मुंगेली में जल जीवन मिशन की धीमी प्रगति के कारण अधूरे काम से हो रही है परेशानी
Mungeli, Chhattisgarh:मुंगेली जिले में 2019 से शुरू हुई जल जीवन मिशन योजना की प्रगति धीमी है। 674 गांवों में पाइप लाइन बिछाने के लिए सड़कों की अव्यवस्थित खुदाई की गई है। कई जगह टंकियां नहीं बनीं, जो बनीं वे गुणवत्ताहीन हैं। उप मुख्यमंत्री ने कुछ टंकियों को तुड़वाने का आदेश दिया। पाइपों में लीकेज और लेवल की समस्या के कारण कई घरों तक पानी नहीं पहुंच रहा। बारिश में खुदी सड़कें कीचड़ में तब्दील हो गई हैं। योजना की धीमी गति और अधूरे कार्य से स्थानीय लोग परेशान हैं।
हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|
शामली में छह जोन में शिक्षक एवं स्नातक एमएलसी चुनाव के लिए मतदान शुरू
Shamli, Uttar Pradesh:शामली जिले में शिक्षक और स्नातक एमएलसी चुनाव के लिए छह जोनल मतदान केंद्रों पर समय से कड़े बंदोबस्त के साथ मतदान शुरू हो गई। राजस्व अधिकारी और पुलिस सुरक्षा के बीच मतदान के दौरान सुरक्षा चाक चौबंद है, बाहर से आने जाने वाले मतदाताओं की कड़ी चेकिंग की जा रही है, तथा मोबाइल और किसी भी इलेक्ट्रॉनिक सामान पर पूर्णतया पाबंदी है। जिलाधिकारी सुरक्षा का जिम्मा लेते हुए हर पोलिंग बूथ पर निरीक्षण कर रहे हैं। प्रदेश में जहां स्नातक और शिक्षक एमएलसी के चुनाव के लिए वोटिंग हो रही है, शामली में छह मतदान केंद्र बनाए गए हैं जिन पर 22 बूथ हैं; शिक्षक सीट पर 1619 और स्नातक सीट पर 4586 मतदाता हैं जो आज अपने मत का प्रयोग कर नेता को विजय बनाएंगे। जिलाधिकारी आलोक यादव और पुलिस अधीक्षक एनपी सिंह के दिशा निर्देश में कड़े बंदोबस्त के साथ मतदान कराया जा रहा है। जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में छह जोन बनाए गए हैं जहां सुरक्षा व्यवस्था के साथ कड़े बंदोबस्त में मतदान कराई जा रही है। स्कूल में शिक्षक व्यवस्था के अनुसार बूथ तक पहुँच रहे हैं और मतदान कर रहे हैं। उधर मतदान के बाद महिला मतदाता ने कहा कि वह अपने और अपने साथ शिक्षकों के बेहतर भविष्य के लिए वोट दे रही हैं; उन्होंने भाजपा उम्मीदवार को बेहतर बताया है।लखनऊ: कृषि उत्पादन और गुणवत्ता में सुधार, मखाना की खेती के लिए सीतापुर को किया सेलेक्ट
Lucknow, Uttar Pradesh:उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद लखनऊ: कृषि उत्पादन और गुणवत्ता में सुधार, मखाना की खेती के लिए सीतापुर चिह्नित ओर से आज प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इस दौरान डॉ. संजय सिंह महानी, उपकार ने प्रदेश में कृषि उत्पादन और अनाजों की गुणवत्ता में हुए सुधार की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में कृषि क्षेत्र में लगातार बेहतर परिणाम सामने आ रहे हैं। मोटे अनाज की पैदावार बढ़ाने के साथ मक्का की खेती को भी बढ़ावा दिया गया है। वहीं, दलहन की खेती में अरहर सहित अन्य फसलों की देसी किस्मों के संरक्षण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। पोषण, रंग, आकार और गुणवत्ता जैसे मानकों के आधार पर 74 देसी किस्मों के संरक्षण की जानकारी भी दी गई। डॉ. संजय सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने में कृषि क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसी दिशा में उत्तर प्रदेश में कृषि उत्पादन बढ़ाने और किसानों को बेहतर गुणवत्ता वाली फसलों के लिए प्रोत्साहित करने पर काम किया जा रहा है। वहीं, प्रदेश में मखाना की खेती की संभावनाओं को देखते हुए सीतापुर को चिह्नित किया गया है। वैज्ञानिकों की ओर से की गई जांच में यहां की मिट्टी की गुणवत्ता मखाना उत्पादन के लिए अनुकूल पाए जाने की जानकारी दी गई है। इससे आने वाले समय में प्रदेश में मखाना की खेती को बढ़ावा देने की संभावनाएं मजबूत हो सकती हैं।
बाइट संजय सिंह महानी, उपकार (उत्तर प्रदेश)
