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गाजीपुर: बाइक चोरों के गिरोह का भंडाफोड़, चोरी की 16 बाइक के साथ गिरफ्तार, एसपी ने किया खुलासा

ATAlok TripathiFollow13m ago
Ghazipur, Uttar Pradesh:

गाजीपुर में बाइक चोरी करने वाले गिरोह के खिलाफ स्वाट टीम और जंगीपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने तीन शातिर अंतर्जनपदीय बाइक चोरों को गिरफ्तार कर चोरी की 15 मोटरसाइकिलों के साथ एक मोटरसाइकिल का इंजन और अन्य कटे हुए पार्ट्स बरामद किए हैं। साथ ही 3 मोबाइल व 450 रूपये भी बरामद किया है। 

 

इस बात की पुष्टि एसपी विनय कुमार सिंह ने पुलिस लाइन में प्रेस कांफ्रेन्स कर की है। इस दौरान उन्होंने बताया कि स्वाट, सर्विलांस और जंगीपुर थाने की पुलिस टीम की संयुक्त कार्रवाई में बाइक चोर गैंग का खुलासा हुआ है। मामले 3 शातिर बाइक चोर व चोरी की 16 बाइक बरामद की गई है। इस गैंग का खुलासा करने वाली टीम को 25 हजार के पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया है। वही उन्होंने बताया कि बरामदगी में कुल 16 दोपहिया वाहनों से संबंधित सामान शामिल है। पुलिस की इस कार्रवाई से वाहन चोरों के नेटवर्क में हड़कंप मच गया है। वहीं उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपी भीड़भाड़ वाले स्थानों से मोटरसाइकिलें चोरी करते थे और आर्थिक फायदा कमाने के लिए उनके पार्ट्स अलग-अलग काटकर बेचते थे। 

 

हालांकि, पूछताछ में सामने आए इन तथ्यों की अभी विस्तृत जांच की जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रवेश राजभर, अतुल सिंह और नीरज राजभर के रूप में हुई है। तीनों गाजीपुर के सादात थाना क्षेत्र के कटया गांव के निवासी बताए गए हैं। चोरी की बाइकों का कनेक्शन गाजीपुर से वाराणसी तक है। बरामद वाहनों में से छह के संबंध में गाजीपुर के विभिन्न थानों और एक मामले में वाराणसी के चौबेपुर थाने में दर्ज चोरी के मुकदमों की जानकारी मिली है। अन्य मोटरसाइकिलों के संबंध में भी जा

 

नकारी जुटाई जा रही है। बरामद वाहनों में स्प्लेंडर प्लस, सुपर स्प्लेंडर, एचएफ डीलक्स, बजाज एक्ससीडी और सीबीजेड एक्सट्रीम जैसी मोटरसाइकिलें शामिल हैं। एक मोटरसाइकिल का इंजन नंबर और चेचिस नंबर अलग-अलग पाए जाने की बात भी सामने आई है। आरोपियों के खिलाफ जंगीपुर थाने में मुकदमा संख्या 227/2026 के तहत बीएनएस की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस रिकॉर्ड में आरोपियों के खिलाफ पूर्व के मुकदमों का भी उल्लेख है। इस पूरी कार्रवाई को स्वाट टीम, सर्विलांस सेल और जंगीपुर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई बताया गया है। बरामदगी और गिरफ्तारी की प्रक्रिया की ई-साक्ष्य के माध्यम से वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी भी कराई गई।

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3100 रुपए में धान खरीदी: छत्तीसगढ़ सरकार किसानों को राहत देगी

Raipur, Chhattisgarh:कृषि मंत्री रामविचार नेताम की प्रेस कॉन्फ्रेंस. बीजेपी कार्यालय एकात्म परिसर में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस. बीजेपी प्रदेश महामंत्री नवीन मार्कण्डेय भी मौजूद. बीजेपी किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष आलोक सिंह भी मौजूद. प्रेस कॉन्फ्रेंस में कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज के धान खरीदी को लेकर दिए बयान पर पलटवार किया, कहा- बरसाती मेंढकों पर भरोसा करने की जरूरत नहीं, उंगली उठाने से पहले अपने गिरेबान में झांके. किसान उनकी सरकार में काफी परेशान थे. भाजपा सरकार ने आमजनों के हित में निर्णय किए हैं. सीएम साय के निर्णय के चलते गन्ना उत्पादन को फायदा दिया. पूरे देश में सर्वाधिक गन्ने का उपार्जन मूल्य देने वाला छत्तीसगढ़ प्रदेश हो चुका है, किसानों को कहूंगा कि गन्ने का रकबा बढ़ाएं, सरकार आपकी चिंता कर रही है. विष्णुदेव साय कैबिनेट में धान खरीदी को लेकर ऐतिहासिक निर्णय हुआ. 3100 रुपए में किसानों से धान खरीदी की जाएगी. विपक्ष ने धान खरीदी को लेकर तरह-तरह की आलोचना की थी, सरकार ने कमिटमेंट किया था 3100 रुपए से 15 नवंबर से धान खरीदी की शुरुआत करेंगे. किसानों को धान बेचने लंबी लाइनें लगानी पड़ती थीं इसलिए सरकार ने नए 360 उपार्जन केंद्र खोल दिए गए हैं. किसानों को आदान सहायता राशि 15 हजार रूपये प्रति एकड़ दी जाएगी
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लखनऊ हत्या: गोल्ड मेडलिस्ट ऋषभ शुक्ला क्यों बना संदिग्ध?

Noida, Uttar Pradesh:लखनऊ में तीन लोगों की हत्या करने वाला ऋषभ शुक्ला शूटिंग में गोल्ड मेडलिस्ट रह चुका है… वह स्नेक और डॉग लवर भी है ऋषभ के इंस्टाग्राम अकाउंट पर हथियारों के साथ कई तस्वीरें पोस्ट हैं। उसके करीब 34 हजार 500 फॉलोअर्स हैं। वह खुद 69 लोगों को फॉलो करता है। उसकी पोस्ट में अलग-अलग बंदूकों के साथ तस्वीरें नजर आती हैं। बंदूक के अलावा सिगरेट, शराब और पार्टीज़ करने का भी शौकीन था। ऋषभ शुक्ला पूरी तरह से रंगबाजी और फिल्मी जिंदगी जीना पसंद करता था बताया जा रहा है कि उसे हथियार चलाने की ट्रेनिंग भी मिली है। गोली चलाने के उसके अंदाज और निशाने को देखकर लोग हैरान हैं पुलिस अधिकारी से लेकर आम आदमी तक हर कोई यही सोच रहा था कि आखिर एक व्यक्ति कैसे एक साथ तीन लोगों को मौत के घाट उतार सकता है इसकी एक वजह उसकी ट्रेनिंग और शूटिंग का अनुभव बताया जा रहा है। ऋषभ शूटिंग में गोल्ड मेडल जीत चुका है
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पटना में लोकतंत्र बचाओ पदयात्रा: मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधा

Patna, Bihar:पटना – 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शामिल हुये। कारगिल चौक से जे.पी. गोलम्बर तक पैदल मार्च किया गया। लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ करेगा जनता उसे माफ नहीं करेगी। लोकतंत्र बचाने के लिए बीजेपी पूरी मजबूती से खड़ी है। हमलोग लोकतंत्र के साथ हैं - मुख्यमंत्री। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में देश विकास के पथ पर अग्रसर है और उनके नेतृत्व में लोकतंत्र मजबूत हुआ है। जनता इसलिए उन्हें बार-बार चुनती है। चुनाव चाहे बैलेट पेपर से हुआ हो या ईवीएम से कांग्रेस पार्टी चुनाव हारती रही है। इस प्रकार लोकतांत्रिक व्यवस्था और संवैधानिक व्यवस्था को ध्वस्त करने की कोशिश कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व में विपक्षी दलों द्वारा की जा रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि विपक्षी दल लोकतंत्र बचाने के लिए सरकार के साथ है और जनता उनकी मजबूरियों को समझेगी। Ending: जेपी मूर्ति के पास से समाप्त हुआ पदयात्रा कार्यक्रम।
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आमेर के मानसिंह महल में 400 साल पुराना वर्षा जल टांका मिला, पर्यटक देख सकेंगे

Jaipur, Rajasthan:आमेर के मानसिंह महल में मिला 400 साल पुराना वर्षा जल संग्रहण टांका, पहली बार देख सकेंगे पर्यटक जयपुर। राजस्थान की ऐतिहासिक विरासत में जल संरक्षण की अनूठी तकनीक का उदाहरण सामने आया है। आमेर किले में मानसिंह महल की बारादरी के नीचे वर्षा जल संग्रहण का प्राचीन टांका मिला है। करीब 400 साल पुरानी यह संरचना बताती है कि उस दौर में भी वर्षा जल को सहेजने और पानी की बर्बादी रोकने के लिए व्यवस्थित इंतजाम किए जाते थे। संरक्षण कार्य के दौरान सामने आई इस संरचना को अब पहली बार पर्यटक देख सकेंगे। छतों और गलियारों का पानी टांके में होता था जमा महाराजा मानसिंह प्रथम (1589–1614 ई.) द्वारा निर्मित मानसिंह महल आमेर महल का प्राचीन हिस्सा है। महल की बारादरी के नीचे बने टांके में छतों, खुले गलियारों और चौक का पानी एकत्रित होता था। पूर्व दिशा में ऊपर बनी मोरी के माध्यम से बारिश का पानी टांके तक पहुंचता था। टांके के बीच करीब 4 फीट 3 इंच का वर्गाकार कुंड बना हुआ है, जिसकी गहराई लगभग 2 फीट 6 इंच है। बारिश के पानी के साथ आने वाली मिट्टी और कचरा इस कुंड में बैठ जाता था। इससे पानी के संग्रहण की व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलती थी। सफाई और अतिरिक्त पानी की निकासी का भी इंतजाम इस ऐतिहासिक संरचना में पानी की निकासी और सफाई के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई थी। छोटे कुंड के ऊपरी हिस्से में बनी मोरी सफाई के दौरान पानी निकालने के काम आती थी। वहीं, टांके के तल से करीब 6 फीट ऊपर बनी दूसरी मोरी का उपयोग टांका भरने पर अतिरिक्त पानी की निकासी के लिए किया जाता था।यह व्यवस्था दर्शाती है कि उस समय जल संग्रहण के साथ पानी की सफाई और अतिरिक्त पानी की निकासी पर भी ध्यान दिया जाता था। संरक्षण कार्य के दौरान सामने आई संरचना मानसिंह महल में संरक्षण कार्य के दौरान बारादरी के नीचे बने इस टांके के बारे में जानकारी मिली। अब तक आमेर आने वाले पर्यटक, गाइड और विशेषज्ञ भी इस संरचना से अनजान थे। संरक्षण कार्य के जरिए इस ऐतिहासिक जल संरचना को सामने लाया जा रहा है, जिससे पर्यटक महल की स्थापत्य कला के साथ उस दौर की जल प्रबंधन प्रणाली को भी समझ सकेंगे. आमेर महल के अधीक्षक डॉ. राकेश छोलक, आमेर विकास एवं प्रबंधन प्राधिकरण के अभियंताओं और मानसिंह महल में संरक्षण कार्य कर रही फर्म मेसर्स विपांशु एंटरप्राइजेज की इस संरचना को उजागर करने में प्रमुख भूमिका रही। 16वीं शताब्दी में भी जल संरक्षण के प्रति सजग थे पूर्वज कवि रहीम ने अपने दोहों में पानी के महत्व को रेखांकित किया था। उसी दौर में राजस्थान के शासकों ने महलों में जल संग्रहण की ऐसी व्यवस्थाएं विकसित कीं, जो आज भी प्रासंगिक हैं। मानसिंह महल का यह प्राचीन टांका जल संरक्षण की पारंपरिक तकनीक और ऐतिहासिक स्थापत्य का महत्वपूर्ण उदाहरण है। वर्तमान समय में पानी की बढ़ती जरूरतों के बीच यह संरचना वर्षा जल संग्रहण के महत्व और अपनी पारंपरिक जल प्रबंधन प्रणालियों को सहेजने की आवश्यकता का संदेश देती है।
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400 साल पुराने पानी के टांके से आमेर महल की जल संरक्षण प्रणाली उजागर

Jaipur, Rajasthan:जयपुर के ऐतिहासिक महल आमेर का कला अपनी खूबसूरती और भव्यता के लिए दुनिया भर में मशहूर है, लेकिन इन महलों में जल संरक्षण की ऐसी तकनीकें भी छिपी हैं जो आज के दौर में भी मिसाल हैं. आमेर महल में 400 साल पुराना पानी का टांका मिला. 10 दिन पहले इस टांके का पता लगा तो इसकी साफ-सफाई की गई. महल की बारादरी के नीचे बना पानी का टांका इस बात का प्रमाण है कि सदियों पहले हमारे पूर्वज पानी की एक-एक बूंद बचाने के महत्व को समझते थे. लगभग 400 साल पुरानी यह संरचना उस दौर की तकनीकी समझ और जल संरक्षण के प्रति सजगता को दर्शाती है. आमेर महल के अधीक्षक डॉ. राकेश छोलक का कहना है कि अब पर्यटक सदियों पुराने टांक को निहार सकेंगे. छतों और गलियारों से टांके तक पानी पहुंचता था. इस टांके में महल की छतों, खुले गलियारों और चौक का पानी पहुंचता था. पानी को पूर्व दिशा में बनी एक मोरी के जरिए टांके तक लाया जाता था. संरचना में पानी के साथ आने वाली मिट्टी और कचरे को रोकने के लिए अलग से छोटा कुंड भी बनाया गया था. यह व्यवस्था पानी को साफ रखने और संग्रहण को बेहतर बनाने में मदद करती थी. पानी के टांके के बीच करीब 4 फीट 3 इंच का वर्गाकार कुंड बना है, जिसकी गहराई लगभग 2 फीट 6 इंच है. छोटे कुंड के ऊपरी हिस्से में बनी मोरी सफाई के दौरान पानी निकालने के काम आती थी. वहीं, टांके के तल से लगभग 6 फीट ऊपर बनी दूसरी मोरी का इस्तेमाल टांका भरने पर पानी की निकासी के लिए किया जाता था. यानी उस दौर में जल संग्रहण के साथ सफाई और अतिरिक्त पानी की निकासी का भी पूरा ध्यान रखा गया था. संरक्षण कार्य के दौरान मानसिंह महल के इस ऐतिहासिक टांके के बारे में जानकारी मिली. पहले आमेर आने वाले पर्यटक, गाइड और विशेषज्ञ भी इस संरचना से अनजान थे. अब संरक्षण कार्य के जरिए इसे सामने लाया जा रहा है, ताकि पर्यटक महल की स्थापत्य कला के साथ-साथ उस दौर की जल प्रबंधन प्रणाली को भी करीब से समझ सकें. चार सौ साल पहले जब आधुनिक जल प्रबंधन की तकनीकें नहीं थीं, तब भी हमारे पूर्वज बारिश की हर बूंद को सहेजने की कला जानते थे. आमेर के मानसिंह महल में सामने आया यह टांका बताता है कि जल संरक्षण हमारी विरासत का अहम हिस्सा रहा है. आज पानी की बचत की अहमियत के बीच इतिहास की यह तकनीक हमें सीख देती है.
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Alka Lamba के आरोप: CEC इस्तीफा, SIR रोक, बैलेट पेपर से 2029 चुनाव

Jaipur, Rajasthan:महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा ने जयपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र की भाजपा सरकार, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनावी प्रक्रिया को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली कांग्रेस की ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली के लिए राजस्थान के लोगों से दिल्ली पहुंचने की अपील की। लांबा ने दावा किया कि कांग्रेस और INDIA गठबंधन ने महारैली में 10 लाख लोगों को जुटाने का लक्ष्य रखा है।जिसमें 50 हजार महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं के पहुँचने का लक्ष्य रखा गया है। अलका लांबा ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ तीखा हमला बोलते हुए उनके इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मांग पर कोई समझौता नहीं करेगी। लांबा ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल हैं और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया में भारत के मुख्य न्यायाधीश को शामिल करने की भी मांग की।लांबा ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया का विरोध करते हुए दावा किया कि इसके तहत बड़ी संख्या में लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। उन्होंने देशभर में 13 करोड़ से अधिक और राजस्थान में 41 लाख मतदाताओं के नाम कटने का आरोप लगाया। उनके मुताबिक, जयपुर में भी करीब पांच लाख लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं।अलका लांबा ने कांग्रेस की तीन प्रमुख मांगें सामने रखीं। पहली, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा और उनके खिलाफ कार्रवाई। दूसरी, SIR प्रक्रिया का विरोध। तीसरी, 2029 का लोकसभा चुनाव EVM के बजाय बैलेट पेपर से कराना। उन्होंने दावा किया कि मतदाताओं के बीच EVM को लेकर विश्वास का संकट है।लांबा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पिछले विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली में बैरिकेडिंग, मेट्रो सेवाओं और इंटरनेट को लेकर पाबंदियां लगाई गईं तथा प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। उन्होंने आशंका जताई कि 1 नवंबर की महारैली के दौरान भी इसी तरह की पाबंदियां लगाई जा सकती हैं।
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पूर्व विधायक हत्या मामले में 22 गिरफ्तार, अदालत में सजा के लिए तेज पैरवी

Bharatpur, Rajasthan:एंकर--पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना हत्याकांड की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। इस हत्याकांड में पुलिस ने 22 गिरफ्तारियां कर ली और लगातार आगे की कार्रवाही जारी है। इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम देने वाले आरोपियों को पुलिस केस ऑफिसर स्कीम के तहत सजा दिलाने के लिए मजबूत ढंग से न्यायालय में पैरवी करेगी जिससे इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। इस जघन्य हत्याकांड को लेकर एसपी राजेश मीणा ने ग्रामीण और पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना के बीच रास्ते को लेकर विवाद था मामला हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट तक भी गया। जो घटना हुई वह दुर्भाग्यपूर्ण है नहीं होनी चाहिए थी लेकिन पुलिस के पास इस हत्याकांड को करने वाले आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत है; पुलिस को जो डिमगत विधायक भड़ाना की पत्नी कमलेश भड़ाना ने डीवीआर दी है उसमें सीसीटीवी में साक्ष्य मौजूद है इस पूरे मामले को लेकर एसपी राजेश मीणा ने खुलकर बात की।
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