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नोएडा पुलिस की बड़ी पहल, 225 गुम मोबाइल फोन बरामद।

PBParveen BehlFollowJust now
Ghaziabad, Uttar Pradesh:नोएडा पुलिस की बड़ी पहल, 225 गुम मोबाइल फोन बरामद। नोएडा पुलिस ने गुम हुए मोबाइल फोन को उनके असली मालिकों तक पहुंचाकर सराहनीय कार्य किया है। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देश पर सर्विलांस सेल नोएडा और थाना सेक्टर-39 पुलिस ने CEIR पोर्टल और सर्विलांस तकनीक की मदद से 225 मोबाइल फोन बरामद किए हैं।जिनकी कुल कीमत करीब 50 लाख रुपये बताई जा रही है। ये मोबाइल फोन अलग-अलग कंपनियों के हैं।मोबाइल फोन गुम होने के बाद लोगों विभिन्न थानों में इसकी शिकायत दर्ज कराई थी।मिली शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए CEIR पोर्टल की मदद से नोएडा पुलिस ने बरामद किए ।सभी 225 मोबाइल फोन उनके वास्तविक स्वामियों को सुपुर्द किए गए। मोबाइल वापस मिलने पर लोगों के चेहरों पर खुशी साफ नजर आई। पुलिस की इस कार्रवाई से न सिर्फ लोगों को राहत मिली, बल्कि तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल की एक मिसाल भी सामने आई है। बाइट// नोएडा एडीसीपी मनीषा सिंह।
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जमशेदपुर के कारोबारी की चांडिल के होटल में गोली मारकर हत्या, आरोपितों की तलाश तेज

Jamshedpur, Jharkhand:सराइकेला के चांडिल थाना क्षेत्र में सोमवार दोपहर बेखौफ अपराधियों ने जमशेदपुर के एक कारोबारी की गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात आसनबनी स्थित टेंथमाइल स्टोन होटल में हुई। हमले के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान जमशेदपुर के कदमा थाना क्षेत्र स्थित विजया हेरिटेज निवासी निखार सबलोक (33) के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, निखार किसी काम से कांदरबेड़ा स्थित टेंथमाइल स्टोन होटल पहुंचे थे। इसी दौरान बाइक से पहुंचे अपराधियों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। बताया जा रहा है कि हमलावरों ने कारोबारी को चार गोलियां मारीं। इनमें एक गोली सिर में लगी, जिससे उनकी हालत गंभीर हो गई। घटना के बाद होटल में मौजूद लोगों और साथियों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस की मदद से घायल कारोबारी को इलाज के लिए जमशेदपुर स्थित टीएमएच ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटनास्थल से खोखा बरामद, CCTV खंगाल रही पुलिस वारदात की सूचना मिलते ही चांडिल पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल की जांच शुरू की। पुलिस ने मौके से गोली के खोखे बरामद किए हैं। होटल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। फुटेज के आधार पर पुलिस हमलावरों की पहचान करने में जुटी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, घटना के बाद कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक हत्या में शामिल अपराधियों की आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं की है。 रंगदारी के एंगल से भी जांच निखार सबलोक का होटल समेत अन्य कारोबार से जुड़ा व्यवसाय बताया जा रहा है। पुलिस फिलहाल हत्या के पीछे के कारणों का पता लगाने में जुटी है। शुरुआती जांच में रंगदारी के विवाद का एंगल भी सामने आया है। हालांकि, हत्या की असली वजह पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी。 दिनदहाड़े होटल में हुई इस वारदात के बाद कारोबारी वर्ग में दहशत का माहौल है। घटना की जानकारी मिलने के बाद मृतक के परिजन और परिचित भी टीएमएच पहुंचे। चांडिल पुलिस मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है और अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की तैयारी में जुटी है।
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बागेश्वर के दुर्गम पहाड़ों में शव कंधों पर ढोना, विकास की धाराओं पर सवाल

Bageshwar, Uttarakhand:बागेश्वर के उच्च हिमालयी क्षेत्र से आई ये तस्वीरें पहाड़ में विकास की जमीनी हकीकत दिखाने के लिए काफी हैं। यहाँ लोगों को जिंदगी तो दूर, मौत के बाद भी रास्ते के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। कंधों पर शव… दुर्गम पहाड़ी रास्ता… और कदम-कदम पर जोखिम। बागेश्वर के दूरस्थ कपकोट क्षेत्र में एक बुजुर्ग महिला की अंतिम यात्रा ऐसी तस्वीर छोड़ गई, जिसने व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गांव से श्मशान घाट तक जाने के लिए सड़क तो दूर, सुरक्षित पैदल रास्ता तक नहीं है। लिहाजा ग्रामीण शव को कंधों पर उठाकर पहले रास्ता बनाते है और फिर आगे बढ़ते हैं। बारिश के मौसम में मुश्किल और बढ़ जाती है। सवाल ये है कि जिन गांवों तक आज भी बुनियादी सुविधाएं नहीं पहुंचीं, वहां विकास के दावे आखिर कितने सच हैं? ये तस्वीरें सिर्फ एक परिवार का दर्द नहीं, बल्कि पहाड़ के हजारों लोगों की मजबूरी की कहानी हैं。
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मुकेश सहनी का जालौन कार्यक्रम चार घंटे में निरस्त, धरने पर बैठे

Jalaun, Uttar Pradesh:मुकेश सहनी की संकल्प यात्रा के 45वें पड़ाव पर जालौन के उरई में प्रस्तावित कार्यक्रम की अनुमति जारी होने के महज चार घंटे बाद निरस्त कर दिए जाने से राजनीतिक माहौल गरमा गया। कार्यक्रम रद्द होने से नाराज मुकेश सहनी ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर प्रशासन के समक्ष आपत्ति दर्ज कराई और जांच पूरी होने तक कलेक्ट्रेट परिसर में धरने पर बैठ गए। उरई के जायसवाल होटल में होने वाले कार्यक्रम की अनुमति नगर मजिस्ट्रेट की ओर से 23 अगस्त को जारी की गई थी। पूर्व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री अच्छे लाल निषाद के नाम से शाम 5 बजकर 4 मिनट पर जारी अनुमति में करीब 500 लोगों के शामिल होने की संभावना जताई गई थी। आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम की तैयारी पूरी कर ली गई थीं और वीआईपी अध्यक्ष मुकेश सहनी को भी इसकी जानकारी दे दी गई थी。 हालांकि, अनुमति जारी होने के ठीक चार घंटे बाद रात 9 बजकर 5 मिनट पर नगर मजिस्ट्रेट ने कार्यक्रम की अनुमति निरस्त कर दी। सुबह होते ही बड़ी संख्या में कार्यकर्ता कार्यक्रम स्थल के आसपास पहुंचने लगे। कार्यक्रम निरस्त होने की जानकारी मिलने पर कार्यकर्ताओं में नाराजगी फैल गई। मामले की जानकारी मिलने पर मुकेश सहनी सीधे जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और प्रशासन के सामने अपनी आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने कहा कि अनुमति निरस्त करने के लिए जो कारण बताया गया है, वह उचित नहीं है। उनका सवाल था कि प्रशासन पहले से यह कैसे तय कर सकता है कि किसी कार्यक्रम में भगदड़, विवाद अथवा अप्रिय घटना हो सकती है। जिलाधिकारी ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया। हालांकि, सहनी ने कहा कि जब तक जांच की रिपोर्ट सामने नहीं आती, वह कलेक्ट्रेट परिसर से नहीं हटेंगे। इसके बाद वह जिलाधिकारी चैंबर के सामने लगी गोविंद बल्लभ पंत की प्रतिमा के पास धरने पर बैठ गए। पत्रकारों से बातचीत में मुकेश सहनी ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने प्रधानमंत्री की ओर से पूर्व में कही गई ‘दिमागी नक्सल’ की बात का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि कलेक्ट्रेट में भी ऐसी मानसिकता दिखाई दे रही है। उन्होंने अधिकारियों पर जातिवाद का आरोप लगाते हुए कहा कि कार्यक्रम की अनुमति देने के बाद उसे निरस्त करना समझ से परे है। सहनी ने कहा कि जिस अधिकारी ने कार्यक्रम की अनुमति निरस्त की है, उसे कार्यक्रम की तैयारियों में हुए खर्च का भुगतान करना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब अनुमति पहले ही जारी कर दी गई थी तो उसे चार घंटे बाद निरस्त करने की जरूरत क्यों पड़ी। वीआईपी अध्यक्ष ने भाजपा पर भी राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा घबराई हुई है और बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के संविधान को नहीं मानती। उन्होंने कहा कि देश संविधान से चलता है और वीरांगना फूलन देवी की धरती पर केवट और निषाद समाज के अधिकारों की आवाज उठाने के लिए उनकी संकल्प यात्रा आयोजित की जा रही थी। मुकेश सहनी ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि जब तक निषाद और केवट समाज को आरक्षण नहीं मिलता, तब तक भाजपा को वोट न दिया जाए। उन्होंने कहा कि भाजपा दलितों और पिछड़ों का सम्मान नहीं करती और सरकार में बैठे कुछ अधिकारी भी राजनीतिक भाषा बोलने लगे हैं। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकारें आती-जाती रहती हैं, लेकिन अधिकारी अपनी सेवा में रहते हैं और उन्हें संविधान के अनुसार काम करना पड़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ अधिकारी सरकारी दायित्वों के बजाय राजनीतिक दलों का काम कर रहे हैं। सहनी ने कहा कि उनकी संकल्प यात्रा में जालौन में व्यवधान पैदा किया गया है। इसके विरोध में उन्होंने कार्यकर्ताओं को गंगाजल हाथ में लेकर भाजपा को वोट न देने की शपथ दिलाई। उनके अनुसार, इस दौरान सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने एक साथ शपथ ली। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री समेत सभी जनप्रतिनिधि जनता के वोट से सत्ता में आते हैं, इसलिए उसी जनता के साथ प्रशासनिक स्तर पर अन्याय नहीं होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यक्रम की अनुमति निरस्त कर संविधान की भावना को ताक पर रखा गया है। मुकेश सहनी ने कहा कि कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर निषाद और केवट समाज के बीच आरक्षण के मुद्दे को लेकर जागरूकता अभियान चलाएं। उन्होंने प्रशासन से कार्यक्रम की अनुमति निरस्त किए जाने की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। कार्यक्रम की अनुमति रद्द होने और उसके बाद मुकेश सहनी के कलेक्ट्रेट में धरने पर बैठने से उरई में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई। अब सभी की निगाहें प्रशासन की प्रस्तावित जांच और उसके निष्कर्ष पर टिकी हैं।
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सीतापुर में बारिश के बीच मगरमच्छ रेस्क्यू; ग्रामीणों ने सुरक्षित नदियों में छोड़ा

Sitapur, Uttar Pradesh:यू पी के सीतापुर में ग्रामीण आंचलों में बारिश के पानी के साथ साथ जंगली जानवरों का खतरा भी बढ़ गया है। लहरपुर और थानगांव थाना क्षेत्र में अलग अलग दो मगरमच्छ घरों के अंदर दिखाई दिए। ग्रामीणों ने डायल 112 पुलिस को सूचना दी। ग्रामीणों की सूचना के बाद वन विभाग के अधिकारियों मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों के साथ मिलकर वन विभाग के कर्मचारियों ने मगरमच्छों का रेस्क्यू किया और उन्हें सुरक्षित नदियों में छोड़ दिया गया गया। मगरमच्छों के पकड़े जाने के बाद वन विभाग के अधिकारियों के साथ साथ ग्रामीणों ने राहत की सांस ली。
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फिरोजाबाद में राशन डीलर और ग्राम प्रधान के समर्थकों के बीच जमकर मारपीट

Firozabad, Uttar Pradesh:जम कर हुई मारपीट ANC - यूपी के फिरोजाबाद में कोटेदार द्वारा राशन की घटतौली करने की शिकायत पर जांच करने पहुँचे तहसीलदार के सामने ही दोनों पक्षों में हॉकटॉक हो गई, विवाद की स्थित देख तहसीलदार टीम सहित वापस लौट आए, उसके बाद दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हुई मारपीट का वीडियो ज़ी मीडिया के हाथ लगा है मामला थाना नारखी क्षेत्र के पानीगांव जसरथपुर का है जहां तहसीलदार सदर सुशील कुमार मय टीम के पहुंचे, वहीं राशन डीलर सुरेश और ग्राम प्रधान पति रामू भी बुलाए गए साथ ही दोनों के समर्थक भी पंचायत घर पर पहुंच गए, दोनों पक्षों के बयान टीम ने लेना ही शुरू किए, अचानक किसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हुई बात बढ़ती देख तहसीलदार मय टीम के वापस लौट गये उसके बाद जो हुआ वह ये तस्वीरें बया कर रही है दोनों पक्षों की मारपीट हुईं,दोनों पक्षों की मारपीट का वीडियो किसी ने बना लिया जो ज़ी मीडिया के हाथ लगा है
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सहारनपुर के जंगल में तेंदुआ, वीडियो वायरल से किसान और ग्रामीण दहशत में

Saharanpur, Uttar Pradesh:सहारनपुर जनपद के थाना गंगोह क्षेत्र के गांव बुढ्ढा खेड़ा के जंगल में तेंदुआ दिखाई देने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद ग्रामीणों और किसानों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि खेतों में तेंदुआ देखे जाने के बावजूद वन विभाग की ओर से अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आई है। तेंदुए की मौजूदगी की खबर से किसान खेतों में जाने से बच रहे हैं, वहीं खेतों और आसपास के रास्तों से गुजरने वाले राहगीरों में भी डर बना हुआ है। ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना देकर तेंदुए की तलाश कर उसे जल्द पकड़ने की मांग की है।
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सरसावा पुलिस 12 घंटे में चोर गिरफ्तार, घर से जेवर बरामद

Saharanpur, Uttar Pradesh:सहारनपुर जनपद के सरसावा थाना पुलिस ने चोरी की एक घटना का महज 12 घंटे में खुलासा करते हुए वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे और निशानदेही पर चोरी किए गए सोने-चांदी के आभूषण भी बरामद किए हैं।पुलिस के मुताबिक, ग्राम सलूनी निवासी पवन कुमार ने 23 अगस्त को थाना सरसावा में तहरीर देकर बताया था कि उसके घर की अलमारी से सोने और चांदी के जेवर चोरी हो गए हैं। चोरी का आरोप उसके घर में काम करने वाले विजय उर्फ ब्रजेश निवासी ग्राम तेलीपुरा, थाना चिलकाना पर लगाया गया था। मामले में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना के आधार पर 24 अगस्त को विजय उर्फ ब्रजेश को ग्राम कलरी से इब्राहीमपुर की ओर जाने वाले रास्ते पर रेलवे ओवरब्रिज के पास से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की निशानदेही पर चोरी किए गए जेवर बरामद किए गए। बरामद सामान में दो सोने की अंगूठियां, सोने का गले का सेट झूमकी सहित, गले का सेट टॉप्स सहित, दो कंगन, सोने की चैन और माथे का टीका शामिल हैं। इसके अलावा चांदी की अंगूठी, ओम, तीन जोड़ी पाजेब, दो गुच्छे, तगड़ी और कड़ूले भी बरामद किए गए।पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह पवन कुमार के यहां नौकरी करता था। उसने मालिक की पत्नी को सेफ में जेवर रखते हुए देखा था, जिसके बाद उसके मन में लालच आ गया और उसने 22 अगस्त को जेवर चोरी कर लिए। पुलिस के अनुसार आरोपी चोरी के जेवर बेचने के लिए ग्राहक की तलाश कर रहा था।गिरफ्तारी और बरामदगी के आधार पर मुकदमे में धारा 317(2) बीएनएस की बढ़ोतरी की गई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
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चाकसू नगर पालिका चुनाव के लिए भाजपा ने आगाज किया

Dudu, Rajasthan:जिला :जयपुर विधानसभा:चाकसू लोकेशन:चाकसू संवाददाता: दिलीप चौधरी स्थानीय संवाददाता:मुकुट शर्मा ब्रेकिंग,चाकसू (जयपुर) निकाय चुनाव 2026 चाकसू में भाजपा का चुनावी शंखनाद, चाकसू नगर पालिका चुनाव को लेकर भाजपा ने चुनावी तैयारियों का किया आगाज, भाजपा के प्रधान चुनाव कार्यालय का शुभारंभ, भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री रोहन गुप्ता ,स्थानीय विधायक रामावतार बैरवा ने फीता काटकर किया उद्घाटन, कार्यक्रम के जयपुर देहात दक्षिण जिला अध्यक्ष राजेश गुर्जर , वरिष्ठ भाजपा नेता कैलाश शर्मा सहित पदाधिकारी, बड़ी संख्या में कार्यकर्ता व टिकट दावेदार मौजूद रहे
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शशिकांत शिंदे के बयान से स्मार्ट मीटर, अस्पताल और जातीय मुद्दों पर हंगामा

Wardha, Maharashtra:वर्धा शशिकांत शिंदे बाईट शशिकांत शिंदे ऑन स्मार्ट मीटर जनआक्रोश स्मार्ट मीटर हे 17000 काहीतरी लावलेले आहे जोपर्यंत जनतेमध्ये चर्चा होत नाही जनतेचा समाधान होत नाही तोपर्यंत स्मार्ट मीटर लावणार नाही अशी आशीर्वादाने दिलाय त्याचबरोबर असलेले मीटर लावलेले प्रत्यक्ष त्या ग्राहकाकडे जाऊन प्रत्यक्ष चर्चा करून समाधान झालं नाही टेस्टिंग मीटर लावून देणारे असे दोन-तीन बद्दल चर्चा झालेली है सुलतानपूर च्या बाबत्‍यात जो विषय होता त्याच्या संदर्भामध्ये जिल्हाधिकाऱ्यांशी बोललो एसपींची पण बोललोय ज्या महिला भगिनीवर गुन्हे दाखल झालेले आहेत राजकीय पोटी गुन्हे दाखल केलेल्या त्याची गुन्हे मागे घेण्याची विनंती केली आहे त्यांनी देखील आश्वासन दिलाय कॉलेक्टर जिल्हाधिकाऱ्यांनी सांगितलेला आहे मी स्वतः पाठपुरावा करते आणि सरकारला मागणी करणार आहे स्मार्ट मीटर जबरदस्तीने लावण्याचा प्रकार होतो का आता मी एक महिन्याची मुदत दिलेली आहे एम एस सी बी सी संपर्क करून पूर्णपणे समाधान करण्याचा महिनाभरामध्ये परत जबरदस्ती करण्याचा प्रयत्न केला तर त्याच्यापेक्षा तीव्र आंदोलन करू काही दिवसांनी खाजगीकरण होते जीएसटी मधून सामान्य जनतेतून पैसे काढले जात होते सामान्य ग्राहकांचे शेतकऱ्यांचे लूट होत असेल त्याला विरोध झाला पाहिजे एक महिन्याच्या कालावधी म्हणजे काय होते शशिकांत शिंदे ऑन पालकमंत्री,आमदार घरी स्मार्ट मीटर आज आश्चर्य वाटते की पालकमंत्री आणि आमदारांच्या घरी सामान्य महिलांनी प्रश्न विचारल्याबद्दल स्मार्ट मीटर आहे का बाकीचे वेड पहिली सुरुवात राजकारणाची श्रेय वादाची असते आमदार मंत्री पुढे येतात याची सुरुवात करताना गरीबाकडून होते है ते निर्जनात आल्यानंतर त्याचा खुलासा अमरकड्यांनी विचारल्यावर ते करू शकले नाही शशिकांत शिंदे ऑन अमरावती हॉस्पिटल प्रकरण आरोग्यामंत्र्यांनी राजीनामा द्यावा मागच्या वेळेला भंडाऱ्याला आग लागली होती घटना घडली होती समिती नेमली होती उपाय योजना केली होती नियमावली तयार केली होती खाजगी रुग्णालयामध्ये त्यांनी नियमाची अंमलबजावणी होते Ka शासकीय रुग्णालयामध्ये त्याची अंमलबजावणी होते ka? ही यंत्रणा कमी पडली असेल त्यांच्या पालकांना घरच्यांना शासकीय मदत जाहीर करतील पैशाने मेलेल्या माणसाची प्रवृत्ती दिसते शशिकांत शिंदे on जरागे जरागे या मागच्या काही घटना बघितल्या तर पूर्वी जात प्रमाणपत्र दिल्यानंतर निवडणूक आयकाकडून कोर्टातून रद्द झाली त्यांची अशी भावना झाली प्रमाणपत्र ग्राह्य होत नसेल सरकारने आम्हाला फसवलेला आहे या भावना तीव्र झाल्यामुळे आंदोलनाचा इशारा दिलेला आहे राजकारणाचा संकल्पना दाखवण्यासाठी हा श्रेय वाद आहे दोन्ही समाजाला दोन पक्षाकडे विभाजन करायाचा आपापसामध्ये लढवायचं आणि राजकीय पोळी भाजण्याचा प्रयत्न महाराष्ट्रात होतोय हे दुर्दैवी आहे दोन्ही समाजाला न्याय कसा मिळेल सरकारने भूमिका ठाम घोषित केली पाहिजे मुख्यमंत्री वेगळे बोलतात उपमुख्यमंत्री वेगळे बोलतात शिष्टमंडळ तिकडे जाऊन भेटतात फार काळ टिकत नाही दोन्ही समाजाला जेव्हा कडूनिंब आपल्याला फसवलं जातं शशिकांत शिंदे ऑन साखर महागाई सरकारचं धोरणे फीलीवर झालेला आहे या देशांमध्ये सर्वात जास्त उत्पादन करणारा साखरेचं उत्पादन करणारे देश म्हणजे भारत आहे एक आयात निर्यात धोरण करत होतो परदेशामध्ये साखर पाठवण्याची भूमिका होती त्या देशांमध्ये साखरेचा तुटवडा होतो त्याचे नियोजन करण्यामध्ये तुम्ही फ्लेवर झालेला आता साखरेचा भाव वाढल्यानंतर जाग होतो बाहेरून साखर आणायची आहे त्यासाठी मधून कारखान्यामध्ये त्याच्या मधली काय भूमिका घ्यायची आता साखर नव्हे सणासुदीला अत्यावश्यक असलेल्या सेवा सुविधा महागाई होत आहे रुपयाचं चलन घसरल्यानंतर देशांमध्ये राज्यांमध्ये काय परिस्थिती होऊ शकते याची चूक आहे महागाई प्रचंड वाढणार आहे येत्या काळामध्ये याचा फटका सामान्य लोकांना फार त्रास होणार आहे शशिकांत शिंदे ऑन इथेनॉल साखर उद्योग जर वाढवायचा असेल असे कारखाने चालणार नाही कारखाने अडचणीत येतील इथेनॉल आणि इतर उत्पादन काढण्याचा बाबतीत कारखान्यांनी केला त्यामुळे अडचणीत आलेला आहे इथेनॉलच्या बाबतीमध्ये काहीतरी उत्पन्न मिळते इथेनॉल साखरेचे उत्पन्न कमी झाल याच्याबद्दलचा खुला सरकारने करणे गरजेचे आहे आजपर्यंत तरी सरकारने याचा खुलासा केलेला नाही
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अमरावती हादसे के बाद अस्पतालों के फायर ऑडिट और जवाबदेही पर जोर

WWalia6m ago
Nanded-Waghala, Maharashtra:ऑन अमरावती दुर्घटना अमरावतीच्या घटनेनंतर मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, आणि आरोग्य मंत्री प्रकाश अबिटकर यांनी सूचना दिलेल्या आहेत. अशा घटना घडल्या नाही पाहिजे, सरकारी किंवा खाजगी रुग्णालयाचे फायर ऑडिट झालं पाहिजे. शासकीय किंवा खाजगी रुग्णालयाचा हलगर्जीपणा सरकार खपवून घेणार नाही. रुग्णालयात जे काही यंत्रणा असायला हव्यात ते स्वतःची जबाबदारी समजून चेक केलं पाहिजे. स्वतःची जबाबदारी समजून रुग्णालयाने या गोष्टीकडे बघितलं पाहिजे एक कंपल्शन म्हणून सरकार तुमच्यावर लादते म्हणून तुम्ही सर्वांनी स्वतःवर जबाबदारी घेऊन ह्या गोष्टी केल्या पाहिजे, छोट रुग्णालय असो किंवा मोठे रुग्णालय असो, जे सरकारने नियम घालून दिलेले आहेत ते पाळले पाहिजे Byte - खा. श्रीकांत शिंदे ---------------------- ऑन जरांगे पाटील आंदोलन सरकारच्या माध्यमातून जरांगे पाटील यांच्यासोबत संवाद नेहमी सुरू आहे. या अगोदर त्यांनी आंदोलन केलं त्याची गंभीर दखल मुख्यमंत्री असताना एकनाथ शिंदे यांनी घेतली होती. आता देवेंद्र फडणवीस मुख्यमंत्री आहेत ते देखील त्यांच्या मागण्याची दखल घेत आहेत. त्यांच्या मागण्या संदर्भात सरकार अमलबजावणी करण्याचे काम करीत आहे. संवादातून हा विषय नेहमी सुटलेला आहे. यापुढे देखील ज्या काही मागण्या असतील ज्या काही सूचना असतील तपासून घेतल्या जातील. Byte - खा. श्रीकांत शिंदे ---------------------- ऑन संतोष बांगर भावी मंत्री बॅनर हिंगोलीत झळकले. कार्यकर्त्यांची भावना असते की आपला नेता मोठा झाला पाहिजे, कार्यकर्त्याची भावना जरी असली तरी निर्णय मुख्य नेते एकनाथ शिंदे हेच घेत असतात. कार्यकर्ता काम करतो, त्याला पक्षामध्ये संधी असते, ते आपण आतापर्यंत पाहिलं आहे. जो कार्यकर्ता चांगलं काम करतो जो कार्यकर्ता पक्षाला पुढे घेऊन जातो. योग्य वेळी योग्य संधी देण्याचे काम शिंदे साहेब यांनी करून दाखवलं आहे. भविष्यात कार्यकर्त्यांना इन्सेंटिव्ह पाहिजे असतो, आमदार असतो त्याला मंत्री व्हावे वाटते, एक अंबिशन ठेवणं चुकीचं नसतं. प्रत्येकाने अंबिशन ठेवलं पाहिजे सर्वोच्च पदावर कार्यकर्ता कसा जाईल यासाठी प्रयत्न करणं यात काही गैर नाही, कार्यकर्त्यांनी आपला नेता मोठा झाला पाहिजे हे अपेक्षा ठेवली पाहिजे. Byte - खा. श्रीकांत शिंदे
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