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महराजगंज प्रशासन और स्थानीय भाजपा विधायक ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंचकर किए राहत सामग्री वितरित

AMIT KUMAR TRIPATHIAMIT KUMAR TRIPATHIFollowJust now
Mahuwa, Uttar Pradesh:महराजगंज में नेपाल से निकलने वाली नारायणी नदी की बाढ़ ने इस बार 40 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। नेपाल से छोड़े गए भारी पानी के चलते निचलौल तहसील के सोहगीबरवा , भोतहा, शिकारपुर समेत दर्जनों गांव बाढ़ की चपेट में आ गए थे। करीब 15 हजार की आबादी बाढ़ से प्रभावित हुई। हालांकि अब नारायणी नदी का जलस्तर तेजी से घट रहा है और गांवों से बाढ़ का पानी भी निकलने लगा है लेकिन लोगों की मुश्किलें अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद जिला प्रशासन और स्थानीय भाजपा विधायक ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंचकर राहत सामग्री वितरित की। वी/ओ- आपको बता दे कि बीते दिनों नेपाल के पहाड़ी इलाकों में हुई भारी बारिश के बाद नारायणी नदी उफान पर आ गई थी और 40 साल का रिकॉर्ड तोड़ते हुए वाल्मीकि बैराज से करीब साढ़े पांच लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने के बाद महराजगंज के निचलौल तहसील क्षेत्र के सोहगीबरवा समेत दर्जनों गांव बाढ़ की चपेट में आ गए। बाढ़ के कारण करीब 15 हजार लोग प्रभावित हुए। हालात को देखते हुए प्रशासन ने समय रहते लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया और कम्युनिटी किचन के जरिए प्रभावित परिवारों को भोजन उपलब्ध कराया । अब नदी का जलस्तर कम होने के बाद गांवों से पानी धीरे-धीरे निकल रहा है लेकिन कई इलाकों में अभी भी दुश्वारियां बरकरार हैं। वी/ओ-बाढ़ प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने के लिए जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल और सिसवा के भाजपा विधायक प्रेम सागर पटेल नाव के जरिए प्रभावित गांवों में पहुंचे।अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री वितरित की और प्रभावित परिवारों का हाल जाना।जिलाधिकारी ने जी मीडिया से एक्सक्लूसिव बातचीत में बताया कि पिछले सात दिनों से प्रभावित इलाकों में कम्युनिटी किचन के जरिए लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।एसडीआरएफ, पीएसी, स्थानीय पुलिस, एसडीएम, स्वास्थ्य, सिंचाई और पशुपालन विभाग समेत कई टीमें लगातार मौके पर तैनात हैं डीएम ने बताया कि गांवो मैं बाढ़ का पानी काफी हद तक निकल चुका है हालांकि रहा नाल में अभी भी पानी मौजूद है जलस्तर लगातार कम होने के साथ जल्द ही यातायात व्यवस्था समान होने की उम्मीद है वही बाढ़ के दौरान क्षतिग्रस्त मकानों और अन्य नुकसानों का सर्वे भी कराया जा रहा है ताकि पत्र पीड़ितों को निम्न अनुसार सरकारी राहत उपलब्ध कराई जा सके । बाइट-डीएम गौरव सिंह सोगरवाल वी
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जहानाबाद के शिक्षाविद प्रो. सच्चिदानंद यादव का निधन, शोक गहरा

Jehanabad, Bihar:जहानाबाद और बिहार की राजनीति से इस वक्त की एक बेहद दुखद खबर सामने आ रही है। जहां जहानाबाद के पूर्व विधायक और मगध विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो डॉक्टर सच्चिदानंद यादव का असामयिक निधन हो गया है। करीब एक महीने से ब्रेन हेमरेज से जूझ रहे सच्चिदानंद बाबू ने अस्पताल से जहानाबाद लौटते वक्त रास्ते में ही अंतिम सांस ली। उनके निधन से न सिर्फ राजद परिवार, बल्कि पूरे शिक्षा जगत में गहरा शोक है। शुक्रवार को उनके पैतृक गांव इमलियाचक से नम आंखों के साथ अंतिम शव यात्रा निकाली गई। जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। कड़ौना थाना क्षेत्र स्थित इमलियाचक गांव में आज हर आंख नम थी। 62 वर्षीय प्रो सच्चिदानंद यादव को एक महीने पहले ब्रेन हेमरेज हुआ था। पटना के बाद उन्हें गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 21 दिनों तक वे जिंदगी की जंग लड़ते रहे। डॉक्टरों की सलाह पर जब उन्हें वापस एम्बुलेंस से जहानाबाद लाया जा रहा था, तभी रास्ते में ही इस जननेता ने हमेशा के लिए अपनी आंखें मूंद लीं। शुक्रवार सुबह उनके पार्थिव शरीर को पार्टी कार्यालय और जिला परिषद ले जाया गया, जहां कार्यकर्ताओं और नेताओं ने भावभीनी श्रद्धांजलि दी। राजद विधायक राहुल कुमार ने बताया कि सच्चिदानंद बाबू का जाना हमारी पार्टी के साथ-साथ पूरे समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने जिस सादगी और निष्ठा के साथ जीवन जिया, वह हम सबके लिए प्रेरणा है। पंचायती राज से लेकर विधानसभा और मगध विश्वविद्यालय तक, उनका सफर बेदाग और बेहद सरल रहा। हमने आज अपना एक मजबूत सिपाही खो दिया है। गौरतलब हो कि प्रो सच्चिदानंद यादव राजनीति के साथ-साथ शिक्षा जगत का भी एक बड़ा नाम थे। वर्ष 2001 में जिला पार्षद बनकर उन्होंने अपनी पहचान बनाई। इसके बाद साल 2005 के फरवरी और फिर अक्टूबर में हुए मध्यावधि चुनाव में लगातार दो बार राजद के टिकट पर विधायक चुने गए। जहानाबाद के एस.एस. कॉलेज में वर्षों तक छात्रों को पढ़ाने के बाद वे मगध विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष रहे। अब उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए बिहार विधानसभा ले जाया जा रहा है, जिसके बाद राजधानी पटना में ही उनका अंतिम संस्कार संपन्न होगा। एक प्रखर शिक्षाविद और जमीनी राजनेता के रूप में सच्चिदानंद बाबू हमेशा जहानाबाद की जनता के दिलों में जीवित रहेंगे।
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देवली में दिनदहाड़े 30 लाख के आभूषण चोरी: संदिग्ध युवती CCTV में कैद

Tonk, Rajasthan:देवली शहर के पटेल नगर में दिनदहाड़े करीब 30 लाख रुपए के सोने के आभूषण चोरी होने का मामला सामने आया है। बताय जा रहा है कि गुरुवार शाम की है, एक संदिग्ध युवती चाबी की मदद से मकान में दाखिल हुई और बेडरूम की अलमारी खोलकर लाखों रुपए के जेवर लेकर फरार हो गई। वारदात के समय मकान मालिक बाजार गए हुए थे, जबकि उनकी पत्नी पास की गली में चाय बनाने गई थीं। चोरी हुए आभूषणों में करीब 17 तोला वजनी चूड़ी-कड़े के दो सेट, शीशफूल का सेट, दो अंगूठियां और रखड़ी-डोरा सहित अन्य जेवर बताए गए हैं। खास बात यह है कि पीड़ित मकान में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे थे। हालांकि, पास के मकान में लगे कैमरों में एक युवती सीढ़ियों पर आती-जाती हुई कैद हुई है। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज के आधार पर युवती की पहचान और वारदात से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। फिलहाल पीड़ित परिवार की ओर से पुलिस में रिपोर्ट दिए जाने की प्रक्रिया जारी है। दिनदहाड़े हुई इस चोरी के बाद पटेल नगर में हड़कम्प मचा हुआ है।
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हरियाणा ने कर्मयोगी मंच में श्रेणी-बी में प्रथम स्थान हासिल किया

Chandigarh, Chandigarh:हरियाणा ने राष्ट्रीय आईजीओटी कर्मयोगी मंच पर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की रैंकिंग में श्रेणी-बी में प्रथम स्थान حاصل किया है। हरियाणा ने 60.72 अंक प्राप्त किए हैं। यह रैंकिंग सरकारी कर्मचारियों के क्षमता निर्माण तथा निरंतर सीखने की गतिविधियों के आकलन पर आधारित है。 मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी एक पत्र में कहा गया है कि केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के अंतर्गत कर्मयोगी भारत द्वारा जारी सूचना के अनुसार, 31 अगस्त, 2026 तक के आंकड़ों के आधार पर तैयार रैंकिंग में हरियाणा ने श्रेणी-बी में पहला स्थान प्राप्त किया है। इस श्रेणी में 1,00,001 से 5,00,000 तक सरकारी कर्मचारियों वाले राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश शामिल हैं। हरियाणा के बाद कर्नाटक ने 60.47, तेलंगाना ने 60.39, गुजरात ने 60.18 तथा पंजाब ने 60.06 अंक प्राप्त किए हैं। यह रैंकिंग आईजीओटी कर्मयोगी मंच के माध्यम से सरकारी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के भूमिका-आधारित प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और निरंतर सीखने में राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों की सहभागिता को मापने के उद्देश्य से तैयार की गई है। केंद्र सरकार द्वारा राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को समय-समय पर यह रैंकिंग दी जाएगी, ताकि वे अपनी प्रगति का आकलन करते हुए निरंतर सुधार कर सकें। समग्र रैंकिंग तीन प्रमुख प्रदर्शन मानकों पर आधारित है, जिनके लिए कुल 100 अंक निर्धारित हैं। राज्यों के विभागों द्वारा कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित क्षमता निर्माण योजनाएं तैयार करने के लिए 30 प्रतिशत, भूमिका-आधारित ज्ञान के निर्माण के लिए राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा पाठ्यक्रम उपलब्ध करवाने के लिए 30 प्रतिशत, जबकि पंजीकृत अधिकारियों में से पिछले महीने कम से कम एक घंटे का प्रशिक्षण पूरा करने वाले अधिकारियों के लिए 40 प्रतिशत भारांक निर्धारित किए गए हैं। जिन राज्यों के कम से कम 25 प्रतिशत विभागों द्वारा कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित क्षमता निर्माण योजनाएं तैयार की गई हैं, वे पहले मानक के तहत पूरे 30 अंक प्राप्त कर सकते हैं। इसी प्रकार, 10 या अधिक लाइव पाठ्यक्रम उपलब्ध करवाने वाले राज्य दूसरे मानक के तहत पूरे 30 अंक प्राप्त कर सकते हैं। केंद्र सरकार ने राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से सभी अग्रिम पंक्ति के कर्मचारियों को आईजीओट कर्मयोगी मंच पर जोड़ने तथा कर्मचारियों की कुल संख्या की पुष्टि करने का अनुरोध किया है। साथ ही, कर्मचारियों को प्रत्येक माह कम से कम एक घंटे का प्रशिक्षण पूरा करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है। आईजीओटी कर्मयोगी मंच पर सरकारी अधिकारियों के लिए जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा, क्लाउड कंप्यूटिंग, परियोजना प्रबंधन, व्यक्तिगत विकास और डेटा विश्लेषण जैसे विषयों पर 700 से अधिक उन्नत पाठ्यक्रम निःशुल्क उपलब्ध करवाए गए हैं। साइबर सुरक्षा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर डेडिकेटेड लर्निंग पाथवे भी शुरू किए गए हैं, जिनमें प्रशिक्षण से पहले और बाद में मूल्यांकन की व्यवस्था है। कर्मचारियों को 'पब्लिक सर्विस में साइबर सुरक्षा की बुनियाद' लर्निंग पाथवे पूरा कर 'साइबर सुरक्षा निपुण' बैज अर्जित करने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया है।
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कानपुर: पांच फरार आरोपियों के घर कुर्की की मुनादी, अदालत आने की चेतावनी

Kanpur, Uttar Pradesh:5 आरोपियों के घर कुर्की की मुनादी एनबीडब्ल्यू जारी होने के बावजूद आरोपी कोर्ट में पेश नहीं हुए थे। आरोपियों पर अमरूद मंडी में 24 वर्षीय पीयूष निषाद पर तलवार और लोहे की रॉड से हमला करने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद से सभी आरोपी फरार हैं और एनबीडब्ल्यू जारी होने के बावजूद कोर्ट में हाजिर नहीं हुए। दरअसल, बीती 6 सितंबर को नवाबगंज थाना क्षेत्र के पहलवानपुरवा निवासी पीयूष निषाद अमरूद मंडी में फास्ट फूड खाने गया था। आरोप है कि पुरानी रंजिश के चलते हिस्ट्रीशीटर देवा निषाद ने अपने साथियों के साथ मिलकर पीयूष पर हमला कर दिया। हमलावरों ने तलवार और लोहे की रॉड से पीयूष को बुरी तरह पीटा और गंभीर रूप से घायल कर दिया। घटना के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। मामले में पीयूष के पिता की तहरीर पर आठ नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। फरार पांच आरोपियों में देवा निषाद, मुन्ना निषाद, रितेश उर्फ नाटी, शिवम उर्फ घंटी और अभिषेक उर्फ लाला के खिलाफ न्यायालय के आदेश पर धारा 84 बीएनएसएस के तहत कुर्की की मुनादी कराई गई है। पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश होने की चेतावनी दी है। जल्द ही आगे की कुर्की कार्रवाई की जाएगी।
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जमुई के बरहट में आंगनबाड़ी केंद्र 87 की बदहाली, 12 साल से अधूरा भवन

Jamui, Bihar:जमुई के बरहट प्रखंड के गूगलडीह रविदास टोला स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 87 की बदहाल व्यवस्था बच्चों की परेशानी बढ़ा रही है। वर्ष 2014 से केंद्र का अपना भवन अधूरा पड़ा है और आज भी सामुदायिक भवन के एक कमरे में केंद्र का संचालन किया जा रहा है। वहीं, सहायिका के नहीं रहने के कारण सेविका पर करीब 35 बच्चों की जिम्मेदारी है। केंद्र की व्यवस्था का एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां बच्चों को सेंटर में बैठाकर सेविका के घंटों गायब रहने की बात सामने आई है। बच्चे खाली कुर्सियों के बीच बैठे रहते हैं और खुद ही पढ़ाई करते नजर आते हैं। बच्चों की देखरेख और पढ़ाई की जिम्मेदारी संभालने वाला कोई मौजूद नहीं रहता। सहायिका नहीं होने के कारण सेविका को बच्चों को पढ़ाने के साथ पोषण आहार बनाने की जिम्मेदारी भी अकेले संभालनी पड़ती है। एक तरफ बच्चे पढ़ते हैं तो दूसरी तरफ गैस पर खाना बनाने की स्थिति रहती है, जिससे दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है। दरअसल, केंद्र का अपना भवन वर्ष 2014 से ही अधूरा पड़ा है। भवन में जगह-जगह सीमेंट उखड़ रहा है, खिड़की और दरवाजे तक नहीं लगाए गए हैं। खुले पड़े भवन में टेंट के बांस समेत अन्य सामान रखा जा रहा है। अब सवाल यह है कि आखिर 12 साल से भवन निर्माण अधूरा क्यों है? निर्माण के लिए कितनी राशि स्वीकृत हुई, कितनी राशि खर्च हुई और संवेदक ने कितनी राशि की निकासी की, इसकी जांच की जरूरत है। यदि निर्माण के नाम पर राशि की निकासी हुई तो अब तक भवन पूरा क्यों नहीं हुआ, यह भी बड़ा सवाल है। इस संबंध में सीडीपीओ प्रियंवदा कुमारी से जानकारी ली गई तो उन्होंने कहा कि भवन निर्माण से संबंधित जानकारी बीडीओ से मिल सकती है। बहरहाल, एक तरफ अधूरा भवन और दूसरी तरफ बच्चों को सेंटर में बिठाकर घंटों सेविका के गायब रहने की शिकायत ने आंगनबाड़ी केंद्र की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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वैशाली के महुआ-समस्तीपुर मार्ग पर ट्रक-टेंपो हादसा, दो मृत, कई घायल

Hajipur, Bihar:ब्रेकिंग न्यूज़ वैशाली- महुआ-समस्तीपुर मुख्य मार्ग पर भीषण सड़क हादसा, ट्रक-टेंपो की जोरदार टक्कर में दो यात्रियों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि आधा दर्जन से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। टक्कर के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही तीसिऔता थाने की पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और सभी घायलों को इलाज के लिए हाजीपुर सदर अस्पताल भेजा। पुलिस ने दोनों मृतकों के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। हादसे के बाद महुआ-समस्तीपुर मुख्य मार्ग पर आवागमन बाधित हो गया। घटना तीसिऔता थाना क्षेत्र की है।
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