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बाड़मेर के गढ़ मंदिर: आस्था, इतिहास और थार की पहचान

Barmer, Rajasthan:बाड़मेर का गढ़ मंदिर: आस्था, इतिहास और धर्मध्वजा की पहचान बाड़मेर आने वाले हर व्यक्ति को शहर से कई किलोमीटर दूर से ही पहाड़ी पर लहराती धर्मध्वजा नजर आने लगती है। दूर से दिखाई देती यह ध्वजा मानो थार की धरती पर बसे बाड़मेर की पहचान और मां के प्रति अटूट आस्था का संदेश देती है। यह है बाड़मेर का ऐतिहासिक गढ़ मंदिर… पहाड़ी की चोटी पर विराजित मां जोगमाया का वह दरबार, जहां सदियों से श्रद्धालु सिर झुकाते आए हैं। आखिर क्या है इस मंदिर का इतिहास? कैसे जुड़ा है इसका रिश्ता बाड़मेर के प्राचीन गढ़ से? और क्यों यह मंदिर आज भी धार्मिक आस्था के साथ-साथ शहर की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक बना हुआ है? आइए, जानते हैं बाड़मेर के गढ़ मंदिर की कहानी। गढ़ का इतिहास और मंदिर की विरासत थार के रेगिस्तान में बसा बाड़मेर… अपनी विशिष्ट भौगोलिक पहचान, ऐतिहासिक विरासत और धार्मिक परंपराओं के लिए जाना जाता है। इसी शहर की एक पहाड़ी पर स्थित है गढ़ मंदिर, जिसकी पहचान दूर से नजर आने वाली धर्मध्वजा से भी जुड़ी हुई है। राजस्थान पर्यटन विभाग के ऐतिहासिक विवरण के अनुसार, वर्तमान बाड़मेर शहर की स्थापना वर्ष 1552 में रावत भीमा ने की थी। इसी ऐतिहासिक दौर में पहाड़ी पर गढ़ का निर्माण हुआ, जिसने शहर को एक विशिष्ट पहचान दी। गढ़ की सबसे ऊंची चोटी पर विराजित हैं मां जोगमाया। श्रद्धालु उन्हें मां जगदंबा के स्वरूप में पूजते हैं। मंदिर की स्थापना की सटीक तारीख और इसके शुरुआती निर्माण को लेकर स्वतंत्र ऐतिहासिक प्रमाण सीमित हैं, लेकिन स्थानीय धार्मिक परंपराओं में इस मंदिर का विशेष महत्व है। गढ़ पहाड़ी पर पुराने काल के अवशेष आज भी बीते दौर की याद दिलाते हैं। ये उस समय की कहानी कहते हैं, जब पहाड़ियां सुरक्षा, सत्ता और धार्मिक आस्था के महत्वपूर्ण केंद्र हुआ करती थीं। धर्मध्वजा, आस्था और श्रद्धालुओं की परंपरा बाड़मेर की ओर आने वाले यात्रियों के लिए पहाड़ी पर लहराती धर्मध्वजा एक परिचित दृश्य है। शहर से कई किलोमीटर पहले ही नजर आने वाली यह ध्वजा मानो आने वालों का स्वागत करती है। यह केवल कपड़े का एक ध्वज नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं के विश्वास और शहर की धार्मिक पहचान का प्रतीक है। बाड़मेर के लोगों के लिए गढ़ मंदिर का महत्व पीढ़ियों से जुड़ा हुआ है। मंदिर तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को पहाड़ी की सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं। कोई परिवार की सुख-समृद्धि की कामना लेकर आता है, कोई अपनी मनोकामना के साथ मां के दरबार में माथा टेकता है, तो कोई जीवन की कठिनाइयों के बीच मानसिक संबल पाने के लिए यहां पहुंचता है。 गढ़ की इसी पहाड़ी पर मां नागणेची का मंदिर भी स्थित है। ये दोनों धार्मिक स्थल बाड़मेर की आस्था और स्थानीय परंपराओं का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। नवरात्रि जैसे पर्वों पर देवी उपासना का विशेष महत्व रहता है। पूजा, दर्शन और धार्मिक आयोजनों के बीच यहां की परंपराएं जीवंत दिखाई देती हैं। समय बदलता रहा, पीढ़ियां बदलती रहीं, लेकिन मां के प्रति श्रद्धा की यह परंपरा आज भी कायम है। युद्धों से जुड़ी जनश्रुतियां और आज का महत्व बाड़मेर सीमावर्ती राजस्थान का वह हिस्सा है, जिसने भारत-पाकिस्तान के बीच युद्धों और सुरक्षा चुनौतियों का दौर भी देखा है। गढ़ मंदिर को लेकर वर्ष 1965 और 1971 के युद्धों से जुड़ी कई जनश्रुतियां स्थानीय स्तर पर प्रचलित हैं। इन कहानियों में मंदिर और मां की कृपा को लोगों की सुरक्षा तथा विश्वास से जोड़कर देखा जाता है। आज गढ़ मंदिर केवल पूजा-अर्चना का स्थान नहीं, बल्कि बाड़मेर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। एक तरफ पुराने गढ़ के अवशेष हैं, दूसरी तरफ पहाड़ी पर लहराती धर्मध्वजा। नीचे बसा शहर और ऊपर मां का दरबार , यह दृश्य बाड़मेर की पहचान को एक अलग स्वरूप देता है। गढ़ मंदिर… बाड़मेर की पहचान, इतिहास की विरासत और आस्था का अटूट केंद्र। दुर्गसिंह राजपुरोहित Zee मीडिया बाड़मेर
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सुल्तानपुर: 32 लाख से बदला 150 साल पुराना घंटा घर, लखनऊ के हजरतगंज की तर्ज पर क‍िया जाएगा व‍िकास

ALOK SRIVASTAVAALOK SRIVASTAVAFollowJust now
Alinagar Sonhara, Uttar Pradesh:

यूपी में सुल्तानपुर के चौक स्थित करीब 150 साल पुराने घंटा घर का स्वरूप अब बदल गया है। करीब 32 लाख रुपये की लागत से इसका सौंदर्यीकरण कराया गया है। घंटाघर पर फिलिप्स कंपनी की 64 वाटरप्रूफ फ्लैश फसाड लाइटें लगाई गई हैं, जो अलग-अलग रंगों में रोशनी बिखेरती हैं। नगर पालिका की ओर से चौक की सड़कों, डिवाइडरों और रोशनी को भी बेहतर बनाने का काम किया जा रहा है। इसके साथ ही घंटाघर के आसपास की दुकानों के बोर्ड भी अयोध्या और लखनऊ के हजरतगंज की तर्ज पर एक समान रंग और प्रारूप में लगाने की योजना है। 

 

सभासद दिनेश चौरसिया के मुताबिक, नगर पालिका अध्यक्ष प्रवीण अग्रवाल की पहल पर यह काम कराया गया है। घंटाघर के सौंदर्यीकरण से चौक की खूबसूरती बढ़ने की उम्मीद है। वहीं, लोगों से शहर को साफ-सुथरा रखने और कचरा इधर-उधर न फेंकने की अपील भी की गई है।

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ओवैसी ने यूपी चुनाव पर भरोसा जताया, 99 बनाम 1 नारों के पीछे की राजनीति

Noida, Uttar Pradesh:Lucknow (Uttar Pradesh): Asaduddin Owaisi (AIMIM Chief) On Akhilesh Yadav /Ayodhya Seat/ Upcoming Up Polls/ Starlink/ Yesterday Riyadh Incident / India Bloc Protest In Delhi Today/ UP CM Yogi Adityanath/ CEC Gyanesh Kumar Sir Row AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी का कहना है, "आगामी 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के लिए हमारी सभी बैठकें बहुत सफल रही हैं। हमें उम्मीद है कि हमारे उम्मीदवार जीतेंगे और यूपी विधानसभा में पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा लगातार '80 बनाम 20' के नैरेटिव को दोहराने के संदर्भ में, आगामी चुनाव में असली मुकाबला असल में '99 बनाम 1' का होगा। 99% उत्तर प्रदेश के गरीब नागरिकों का प्रतिनिधित्व करते हैं, जबकि 1% वे लोग हैं जिन्होंने भारत की 40% संपत्ति पर कब्ज़ा कर रखा है और जिन्हें BJP के इकोसिस्टम का समर्थन प्राप्त है..." राहुल गांधी और एलन मस्क के बीच हुई बातचीत पर AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी कहते हैं, "हम उम्मीद करते हैं कि प्रधानमंत्री यह सुनिश्चित करेंगे कि देश में फैसले आम जनता के हित में लिए जाएं... यह दुर्भागपूर्ण है कि जब एलन मस्क जैसे लोग बयान देते हैं तो BJP का इकोसिस्टम कोई प्रतिक्रिया नहीं देता या कुछ नहीं कहता, जिससे ऐसे मामलों से निपटने में उनका दोहरा रवैया दिखता है..." INDIA ब्लॉक के विरोध प्रदर्शन पर AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी कहते हैं, "विरोध प्रदर्शन करना हर नागरिक का अधिकार है, जैसा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा है... मेरा INDIA ब्लॉक से कोई लेना-देना नहीं है... मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकता वे अपना कार्यक्रम जारी रख सकते हैं..." वे यह भी कहते हैं, "हम मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति से जुड़े कानून के प्रावधानों के खिलाफ हैं? और इसे SIR के साथ खत्म कर दिया जाना चाहिए। जहाँ तक INDIA ब्लॉक के CJI से मिलने जाने की बात है, तो हम एग्जीक्यूटिव (कार्यपालिका) का हिस्सा कैसे हैं? हम सांसद हैं। हम भारत के मुख्य न्यायाधीश से कैसे मिलेंगे?... अगर हमें कोई शिकायत है, तो वह प्रधानमंत्री के खिलाफ है... कुछ दिन पहले ही 'वन नेशन वन इलेक्शन' की स्टैंडिंग कमेटी सुप्रीम कोर्ट से मिलने की कोशिश कर रही थी, लेकिन सबने आवाज़ उठाई कि यह शक्तियों के बंटवारे (separation of powers) का उल्लंघन होगा। विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका अलग-अलग हैं, इसलिए इस बात का ध्यान रखा जाना चाहिए।" CEC ज्ञानेश कुमार के मामले पर AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी कहते हैं, "जब लोकसभा में यह बिल पेश किया गया था—कानून बनने से पहले ही—हमने चेतावनी दी थी कि आप जो कानून ला रहे हैं, उससे भारतीय जनता के बीच चुनाव आयोग की विश्वसनीयता कम हो जाएगी। ऐसा इसलिए है क्योंकि आप मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों को रिटायरमेंट के बाद कानूनी सुरक्षा देने का प्रावधान ला रहे हैं... इस कानून को रद्द कर दिया जाना चाहिए। इसके बजाय, प्रधानमंत्री और विपक्ष के नेता (LoP) के साथ-साथ भारत के मुख्य न्यायाधीश को भी इसमें शामिल किया जाना चाहिए..." वे यह भी कहते हैं, "इसके अलावा, यह SIR कहाँ से आया?... 10 करोड़ नाम हटा दिए गए हैं, फिर भी 'फॉर्म 6' आवेदनों की प्रोसेसिंग के दौरान आप उनकी मैपिंग करने पर ज़ोर दे रहे हैं..."
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1926-27 की Bentley कारों से जंगलमहल के आदिवासी गांव पहुँचे, संस्कृति से चकित

Jhargram, West Bengal:ভিন্টেজ কারে জঙ্গলমহল ভ্রমণ ব্রিটিশ পর্যটক এর。 ভিন্টেজ বেন্টলি গাড়ি চেপে ঝাড়গ্রামের আদিবাসী গ্রামে ব্রিটিশ দুই ভূপর্যটক জন ও রবার্ট, মুগ্ধ জঙ্গলমহলের লোকসংস্কৃতিতে বেন্টলির ‘স্পিড সিক্স’ মডেলের দু’টি ভিন্টেজ গাড়িতে চেপে বিশ্বভ্রমণে বেরিয়েছেন ইংল্যান্ডের রবার্ট উইলকিনসন ও জন ওয়ালটন। আমেরিকা, অস্ট্রেলিয়া, দক্ষিণ আমেরিকা ও দক্ষিণ-পূর্ব এশিয়া হয়ে দু''জন ভারত সফরে এসে জেন। সেই বিশ্বভ্রমণের যাত্রাপথে এবার জায়গা করে নিল জঙ্গলমহলের আদিবাসী গ্রাম। আদিবাসী সংস্কৃতি ও লোকনৃত্যে মুগ্ধ হলেন দুই ব্রিটিশ পর্যটক。 ব্রিটিশ রবার্ট ও জন দীর্ঘদিন ধরে অটোমোবাইল শিল্পে আমদানি করা গাড়ি বিক্রির কাজে যুক্ত ছিলেন। এক সময় কর্মক্ষেত্রে ছিলেন একে অপরের প্রতিদ্বন্দ্বী। সময়ের সঙ্গে বদলেছে সেই সম্পর্ক। ষাট বছর পেরিয়ে এখন তাঁরা বন্ধু ও সহযাত্রী। নিজেদের ১৯২৬ ও ১৯২৭ সালের দু’ টি ভিন্টেজ গাড়িতে চেপে তাঁদের বিশ্ব ভ্রমণ করছেন। আমিরিকার লাস ভেজাসের ঝলমলে শহর, থেকে আলাস্কার হিমশীতল প্রান্তর, আন্দিজ পর্বতমালা, আতাকামা মরুভূমি, বলিভিয়ার লবণাক্ত সমভূমির দুর্গম পথ পেরিয়ে তাঁদের বেন্টলি ঝাড়গ্রামে র আদিবাসী গ্রামে এসে পৌঁছেছে। রবিবার সকালে কলকাতা থেকে দু’টি ভিন্টজ বেন্টলি গাড়িতে চেপে দু''জন ঝাড়গ্রামের উদ্দেশে রওনা দেন । সকাল ১১টা নাগাদ নেদাবহড়া গ্রাম পঞ্চায়েতের পিয়ালগেড়িয়া গ্রামের এসে পৌঁছান। ভিন্টেজ গাড়ি দু’টির সঙ্গে ছিল একটি ক্যারাভানও। আদিবাসী রীতি মেনে গ্রামবাসীরা তাঁদের সংবর্ধনা জানান। স্থানীয় শিল্পীরা ধামসা-মাদল বাজিয়ে দং ও লাংড়ে নৃত্য পরিবেশন করেন। তাঁদের মাটির কাপে চা ও শালপাতায় বিস্কুট দিয়ে আপ্যায়ন করা হয়। শিল্পীদের কাছ থেকে মাদল বাজানো শেখার চেষ্টাও করেন রবার্ট। এরপর গ্রাম লাগোয়া জঙ্গলও ঘুরে দেখেন তাঁরা। আদিবাসী গ্রামজীবন, ঐতিহ্য ও লোকসংস্কৃতির পাশাপাশি লাংড়ে ও দং নাচের ছন্দে মুগ্ধ হন দুই পর্যটক। জয়ন্তী মুর্মু বলেন, দুই সাহেব আমাদের আদিবাসী নৃত্য দেখে মুগ্ধ হয়েছেন জেনে ভালো লাগছে। দোভাষীর মাধ্যমে তাঁদের ভালো লাগার কথা জানান। আমার সঙ্গে ছবিও তোলেন।জন ওয়ালটন বলেন, ভিন্টেজ গাড়ি নিয়ে দুই বন্ধু মিলে সারা পৃথিবী ঘুরে বেড়াচ্ছি। দু’দিন আগে লন্ডন থেকে কলকাতায় এসেছি। কলকাতা থেকে ২৪ অক্টোবরের মধ্যে ভিন্টেজ গাড়ি নিয়ে দিল্লি পৌঁছব। এখানে আসার আগে জঙ্গলমহলের হাতির কথা শুনেছি। গ্রামটি খুব সুন্দর। গ্রামবাসীদের আতিথেয়তায় খুব খুশি হয়েছে। এখানকার সংস্কৃতি দেখে মুগ্ধ হয়েছি। গ্রামের বাসিন্দা ভাগু মান্ডি বলেন, এমন গাড়ি আগে দেখিনি। স্থানীয় শিল্পীদের নাচও দেখেন। গ্ৰাম ঘুরে দেখেন। বিদেশিরা আমাদের গ্রাম দেখতে আসায় ভালো লাগছে। ঝাড়গ্রাম ট্যুরিজম সংস্থার কর্ণধার সুমিত দত্ত বলেন, বিদেশি পর্যটকরা ঝাড়গ্রামে আসেন। কিন্তু ষাটোর্ধ্ব দুই ব্রিটিশ নাগরিকের একশো বছরের পুরনো ভিন্টেজ গাড়িতে করে ঝাড়গ্রামে আসা আমাদের কাছে বাড়তি পাওনা। ভারতের একটি ভ্রমণ সংস্থা আমাদের সঙ্গে যোগাযোগ করেছিল। ব্রিটিশ দুই পর্যটককে ঝাড়গ্রামের জঙ্গল ও এখানকার মানুষের সংস্কৃতি দেখানোর কথা বলা হয়েছিল। দুই পর্যটক এখানে এসে আপ্লুত হয়েছেন। রাজ্য সরকার পর্যটনের প্রসারে উদ্যোগ নিয়েছে। আমরা চাই, বিশ্বের পর্যটন মানচিত্রে ঝাড়গ্রাম জায়গা করে নিক。 বাইট ১/ জন ওয়ালটন(পর্যটক) ২/সুমিত দত্ত ৩/ ঠাকুর মান্ডি
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न्यू टाउन सार्वभौमिक दुर्गा उत्सव समिति की पूजा आज उद्घाटन, सितारों की मौजूदगी में

Salt Lake City, Utah:The New Town Universal Durga Utsav Samity's puja was inaugurated today. The puja was inaugurated in the presence of a host of stars including Dilip Ghosh, Sukanta Majumdar, Tarun Jyoti Tiwari. নিউ টাউন সার্বজনীন দূর্গা উৎসব সমিতির পূজোর উদ্বোধন হয়ে গেল আজ। দিলীপ ঘোষ সুকান্ত মজুমদার তরুণজ্যোতি তিওয়ারি সহ এক ঝাক তারকাদের উপস্থিতিতে শুভ উদ্বোধন হলো এই পুজোর। এবছর নিউটাউন সার্বজনীন দুর্গোৎসব সমিতির পুজো পঞ্চম বছরে পা দিল। এ বছরে তাদের থিম পদ্মভূষণ। দেবী দুর্গা পদ্মের উপরে বিরাজমান সেই ছবি তুলে ধরা হয়েছে। একাধিক নৌকা দিয়ে তৈরি করা হয়েছে, পদ্মফুল। তার মাঝেই বসে রয়েছে দেবী দুর্গা। সুন্দরভাবে আলোক শয্যায় সজ্জিত করা হয়েছে গোটা মন্ডপ প্রাঙ্গণ। আরে শুভ উদ্বোধনের মধ্যে দিয়ে প্রত্যেকেই আশাবাদী গত বছরের রেকর্ড পার করে দেবে এ বছর প্রতিদিন লক্ষ লক্ষ মানুষ আসবেন এই পুজো দেখতে।
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दिलिप घोष के बयानों पर सियासी घमासान; दिल्ली-चर्चा और सुप्रीम कोर्ट विवाद

Salt Lake City, Utah:Dilip Ghosh Reaction on several political issue. দিলীপ ঘোষ, পঞ্চায়েত ও গ্রাম উন্নয়ন ইকোপার্ক, নিউটাউন 1.)বাংলাদেশ এর একরেরপর এক पोस्ट ছাত্র নেতৃত্বে।তাতে cjp কে ধোয়া দিতে শুরু করেছে।তাহলে কি cjp আন্দোলনের সঙ্গে বাংলাদেশর যোগ ? 2.)পৌর সভা নির্বাচনে প্রার্থী বাছাইয়ে এবাড় ড্রপ বক্স ? 3.) তাহলে কী নতুন মুখ? ৪.)ফের অভিষেক ব্যানার্জিকে সেক্সপিয়ার sroni স্থানায় তালব ৫.)১৩ তারিখ গড়ফা ও ১৪ তারিখ কসবা থানায় জিজ্ঞাসাবাদের জন্য ডেকে পাঠানো হলো বিকাশ রঞ্জন ভট্টাচার্য কে ৬.)রাহুলদের সাক্ষাতের আবেদন ফেলেন সুপ্রিম কোর্টের প্রধান বিচারপতি সূর্যকান্ত। প্রধান বিচারপতি সোমবার সময় দিয়েছেন বলে ইন্ডি জোটের তরফে দাবী করা হলেও রাতে কথাটা অস্বীকার করা হয় CJI-র তরফে। জ্ঞানেশ ইস্যুতে আজ সুপ্রিম কোর্ট অভিযান ইন্ডি জোট। ৭.)শনিবারের পর রবিবার ও দিল্লিতে অশান্তি পুলিশের সঙ্গে আন্দোলনকারীদের ধস্তাধস্তি আটকের বহু আন্দোলনকারী ৮.) মমতা আটক, অভিষেককে দেখা গেল না দিল্লীতে
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यूटिलिटी सर्टिफिकेट जमा नहीं करने से झारखंड को 700 करोड़ का नुकसान, सियासत तेज

Ranchi, Jharkhand:यूटिलिटी सर्टिफिकेट जमा नहीं करने की वजह से झारखंड को एकबार फिर से 700 करोड़ का नुकसान हुआ है।15 वे आयोग के 2000 करोड़ रुपए तो ग्रामीण कार्य विभाग को प्राप्त हुआ पर 700 करोड़ की उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा करने में देरी की वजह है केंद्र ने ये पैसा रोक दिया है。 पैसे रोके जाने पर अब झारखंड में राजनीति शुरू हो चुकी है। झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय प्रवक्ता मनोज पांडे ने कहा कि झारखंड के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है भाजपा शासित प्रदेशों ने यूटिलिटी सर्टिफिकेट नहीं दिया फिर भी उन्हें पैसे मिल जाते हैं।और हमारे पैसे काट लिए जाते हैं।हमारा दोष यही है कि हम एक आदिवासी स्टेट हैं और यहां का मुख्यमंत्री आदिवासी है। उन्होंने कहा कि इस देश की प्रगति के लिए हम अग्रिम भूमिका निभाते हैं देशभर को कोयला और अभ्रक देते हैं और हमें हमारा हक तक नहीं दिया जाता है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि बिहार के पैसे कभी नहीं रोक जाते, मध्य प्रदेश के पैसे कभी नहीं रोक जाते क्योंकि वहां भाजपा की सरकार होती है。 इधर झारखंड कांग्रेस ने भी केंद्र की सरकार पर जमकर हमला बोला है। कांग्रेस के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने कहा कि केंद्र सरकार का यह सौतेلापन व्यवहार है कि हमें पैसे नहीं दिए जाते। उपयोगिता प्रमाण पत्र देने में थोड़ी देरी क्या हो गई यह हमारे पैसे नहीं दे रहे हैं।हमारे 700 करोड रुपए हड़पना चाहते हैं。 वहीं भाजपा ने राज्य की सरकार को कोसते हुए कहा कि राज्य सरकार की स्थिति दुर्भाग्यपूर्ण है।जनता का पैसा गांव का पैसा जो केंद्र की सरकार दे रही है उसे भी यह लोग नहीं ले पाते हैं।कभी सर्टिफिकेट के नाम पर नहीं ले पाए तो कभी काम ही नहीं करते हैं। यहां की सरकार अपने ही जनता के साथ छल कर रही है।केंद्र की सरकार पैसा देने को तैयार है लेकिन यह ले ही नहीं पाते हैं。
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बोकारो के जंगलों में हाथियों का डेरा, लोग घरों से बाहर नहीं निकल रहे

Bokaro Steel City, Jharkhand:बोकारो में हाथियों का झुंड अभी भी गोमिया के तिरला, होन्हे क्षेत्र के जंगलों में डेरा डाले हुए है जहां कभी कभी रिहायशी इलाके में घुसते देखा जा रहा है जहां आप देख सकते है कि रतजगा कर फॉरेस्ट विभाग की क्विक रिस्पांस की टिम के द्वारा किस तरह से हाथियों को खदेड़ा जा रहा है। हाथियों की संख्या 32 बताई जा रही है जिसमे नन्हे हाथी भी है। इस क्षेत्र के रहने वाले लोग शाम ढलने के बाद घर से निकलना छोड़ दिया है जहां पिछले दिनों हुई घटना के बाद दिन में ही बाहर का काम निपटाकर लोग घरों में चले जाते है। कभी कभी खाने को लेकर हाथी भटक जाता है और गांव में रात के अंधेरे में प्रवेश कर जाता है इसलिए वन विभाग के द्वारा लोगो को सतर्क रहने के लिए कहा गया है。
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इटावा: कांशीराम कॉलोनी के शौचालय में फंदे पर लटका मिला मजदूर का शव, पत्नी से विवाद के बाद घर से निकला था शख्‍स

Gaurav GuptaGaurav GuptaFollow3m ago
Bharthana, Uttar Pradesh:

इटावा के भरथना थाना क्षेत्र के नगला गुदे स्थित कांशीराम कॉलोनी में एक मजदूर का शव संदिग्ध परिस्थितियों में शौचालय के अंदर फंदे पर लटका मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले की जानकारी जुटाई, लेकिन परिजनों ने कानूनी कार्रवाई कराने से इनकार कर दिया। मृतक की पहचान 35 वर्षीय राजेश कुमार बंजारा पुत्र दयाराम बंजारा निवासी माखनपुर, थाना बसरेहर, जनपद इटावा के रूप में हुई है। राजेश पिछले करीब डेढ़ महीने से पत्नी खुशबू और अपने चार बच्चों के साथ कांशीराम कॉलोनी में रह रहा था। परिवार के भरण-पोषण के लिए वह फेरी लगाकर मजदूरी करता था। उसके परिवार में एक बेटी और तीन बेटे हैं। मृतक की पत्नी खुशबू के मुताबिक, शनिवार देर शाम पति-पत्नी के बीच कहासुनी हुई थी, जिसके बाद राजेश घर से बाहर चला गया। कुछ समय बाद वापस लौटकर वह शौचालय में चला गया। काफी देर तक बाहर नहीं निकलने पर घटना की जानकारी हुई। उस समय बच्चे सो रहे थे। सूचना मिलने पर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जानकारी जुटाई। परिजनों द्वारा कार्रवाई से इनकार किए जाने के बाद शव को पैतृक गांव माखनपुर, बसरेहर ले जाया गया। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। संवाददाता गौरव गुप्ता, भरथना।

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