमाल हरियाणा नम्बररी कार जब्त, आरोपी के खिलाफ NDPS Act में मामला दर्ज0
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28 श्रेणी के कृषि-निर्माण वाहनों की फिटनेस अब RTO-DTO कार्यालयों में संभव
Jaipur, Rajasthan:अब कृषि वाहन और निर्माण क्षेत्र के वाहनों की RTO ऑफिसों में होगी फिटनेस! - कृषि उपकरण और निर्माण वाहनों को बड़ी राहत, अब परिवहन कार्यालयों में हो सकेगी फिटनेस, ATS केन्द्रों पर नहीं हो पा रही थी फिटनेस - अब RTO-DTO कार्यालयों में फिटनेस हो सकेगी, केन्द्र सरकार के आदेश होंगे तुरंत प्रभाव से लागू जयपुर। कृषि से जुड़े और निर्माण श्रेणी के वाहन और उपकरणों की फिटनेस को लेकर राह आसान हो गई है। पिछले 6 माह से ज्यादा समय से ऐसे वाहनों की फिटनेस को लेकर परेशानी आ रही थी। अब केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने ऐसे वाहनों की फिटनेस के लिए आरटीओ और डीटीओ कार्यालयों को अधिकृत कर दिया है। 28 श्रेणियों के वाहनों की फिटनेस अब परिवहन विभाग के कार्यालयों में हो सकेगी। केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने इसे लेकर एक आदेश जारी कर दिया है। मंत्रालय के अवर सचिव की ओर से जारी आदेश में कृषि क्षेत्र से जुड़े हुए वाहन और उपकरण और निर्माण क्षेत्र से जुड़े हुए वाहन और उपकरणों को छूट दी गई है। इसके अलावा दुपहिया और इलेक्ट्रिक थ्री व्हीलर वाहनों की फिटनेस को लेकर भी आदेश में छूट दी गई है। दरअसल ऐसे वाहनों की फिटनेस को लेकर अभी तक समस्या आ रही थी। दरअसल सभी तरह के हल्के और भारी वाहनों की फिटनेस केवल ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशनों पर की जा सकती है। राजस्थान में वर्तमान में 51 ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन यानी एटीएस संचालित हैं। लेकिन इन एटीएस पर कृषि वाहन, निर्माण क्षेत्र से जुड़े वाहन और दुपहिया-इलेक्ट्रिक थ्री व्हीलर की फिटनेस करने का प्रावधान नहीं था। ऐसे में इन वाहनों के मालिक एटीएस केन्द्रों और परिवहन विभाग के कार्यालयों के बीच चक्करघिन्नी बने हुए थे। ऐसे में यह मुद्दा कई राज्यों ने केन्द्र सरकार के समक्ष उठाया था। इसे देखते हुए अब केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने इन वाहनों की फिटनेस परिवहन कार्यालयों में करने की अनुमति दी है। इन 28 श्रेणी के वाहनों की फिटनेस में राहत - 28 श्रेणी वाहनों की RTO-DTO ऑफिसों में हो सकेगी फिटनेस - फॉर्क लिफ्ट, रिग लगे भारी वाहन, क्रेन माउंटेड व्हीकल, - कृषि ट्रैक्टर, पॉवर टिलर, कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट व्हीकल, - रोड रोलर, एक्सकेवेटर, बुलडोजर, हार्वेस्टर, अर्थ मूविंग इक्विमेंट, - पॉवर टिलर (कमर्शियल), डम्पर, एक्सकेवेटर (कमर्शियल), - कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट व्हीकल (कमर्शियल), निजी उपयोग के ट्रेलर, - कृषि उपयोग के ट्रेलर, व्यक्तिगत उपयोग के ट्रेलर, ई-कार्ट, - ई-रिक्शा, कमर्शियल ट्रैक्टर, पुलर ट्रैक्टर, ट्रेलर, ऑक्जिलरी ट्रेलर, - कमर्शियल ट्रेलर, कमर्शियल ट्रैक्टर ट्रॉली, कमर्शियल सेमी ट्रेलर, - मॉड्यूलर हाइड्रोलिक ट्रेलर की फिटनेस RTOs में हो सकेगी - परिवहन निरीक्षक मैन्युअली कर सकेंगे इन वाहनों की फिटनेस एटीएस केन्द्रों पर फिटनेस लेन नहीं केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने यह भी साफ किया है कि दुपहिया और इलेक्ट्रिक थ्री व्हीलर के मामले में जो पहले आदेश जारी किए गए थे, वे वाहन भी इस आदेश के तहत शामिल होंगे। यानी इन सभी तरह के वाहनों की फिटनेस अब परिवहन निरीक्षकों के निरीक्षण के आधार पर जारी की जा सकेगी। आपको बता दें कि वर्ष 2019 तक सभी तरह के वाहनों की फिटनेस मैन्युअल तरीके से परिवहन कार्यालयों में ही की जाती थी। लेकिन वर्ष 2018 में फिजा पॉलिसी 2018 लाई गई थी। इसके बाद से वाहनों की फिटनेस का कार्य निजी फिटनेस केन्द्रों पर होने लगा था। अब फिर से 28 श्रेणियों के वाहनों की फिटनेस का कार्य परिवहन विभाग के कार्यालयों में पूरा हो सकेगा। वहीं एटीएस केन्द्रों पर दुपहिया और इलेक्ट्रिक थ्री व्हीलर की फिटनेस को लेकर लेन नहीं होने की समस्या भी सामने आ रही थी। ऐसे वाहनों की फिटनेस एटीएस केन्द्रों पर नहीं हो पा रही थी।0
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भाजपा ने राष्ट्रीय और राज्य स्तर के संगठन मंत्रियों के कामकाज बाँटे
Noida, Uttar Pradesh:भारतीय जनता पार्टी ने राष्ट्रीय स्तर संगठन मंत्री राज्यों के संगठन मंत्रियों के कामकाज बाँटे0
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जयपुर के मेयर पद के लिए कल मतदान: कोठारी बनाम मावर, सियासी गणित साफ
Jaipur, Rajasthan:Anchor-करीब 11 महीने से निर्वाचित मेयर का इंतजार कर रहे जयपुर को शुक्रवार को नया मेयर मिल जाएगा। पिछले नगर निगम बोर्ड का कार्यकाल खत्म हो जाने के बाद शहर की कमान प्रशासकीय व्यवस्था के हाथ में थी। इस बीच जयपुर के दो नगर निगमों को खत्म कर फिर एक नगर निगम बनाया गया, परिसीमन हुआ, चुनाव हुए और 150 पार्षद चुनकर आए। अब यही पार्षद कल एकीकृत नगर निगम जयपुर का नया मेयर चुनेंगे। मुकाबला भाजपा के सुनील कोठारी और कांग्रेस की सुनीता मावर के बीच है। आंकड़ों में भाजपा 78 पार्षदों के साथ बहुमत के 76 के जादुई आंकड़े से आगे है, लेकिन गुप्त मतदान ने सियासी रोमांच बनाए रखा है। कांग्रेस के पास 57 और 15 निर्दलीय हैं। कल सिर्फ मेयर की कुर्सी का फैसला नहीं होगा...यह भी साफ होगा कि सदन का गणित मतपेटी में जस का तस रहता है या कोई नया सियासी समीकरण सामने आता है। VO-1-दो नगर निगमों में बंटे जयपुर के फिर से एक होने के बाद शहर की सरकार का नया मुखिया तय हो जाएगा। एकीकृत नगर निगम जयपुर के 150 निर्वाचित पार्षद कल मेयर चुनेंगे। मेयर पद के लिए मुकाबला भाजपा के सुनील कोठारी और कांग्रेस की सुनीता मावर के बीच सीधा है। रिटर्निंग अधिकारी आशीष कुमार ने बताया कि नगर निगम सभासद भवन में कल सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक मतदान होगा और इसके तत्काल बाद मतगणना शुरू हो जाएगी। कागज पर देखें तो भाजपा का गणित साफ है। 150 सदस्यीय निगम में बहुमत के लिए 76 वोट चाहिए। भाजपा के अपने 78 पार्षद हैं, यानी जरूरी आंकड़े से दो ज्यादा। कांग्रेस के 57 और 15 निर्दलीय हैं। इस हिसाब से कांग्रेस और सभी निर्दलीय एक साथ भी आएं तो संख्या 72 तक ही पहुंचती है। यानी कांग्रेस प्रत्याशी को बहुमत तक पहुंचने के लिए इसके बाद भी कम से कम 4 अतिरिक्त वोटों की जरूरत होगी। लेकिन मेयर का चुनाव सिर्फ सदन के अंकगणित तक सीमित नहीं है। गुप्त मतदान ने मुकाबले को राजनीतिक रणनीति की परीक्षा बना दिया है। भाजपा के लिए सवाल यह है कि क्या वह अपने 78 पार्षदों के संख्याबल को उतने ही मजबूती से मतपेटी तक पहुंचा पाती है। वहीं कांग्रेस की उम्मीद निर्दलीयों के समर्थन के साथ भाजपा खेमे से संभावित क्रॉस वोटिंग पर टिकी है। कांग्रेस की ओर से भाजपा के कुछ पार्षदों के संपर्क में होने का दावा भी किया गया है。 एक नजर में मेयर का गणित कुल पार्षद : 150 बहुमत : 76 भाजपा : 78 — बहुमत से 2 ज्यादा कांग्रेस : 57 — बहुमत से 19 कम निर्दलीय : 15 कांग्रेस + सभी निर्दलीय : 72 — फिर भी बहुमत से 4 कम बहरहाल, शहर एक हुआ तो सत्ता का केंद्र भी एक हो गया। अब कल 150 पार्षद सिर्फ मेयर नहीं चुनेंगे, बल्कि यह भी तय करेंगे कि सदन में दिखाई दे रहा 78-57-15 का गणित मतपेटी से किस रूप में बाहर निकलता है। भाजपा के सामने अपने बहुमत को वोट में बदलने की परीक्षा है, जबकि कांग्रेस के सामने अपने घोषित संख्याबल से आगे समर्थन जुटाने की चुनौती। दीपक गोयल जी मीडिया जयपुर0
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AIMIM प्रवक्ता शादाब चौहान का 6 बजे का बयान—जानिए क्या कहा
Noida, Uttar Pradesh:बाइट शादाब चौहान AIMIM प्रवक्ता for 6 pm0
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बीजेपी नेता राकेश त्रिपाठी ने PDM पर दिया बयान
Lucknow, Uttar Pradesh:BJP Leader Rakesh Tripathi byte on PDM0
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दुद्धी के बघाड़ू मामले में हाईकोर्ट ने प्रशासनिक आदेश बरकरार, लैंड जिहाद पर बहस तेज
Obra, Uttar Pradesh:दुद्धी तहसील के बघाड़ू गांव में आदिवासी परिवारों की जमीन से जुड़े मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला सामने आया है. अदालत ने जमीन के हस्तांतरण से जुड़े मामलों में प्रशासन की कार्रवाई में हस्तक्षेप से इनकार करते हुए डिप्टी कलेक्टर दुद्धी के आदेशों को बरकरार रखा है. इस प्रकरण से जुड़े एक अन्य मामले में वर्ष 2012 में जारी अनुसूचित जनजाति प्रमाणपत्र भी जिला स्तरीय जाति प्रमाणपत्र सत्यापन समिति की जांच के बाद निरस्त किया जा चुका है. करीब 48 बीघा आदिवासी जमीन से जुड़े इस पूरे मामले में अब प्रशासनिक कार्रवाई आगे बढ़ने का रास्ता साफ हुआ है. भाजपा जिलाध्यक्ष नंदलाल गुप्ता ने इस प्रकरण को आदिवासी जमीन के कथित अवैध हस्तांतरण और जिसे वह लैंड जिहाद का मामला बताते हैं, उससे जोड़ते हुए जिले में ऐसे अन्य मामलों की भी जांच की मांग की है. पूरे मामले में दुद्धी तहसील के बघाड़ू गांव में आदिवासी परिवारों की जमीन की खरीद के मामले सामने आए थे. प्रशासन की ओर से संबंधित भूमि हस्तांतरण की वैधता की जांच की गई और इसके बाद कई बैनामों को कानून के विपरीत मानते हुए जमीन को सरकारी खाते में निहित करने की कार्रवाई शुरू हुई. इसी प्रकरण में रजिया उर्फ दुलरिया के नाम जारी अनुसूचित जनजाति प्रमाणपत्र भी जांच के दायरे में आया. उपलब्ध अभिलेखों के मुताबिक, वर्ष 1986 के आसपास बघाड़ू निवासी बहादुर अली से विवाह के बाद दुलरिया की पहचान रजिया के रूप में सामने आई थी. इसके बावजूद 14 दिसंबर 2012 को उसके नाम अनुसूचित जनजाति का प्रमाणपत्र जारी हुआ. इसी प्रमाणपत्र के आधार पर आदिवासी जमीन की खरीद किए जाने का मामला भी सामने आया. जिला स्तरीय जाति प्रमाणपत्र सत्यापन समिति ने पुराने अभिलेखों, स्थानीय स्तर पर लिए गए बयानों और जनजातीय पहचान से जुड़े तथ्यों की जांच की. समिति के सामने रीति-रिवाज, सामाजिक जीवन और संबंधित जनजातीय समुदाय से जुड़ाव जैसे बिंदुओं पर भी तथ्य रखे गए. जांच के बाद वर्ष 2012 में जारी एसटी प्रमाणपत्र को निरस्त कर दिया गया. तहसीलदार दुद्धी ने भी प्रमाणपत्र निरस्त किए जाने की पुष्टि की है. इसी भूमि प्रकरण के दूसरे हिस्से में नन्हकी उर्फ नैमुन्निशा की ओर से खरीदी गई आदिवासी जमीन के बैनामों को लेकर भी विवाद सामने आया. नन्हकी ने खुद को जन्म से भुइयां अनुसूचित जनजाति का बताते हुए जमीन की खरीद को वैध बताया था और दुद्धी के डिप्टी कलेक्टर के आदेशों को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी थी. न्यायमूर्ति अरुण कुमार की पीठ ने 14 सितंबर 2026 को नन्हकी उर्फ नैमुन्निशा की तीन रिट याचिकाएं खारिज कर दीं. अदालत ने 22 जनवरी 2026 को डिप्टी कलेक्टर दुद्धी की ओर से पारित आदेशों में हस्तक्षेप नहीं किया. अदालत के सामने मुख्य सवाल यह था कि संबंधित जमीन की खरीद के समय याचिकाकर्ता अनुसूचित जनजाति की सदस्य के रूप में अपनी निरंतर जनजातीय पहचान और समुदाय से जुड़े होने को पर्याप्त साक्ष्यों से साबित कर सकीं या नहीं. हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल दूसरे धर्म में जाने से किसी व्यक्ति का अनुसूचित जनजाति का दर्जा अपने आप समाप्त नहीं होता. लेकिन यह देखा जाना जरूरी है कि संबंधित व्यक्ति की जनजातीय पहचान, रीति-रिवाज, सामाजिक जीवन और अपने समुदाय से जुड़ाव बना हुआ है या नहीं. अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर भूमि हस्तांतरण को कानून के तहत वैध नहीं माना और प्रशासनिक आदेशों को बरकरार रखा. बघाड़ू के पूरे प्रकरण में प्रशासन की कार्रवाई का असर अब जमीन के उपयोग पर भी दिखाई दे सकता है. जिला प्रशासन की ओर से पहले ही संकेत दिया गया है कि कार्रवाई के बाद उपलब्ध जमीन का उपयोग जनहित से जुड़ी सुविधाओं के लिए किया जा सकता है. करीब 48 बीघा जमीन से जुड़े इस प्रकरण में खेल मैदान, सामुदायिक सुविधा या अन्य सार्वजनिक उपयोग की संभावनाओं पर काम किए जाने की बात सामने आई है. भाजपा जिलाध्यक्ष नंदलाल गुप्ता का कहना है कि आदिवासी समाज की जमीन की सुरक्षा के लिए यह कार्रवाई महत्वपूर्ण है. उनका कहना है कि बघाड़ू के अलावा जिले के दूसरे क्षेत्रों में भी आदिवासी जमीन के हस्तांतरण, राजस्व अभिलेखों, कब्जे और जमीन की खरीद-बिक्री से जुड़े मामलों की जांच होनी चाहिए, ताकि यह सामने आ सके कि कहीं कानून के विपरीत तरीके से आदिवासी भूमि का हस्तांतरण तो नहीं हुआ. गौर करने की बात यह है कि बघाड़ू में प्रशासन की कार्रवाई केवल आरोपों तक सीमित नहीं रही, बल्कि भूमि हस्तांतरण से जुड़े मामलों में राजस्व स्तर पर आदेश पारित हुए और इन्हीं आदेशों को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई. अदालत ने हस्तक्षेप से इनकार करते हुए प्रशासनिक आदेशों को बरकरार रखा है. भाजपा जिलाध्यक्ष नंदलाल गुप्ता इस पूरे मामले को ‘लैंड जिहाद’ से जोड़कर देखते हैं. उनका आरोप है कि आदिवासी महिलाओं के माध्यम से आदिवासी जमीन की खरीद और उसके बाद बाहरी लोगों के बसने जैसे मामलों की व्यापक जांच होनी चाहिए. हालांकि, यह शब्द और यह आरोप भाजपा जिलाध्यक्ष की राजनीतिक प्रतिक्रिया کا हिस्सा हैं. हाईकोर्ट का फैसला अपने स्तर पर भूमि हस्तांतरण की वैधता, अनुसूचित जनजाति की निरंतर पहचान और उपलब्ध साक्ष्यों के परीक्षण पर आधारित है. बघाड़ू प्रकरण में अब दो महत्वपूर्ण कार्रवाई सामने आ चुकी हैं. एक तरफ रजिया उर्फ दुलरिया के नाम 2012 में जारी एसटी प्रमाणपत्र को जिला स्तरीय सत्यापन समिति ने जांच के बाद निरस्त कर दिया है, वहीं दूसरी طرف आदिवासी जमीन के हस्तांतरण से जुड़े मामलों में हाईकोर्ट ने प्रशासनिक आदेशों में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है. ऐसे में करीब 48 बीघा जमीन से जुड़े इस प्रकरण में आगे प्रशासन जमीन के उपयोग और अन्य संबंधित मामलों पर क्या कार्रवाई करता है, यह महत्वपूर्ण होगा.0
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सीतापुर भर्ती मामले में अजय राय ने हत्या की आशंका जताई, परिजनों के लिए नौकरी
Sitapur, Uttar Pradesh:यूपी के सीतापुर में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय पहुंचे। लखनऊ होमगार्ड भर्ती में दौड़ के समय हुई सीतापुर के युवक की मौत के मामले में परिजनों से मुलाकात की। मुलाकात के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने बड़ा बयान दिया। बोले पोस्टमार्टम रिपोर्ट में युवक योगेंद्र के गले में पानी की बोतल मिलना साबित करता है कि उसकी हत्या की गई इतना ही नहीं वहाँ लगे सीसीटीवी फुटेज गायब है भर्ती में जो भी पुलिसकर्मी लगाए गए हैं उनकी जांच कर कार्रवाई की जाए। वही अजय राय ने मृतक के परिजनों को 50 लाख रुपए और एक नौकरी की मांग की है। अजय राय ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी हमला बोला। बोले, राहुल जी वोट चोरी पर लगातार बताते रहे कि कैसे वोट चोरी हो रही है मोदी और संघ के दबाव में चुनाव आयोग ने सभी चुनाव कराए हैं। चुनाव रद्द होने चाहिए ज्ञानेश कुमार को बर्खास्त किया जाए और जेल भेजा जाए।0
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नवादा के सदर अस्पताल की गंदगी पर अश्वमेध देवी ने पूछे सवाल
Nawada, Uttar Pradesh:नवादा सदर अस्पताल में गंदगी देख भड़कीं महिला़ एवं बाल विकास समिति की सभापति अश्वमेध देवी ने उपाधीक्षक को कहा व्यवस्था हो दुरुस्त, ऑपरेशन पर उठाए सवाल नवादा का सदर अस्पताल अपनी बदहाल व्यवस्था के लिए जाना जाता है। यहां की गंदगी और अव्यवस्था देखकर अक्सर लोग इसे अस्पताल कम और गौशाला ज्यादा बताते हैं। कई मंत्रियों, विधायकों और सांसदों ने इसकी व्यवस्था सुधारने के दावे किए हैं, लेकिन जमीन पर कोई बदलाव नहीं दिखा। इसी कड़ी में एक बार फिर बिहार के समस्तीपुर विधानसभा क्षेत्र की विधायक और महिला एवं बाल विकास समिति की सभापति अश्वमेध देवी अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचीं। उनके साथ गोविंदपुर और नवादा के विधायक समेत कई लोग मौजूद थे。 अस्पताल की व्यवस्था देखकर अश्वमेध देवी ने जिला उपाधीक्षक को कहा स्वास्थ्य व्यवस्था दुरुस्त की जाए उन्होंने सवाल किया कि इतनी गंदगी में किसी महिला का ऑपरेशन कैसे होगा। उपाधीक्षक ने जवाब दिया कि व्यवस्था सुधारने के लिए कई आवेदन लिखे गए हैं, लेकिन अब तक कोई सुधार नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि उनकी कोशिश रहती है कि मरीजों को बेहतर सुविधा मिले。 यह सवाल उठता है कि जिस सिस्टम के अधिकारी खुद काम कर रहे हैं, वही सिस्टम इस अस्पताल के लिए फेल साबित हो चुका है। जब भी किसी मरीज से यहां की व्यवस्था के बारे में पूछा जाता है, तो उनका सीधा जवाब होता है कि यहां कुछ भी ठीक नहीं है。 अब देखना यह है कि इस निरीक्षण के बाद अस्पताल की व्यवस्था में सुधार आता है या यह भी पहले की तरह सिर्फ खानापूर्ति बनकर रह जाएगा। अधिकारी फटकार लगाकर और मीडिया में आकर आश्वासन तो देते हैं, लेकिन उनके आश्वासन पूरे होते हैं या नहीं, यह तो आने वाला समय ही बताएगा। जब सवाल किया गया की व्यवस्था कैसा तो कहा व्यवस्था की आलोचना नहीं करना है इसे हमें गोपनीय रखना है。 अस्पताल की व्यवस्था को देखकर सवाल खड़ा किया गया दिया अस्पताल में सफाई व्यवस्था भी बेहतर होना चाहिए लेकिन सवाल है कि यह सफाई की व्यवस्था पहले एक दूसरे प्राइवेट को दी जाती थी तो अब तो जीविका की दीदी की हवाले कर दी गई है जो दिन में तो सफाई होती है लेकिन रात की अंधेरे होते ही सफाई की व्यवस्था भी बंद हो जाता है जिसके कारण मरीजों को भी परेशानियां होती है।0
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48 कोस परिधि में स्वच्छता के साथ अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव की तैयारी
Kurukshetra, Haryana:कुरुक्षेत्र: कुरुक्षेत्र गीता ज्ञान संस्थानम में अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव (2026) को लेकर बैठक में बोले मुख्यमंत्री 48 कोस परिधि में चलेगा स्वच्छता अभियान, कहा गीता महोत्सव को दिवाली पर्व की तरह मनाएं, मुख्यमंत्री बोले अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव सरकारी नहीं जन-जन के सहयोग से सामूहिक कार्यक्रम बने. कुरुक्षेत्र: कुरुक्षेत्र गीता ज्ञान संस्थानम में अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव (2026) को लेकर बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि 48 को परिधि में स्वच्छता अभियान चलेगा व गीता महोत्सव को दिवाली पर्व की तरह मनाना चाहिए, मुख्यमंत्री बोले अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव सरकारी नहीं जन-जन के सहयोग से सामूहिक कार्यक्रम बने ऐसा प्रयास किया जाना चाहिए. मुख्यमंत्री नायब सैनी कुरुक्षेत्र की धार्मिक सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों से साथ संवाद कार्यक्रम में पहुंचे बैठक में मुख्यमंत्री के साथ गीता मनीषी स्वामी ज्ञाननंद महाराज, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता पूर्व मंत्री सुभोष सुधा भी के साथ जिला के तमाम धार्मिक सामाजिक संस्थाओं से जुड़े लोग बैठक में शामिल रहे। मुख्यमंत्री ने सामाजिक धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों से आह्वान किया कि इस दौरान गीता पाठ भजन प्रवचन शोभायात्रा विश सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए उन्होंने कहा कि गीता महोत्सव दिवाली पर्व की तरह बनना चाहिए ताकि सब जगह गीतामय वातावरण बने. स्पीच बाइट: मुख्यमंत्री नायब सैनी0
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गुरुग्राम में मां-बेटी के साथ रोडरेज: गाली-गलौज और लोहे की रॉड से हेडलाइट तोड़फोड़
Gurugram, Haryana:गुरुग्राम- गुरुग्राम में मां-बेटी के साथ रोडरेज का मामला आया सामने गोल्फ कोर्स रोड के AIT चौक पर स्कॉर्पियो गाड़ी ने उनकी कार में मारी टक्कर माँ-बेटी का आरोप टक्कर के बाद स्कॉर्पियो चालक ने कार के आगे गाड़ी लगाकर रास्ता रोका आरोपी ने मां-बेटी से गाली-गलगौज और अभद्र व्यवहार भी किया यही नही स्कॉर्पियो चालक ने कार से लोहे की रॉड निकालकर हेडलाइट तक तोड़ दी पूरी घटना कार के डैशकैम में हुई रिकॉर्ड घटना के तुरंत बाद पुलिस को शिकायत दी थी करीब 25 दिन और कई बार थाने के चक्कर लगाने के बाद FIR दर्ज हुई सेक्टर-56 थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया पुलिस ने BNS की धारा 125, 281 और 324(4) के तहत केस दर्ज किया है0
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