भभुआ सदर थाना में नए कानून को लेकर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन
Bhabua, Bihar:भभुआ सदर थाना में नए कानूनों को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में SP ललित मोहन शर्मा, SDPO शिव शंकर कुमार, BDO और थानाध्यक्ष ने भाग लिया अधिकारियों ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य दंड संहिता से न्याय संहिता की ओर अग्रसर करना है। गौरतलब है कि देश में वर्षों पुराने कानूनों को नए रूप में लागू किया जा रहा है। अब कोई भी व्यक्ति किसी भी थाने से ऑनलाइन FIR और चार्जशीट दर्ज करा सकता है। इन नए कानूनों के तहत थाने से कोर्ट तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी।
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एक मक्खी मारने के लिए हथौड़े का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए- सुप्रीम कोर्ट
New Delhi, Delhi:नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट में जंतर-मंतर प्रोटेस्ट को लेकर शुक्रवार को सुनवाई दोबारा शुरू हुई। वकील ने मेट्रो स्टेशन बंद किए जाने की जानकारी सुप्रीम कोर्ट को दी। CJI ने कहा कि हम मेट्रो स्टेशन बन्द होने की बात से चिंतित है। हमारी चिंता दिल्ली एनसीआर से आने वाले उन लोगों के लिए है जो हर रोज़ रोजगार के लिए दिल्ली आते हैं। एक बार को वकील की बात समझ आती है कि वो कार से आ सकते है लेकिन जो लोग मेट्रो से आते है, उनकी दिक्कत को भी देखना होगा। हमारी चिंता उन लोगों को लेकर है, जो रोजाना मेट्रो से इस शहर में आते हैं। वकीलों ने बताया कि मेट्रो ही नहीं, दिल्ली आने वाली ट्रेन को भी रद्द कर दिया गया है।
CJI ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने वाली एजेंसियों को नियम बनाने पूरा अधिकार है। इसमें कोई संदेह नहीं है। अगर आप उपद्रवी भीड़ की आवाजाही को नियंत्रित करना चाहते हैं, तो ऐसा कर सकते हैं लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि आप सब कुछ ठप कर दें और लोगों को आने-जाने के लिए कोई साधन ही न छोड़ें।
CJI ने कहा कि ऐसा नहीं होना चाहिए एक मक्खी मारने के लिए हथौड़े का इस्तेमाल किया जाए। जितनी ज़रूरत हो, ऑथोरिटी उतनी ही सख्ती बरते, ज़्यादा नहीं।
आज की सुनवाई की बड़ी बातें-
-SC ने सरकार से कहा कि मेट्रो और ट्रेनों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक नहीं लगानी चाहिए।
-सरकार सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मेट्रो/ ट्रेन के संचालन पर वाजिब नियंत्रण लगा सकती है, लेकिन आम जनता को परेशानी नहीं होनी चाहिए।
-कोर्ट ने कहा कि सुरक्षा के लिए उतने ही प्रतिबंध लगाए जाएं, जितने ज़रूरी हों।
-SC ने कहा कि सरकार जो भी एहतियाती कदम उठा रही है, उसके लिए व्यापक प्रचार करना होगा। इसके लिए अखबारों में सरकारी वेबसाइटों पर जानकारी दी जानी चाहिए ताकि लोगो को दिक्कत न हो।
SG तुषार मेहता ने कोर्ट को आश्वस्त किया कि इस बारे में अधिकारियों से बात करेंगे कि ट्रेनों और मेट्रो को पूरी तरह बंद करने के फैसले पर फिर से विचार किया जाए।
(नई दिल्ली से जी न्यूज रिपोर्टर अरविंद सिंह की रिपोर्ट)
