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Telangana to Get New Emblem, CM Revanth Reddy Provides Guidelines
Behil, Uttar Pradesh:Telangana is set to unveil a new emblem soon, as Chief Minister A Revanth Reddy on Wednesday provided guidelines to artist Rudra Rajesham for designing the emblem. The new emblem will replace the one adopted by the previous BRS government on June 2, 2014. The decision to change the emblem reflects the new government's vision and priorities for the state.
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दिल्ली मायापुरी में नशे में धुत ट्रक ड्राइवर का वीडियो वायरल, लोगों की सुरक्षा को खतरा
Delhi, Delhi:दिल्ली के मायापुरी भारतीय खाद्य निगम के ट्रक ड्राईवर नशे में धुत वीडियो हुआ वायरल. चलती सड़क पर चार-पाँच लोगों को कुचलते कुचलते बचा. वीडियो में नशे में धुत ट्रक ड्राइवर किस तरह लोगो को जान से मारने की धमकी और गंदी गाली दे रहा है. मायापुरी गोदाम में ट्रक ड्राइवरों का न तो पुलिस verification होता है. कई ट्रक ड्राइवर्स के पास तो लाइसेंस तक नहीं होता. दिल्ली पुलिस और ट्रैफिक पुलिस को ऐसे ड्राइवर्स पर लगाम लगानी चाहिए. मायापुरी में राशन की दुकान पर गेहूं चावल की सप्लाई होती है. मायापुरी गोदाम से सड़क पर ट्रक बेलगाम फर्राटा भरते हैं. देर शाम एक चावल से भरा ट्रक चला और ड्राइवर नशे में ट्रक चला रहा था; रास्ते में चार-पाँच लोग ट्रक की चपेट में आने से बाल-बाल बचे. समूह ने ड्राइवर को पकड़ा तो उसने जान से मारने की धमकी दी और गंदी गालियाँ दीं. ड्राइवर की पहचान जुबेर खान के रूप में हुई. नशे में धुत ट्रक ड्राइवर का वीडियो वायरल हो रहा है. इससे पहले भी मायापुरी खाद्य निगम के राशन से भरे ट्रक का वीडियो वायरल हुआ था जिसमें राशन की चोरी के लिए ट्रक के केबिन में ईंट भरी थी और लेबर तथा ट्रक ड्राइवर ट्रक छोड़कर फरार हो गए थे. गोदाम में खाद्य मंत्री के अधिकारियों के साथ औचक निरीक्षण होना चाहिए ताकि ऐसे ड्राइवरों पर लगाम लगे. गोदाम में काम करने वाले सभी ट्रक ड्राइवरों और लेबर का पुलिस वेरिफिकेशन होना जरूरी है. दिल्ली पुलिस और ट्रैफिक पुलिस को इन पर संज्ञान लेना चाहिए ताकि ऐसे ट्रक और ड्राइवरों पर लगाम लग सके.0
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जळगाव-तोंडापुर में भारी बारिश, नाले उफान, क्रेन से लोग सुरक्षित बाहर निकले
Jalgaon, Maharashtra:जळगाव जामनेर जामनेर तालुक्यातील तोंडापकूर परिसरात आज जोरदार पाऊस झाला. जोरदार पावसामुळे नाल्यांना पूर आल्याने तात्पुरता तयार पर्यायी रस्ता वाहून गेल्याची घटना तोंडापुर वाकोद रस्त्यावर पुलाचे काम सुरु असल्याने तात्पुरता पर्यायी रस्ता तयार केला होता मुसळधार पावसामुळे पाण्याच्या जोरदार प्रवाहाने रस्ता वाहुन गेला. यावेळी रस्त्याच्या अलीकडे अडकलेल्या लोकांना क्रेन मशीनच्या सहाय्याने पलीकडे सोडून रस्ता पार करण्यात आला. अडकलेला लोकांना रस्ता पार करण्यासाठी यावेळी क्रेन मशीनला पाचारण करण्यात आलं व त्या माध्यमातून अडकलेल्या नागरिकांचा रस्ता पार करण्यात आला..0
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बगहा के सिकटा बेलवा में आग लगने से युवक झुलसा, दुकान मकान राख
Bagaha, Bihar:रामनगर थाना क्षेत्र के सिकटा बेलवा गांव में बिजली के शॉर्ट सर्किट से आग लगने से अफरा तफ़री मच गई। आग की लपटों के बीच एक युवक बुरी तरह झुलस गया। इस भीषण अगलगी में एक जनरल स्टोर दुकान समेत एक मकान जलकर राख हो गया। आग लगने से लाखों की संपत्ति का नुकसान हुआ है। आग की लपटे इतनी भयावह थीं कि गांव में हड़कंप मच गया। आग की लपटे देखते हीं देखते दुकान के ऊपर के तल तक फैल गया। बाहर निकलते समय दो लोग आग में बुरी तरह झुलस गए, जिनमें एक युवक की हालत गंभीर है। पल्सर बाइक दुकान के सारे सामान सहित लाखों की संपत्ति जलकर राख हो गया। दुकानदार मोहन साह के बेटे छोटू साह (25) गंभीर रूप से झुलस गया है; दूसरे व्यक्ति की स्थिति नियंत्रण में है। ग्रामीणों ने आग बुझाई लेकिन तब तक सब कुछ राख हो गया। अग्नि पीड़ित दुकानदार और ग्रामीण प्रशासनिक स्तर पर मुआवजे की दरकार है; दुकानदार मोहन साह ने बिजली विभाग पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए कार्रवाई और क्षतिपूर्ति की मांग की है।0
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मैहर के जलहा गांव में 2.92 लाख रुपये लागत की सड़क पर खंभा खड़ा; जांच की मांग
Maihar, Madhya Pradesh:मैहर जिले के ग्राम पंचायत कंचनपुर के जलहा गांव में सरकारी लापरवाही का अनोखा मामला सामने आया है। यहां करीब 2.92 लाख रुपये की लागत से लगभग 100 मीटर लंबी सीसी सड़क का निर्माण कराया गया, लेकिन सड़क के बीचों-बीच खड़े बिजली के खंभे को हटाने की जरूरत तक नहीं समझी गई। नतीजतन सड़क बन गई, लेकिन खंभा वहीं का वहीं खड़ा रह गया। इस लापरवाही की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। लोग इसे सरकारी सिस्टम का स्मारक बताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों और निर्माण एजेंसी पर सवाल उठा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता है। मामला सामने आने के बाद जिला पंचायतसीईओ शैलेन्द्र सिंह ने जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस लापरवाही पर सिर्फ जांच तक सीमित रहता है या जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई भी होती है।0
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नॉर्थ वेस्ट डिस्ट्रिक्ट में RWA बैठक: सुरक्षा और अपराध रोकथाम पर जोर
New Delhi, Delhi:नॉर्थ वेस्ट डिस्ट्रिक्ट में जिला स्तरीय RWA (रेज़िडेंट वेलफेयर एसोसिएशन) की बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें जिले की विविध RWA के पदाधिकारियों और सदस्यों ने भाग लिया। बैठक के दौरान क्षेत्र की कानून-व्यवस्था, सुरक्षा और नागरिक सुविधाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। RWA प्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं को पुलिस प्रशासन के समक्ष रखा। इनमें कई स्थानों पर टूटी हुई बाउंड्री वॉल, ट्रैफिक जाम, क्षेत्रवार अपराध, पार्कों की सुरक्षा तथा अंधेरे वाले स्थानों (डार्क स्पॉट्स) में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था नहीं होने जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। बैठक को संबोधित करते हुए डीसीपी आकांक्षा यादव ने कहा कि पार्कों की सुरक्षा को और मजबूत किया जाएगा तथा जिन स्थानों पर प्रकाश व्यवस्था की समस्या है, वहां संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। साथ ही ऐसे क्षेत्रों में पुलिस पेट्रोलिंग भी बढ़ाई जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि RWA पुलिस के लिए "आंख और कान" की तरह कार्य करती हैं। स्थानीय लोगों से मिलने वाली सूचनाएं अपराध की रोकथाम और बेहतर पुलिसिंग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसी उद्देश्य से अब जिला स्तर पर प्रत्येक माह RWA बैठक आयोजित की जाएगी, ताकि लोगों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा सके। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि नॉर्थ वेस्ट डिस्ट्रिक्ट में अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों के खिलाफ होने वाले अपराधों पर पुलिस की विशेष नजर रहेगी। अधिकारियों ने कहा कि कानून का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बैठक का उद्देश्य पुलिस और आम नागरिकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना, स्थानीय समस्याओं का समाधान करना तथा सुरक्षित और अपराधमुक्त वातावरण सुनिश्चित करना रहा।0
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आगरा: कुकथला में विभाग की छापेमारी, 50 किलोग्राम पनीर और 150 लीटर दूध नष्ट
Agra, Uttar Pradesh:आगरा ब्रेकिंग कुकथला में पनीर निर्माण इकाई पर खाद्य विभाग की छापेमारी कार्रवाई 50 किलो पनीर और 150 लीटर मिश्रित दूध कराया गया नष्ट अस्वच्छ परिस्थितियों में संचालित मिली पनीर निर्माण इकाई मिश्रित दूध, घी और पनीर के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए उपभोग के लिए अनुपयुक्त 50 किलो पनीर और 150 लीटर मिश्रित दूध नष्ट खाद्य कारोबारकर्ता को साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन के निर्देश0
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जालौन बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे हादसा: पीछे से टकराने से एक की मौत, दो घायल
Jalaun, Uttar Pradesh:ब्रेकिंग जालौन जालौन में बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर हुआ दर्दनाक हादса, खड़े ट्रक में पीछे से जा घुसा तेज रफ्तार दूसरा ट्रक, हादसे में दोनों ट्रकों के उड़े परखच्चे, ट्रकों का अगला हिस्सा बुरी तरह हुआ क्षतिग्रस्त, हादसे में एक युवक की मौके पर हुई मौत, दो लोग हुए गंभीर रूप से घायल, हादसे की सूचना पर एक्सप्रेस की टीम ने मौके पर पहुंचकर ट्रक में फंसे लोगों को निकाल बाहर, सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल लोगों अस्पताल में कराया भर्ती, मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा, जालौन कोतवाली क्षेत्र के बुंदेलखंड एक्सप्रेस का हादसा।0
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करनाल हाईवे पर खड़ी होंडा कार में वृद्ध व्यक्ति की मौत, पुलिस जांच शुरू
Karnal, Haryana:करनाल । नेशनल हाईवे के सर्विस रोड पर खड़ी होंडा कार में एक व्यक्ति का शव मिला । पुलिस ओर फॉरेंसिक जांच ने मौके पर पहुंच कर छानबीन शुरू की , मृतक की पहचान गांव बॉम्बरहेडी निवासी सत्यवान के रूप में हुई । पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर छानबीन शुरू कर दी । हाइवे पर खड़ी होंडा कार में एक व्यक्ति अचेत अवस्था में पड़ा होने की सूचना पर पुलिस तुरंत घटना स्थल पर पहुंची । कार खोल कर चेक किया गया तो ड्राइविंग सीट पर बैठे व्यक्ति की मौत हो चुकी थी । पुलिस ने कार की छानबीन की लेकिन मृतक की पहचान नहीं हुई जिसके बाद कार के नंबर को ट्रेस किया गया तो पता चला कि मृतक ऋषिकुल स्कूल के मालिक की कार चलाता था । मृतक सत्यवान गांव बम्बा रेहड़ी का रहना वाला था । पुलिस ने घटना की सूचना परिजनों को दी है । पुलिस अधिकारी राजेंद्र ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि कार में व्यक्ति अचेत पड़ा है आकर देखा तो उसकी मौत हो चुकी थी । घटना की छानबीन की जा रही है ।0
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राजस्थान हाईकोर्ट ने निजी नर्सिंग संस्थानों की काउंसलिंग रोक कर अगली सुनवाई तक स्थगित किया
Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य के विभिन्न निजी नर्सिंग एवं पैरामेडिकल संस्थानों को बड़ी राहत देते हुए राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय कॉमन एंट्रेंस टेस्ट 2026 के तहत बीएससी नर्सिंग, डी.फार्म और बीपीटी पाठ्यक्रमों की काउंसलिंग एवं सीट आवंटन प्रक्रिया पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। जस्टिस मुकेश राजपुरोहित की बेंच ने माना कि यदि लंबित एनओसी आवेदनों पर निर्णय किए बिना प्रवेश प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाती है तो संबंधित संस्थानों को अपूरणीय नुकसान हो सकता है। मामला राज्यभर के अनेक निजी नर्सिंग एवं स्वास्थ्य शिक्षा संस्थानों से जुड़ा है, जिन्होंने राजस्थान सरकार और संबंधित परिषदों के खिलाफ याचिकाएं दायर कर समय पर अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी नहीं करने का आरोप लगाया है। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि राज्य सरकार ने 15 अक्टूबर 2024 को नई नीति जारी कर आवेदन आमंत्रित किए थे, जिसके बाद संस्थानों ने आवश्यक आधारभूत ढांचा विकसित किया और निर्धारित प्रक्रिया पूरी की, लेकिन डेढ़ वर्ष से अधिक समय बीतने के बावजूद आवेदन लंबित पड़े हैं। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता श्रेयांस मर्डिया व अधिवक्ता अंकुर माथुर ने कोर्ट को बताया गया कि राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (आरयूएचएस) ने 11 जून 2026 को काउंसलिंग और अलॉटमेंट शेड्यूल जारी कर दिया है। उनका तर्क था कि यदि पहले एनओसी पर निर्णय नहीं हुआ और काउंसलिंग शुरू हो गई तो संस्थान एक और शैक्षणिक सत्र खो देंगे। वहीं राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि मामला सरकार के सक्रिय विचाराधीन है और अंतिम निर्णय लेने के लिए कम से कम दो सप्ताह का समय लगेगा। कोर्ट ने पूर्व आदेशों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार पहले भी कई अवसरों पर अंतिम निर्णय का आश्वासन दे चुकी है, लेकिन लंबित आवेदनों पर अब तक ठोस प्रगति नहीं हुई। कोर्ट ने यह भी नोट किया कि कुल 676 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से केवल 73 संस्थानों को एनओसी जारी की गई जबकि शेष मामलों पर कार्रवाई लंबित रही। कोर्ट ने कहा कि एक ओर एनओसी आवेदन लंबित रखना और दूसरी ओर प्रवेश प्रक्रिया शुरू करना न्यायसंगत नहीं माना जा सकता। ऐसे में कोर्ट ने आरयूएचएस 2026 की काउंसलिंग एवं अलॉटमेंट प्रक्रिया को बीएससी नर्सिंग, डी.फार्म और बीपीटी पाठ्यक्रमों के संबंध में अगली सुनवाई तक स्थगित रखने के आदेश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 15 जुलाई 2026 को होगी।0
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छत्तीसगढ़: CBI जांच के आदेश, नौगई ट्रिपल मर्डर केस में नया मोड़
Raipur, Chhattisgarh:कोरिया के नौगई ट्रिपल मर्डर मामले से जुड़ी बड़ी खबर है. इस घटना में भाजपा नेता को जिंदा जला दिया गया था. छतीसगढ़ सरकार ने इस मामले की CBI से जांच कराने का फैसला लिया है. 16 जून की रात को ये घटना हुई थी, जिसमें भरत सिंह, नागेंद्र सिंह और वीरेंद्र सिंह की मौत हुई थी. परिजन इस मामले की CBI जांच की मांग कर रहे थे. गृह मंत्री विजय शर्मा ने आज ही परिजनों से बात की थी0
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गोरखपुर में अज्ञात वाहन ने बाइक सवार दो युवकों को टक्कर दी, एक की मौत
Gorakhpur, Uttar Pradesh:गोरखपुर में अज्ञात वाहन ने नेशनल हाईवे-28 पर बाइक सवार दो युवकों को जोरदार टक्कर दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों युवक 10 फीट ऊपर उछलकर सड़क पर गिर गए और गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में एक युवक की अस्पताल में मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल बताया जा रहा है। स्थानीय पुलिस फरार वाहन की तलाश में जुटी है। मौके पर सोनबरसा चौकी प्रभारी नितेश राय पुलिस टीम के साथ पहुंच गए और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को एम्बुलेंस से एम्स अस्पताल भेज दिया गया। इब्राहिमपुर निवासी 40 वर्षीय संजय चौधरी को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि उनके साथी जयप्रकाश उर्फ पिंटू पासवान का इलाज जारी है। पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज चुकी है। फरार वाहन की तलाश शुरू कर दी गई है; CCTV फुटेज से पहचान की कोशिश हो रही है। एक परिवार ने अपना सदस्य खो दिया है, दूसरा जिंदग़ी की जंग लड़ रहा है।0
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हाई कोर्ट ने बीसलपुर बांध से पानी वितरण पर सरकार से जवाब मांगा
Jaipur, Rajasthan:हाई कोर्ट के शॉट और न्याय मित्र प्रतीक कासलीवाल की बाईट इंट्रो- राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रदेश में पेयजल की किल्लत और जल संरक्षण से जुडे मामले में राज्य सरकार को शपथ पत्र पेश कर बताने को कहा है कि बीसलपुर बांध का पानी कितने जिलों में पेयजल के लिए सप्लाई हो रहा है और उसका वितरण कितने जिलों में होना चाहिए। इसके साथ ही अदालत ने राज्य सरकार से यह भी बताने को कहा है कि हर घर में पेयजल पहुंचाने की क्या स्थिति है। एक्टिंग सीजे संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस मनीष शर्मा की खंडपीठ ने यह आदेश जल संरक्षण के मुद्दे पर पूर्व में लिए गए स्वप्रेरित प्रसंज्ञान पर सुनवाई करते हुए दिए。 बॉडी- सुनवाई के दौरान न्याय मित्र प्रतीक कासलीवाल ने कहा कि प्रदेश में पानी की किल्लत बनी हुई है। बीसलपुर बांध से जिलों में सप्लाई होने वाले पानी का ब्यौरा भी सरकार को देना चाहिए। इस पर राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि प्रदेश में जल जीवन मिशन प्रोजेक्ट के तहत इस संबंध में काम किया जा रहा है। इस पर खंडपीठ ने कहा कि सरकार पहले यह बताए कि हर घर में पेयजल आपूर्ति की क्या स्थिति है और बीसलपुर बांध से पानी कहां सप्लाई हो रहा है। इसके साथ ही अदालत ने मामले की सुनवाई तीन सप्ताह बाद रखी है। गौरतलब है कि हाईकोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए गत 22 अप्रैल को मामले में स्वप्रेरणा से प्रसंज्ञान लिया था। वहीं उन जिलों में पानी के स्थायी स्रोत उपलब्ध कराने की योजना के बारे में जानकारी मांगी थी, जहां पानी की कमी है और लोगों को कई किलोमीटर दूर पानी के लिए चलना पड़ता है।0
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पांचना बांध जल विवाद: चार घंटे की बैठक बेनतीजा, मंत्री नाराज होकर चले गए
Jaipur, Rajasthan:पांचना बांध जल विवाद मीटिंग में हंगामा,किरोडी नाराज होकर मीटिंग छोड निकले,4 घंटे की बैठक बेनतीजा आशीष चौहान, जयपुर-पांचना बांध जल विवाद की मीटिंग में बात नहीं बन पाई.तीन पक्षों का विवाद सुलझाने के लिए सरकार ने 3 मंत्रियों ने किसानों के साथ चर्चा की.बैठक अंतिम चरण में थी.लेकिन अचानक बैठक में हंगामा हुआ तो बनती बात बिगड गई.आखिरकार कहां बनी कहां बिगडी बात..देखे इस रिपोर्ट में! अचानक हंगामा हुआ- पांचना बांध जल मामले को लेकर तीन पक्षों का विवाद सुलझाने के लिए सरकार ने बुलाई बैठक में हंगामा हो गया.20 साल पुराने जल विवाद को खत्म करने के लिए तीन मंत्रियों के साथ किसानों की चर्चा हुई.लेकिन मीटिंग के अंतिम पडाव पर थी.विवाद सुलझाने के लिए समझौता ड्राफ़्ट भी तैयार किया गया.लेकिन अचानक से मीटिंग में बांध से पानी छोड़ने को लेकर हंगामा हो गया.दो पक्षों में जमकर बहस हुई.इसके बाद कृषि मंत्री किरोडीलाल मीणा अचानक से मीटिंग छोड़कर चले गए.मीडिया ने किरोडीलाल मीणा से मीटिंग से सवाल किए,लेकिन उन्होंने कुछ नहीं कहा.जल विवाद को लेकर मंत्री सुरेश सिंह रावत की अध्यक्षता में मीटिंग थी,जिसमें गृहराज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम भी शामिल हुए. बाइट-किरोडीलाल मीणा,कृषि मंत्री 4 घंटे की मीटिंग बेनतीजा- किसानों और ग्रामीणों के तीनों पक्षों के साथ चली 4 घंटे की मीटिंग बेनतीजा रही.इस मीटिंग में जल विवाद को लेकर हल नहीं निकल पाया.दो पक्षों में बांध से पानी छोड़ने को लेकर विवाद गरमा गया.मीटिंग के बाद जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत का कहना था कि मीटिंग में किसी तरह का विवाद नहीं हुआ.किरोडीलाल मीणा सरकार में वरिष्ठ मंत्री है.वो नाराज होकर नहीं गए.गृहराज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम का कहना था कि अगली मीटिंग फिर होगी.इसकी तारीख जल्द ही तय की जाएगी. बाइट-सुरेश सिंह रावत,जल संसाधन मंत्री बाइट-जवाहर सिंह बेढम,गृह राज्य मंत्री क्या है पांचना बांध विवाद पांचना बांध विवाद मुख्य रूप से राजस्थान के करौली और सवाई माधोपुर जिलों के 74 गांवों के बीच पानी के बंटवारे को लेकर पिछले 20 सालों से चल रहा हैं. बांध के आस-पास के 39 गांवों का कहना है कि बांध के निर्माण में उनकी जमीनें गईं, इसलिए पहला हक उनका है, उन्हें डर है कि नहरों में पानी छोड़ने से उनके खुद के क्षेत्र में जल संकट गहरा जाएगा वहीं दूसरी ओर नहरों के अंत में बसे कमांड एरिया के 35 गांवों के किसानों को 2006 से सिंचाई का पानी नहीं मिल रहा है। उनकी मांग है कि राजस्थान हाईकोर्ट के आदेशानुसार नहरों में तुरंत पानी छोड़ा जाए क्योंकि पानी नहीं मिलने से उन्हें हर साल करोड़ों का नुकसान हो रहा है.अब सवाल ये है कि तीन पक्षों का विवाद कैसे सुलझेगा.0
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पांचना बांध जल विवाद: चार घंटे की बैठक बेनतीजा, मंत्री मीणा मीटिंग छोड़कर गए
Jaipur, Rajasthan:पांचना बांध जल विवाद मीटिंग में हंगामा, किरोड़ीलाल मीणा नाराज होकर मीटिंग छोड़कर चले गए। चार घंटे की मीटिंग बेनतीजा रही। जयपुर- पाँचना बांध जल विवाद की मीटिंग में बात नहीं बन पाई। तीन पक्षों का विवाद सुलझाने के लिए सरकार ने तीन मंत्रियों ने किसानों के साथ चर्चा की। बैठक अंतिम चरण में थी, लेकिन अचानक मीटिंग में हंगामा हो गया और बातें बिगड़ गईं। आखिरकार कहां बनी कहां बिगड़ी बात, देखिए इस रिपोर्ट में। अचानक हंगामा हुआ। पाँचना बांध जल मामले को लेकर तीन पक्षों का विवाद सुलझाने के लिए सरकार ने बुलाई बैठक में हंगामा हो गया। बीस साल पुराने जल विवाद को खत्म करने के लिए तीन मंत्रियों के साथ किसानों की चर्चा हुई, लेकिन मीटिंग के अंतिम पड़ाव पर थी। विवाद सुलझाने के लिये समझौता ड्राफ्ट भी तैयार किया गया, लेकिन अचानक से मीटिंग में बाँध से पानी छोड़ने को लेकर हंगामा हो गया। दो पक्षों में जमकर बहस हुई। इसके बाद कृषि मंत्री किराड़ीलाल मीणा अचानक से मीटिंग छोड़कर चले गए। मीडिया ने किराड़ीलाल मीणा से मीटिंग से सवाल किए, लेकिन उन्होंने कुछ नहीं कहा। जल विवाद को लेकर मंत्री सुरेश सिंह रावत की अध्यक्षता में मीटिंग थी, जिसमें गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम भी शामिल हुए। बाइट- किराड़ीलाल मीणा, कृषि मंत्री। चार घंटे की मीटिंग बेनतीजा। किसानों और ग्रामीणों के तीनों पक्षों के साथ चली बैठक बेनतीजा रही। इस मीटिंग में जल विवाद को लेकर हल नहीं निकल पाया। दो पक्षों में बांध से पानी छोड़ने को लेकर विवाद गरमा गया। मीटिंग के बाद जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत का कहना था कि मीटिंग में किसी तरह का विवाद नहीं हुआ। किराड़ीलाल मीणा सरकार में वरिष्ठ मंत्री हैं। वह नाराज होकर नहीं गए। गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम का कहना था कि अगली मीटिंग फिर होगी, इसकी तारीख जल्द ही तय की जाएगी। क्या है पांचना बांध विवाद? पाँचना बांध विवाद मुख्य रूप से राजस्थान के करौली और सवाई माधोपुर जिलों के 74 गांवों के बीच पानी के बंटवारे को लेकर पिछले 20 सालों से चल रहा है। बांध के आस-पास के 39 गांवों का कहना है कि बांध के निर्माण में उनकी जमीनें गईं, इसलिए पहला हक उनका है, उन्हें डर है कि नहरों में पानी छोड़ने से उनके खुद के क्षेत्र में जल संकट गहरा जाएगा। वहीं दूसरी ओर नहरों के अंत में बसे कमांड एरिया के 35 गांवों के किसानों को 2006 से सिंचाई का पानी नहीं मिल रहा है। उनकी मांग है कि राजस्थान हाईकोर्ट के आदेशानुसार नहरों में तुरंत पानी छोड़ा जाए क्योंकि पानी नहीं मिलने से उन्हें हर साल करोड़ों का नुकसान हो रहा है। नोट- इस खबर की फीड टीवीयू से स्लग से इंजस्ट हुई है।0
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सीकर में संविदा नर्सिंगकर्मियों की सेवा बहाल को लेकर कैंडल मार्च प्रदर्शन
Sikar, Rajasthan:सीकर में सेवा बहाली की मांग को लेकर हटाए गए संविदा नर्सिंगकर्मियों का कैंडल मार्च, राजस्थान नर्सेज संयुक्त संघर्ष समिति के तत्वावधान में प्रदेशभर में हटाए गए प्लेसमेंट नर्सिंगकर्मियों की सेवा बहाल करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर सीकर में आज मंगलवार शाम कैंडल मार्च निकाला गया। श्री कल्याण राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं संबद्ध चिकित्सालय के धरना स्थल से शुरू हुआ कैंडल march शहर के कल्याण सर्किल तक पहुंचा, जहां नर्सिंगकर्मियों ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में हटाए गए संविदा नर्सिंगकर्मी सहित सेवारत नर्सिंगकर्मी भी शामिल हुए। संघर्ष समिति के रामनिवास चाहर और राजेश कुमार बाटड़ ने बताया कि करीब तीन वर्ष पूर्व प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में प्लेसमेंट और संविदा के आधार पर नर्सिंगकर्मियों की नियुक्ति की गई थी, लेकिन अब उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। उन्होंने मांग की कि सभी हटाए गए प्लेसमेंट नर्सिंगकर्मियों को तत्काल प्रभाव से पुनः सेवा में लिया जाए तथा आगामी भर्ती में उनके अनुभव के आधार पर 10 से 20 अतिरिक्त अंक दिए जाएं। पदाधिकारियों ने जयपुर में सेवा समाप्त होने के बाद आत्महत्या करने वाले नर्सिंगकर्मी दीपक के परिजनों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा, उनकी पत्नी को सरकारी नौकरी तथा मामले के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की। उन्होंने कहा कि कैंडल मार्च के माध्यम से सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने का प्रयास किया गया है। यदि समय रहते मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेशभर में आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। 1.बाइट – रामनिवास चाहर (ब्राउन शर्ट) पदाधिकारी, नर्सिंगकर्मी संघर्ष समिति, सीकर। 2.बाइट – राजेश कुमार बाटड़ (व्हWHITE शर्ट) पदाधिकारी, नर्सिंगकर्मी संघर्ष समिति, सीकर।0
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