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कोटा में कार के नीचे मगरमच्छ छिपे मिलने से हड़कंप, रेस्क्यू पूरा

Kota, Rajasthan:कोटा.. बोरखेड़ा इलाके में रविवार देर रात उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक कार के नीचे करीब साढ़े 4 फीट लंबा मगरमच्छ छिपा मिला। थेगड़ा रोड स्थित कंचन रिसोर्ट के पास जैन मंदिर वाली कॉलोनी में रात करीब 11 बजे कार मालिक की नजर आगे के टायर के पास मगरमच्छ की पूंछ पर पड़ी। उसने तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम और वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की तीन सदस्यीय टीम मौके पर पहुंची। टीम ने सबसे पहले आसपास जमा लोगों को दूर किया और सावधानी से कार को हटाया। जैसे ही कार हटाई गई, मगरमच्छ अचानक बाहर निकला और सड़क पर करीब 20 फीट तक दौड़ लगा दी। अचानक मगरमच्छ को तेजी से सड़क पर दौड़ता देख मौके पर अफरा-तफरी मच गई। वन विभाग की टीम ने रस्सी की मदद से मगरमच्छ को काबू किया और उसकी आंखों पर काला कपड़ा डाल दिया। करीब 15 मिनट की मशक्कत के बाद मगरमच्छ का सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया। फॉरेस्टर वीरेंद्र सिंह के मुताबिक कंचन रिसोर्ट के पास नाला है, ऐसे में संभावना है कि मगरमच्छ नाले से निकलकर कॉलोनी में पहुंचा और कार के नीचे छिप गया।
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गाजियाबाद के साहिबाबाद में 7वीं कक्षा की छात्रा ने आत्महत्या, परिवार ने शिक्षिका पर आरोप

Ghaziabad, Uttar Pradesh:गाजियाबाद के साहिबाबाद थाना क्षेत्र में 7वीं कक्षा की छात्रा रितिशा ने गुलमोहर अपार्टमेंट की 10वीं मंजिल से कूदकर जान दे दी। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा है। परिजनों ने स्कूल की शिक्षिका पर मानसिक प्रताड़ना का गंभीर आरोप लगाया है। गणित विषय में कमजोर होने पर छात्रा पर पढ़ाई का दबाव बनाए जाने की बात सामने आई है। डायरी में भी कथित प्रताड़ना का जिक्र बताया जा रहा है। गुलमोहर अपार्टमेंट की इसी हाईराइज बिल्डिंग से 7वीं कक्षा की छात्रा ने छलांग लगाकर जान दे दी। परिवार के आरोपों के बाद पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। छात्रा की डायरी और स्कूल से जुड़े पहलुओं को भी जांच में शामिल किया जा रहा है। हाईराइज सोसाइटियों में ऐसी घटनाएं बच्चों पर पढ़ाई और अन्य दबाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। बच्चों के लिए सुरक्षित और संवाद वाला माहौल बेहद जरूरी है।
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खेरवाड़ी पुलिया के पास ट्रक-बाइक भिड़ंत, दो युवकों की मौत, दो घायल

Jaipur, Rajasthan:जयपुर के दौलतपुरा से खबर खेरवाड़ी पुलिया के पास दर्दनाक सड़क हादसा रफ्तार में आ रहे ट्रक ने बाइक को मारी टक्कर हादसे में बाइक सवार दो युवकों की मौत,दो घायल मृतकों की अलकेश ,प्रवीण के रूप में हुई पहचान पुलिस ने शव रखवाए अस्पताल की मोर्चरी में जयपुर के दौलतपुरा थाना क्षेत्र में खेरवाड़ी पुलिया के पास अल सुबह दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। रफ्तार में आ रहे एक ट्रक ने बाइक को टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि बाइक सवार दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही दौलतपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया। मृतकों की पहचान अलकेश और प्रवीण के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों युवकों के शवों को अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है। पुलिस ने दोनों वाहनों को जप्त करके मामले की जांच शुरू कर दी है।
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विश्व पर्यटन दिवस पर कोकरनाग ने दक्षिण कश्मीर की पर्यटन संभावनाओं को सामने रखा

Anantnag, World Tourism Day: Kokernag Showcases South Kashmir’s Untapped Tourism Potential On World Tourism Day, the Tourism Department organised a special programme in Kokernag to promote South Kashmir’s diverse tourism potential and encourage visitors to explore destinations beyond the region’s established tourist hotspots. The programme comes at a time when Jammu and Kashmir’s tourism sector is working towards rebuilding tourist confidence following the setback caused by the April 2025 Pahalgam terror attack. In the aftermath of the attack, several tourist destinations were temporarily closed as a precautionary security measure. With security arrangements subsequently strengthened and destinations reopened in phases, tourism activities have gradually resumed across the Union Territory. The Kokernag programme focused on showcasing the natural and cultural attractions of South Kashmir, particularly Kokernag, Verinag, Achabal, Daksum and Sinthan Top. Students from schools and colleges, government officials, local residents and other stakeholders participated in the event, highlighting the importance of collective efforts in promoting the region as a tourism destination. The programme also highlighted the fact that South Kashmir offers a wide range of experiences—from the famous springs and gardens of Kokernag and Verinag to the scenic landscapes of Achabal, Daksum and Sinthan Top. Tourism stakeholders said that sustained promotion, improved infrastructure, adequate security arrangements and greater involvement of local communities can help expand tourist activity and create new opportunities for the local economy. The World Tourism Day event in Kokernag, therefore, served as a platform to showcase the lesser-explored destinations of South Kashmir and encourage tourists to discover the region’s rich natural beauty and tourism potential.
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कोटा में कार के नीचे छिपा 4.5 फीट मगरमच्छ, 20 फीट तक दौड़ा, रेस्क्यू

Kota, Rajasthan:कोटा एंकर कार के नीचे छिपा साढ़े 4 फीट का मगरमच्छ: कार हटाते ही सड़क पर 20 फीट तक दौड़ा, आंख पर काला कपड़ा डालकर किया रेस्क्यू कोटा। शहर के बोरखेड़ा इलाके में रविवार देर रात एक कार के नीचे करीब साढ़े 4 फीट लंबा मगरमच्छ छिपा मिलने से हड़कंप मच गया। कार मालिक ने जब मगरमच्छ को कार के आगे वाले टायर के पास देखा तो उसके होश उड़ गए। मगरमच्छ की पूंछ बाहर निकली हुई थी। इसके बाद कार मालिक ने तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम और वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की तीन सदस्यीय टीम मौके पर पहुंची और करीब 15 मिनट की मशक्कत के बाद मगरमच्छ का सुरक्षित रेस्क्यू किया。 मामला रविवार रात करीब 11 बजे थेगड़ा रोड स्थित कंचन रिसोर्ट के पास जैन मंदिर वाली कॉलोनी का है। फॉरेस्टर वीरेंद्र सिंह ने बताया कि मगरमच्छ कार के आगे के टायर के पास छिपा हुआ था। उसकी पूंछ बाहर दिखाई दे रही थी। कार मालिक की नजर जब उस पर पड़ी तो उसने आसपास के लोगों को इसकी जानकारी दी और पुलिस कंट्रोल रूम तथा वन विभाग को सूचना दी गई। कुछ ही देर में वन विभाग की तीन सदस्यीय टीम मौके पर पहुंच गई। मगरमच्छ मिलने की सूचना आसपास के इलाके में फैलते ही कॉलोनी में लोगों की भीड़ जमा हो गई। वन विभाग की टीम ने सबसे पहले लोगों को मौके से दूर किया और इसके बाद सावधानी से कार को हटाने की कार्रवाई शुरू की। जैसे ही कार को हटाया गया, मगरमच्छ अचानक बाहर निकला और सड़क पर करीब 20 फीट तक दौड़ लगा दी। अचानक मगरमच्छ के तेजी से आगे बढ़ने से मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। वन विभाग की टीम ने स्थिति को संभालते हुए रस्सी की मदद से मगरमच्छ को काबू किया। रेस्क्यू के दौरान उसकी आंखों पर काला कपड़ा डाल दिया गया, ताकि वह शांत रहे और टीम उसे सुरक्षित तरीके से पकड़ सके। करीब 15 मिनट की मशक्कत के बाद साढ़े 4 फीट लंबे मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़ लिया गया। फॉरेस्टर वीरेंद्र सिंह ने बताया कि कंचन रिसोर्ट के पास नाला है। ऐसे में संभावना है कि मगरमच्छ नाले से निकलकर आवासीय कॉलोनी में पहुंचा होगा। इसके बाद वह किसी तरह कार के नीचे जाकर छिप गया। वन विभाग की टीम ने समय रहते मौके पर पहुंचकर मगरमच्छ का रेस्क्यू कर लिया, जिससे कॉलोनी के लोगों के लिए किसी तरह का खतरा नहीं रहा।
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बस्ती में भारी बारिश से मकान गिरा, मोतीराम की मौत; मंत्री ने सहायता घोषित

Basti, Uttar Pradesh:बस्ती में लगातार तीन दिनों से हो रही बारिश ने एक परिवार की खुशियां छीनीं। बारिश के बीच मकान भरभराकर गिर गया और मलबे में दबकर 70 वर्षीय मोतीराम की मौत हो गई। प्रशासन के अनुसार मुख्यमंत्री राहत कोष से चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता परिवार को दी गई। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने मौके पर जाकर परिजनों का हाल जाना और मदद का भरोसा दिलाया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पीड़ित परिवार को नियमानुसार सभी जरूरी सरकारी सहायता तुरंत उपलब्ध कराई जाए। बारिश से प्रभावित अन्य परिवारों के भी हालात पर नजर रखी जाएगी। इसके अलावा जलभराव के मुद्दे पर मंत्री ने अखिलेश यादव के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी और केंद्र से मिलने वाले राहत धन का जिक्र किया।
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गोंडा में सागौन पेड़ को लेकर दो गुटों के बीच मारपीट, मुकदमा दर्ज

Gonda, Uttar Pradesh:एंकर- खबर गोंडा से है। गोंडा जिले के छपिया थाना क्षेत्र अंतर्गत दुर्गापुर गांव में एक सागौन के पेड़ के कारण दो गुटों में आपसी बहस और गाली गलौज के बाद मारपीट की घटना सामने आई है। घटना रविवार 27 सितंबर शाम 4:00 के करीब की बताई जा रही है। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पीड़ित अवनीश कुमार ने मनोज कुमार, बुधीलाल और मनोज के खिलाफ मारपीट और गाली गलौज समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। छपिया थाने की पुलिस ने उपनिरीक्षक महेंद्र प्रताप को मामले की जांच सौंप दी है। अवनीश कुमार ने बताया कि उनका सागौन का पेड़ गिर गया था और कुछ लोग उसे 8000 रुपये में खरीद लिए थे; शाम 4:00 के करीब वे लकड़ी उठाने के लिए आए तो कहा गया कि 10000 पिकअप किराया और 8000 लकड़ी का भुगतान दिया जाए। इसके बाद इन लोगों ने गाली गलौज देते हुए लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से मारपीट की, जिससे परिवार की महिलाएं भी चोटिल हुईं। इलाज के लिए सभी अपने समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र छपिया पहुंचे।
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ग्वालियर मुरार: ट्रक की चपेट में आए दो बाइक सवार, एक की मौत

Morena, Madhya Pradesh:एंकर- ग्वालियर मुरार इलाके में शुक्रवार को हुए भीषण सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। बड़ागांव खुरैरी रोड पर तेज गति से आ रहे ट्रक ने बाइक सवार दो छात्रों को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में 17 वर्षीय लवकुश जाटव की पहिए के नीचे दबने से मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से जख्मी हो गया। हादसे का सीसीटीवी वीडियो अब इंटरनेट पर तेजी से फैल रहा है। वीओ- जानकारी के अनुसार, लवकुश मूल रूप से भिंड जिले के गोहद का निवासी था। वह अपने मित्र प्रशांत के साथ किसी परिचित से मुलाकात कर वापस लौट रहा था। वीडियो में दिख रहा है कि पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। संतुलन बिगड़ने से लवकुश सड़क पर गिरा और ट्रक के पिछले पहिए के नीचे आ गया। पहिया सिर के ऊपर से गुजरने के कारण उसने दम तोड़ दिया। प्रशांत को चोटें आई हैं और उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। टक्कर मारने के बाद ड्राइवर ट्रक छोड़कर फरार हो गया। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने है। सूचना मिलते ही मुरार थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और वाहन को कब्जे में ले लिया। फरार ड्राइवर की पहचान की जा रही है।बताया जा रहा है कि लवकुश अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसकी मौत की खबर मिलते ही गोहद से परिजन ग्वालियर पहुंचे, जहां पोस्टमार्टम के बाद शव उन्हें सौंप दिया गया। परिवार में मातम पसरा है। वहीं, स्थानीय रहवासियों का आरोप है कि बड़ागांव खुरैरी मार्ग पर भारी वाहनों की बेलगाम रफ्तार से अक्सर दुर्घटनाएं होती हैं, लेकिन यातायात नियंत्रण के लिए कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं। पुलिस ने केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। बाइट- संदीप बांगरे- CSP ग्वालियर
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बनिहाल में हिंदू संघ–मुस्लिम मोर्चा की संयुक्त पहल, भाईचारे का संदेश

Noida, Uttar Pradesh:बनिहाल में हिंदू संघ और मुस्लिम मोर्चा ने मिलकर कार्यक्रम किया, हिंदू-मुस्लिम भाईचारे का संदेश दिया बनिहाल में हिंदू संघ और मुस्लिम मोर्चा ने एक संयुक्त कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें दोनों संगठनों के सदस्य एक मंच पर साथ आए। इस कार्यक्रम में क Kashmir के अलग-अलग हिस्सों से आए सदस्यों ने भी हिस्सा लिया। मीडिया से बात करते हुए हिंदू संघ के संत साहिल महाराज ने कहा कि संगठन का मुख्य मकसद पूरे देश में हिंदू-मुस्लिम भाईचारे को मजबूत करना है। उन्होंने उन नेताओं की आलोचना की जिन पर दोनों समुदायों के बीच बंटवारा करने और सामाजिक माहौल खराब करने का आरोप है। संत साहिल महाराज ने कहा कि हिंदू संघ और मुस्लिम मोर्चा की संयुक्त मौजूदगी यह संदेश देती है कि जम्मू-कश्मीर में हिंदू-मुस्लिम भाईचारा मजबूत है और भविष्य में भी बना रहेगा। कश्मीर में अशांति की पिछली घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि बंटवारा करने की कोशिशों से लोगों को परेशानी हुई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश तभी तरक्की कर सकता है जब सांप्रदायिक सद्भाव और आपसी सम्मान बना रहे। उन्होंने आगे कहा कि संगठन उन लोगों का स्वागत करेगा जो देश के प्रति समर्पित हैं, और देशभक्ति को एक अहम सिद्धांत बताया। आयोजकों ने इस कार्यक्रम को एक अहम मौका बताया, जिसमें हिंदू संघ और मुस्लिम मोर्चा के सदस्यों ने बनिहाल में एक मंच साझा किया और सांप्रदायिक सद्भाव और भाईचारे का संदेश दिया।
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सुसनेर नगर परिषद अध्यक्ष उपचुनाव के लिए मतदान सामग्री वितरित, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

Agar, Madhya Pradesh:आगर-मालवा जिले के सुसनेर नगर परिषद अध्यक्ष पद के उपचुनाव को लेकर चुनावी तैयारियां अब अंतिम दौर में पहुंच गई हैं। मतदान से पहले आज सुसनेर के आईटीआई भवन से मतदान दलों को चुनाव सामग्री वितरित की गई। सामग्री प्राप्त करने के बाद मतदान दल अपने-अपने मतदान केंद्रों के लिए रवाना हो गए। शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए हैं। वीओ- सुसनेर नगर परिषद अध्यक्ष पद के उपचुनाव के लिए मतदान दलों को आईटीआई भवन में चुनाव सामग्री का वितरण किया गया। ईवीएम और अन्य आवश्यक चुनाव सामग्री प्राप्त करने के बाद कर्मचारी अपने निर्धारित मतदान केंद्रों के लिए रवाना हुए। मतदान प्रक्रिया के दौरान किसी तरह की अप्रिय स्थिति न बने, इसके लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। प्रशासन की ओर से मतदान केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ मतदान दलों की आवाजाही को लेकर भी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।
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हिमालयी हीलर्स पर नीति-मान्यता पर पाँच दिनी राष्ट्रीय सम्मेलन शुरू

Aram Pora, Ganderbal, A five-day Healers’ Workshop-cum-National Conference on “Himalayan Healers: Non-Codified Healers’ Recognition and Policy” commenced at the Faculty of Forestry, SKUAST-K, bringing together traditional healers, researchers, academicians and experts from across the country to deliberate on the recognition, documentation and preservation of indigenous healing knowledge. The programme comprises a three-day workshop followed by a two-day national conference, providing a platform for traditional healers and experts to exchange knowledge and discuss ways to preserve India’s diverse healing traditions. The programme has been organised by the Faculty of Forestry, SKUAST-K, with support from the Indira Gandhi Rashtriya Manav Sangrahalaya (IGRMS), Ministry of Culture, Government of India, in collaboration with the Anthropos India Foundation (AIF). Prof. S. Naseem Geelani, Organising Secretary and Head, SBS Division, said the programme has brought together students and scholars from the University of Kashmir, faculty members, researchers and local traditional healers specially invited to participate in the workshop. He also highlighted the close relationship between the conservation of medicinal plants and forest resources and the livelihood security of traditional healer communities. In an exclusive interaction with Zee Media, Prof. P. A. Sofi, Head, FPU Division, spoke about the “Scope and Potential of Medicinal and Aromatic Plants (MAPs) in J&K”, highlighting the importance and potential of medicinal and aromatic plants in Jammu and Kashmir. Dr. Sunita Reddy, Associate Professor at Jawaharlal Nehru University (JNU) and Founder-Chairperson of the Anthropos India Foundation (AIF), who attended the programme as Guest of Honour, also spoke to Zee Media. She emphasised the need for a dedicated policy framework to recognise and preserve the traditional knowledge of healers across the country. Dr. Reddy said such platforms are important for bringing together diverse healing traditions, encouraging knowledge exchange and creating greater recognition of the contributions of traditional healers. Traditional healers from different parts of the country also spoke exclusively to Zee Media about their participation in the workshop and highlighted the importance of documenting and preserving their traditional knowledge for future generations. Prof. P. A. Sofi, Head, FPU Division, spoke on the “Scope and Potential of MAPs in J&K,” highlighting the growing global herbal medicine sector and its substantial dependence on wild resources for the supply of medicinal plants. He called for greater collaboration between traditional healers and scientists in validating and authenticating medicinal and aromatic plants (MAPs), and in promoting forest-based bio-economy enterprises. Prof. Amitabh Pandey, Director, IGRMS, Ministry of Culture, GoI, also addressing the gathering as Guest of Honour, highlighted the continuing role of traditional healers in serving communities with limited access to modern healthcare, describing healers as important repositories and teachers of indigenous knowledge. Prof. A. H. Mughal, Dean, Faculty of Forestry, addressed the gathering and said the Traditional knowledge should be preserved and we are getting benefited from forest wealth, it is our prime duty to preserve it. Chief Guest, Prof. Raihanna Habib Kanth, Director of Extension, SKUAST-K. She spoke of the important role traditional healers play in preserving cultural heritage and stressed the need for responsible and ethical practices while seeking formal recognition, calling for stronger interaction between healers and scientists to validate traditional practices through research.
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