Become a News Creator

Your local stories, Your voice

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Yogendra Tripathi
Balrampur271201

“नल लगे हैं, पर पानी नहीं” — महादेव अतरपरी के ग्रामीणों की पीड़ा: हर घर जल योजना पर गांवों का भरोसा डगमगाया

Yogendra TripathiYogendra TripathiJan 15, 2026 18:14:20
Balrampur, Uttar Pradesh:बलरामपुर। हर्रैया सतघरवा ब्लॉक के महादेव अतरपरी गांव के ग्रामीण आज भी सुरक्षित पेयजल के लिए भटक रहे हैं। गांव के लोगों का कहना है कि सरकार ने हर घर जल का सपना दिखाया, लेकिन नल तो लगे हैं, पानी अब तक नहीं आया। कई परिवार आज भी हैंडपंप और पहाड़ी झरनों के असुरक्षित पानी पर निर्भर हैं। गांव में 194 लाख रुपये की जलापूर्ति योजना स्वीकृत हुई थी, जिसमें आधा बजट खर्च हो चुका है, फिर भी 31 परिवार अब तक नल कनेक्शन से वंचित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि काम अधूरा छोड़ दिया गया है और अधिकारी सिर्फ आश्वासन दे रहे हैं। सदर ब्लॉक के कोइलिहा गांव के लोग भी बताते हैं कि पाइपलाइन बिछाने के लिए सड़कें खोद दी गईं, लेकिन न कनेक्शन मिले और न ही सड़कें ठीक की गईं। इससे बरसात में चलना मुश्किल हो गया है।
0
comment0
Report
Balrampur271201

बजट की कमी से ठप ‘हर घर जल’ योजना : सैकड़ों गांवों में नल तो लगे, पर पानी नहीं

Yogendra TripathiYogendra TripathiJan 15, 2026 18:12:12
Balrampur, Uttar Pradesh:बलरामपुर। जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की ‘हर घर जल’ योजना बलरामपुर जिले में बजट की कमी और प्रशासनिक सुस्ती के कारण अधर में लटकी हुई है। जिले की 629 ग्राम पंचायतों में पानी की टंकियां और नल कनेक्शन देने के लिए करीब 900 करोड़ रुपये का लक्ष्य तय किया गया था, लेकिन अब तक लगभग 700 करोड़ रुपये मिलने के बावजूद सिर्फ 177 गांवों में ही कार्य पूरा हो पाया है। अधिकांश गांवों में पाइपलाइन तो बिछा दी गई है, लेकिन नलों से पानी नहीं पहुंच पा रहा है। कई जगहों पर योजनाएं कागजों में पूरी दिखा दी गई हैं, जबकि जमीन पर हालात कुछ और ही हैं। सदर ब्लॉक के रंजीतपुर और कोइलिहा जैसे गांवों में सड़कों को खोदकर पाइप डाले गए, लेकिन आज तक कई घरों तक कनेक्शन नहीं पहुंचे, जिससे बरसात में लोगों को भारी दिक्कतें होती हैं।
0
comment0
Report
Balrampur271201

सिरसिया तालाब अतिक्रमण पर हाईकोर्ट सख्त, प्रशासन को त्वरित कार्रवाई के आदेश- अतिक्रमणकारियों में हड़कंप

Yogendra TripathiYogendra TripathiJan 15, 2026 17:59:31
Balrampur, Uttar Pradesh:बलरामपुर। विकासखंड सदर क्षेत्र के ग्राम सिरसिया में सरकारी तालाब पर हुए अतिक्रमण को लेकर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने जिला प्रशासन को तालाब की भूमि से अवैध कब्जा तुरंत हटाने के निर्देश दिए हैं। ग्रामीणों की शिकायत पर दायर याचिका की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक उपयोग की भूमि, विशेषकर जल संरचनाओं पर अतिक्रमण किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है। कोर्ट ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी नाराजगी जताई। हाईकोर्ट के आदेश के बाद प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हो गई है और अतिक्रमण हटाने की तैयारी की जा रही है। कार्रवाई की संभावना से कब्जा जमाए लोगों में खलबली मची हुई है। वहीं, ग्रामीणों को उम्मीद है कि तालाब को जल्द उसके मूल स्वरूप में वापस लाया जाएगा।
0
comment0
Report
Advertisement
Balrampur271208

“अब सड़क नहीं, इंसाफ चाहिए” — गुलरिहा के ग्रामीणों का फूटा गुस्सा: वोट की राजनीति में फंसा विकास

Yogendra TripathiYogendra TripathiJan 15, 2026 17:54:41
Tulsipur, Uttar Pradesh:तुलसीपुर (बलरामपुर)। गुलरिहा मजरा के ग्रामीण अब सड़क से ज्यादा न्याय की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि ग्राम प्रधान ने विकास को वोट से जोड़ दिया है। जहां ज्यादा वोट मिले वहां सड़क, नाली और लाइटें लग गईं, लेकिन गुलरिहा को बदहाली में छोड़ दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चे स्कूल नहीं पहुंच पा रहे, महिलाएं रोज़ गिरकर चोटिल हो रही हैं और बुजुर्ग घर से निकलने में डर रहे हैं। गांव में कई कुएं खुले पड़े हैं, हैंडपंप खराब हैं और पीने के पानी तक की समुचित व्यवस्था नहीं है। जब प्रधान से सवाल किया गया तो जवाब मिला कि प्रस्ताव भेज दिया गया है। इस पर ग्रामीणों ने तीखा सवाल उठाया कि जब हादसे हो रहे थे तब प्रस्ताव क्यों नहीं भेजा गया। अब जबकि चुनाव नजदीक हैं, वादों की बाढ़ आ गई है, लेकिन लोग इसे सिर्फ दिखावा मान रहे हैं।
0
comment0
Report
Balrampur271208

सड़क बनी मौत का रास्ता : तुलसीपुर के गुलरिहा में कीचड़ और गड्ढों के बीच फंसी जिंदगी

Yogendra TripathiYogendra TripathiJan 15, 2026 17:53:14
Tulsipur, Uttar Pradesh:तुलसीपुर (बलरामपुर)। विकास खंड तुलसीपुर की ग्राम पंचायत महेईया के मजरा गुलरिहा में सड़क की बदहाली अब ग्रामीणों की जान पर भारी पड़ रही है। यहां सड़क नाम की कोई ठोस व्यवस्था नहीं है, बल्कि कीचड़, गड्ढों और दलदल से भरा रास्ता रोज़ाना हादसों को दावत दे रहा है। इसी रास्ते से बच्चे स्कूल जाते हैं, महिलाएं बाजार और बुजुर्ग जरूरी कामों के लिए निकलते हैं, लेकिन हर कदम जोखिम भरा है। फिसलन इतनी अधिक है कि बाइक सवार और पैदल चलने वाले आए दिन गिरकर घायल हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई लोग लहूलुहान हो चुके हैं, लेकिन जिम्मेदारों की नींद नहीं खुल रही। यह मजरा आठ गांवों में शामिल है, बावजूद इसके सबसे ज्यादा बदहाली यहीं देखने को मिल रही है। सड़क के अभाव में न केवल आवाजाही बाधित है बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजमर्रा की जरूरतें भी प्रभावित हो रही हैं।
0
comment0
Report
Advertisement
Back to top