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BBBINDU BHUSHAN THAKURFollow21 Oct 2024, 12:44 pm
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तमनार पुलिस ने मोबाइल टावर बैटरी चोरी के आरोपी गिरफ्तार कर जेल भेजा

Darogapara, Chhattisgarh:एंकर:-तमनार पुलिस ने मोबाइल टावर से बैटरी चोरी के मामले में फरार चल रहे आरोपी हेमंत राठिया (25), निवासी बासनपाली को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। आरोपी ने अपने साथी रजनीकांत सिदार के साथ मिलकर इंदिरानगर पेट्रोल पंप के सामने थर्मल पावर प्लांट तमनार के मोबाइल टावर से 6 नग एक्साइड बैटरियां चोरी की थीं। पुलिस के मुताबिक, 30 सितंबर 2026 को चन्द्रसेन कुर्रे ने थाना तमनार में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मोबाइल टावर के निरीक्षण के दौरान सेल्टर का ताला टूटा मिला और अंदर रखी 6 एक्साइड बैटरियां, कीमत करीब 30 हजार रुपये, गायब थीं। मामले में अपराध क्रमांक 250/2026 के तहत धारा 331(4), 305, 3(5) बीएनएस में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस ने पहले आरोपी रजनीकांत सिदार को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने हेमंत राठिया के साथ मिलकर लोहे की रॉड से सेल्टर का ताला तोड़कर बैटरियां चोरी करना स्वीकार किया। उसकी निशानदेही पर इंदिरानगर भट्ठी के सामने अमरैया के झुरमुट से 4 बैटरियां बरामद की गई थीं। वहीं, वारदात के बाद से फरार चल रहे हेमंत राठिया की पुलिस लगातार तलाश कर रही थी। उसे हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर उसने भी चोरी में शामिल होना स्वीकार किया। आरोपी की निशानदेही पर 2 नग एक्साइड बैटरियां, कीमत करीब 10 हजार रुपये, बरामद कर ली गईं। इस तरह पुलिस ने दोनों आरोपियों से चोरी की सभी 6 बैटरियां, कुल कीमत करीब 30 हजार रुपये, बरामद कर ली हैं। आरोपी हेमंत राठिया को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
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संभल के बिचैटा गांव में चोरों ने नकब लगाकर 25 हजार नकद व जेवर चोरी होने की गृहस्वामिनी ने दी जानकारी

houseAkroli, Uttar Pradesh:बिचैटा गांव में चोरों का धावा, नकब लगाकर 25 हजार नकद व जेवर चोरी दूसरे घर में आहट होने पर भागे चोर, गांव में दहशत का माहौल चोरी की सूचना पर पुलिस जांच में जुटी, थाना प्रभारी ने घटना की जानकारी से किया इनकार कुढ़फतेहगढ़ थाना क्षेत्र के बिचैटा गांव में मंगलवार रात दो घरों में चोरी के प्रयास का मामला सामने आया है। उदयवीर के घर में पीछे से नकब लगाकर चोर कमरे में घुसे और बक्से व संदूक से 25 हजार रुपये नकद तथा सोने-चांदी के जेवरात चोरी कर ले गए। सुबह करीब चार बजे पत्नी रीना देवी के उठने पर घटना की जानकारी हुई। वहीं राहुल मौर्य के घर में भी नकब लगाने का प्रयास किया गया, लेकिन आहट होने पर चोर भाग निकले। पीड़ितों ने पुलिस को सूचना दी। हालांकि थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार वर्मा ने गांव में चोरी की सूचना मिलने से इनकार किया है। जबकि गृह स्वामिनी ने पूरे मामले की जानकारी दी है
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राजगढ़ में 17 वर्षीय नाबालिग की हत्या, जंगल में शव मिलने से राज खुला

Bhopal, Madhya Pradesh:राजगढ़ में 17 वर्षीय नाबालिग की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। सात दिन से लापालाग नाबालिग का शव मलावर थाने क्षेत्र के जंगल से बरामद हुआ है। जिस युवक पर उसे भगाकर ले जाने का संदेह था, उसकी भी उसी दिन सड़क हादसे में मौत हो गई थी। इसके बाद पुलिस ने साइबर इन्वेस्टिगेशन, कॉल डिटेल और मोबाइल लोकेशन के जरिए जांच आगे बढ़ाई तो जंगल में नाबालिग का सिर कटा शव जंगल मे मिला। पुलिस ने अब हत्या का मामला दर्ज कर पूरे घटनाक्रम की पड़ताल शुरू कर दी है। 30 सितंबर को दर्ज हुई थी अपहरण की रिपोर्ट मामला 30 सितंबर का है। राजगढ़ कोतवाली में 17 वर्षीय नाबालिग के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई गई थी। परिजनों ने जामोन्या गणेश निवासी अनुराग उर्फ अंकित पर उसे अपने साथ ले जाने का संदेह जताया था। पुलिस उसकी तलाश में जुटी ही थी कि इसी दौरान पता चला कि मलावर थाना क्षेत्र के पगारी बंग्ला के पास अनुराग उर्फ़ अंकित की बाइक ट्रक से टकरा गई और हादसे में उसकी मौत हो गई। कॉल डिटेल और लोकेशन से जंगल तक पहुंची पुलिस नाबालिग की तलाश में पुलिस ने साइबर तकनीक, कॉल डिटेल और मोबाइल लोकेशन की मदद ली। जांच के दौरान युवक की लोकेशन मलावर थाना क्षेत्र के जंगल में मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने जंगल में सर्चिंग की, जहां करीब सात दिन से लापता नाबालिग का शव बेहद खराब हालत में बरामद हुआ। घटनास्थल से पुलिस को एक आरी भी मिली है। वहीं एक पेड़ पर रस्सी भी लटकी हुई मिली। पुलिस अब घटनास्थल से मिले साक्ष्यों को जांच का हिस्सा बनाकर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है। रिश्तेदार से पूछताछ में सामने आई अहम जानकारी जांच के दौरान पुलिस अनुराग उर्फ़ अंकित के एक रिश्तेदार तक भी पहुंची। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में सामने आया कि अनुराग नाबालिग को लेकर जंगल की तरफ गया था। बाद में लौटकर उसने कथित तौर पर बताया कि उसने लड़की को मार दिया है और अब वह जा रहा है। इसके कुछ समय बाद ही अनुराग की सड़क हादसे में मौत हो गई। प्रेम संबंध की बात, लेकिन हत्या की वजह अब भी जांच में पुलिस जांच में अनुराग और नाबालिग के बीच प्रेम संबंध होने की बात भी सामने आई है। बताया जा रहा है कि अनुराग उर्फ़ अंकित पहले क्रेड़ी क्षेत्र से नाबालिग को अपने साथ ले गया था। हालांकि जंगल में नाबालिग की मौत किन परिस्थितियों में हुई और हत्या की वजह क्या थी, पुलिस इसकी जांच कर रही है। मामले में फिलहाल कोई प्रत्यक्षदर्शी सामने नहीं आया है। पुलिस ने अपहरण की रिपोर्ट और युवक की सड़क दुर्घटना के मर्ग से जांच शुरू की थी। अब नाबालिग का शव मिलने के बाद हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस कॉल डिटेल, मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज, घटनास्थल से मिले साक्ष्य और पूछताछ में सामने आई जानकारी के आधार पर मामले की हर कड़ी की जांच कर रही है।
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झारखंड मुक्ति मोर्चा की केंद्रीय उपाध्यक्ष रूपी सोरेन का निधन; हेमंत सोरेन रो पड़े

Ranchi, Jharkhand:झारखंड मुक्ति मोर्चा की केंद्रीय उपाध्यक्ष ,दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पत्नी और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मन रूपी सोरेन का कल रांची के हिल व्यू अस्पताल में निधन हो गया। रुपया सोरेन के निधन के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन फूट-फूट कर रोते हुए नजर आए ।इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी,मंत्री हाफिजूल हसन, पूर्व मंत्री मिथिलेश ठाकुर सहित तमाम मंत्री और पार्टी के पदाधिकारी मौजूद दिखे।वही गुरुजी के आवास में रूपी सोरेन का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया है और सवेरे से ही मोराबादी मैदान स्थित गुरुजी आवास के बाहर हलचल देखी जा रही है। जानकारी के मुताबिक अभी से थोड़ी देर के बाद रुपी सोरेन का पार्थिव शरीर नेमरा के लिए रवाना किया जाएगा जहां उनका अंतिम संस्कार होगा।
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बलरामपुर अस्पताल संविदा नोकरी के नाम पर 14.75 लाख की ठगी का मामला

Balrampur, Uttar Pradesh:बलरामपुर के संयुक्त जिला अस्पताल में संविदा नौकरी दिलाने के नाम पर 14.75 लाख की ठगी का आरोप, पांच लोगों ने SP से लगाई गुहार डॉक्टर, फार्मासिस्ट, वार्ड बॉय और कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी का दिया झांसा;2025 में रकम देने के बाद भी नहीं मिली नौकरी बलरामपुर जिले के संयुक्त जिला चिकित्सालय में संविदा पर डॉक्टर, फार्मासिस्ट, वार्ड बॉय और कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी लगवाने के नाम पर चार लोगों से कुल 14.75 लाख रुपए की कथित ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ितों का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग में बड़ी अधिकारी बताने वाली एक महिला और उसके सहयोगी ने अलग-अलग पदों पर नौकरी लगवाने का भरोसा देकर उनसे 2025 में नकद और ऑनलाइन रकम ली। लंबे समय बाद भी न नौकरी मिली और न ही रकम वापस की गई। अब आरोपियों ने फोन उठाना भी बंद कर दिया है। मामले को लेकर पीड़ितों ने पुलिस अधीक्षक बलरामपुर को शिकायत पत्र देकर कार्रवाई और रकम वापस दिलाने की गुहार लगाई है। मामला देहात कोतवाली क्षेत्र के अलग-अलग गांवों से जुड़ा है। शिकायतकर्ताओं के मुताबिक, बालक राम शर्मा निवासी अगया जुआथान, देहात कोतवाली के माध्यम से उनकी मुलाकात माधुरी गौतम नाम की महिला से कराई गई। पीड़ितों का कहना है कि माधुरी खुद को स्वास्थ्य विभाग में बड़ी अधिकारी बताती थीं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि संयुक्त जिला चिकित्सालय में संविदा पर अलग-अलग पदों पर नौकरी लगवा देंगी। इसी भरोसे पर पीड़ितों ने रकम दे दी। डॉक्टर की नौकरी के नाम पर 6.75 लाख का आरोप ढोढरी निवासी मोहम्मद जाकिर खान का कहना है कि वह BUMS डॉक्टर हैं और पहले मुंबई के एक निजी अस्पताल में नौकरी करते थे। गांव आने के बाद उनकी मुलाकात बालक राम शर्मा से हुई। आरोप है कि शर्मा ने संयुक्त जिला चिकित्सालय में संविदा पर नौकरी लगवाने की बात कही और माधुरी गौतम से मिलवाया। जाकिर के अनुसार, उनसे डॉक्टर की नौकरी के नाम पर कुल 6.75 लाख रुपए लिए गए। इसमें 3.89 लाख रुपए नकद और 86 हजार रुपए ऑनलाइन दिए जाने की बात उन्होंने बताई। शेष रकम के संबंध में भी उन्होंने शिकायत में आरोप लगाया है। जाकिर का कहना है कि उनके पास जो पैसा था, उससे वह अपना काम शुरू करना चाहते थे, लेकिन नौकरी लगने के भरोसे में रकम दे दी। अब न नौकरी मिली और न पैसा वापस हुआ। उनका कहना है कि फोन करने पर भी जवाब नहीं मिल रहा है। रकम चले जाने के बाद उनके सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है。 फार्मासिस्ट की नौकरी के नाम पर रकम देने का आरोप जुड़ीकुइया रामपुर बनभूसारा निवासी राजा हुसैन पुत्र महबूब अली का कहना है कि वह मेडिकल स्टोर चला रहे थे और उसे बड़ा करना चाहते थे। इसी दौरान बालक राम शर्मा से उनकी मुलाकात हुई। आरोप है कि शर्मा ने कहा कि संयुक्त जिला चिकित्सालय में फार्मासिस्ट की संविदा की नौकरी लग सकती है। इसके लिए करीब 5 लाख रुपए की मांग की गई। राजा के मुताबिक, फरवरी 2025 में उन्होंने माधुरी नाम की महिला को रकम दी। उन्हें उम्मीद थी कि निजी कारोबार में पैसा लगाने के बजाय नौकरी मिल जाएगी और नियमित आय शुरू हो जाएगी। आरोप है कि रकम देने के बाद भी नौकरी नहीं लगी। अब पैसा वापस मांगने पर भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा है。 शिकायत में एक अन्य व्यक्ति से भी फार्मासिस्ट की नौकरी के नाम पर रकम लेने का आरोप लगाया गया है। पीड़ितों के मुताबिक, नौकरी के अलग-अलग पदों के नाम पर रकम ली गई और संविदा नियुक्ति का भरोसा दिया गया। कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी के नाम पर 3 लाख देने का आरोप धमौली देवरिया मुबारकपुर निवासी आफताब आलम पुत्र इसरार से संयुक्त जिला चिकित्सालय में कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी लगवाने के नाम पर 3 लाख रुपए लेने का आरोप है। पीड़ित का कहना है कि रकम नकद और ऑनलाइन माध्यम से दी गई थी। काफी समय बीत जाने के बाद भी नौकरी नहीं मिली। इसी तरह मोहम्मद इस्लाम ने आरोप लगाया कि उन्होंने अपने बेटे मोहम्मद सोहेल को कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी दिलाने के लिए माधुरी नाम की महिला को करीब 2 लाख रुपए दिए थे। उनका कहना है कि उनके पास खेत खरीदने के लिए पैसा था। नौकरी लगने की उम्मीद में उन्होंने सोचा कि अभी नौकरी में पैसा लगा दिया जाए, बाद में कमाई से खेत खरीदा जा सकेगा। लेकिन अब न नौकरी लगी और न रकम वापस मिली। उनका बेटा भी बेरोजगार है。 वार्ड बॉय की नौकरी का भी दावा, कुल रकम को लेकर शिकायत पीड़ितों की शिकायत में संयुक्त जिला चिकित्सालय में डॉक्टर, फार्मासिस्ट, वार्ड बॉय और कंप्यूटर ऑपरेटर जैसे पदों पर संविदा नियुक्ति कराने का भरोसा दिए जाने की बात कही गई है। अलग-अलग पीड़ितों से ली गई रकम को जोड़कर शिकायतकर्ताओं ने करीब 14.75 लाख रुपए की ठगी का आरोप लगाया है। हालांकि अलग-अलग पीड़ितों द्वारा बताई गई रकम में अंतर और विवरण की पुलिस जांच के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। पीड़ितों का आरोप है कि 2025 में रकम देने के बाद उन्हें लगातार नौकरी लगने का भरोसा दिया जाता रहा। समय बीतने के साथ जब उन्होंने नौकरी और पैसा वापस करने की मांग की तो कथित तौर पर टालमटोल की गई। अब फोन तक रिसीव नहीं किए जा रहे हैं। SP ने कहा- जांच के बाद दोषियों पर होगी कार्रवाई मामले में पीड़ितों ने पुलिस अधीक्षक मार्तण्ड प्रकाश सिंह को शिकायत पत्र देकर पूरे प्रकरण की जांच कराने और रकम वापस दिलाने की मांग की है। पुलिस अधीक्षक ने पीड़ितों को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि नौकरी दिलाने के नाम पर कितने लोगों से रकम ली गई, वास्तव में किस-किस पद पर नियुक्ति का भरोसा दिया गया और शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है। संविदा नौकरी के नाम पर लाखों रुपए लिए जाने के आरोपों ने स्वास्थ्य विभाग में नियुक्तियों को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। बयान -1- डॉ मोहम्मद जाकिर बयान -2- राजा हुसैन (मेडिकल स्टोर संचालक) बयान -3- मोहम्मद इस्लाम( ऑपरेटर के पद पर पैसा देने वाले के पिता)
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केキャンची धाम में अनिवार्य रजिस्ट्रेशन से भीड़ नियंत्रण: नया क्राउड मैनेजमेंट प्लान

Haldwani, Uttarakhand:नैनीताल के प्रसिद्ध कैंची धाम में लगातार उमड़ती श्रद्धालुओं की अप्रत्याशित भीड़ ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के बाद अब प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए स्थायी और व्यवस्थित व्यवस्था बनाने की कवायद तेज कर दी है। कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत की अध्यक्षता में ट्रैफिक, पार्किंग और क्राउड मैनेजमेंट को लेकर सभी संबंधित विभागों की बैठक हुई। बैठक में श्रद्धालुओं के अनिवार्य रजिस्ट्रेशन से लेकर होटल बुकिंग, शटल सेवा और मंदिर के एंट्री-एग्जिट सिस्टम को लेकर अहम फैसले लिए गए हैं। कैंची धाम में सबसे अहम कदम श्रद्धालुओं के अनिवार्य रजिस्ट्रेशन की दिशा में उठाया जा रहा है। इससे प्रशासन को पहले से पता रहेगा कि किसी खास दिन कितने श्रद्धालु कैंची धाम पहुंच सकते हैं। अगला प्लान इस दिशा में है कि अनिवार्य रजिस्ट्रेशन की सिफारिश से पहले श्रद्धालुओं की संख्या पता चलेगी और ट्रैफिक प्लान बनेगा, पार्किंग और शटल सेवा की तैयारी और सुरक्षा व्यवस्था बेहतर होगी। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से पहले से होटल बुकिंग कराने की अपील भी की है। अधिकारियों के मुताबिक बिना बुकिंग के कैंची धाम पहुंचकर होटल तलाशने से सड़क पर वाहनों की आवाजाही और भीड़ बढ़ती है। लिहाजा होटल बुकिंग की जांच भी की जाएगी। ऐसे मामलों में नियमों के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। मंदिर परिसर के भीतर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए एंट्री और एग्जिट को अलग-अलग रखने पर सहमति बनी है। पिछले दिनों मंदिर परिसर में भारी भीड़ के विजुअल सामने आए थे। प्रशासन का मानना है कि श्रद्धालुओं की आवाजाही एक दिशा में होने से आमने-सामने की भीड़ और दबाव कम होगा। कैंची धाम और आसपास के दुकानदारों को रेट लिस्ट स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित दरों से अधिक वसूली की शिकायत सही पाए जाने पर कार्रवाई होगी। होटल और होमस्टे में अत्यधिक कीमत वसूलने की शिकायतों की भी जांच की जाएगी। नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित अनुमति या लाइसेंस पर कार्रवाई तक की जा सकती है। कैंची धाम में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए प्रशासन अब अस्थायी इंतजामों से आगे बढ़कर एक व्यवस्थित क्राउड मैनेजमेंट सिस्टम तैयार करने की दिशा में बढ़ रहा है। सांसद अजय भट्ट ने कहा है कि आने वाले श्रद्धालुओं को देखते हुए व्यवस्थाओं को दुरुस्त और हाईटेक करना बहुत जरूरी हो गया है। कुल मिलाकर अनिवार्य रजिस्ट्रेशन से लेकर पार्किंग, शटल सेवा और मंदिर के एंट्री-एग्जिट सिस्टम तक, आने वाले दिनों में कैंची धाम में व्यवस्थाएं नए स्वरूप में नजर आ सकती हैं।
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प्रतापगढ़ में 2.57 किलोग्राम अफीम तस्करी: दो गिरफ्तार

Pratapgarh, Rajasthan:प्रतापगढ़ जिले में ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत छोटीसादड़ी थाना पुलिस ने 2 किलो 570 ग्राम अवैध अफीम परिवहन के मामले में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार 30 सितंबर को राष्ट्रीय राजमार्ग-56 पर स्वरूपगंज तिराहे के पास रामदेवजी में गश्त के दौरान दो संदिग्ध युवकों को पकड़ गया था। तलाशी में उनके पास से 2 किलो 570 ग्राम अवैध अफीम बरामद हुई थी। मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अफीम उपलब्ध करवाने वाले मंदसौर निवासी भरतलाल पाटीदार और अफीम मंगवाने वाले श्रीगंगानगर निवासी केशय ठाकुर की भूमिका सामने आई। पुलिस ने 7 अक्टूबर को दोनों को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लेकर अफीम की सप्लाई और नेटवर्क को लेकर पूछताछ की जा रही है。
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चित्तौड़गढ़ के नए युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने जयपुर में डोटासरा से आशीर्वाद लिया

Begun, Rajasthan:चित्तौड़गढ़ जिले के नवनियुक्त युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने जयपुर पहुंचकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा से शिष्टाचार भेंट की। उदयलाल आंजना और बद्रीलाल जाट के नेतृत्व में हुई इस मुलाकात के दौरान जिलाध्यक्ष ने प्रदेश अध्यक्ष से आशीर्वाद लिया। इस मौके पर युवा कांग्रेस प्रदेश महासचिव रवि जायसवाल, कपासन विधानसभा अध्यक्ष ओंकारलाल जाट, निम्बाहेड़ा विधानसभा अध्यक्ष रामकिशन चौधरी और बड़ी सादड़ी विधानसभा अध्यक्ष मुकेश जाट सहित कई कांग्रेस पदाधिकारी मौजूद रहे। बड़ी सादड़ी कांग्रेस के पार्षदगण, चेयरमैन ममता बाबेल और बड़ी संख्या में युवा कांग्रेस कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
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बोकारो स्टील प्लांट से ओवरलोड ट्रकों पर बड़ी कार्रवाई, जांच शुरू

Bokaro Steel City, Jharkhand:बोकारो स्टील प्लांट से निकले 5 ओवरलोड हाईवा गाड़ियों को जिला परिवहन विभाग ने किया जब्त। सभी ओवरलोड जब्त वाहनों को किया गया पिंड्राजोड़ा थाना के हवाले। सभी छाई लदी गाड़िया थी जिसे सीज किया गया। आखिर, सबसे बड़ा सवाल कि प्लांट से कैसे निकल रहा था ओवरलोड गाड़ियां जबकि ओवरलोड को लेकर जिला प्रशासन ने पहले ही आगाह किए थे। प्लांट से निकलने से पहले क्या ओवरलोड को लेकर कांटा नहीं कराया गया था। कैसे कानून ताक पर रखकर निकल रही थी ओवरलोड गाड़ियां। बताते चले कि बोकारो जिला परिवहन विभाग के द्वारा चलाए जा रहे रेगुलर वाहन चेकिंग अभियान के दौरान DTO ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बोकारो स्टील प्लांट से ओवरलोड लेकर दुर्गापुर जा रहे 5 गाड़ियों को जब्त किया है और सभी को पिंडरा जोड़ा थाना के हवाले कर दिया गया। इन सभी 5 ओवरलोड गाड़ियों को प्लांट के दुग्गल गेट के पास से जब्त किया गया है जहां हाईवा में ओवरलोड था जिसे जब्त किया गया है। जानकारी देते हुए बोकारो के DTO मारुति मिंज ने बताया कि सभी गाड़ियां BSL प्लांट से लोड होकर दुर्गापुर जा रही थी। जांच के क्रम में पाया गया कि सभी गाड़ियां तय मानक से काफी ज्यादा ओवरलोड थीं। किसी में 5 टन, किसी में 10 टन तो किसी में 12 टन तक ओवरलोड माल भरा हुआ था। सभी में छाई लदा हुआ था। पुलिस ने सभी पांचों गाड़ियों को जब्त कर पिंड्राजाोरा थाना में रखा है। सबसे बड़ा सवाल आखिर प्लांट से ओवरलोड गाड़ियां कैसे निकल रही है? क्या प्लांट गेट के बाहर गाड़ी निकलने से पहले गाड़ी का वजन नहीं होता है? इससे पहले कितनी ओवरलोड गाड़ियां निकलते रही है। अगर जांच नहीं होती तो ओवरलोड गाड़ियों का पता ही नहीं चलता। इन तमाम बिंदुओं पर जांच जैसे जैसे आगे बढ़ेगी वैसे वैसे चीजें भी समाने आ सकता है।
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पाकुड़ अदालत ने 10 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई; दो महिलाओं को बरी

Pakur, Jharkhand:एरिया - पाकुड़ पाकुड़ जिले के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम कुमार क्रांति प्रसाद की अदालत ने दोहरे हत्याकांड के एक संगीन मामले में अपना न्यायिक फैसला सुनाते हुए 10 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है...जबकि ठोस सबूतों के अभाव में दो महिलाओं को बरी कर दिया है...अदालत ने 1 अक्टूबर 2026 को इन आरोपियों को दोषी करार दिया था...इसके बाद सजा का ऐलान किया गया...इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक लुकास कुमार हेम्ब्रम ने अपना पक्ष रखा और कुल 8 गवाहों ने अदालत के समक्ष अपनी गवाही दर्ज कराई...इन सभी 10 दोषियों को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है और प्रत्येक पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है...इसके अलावा धारा आजीवन सश्रम कारावास के साथ 50,000 रुपये का जुर्माना और पांच साल की सजा के साथ 25,000 रुपये का जुर्माना तय किया गया है...अन्य धाराओं के तहत भी सभी को एक और दो साल के सश्रम कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई गई है... प्राथमिकी के अनुसार यह घटना 17 जून 2023 की शाम महेशपुर थाना क्षेत्र के गणेशपुर गांव में हुई थी...वादी लखिराम मुर्मू की शिकायत के अनुसार, उनके बेटे वकील मुर्मू और देवीधन मुर्मू पर आरोपियों ने गैरकानूनी मजमा बनाकर लाठी, डंडा, पत्थर और कुल्हाड़ी जैसे घातक हथियारों से जानलेवा हमला कर दिया था...जान से मारने की नीयत से किए गए इस हमले में दोनों भाइयों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई थी...जब बेटी टुडू और अन्य लोग उन्हें बचाने आए, तो आरोपियों ने उन्हें भी बुरी तरह मारकर जख्मी कर दिया था...प्राथमिकी में यह भी बताया गया था कि यह हत्या एक सोची-समझी साजिश के तहत की गई थी... इस घटना को लेकर महेशपुर थाना में कांड दर्ज किया गया था...शुरुआत में इस मामले में कुल 37 नामजद तथा अन्य अज्ञात महिला और पुरुषों पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी... जिसके बाद पुलिस ने जांच पूरी कर 40 लोगों पर आरोप पत्र दाखिल किया था...सुनवाई के दौरान न्यायालय ने 12 आरोपियों पर संज्ञान लिया और दो महिला आरोपियों को सभी आरोपों से मुक्त करते हुए रिहा कर दिया...न्यायालय ने जिन 10 आरोपियों को इस हत्याकांड का दोषी करार दिया है, उनमें प्रधान सोरेन, ताहा सोरेन उर्फ डेनेक, रामजी सोरेन, रमेश सोरेन, ईश्वर सोरेन, लिलू सोरेन, सोहन हेम्ब्रोम, रोशन सोरेन उर्फ राजेन सोरेन, बी.पी. सिंह सोरेन और कालिदास सोरेन शामिल हैं...इन सभी 10 दोषियों को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है और प्रत्येक पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है...इसके अलावा धारा आजीवन सश्रम कारावास के साथ 50,000 रुपये का जुर्माना और पांच साल की सजा के साथ 25,000 रुपये का जुर्माना तय किया गया है...अन्य धाराओं के तहत भी सभी को एक और दो साल के सश्रम कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई गई है...
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