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SECएल बिश्रामपुर में 11 केवी तार चोरी की कोशिश से युवक मौत; सुरक्षा पर सवाल

OTOP TIWARIJust now
Surajpur, Chhattisgarh:एसईसीएल बिश्रामपुर में एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जहां चालू बिजली के 11 केवी तार की चोरी करने पहुंचे एक युवक की करंट की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई, घटना एसईसीएल बिश्रामपुर के टीपी सब स्टेशन की बताई जा रही है,जहां एक युवक सब-स्टेशन के भीतर घुसकर 11 केवी के चालू बिजली तार को काटने का प्रयास कर रहा था, इसी दौरान वह हाई वोल्टेज करंट की चपेट में आ गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई, घटना की सूचना मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया,मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, घटनास्थल से प्लास, कटर और आरी ब्लेड बरामद होने की जानकारी सामने आई है, बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त सब स्टेशन में केवल दो कर्मचारी मौजूद थे, जबकि सुरक्षा के लिए मौके पर कोई सुरक्षा प्रहरी तैनात नहीं था, घटना के बाद जब मृतक के परिजन मौके पर पहुंचे तो एसईसीएल कर्मचारियों ने उन्हें सब स्टेशन के भीतर जाने से रोक दिया, जिसमें परिजनों में नाराजगी है,हम आपको बता दें एसईसीएल बिश्रामपुर की कोयला खदानों और बिजली सब स्टेशनों में चोरी की घटनाएं लंबे समय से चिंता का विषय बनी हुई हैं, इससे पहले भी कई बार चोरों द्वारा कर्मचारियों को बंधक बनाकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया जा चुका है, वहीं सुरक्षा में तैनात त्रिपुरा राइफल्स के जवानों के साथ मारपीट की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं, ऐसे में एक बार फिर बिजली तार चोरी करने की कोशिश में युवक की मौत ने एसईसीएल की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं
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जयसिंहनगर वन परिक्षेत्र: तेंदुए की मौत से गश्ती व्यवस्था पर उठे सवाल

Shahdol, Madhya Pradesh:ब्रेकिंग, जयसिंहनगर वन परिक्षेत्र में वन्यजीवों की सुरक्षा पर सवाल, तेंदुए की मौत के बाद वन विभाग की गश्ती व्यवस्था कटघरे में! शहडोल -जयसिंहनगर वन परिक्षेत्र में वन्यजीवों की लगातार हो रही मौतों और हमलों ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बिजहा बीट में तेंदुए की मौत का मामला सामने आने के बाद वन विभाग में हड़कंप मचा है। इसके पहले इसी क्षेत्र में तेंदुए ने एक मासूम बच्ची को अपना शिकार बनाया था, जिसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी। लगातार घटनाओं के बावजूद वन्यजीवों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था में सुधार होता नजर नहीं आ रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर जयसिंहनगर वन परिक्षेत्र में नियमित गश्ती क्यों नहीं हो रही है? स्थानीय स्तर पर गश्ती को लेकर सवाल उठ रहे हैं, आरोप है कि कागजों में गश्ती की बातें होती हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका असर नजर नहीं आता। अब सवाल यह है कि वन्यजीवों की मौत और मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं की जिम्मेदारी आखिर कौन लेगा? क्या वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी गश्ती व्यवस्था की समीक्षा कर लापरवाह जिम्मेदारों पर कार्रवाई करेंगे?
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ग्वालियर के खिलाड़ियों ने विश्व आर्म रेसलिंग में मारी धमाकेदार जीत, रोहित को दो कांस्य

Morena, Madhya Pradesh:विश्व आर्म रेसलिंग चैंपियनशिप में ग्वालियर का परचम, रोहित ने जीते दो कांस्य, सिमरन और सलोनी को रजत पदक हेमंत की बहन सिमरन ने विपरीत परिस्थितियों में हासिल की विश्वस्तरीय सफलता, वीर गुर्जर ने भी कांस्य पदक जीतकर बढ़ाया देश का मान ग्वालियर। नई दिल्ली में 26 अक्टूबर से 7 नवंबर तक आयोजित 47वीं वर्ल्ड आर्म रेसलिंग एवं 28वीं वर्ल्ड पैरा आर्म रेसलिंग चैंपियनशिप 2026 में ग्वालियर के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश और शहर का नाम रोशन किया है। प्रतियोगिता में ग्वालियर के रोहित सिंह ने सीपी (सेरेब्रल पाल्सी) श्रेणी के 50 किलोग्राम भार वर्ग में दो कांस्य पदक जीतकर विशेष उपलब्धि हासिल की। वहीं सिमरन राठौर ने ब्लाइंड कैटेगरी में रजत पदक, सलोनी ने रजत पदक और वीर गुर्जर ने सामान्य श्रेणी में कांसे medal जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। इन उपलब्धियों में रोहित सिंह का प्रदर्शन विशेष रूप से प्रेरणादायी रहा। रोहित जन्म से ही 80 प्रतिशत दिव्यांग हैं, लेकिन शारीरिक चुनौतियों को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। कठिन अभ्यास, मजबूत इच्छाशक्ति और खेल के प्रति समर्पण के दम पर उन्होंने विश्व चैंपियनशिप में दो कांस्य पदक अपने नाम किए। उनकी यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि दृढ़ संकल्प और आत्मविश्वास के सामने शारीरिक बाधाएं भी रास्ता नहीं रोक सकतीं। वहीं सिमरन राठौर की उपलब्धि ने इस विश्व चैंपियनशिप को ग्वालियर के लिए और भी भावनात्मक एवं गौरवपूर्ण बना दिया। सिमरन, हेमंत की प्यारी बहन हैं। शीतला माता मंदिर हादसे में हेमंत ने अपनी जान गंवा दी थी। परिवार के लिए यह बेहद कठिन समय था, लेकिन विपरीत परिस्थितियों के बीच सिमरन ने हौसला बनाए रखा और विश्व चैंपियनशिप में ब्लाइंड कैटेगरी में रजत पदक जीतकर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे ग्वालियर और देश को गौरवान्वित किया। उनकी यह उपलब्धि संघर्ष, साहस और आत्मबल की प्रेरक कहानी बन गई है। इसी तरह सलोनी ने रजत पदक जीतकर अपनी खेल प्रतिभা का परिचय दिया, जबकि वीर गुर्जर ने सामान्य श्रेणी में कांस्य पदक हासिल कर ग्वालियर की पदक तालिका में एक और उपलब्धि जोड़ दी। उल्लेखनीय है कि विश्व आर्म रेसलिंग फेडरेशन के तत्वावधान में आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता की मेजबानी भारत ने पहली बार की। नई दिल्ली में आयोजित इस चैंपियनशिप में 60 से अधिक देशों के 1,700 से अधिक खिलाड़ियों, अधिकारियों एवं खेल प्रतिनिधियों ने सहभागिता की。 ग्वालियर के खिलाड़ियों की इस शानदार सफलता पर ग्वालियर आर्म रेसलिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. केशव पांडेय ने आइकॉन सेंटर, पड़ाव में सभी पदक विजेता खिलाड़ियों का सम्मान किया। उन्होंने खिलाड़ियों का मुंह मीठा कराकर उन्हें बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर डॉ. केशव पांडेय ने कहा कि यह हम सभी के लिए अत्यंत गौरव और प्रसन्नता का क्षण है कि ग्वालियर के आर्म रेसलर्स विश्व चैंपियनशिप जैसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। विशेष रूप से दिव्यांग खिलाड़ियों ने अपनी शारीरिक चुनौतियों के बावजूद जिस आत्मविश्वास, परिश्रम और संकल्प के साथ देश का नाम रोशन किया है, वह पूरे समाज के लिए प्रेरणादायी है। रोहित और सिमरन जैसे खिलाड़ियों की सफलता बताती है कि प्रतिभा किसी शारीरिक सीमा की मोहताज नहीं होती। ऐसे खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करना और उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराना हम सभी की जिम्मेदारी है। डॉ. पांडेय ने कहा कि ग्वालियर में आर्म रेसलिंग की प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए एसोसिएशन निरंतर प्रयासरत रहेगी, ताकि यहां के खिलाड़ी भविष्य में भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाते रहें。
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