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बेगूसराय में गंगा स्नान के दौरान श्रद्धालु की डूबकर मौत, शव बरामद

Begusarai, Bihar:जितेंद्र कुमार बेगूसराय एंकर बेगूसराय में गंगा स्नान के दौरान एक श्रद्धालु की डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद घाट पर अफरा-तफरी मच गई, जबकि मृतक के परिजनों में कोहराम मच गया। स्थानीय गोताखोरों की मदद से काफी मशक्कत के बाद शव को गंगा नदी से बाहर निकाला गया। घटना चकिया थाना क्षेत्र के प्रसिद्ध सिमरिया गंगा घाट की है।मृतक की पहचान समस्तीपुर जिले के सिंघिया थाना क्षेत्र निवासी निर्धन शाह उर्फ बजरंगी शाह, पिता बजरंगी शाह के रूप में की गई है। परिजनों के अनुसार वह अपने गांव से पांच लोगों के साथ गंगा स्नान करने सिमरिया घाट पहुंचे थे। सभी लोग एक साथ स्नान कर रहे थे। इसी दौरान चार लोग स्नान कर बाहर निकल आए, लेकिन बजरंगी शाह गंगा नदी के गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। इस प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बजरंगी शाह को डूबता देख घाट पर मौजूद लोगों ने शोर मचाया और उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन गहरे पानी में चले जाने के कारण उन्हें बचाया नहीं जा सका। घटना के बाद स्थानीय लोगों और गोताखोरों को सूचना दी गई। काफी खोजबीन के बाद गोताखोरों ने उनका शव गंगा नदी से बरामद किया।घटना की सूचना मिलते ही चकिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बेगूसराय सदर अस्पताल भेज दिया। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। वहीं इस हादसे के बाद मृतक के परिवार में मातम पसरा हुआ है।सिमरिया गंगा घाट पर हुए इस हादसे ने एक बार फिर नदी में स्नान के दौरान सतर्कता बरतने की आवश्यकता को उजागर कर दिया है। फिलहाल पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है। बाइट परिजन
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लखनऊ भाजपा का नया प्रदेश कार्यालय एलडीए ई-नीलामी में 45 करोड़ से कब्जा

Lucknow, Uttar Pradesh:लखनऊ के जियामऊ में भाजपा के नए प्रदेश मुख्यालय का निर्माण अब लगभग तय हो गया है। राजधानी की राजनीति में अहम माने जा रहे इस भूखंड को भारतीय जनता पार्टी ने एलडीए की ई-नीलामी में 45 करोड़ रुपए की सबसे ऊंची बोली लगाकर अपने नाम कर लिया। यह जमीन पहले दीनदयाल उपाध्याय सेवा न्यास के पास थी, जिसे अप्रैल 2026 में वापस कर दिया गया था। करीब 5500 वर्गमीटर क्षेत्रफल वाले इस भूखंड के लिए कई बड़े बिल्डर समूह भी मैदान में थे, लेकिन भाजपा ने सबसे ऊंची बोली लगाकर जमीन हासिल कर ली। इस नीलामी से लखनऊ विकास प्राधिकरण को लगभग 16 करोड़ रुपए का अतिरिक्त राजस्व मिला। प्रस्तावित प्रदेश मुख्यालय को आधुनिक सुविधाओं से लैस छह मंजिला भवन के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां प्रशासनिक कार्यालय, बड़े बैठक कक्ष, सम्मेलन हॉल और संगठनात्मक गतिविधियों के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं होंगी। पार्टी सूत्रों के अनुसार भवन की ऊपरी मंजिल पर हेलीपैड बनाने की भी तैयारी है, ताकि राष्ट्रीय नेताओं की आवाजाही आसान हो सके। यह जमीन मूल रूप से वर्ष 2020 में नगर निगम द्वारा दीनदयाल उपाध्याय सेवा न्यास को 90 वर्ष की लीज पर दी गई थी। बाद में इसे फ्रीहोल्ड कर भाजपा कार्यालय बनाने की योजना बनी, लेकिन बजट संबंधी कारणों से न्यास ने अप्रैल में जमीन वापस कर दी। इसके बाद एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार की पहल पर नगर निगम ने भूखंड एलडीए को हस्तांतरित किया। प्राधिकरण ने इसे लगभग 29 करोड़ रुपए में अपने अधिकार में लेकर खुली ई-नीलामी कराई। अधिकारियों का कहना है कि खुली नीलामी प्रक्रिया अपनाने से पारदर्शिता बनी रही और भविष्य में किसी कानूनी विवाद की संभावना भी कम हो गई। भाजपा सूत्रों के मुताबिक नए मुख्यालय का शिलान्यास जुलाई में हो सकता है। चर्चा है कि केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं, हालांकि आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है.
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NEET पेपर लीक के बाद तनाव से छात्रा ने घर पर फांसी लगाई

Rewa, Madhya Pradesh:मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। यहां मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET की तैयारी कर रही एक छात्रा ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। परिवार का कहना है कि छात्रा परीक्षा को लेकर काफी मेहनत कर रही थी और उसे अच्छे अंक आने की उम्मीद थी। लेकिन हाल के दिनों में परीक्षा से जुड़ी विवादित खबरों और अनिश्चितता ने उसे गहरे तनाव में डाल दिया था। परिजनों के अनुसार, छात्रा का सपना डॉक्टर बनने का था। परिवार ने उसकी पढ़ाई और कोचिंग के लिए आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद हर संभव प्रयास किया। बताया जा रहा है कि छात्रा को विश्वास था कि इस बार उसका चयन हो सकता है, लेकिन परीक्षा प्रक्रिया को लेकर पैदा हुई परिस्थितियों से वह मानसिक रूप से काफी प्रभावित हुई। घटना के बाद परिवार और गांव में शोक का माहौल है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जानकारी जुटाई जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर प्रतियोगी परीक्षाओं के दबाव, छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर चर्चा को तेज कर दिया है। मध्यप्रदेश नवगठित जिले मऊगंज मगनिया गांव की रहने वाली एक छात्रा आकांक्षा चतुर्वेदी ने 20 मई को घर में लगें पंखे पर फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली परिजनों का आरोप है बेटी NEET की तैयारी कर रही थी और उसे 650 अंक भी आने की उम्मीद थी लेकिन पेपर लीक होने के बाद डिप्रेशन में थी वह इस तरह कदम उठा ली जिसके बाद पूरा परिवार सदमे में हैं। घर की आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं होने के बाद भी किसान क्रेडिट कार्ड से 3 लाख रुपए लोन लिए परिवार वाले नागपुर में एक निजी कोचिंग में तैयारी करा रहे थे। पिता कृष्ण कुमार चतुर्वेदी किसानी करते थे लेकिन बेटी को पढ़ाने के लिए नागपुर में कुक की नौकरी करने लगें थे और वहीं बेटी को पढा रहे थे नीट का पेपर भी जब हुआ पूरे परिवार को भरोसा था कि इस बार चयन हो जाएगा और उनकी बेटी डाक्टर बन जाएगी लेकिन पेपर लीक होने के बाद ड्रिपेशन में चली गई और पूरे परिवार खुशियां चली गई मौके पर एक सुसाइड नोट भी मिला है जिसमें उसने लिखा था कि मम्मी पापा आपको भरोसा था कि मेरी बेटी पढ़ लेंगी और डाक्टर बनेंगी पर दोबारा नीट का पेपर देने की हिम्मत नहीं हैं मैंने आप दोनों को बर्बाद कर दिया दोबारा पेपर अच्छा जाएं कोई गारंटी नहीं है। परिवार में अभी तक सरकार कोई प्रतिनिधि पीड़ित परिवार के घर नहीं पहुंचा है। NUSI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विपिन वानखेड़े सहित एक प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार घर पहुंचे परिवार को ढांढस बंधाया 2.5 लाख रुपए आर्थिक मदद के रूप में लिफाफा दिया और जल्द परिवार को राहुल गांधी से बात कराने का भरोसा देकर हर संभव मदद करने का भरोसा दिया है
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GMCH पूर्णिया ट्रॉमा सेंटर सीमांचल के लिए बड़ी राहत बना रहा है

Purnia, Bihar:राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर बढ़ते सड़क हादसों के बीच राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (GMCH) पूर्णिया का ट्रॉमा सेंटर सीमांचल के लोगों के लिए बड़ी राहत साबित हो रहा है। पूर्णिया जिले का यह प्रमुख ट्रॉमा सेंटर सड़क दुर्घटना में घायल मरीजों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का केंद्र बना हुआ है। लाइन बाजार स्थित GMCH पूर्णिया मुख्य सड़क से जुड़ा हुआ है, जिससे दुर्घटना के बाद मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने में अपेक्षाकृत कम समय लगता है। अस्पताल परिसर में 24 घंटे आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध हैं और एंबुलेंस की व्यवस्था भी लगातार सक्रिय रहती है। आपात स्थिति में 102 एंबुलेंस सेवा के माध्यम से मरीजों को अस्पताल पहुंचाया जाता है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार इमरजेंसी मेडिसिन, सर्जरी, ऑर्थोपेडिक्स, रेडियोलॉजी और अन्य आवश्यक विभाग ट्रॉमा मरीजों के उपचार में समन्वित रूप से काम करते हैं। GMCH पूर्णिया में इमरजेंसी विभाग, आईसीयू, ऑपरेशन थिएटर तथा गंभीर मरीजों के लिए आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं। अस्पताल में इमरजेंसी मेडिसिन विभाग भी संचालित है, जहां सड़क हादसों सहित अन्य आपात मामलों का इलाज किया जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले गंभीर मरीजों को भागलपुर, पटना या दूसरे बड़े शहरों में रेफर करना पड़ता था, लेकिन GMCH पूर्णिया शुरू होने के बाद सीमांचल के हजारों मरीजों को स्थानीय स्तर पर बेहतर उपचार मिलने लगा है। हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में ट्रॉमा सेंटर को और अधिक अत्याधुनिक उपकरणों, विशेषज्ञ डॉक्टरों तथा उन्नत जीवनरक्षक सुविधाओं से सुसज्जित किए जाने की जरूरत है। इससे सड़क दुर्घटना में घायल मरीजों को ‘गोल्डन ऑवर’ के भीतर और बेहतर उपचार मिल सकेगा। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग द्वारा चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। आने वाले समय में ट्रॉमा केयर सेवाओं को और मजबूत बनाने की योजना है, ताकि सीमांचल के लोगों को अपने क्षेत्र में ही बेहतर आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। ट्रामा सेंटर में एडमिट मरीज सत्यम कुमार ने बताया कि GMCH पूर्णिया का ट्रॉमा सेंटर सड़क दुर्घटना और अन्य आपात स्थितियों में मरीजों को त्वरित उपचार उपलब्ध करा रहा है। इमरजेंसी, सर्जरी, ऑर्थोपेडिक्स और अन्य विभाग समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं। उपलब्ध संसाधनों को लगातार बढ़ाया जा रहा है और भविष्य में सुविधाओं का और विस्तार होगा, ताकि सीमांचल के लोगों को बेहतर ट्रॉमा केयर मिल सके।
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झारखंड जेटेट: भाषा-समावेशन पर मंत्रियों की सहमति नहीं

Ranchi, Jharkhand:झारखंड में जेटेट परीक्षा में भाषा मामले में अब तक सहमति नहीं बन पाई है। इस मामले को सुलझाने के लिए सीएम के निर्देश पर सात मंत्रियों की कमेटी का गठन किया गया है, मंत्रियों की बैठक में भोजपुरी , मगही और अंगिका को जेटेट परीक्षा के शामिल किए जाने पर बात नहीं बन पाई। सात मंत्रियों की कमेटी में चार मंत्री इन भाषा को शामिल करने के पक्ष में नहीं दिखे। इस मामले को सुलझाने के लिए पहले पांच मंत्रियों की कमेटी गठित हुई थी बाद में इस में दो और मंत्री शामिल किए गए। इस मामले में कांग्रेस के दो और राजद के एक मंत्री इन भाषा को शामिल करने के पक्ष में रहे जबकि कांग्रेस के एक और झामुमो के तीन मंत्री इसको शामिल नहीं करने के पक्ष में दिखे। वहीं इसको लेकर बाहर बयानबाजी का दौर भी शुरू हो गया है। मंत्रियों की बैठक में सहमति नहीं बनने पर कांग्रेस प्रदेश महासचिव आलोक दुबे ने कहा, भाषा मामले को लेकर कांग्रेस पार्टी की प्रदेश पॉलिटिकल एफेयर्स कमेटी की बैठक होगी जिसमें भाषा पर भी चर्चा होगी और पार्टी लाइन तय होगा। भाषा का मामला पार्टी के एजेंडे में है और पार्टी मानती भाषा हमारी संस्कृति और परंपरा को जोड़ती है। पहले भी ये विषय शामिल रहे हैं और परीक्षा होती रही है आगे भी शामिल किया जाए। बाइट ....आलोक दुबे, प्रदेश महासचिव, कांग्रेस जबकि कि बीजेपी प्रदेश महामंत्री मनोज सिंग ने कहा, बीजेपी शुरु से कह रही है राज्य में जो ठगबंधन की सरकार चल रही ये सिर्फ ठगने का काम कर रही है। इनकी मंशा युवाओ को लेकर ठीक नहीं है। बीजेपी शुरु से कहती रही है हम यहां के युवाओं को इस सरकार के द्वारा ठगने नहीं देंगे , हम इनको बाध्य करेंगे और कहेगे जो यहां के युवाओं की मांग है उसे पूरा करें। भाषा के नाम पर उलझा कर नहीं रखें। राज्य में लूट की छूट है पर भाषा के नाम पर सामंजस्य क्यों नहीं बन रहा है。
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अजमेर दरगाह पर 72 घंटे का चिल्ला खुला, उर्स की तैयारी तेज

Ajmer, Rajasthan:अजमेर। आलमी मशहूर ओ मारूफ़ सुल्तानुल हिन्द हज़रत ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती रहमतुल्लाह अलैहि की दरगाह, जहाँ मौहर्रम की 4 तारीख से हज़रत बाबा फरीद गंजशकर मसूद रहमतुल्लाह अलैहि का उर्स मनाया जाएगा। जिसमे शिरकत करने मुल्क भर से कसीर तादाद में ज़ायरीन अजमेर पहुंचेंगे। इसी लिए दरगाह कमेटी और जिला इंतजामिया मिनी उर्स के हवाले से तमाम तैयारियां करती है। दरगाह कमेटी और खुद्दामें ख्वाजा की जानिब से दरगाह में ज़ायरीन की सोहलियात का भी ख़ास ख़्याल रखा जाता है। चिल्ला शरीफ तक़रीबन 15 फ़ीट जमीन के नीचे वाला है, जहाँ अक़ीदत मंद लाइन लगा कर ज़ियारत करते हैं। बाबा साहब की इस चिल्लागाह को साल में एक मर्तबा ही 72 घंटे के लिए खोला जाता है। हज़रत बाबा फ़रीद का मज़ार मुबारक़ पाकिस्तान के पाकपट्टन शरीफ में है जहाँ हर साल 5 मौहर्रम को उर्स मनाया जाता है। ऐसे में जो अक़ीदतमंद वहां नहीं जा पाते, तो वो अजमेर शरीफ मिनी उर्स में शिरकत करते हैं। खुद्दामें ख्वाजा के मुताबिक़ हज़रत बाबा फ़रीद ने अपने दादा पीर हज़रत ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती रहमतुल्लाह अलैहि के दामन में रहते हुए इसी जगह चिल्ला कशी की थी। यही वजह है कि अजमेर दरगाह में हज़रत बाबा फ़रीद साहब का चिल्ला 72 घंटों के लिए ख़ास ओ आम ज़ायरीन के लिए खोला जाता है। देखते हैं अजमेर से हमारे नुमाइंदा मोहम्मद रईस खान की ये खास रिपोर्ट,
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सरकारी अवकाश के दिनों में ड्यूटी के खिलाफ तीन संगठनों ने सीएम के नाम ज्ञापन दिया

Dungarpur, Rajasthan:जिला डूंगरपुर विधानसभा चौरासी लोकेशन चौरासी हेडलाइन- अवकाश के दिनों में सरकारी कार्यों के विरोध में उतरे तीन कर्मचारी संगठन, एसडीएम को सौंपा सीएम के नाम सामूहिक ज्ञापन एंकर इंट्रो- डूंगरपुर जिले में सरकारी अवकाश के दिनों में लगातार अतिरिक्त कार्य और बैठकों के आयोजन से नाराज कर्मचारियों ने अब मुखर होकर विरोध शुरू कर दिया है। इसी के तहत सीमलवाड़ा में कृषि पर्यवेक्षक, पटवारी और ग्राम विकास अधिकारी संगठनों ने संयुक्त रूप से मोर्चा खोलते हुए उपखंड कार्यालय पर प्रदर्शन किया और उपखंड अधिकारी को सीएम के नाम एक सामूहिक ज्ञापन सौंपा। बॉडी- राजस्थान कृषि पर्यवेक्षक, पटवारी एवं ग्राम विकास अधिकारी संयुक्त समन्वय समिति के प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि राज्य सरकार ने कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ाने और उन्हें मानसिक-शारीरिक विश्राम देने के उद्देश्य से पांच दिवसीय कार्य व्यवस्था लागू की थी। इसके बावजूद पिछले कुछ वर्षों से शनिवार, रविवार और अन्य राजकीय अवकाश के दिनों में लगातार ग्राम सभाएं, चौपाल, शिविर, बैठकें और निरीक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस निरंतर अतिरिक्त कार्यभार के कारण कर्मचारी भारी मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को धरातल पर उतारने की मुख्य जिम्मेदारी कृषि पर्यवेक्षक, पटवारी और ग्राम विकास अधिकारियों पर होती है। लेकिन लगातार अवकाश के दिनों में भी ड्यूटी लगाए जाने से कर्मचारियों का पारिवारिक, सामाजिक और व्यक्तिगत जीवन पूरी तरह से प्रभावित हो रहा है। तीनो संगठन ने सरकार से आपातकालीन परिस्थितियों को छोड़कर शनिवार, रविवार और अन्य सरकारी अवकाशों पर किसी भी तरह की बैठक, ग्राम सभा, शिविर या निरीक्षण आयोजित नहीं करने की मांग की है | बाईट- जयदीप सिंह चौहान, अध्यक्ष कृषि पर्यवेक्षक संघ सीमलवाड़ा
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