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CEC ज्ञानेश कुमार की सुरक्षा बढ़ी: आवास-कार्यालय पर अतिरिक्त सुरक्षाबल तैनात

Noida, Uttar Pradesh:- CEC ज्ञानेश कुमार की सुरक्षा बढ़ाई गई, SIR विरोध के बीच सुरक्षा बलों का बड़ा फैसला। - ज्ञानेश कुमार को पहले से Z सुरक्षा कवर मिला हुआ है, अब सुरक्षा व्यवस्था में और इजाफा किया गया है। - CEC के दिल्ली स्थित आवास, चुनाव आयोग कार्यालय और पर्सनल सिक्योरिटी में अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई। - CEC के आवास तक प्रदर्शनकारियों के पहुंचने और दिल्ली के साथ दूसरे निवास स्थान में परिवार के घर के बाहर प्रदर्शन के बाद सुरक्षा बढ़ाने का फैसला। - निर्वाचन सदन की सुरक्षा भी बढ़ाई गई, CISF के साथ RAF, CRPF और दिल्ली पुलिस की अतिरिक्त तैनाती। - सुरक्षा व्यवस्था के तहत आवास के आसपास 24 घंटे पुलिस की मौजूदगी रहेगी। - थ्रेट परसेप्शन के आधार पर सुरक्षा बलों ने यह तब्दीली की है सूत्रों के हवाले से खबर।
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ईवीएम से होगा जिला परिषद एवं पंचायत समिति चुनाव; सरपंच-वार्ड पंच बैलेट पेपर से

Noida, Uttar Pradesh:लोकेशन: बून्दी संवाददाता: रामफूल मेहरा जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव ईवीएम से होंगे एंकर। बूंदी。 पंचायतीराज चुनाव में इस बार जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए ईवीएम से मतदान होगा, जबकि सरपंच और वार्ड पंच के चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाएंगे। सरपंच के लिए सफेद और पंच के लिए गुलाबी रंग का मतपत्र रहेगा। मतपत्रों पर प्रत्याशियों के नाम पहले से मुद्रित नहीं होंगे। अंतिम प्रत्याशी सूची जारी होने के बाद पोलिंग सदस्य नाम और चुनाव चिह्न के सामने काले बॉल पेन से नाम लिखेंगे। जिले की 235 ग्राम पंचायतों के 796 बूथों पर 7 लाख 12 हजार 389 मतदाता मतदान करेंगे। इनमें 3 लाख 64 हजार 767 पुरुष, 3 लाख 47 हजार 620 महिलाएं और 2 ट्रांसजेंडर मतदाता हैं।
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राजस्थान के राजसमंद में RNMS पोर्टल से 24 घंटे में समस्या सुलझाने का रिकॉर्ड

Rajsamand, Rajasthan:- राजसमंद जिला कलेक्टर का नवाचार, राजस्थान का पहला ‘रिफॉर्मेटिव न्यूज मॉनिटरिंग सिस्टम’ (RNMS) पोर्टल से 24 घंटे में समस्याओं का समाधान - राजसमंद में पिछले पाँच महीनों में 242 में से 228 जनहित की शिकायतें का निस्तारण राजसमंद एंकर- राजसमंद में जिले में राजस्थान का पहला रिफॉर्मेटिव न्यूज मॉनिटरिंग सिस्टम’ (RNMS) लगाकर जनता की समस्याओं का समाधान कर रहा है । जिला कलेक्टर अरूण कुमार हसीजा का द्वारा सोशल मीडिया, टीवी चैनलों और समाचार पत्रों में प्रकाशित होने वाली जनहित की ख़बरों को प्रमुखता से लेते हुए 24 घंटों में समाधान हो रहा है । अखबार और टीवी में प्रकाशित-प्रसारित समस्या की खबर सीधे प्रशासनिक एक्शन का आधार बन रही है। जिला कलक्टर अरुण कुमार हसीजा की पहल पर शुरू किया गया ‘रिफॉर्मेटिव न्यूज मॉनिटरिंग सिस्टम’ (RNMS) पोर्टल अब खबर से समाधान तक की कड़ी बन चुका है। देखिये ख़ास रिपोर्ट वीओ 01- राजसमंद में गत 15 मई 2026 को शुरू हुए इस पोर्टल को करीब पांच महीने पूरे हो चुके हैं। इस दौरान पोर्टल पर 242 खबरें दर्ज हुईं, जिनमें 228 मामलों में संबंधित विभागों ने कार्रवाई कर समाधान की रिपोर्ट अपलोड कर दी। प्रशासन ने खबर से जुड़ी समस्या पर 24 घंटे के भीतर समाधान कर रिपोर्ट देना अनिवार्य किया है। जिला सूचना एवं जनसम्पर्क कार्यालय RNMS का नोडल विभाग है। रोजाना अखबारों और टीवी चैनलों में सामने आने वाली समस्याओं की कटिंग और वीडियो क्लिप पोर्टल पर अपलोड की जाती हैं। इसके बाद खबर अपने आप संबंधित विभाग के अधिकारी की आईडी तक पहुंच जाती है। वीओ 02- RNMS पोर्टल से करीब 40 जिला स्तरीय अधिकारी, 8 उपखंड अधिकारी और 9 विकास अधिकारी जुड़े हैं। खबर मिलते ही संबंधित अधिकारी कर्मचारियों को मौके पर भेजते हैं। समाधान के बाद जियो टैग फोटो और हस्ताक्षरित रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड करनी होती है। इससे खबर आने से लेकर मौके पर कार्रवाई और समाधान तक का पूरा रिकॉर्ड डिजिटल रूप से उपलब्ध रहता है। पानी की समस्या हो तो जलदाय विभाग, बिजली की शिकायत हो तो विद्युत विभाग और सड़क से जुड़ा मामला हो तो संबंधित विभाग को कार्रवाई के लिए भेजा जाता है। बाईट - राजसमंद जिला कलेक्टर अरूण कुमार हसीजा खुद करते हैं मॉनिटरिंग- जिला कलक्टर अरुण कुमार हसीजा शाम को पोर्टल पर दर्ज कार्रवाई की समीक्षा करते हैं। इतना ही नहीं, हर सोमवार सुबह 11 बजे साप्ताहिक समीक्षा बैठक में भी विभागवार खबरों और उन पर हुई कार्रवाई का हिसाब लिया जाता है। छुट्टियों में भी यह व्यवस्था जारी रहती है। वीओ 03- 70 फीसदी खबरें पानी, बिजली और साफ-सफाई से जुड़ी- RNMS पर दर्ज खबरों में करीब 70 प्रतिशत मामले पानी की आपूर्ति, बिजली और साफ-सफाई से जुड़े रहे। इसके अलावा अतिक्रमण, मुआवजा, ज्ञापन और धरना जैसे मुद्दे भी पोर्टल पर दर्ज किए गए। इन खबरों से प्रशासन को सिर्फ तत्काल समस्याओं के समाधान में मदद नहीं मिल रही, बल्कि बार-बार सामने आ रही समस्याओं के आधार पर विकास कार्यों की प्राथमिकताएं तय करने में भी इनपुट मिल रहा है। ग्राफिक्स हेतू हाइलाइट्स- - राजसमंद में मीडिया रिपोर्ट्स पर 24 घंटे में एक्शन: ‘RNMS’ पोर्टल बना जनसमस्याओं के समाधान की प्रभावी कड़ी - 5 महीनों में RNMS’ पोर्टल पर दर्ज 242 खबरों में से 228 समस्याओं का सफल समाधान - पोर्टल पर राजसमंद के 40 जिला स्तरीय अधिकारी, 8 उपखंड अधिकारी और 9 विकास अधिकारी प्रत्येक दिन 11 बजे तक देते हैं रिपोर्ट - जिला कलेक्टर अरुण कुमार हसीजा खुद शाम को पोर्टल पर दर्ज कार्रवाई की समीक्षा करते - राजसमंद जिला सूचना एवं जनसम्पर्क कार्यालय को RNMS का नोडल बनाया गया है
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फरीदाबाद मुठभेड़: हत्या के दो आरोपी गिरफ्तार, एक घायल

Faridabad, Haryana:फरीदाबाद में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़, एक के पैर में लगी गोली फरीदाबाद पुलिस ने डीलर चौक पर लक्ष्मण निवासी शाहुपुरा की हत्या के मामले में वांछित दो आरोपियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। कार्रवाई अपराध शाखा ऊंचा गांव और सेक्टर-65 की संयुक्त टीम ने की。 पुलिस की टीम क्राइम सीन पर पहुंची तो मौके पर पुलिस के कार्रवाई के निशान दिखाई दिए। पुलिस के मुताबिक, 7 और 8 अक्टूबर की रात सूचना मिली थी कि हत्या के मामले में वांछित दो आरोपी सेक्टर-62 स्थित सीवर पाइप के एक गोदाम में छिपे हुए हैं。 सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने गोदाम में रेड की। पुलिस के मुताबिक, खुद को घिरा देखकर आरोपियों ने पुलिस टीम पर दो फायर किए। जवाबी कार्रवाई में आरोपी तरुण उर्फ नवीन निवासी ऊंचा गांव के पैर में गोली लगी। पुलिस ने उसे काबू कर इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया。 मौके से पुलिस ने एक देसी पिस्टल भी बरामद की है। वहीं दूसरे आरोपी जतिन को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया。 फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि हत्या की वारदात में इनकी क्या भूमिका थी और इनके पास हथियार कहां से आया。
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उत्तराखंड में हत्या-अपहरण बढ़े, 20% बच्चों पर अपराध; सरकार-आंकड़े में फर्क

Dehradun, Uttarakhand:एंकर-Devbhoomi में सब चंगा सी? सरकार कह रही है - अपराध घटा है... बहन-बेटी सुरक्षित है! लेकिन RTI की फाइल खोलो तो होश उड़ जाएंगे - हत्या 5 गुना... अपहरण ढाई गुना... और बच्चों पर वारदात 20% UP! एक तरफ NCRB का मेकअप लगा आंकड़ा, दूसरी तरफ थाने की असली फाइल!तो क्या उत्तराखंड पुलिस आंकड़ों की बाजीगरी कर रही है? क्या देवभूमि अब अपराधियों की शरणभूमि बन गई है? आज की डिबेट में होगा दूध का दूध और पानी का पानी!महिला अपराध में 12% की कमी... 2022 में 4337 थे, अब 2024 में 3342 ही बचे हैं। हत्या में 1.75% कमी, दहेज हत्या 20% डाउन, 98% रेप केस सॉल्व!2022 में अपहरण - 418... 2024-25 में - 1019! सीधा 143% का जंप!2022 में हत्या - 208... 2024-25 में - 1025! 5 गुना बम फटा है!और सुनिए - कुल अपराध - 17,278! गढ़वाल - 11,500 पार... कुमाऊं - 5,500 पार... और हर साल 2,000 से ज्यादा चोरी...मतलब चोर भी कह रहे हैं - उत्तराखंड में स्कोप है! तो भाई ये 12% कमी वाला लॉजिक कहां गया... जब हत्या 5 गुना बढ़ गई?सबसे शर्मनाक आंकड़ा - बच्चों के खिलाफ अपराध!2022 - 1706 केस 2023 - 1710 केस 2024 - 2068 केस... एक साल में 20% उछाल!बाल अपराध दर 54.4... राष्ट्रीय औसत से ऊपर! चार्जशीट सिर्फ 56%... मतलब आधे केस में तो चालान ही नहीं! यानी कि देवभूमि में नन्हे-मुन्ने भी सेफ नहीं?ग्राफिक्स12% कमी का ढोल और 400% बढ़ोतरी का सन्नाटा - ये कैसा डबल गेम है सरकार?हत्या 5 गुना, अपहरण ढाई गुना - क्या उत्तराखंड में यूपी-बिहार वाला गैंग कल्चर आ गया?बच्चों पर 2068 वारदात - क्या देवभूमि में अब बच्चे भी सुरक्षित नहीं?पुलिस 98% केस सॉल्व का दावा करती है, फिर अपराधी बेखौफ क्यों?देहरादून की बात करते है राजधानी है प्रदेश की .... बुजुर्गों की सुरक्षा पर सवाल खड़े .. एक साल में चार हत्याएं,बीती 6 अक्टूबर को रायपुर में बुजुर्ग दंपति समेत तीन की हत्या,सितंबर 2026 में डालनवाला में बुजुर्ग महिला की हत्या,अप्रैल 2026 में सेवानिवृत्ति मुकेश जोशी की गोली लगने से मृत्यु,मार्च 2025 में पैसे लूटने के लिए 70 वर्षीय शिक्षिका की अपहरण कर हत्या,अप्रैल 2023 में बुजुर्ग महिला की हत्या,
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फर्रुखाबाद में अज्ञात वाहन की टक्कर, बाइक सवार तीन युवकों में से एक मौत

Farrukhabad, Uttar Pradesh:फर्रुखाबाद में अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत, दो घायल दिल्ली जाने के लिए घर से निकला था युवक, रास्ते में दर्दनाक हादसा फर्रुखाबाद के राजेपुर थाना क्षेत्र में बुधवार शाम करीब साढ़े सात बजे निबिया चौराहा के पास अज्ञात वाहन ने बाइक में टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार तीन युवक गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े。 सूचना पर पहुंची पुलिस और एंबुलेंस की मदद से तीनों घायलों को लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। यहाँ डॉक्टरों ने गांव राई निवासी बड़ा बेटा संदीप को मृत घोषित कर दिया। वहीं 19 वर्षीय सरबजीत की हालत गंभीर होने पर प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर किया गया, जबकि 17 वर्षीय आकाश का इलाज लोहिया अस्पताल में चल रहा है। बताया गया कि संदीप दिल्ली में सिलाई का काम करता था और करीब एक सप्ताह पहले घर आया था। बुधवार को उसे वापस दिल्ली जाना था। शाम करीब सात बजे वह बाइक से फर्रुखाबाद के लिए निकला था। परिवार के ही सरबजीत और आकाश उसे छोड़ने के लिए साथ जा रहे थे। इसी दौरान निबिया चौराहा के पास अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। संदीप की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। पिता कैलाश और मां सुनीता का रो-रोकर बुरा हाल है। अस्पताल प्रशासन ने शव को मोर्चरी में रखवाकर थाना पुलिस को सूचना दे दी है। फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है और हादसे के बाद फरार अज्ञात वाहन की तलाश की जा रही है.
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जगदलपुर पहुंचे सुखदेव भगत: बस्तर विस्थापन और ग्रामसभा अधिकार पर कांग्रेस का जोरदार दावा

Jagdalpur, Chhattisgarh:कांग्रेस पार्टी के नवनियुक्त प्रदेश प्रभारी सुखदेव भगत देर रात जगदलपुर पहुंचे यहां स्थानीय कार्यकर्ताओं ने पहले बस्तर दौरे में उनका जगह जगह जोरदार स्वागत किया, प्रदेश प्रभारी के साथ पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व पीसीसी अध्यक्ष मोहन मरकाम समेत कांग्रेस के कई पदाधिकारी और नेता मौजूद रहे, जगदलपुर में रात्रि विश्राम के बाद सुखदेव भगत दंतेवाड़ा रवाना होंगे। यहाँ दंतेश्वरी मंदिर में दर्शन के बाद वे बोधघाट परियोजना से प्रभावित लोगों से मुलाकात करेंगे और उनकी समस्याएं सुनेंगे, बस्तर पहुंचते ही प्रदेश प्रभारी ने विस्थापन और ग्रामसभा के अधिकारों का मुद्दा उठाया, उन्होंने कहा कि पांचवीं अनुसूची क्षेत्र होने के बावजूद बस्तर विस्थापन का दंश झेल रहा है और ग्रामसभा के अधिकारों के हनन के सवाल लगातार सामने आ रहे हैं, उन्होंने कहा कि राहुल गांधी हमेशा उन वर्गों के साथ खड़े रहे हैं, जिन्हें न्याय नहीं मिल पाता और बोधघाट परियोजना से प्रभावित लोगों के साथ भी कांग्रेस मजबूती से खड़ी रहेगी.
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दीपावली पर पटाखा सुरक्षा: आबादी से दूर दुकानों के लिये नए नियम लागू

Ujjain, Madhya Pradesh:नई अस्थाई लाइसेंस नहीं मिलेंगे, आबादी से दूर लगेंगी दुकानें; नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई उज्जैन। दशहरा और दीपावली को देखते हुए उज्जैन प्रशासन ने पटाखों की बिक्री और भंडारण को लेकर सुरक्षा के लिए जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इस बार पहले से जारी और वैध अस्थाई पटाखा लाइसेंस का ही नवीनीकरण किया जाएगा। नए अस्थाई लाइस्ठ लाइसेंस जारी नहीं किए जाएंगे। प्रशासन के मुताबिक पटाखों की दुकानें आबादी वाले इलाकों से दूर और सुरक्षित स्थानों पर लगाई जाएंगी। धार्मिक स्थल, अस्पताल, स्कूल और प्रतिबंधित क्षेत्रों के आसपास दुकानें लगाने की अनुमति नहीं होगी। एक स्थान पर अधिकतम 50 दुकानों का समूह बनाया जा सकेगा और दुकानों के बीच कम से कम 3 मीटर की दूरी रखना जरूरी होगा होगा। दुकानें अग्निरोधी सामग्री या लोहे की चादरों से बनाई जाएंगी। इनमें लकड़ी की रैक या कपड़े के शामियाने का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। दुकान के ऊपर किसी के रहने की व्यवस्था या ऊपर जाने का रास्ता भी नहीं होना चाहिए। दो दुकानों के बीच छोड़ी गई जगह में पटाखे रखना भी प्रतिबंधित रहेगा। दुकान पर पानी और बालू रखना जरूरी पटाखा विक्रेताओं को अपनी दुकान के सामने आग बुझाने के इंतजाम रखने होंगे। पानी और बालू से भरी बाल्टियों के साथ जरूरी अग्निशमन उपकरण भी उपलब्ध रखना होगा। पटाखा बिक्री वाले स्थानों पर 24 घंटे फायर ब्रिगेड की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी。 बिजली की व्यवस्था भी सुरक्षित तरीके से करनी होगी। तेल के दीये, खुली लौ या आसानी से आग पकड़ने वाली सामग्री का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। नाबालिगों को नहीं बेचे जाएंगे पटाखे प्रशासन ने साफ किया है कि नाबालिग बच्चों को पटाखे नहीं बेचे जाएंगे। बिना लाइसेंस पटाखों की खरीद-बिक्री भी पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। दुकान पर पटाखों का प्रदर्शन नहीं किया जा सकेगा। थोक विक्रेता केवल वैध लाइसेंस वाले फुटकर विक्रेताओं को ही निर्धारित मात्रा में पटाखे बेच सकेंगे। ठेलागाड़ी, चलती-फिरती दुकान या हाट-बाजार में पटाखों की बिक्री की अनुमति नहीं होगी। आबादी में पटाखों का भंडारण नहीं शहरी और आबादी वाले क्षेत्रों में पटाखों का भंडारण और बिक्री प्रतिबंधित रहेगी। यदि किसी थोक विक्रेता की दुकान शहर में है तो वहां केवल एक-एक सैंपल रखकर ऑर्डर लिया जा सकेगा। पटाखों की वास्तविक बिक्री और डिलीवरी निर्धारित गोदाम से ही करनी होगी。 निर्धारित स्थान के अलावा कहीं और पटाखे बेचते पाए जाने पर पुलिस तत्काल कार्रवाई करेगी। चाइनीज और प्रतिबंधित पटाखों पर रोक प्रशासन ने चाइनीज और प्रतिबंधित पटाखों के इस्तेमाल, खरीद-बिक्री और भंडारण पर पूरी तरह रोक लगाई है। सभी पटाखा कारोबारियों को अपने लाइसेंस की शर्तों और विस्फोटक संबंधी नियमों का पालन करना होगा。 पटाखा विक्रेताओं के बीच विवाद होने पर लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई भी की जा सकती है。 दीपावली पर 24 घंटे निगरानी प्रशासन ने पूरे दीपावली पर्व के दौरान पटाखा बिक्री केंद्रों और प्रमुख स्थानों पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। जरूरत के अनुसार सर्चिंग और औचक निरीक्षण भी किए जाएंगे। पटाखा बिक्री केंद्रों और अस्पतालों में जरूरत पड़ने पर मेडिकल स्टाफ, एंबुलेंस और जरूरी दवाइयां उपलब्ध रहेंगी। जिला अस्पताल में भी आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था तैयार रखी जाएगी。 बिजली विभाग को भी पर्याप्त स्टाफ और सुरक्षा उपकरण तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल और कार्यपालिक मजिस्ट्रेट तैनात रहेंगे。 इसके अलावा तहसील कार्यालयों और नगरीय निकायों में 24 घंटे चलने वाले कंट्रोल रूम बनाए जाएंगे, ताकि किसी भी आपात स्थिति में अलग-अलग विभागों के बीच तुरंत समन्वय किया जा सके。 प्रशासन ने लोगों से भी अपील की है कि वे केवल अधिकृत दुकानों से ही पटाखे खरीदें और सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए दीपावली का त्योहार मनाएं。
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