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क congress ने ओमप्रकाश राजभर पर अवसरवादी ठग-आरोप लगाए

Noida, Uttar Pradesh:लखनऊ, उत्तर प्रदेश: कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने कहा, "...ओमप्रकाश राजभर से अवसरवादी कोई है? बसपा से शुरुआत जिस आदमी ने की हो, जिसने पहले बसपा को ठगा, फिर सोनेलाल को ठगा, फिर समाजवादी पार्टी में आया, फिर भारतीय जनता पार्टी में गया, फिर समाजवादी पार्टी से समझौता करके विधायक जीताए और भारतीय जनता पार्टी में जाकर मंत्री बन गया। ये शख्स तो इतना बड़ा ठग है, इतना बड़ा अवसरवादी है? कि ये अपने समाज को, राजभरों को भी ठग रहा है? और अब चुनाव आ गया है? तो फिर से ठगने की तैयारी कर रहा है। ठग किसी दूसरे के ऊपर क्या आरोप लगाएगा।"
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चौसा रामलीला पर तालाबंदी से उग्र विरोध: 101 साल की परंपरा पर संकट

Buxar, Bihar:बक्सर के चौसा में 101 वर्षों से चली आ रही रामलीला पर विवाद खड़ा हो गया है। रामलीला मंच पर नगर पंचायत की ओर से तालाबंदी किए जाने के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। नाराज ग्रामीणों ने नगर पंचायत कार्यालय में ही तालाबंदी कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। ग्रामीणों की मांग है कि कार्यपालक पदाधिकारी रानी कुमारी मौके पर पहुंचकर पूरे ग्रामीण समाज से माफी मांगें, अन्यथा आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। दरअसल, बक्सर के चौसा में 101 वर्षों से रामलीला कमेटी के माध्यम से रामलीला का मंचन किया जाता रहा है। ग्रामीणों के अनुसार कल नगर पंचायत की कार्यपालक पदाधिकारी रानी कुमारी ने रामलीला मंच पर तालाबंदी कर दी। इस कार्रवाई के बाद ग्रामीणों में नाराजगी फैल गई और रामलीला मंचन का कार्यक्रम रोक दिया गया। इसके विरोध में आक्रोशित ग्रामीणों ने नगर पंचायत कार्यालय पहुंचकर कार्यपालक पदाधिकारी के कार्यालय में भी तालाबंदी कर दी और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से चली आ रही रामलीला क्षेत्र की परंपरा और आस्था से जुड़ी हुई है।
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राघोपुर नाव हादसा: 13 बच्चों की मौत के बाद नेताओं की तीखी प्रतिक्रिया

Patna, Bihar:वैशाली जिले के राघोपुर थाना क्षेत्र के रामपुर श्यामचंद पंचायत में हुए दर्दनाक नाव हादसे में 13 बच्चों की मौत के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। मंगलवार देर रात एक जर्जर नाव पलटने से यह हादसा हुआ। नाव पर सवार लोग श्राद्ध भोज में शामिल होने जा रहे थे। हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों और एसडीआरएफ की टीम ने रातभर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। घटना को लेकर नेताओं ने शोक जताने के साथ नाव परिचालन और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। बाइट -- डॉ संजय जायसवाल, भाजपा सांसद राघोपुर नाव हादसे को बीजेपी सांसद संजय जायसवाल ने बेहद दुखद बताया है। उन्होंने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई। संजय जायसवाल ने कहा कि सरकार घटना का आकलन करेगी और जो भी दोषी होंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से नाव परिचालन को लेकर गाइडलाइन जारी की गई थी, इसके बावजूद रात में नाव चलने पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने नागरिकों से भी प्रशासन के नियमों का पालन करने की अपील की। बाइट -- चिराग पासवान, केंद्रीय मंत्री व राष्ट्रीय अध्यक्ष, लोजपा रामविलास केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने राघोपुर नाव हादसे पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुखद घटना है और मासूम बच्चों की मौत से सभी लोग दुखी हैं। चिराग पासवान ने बताया कि वह रातभर से जिला प्रशासन और पीड़ित परिवारों के संपर्क में हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री को भी घटना से अवगत कराया है और आज खुद राघोपुर पहुंचकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात करने की बात कही। चिराग पासवान ने कहा कि केंद्र और बिहार सरकार की ओर से घोषित राहत राशि पीड़ित परिवारों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर ग्रामीणों ने नाव की मांग की थी और उन्हें नाव उपलब्ध नहीं कराई गई, तो यह गंभीर मामला है। हादसे में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। बाइट -- पप्पू यादव, पूर्णिया सांसद पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने पटना पहुंचकर राघोपुर नाव हादसे को लेकर सरकार और जिला प्रशासन पर सवाल उठाए। उन्होंने बाढ़ से 300 से अधिक लोगों की मौत का दावा करते हुए सरकार से मुआवजे पर जवाब मांगा। पप्पू यादव ने लगातार हो रही नाव दुर्घटनाओं पर चिंता जताई और हादसों के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने सरकार पर संवेदनहीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि लगातार लोगों की मौत के बावजूद ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने पर्व के दौरान भागलपुर में पुल बंद होने से लोगों को हो रही परेशानी पर भी नाराजगी जताई। बाइट -- भाई वीरेंद्र, राजद विधायक राजद के वरिष्ठ नेता और विधायक भाई वीरेंद्र ने राघोपुर नाव हादसे को लेकर जिला प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि जब नाव परिचालन पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए थे, तो रात में नाव कैसे चल रही थी? भाई वीरेंद्र ने कहा कि नाव परिचालन पर रोक के बावजूद नाव चलने को लेकर प्रशासन को जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर नाव परिचालन को लेकर पहले से ठोस कदम उठाए गए होते, तो इस तरह की घटना को रोका जा सकता था। भाई वीरेंद्र ने हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई। वहीं, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव के आज अपने विधानसभा क्षेत्र में हादसे से प्रभावित परिवारों से मुलाकात करने की बात कही गई है। बाइट -- श्याम रजक, जेडीयू वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री जेडीयू के वरिष्ठ नेता और बिहार सरकार के पूर्व मंत्री श्याम रजक ने राघोपुर नाव हादसे को लेकर प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने नावों के पंजीकरण और परिचालन को लेकर कई नियम बनाए हैं, लेकिन इसके बावजूद रात में नावों का परिचालन होना चिंता का विषय है। श्याम रजक ने कहा कि केवल नियम बनाने से काम नहीं चलेगा, बल्कि उनका सख्ती से पालन भी सुनिश्चित करना होगा। उन्होंने हादसे की उच्चस्तरीय जांच कराने और नाव मालिकों के साथ लापरवाही बरतने वाले प्रशासनिक अधिकारियों की जवाबदेही तय कर कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने मुख्यमंत्री से उच्चस्तरीय कमेटी गठित करने या बैठक बुलाकर घटना की समीक्षा करने की अपील की। श्याम रजक ने मृतकों के परिजनों को नियमानुसार चार-चार लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा का जिक्र करते हुए कहा कि पीड़ित परिवारों को राहत देने के साथ भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना भी जरूरी है। बाइट -- उदय सिंह, राष्ट्रीय अध्यक्ष, जनसुराज पार्टी जनसुराज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय सिंह ने राघोपुर नाव हादसे पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि यह घटना बेहद मर्माहत करने वाली है। उदय सिंह ने कहा कि हादसे में जिन लोगों की लापरवाही सामने आएगी, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
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चरखी दादरी की हीरा चौक रामलीला शहर की सांस्कृतिक पहचान बन गई

Charkhi Dadri, Haryana:हीरा चौक की रामलीला बनी शहर की सांस्कृतिक पहचान, संवाद और अभिनय के जरिए जीवंत हो रहे रामायण के प्रसंग; भगवान श्रीराम की बारात और रावण दहन को लेकर हर साल उमड़ता है श्रद्धालुओं का जनसैलाब चरखी दादरी। शहर के मुख्य हीरा चौक पर आयोजित होने वाली ऐतिहासिक रामलीला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि चरखी दादरी की सांस्कृतिक विरासत, आस्था और आपसी भाईचारे की पहचान बन चुकी है। 100 साल से अधिक पुरानी इस परंपरा को वर्ष 2026 में श्री रामलीला कमेटी शहर, चरखी दादरी द्वारा 101वें वर्ष में आगे बढ़ाया जा रहा है। समय बदला, पीढ़ियां बदलीं और कलाकारों की नई टोली मंच पर आई, लेकिन भगवान श्रीराम की लीलाओं का मंचन करने की परंपरा आज भी उसी श्रद्धा और उत्साह के साथ कायम है। रामलीला के मंच पर कलाकार जब रामायण के प्रसंगों को संवाद, गायन और अभिनय के माध्यम से जीवंत करते हैं, तो दर्शक त्रेतायुग की कथाओं से जुड़ जाते हैं। ताड़का वध, सीता स्वयंवर, कैकेयी का कोपभवन और लक्ष्मण-मेघनाद युद्ध जैसे प्रसंग दर्शकों को धर्म, मर्यादा, त्याग और सत्य की राह पर चलने का संदेश देते हैं। रामलीला में वर्षों से अभिनय कर रहे कलाकारों का कहना है कि यह मंच उनके लिए केवल अभिनय का माध्यम नहीं, बल्कि आस्था और परंपरा से जुड़ने का अवसर है। कलाकारों के अनुसार, उनके पूर्वजों और गुरुओं ने जिस परंपरा को शुरू किया और संभालकर रखा, वे उसी विरासत को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं। वहीं, नए कलाकार भी इस सांस्कृतिक धरोहर का हिस्सा बनकर गौरव महसूस करते हैं। कलाकारों का मानना है कि रामलीला की परंपरा को जीवित रखने के लिए नई पीढ़ी की भागीदारी बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य से युवा कलाकार भी मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाते हुए धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़ रहे हैं। चरखी दादरी की रामलीला की प्रमुख विशेषताओं में भगवान श्रीराम की भव्य बारात शामिल है। बारात शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरती है और इसमें शामिल धार्मिक झांकियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनती हैं। इस आयोजन को देखने के लिए शहर के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। शारदीय नवरात्र के दौरान होने वाला रामलीला मंचन विजयदशमी यानी दशहरे पर रावण दहन के साथ संपन्न होता है। इस दौरान पूरा वातावरण धार्मिक उत्साह से सराबोर नजर आता है। एक सदी से अधिक समय से चली आ रही यह परंपरा चरखी दादरी के लोगों को एक मंच पर जोड़ने का काम कर रही है। रामलीला के माध्यम से धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक समरसता, आपसी भाईचारे और मर्यादित जीवन के संदेश को भी आगे बढ़ाया जा रहा है। समय के साथ आयोजन के प्रचार-प्रसार के तरीके भी बदले हैं। डिजिटल माध्यमों और लाइव प्रसारण के जरिए रामलीला अधिक लोगों तक पहुंच रही है। इससे वे लोग भी इस आयोजन से जुड़ सकते हैं, जो किसी कारणवश मौके पर उपस्थित नहीं हो पाते। चरखी दादरी की 101वें वर्ष की रामलीला इस बात की मिसाल है कि जब किसी परंपरा को पीढ़ियां अपने जिम्मेदारी समझकर आगे बढ़ाती हैं, तो वह केवल इतिहास का हिस्सा नहीं रहती, बल्कि शहर की पहचान बन जाती है। हीरा चौक की यह रामलीला आज भी आस्था, संस्कृति और पूर्वजों की विरासत को जीवंत रखने का संदेश दे रही है।
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16 वर्षीय नाबालिग के शोषण मामले में आरोपी 34 वर्षीय परमानंद कंवर गिरफ्तार

Darogapara, Chhattisgarh:एनकर-16 वर्षीय नाबालिग बालिका को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने और शादी का प्रलोभन देकर शारीरिक शोषण करने के आरोप में रैरूमाखुर्द पुलिस ने 34 वर्षीय आरोपी परमानंद कंवर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस ने बालिका को ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले से सकुशल बरामद किया है। वहीं, घटना में प्रयुक्त पल्सर मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है। पुलिस के अनुसार, 25 सितंबर 2026 को बालिका के पिता ने पुलिस चौकी रैरूमाखुर्द में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी 16 वर्षीय बेटी रात में अपने कमरे में सोई थी, लेकिन अगली सुबह वह घर से गायब मिली। परिजनों ने आसपास तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा बहला-फुसलाकर ले जाने की आशंका पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 302/2026 के तहत धारा 137(2) बीएनएस में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि बालिका को ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले के हिमगीर थाना क्षेत्र अंतर्गत रेगारपानी, भोगराकछार निवासी परमानंद कंवर अपने घर में रखे हुए है। सूचना मिलते ही रैरूमाखुर्द पुलिस की टीम ओडिशा रवाना हुई और आरोपी के घर से बालिका को बरामद कर लिया। उस समय आरोपी मौके से फरार था। आवश्यक कार्रवाई और काउंसलिंग के बाद बालिका को उसके पिता के सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस के मुताबिक, बालिका के बयान में आरोपी द्वारा शादी का प्रलोभन देकर मोटरसाइकिल से उसे रेगारपानी ले जाने और लगातार शारीरिक शोषण किए जाने की बात सामने आई। इसके बाद मामले में आरोपी परमानंद कंवर, पिता छवि कंवर, उम्र 34 वर्ष, के विरुद्ध धारा 62(2)(ड) बीएनएस तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 4 और 6 जोड़ी गईं। बालिका का मेडिकल परीक्षण भी कराया गया। फरार आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस ने उसे उसके गांव के मुख्य मार्ग पर पल्सर मोटरसाइकिल के साथ पकड़ लिया। पूछताछ के बाद पुलिस ने घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल क्रमांक CG 13 AW 1784 को जब्त कर लिया। आरोपी के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य जुटाने के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
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मौसम के कारण फूलों के दाम गिरे, गेंदा-गुलाब किसान घाटे में

Agar, Madhya Pradesh:ऐंकर — मौसम की मार… उत्पादन की भरमार… और बाजार में फूलों के गिरते दाम! जिस गेंदा और गुलाब की खेती से किसानों को अच्छी कमाई की उम्मीद थी, वही अब उनके लिए घाटे का सौदा बनती जा रही है। आगर-मालवा में तापमान बढ़ने से फूल समय से पहले खिल गए, तो दूसरी ओर उत्पादन ज्यादा होने और बड़े शहरों की मंडियों में मांग कमजोर रहने से फूलों के दाम जमीन पर आ गए हैं। हालात ये हैं कि थोक मंडी में करीब दस टन फूल पहुंच रहे हैं, लेकिन गेंदा दो से पांच रुपए किलो तक बिक रहा है। गुलाब की बेहतरीन क्वालिटी के भी महज 30 से 40 रुपए किलो मिल पा रहे हैं। एक बीघा गेंदा उगाने में करीब 25 हजार रुपए खर्च करने वाले किसानों को लागत निकालना भी मुश्किल हो रहा है। नौबत यहां तक है कि करीब दस किलो फूलों की पोटली बेचने पर किसानों को सिर्फ 30 से 40 रुपए मिल रहे हैं। यानी फूल उगाने, तोड़ने और मंडी तक लाने की मेहनत के बाद मिलने वाली रकम से बाइक में लगने वाले पेट्रोल का खर्च निकालना भी मुश्किल है। एक तरफ मौसम की वजह से समय से पहले तैयार हुई फसल, दूसरी तरफ जरूरत से ज्यादा उत्पादन और बाजार में कमजोर मांग… इन तीन वजहों ने फूल उत्पादकों की कमाई पर बड़ा संकट खड़ा कर दिया है।
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