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खंडेला में सरकारी भूमि पर गांजे की खेती, करोड़ों की कीमत जप्त

Sikar, Rajasthan:खंडेला,सीकर सरकारी भूमि पर नशे की अवैध खेती सड़क किनारे उगा रखे थे गांजे के पौधे 73 करोड़ बताई जा रही जप्त पौधों की कीमत जयपुर शाहपुरा राजमार्ग का मामला पुलिस व नारकोटिक्स विभाग ने जप्त किए गांजे के पौधे करीब दो हेक्टेयर भूमि पर कर रखी थी खेती प्रशासनिक निगरानी को लेकर उठ रहे गंभीर सवाल सीकर जिले के थोई थाना इलाके के कांवट कस्बे में जयपुर-शाहपुरा मार्ग पर नारकोटिक्स विभाग व पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के दौरान सरकारी भूमि से करोड़ों रुपए की कीमत की नशे की खेती जप्त की गई है। इस संबंध में थोई थाना अधिकारी नेकी राम ने अज्ञात लोगों के खिलाफ अवैध रूप से गांजे की खेती करने का मामला दर्ज करवाया है। फिलहाल मामले की जांच श्रीमाधोपुर थाना अधिकारी दिनेश कुमार को सौंपी गई है। गौरतलब है कि कांवट में गांजे के पौधे उगाए जाने का मामला पहले भी सामने आ चुका है। पिछले वर्ष ग्रामीणों की शिकायत के बाद प्रशासन ने इसी जगह से जेसीबी की मदद से पौधों को नष्ट करवाया था। इसके बावजूद इस क्षेत्र में दोबारा गंजे की खेती सामने आने से सरकारी भूमि की निगरानी और अतिक्रमण पर प्रभावी नियंत्रण को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। सरकारी नदी भूमि पर इतने बड़े पैमाने पर गांजे के पौधे उगाना प्रशासनिक निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कराता है। अब कार्रवाई के बाद यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि अवैध खेती किसने की और इसके पीछे कौन शामिल है? पहले भी अवैध गांजे की खेती को नष्ट करवाने के बावजूद दोबारा खेती कैसे शुरू हुई? कार्रवाई के दौरान एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स व पुलिस की टीम ने उन्चास हजार एक सौ बहतर पौधे जप्त किए हैं जिनकी बाजार कीमत करोड़ों में बताई जा रही है。
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लोकार्पण समारोह में नाम नहीं होने पर पूर्व विधायक की नाराजगी, वीडियो हुआ वायरल

Rewa, Madhya Pradesh:रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले के tylothar में तहसील कार्यालय के नवीन भवन के लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान विवाद सामने आया। कार्यक्रम में रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा, tylothar विधायक सिद्धार्थ तिवारी सहित कई नेता, अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद थे। बड़ी संख्या में लोग भी कार्यक्रम में शामिल हुए थे। दरअसल, पूरे विवाद की शुरुआत शिलापट्ट पर पूर्व विधायक श्यामलाल द्विवेदी का नाम नहीं होने को लेकर हुई। बताया जा रहा है कि इस बात को लेकर उनकी नाराजगी बढ़ती गई और मामला देखते ही देखते हंगामे तक पहुंच गया। इसके बाद पूजा के दौरान मंच पर अपने नाम की कुर्सी नहीं मिलने से भी पूर्व विधायक नाराज हो गए। उनकी नाराजगी खुलकर सामने आई, वहीं उनके समर्थक भी नारेबाजी करते नजर आए। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें पूर्व विधायक श्यामलाल द्विवेदी नाराज दिखाई दे रहे हैं। घटना के बाद उनका बयान भी सामने आया, जिसमें उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों में उनके नाम की चिट लगाकर मंच पर कुर्सी रखी जाती है, लेकिन यहां उन्हें मंच पर स्थान नहीं दिया गया। उन्होंने इसे अपना अपमान बताया। शिलापट्ट पर नाम नहीं होने से शुरू हुई नाराजगी और फिर मंच पर कुर्सी को लेकर उठा विवाद अब चर्चा का विषय बना हुआ है। सवाल यह है कि आखिर लोकार्पण जैसे सार्वजनिक कार्यक्रम में प्रोटोकॉल और सम्मान को लेकर विवाद क्यों खड़ा हुआ? फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है।
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हाईकोर्ट की रोक के बाद रायबरेली उपचुनाव में समर्थकों का भारी हंगामा

Raebareli, Uttar Pradesh:रायबरेली के सलोन नगर पंचायत अध्यक्ष पद के उपचुनाव में मतगणना पूरी होने के बाद उस वक्त हंगामा खड़ा हो गया, जब परिणाम घोषित होने से ठीक पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चुनावी प्रक्रिया पर रोक लगा दी। नतीजे का इंतजार कर रहे प्रत्याशी सरफराज और उनके समर्थकों ने जमकर हंगामा किया। समर्थक सड़क पर लेटकर नारेबाजी करने लगे। घंटों चले हंगामे के बाद प्रशासन ने हाईकोर्ट के आदेश की लिखित जानकारी दी, जिसके बाद देर रात समर्थक शांत हुए। सलोन नगर पंचायत अध्यक्ष पद के उपचुनाव में सभी राउंड की मतगणना पूरी हो चुकी थी। प्रत्याशी और समर्थक परिणाम घोषित होने का इंतजार कर रहे थे, तभी इलाहाबाद हाईकोर्ट का चुनावी प्रक्रिया पर रोक लगाने का आदेश आ गया। आदेश के अनुपालन में जिला प्रशासन ने चुनाव परिणाम जारी करने पर रोक लगा दी। नतीजे रुकते ही मतगणना स्थल के बाहर माहौल गरमा गया। प्रत्याशी सरफराज समेत उनके समर्थकों ने विरोध शुरू कर दिया। समर्थक सड़क पर लेटकर नारेबाजी करने लगे। काफी देर तक हंगामा चलता रहा और प्रशासन के सामने स्थिति संभालने की चुनौती खड़ी हो गई। इसके बाद ही जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में परिणाम रोका गया है। घंटों तक चले विरोध और हंगामे के बाद प्रशासन ने समर्थकों को हाईकोर्ट के आदेश की लिखित जानकारी दी। इसके बाद देर रात समर्थक शांत हुए। फिलहाल, सभी राउंड की मतगणना पूरी होने के बावजूद चुनाव परिणाम घोषित नहीं हो सका है। अब सबकी निगाहें हाईकोर्ट के अगले आदेश पर टिकी हैं। इस मामले की इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में अगली सुनवाई छह हफ्ते बाद होगी। हम बता दें कि रायबरेली नगर पंचायत अध्यक्ष शेखर रस्तोगी को फ़र्ज़ी जाति प्रमाणपत्र मामले में कोर्ट के ही आदेश पर उन्हें हटाकर चुनाव कराया गया था। कल चुनाव के रिजल्ट से ठीक पहले कोर्ट ने ही चुनावी प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी।
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सपा की पी.डी.ए. जन चौपाल एवं कैडर पंचायत, सुधीर चौहान ने भाजपा सरकार पर साधा निशाना

Bahadurgarh, Uttar Pradesh:गढ़मुक्तेश्वर। गुरुवार को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता एडवोकेट सुधीर चौहान के निवास एवं कैंप कार्यालय सलारपुर,पलवाड़ा रोड पर समाजवादी पीडीए जन चौपाल एवं कैडर पंचायत का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सपा प्रदेश सचिव एवं हापुड़ प्रभारी ओमपाल गुर्जर ने शिरकत की। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने संगठन की मजबूती तथा पीडीए की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने पर चर्चा की। सभा को संबोधित करते हुए ओमपाल गुर्जर ने भाजपा सरकार पर महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लेकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में मतदान का अधिकार जनता की सबसे बड़ी ताकत है। देश की आजादी के बाद प्राप्त इस अधिकार के महत्व को समझते हुए प्रत्येक नागरिक को अपने मताधिकार का प्रयोग सोच-समझकर करना चाहिए और सही प्रतिनिधि का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का उल्लेख करते हुए शिक्षकों को स्थायी करने के संबंध में उनके कार्यों की चर्चा की। साथ ही सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता एडवोकेट सुधीर चौहान की सराहना करते हुए क्षेत्र में उन्हें मिल रहे जनसमर्थन की प्रशंसा की। कार्यक्रम में वक्ताओं ने पार्टी संगठन को मजबूत बनाने, कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और पीडीए की विचारधारा को समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचाने पर जोर दिया। जन चौपाल के माध्यम से पार्टी की नीतियों और विचारों को जनता तक पहुंचाने का आह्वान किया गया। इस अवसर पर अब्दुल मलिक, अमित शर्मा, अंकित, निजाम, जिद्दी वाल्मीकि, मोहित नागर, पिंटू चौहान, शिवदत्त जाटव, फारूक मलिक, साजिदा बेगम, अफसाना बेगम, काले कुरैशी, प्रधान मुकुल त्यागी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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हापुड़ में देसी घी के बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश, क्विंटलों घी पकड़ा गया

Hapur, Uttar Pradesh:हापुड़ में देसी घी के नाम पर चल रहे एक बहुत बड़े फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ हुआ है. मोदी नगर रोड पर रात के अंधेरे में चल रही एक फैक्ट्री पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने अचानक छापा मारा, जहां से करीब 9 क्विंटल संदिग्ध देसी घी बरामद किया है. डीएम कविता मीना के निर्देश पर सहायक आयुक्त खाद्य चंद्रशेखर मिश्र की टीम गुरुवार रात करीब 10 बजे फरीदपुर गोयना स्थित मैसर्स श्रेष्ठा फूड प्रोडक्ट्स पहुंची. फैक्ट्री का दरवाजा खुलते ही जो मंजर दिखा, उसने टीम के भी होश उड़ा दिए. वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि जिस जगह खाने की चीज तैयार हो रही थी, वहां चारों तरफ बदहाली और गंदगी का अंबार था. दीवारें काली पड़ी थीं, फर्श पर मैल जमा था और बड़े-बड़े कड़ाहों में खौलता हुआ माल रखा हुआ था. सबसे खतरनाक बात यह सामने आई कि घी को रखने के लिए नीले रंग के केमिकल और नॉन-फूड ग्रेड वाले प्लास्टिक ड्रम इस्तेमाल किए जा रहे थे. सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय चंद्रशेखर मिश्रा ने बताया कि तलाशी के दौरान मौके से 892 किलो तैयार माल, 30 किलो क्रीम और एक टिन रिफाइंड पाम ऑयल बरामद हुआ. जब फैक्ट्री संचालक से जब घी बनाने के लिए दूध का इस्तेमाल किए जाने के दावे पर वहां पाम ऑयल का टिन मौजूद होने की बात की, तो उसके पास कोई जवाब नहीं था. उससे जब दूध की खरीद और पेमेंट की रसीदें मांगी गईं, तो वह एक भी कागज पेश नहीं कर पाया, जबकि बाजार में माल खपाने का पूरा कच्चा-चिट्ठा उसके पास मौजूद था. मामले की गंभीरता को देखते हुए टीम ने करीब सवा पांच लाख रुपये कीमत का 890 किलो घी और पाम ऑयल तुरंत सीज कर दिया है. मौके से घी, क्रीम और पाम ऑयल के सैंपल भरकर लैब भेजे गए हैं. उपायुक्त खाद्य सुरक्षा चंद्रशेखर मिश्र के मुताबिक फैक्ट्री संचालक को गंदगी और नियमों के उल्लंघन पर नोटिस थमा दिया गया है और रिपोर्ट आते ही सख्त कानूनी शिकंजा कसा जाएगा.
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बदियाकोट के मां भगवती मंदिर में आग, इलाके में हड़कंप

Bageshwar, Uttarakhand:बागेश्वर जिले के बदियाकोट से दुखद खबर सामने आई है। यहां स्थित मां भगवती मंदिर में आग लगने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। आग से मंदिर के मुख्य हिस्से को नुकसान पहुंचने की सूचना है। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। बागेश्वर के बदियाकोट स्थित मां भगवती मंदिर में आग लगने की घटना से श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में मायूसी है। लकड़ी पर की गई बेहद खूबसूरत और बारीक नक्काशी से सुसज्जित यह मंदिर क्षेत्र की धार्मिक आस्था के साथ-साथ समृद्ध सांस्कृतिक विरासत ka भी अनमोल प्रतीक था। मंदिर की पारंपरिक स्थापत्य शैली पहाड़ की प्राचीन कला और संस्कृति की पहचान रही है। ऐसे में मंदिर में आग लगने की खबर ने लोगों को झकझोर दिया है। फिलहाल आग लगने के कारणों और नुकसान की वास्तविक स्थिति की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। श्रद्धालु मां भगवती से सभी की रक्षा और इस संकट की घड़ी में कृपा बनाए रखने की प्रार्थना कर रहे हैं।
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पटना के बड़े पटन देवी मंदिर में नवरात्रि के छठे दिन भक्तों की भारी भीड़

Patna, Bihar:शारदीय नवरात्रि का आज छठा दिन है। इस अवसर पर मां दुर्गा के छठे स्वरूप मां कात्यायनी की पूजा-अर्चना की जा रही है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कात्यायनी को शक्ति, साहस और विजय का प्रतीक माना जाता है। मां को शहद का भोग लगाना विशेष शुभ माना जाता है। मान्यता है कि मां कात्यायनी की पूजा करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। नवरात्रि के छठे दिन सुबह से ही पटना सहित प्रदेश के विभिन्न मंदिरों और पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। भक्त सुबह से ही कतारों में खड़े होकर मां के दर्शन और पूजा-अर्चना कर रहे हैं। मंदिरों में मंत्रोच्चार, पूजा-पाठ और जय माता दी के जयकारों से माहौल भक्तिमय बना हुआ है। पटना सिटी स्थित बड़ी पटन देवी मंदिर में भी सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। भक्त सुबह चार बजे से ही मंदिर पहुंचकर दर्शन के लिए कतारों में खड़े हो गए। बड़ी पटन देवी मंदिर के प्रति श्रद्धालुओं की गहरी आस्था है। मान्यता है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई मनोकामना पूरी होती है। यही वजह है कि नवरात्रि के दौरान पटना ही नहीं, बल्कि दूसरे जिलों और दूर-दराज के इलाकों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। बड़ी पटन देवी मंदिर को भारत के 51 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, यहां माता सती की दाहिनी जांघ गिरी थी। इसी वजह से इस मंदिर का विशेष धार्मिक महत्व है और इसे पटना की अधिष्ठात्री देवी का स्थान भी माना जाता है। मंदिर के गर्भगृह में मां महाकाली, मां महालक्ष्मी और मां महासरस्वती की प्राचीन प्रतिमाएं स्थापित हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, तीनों देवियों की एक साथ उपस्थिति इस शक्तिपीठ को विशेष बनाती है। मंदिर में मां की पूजा वैदिक और तांत्रिक, दोनों विधियों से की जाती है। यहां स्थित प्राचीन हवन कुंड का भी विशेष महत्व है। श्रद्धालु हवन कुंड की राख को आशीर्वाद के रूप में ग्रहण करते हैं। मंदिर में सदियों से चली आ रही धार्मिक परंपराओं का आज भी पालन किया जाता है। शारदीय नवरात्रि के दौरान मंदिर में श्रद्धालुों की संख्या बढ़ जाती है, जबकि महाष्टमी और महानिशा पूजा के अवसर पर विशेष अनुष्ठान आयोजित किए जाते हैं। बाइट -- महंत विजय शंकर गिरी बड़ी पटन देवी मंदिर के महंत विजय शंकर गिरी जी ने मंदिर की धार्मिक महत्ता और परंपराओं के बारे में बताया कि यह एक शक्तिपीठ है, जहां शक्ति की विशेष मान्यता है। यहां माता सती की मान्यता के साथ मां महाकाली, मां महालक्ष्मी और मां महासरस्वती की तीनों शक्तियों का एक साथ वास माना जाता है। इसी वजह से इस स्थान का धार्मिक महत्व और बढ़ जाता है। यहां दूर-दूर से श्रद्धालु माता की आराधना करने पहुंचते हैं और सच्चे मन से भगवती की पूजा करने वाले भक्त माता का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। महंत के अनुसार, शक्तिपीठ में भैरव की भी विशेष मान्यता है। यहां स्थित हवन कुंड का मूल स्वरूप सुरक्षित रखा गया है। जिस स्थान पर प्राचीन काल से हवन होता आ रहा है, उसकी परंपरा आज भी जारी है। श्रद्धालुओं के बीच हवन कुंड की राख को आशीर्वाद के रूप में ग्रहण करने की मान्यता है। महंत विजय शंकर गिरी जी ने महाष्टमी के अवसर पर होने वाली निशा पूजा के महत्व के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि निशा पूजा की परंपरा सदियों से चली आ रही है। यह पूजा आधी रात के बाद संपन्न होती है और इसका विशेष मुहूर्त रात लगभग ढाई से तीन बजे के बीच माना जाता है। इस दौरान श्रद्धालु विशेष विधि-विधान से भगवती की आराधना करते हैं। मंदिर में वैदिक पूजा के दौरान मंत्रोच्चार और पाठ के माध्यम से माता की आराधना की जाती है, जबकि तांत्रिक पूजा मंदिर की परंपराओं और निर्धारित विधि के अनुसार संपन्न होती है। बड़ी पटन देवी मंदिर की प्राचीन परंपराएं, हवन कुंड की मान्यता और महाष्टमी की निशा पूजा इसे श्रद्धालुओं की गहरी आस्था का केंद्र बनाती हैं। नवरात्रि के इस पावन अवसर पर मंदिर में दर्शन के लिए पहुंच रहे भक्त माता से सुख, शांति, समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना कर रहे हैं।
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हादसे के बाद डीएम ने राघोपुर दीपक कुमार हटाकर प्रभात कुमार को प्रभार दिया

Hajipur, Bihar:वैशाली से इस वक्त की बड़ी खबर… राघोपुर नाव हादसे के बाद जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है! हादसे के बाद उठ रहे सवालों के बीच डीएम वर्षा सिंह ने राघोपुर के अंचलाधिकारी दीपक कुमार को पद से हटा दिया है। उनकी जगह पातेपुर के अंचलाधिकारी प्रभात कुमार को राघोपुर अंचल का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई है। दर्दनाक नाव हादसे के बाद अब प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई शुरू हो गई है। वैशाली की डीएम वर्षा सिंह ने राघोपुर के सीओ दीपक कुमार को पद से हटा दिया है। वहीं, पातेपुर के सीओ प्रभात कुमार को राघोपुर अंचल का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। हादसे के बाद प्रशासन का यह फैसला काफी अहम माना जा रहा है। नाव हादसे ने सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं। ऐसे में अंचलाधिकारी को हटाने की कार्रवाई को प्रशासनिक स्तर पर उठाए गए बड़े कदम के तौर पर देखा जा रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि हादसे में अगर किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आती है, तो जवाबदेही तय की जाएगी। हालांकि, सीओ को हटाने के आदेश में क्या वजह दर्ज की गई है और क्या यह कार्रवाई सीधे हादसे से जुड़ी जिम्मेदारी तय करने के लिए की गई है, इसकी आधिकारिक पुष्टि जरूरी है। फिलहाल, राघोपुर नाव हादसे के बाद प्रशासनिक कार्रवाई ने पूरे जिले में हलचल बढ़ा दी है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि हादसे की जांच में क्या सामने आता है और जवाबदेही तय करने के लिए आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।
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हाथरस खातीखाना में GST जांच पर कारोबारियों का कड़ा विरोध, तनाव कायम

Hathras, Uttar Pradesh:हाथरस के खातीखाना में जीएसटी (GST) टीम की जांच के दौरान भारी हंगामा व्यापारियों और अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक मौके पर बने तनाव के हालात व्यापरियों ने परेशान करने का लगाया आरोप हाथरस शहर के व्यस्त व्यावसायिक इलाके खातीखाना में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब वाणिज्य कर (जीएसटी) विभाग की एक टीम प्रतिष्ठानों की जांच करने पहुंची। टीम के पहुंचते ही क्षेत्रीय व्यापारी लामबंद हो गए और औचक जांच की शैली पर कड़ा ऐतराज जताते हुए अधिकारियों का घेराव कर दिया। व्यापारियों का आरोप है कि जांच और सर्वे के नाम पर कारोबारियों को बेवजह परेशान किया जा रहा है और भय का माहौल बनाया जा रहा है。 वहीं, विभागीय अधिकारियों का कहना है कि वे नियमों के दायरे में रहकर नियमित एवं विधिक प्रक्रिया का पालन कर रहे थे। विवाद बढ़ता देख स्थानीय पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने व्यापारियों और विभागीय अधिकारियों से बातचीत कर किसी तरह मामले को शांत कराया。 इस घटना के बाद शहर के व्यापारिक संगठनों में गहरा रोष है और उन्होंने प्रशासन से व्यापारियों का उत्पीड़न तत्काल रोकने की मांग की है。
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जमशेदपुर के गोलमुरी सब्जी बाजार में देर रात आग, 20 दुकाने जलकर राख

Jamshedpur, Jharkhand:जमशेदपुर गोलमुरी सब्जी बाजार में देर रात आग लग गई. पहले एक दुकान में आग लगी, उसके बाद आग कई दुकानों में फैल गई, आग ने विकराल रूप ले लिया, जिससे सब्जी बाजार के लगभग 20 दुकानों को आग ने चपेट में ले लिया. देर रात होने के कारण लोगों को देर से जानकारी हुई, तब तक 20 दुकानों में आग लग गई. वहीं आग की सूचना पर दुकानदारों में हड़कंप मच गया; स्थानीय लोगों ने आग लगने की सूचना पुलिस और फायर डिपार्टमेंट को दी, जिसके बाद फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां मौके पर पहुंची. काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया. स्थानीय के मुताबिक आग किसी असामाजिक तत्व के द्वारा लगाई गई है. फिलहाल सब्जी बाजार की 20 दुकाने जल कर राख हो गईं; नुकसान बड़ा है. पुलिस आग लगने के कारण की छानबीन में जुटी है.
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यूपी में बेटियों के खेल को मिली नयी ताकत और सम्मान बढ़ा गौरव

Noida, Uttar Pradesh:Yogi Adityanath समस्त बाधाओं और आसुरी प्रवृत्तियों का संहार करने वाली माँ कात्यायनी नारीशक्ति के अदम्य साहस, अटूट संकल्प और अजेय पराक्रम का प्रतीक हैं. वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में भय और अराजकता का ऐसा माहौल था, जहां बेटियों के सपनों पर पहरे थे, उनके हौसलों पर बंदिशें थीं और उनकी प्रतिभा अवसरों के अभाव में दम तोड़ने को मजबूर थी。 खेल के मैदान माफिया के कब्जे में थे, संसाधन नदारद थे और बेटियों की उड़ान को पंख देने के बजाय, उनके सपनों को चारदीवारी में कैद कर दिया गया था。 विगत साढ़े 9 वर्षों में प्रदेश में बदलाव की नई गाथा लिखी गई है। भय का स्थान सुरक्षा ने लिया है, उपेक्षा का स्थान प्रोत्साहन ने लिया है और संसाधनों के अभाव का स्थान खेल सुविधाओं के विस्तार ने लिया है。 गांव के खेल मैदानों और ब्लॉक स्तरीय मिनी स्टेडियम से लेकर जिला स्तरीय स्टेडियम, मंडल स्तरीय स्पोर्ट्स कॉलेज तथा मेरठ में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय तक, बेटियों को अपनी प्रतिभा निखारने का सशक्त आधार मिल रहा है。 ओलंपिक, कॉमनवेल्थ एवं एशियन गेम्स के पदक विजेताओं को लाखों-करोड़ों के पुरस्कार, ‘पदक लाओ, पद पाओ’ के तहत सीधी भर्ती जैसी सुविधाएं खिलाड़ियों की प्रतिभा को प्रोत्साहन, उपलब्धियों को सम्मान और भविष्य को सुरक्षा प्रदान कर रही हैं。 इस परिवर्तन की गूंज अंतरराष्ट्रीय खेल मंचों पर भी सुनाई दे रही है। एथलेटिक्स में पारुल चौधरी, प्रियंका गोस्वामी, प्राची चौधरी और अन्नू रानी, जूडो में अस्मिता डे, क्रिकेट में दीप्ति शर्मा और मेघना सिंह, हॉकी में वंदना कटारिया, कुश्ती में दिव्या काकरान ने कॉमनवेल्थ एवं एशियन गेम्स में अपने शानदार प्रदर्शन से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का और प्रदेश का गौरव बढ़ाया है。 जय माँ कात्यायनी。
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गया में आदिवासी थीम के साथ दुर्गा पूजा: 35-40 प्रतिमाएं और झरना आकर्षण

Gaya, Bihar:गयाजी में अनोखी दुर्गापूजा, आदिवासी संस्कृति की दिखेगी झलक,कौआ स्थान में 35 से 40 प्रतिमाएं, कृत्रिम पहाड़ से शिवलिंग पर गिरेगा झरना,बांस, मिट्टी और पत्तों से सजा पूजा पंडाल,पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश. गयाजी में दुर्गापूजा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। शहर के कौआ स्थान देवी स्थान पर इस बार श्रद्धालुओं को आदिवासी संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य की अनोखी झलक देखने को मिलेगी। यहां बांस, मिट्टी, पत्तों और पारंपरिक सामग्रियों से पूजा पंडाल तैयार किया जा रहा है। खास बात यह है कि पंडाल में 35 से 40 प्रतिमाओं के साथ भगवान विष्णु के विभिन्न अवतारों और गयासुर की झांकी भी देखने को मिलेगी। वहीं, कृत्रिम पहाड़ से शिवलिंग पर गिरने वाला झरने का पानी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनेगा। गयाजी के कौआ स्थान देवी स्थान पर इस बार दुर्गापूजा को खास और आकर्षक बनाने की तैयारी चल रही है। पूजा पंडाल को आदिवासी थीम पर सजाया जा रहा है। इसमें आदिवासी संस्कृति, पारंपरिक जीवनशैली और प्राकृतिक सौंदर्य को दर्शाने की कोशिश की गई है। पंडाल निर्माण में बांस, मिट्टी, पत्तों और अन्य प्राकृतिक सामग्रियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। आयोजकों के मुताबिक, यहां आने वाले श्रद्धालुओं को एक अलग तरह का धार्मिक और सांस्कृतिक अनुभव मिलेगा। इस बार पंडाल में करीब 35 से 40 प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। भगवान विष्णु के विभिन्न अवतारों के साथ गयासुर की झांकी भी विशेष आकर्षण होगी। इसके अलावा कृत्रिम पहाड़ तैयार किया जा रहा है, जिससे शिवलिंग पर झरने की तरह पानी गिरेगा। आयोजन समिति का उद्देश्य धार्मिक आस्था के साथ-साथ स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को भी बढ़ावा देना है। श्रद्धालुओं को यहां दुर्गापूजा के साथ गया की धार्मिक विरासत की झलक भी देखने को मिलेगी। आयोजन को लेकर सुरक्षा के भी इंतजाम किए जा रहे हैं। समिति के अनुसार, पंडाल परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। पुलिस और प्रशासन के सहयोग से श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन पर ध्यान दिया जाएगा, ताकि दर्शन के दौरान किसी को परेशानी न हो। समिति ने श्रद्धालुओं से शांतिपूर्ण तरीके से पूजा में शामिल होने की अपील की है। आयोजन समिति के मुताबिक, पंडाल निर्माण और प्रतिमाओं पर लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसके लिए समिति के सदस्यों और स्थानीय लोगों का सहयोग लिया जा रहा है। तैयारी पूरी होने के बाद यह पूजा पंडाल गयाजी में दुर्गापूजा के प्रमुख आकर्षणों में शामिल हो सकता है। कुल मिलाकर, कौआ स्थान देवी स्थान की यह दुर्गापूजा धार्मिक आस्था, आदिवासी संस्कृति और प्राकृतिक सजावट का अनूठा संगम पेश करने जा रही है। अब श्रद्धालुओं को इंतजार है पूजा की शुरुआत का, जब इस अनोखे पंडाल में मां दुर्गा के दर्शन के साथ कई आकर्षक झांकियां देखने को मिलेंगी।
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तखतगढ़ में गरबा महोत्सव की धूम, रंग-बिरंगी रोशनी से पंडाल जगमगा

Pali, Rajasthan:तखतगढ़ में नवरात्रि के पांचवें दिन गरबा महोत्सव की रौनक देखने को मिली। रात 9 बजे से ही महिलाएं और बालिकाएं सज-धजकर गरबा पंडालों में पहुंचने लगीं। माता जी की आरती के बाद गुजराती गरबा गीतों पर श्रद्धालु उत्साह के साथ नृत्य करते नजर आए। कस्बे के चौदरा माता मंदिर, धुमड़ा माता मंदिर, बायोसा मंदिर परिसर, जैन बगीची और वार्ड संख्या 3 में गरबा आयोजन हो रहे हैं। कई स्थानों पर महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में गरबा करती दिखाई दीं। मंदिरों और पंडालों में की गई रंग-बिरंगी रोशनी आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। गरबा आयोजनों के दौरान बिना अनुमति फोटो और वीडियोग्राफी पर पाबंदी रखी गई है। वहीं, तखतगढ़ पुलिस लगातार गश्त कर रही है और असामाजिक तत्वों तथा शराब पीकर उत्पात मचाने वालों पर नजर रख रही है।इधर, पंचायत समिति चुनाव को देखते हुए सार्वजनिक स्थानों पर चुनाव प्रचार संबंधी प्रतिबंधों का पालन भी महत्वपूर्ण है। तखतगढ़ सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी गरबा आयोजन से नवरात्रि का उत्साह नजर आ रहा है。
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