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पखांजूर में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित, नदी-नाले उफान पर

Pakhanjur, Chhattisgarh:पखांजूर इलाके में पिछले 24 घंटे से जारी मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। लगातार हो रही बारिश से नदियाँ और नाले उफान पर हैं, कई संपर्क मार्ग जलमग्न हो गए हैं और लोगों की आवाजाही ठप पड़ गई है। कई जगहों पर कच्चे मकानों को भी नुकसान पहुंचा है। पिछले 24 घंटे से हो रही लगातार बारिश के कारण बड़गाँव क्षेत्र की कोटरी नदी उफान पर है। पुल के ऊपर से पानी बह रहा है, जिससे इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बंद हो गया है। वहीं, मंडागांव-झाड़कट्टा मार्ग को जोड़ने वाले छोटे पुल के ऊपर से भी तेज बहाव के साथ पानी गुजर रहा है। इसके चलते इस मार्ग पर भी लोगों और वाहनों की आवाजाही ठप हो गई है। इसके अलावा हमतवाही क्षेत्र में बहने वाली कोरकसा नदी भी उफान पर है। नदी का पानी पुल के ऊपर से बहने के कारण इस इलाके का संपर्क भी प्रभावित हो गया है। लगातार बारिश से कई सड़कें के किनारे जलभराव की स्थिति बन गई है। वहीं कई ग्रामीणों के कच्चे मकानों की दीवारें ढह गई हैं, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और जलमग्न पुलों को पार नहीं करने की अपील की है। यदि बारिश का सिलसिला इसी तरह जारी रहा तो आने वाले घंटों में हालात और गंभीर हो सकते हैं।
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कुचामन के अस्पताल में मोतियाबिंद के सात मरीजों में संक्रमण की आशंका, जयपुर रेफर

एंकर - डीडवाना-कुचामन जिले के राजकीय जिला अस्पताल, कुचामन सिटी में मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद सात मरीजों की आंखों में पोस्ट सर्जिकल संक्रमण (इन्फेक्शन) की आशंका का मामला सामने आया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी सात मरीजों को बेहतर उपचार के लिए जयपुर के सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल रेफर किया गया है। वहीं एहतियात के तौर पर अस्पताल के नेत्र रोग विभाग के ऑपरेशन थिएटर को सीज कर दिया गया है तथा पूरे मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं। जानकारी के अनुसार 28 जुलाई को राजकीय जिला अस्पताल कुचामन सिटी के नेत्र विभाग में सात मरीजों के मोतियाबिंद के ऑपरेशन किए गए थे। ऑपरेशन के अगले दिन नियमित जांच के दौरान मरीजों की आंखों में असामान्य लक्षण दिखाई दिए। विस्तृत परीक्षण में ऑपरेशन वाली आंखों में संक्रमण की आशंका सामने आई। प्रारंभ में पांच मरीजों को तत्काल SMS अस्पताल जयपुर भेजा गया, जबकि शेष दो मरीजों को भी बाद में रेफर कर दिया गया। मामले की सूचना मिलते ही जिला कलेक्टर अवधेश मीणा ने तुरंत संज्ञान लेते हुए कुचामन उपखंड अधिकारी सुरेंद्र सिंह चौधरी को जिला अस्पताल भेजा। एसडीएम ने अस्पताल पहुंचकर प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. बलबीर ढाका, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. राजकुमारी तथा डॉ. विनोद से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। इसके बाद नियमानुसार नेत्र रोग विभाग के ऑपरेशन थिएटर को सीज करवाया गया। चिकित्सा विभाग की जांच टीम के आने के बाद ऑपरेशन थिएटर और पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच की जाएगी। उधर, जयपुर के SMS अस्पताल में मरीजों के पहुंचने के बाद कार्यवाहक अधीक्षक डॉ. आर.के. जैन ने मामले की जांच के लिए मेडिकल बोर्ड का गठन किया है। नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. नगेंद्र सिंह शेखावत के निर्देशन में गठित बोर्ड में मेडिकल विभागाध्यक्ष डॉ. एम.के. अग्रवाल, वरिष्ठ आचार्य डॉ. पंकज शर्मा तथा डॉ. मनीष शर्मा को शामिल किया गया है। वहीं SMS मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. दीपक माहेश्वरी ने भी अस्पताल पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की फैक्ट रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। चिकित्सकों के अनुसार मरीजों की आंखों की स्थिति पर लगातार विशेषज्ञों की निगरानी रखी जा रही है। राजकीय जिला अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. बलबीर ढाका ने बताया कि जैसे ही संक्रमण की जानकारी मिली, मरीजों को बिना देरी किए उच्च स्तरीय उपचार के लिए जयपुर रेफर किया गया। वहीं नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. राजकुमारी और डॉ. विनोद ने बताया कि सभी ऑपरेशन निर्धारित प्रोटोकॉल और पूरी सावधानी के साथ किए गए थे। फिलहाल संक्रमण के कारणों का पता नहीं चल पाया है और जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। उपखंड अधिकारी सुरेंद्र सिंह चौधरी ने बताया कि 28 जुलाई को हुए मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद कुछ मरीजों में आंखों की परेशानी सामने आने पर उन्हें तत्काल जयपुर रेफर किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि कुचामन के राजकीय जिला अस्पताल में इस वर्ष अब तक 700 से अधिक मोतियाबिंद ऑपरेशन सफलतापूर्वक किए जा चुके हैं और इस प्रकार की घटना पहली बार सामने आई है।
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अमरोहा में जामा मस्जिद के पास बाइक में भीषण आग, युवक ने बचाई जान

Amroha, Uttar Pradesh:अमरोहा जनपद के सैद नगली कस्बे में जामा मस्जिद के निकट चलती बाइक में अचानक लगी भीषण आग, युवक ने कूदकर बचाई जान, लाइव वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल. अमरोहा जनपद के सैद नगली कस्बे में जामा मस्जिद के निकट चलती बाइक में अचानक भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई. आग लगते ही बाइक सवार युवक ने फुर्ती दिखाते हुए बाइक से कूदकर अपनी जान बचा ली. देखते ही देखते आग ने पूरी बाइक को अपनी चपेट में ले लिया और वह धू-धू कर जलने लगी. मौके पर मौजूद लोगों ने पानी और मिट्टी डालकर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक बाइक पूरी तरह जलकर राख हो चुकी थी।
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झड़ू का खेड़ा विद्यालय में शिक्षकों की कमी पर ग्रामीणों ने लगाया ताला

Noida, Uttar Pradesh:बदनोर क्षेत्र के झड़ू का खेड़ा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में गुरुवार को शिक्षकों की कमी को लेकर ग्रामीणों और छात्र-छात्राओं का आक्रोश फूट पड़ा. ग्रामीणों ने विद्यालय के मुख्य द्वार पर ताला लगाकर विरोध प्रदर्शन किया और शिक्षकों की नियुक्ति की मांग की. वर्ष 2023 में विद्यालय को उच्च माध्यमिक विद्यालय में क्रमोन्नत किया गया था, लेकिन वर्तमान में यहां केवल चार शिक्षक ही कार्यरत हैं. विद्यालय में करीब 300 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, भवन में आठ कमरे उपलब्ध हैं. पर्याप्त शिक्षकों के अभाव में विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है. प्रदर्श कर रहे ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक विद्यालय में आवश्यक संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की जाएगी, तब तक विद्यालय पर लगा ताला नहीं खोला जाएगा और आंदोलन जारी रहेगा.
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बदायूं के रामा नर्सिंग होम में इलाज के नाम पर लापरवाही; शव गेट पर

Budaun, Uttar Pradesh:राम हॉस्पिटल या गुंडई का अड्डा, प्रशासन की आंखों पर चढ़ी है काली पट्टी, कार्रवाई के नाम पर होती है लीपापोती, मोटी रकम लेकर मामले को ठंडा वेस्ट में डाल दिया जाता है, कार्यवाही की अभाव में तड़पते हैं मरीजों के ईमानदार。 रामा नर्सिंग होम में तांडव: 5.50 लाख लेकर भी नहीं बची जान, मरीज की मौत पर फूटा गुस्सा, गेट पर रखी लाश, स्टाफ पर पथराव का आरोप。 बदायूं में इलाज के नाम पर लूट और लापरवाही के आरोपों से घिरा बदायूं का रामा नर्सिंग होम एक बार फिर सुर्खियों में है। 11 दिन तक वेंटिलेटर पर संघर्ष कर रहे एक मरीज की मौत के बाद अस्पताल परिसर रणभूमि में तब्दील हो गया। गुस्साए परिजनों ने मृतक का शव गेट पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। आरोप है कि विरोध कर रहे लोगों पर अस्पताल के स्टाफ ने छत से ईंट-पत्थर बरसा दिए। घटना के बाद से इलाके में तनाव है और नर्सिंग होम के बाहर भारी पुलिस बल तैनात है。 जमीन बेच दी, फिर भी डॉक्टरों को रहम नहीं आया.....यह दर्दनाक कहानी अलापुर थाना क्षेत्र के गांव उपरैला निवासी 35 वर्षीय राजवीर पुत्र शेर सिंह की है। 11 दिन पहले छत से गिरने के कारण राजवीर के सिर में गंभीर चोट आई थी। परिजन उसे लेकर इंदिरा चौक स्थित रामा नर्सिंग होम पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि नर्सिंग होम के संचालक डॉ. बी.आर. गुप्ता ने ऑपरेशन का भरोसा देकर भर्ती किया। 11 दिन तक राजवीर वेंटिलेटर पर रहा। इस बीच अस्पताल प्रबंधन ने इलाज के नाम पर 5 लाख 50 हजार रुपये मांगे। मजबूर परिवार ने अपनी पैतृक जमीन बेचकर यह रकम जमा की। लेकिन आरोप है कि इतनी बड़ी रकम और 11 दिन की देखरेख के बाद भी मरीज के घाव में कीड़े पड़ गए। जब परिजनों ने डॉक्टर से सवाल किया तो उन्हें डांटकर भगा दिया गया। 11वें दिन अचानक अस्पताल ने मरीज को "हायर सेंटर रेफर" करने की बात कहकर बाहर निकाल दिया। अस्पताल से निकलते ही राजवीर ने दम तोड़ दिया。 मौत के बाद मचा कोहराम, गेट पर शव रखकर किया प्रदर्शन..... मृत्यु की खबर मिलते ही परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने राजवीर के शव को रामा नर्सिंग होम के मुख्य गेट पर रख दिया और "न्याय दो, दोषियों पर कार्रवाई करो" के नारे लगाने लगे। परिजनों का गंभीर आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान अस्पताल के अंदर से और ऊपर की मंजिल से स्टाफ ने उन पर ईंट और पत्थरों की बारिश कर दी। भगदड़ में कई लोग बाल-बाल बचे। घटना की सूचना मिलते ही civil line थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मशक्कत के बाद परिजनों को शांत कराया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी शुरू की। खबर लिखे जाने तक नर्सिंग होम के बाहर परिजन, ग्रामीण और पुलिस फोर्स का जमावड़ा लगा हुआ था。 रामा नर्सिंग होम पर लगातार लग रहे गंभीर आरोप...स्थानीय लोगों का कहना है कि रामा नर्सिंग होम का यह पहला कारनामा नहीं है। कुछ दिन पहले ही एक अन्य मरीज के बिल को लेकर तीमारदारों के साथ मारपीट और गाली-गलौज का मामला सामने आया था। तब भी तीन परिजनों पर हमले और पथराव का आरोप लगा था। बार-बार शिकायतों के बावजूद जिला प्रशासन की चुप्पी पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि आखिर इतने गंभीर आरोपों के बाद भी अस्पताल पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? क्या यह प्रशासन की शह पर चल रहा है या किसी सियासी संरक्षण का मामला है? पुलिस और प्रशासन क्या कह रहे हैं... Civil लाइन थाना प्रभारी ने बताया: हमें सूचना मिली थी। मौके पर जाकर स्थिति नियंत्रित की गई। परिजनों से तहरीर ली जाएगी। तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच की जाएगी। शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम कराया जाएगा। फिलहाल क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। परिजनों की एक ही मांग - इंसाफ... राजवीर की पत्नी और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। उनका कहना है की हमने सब कुछ बेचकर इलाज कराया। सोचा था जान बच जाएगी। लेकिन लापरवाही के कारण सब खत्म हो गया। अब हमें सिर्फ इंसाफ चाहिए। जो भी दोषी है उसे जेल भेजा जाए।
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लखीमपुर खीरी थाना मितौली तत्कालिक प्रभाव से करवाई,नहीं प्रभावी......

Pavan Kumar DixitPavan Kumar DixitFollow14m ago
Datelikalan, Uttar Pradesh:लखीमपुर खीरी। थाना मितौली एक जुलाई के आसपास जारी हुई लिस्ट पर नहीं हुई प्रभावी कार्रवाई। जबकि कप्तान ने आदेशित किया था तत्काल प्रभाव से कार्रवाई के लिये, दो नाम उप निरीक्षक धर्मेंद्र सिंह को एक एच टी व आरक्षी करुणेश वर्मा को पुलिस लाइन का आदेश हुआ था। क्षेत्रीय लोगों में कप्तान की कार्रवाई पर बना हुआ सस्पेंस, आखिर कैसी तत्काल प्रभाव से करवाई, जो एक महाबीत जाने पर भी बनी हवा हवाई। सूत्र यह भी बता रहे हैं यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक को पीड़ितों के द्वारा कई बार प्रार्थना पत्र दिए जाने के बाद की गई थी, जिसमें स्पष्ट लिखा हुआ है कार्यवाही पालन तात्कालिक प्रभाव से किया जाए।एक महीना बीत जाने के बाद कप्तान की तात्कालिक कार्रवाई का नहीं हुआ असर।
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