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Zee NewsZee NewsFollow17 Jul 2024, 06:29 pm

ਪਟਿਆਲਾ ਦੇ ਡੀਆਈਜੀ ਨੇ ਨਸ਼ਾ ਵੇਚਣ ਵਾਲਿਆਂ ਨੂੰ ਦਿੱਤੀ ਚੇਤਾਵਨੀ, ਵੇਚਣ ਵਾਲਿਆਂ ਦੀਆਂ ਜਾਇਦਾਦਾਂ ਜਬਤ ਕੀਤੀਆਂ ਜਾਣਗੀਆਂ

Dhuri, Punjab:

ਡੀ.ਆਈ.ਜੀ ਹਰਚਰਨ ਸਿੰਘ ਭੁੱਲਰ ਪਟਿਆਲਾ ਨੇ ਨਸ਼ਿਆਂ ਦੇ ਸੌਦਾਗਰਾਂ ਨੂੰ ਸੁਚੇਤ ਕਰਦਿਆਂ ਧੂਰੀ ਵਾਸੀਆਂ ਨੂੰ ਸੱਦਾ ਦਿੱਤਾ ਕਿ ਉਹ 'ਮਿਸ਼ਨ ਸਹਿਯੋਗ' ਤਹਿਤ ਸਮਾਜ ਵਿੱਚੋਂ ਨਸ਼ਿਆਂ ਦੇ ਮੁਕੰਮਲ ਖਾਤਮੇ ਲਈ ਪੁਲਿਸ ਅਤੇ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਦਾ ਸਾਥ ਦੇਣ। ਪੁਲਿਸ ਵੱਲੋਂ ਨਸ਼ਿਆਂ ਵਿਰੁੱਧ ਵਿੱਢੀ ਗਈ ਵਿਸ਼ਾਲ ਜਾਗਰੂਕਤਾ ਮੁਹਿੰਮ ਵਿੱਚ ਡੀ.ਆਈ.ਜੀ ਨੇ ਮੁੱਖ ਮਹਿਮਾਨ ਵਜੋਂ ਸ਼ਿਰਕਤ ਕਰਦਿਆਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸੀ.ਐਮ ਮਾਨ ਦੇ ਦਿਸ਼ਾ-ਨਿਰਦੇਸ਼ਾਂ ਅਤੇ DGP ਦੀ ਅਗਵਾਈ ਹੇਠ ਸੂਬੇ ਨੂੰ ਪੂਰੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਸਾਫ਼ ਕੀਤਾ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਨਸ਼ਾ ਛੁਡਾਉਣ ਲਈ ਪੂਰੀ ਤਨਦੇਹੀ ਨਾਲ ਪ੍ਰਾਪਤੀ ਕੀਤੀ ਗਈ, ਜਿਸ ਲਈ ਹਰ ਨਾਗਰਿਕ ਨੂੰ ਅੱਗੇ ਆਉਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ।

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पंजाब की पल्लवी मुखिजा बनीं मिसेज कनाडा वर्ल्ड 2026

Noida, Uttar Pradesh:पंजाब में जन्मीं पल्लवी मुखिजा बनीं मिसेज कनाडा वर्ल्ड 2026 पंजाब के जालंधर ज़िले के गोराया की रहने वालीं और अब कनाडा में बसीं पल्लवी मुखिजा को ब्रिटिश कोलंबिया के सरे में स्थित बेल परफॉर्मिंग आर्ट्स सेंटर में आयोजित नेशनल पेजेंट में 'मिसेज कनाडा वर्ल्ड 2026' का ताज पहनाया गया। पल्लवी ने इस प्रतियोगिता में जीत हासिल की, जिसमें पूरे कनाडा से लगभग 60 महिलाओं ने हिस्सा लिया था। उन्होंने कई राउंड में हिस्सा लिया, जिनमें आत्मविश्वास, व्यक्तित्व, शालीनता और मंच पर मौजूदगी जैसे गुणों को परखा गया। उनके शानदार प्रदर्शन ने उन्हें यह प्रतिष्ठित राष्ट्रीय खिताब दिलाया, जिससे उनके hometown गोराया और पंजाबी समुदाय का मान बढ़ा है।
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हिमाचल को पंजाब परिसीमन और जल ऊर्जा अधिकारों में बड़ी जीत मिली

Noida, Uttar Pradesh:Sukhvinder Singh Sukhu x post -\nप्रदेश हितों से जुड़े वर्षों पुराने कानूनी एवं प्रशासनिक मामलों में राज्य सरकार ने उल्लेखनीय प्रगति की है।\n\n- बीबीएमबी से हिमाचल प्रदेश के लगभग 4,200 करोड़ रुपये के वित्तीय बकाया और 13,066 मिलियन यूनिट बिजली पर राज्य के अधिकार के लिए विभिन्न मंचों पर प्रभावी पैरवी की जा रही है।\n- सर्वोच्च न्यायालय के लगभग 15 वर्ष पुराने निर्णय के बावजूद प्रदेश को अब तक उसका पूरा अधिकार प्राप्त नहीं हुआ है।\n- पंजाब पुनर्गठन अधिनियम, 1966 के तहत चंडीगढ़ की भूमि एवं परिसंपत्तियों में हिमाचल प्रदेश के 7.19 प्रतिशत हिस्से पर वैध अधिकार की मांग प्रमुखता से उठाई जा रही है। इस विषय पर सर्वोच्च न्यायालय भी राज्य के दावे को उचित ठहरा चुका है।\n- शानन जलविद्युत परियोजना की लीज समाप्त होने के बावजूद पंजाब ने यह परियोजना अभी तक हिमाचल प्रदेश को वापस नहीं सौंपी है।\n- वर्ष 2002 से लंबित वाइल्ड फ्लावर हॉल मामले में प्रदेश सरकार ने प्रभावी पैरवी कर राज्य के पक्ष में महत्वपूर्ण जीत दर्ज की है।\n- 1,045 मेगावाट क्षमता वाली कड़छम-वांगतू जलविद्युत परियोजना की रॉयल्टी के मामले में भी राज्य सरकार को महत्वपूर्ण सफलता मिली है।\n- लगभग 15 हजार करोड़ रुपये की किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना में हिमाचल प्रदेश के हितों की प्रभावी रक्षा सुनिश्चित की गई है।\n\nप्रदेश सरकार प्रदेश और प्रदेशवासियों के हितों से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं करेगी。
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सुक्खू की पैरवी से हिमाचल को वित्तीय बकाया और शानन परियोजना में बड़ा लाभ

Shimla, Himachal Pradesh:हिमाचल प्रदेश के अधिकारों और लंबित मामलों को लेकर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की अगुवाई में प्रदेश सरकार लगातार कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर पैरवी कर रही है। बीबीएमबी के वित्तीय बकाया, बिजली के हिस्से, चंडीगढ़ की भूमि एवं परिसंपत्तियों में हिस्सेदारी और शानन जलविद्युत परियोजना जैसे महत्वपूर्ण मामलों को सरकार ने प्रमुखता से उठाया है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू विभिन्न मंचों पर भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) से हिमाचल के करीब 4,200 करोड़ रुपये के वित्तीय बकाया और 13,066 मिलियन यूनिट बिजली के राज्य के अधिकार की मजबूती से पैरवी कर रहे हैं। करीब 15 वर्ष पहले हिमाचल प्रदेश के पक्ष में सर्वोच्च न्यायालय का फैसला आने के बावजूद राज्य को अब तक पूरा हक नहीं मिल पाया है। इसके अलावा पंजाब पुनर्गठन अधिनियम, 1966 के तहत चंडीगढ़ की भूमि और परिसंपत्तियों में हिमाचल प्रदेश के 7.19 प्रतिशत हिस्से के अधिकार का मामला भी सरकार लगातार उठा रही है। इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय राज्य के दावे को उचित ठहरा चुका है। मुख्यमंत्राी की प्राथमिकताओं में शानन जलविद्युत परियोजना का मामला भी शामिल है। परियोजना की लीज अवधि समाप्त हो चुकी है, लेकिन पंजाब सरकार ने अभी तक इसे हिमाचल प्रदेश को वापस नहीं सौंपा है। प्रदेश सरकार इस मामले को विभिन्न स्तरों पर उठा रही है और फिलहाल मामला सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है। वर्ष 2002 से कानूनी विवाद में फंसे वाइल्ड फ्लावर हॉल मामले में भी प्रदेश सरकार ने प्रभावी पैरवी करते हुए हिमाचल के पक्ष में महत्वपूर्ण जीत हासिल की। न्यायालय के समक्ष मजबूत तथ्यों और साक्ष्यों के साथ पक्ष रखने के बाद यह ऐतिहासिक फैसला प्रदेश के पक्ष में आया। सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद संपत्ति दोबारा राज्य सरकार के नियंत्रण में आ गई। फैसले के अनुसार राज्य सरकार ने 25 करोड़ रुपये का भुगतान किया और अब इस संपत्ति से प्रदेश को हर साल 20 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हो रहा है। 1,045 मेगावाट क्षमता की कड़छम-वांगतू जलविद्युत परियोजना की रॉयल्टी के मामले में भी राज्य सरकार को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद हिमाचल को परियोजना से मिलने वाली मुफ्त बिजली की हिस्सेदारी 12 प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत हो गई है। इससे राज्य को हर साल करीब 150 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है। करीब 15 हजार करोड़ रुपये की लागत वाली किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना में भी हिमाचल के हितों की प्रभावी पैरवी की गई है। पूर्व भाजपा सरकार ने राज्य के हिस्से के रूप में 800 करोड़ रुपये स्वीकार करने पर सहमति दी थी, जिसे मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने अस्वीकार कर दिया। इसके बाद प्रदेश सरकार के लगातार प्रयासों से भारत सरकार ने जल घटक से लाभान्वित होने वाले राज्यों दिल्ली, राजस्थान और हरियाणा द्वारा हिमाचल प्रदेश के हिस्से की करीब 2,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वहन करने पर सैद्धांतिक सहमति प्रदान की। टौंस नदी पर उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की सीमा पर प्रस्तावित 422 मेगावाट क्षमता की इस परियोजना के पूरा होने पर हिमाचल को विद्युत घटक के रूप में करीब 100 करोड़ यूनिट बिजली प्राप्त होगी। इसकी अनुमानित वार्षिक कीमत करीब 600 करोड़ रुपये होगी। प्रदेश के अधिकारों से जुड़े इन मामलों में सरकार की सक्रिय पैरवी को हिमाचल के दीर्घकालिक हितों और राज्य के संसाधनों पर वैध अधिकार सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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हिमाचल में कॉन्ट्रैक्ट व जॉब ट्रेनी मेडिकल ऑफिसर वेतन में 78% बढ़ोतरी, 60 हजार प्रतिमाह

Shimla, Himachal Pradesh:हिमाचल प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कॉन्ट्रेक्ट और जॉब ट्रेनी मेडिकल ऑफिसर (स्पेशलिस्ट) के मासिक वेतन में 78 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। इसके बाद जॉब ट्रेनी मेडिकल ऑफिसर का वेतन 33,660 रुपये से बढ़कर सीधे 60 हजार रुपये प्रतिमाह हो गया है। इससे पहले वर्ष 2022 में छठे वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद जॉब ट्रेनी मेडिकल ऑफिसर (स्पेशलिस्ट) का वेतन करीब 27 हजार रुपये से बढ़ाकर 33,660 रुपये किया गया था। उस समय वेतन में करीब 24 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। अब प्रदेश सरकार ने इसमें सीधे 78 प्रतिशत की वृद्धि की है। सरकार का मानना है कि इस फैसले से विशेषज्ञ चिकित्सकों को सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में सेवाएं देने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही प्रदेश के दूर-दराज क्षेत्रों में भी बेहतर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार इससे पहले मेडिकल कॉलेजों में स्नातकोत्तर की पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों का मासिक स्टाइपेंड भी बढ़ा चुकी है। प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों का स्टाइपेंड 40 हजार से बढ़ाकर 50 हजार रुपये, द्वितीय वर्ष का 45 हजार से बढ़ाकर 60 हजार रुपये और तृतीय वर्ष का 50 हजार से बढ़ाकर 65 हजार रुपये किया गया था। मेडिकल कॉलेजों में पीजी विद्यार्थी पढ़ाई के साथ मरीजों के उपचार में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनकी जिम्मेदारियों को देखते हुए सरकार ने स्टाइपेंड में यह बढ़ोतरी की थी, ताकि वे बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए प्रोत्साहित हों। प्रदेश सरकार ने मेडिकल कॉलेजों में सीनियर रेजिडेंट और अन्य विशेषज्ञ चिकित्सकों के महत्व को देखते हुए उनके मासिक स्टाइपेंड में 50 प्रतिशत से 170 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की है। सीनियर रेजिडेंट और ट्यूटर स्पेशलिस्ट का मासिक स्टाइपेंड 60-65 हजार रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये किया गया था। वहीं, सुपर स्पेशलिस्ट और सीनियर रेजिडेंट (सुपर स्पेशलिस्ट) का स्टाइपेंड 60-65 हजार रुपये से बढ़ाकर 1.30 लाख रुपये किया गया था। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि स्वास्थ्य और शिक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं। पिछले साढ़े तीन वर्षों के दौरान सरकार ने दोनों क्षेत्रों में व्यापक सुधारों की दिशा में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। उन्होंने कहा कि कॉन्ट्रेक्ट और जॉब ट्रेनी मेडिकल ऑफिसर के वेतन में की गई बढ़ोतरी स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करेगी और प्रदेश के लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने में सहायक होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य संस्थानों में आधुनिक तकनीक और अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार करने के साथ-साथ चिकित्सकों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की कमी दूर करने के लिए भी प्रभावी कदम उठा रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि इन प्रयासों से प्रदेश के लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित की जा सकेंगी।
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पंजाब कैबिनेट के ऐतिहासिक फैसले: विकास और लोगों की भलाई पर बड़ा असर

Noida, Uttar Pradesh:ਅੱਜ ਪੰਜਾਬ ਕੈਬਨਿਟ ਦੀ ਅਹਿਮ ਮੀਟਿੰਗ ਚ ਸੂਬੇ ਦੇ ਵਿਕਾਸ ਅਤੇ ਲੋਕ-ਹਿੱਤ ਲਈ ਕਈ ਇਤਿਹਾਸਕ ਫ਼ੈਸਲੇ ਲਏ ਗਏ... ਪ੍ਰਾਈਵੇਟ ਸਕੂਲਾਂ ਦੀਆਂ ਫ਼ੀਸਾਂ ਦੇ ਬੇਲੋੜੇ ਵਾਧੇ ਉਤੇ ਲਗਾਮ... ਫ਼ੀਸ ਰੈਗੂਲੇਸ਼ਨ ਸੋਧ ਬਿੱਲ 2026 ਪਾਸ ਕਰਕੇ ਮਾਪਿਆਂ ਨੂੰ ਦਿੱਤੀ ਵੱਡੀ ਰਾਹਤ... 5 ਸਾਲ ਤੋਂ ਲਗਾਤਾਰ ਕੰਮ ਕਰ ਰਹੇ ਆਊਟਸੋਰਸ ਮੁਲਾਜ਼ਮਾਂ ਨੂੰ ਠੇਕੇ ‘ਤੇ ਲਿਆਉਣ ਦਾ ਵੱਡਾ ਫ਼ੈਸਲਾ... ਸੂਬੇ ਚ ਹਰਿਆਵਲ ਵਧਾਉਣ ਲਈ ਪ੍ਰੋਟੈਕਸ਼ਨ ਆਫ ਟ੍ਰੀਜ਼ ਬਿੱਲ 2026 ਪਾਸ.. ਮਿਆਰੀ ਸਿੱਖਿਆ ਲਈ 3 ਨਵੀਆਂ ਡਿਜੀਟਲ ਓਪਨ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀਆਂ ਨੂੰ ਪ੍ਰਵਾਨਗੀ.. ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ ਚ ਨਵਾਂ ਤਰਸਿੱਕਾ ਬਲਾਕ, PWD ਚ ਨਵੀਆਂ ਭਰਤੀਆਂ, ਵੈਟਰਨਰੀ ਕਾਮਿਆਂ ਦਾ ਕਾਰਜਕਾਲ ਵਧਾਉਣ, GST ਤੇ ਪੰਚਾਇਤੀ ਪ੍ਰਣਾਲੀ ਨੂੰ ਹੋਰ ਮਜ਼ਬੂਤ ਕਰਨ ਤੇ ਵੀ ਲੱਗੀ ਮੋਹਰ... ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਤਰੱਕੀ ਅਤੇ ਲੋਕਾਂ ਦੀ ਭਲਾਈ ਲਈ ਸਾਡੀ ਸਰਕਾਰ ਹਮੇਸ਼ਾ ਯਤਨਸ਼ੀਲ ਹੈ...
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दिल्ली गुरुद्वारा मेनेजमेंट ने शिरोमणि कीर्तनिया पुरस्कार की घोषणा कर दी

Noida, Uttar Pradesh:दिल्ली सिख गुरुद्वारा मेनेजमेंट ने शिरोमणि कीर्तनिया पुरस्कार की घोषणा की. डॉ. गुरनाम सिंह पंजाबी यूनिवर्सिटी, पटियाला के गुरमत म्यूजिक चेयर के पूर्व प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष रहे हैं. 12 महीने राग दरबार करवाकर उसके बाद गुरु हरकिशन साहिब जी के प्रकाश पर्व पर शिरोमणि कीर्तनिया पुरस्कार के साथ 11 लाख रुपये की राशि देकर सम्मानित किया जाता है. इसके साथ ही भाई स्वर्ण सिंह तबला वादक जो पिछले 70 साल तबला बजा रहे हैं, उनको भी लाभ सेवा के लिए सम्मान दिया जाएगा. बंगला साहिब के हेडग्रंथी रणजीत सिंह ने बताया कि आज के समय में कीर्तिन्या को बचाने की जरूरत है क्योंकि ये युवाओं पीढ़ी इस तरफ नहीं आ रही है. इस बार दूसरा अवॉर्ड दिया जा रहा है, पहले ये अवॉर्ड भाई गुरमीत सिंह जी शांत जी को मिला है.
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