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जेपीएससी घोटाले पर CID का बड़ा एक्शन, रांची समेत बिहार-झारखंड में छापेमारी

Ranchi, Jharkhand:जेपीएससी घोटाले में CID का बड़ा एक्शन..... जेपीएससी की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच अब और तेज हो गई है। सीआईडी और रांची पुलिस की संयुक्त टीम ने रांची समेत झारखंड और बिहार के कई ठिकानों पर एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी की। जांच एजेंसियों की यह कार्रवाई आरोपियों से पूछताछ में मिले इनपुट के आधार पर की गई है। राज्यभर में छापेमारी,कई कोचिंग संस्थान भी जांच के घेरे में..... 14वीं जेपीएससी परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ियों की जांच में जुटी सीआईडी ने रांची पुलिस के सहयोग से बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया है। रांची, धनबाद, हजारीबाग और पलामू सहित बिहार के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की जा रही है। सीआईडी की टीम ने शुभांगन की पाठशाला, पतंजलि आईएएस संस्थान समेत 15 से अधिक ऐसे ठिकानों पर दबिश दी है। जांच के दायरे में कई कोचिंग संस्थान और उनसे जुड़े लोगों के ठिकाने शामिल हैं। रांची में सर्च ऑपरेशन,नामकुम और धुर्वा पर फोकस..... रांची के नामकुम और धुर्वा समेत कई इलाकों में सर्च ऑपरेशन जारी है। नामकुम में आदित्य पांडेय के आवास पर भी सीआईडी की टीम जांच कर रही है। दस्तावेज और डिजिटल सबूत खंगाले जा रहे...... पलामू में कोचिंग संचालक और शिक्षक रवि के घर पर भी कार्रवाई की गई है। जांच एजेंसियां दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य अहम साक्ष्यों को खंगाल रही हैं। बताया जा रहा है कि यह पूरी कार्रवाई आरोपी अभय तिवारी से पूछताछ के दौरान मिले सुरागों के आधार पर की जा रही है। माना जा रहा है कि इस छापेमारी से परीक्षा अनियमितता मामले में कई नए खुलासे हो सकते हैं। जाँच निर्णायक मोड़ पर ,बढ़ सकती है आरोपियों की मुश्किलें...... जेपीएससी परीक्षा घोटाले की जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। सीआईडी की इस व्यापक कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं। आने वाले घंटों में जांच एजेंसी कई अहम खुलासे कर सकती है।
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हरिद्वार में सावन के पहले सोमवार पर श्रद्धालुओं की भीड़ और जलाभिषेक

Haridwar, Uttarakhand:सावन के पहले सोमवार पर धर्मनगरी हरिद्वार में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। कनखल स्थित भगवान भोलेनाथ की ससुराल दक्षेश्वर महादेव मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। इसी बीच हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने अपनी पत्नी प्रज्ञा दीक्षित के साथ मंदिर पहुंचकर विधि-विधान से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया और प्रदेश एवं जनपद की सुख-समृद्धि की कामना की। पूजा-अर्चना के बाद जिलाधिकारी ने मंदिर परिसर और आसपास की सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। सावन के पहले सोमवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के मंदिरों में पहुंचने को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्थाओं की जानकारी ली गयी। डीएम ने कहा कि श्रद्धालुओं को दर्शन और जलाभिषेक के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए प्रशासन और पुलिस की टीमें लगातार व्यवस्थाओं पर नजर बनाए हुए हैं। इसके साथ ही जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने हरिद्वार पहुंच रहे शिवभक्त कांवड़ियों से मुलाकात कर उनका स्वागत किया और उन्हें फल वितरित किए। डीएम ने कहा कि सावन के दौरान हरिद्वार के प्रमुख मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है, ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ श्रद्धालुओं की सुविधा को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
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इटावा केदारेश्वर मंदिर में सावन के पहले सोमवार पर भक्तों का भारी तांता

Etawah, Uttar Pradesh:इटावा में सावन के पहले सोमवार को केदारेश्वर शिव मंदिर में भक्तों की भीड़ उमड़ी नजर आई है वहीं श्रद्धालुओं का सुबह से दर्शन करने के लिए तांता लगा नजर आया है वहीं सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम देखने को मिल रहे है。 इटावा जनपद के केदारेश्वर महादेव मंदिर ने सावन के पहले सोमवार को सुबह से ही भक्त की भीड़ देखने को मिल रही है बाबा भोलेनाथ के दर्शन के लिए भक्त सुबह से ही दर्शन करने के लिए पहुंच रहे है। सावन के पहले सोमवार को विशेष पूजा अर्चना इस केदारेश्वर मंदिर में की जा रही है इटावा में बना यह केदारेश्वर महादेव मंदिर उत्तराखंड के केदारनाथ की तर्ज पर बना हुआ है। भक्तों में सुबह से ही उत्साह देखने को मिल रहा है वहीं मंदिर में दर्शन करने आने वाली भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिगत भारी संख्या में पुलिसबल को तैनात किया गया है।
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सावन में बद्रीनाथ मंदिर पर खीर प्रसाद से श्रद्धालुओं में खास उत्साह

Jokhanalagga Bura, Uttarakhand:चमोली भगवान बदरीनाथ मंदिर में इन दिनों श्रद्धालुओं को मुख्य पुजारी रावल और बद्री-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) की ओर से खीर का प्रसाद वितरित किया जा रहा है। सावन माह के दौरान खीर प्रसाद का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है, जिसे श्रद्धालु बड़े श्रद्धाभाव के साथ ग्रहण कर रहे हैं। मंदिर परिसर में प्रसाद वितरण के दौरान भक्तों में खास उत्साह देखने को मिल रहा है। श्रद्धालुओं का मानना है कि सावन में खीर का प्रसाद ग्रहण करने से भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है। बद्री-केदार मंदिर समिति द्वारा व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित रखा गया है, ताकि दर्शन और प्रसाद वितरण दोनों सुचारू रूप से संपन्न हो सकें। लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए मंदिर प्रशासन भी व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दे रहा है。
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राजनांदगांव में सावन के सोमवार पर शिवभक्तों ने जलाभिषेक के साथ कांवड़ यात्रा धूम

Rajnandgaon, Chhattisgarh:सावन के पहले सोमवार पर राजनांदगांव पूरी तरह शिवमय नजर आया। सुबह से ही शहर के प्रमुख शिव मंदिरों में भगवान भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से मंदिर परिसर गूंज उठे। वहीं बड़ी संख्या में कांवड़िये शिवनाथ नदी पहुंचे, जहां से उन्होंने पवित्र जल कांवड़ में भरकर विभिन्न शिव मंदिरों के लिए पैदल यात्रा शुरू की। कांवड़ यात्रा में महिलाएं, पुरुष और बच्चे पूरे उत्साह और भक्ति भाव के साथ शामिल हुए। केसरिया वस्त्र धारण किए श्रद्धालु बोल बम के नारों के साथ भगवान शिव की आराधना करते हुए आगे बढ़ते नजर आए। हालांकि कांवड़ियों ने शिवनाथ नदी तक जाने वाले मार्ग की बदहाल स्थिति पर नाराजगी भी जताई। उनका कहना था कि सड़क पर जगह-जगह गड्ढे होने के कारण जल लेकर पैदल चलने में काफी परेशानी हुई। इसके बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह और आस्था कम नहीं हुई और वे पूरे श्रद्धाभाव के साथ अपनी यात्रा पूरी करने में जुटे रहे। सावन के पहले सोमवार पर उमड़ी आस्था की इस तस्वीर ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि भगवान भोलेनाथ के प्रति श्रद्धालुओं की भक्ति हर कठिनाई पर भारी पड़ती है। मंदिरों में दिनभर जलाभिषेक, पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन का सिलसिला चलता रहा, जिससे पूरा शहर भक्तिमय माहौल में डूबा नजर आया।
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एनएच 707 पर मलबे से यातायात घंटों बाधित, ढाई मील तक भारी जाम

Paonta Sahib, Himachal Pradesh:एनएच 707 पर जगह जगह आया मलबा, मार्ग कई घंटे रहा बंद लगातार बरसात के चलते राष्ट्रीय राजमार्ग 707 बार-बार बाधित हो रहा है। एनएच पर सोमवार को भी कई जगह मालवा गिरा। जिसकी वजह से सड़क मार्ग कई घंटे तक बंद रहा। सबसे अधिक मालवा सतोन के समीप ढाई मील पर आया। यहां कीचड़ नुमा मलबे के कारण वाहन आगे नहीं बढ़ पाए। जिसकी वजह से यहां वाहनों की लंबी कतारे लग गई। लोगों को अपने वाहनों सहित कई घंटे तक यहां मशीन आने का इंतजार करना पड़ा यही नहीं सड़क बंद होने की वजह से तो एंबुलेंस भी जाम में फंसी रही विभाग और कंपनियों को बार-बार सूचित करने के 3 घंटे बाद वहां मशीन पहुंची और उसके बाद सड़क रिस्टोर करने का काम शुरू हो पाया। पहाड़ खिसकने की यह तस्वीरें डाबरा के समीप की है। यहां भी बारिश के कारण गीली मिट्टी और मालवा पेड़ सहित अचानक National Highway पर आ गया। हालांकि अधिक मालवा ना होने के कारण कुछ ही घंटे में यहां सड़क मार्ग को ठीक कर लिया गया था।
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खेड के चासकमान डैम ओवरफ्लो, भीमा नदी पर खतरे की घंटी

Khed, Maharashtra:सह्याद्रीच्या पर्वतरांगा परिसरात जोरदार पावसामुळे खेड तालुक्यातील चासकमान धरण ओव्हर फ्लो झाले असून धरणातून भीमा नदी पात्रात 17 हजार क्युसेक्स वेगाने पाण्याचा विसर्ग करण्यात आलाय. भीमा नदी धोकादायक पातळीवर वाहत असून नदीवरील बंधारे पाण्याखाली गेलेत. प्रशासनाकडून नदीकाठच्या नागरिकांना सतर्कतेचा इशारा देण्यात आलाय. 8.5 capacity असलेल्या या धरणातून पुणे सोलापुर जिल्ह्यातील गावांना शेतीसाठी पिण्यासाठी पाणी पुरवठा केला जातो. धरण ओव्हर फ्लो झाल्याने शेतकरी यांच्या शेती आणि पिण्याच्या पाण्याचा समस्या वाढली आहे.
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जेपीएससी अनियमितता: पूर्व चेयरमैन ख्यांगते से CID की पूछताछ, गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़ी

Ranchi, Jharkhand:झारखंड की बहुचर्चित जेपीएससी परीक्षा अनियमितता मामले में जांच लगातार तेज हो रही है। पूर्व जेपीएससी चेयरमैन एल. ख्यांगते एक बार फिर रांची स्थित सीआईडी मुख्यालय पहुंचे हैं, जहां उनसे पूछताछ शुरू हो गई है। इससे पहले भी सीआईडी लगातार तीन दिनों तक उनसे लंबी पूछताछ कर चुकी है। इस मामले में अब तक 11 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और जांच एजेंसी लगातार नए सिरे से साक्ष्यों का मिलान कर रही है। ऐसे में एल. ख्यांगते से हो रही दोबारा पूछताछ को जांच का अहम पड़ाव माना जा रहा है। जेपीएससी परीक्षा अनियमितता मामले में पूर्व चेयरमैन एल. ख्यांगते की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। सोमवार को एक बार फिर वे रांची स्थित सीआईडी कार्यालय पहुंचे, जहां जांच अधिकारियों ने उनसे पूछताछ शुरू कर दी है। इससे पहले भी सीआईडी लगातार तीन दिनों तक एल. ख्यांगते से कई घंटों तक पूछताछ कर चुकी है। जांच एजेंसी गिरफ्तार आरोपियों के बयान, जब्त दस्तावेज, डिजिटल साक्ष्यों और अन्य तथ्यों का मिलान कर रही है। सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान सामने आए कुछ बिंदुओं और जवाबों में कथित विरोधाभास को लेकर सीआईडी अब दोबारा एल. ख्यांगते से सवाल-जवाब कर रही है। जांच एजेंसी यह जानने की कोशिश कर रही है कि परीक्षा प्रक्रिया के दौरान निर्णय कैसे लिए गए और कथित अनियमितताओं में किसकी क्या भूमिका रही। गौरत है कि जेपीएससी परीक्षा अनियमितता मामले में अब तक 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं, सीआईडी लगातार अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी और साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई कर रही है। ऐसे में एल. ख्यांगते से हो रही यह ताजा पूछताछ जांच के लिए बेहद अहम मानी जा रही है। जांच के नतीजों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी और पूर्व चेयरमैन पर गिरफ्तारी की आशंका को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं।
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पीपलू के भूतेश्वर शिवालय में श्रद्धालुओं की आस्था का चमत्कार, सालभर भक्त जुटे

Tonk, Rajasthan:टोंक इस शिव मंदिर में हर मन्नत होती है पूरी, यहां प्राकृतिक हरियाली के दर्शन से भी मिलता है आत्मीय सुकून पीपलू। यूं तो प्रत्येक शहर और गांवों में शिव के अनेकों शिवालय है, जिनमें से अधिकतर का अपना-अलग पुरातात्विक और पौराणिक महत्व भी है। पुराणों में बारह ज्योर्तिलिंग के अलावा भी शिव के पवित्र स्थानों का उल्लेख मिलता है। प्रत्येक स्थान से जुड़ी अनेक कथाएं हैं तथा इसका खगोलीय महत्व भी है। ऐसा ही एक प्राचीन एवं ऐतिहासिक शिवालय मंदिर टोंक जिले के पीपलू शहर के पौराणिक रमणीक सरोवर किनारे स्थित है। जहां पहुंचने पर प्रत्येक व्यक्ति को शिव जलाभिषेक, ऊँ नम शिवाय के जाप सुनने, प्राकृतिक हरियाली के दर्शन से आत्मीय सुकून मिलता है। वहीं शिवालय में पूजा अर्चना करने से धर्म लाभ भी प्राप्त होता है। इस धार्मिक स्थल के बारे में मान्यता है कि यहां पर श्रद्धालु द्वारा की गई हर मन्नत पूर्ण होती है। यहां तक कि अकाल मृत्यु भय भी दूर होता है। इसी कारण यहां वर्ष भर श्रद्धालुओं का आने का तांता लगा रहता है तथा श्रावण मास में तो यहां सुबह से शाम तक शिव पूजा अर्चना करने वाले शिव भक्तों का जमावड़ा लगा रहता है\। किवदन्ति है कि इस मंदिर का निर्माण सातवीं सदी में पीपलू कस्बे को बसाने वाले पिताशाह विजयवर्गीय महाजन ने प्रभु कृपा से प्राप्त अमूल्य धातु पारस से स्वर्ण बनाते हुए करवाया था। जो धौली मालपुरा, गांव से सात जातियों के साथ पीपलू आए थे। पिताशाह ने पीपलू के पौराणिक सरोवर किनारे के शिवालय नामक स्थान पर विधि विधान से भगवान भूतेश्वर का मंदिर निर्मित कराते हुए प्रतिष्ठापना कराई। इन्होंने प्रभु कृपा से प्राप्त पारस से 15 हिन्दू तिथियों के मतानुसार 15 मंदिरों का निर्माण कराया था। जिनमें से कई मंदिर तो देखभाल संरक्षण अभाव में खण्डर हो मलवे में तब्दील हो गए। वहीं वर्तमान में प्राचीन एवं ऐतिहासिक गाथा कह रहे मंदिरों में भगवान भूतेश्वरनाथ, श्री चारभुजाजी, श्री सीतारामजी महाराज के है। शिवालय के स्थान पर श्रावण मास तथा महाशिवरात्रि पर्व पर लोक सांस्कृतिक मेलों पर भव्य आयोजन होते हैं। जिनमें शिव बाबा के विभिन्न स्वरूपों की सजाई जाने वाली झाकियां आकर्षण का केन्द्र होती है। यहां वर्षो से अखण्ड ज्योत जल रही है। वहीं मोर चुग्गा की व्यवस्थाएं क्षेत्रीय लोगों के सहयोग से अनवरत संचालित है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो के लिए क्षेत्रीय लोगों की श्री शिव समिति बनी हुई है। जो यहां की व्यवस्थाओं की देखभाल करने सहित इस स्थान का विस्तार करने एवं रमणीक बनाने में अनवरत लगी हुई है। जिसके प्रयासों से यहां भूतेश्वर उद्यान विकसित हुआ जहां बच्चों के मनोरंजन के लिए झूले, चकरियां, फिसल पट्टियाँ लगी हुई है। वहीं लोगों के विश्राम के लिए आरामदायक सीमेन्टेड बेेंच स्थापित है। यहाँ उद्यान में विवाह सहित मांगलिक कार्य होते है। समिति द्वारा हर वर्ष भागवत कथा का आयोजन करवाया जाता है। विभिन्न जरियों से होने वाली आय से मंदिर ओर परिसर का लगातार विकास किया जा रहा है। उद्यान में भ्रमण के लिए हरी दूब सहित विभिन्न किस्मों के पेड़ पौधे लगे हुए है जहां सुगन्धित चमेली, गुलाब के पुष्प यहां आने वाले प्रत्येक पर्यटक का मन लुभाते है। जिससे यह स्थल धार्मिकए पर्यटनए भ्रमणीक दृष्टि से बेहतर होने के कारण जन जन की आस्था का केन्द्र बना है।
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हाथूड़े डॉक्टर की तत्परता से गैस से प्रभावित दो लोग मौत के मुहाने से बचे

Jhargram, West Bengal:হাতুড়ে চিকিৎসক এর তৎপরতায় মৃত্যুর মুখ থেকে ফিরলো দুই ব্যাক্তি। trifling সংসারী তথ্য: তিন মাস আগে নির্মিত সেফটি ট্যাংকের পাটাতন খুলতে গিয়ে বিপত্তি, ওই যুবক সেফটি ট্যাংকের ভিতরে ঢোকেন পাটাতন খোলার জন্য। মুহূর্তের মধ্যে সেফটি ট্যাংকের বিষাক্ত গ্যাসে অজ্ঞান কর্মরত যুবক অজিত দেশোয়ালি, তাকে বাঁচাতে গিয়ে অসুস্থ বাড়ির মালিক সুব্রত সেনগুপ্ত, অবশেষে কর্মরত যুবকের স্ত্রীর চিৎকারে আশপাশের লোকজন এগিয়ে আসলে শুরু উদ্ধার কাজ, বাড়ির পাশের হাতুড়ে চিকিৎসকের তৎপরতায় সময় অক্সিজেন সিলিন্ডারের গ্যাস দিতে প্রাণে বাঁচেন ওই দুই ব্যক্তি। চিকিৎসকের ফোনেই ২ মিনিটের মধ্যে ঘটনাস্থলে পুলিশ, পরে তাদের উদ্ধার করে হাসপাতালে নিয়ে যাওয়া হয়। বর্তমানে দুই ব্যক্তিinrin সুস্থ রয়েছেন। বাইট ১) লতিকা দেশোয়ালি, প্রত্যক্ষদর্শী ও যুবকের স্ত্রী ২) দয়াময় দাশগুপ্ত, স্থানীয় হাতুড়ে চিকিৎসক ৩) গুরুদাস সেনগুপ্ত, বাড়ি মালিকের ভাই
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हिंदी में प्रमुख लाइन: शिक्षक अभाव से आठ आर्माबाग जूनियर हाईस्कूल बंद, शासन भर्ती तेज़ करेगी

Arambag, West Bengal:আরামবাগ: ০৩ অগাস্ট তৃণমূল আমলে শিক্ষক নিয়োগে ভাটা। দীর্ঘদিন ধরে শিক্ষক নিয়োগ নেই। শিক্ষাক্ষেত্রে ব্যাপক অব্যবস্থা এবং শিক্ষক সংকটের জেরে অবশেষে একেবারেই বন্ধ হয়ে গেল আরামবাগ মহকুমার ৮টি জুনিয়র হাইস্কুল। ফলে গ্রামে স্কুলের ভবন থাকলেও সেখানে আর পড়াশোনা হয় না। অথচ ছাত্রছাত্রী যথেষ্টই আছে। পরিকাঠামোও প্রায় ঠিকঠাকই। কিন্তু শুধু মাত্র শিক্ষক ও শিক্ষকিকা না রাখায় বাধ্য হয়ে এই সব ক'টি স্কুল বন্ধই হয়ে গেলো। আর স্কুল ভবন এখন ভুতুরে ভবনে পরিণত ও গ্রাম বাসীদের অন্য কাজে ব্যবহারের এক নির্ভর যোগ্য প্রতিষ্ঠানে পরিণত হয়েছে। এতে বাধ্য হয়েই এলাকার ছাত্রছাত্রীদের দূরের স্কুলে পড়তে যেতে হচ্ছে। যার ফলে এই বর্ষা তেও জল কাদা মারিয়ে দুর্ভোগের মধ্যেই তাদের দূরের স্কুলে যেতে হচ্ছে। কষ্টও হচ্ছে তাদের। কিন্তু উপায়ন্তর না থাকায় বহু ছাত্রছাত্রীকে অন্যত্রে যেতে হচ্ছে। যার ফলে বহু পরিবারকে অতিরিক্ত ভোগান্তির শিকার হতে হচ্ছে।স্কুল শিক্ষা দপ্তর সূত্রে জানা গেছে, আরামবাগের চুনাইট জুনিয়র হাইস্কুল, নারায়ণপুর জুনিয়র হাইস্কুল, গোঘাটের পাণ্ডুগ্রাম বেনেপুকুর শিবতলা জুনিয়র হাইস্কুল, খানাকুলের শশাপোতা হরিজন নিঃ বুঃ বিদ্যালয়, বামনখানা বিবেকানন্দ জুনিয়র হাইস্কুল, জগৎপুর জুনিয়র গার্লস হাইস্কুল, রাংতাখালি জুনিয়র স্কুল, মাদারিচক জুনিয়র স্কুল—মহকুমার এই মোট আটটি জুনিয়র হাইস্কুলে এই মুহুর্তে পড়ুয়া সংখ্যা শূন্যে নেমে আসায় স্কুলের গেটে তালা। আরও বেশকিছু স্কুলও ধুঁকছে। এলাকার মানুষের অভিযোগ, বিগত সরকারের ব্যর্থতায় স্কুলগুলির এই হাল। গ্রামের স্কুল থাকতেও ছেলেমেয়েদের দূরের স্কুলে পাঠাতে হচ্ছে। গ্রামের স্কুল চালু থাকলে অভিভাবকদের দুশ্চিন্তা দূর হতো। এইদিকে নতুন সরকার ফের শিক্ষক নিয়োগের প্রক্রিয়া শুরু করার উদ্যোগ নিয়ে এসেছে। তাই স্থানীয় বাসিন্দাদের আশা, দ্রুত পর্যাপ্ত শিক্ষক নিয়োগ হলে দীর্ঘদিন ধরে বন্ধ থাকা এই স্কুলগুলি আবার চালু হবে এবং গ্রামের পড়ুয়ারা নিজেদের এলাকাতেই শিক্ষার সুযোগ ফিরে পাবে। গোঘাটের পান্ডুগ্রামের বাসিন্দা, সুজয় রায়ের বক্তব্য, দেখুন গ্রামে স্কুলের বিল্ডিং আছে। ছাত্রছাত্রীরাও আছে। কিন্তু শিক্ষক বা শিক্ষকিকা নেই। এতে চরম সমস্যায় পড়েছেন বহু ছাত্রছাত্রী। বার বার বলা সত্বেও স্কুলগুলিতে শিক্ষক শিক্ষিকাদের সংখ্যা কমতে শুরু করে। কেউ আবার অন্যত্রে স্থানান্তরিত হয়ে গেছে। তাই শিক্ষক শিক্ষিকার অভাবে স্কুল বন্ধই হয়ে গেছে। অপরদিকে খানাকুলের জগৎপুরের বাসিন্দা বাঁশরি মোহন সুরের আক্ষেপ, তৃণমূলের আমলে ধীরে ধীরে শিক্ষক নিয়োগ বন্ধই হয়ে যায়। যাও বা দু’একজন শিক্ষক থাকলেও তারাও অন্যত্রে চলে যান। শিক্ষা ক্ষেত্রে তৃণমূল কোন ব্যবস্থাই নেয়নি। ফলে এই সব স্কুল বন্ধ হয়ে গেছে। আবার বন্ধ হবার উপক্রম হয়েছে। খানাকুলের বাসিন্দা বৈদ্যনাথ রায় বলেন, দুঃখের বিষয় যে, স্কুল ভবন আছে, ছাত্র ছাত্রী আছে কিন্তু পড়ানোর শিক্ষক নেই। তখন আমাদের পড়ুয়ারা যাবে কোথায়। গ্রাম থেকে বহু দূরে স্কুলে যেতে হচ্ছে এখন। সমস্যা তো এখানেই। বন্যা কবলিত এলাকার ছাত্রছাত্রীরা বর্ষার সময়ে উপস্থিতি দিতে পারে না। তার জন্য তৎকালীন তৃণমূল সরকারই দায়ী। এই ব্যাপারে আরামবাগের বর্তমান বিধায়ক হেমন্ত বাগ বলেন, তৃণমূল কিছুই করেনি। কোটি কোটি টাকা লুটেছে। শিক্ষক নিয়োগ তো দুরের কথা, কাটমানি খেতেই তারা ব্যস্ত। শিক্ষক-শিক্ষিকা নিয়োগে কী ভাবে স্ক্যাম ধরা পড়েছে। আর তাদের ফল ভোগ করতে হচ্ছে গ্রামের মানুষ কে। ধিক্কার জানালেও কম হবে। এদের জন্যই এই সব স্কুল গুলি বন্ধ হয়ে গেছে। আমরা দেখছি কিভাবে এর সমাধান করা যায়।
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वाशीम में चार एकर फणस बाग से शानदार पहले सीजन में उत्पादन

Washim, Maharashtra:वाशीम: चार एकर फणस शेती आता वाशीम जिल्ह्यातही यशस्वी ठरत आहे. जयपूर येथील प्रयोगशील शेतकरी विठ्ठल सरकटे यांनी चार एकर क्षेत्रात ४०० फणसाच्या झाडांची लागवड करून हा प्रयोग यशस्वी केला है. २०१९ मध्ये सिंचनाची सुविधा उपलब्ध झाल्यानंतर त्यांनी वेंगुर्ला येथून दर्जेदार रोपे आणून लागवड केली. अवघ्या सात वर्षांत बागेला फळधारणा सुरू झाली असून पहिल्याच हंगामात सुमारे १५० ते २०० क्विंटल उत्पादन मिळाले आहे. स्थानिक बाजारपेठेत फणसाला चांगली मागणी असून ग्राहक थेट शेतातून खरेदी करत आहेत. कमी पावसाच्या भागातही योग्य नियोजन,सिंचन आणि वैज्ञानिक मार्गदर्शनाच्या आधारे फळबाग शेतीत चांगले उत्पन्न मिळू शकते,हे सरकटे यांनी सिद्ध करून दाखवले आहे. बाईट:विठ्ठल सरकटे,फणस उत्पादक शेतकरी बाईट:सुभाष इंगोले,स्थानिक शेतकरी
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