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Zee NewsZee NewsFollow17 Jul 2024, 06:29 pm

ਪਟਿਆਲਾ ਦੇ ਡੀਆਈਜੀ ਨੇ ਨਸ਼ਾ ਵੇਚਣ ਵਾਲਿਆਂ ਨੂੰ ਦਿੱਤੀ ਚੇਤਾਵਨੀ, ਵੇਚਣ ਵਾਲਿਆਂ ਦੀਆਂ ਜਾਇਦਾਦਾਂ ਜਬਤ ਕੀਤੀਆਂ ਜਾਣਗੀਆਂ

Dhuri, Punjab:

ਡੀ.ਆਈ.ਜੀ ਹਰਚਰਨ ਸਿੰਘ ਭੁੱਲਰ ਪਟਿਆਲਾ ਨੇ ਨਸ਼ਿਆਂ ਦੇ ਸੌਦਾਗਰਾਂ ਨੂੰ ਸੁਚੇਤ ਕਰਦਿਆਂ ਧੂਰੀ ਵਾਸੀਆਂ ਨੂੰ ਸੱਦਾ ਦਿੱਤਾ ਕਿ ਉਹ 'ਮਿਸ਼ਨ ਸਹਿਯੋਗ' ਤਹਿਤ ਸਮਾਜ ਵਿੱਚੋਂ ਨਸ਼ਿਆਂ ਦੇ ਮੁਕੰਮਲ ਖਾਤਮੇ ਲਈ ਪੁਲਿਸ ਅਤੇ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਦਾ ਸਾਥ ਦੇਣ। ਪੁਲਿਸ ਵੱਲੋਂ ਨਸ਼ਿਆਂ ਵਿਰੁੱਧ ਵਿੱਢੀ ਗਈ ਵਿਸ਼ਾਲ ਜਾਗਰੂਕਤਾ ਮੁਹਿੰਮ ਵਿੱਚ ਡੀ.ਆਈ.ਜੀ ਨੇ ਮੁੱਖ ਮਹਿਮਾਨ ਵਜੋਂ ਸ਼ਿਰਕਤ ਕਰਦਿਆਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸੀ.ਐਮ ਮਾਨ ਦੇ ਦਿਸ਼ਾ-ਨਿਰਦੇਸ਼ਾਂ ਅਤੇ DGP ਦੀ ਅਗਵਾਈ ਹੇਠ ਸੂਬੇ ਨੂੰ ਪੂਰੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਸਾਫ਼ ਕੀਤਾ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਨਸ਼ਾ ਛੁਡਾਉਣ ਲਈ ਪੂਰੀ ਤਨਦੇਹੀ ਨਾਲ ਪ੍ਰਾਪਤੀ ਕੀਤੀ ਗਈ, ਜਿਸ ਲਈ ਹਰ ਨਾਗਰਿਕ ਨੂੰ ਅੱਗੇ ਆਉਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ।

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गांधी जयंती पर शिमला में प्रभात फेरी, शांति व स्वच्छता का संदेश

Shimla, Himachal Pradesh:राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर शिमला में सुबह प्रभात फेरी निकाली गई। सीटीओ चौक से शुरू हुई प्रभात फेरी शेरे पंजाब होते हुए रिज मैदान पहुंची। इसमें प्रभात फेरी में विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और अलग-अलग संस्थानों के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। प्रभात फेरी के दौरान देशभक्ति गीतों के साथ महात्मा गांधी के प्रिय भजनों का गायन किया गया। इस दौरान प्रतिभागियों ने गांधी जी के सत्य, अहिंसा, शांति और स्वच्छता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। इस मौके पर लोगों ने महात्मा गांधी के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने और समाज में शांति, सद्भाव व स्वच्छता की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया। प्रभात फेरी में ADM पंकज शर्मा, SDM शिमला Shurban शर्मा, तहसीलदार शिमला शहरी नारायण वर्मा और DSP विक्रम चौहान मौजूद रहे। सर्वोदय बाल आश्रम रॉकवुड के बच्चों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।
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जंगली सूअरों के आतंक से जुब्बड़हट्टी में किसानों की मक्का बर्बाद, राहत की मांग

Shimla, Himachal Pradesh:शिमला शहर के साथ लगती जुब्बड़हट्टी हवाई पट्टी के नजदीक सुजाना गांव में जंगली सूअरों के आतंक से किसान परेशान हैं। जंगली सूअरों ने खेतों में घुसकर मक्की की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है। इससे किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फिर गया है और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों के मुताबिक, मक्की की फसल तैयार होने के समय जंगली सूअरों का खेतों में पहुंचना लगातार बढ़ गया है। रात के समय झुंड में पहुंचने वाले जंगली सूअर फसल को रौंदने के साथ-साथ मक्की की बालियों को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। कई खेतों में फसल का बड़ा हिस्सा खराब हो गया है। किसानों का कहना है कि खेती पहले ही मौसम और अन्य परेशानियों के कारण चुनौती बनी हुई है। ऐसे में जंगली जानवरों से फसल की सुरक्षा करना उनके लिए बड़ी समस्या बन गया है। किसानों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से जंगली सूअरों के आतंक से निजात दिलाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में किसानों को और नुकसान उठाना पड़ सकता है।
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अमृतसर के बांसां वाला बाजार में गोलीबारी: मंदिर प्रधानी विवाद के चलते तनाव

Amritsar, Punjab:अमृतसर के बांसां वाला बाजार की गली नंबर 4 में फायरिंग की सूचना से इलाके में फैली सनसनी। पीड़ित परिवार ने लगाया 4 राउंड फायरिंग और खुलेआम सट्टेबाजी-नशे के कारोबार का गंभीर आरोप। दोनों पक्षों के बीच मंदिर की प्रधानी व दुकानों के निर्माण को लेकर पुरानी रंजिश का विवाद। पुलिस ने शुरू की गहन जांच; सीसीटीवी फुटेज, वाहन और बयानों की पुष्टि के आधार पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई। अमृतसर के बांसां वाला बाजार की गली नंबर 4 में उस समय हड़कंप मच गया जब वहां अचानक फायरिंग की घटना सामने आई। इस घटना की सूचना तुरंत पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112 के माध्यम से स्थानीय पुलिस प्रशासन तक पहुंची। फायरिंग की खबर मिलते ही पुलिस दल और संबंधित अधिकारी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का मुआयना किया। पीड़ित परिवार का पक्ष और गंभीर आरोप घटनास्थल पर मौजूद प्रभावित परिवार की बुजुर्ग महिला और स्थानीय युवकों ने मीडिया से बातचीत करते हुए आरोप लगाया कि इलाके में लंबे समय से खुलेआम जुआ, सट्टा और अवैध नशा बेचने का काम चल रहा है। उनका कहना है कि जब उन्होंने इन असामाजिक गतिविधियों और गली में शराब पीने का विरोध किया, तो करीब 10 लोगों ने उनके लड़कों को घेर लिया। आरोप है कि हमलावरों ने उन पर करीब 4 राउंड गोलियां चलाईं और दहशत फैलाकर मौके से फरार हो गए। स्थानीय युवकों ने दावा किया कि उन्होंने पहले भी थाने में कई बार लिखित शिकायतें दी हैं, लेकिन समय रहते सख्त कार्रवाई न होने के कारण इन असामाजिक तत्वों के हौसले लगातार बढ़ते गए। परिवार का यह भी आरोप है कि मंदिर परिसर में जबरन दुकानें निकालने और निर्माण कार्य कराने को लेकर विवाद बढ़ गया, जिसके चलते बाहरी लड़कों को बुलाकर हमला करवाया गया। मौके से हमलावर अपनी एक्टिवा और मोटरसाइकिल छोड़कर भाग निकले। पुलिस प्रशासन का बयान और जांच की स्थिति मामाले को लेकर पुलिस अधिकारी ने मीडिया से मुखातिब होते हुए स्पष्ट किया कि 112 पर मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने फौरन मौके पर पहुंचकर मुआयना किया है। पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में किसी भी व्यक्ति के घायल होने, गोली लगने या धारदार हथियार से चोटिल होने की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि दोनों पक्षों को थाने बुलाया गया है और उनके विस्तृत बयान दर्ज किए जा रहे हैं। प्रभावित परिवार से कहा गया है कि यदि मौके से कोई खाली खोल या अन्य साक्ष्य मिले हैं, तो वे जांच टीम के सामने प्रस्तुत करें। पुलिस ने कहा कि प्रारंभिक जांच में मंदिर की प्रधानी के चुनाव, पर्सनल विवाद और मंदिर की जमीन पर दुकानों के निर्माण से जुड़ी पुरानी आपसी रंजिश की बात सामने आ रही है। मंदिर ट्रस्ट व संपत्ति से जुड़े कानूनी पहलुओं की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जुए या सट्टे की कोई पुरानी लिखित शिकायत थाने के रिकॉर्ड में नहीं मिली थी, लेकिन अब लगाए गए सभी आरोपों की गंभीरता से पड़ताल की जाएगी। इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि हमलावरों के चेहरों की पहचान हो सके। मौके पर छूटे वाहनों को जब्त कर उनके मालिकों का पता लगाया जा रहा है। पुलिस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि शहर में कानून व्यवस्था बिगाड़ने और गुंडागर्दी करने वाले किसी भी शरारती तत्व को बख्शा नहीं जाएगा और तथ्यों की पुष्टि होते ही दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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एनआईए की दबिश: जगरूप सिंह और अजयदीप के घरों पर पूछताछ जारी

Tarn Taran Sahib, Punjab:रेलवे ट्रैक उड़ाने किस साजिश में मारे गए जगरूप सिंह के घर और सीमावर्ती गांव डल में अजयदीप सिंह के घर की छानबीन एंकर एनआईए (नेशनल इनवेस्टिगेशन एजेंसी) की दो टीम वीरवार को तरन तारन के गांव पंजवड़ और पाकिस्तानी सीमा से सटे गांव डल पहुंची। यहां एक टीम ने गांव पंजवड़ शंभू रेलवे ट्रैक को उड़ाने की साजिश में शामिल मारे गए जगरूप सिंह के घर पहुंचीं । जहां टीम ने जगरूप सिंह की मां और पत्नी सहित अन्य पारिवारिक सदस्यों से पूछताछ की और जगरूप के कमरे की भी छानबीन की। सुबह 6 बजे से 9.30 बजे तक टीम जगरूप सिंह के घर पर है। उनके बैंक खातों के साथ साथ अन्य दस्तावेज के सबूत टीम ने कब्जे में लिए। इसके इलावा घर में रखा एक मोबाइल फोन भी टीम साथ ले गई। इसी तरह दूसरी टीम डल गांव निवासी अजयदीप सिंह के घर पहुंची। इस घर में एनआईए क्यों पहुंची यह गांव में भी चर्चा का विषय बना हुआ है। 23 वर्षीय अजयदीप सिंह दो सालों से विदेश में है। यहां भी टीम ने बैंक खातों के साथ साथ अन्य दस्तावेज जांचे। अजयदीप सिंह के पिता जगतार सिंह, उसके भाई से एक घंटे तक एनआईए ने पूछताछ की。
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जलालाबाद के DSP दफ्तर के बाहर फायरिंग: दो गिरफ्तार, अन्य फरार

Fazilka, Punjab:जलालाबाद में DSP दफ्तर के बाहर फायरिंग किए जाने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि 3-4 बाइकों पर सवार कुछ युवक लाल बत्ती चौक की तरफ से DSP दफ्तर की ओर आए और वहां फायरिंग की। घटना के बाद कुछ युवक DSP दफ्तर के अंदर दाखिल हो गए, जिन्हें पुलिस ने काबू कर लिया। सिटी जलालाबाद पुलिस ने इस मामले में दो युवाओं को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सोना सिंह उर्फ सोनू निवासी अमीर खास और आकाश पुत्र परमजीत, थाना वैरोका क्षेत्र के रूप में हुई है। इनके कब्जे से एक अवैध .32 बोर पिस्टल बरामद की गई है। सिटी जलालाबाद थाना प्रभारी मोहित धवन ने बताया कि शाम को सूचना मिली थी कि लाल बत्ती चौक में 3-4 बाइकों पर कुछ युवक बैठे हैं और DSP दफ्तर की तरफ जा रहे हैं। इसके बाद फायरिंग की सूचना मिली, जिस पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो युवकों को काबू कर लिया। SHO के अनुसार, एक फायर किए जाने की रिपोर्ट मिली है, जबकि यह जांच की जा रही है कि फायरिंग किस पिस्टल से की गई। इस मामले में बाकी आरोपी मौके से फरार हो गए, जिनकी तलाश के लिए पुलिस की टीमें लगा दी गई हैं। पुलिस के मुताबिक आरोपी DSP दफ्तर के अंदर भी दाखिल हुए थे। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामले की जांच जारी है。
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सऊदी अरब में भारतीय युवक को मौत की सजा: विदेश मंत्री से हस्तक्षेप की मांग

Chandigarh, Chandigarh:सऊदी अरब में नंगल के युवक को मौत की सजा के मामले में विदेश मंत्री से हस्तक्षेप की अपील डॉ. सुभाष शर्मा ने विदेश मंत्री को पत्र लिखकर हरसंभव कूटनीतिक एवं कानूनी सहायता उपलब्ध करवाने का आग्रह किया नंगल के निकटवर्ती गांव पट्टी लोअर के रहने वाले एक युवक को सऊदी अरब में नशीले पदार्थों से जुड़े एक मामले में मौत की सजा सुनाए जाने की जानकारी सामने आने के बाद परिवार में चिंता और पीड़ा का माहौल है। परिवार ने केंद्र सरकार से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करते हुए युवक को हरसंभव कानूनी एवं कूटनीतिक सहायता उपलब्ध करवाने की गुहार लगाई है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए डॉ. सुभाष शर्मा, उपाध्यक्ष, भाजपा पंजाब ने भारत के विदेश मंत्री को पत्र लिखकर मामले में तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया है। डॉ. सुभाष शर्मा ने पत्र में विदेश मंत्रालय से आग्रह किया है कि सऊदी अरब स्थित भारतीय दूतावास के माध्यम से मामले की पूरी जानकारी प्राप्त की जाए तथा युवक और उसके परिवार को उपलब्ध सभी संभावित कानूनी एवं कांसुलर सहायता प्रदान की जाए। उन्होंने यह भी अनुरोध किया कि संबंधित सऊदी अधिकारियों के समक्ष आवश्यक कूटनीतिक स्तर पर मामले को उठाया जाए और भारतीय नागरिक के सभी उपलब्ध कानूनी विकल्पों का पूरा उपयोग सुनिश्चित किया जाए। डॉ. शर्मा ने कहा कि विदेश में किसी भारतीय नागरिक के सामने इस प्रकार की गंभीर परिस्थिति उत्पन्न होने पर उसके परिवार को अकेला महसूस नहीं होना चाहिए। भारत सरकार विदेशों में रह रहे भारतीय नागरिकों की सहायता के लिए प्रतिबद्ध है और ऐसे मामलों में मानवीय दृष्टिकोण के साथ सभी उपलब्ध कानूनी एवं कूटनीतिक माध्यमों का उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि परिवार की पीड़ा को देखते हुए इस मामले में शीघ्रता से आवश्यक कदम उठाना महत्वपूर्ण है। उन्होंने विदेश मंत्रालय से अनुरोध किया कि परिवार को मामले की स्थिति और सरकार द्वारा की जा रही कार्रवाई के संबंध में भी उचित जानकारी उपलब्ध करवाई जाए। डॉ. सुभाष शर्मा ने आश्वासन दिया कि वे इस मामले में परिवार के साथ खड़े हैं और संबंधित अधिकारियों के समक्ष इस विषय को उठाकर हरसंभव सहायता उपलब्ध करवाने का प्रयास करेंगे।
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सुल्तानपुर लोढ़ी की अनाज मंडी में सरकारी झोने की खरीद शुरू, किसानों में उत्साह

Kapurthala, Punjab:ਸੁਲਤਾਨਪੁਰ ਲੋਧੀ ਦੀ ਅਨਾਜ ਮੰਡੀ ’ਚ ਝੋਨੇ ਦੀ ਸਰਕਾਰੀ ਖਰੀਦ ਸ਼ੁਰੂ, ਸੱਜਣ ਸਿੰਘ ਚੀਮਾ ਨੇ ਕਰਵਾਈ ਸ਼ੁਰੂਆਤ ਮੰਡੀ ਬੋਰਡ ਵੱਲੋਂ ਖਰੀਦ ਪ੍ਰਬੰਧ ਮੁਕੰਮਲ ਕਰਨ ਦਾ ਦਾਅਵਾ, ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੂੰ ਸੁੱਕਾ ਝੋਨਾ ਲਿਆਉਣ ਦੀ ਅਪੀਲ; ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੀ ਸਹੂਲਤ ਲਈ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਵੱਲੋਂ ਕੀਤੇ ਗਏ ਪ੍ਰਬੰਧ ਸੁਲਤਾਨਪੁਰ ਲੋਧੀ। ਝੋਨੇ ਦੇ ਖਰੀਦ ਸੀਜ਼ਨ ਦੀ ਸ਼ੁਰੂਆਤ ਕਰਦਿਆਂ ਸੁਲਤਾਨਪੁਰ ਲੋਧੀ ਦੀ ਅਨਾਜ ਮੰਡੀ ਵਿੱਚ ਝੋਨੇ ਦੀ ਸਰਕਾਰੀ ਖਰੀਦ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਵਾਈ ਗਈ। ਆਮ ਆਦਮੀ ਪਾਰਟੀ ਦੇ ਹਲਕਾ ਇੰਚਾਰਜ ਸੱਜਣ ਸਿੰਘ ਚੀਮਾ ਨੇ ਮੰਡੀ ਵਿੱਚ ਸਰਕਾਰੀ ਖਰੀਦ ਦੀ ਸ਼ੁਰੂਆਤ ਕਰਵਾਈ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਝੋਨੇ ਦੀ ਖਰੀਦ ਨਾਲ ਸਬੰਧਤ ਪ੍ਰਬੰਧਾਂ ਦਾ ਜਾਇਜ਼ਾ ਲੈਂਦਿਆਂ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੂੰ ਅਪੀਲ ਕੀਤੀ ਗਈ ਕਿ ਉਹ ਮੰਡੀਆਂ ਵਿੱਚ ਸੁੱਕਾ ਝੋਨਾ ਹੀ ਲੈ ਕੇ ਆਉਣ, ਤਾਂ ਜੋ ਫ਼ਸਲ ਦੀ ਖਰੀਦ ਪ੍ਰਕਿਰਿਆ ਸੁਚਾਰੂ ਡੰਗ ਨਾਲ ਨੇਪਰੇ ਚਾੜ੍ਹੀ ਜਾ ਸਕੇ। ਝੋਨੇ ਦਾ ਸੀਜ਼ਨ ਕਿਸਾਨਾਂ ਲਈ ਬੇਹੱਦ ਅਹਿਮ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਦੌਰਾਨ ਮੰਡੀਆਂ ਵਿੱਚ ਫ਼ਸਲ ਦੀ ਆਮਦ ਵਧਣ ਨਾਲ ਖਰੀਦ ਪ੍ਰਬੰਧਾਂ ਦੀ ਮਹੱਤਤਾ ਹੋਰ ਵੀ ਵਧ ਜਾਂਦੀ ਹੈ। ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੂੰ ਆਪਣੀ ਫ਼ਸਲ ਵੇਚਣ ਸਮੇਂ ਕਿਸੇ ਕਿਸਮ ਦੀ ਮੁਸ਼ਕਲ ਦਾ ਸਾਹਮਣਾ ਨਾ ਕਰਨਾ ਪਵੇ, ਇਸ ਨੂੰ ਧਿਆਨ ਵਿੱਚ ਰੱਖਦਿਆਂ ਮੰਡੀ ਬੋਰਡ ਵੱਲੋਂ ਸੁਲਤਾਨਪੁਰ ਲੋਧੀ ਦੀ ਅਨਾਜ ਮੰਡੀ ਵਿੱਚ ਝੋਨੇ ਦੀ ਸਰਕਾਰੀ ਖਰੀਦ ਲਈ ਪੁਖ਼ਤਾ ਪ੍ਰਬੰਧ ਕੀਤੇ ਜਾਣ ਦੀ ਜਾਣਕਾਰੀਆਂ ਦਿੱਤੀ ਗਈਆਂ। ਸਰਕਾਰੀ ਖਰੀਦ ਦੀ ਸ਼ੁਰੂਆਤ ਮੌਕੇ ਸੱਜਣ ਸਿੰਘ ਚੀਮਾ ਨੇ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੂੰ ਅਪੀਲ ਕੀਤੀ ਕਿ ਉਹ ਆਪਣੀ ਫ਼ਸਲ ਨੂੰ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਸੁਕਾ ਕੇ ਹੀ ਮੰਡੀ ਵਿੱਚ ਲਿਆਉਣ। ਸੁੱਕਾ ਝੋਨਾ ਲਿਆਉਣ ਨਾਲ ਖਰੀਦ ਪ੍ਰਕਿਰਿਆ ਨੂੰ ਸੁਚਾਰੂ ਬਣਾਊਣ ਵਿੱਚ ਮਦਦ ਮਿਲਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੂੰ ਆਪਣੀ ਫ਼ਸਲ ਦੀ ਵਿਕਰੀ ਸਮੇਂ ਬੇਲੋੜੀ ਦੇਰੀ ਤੋਂ ਬਚਾਉਣ ਵਿੱਚ ਵੀ ਸਹਾਇਤਾ ਮਿਲ ਸਕਦੀ ਹੈ। ### ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੀ ਸਹੂਲਤ ਲਈ ਮੰਡੀ ਵਿੱਚ ਪ੍ਰਬੰਧ ਝੋਨੇ ਦੀ ਸਰਕਾਰੀ ਖਰੀਦ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋਣ ਨਾਲ ਹੁਣ ਮੰਡੀ ਵਿੱਚ ਫ਼ਸਲ ਦੀ ਆਮਦ ਵਧਣ ਦੀ ਉਮੀਦ ਹੈ। ਅਜਿਹੇ ਵਿੱਚ ਮੰਡੀ ਬੋਰਡ ਅਤੇ ਸਬੰਧਤ ਖਰੀਦ ਏਜੰਸੀਆਂ ਦੀ ਜ਼ਿੰਮੇਵਾਰੀ ਹੋਵੇਗੀ ਕਿ ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੀ ਫ਼ਸਲ ਦੀ ਖਰੀਦ ਨਿਰਧਾਰਤ ਨਿਯਮਾਂ ਅਨੁਸਾਰ ਸਮੇਂ ਸਿਰ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇ ਅਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਆਪਣੀ ਉਪਜ ਵੇਚਣ ਲਈ ਕਿਸੇ ਕਿਸਮ ਦੀ ਬੇਲੋੜੀ ਖੱਜਲ-ਖੁਆਰੀ ਨਾ ਝੱਲਣੀ ਪਵੇ। ਕਿਸਾਨਾਂ ਲਈ ਇਹ ਵੀ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੈ ਕਿ ਉਹ ਆਪਣੀ ਫ਼ਸਲ ਸਰਕਾਰੀ ਖਰੀਦ ਦੇ ਨਿਰਧਾਰਤ ਮਾਪਦੰਡਾਂ ਅਨੁਸਾਰ ਮੰਡੀ ਵਿੱਚ ਲਿਆਉਣ ਅਤੇ ਖਰੀਦ ਨਾਲ ਸਬੰਧਤ ਹਦਾਇਤਾਂ ਦੀ ਪਾਲਣਾ ਕਰਨ। ਇਸ ਨਾਲ ਮੰਡੀ ਵਿੱਚ ਖਰੀਦ ਪ੍ਰਕਿਰਿਆ ਨੂੰ ਵਿਵਸਥਿਤ ਰੱਖਣ ਅਤੇ ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੇ ਸਮੇਂ ਦੀ ਬੱਚਤ ਕਰਨ ਵਿੱਚ ਮਦਦ ਮਿਲੇਗੀ। ### ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੀ ਫ਼ਸਲ ਦੀ ਸਮੇਂ ਸਿਰ ਖਰੀਦ ਰਹੇਗੀ ਅਹਿਮ ਝੋਨੇ ਦੇ ਖਰੀਦ ਸੀਜ਼ਨ ਦੌਰਾਨ ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੀ ਮੁੱਖ ਉਮੀਦ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਕਿ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਮਿਹਨਤ ਨਾਲ ਤਿਆਰ ਕੀਤੀ ਫ਼ਸਲ ਦੀ ਸਰਕਾਰੀ ਖਰੀਦ ਬਿਨਾਂ ਕਿਸੇ ਰੁਕਾਵਟ ਦੇ ਹੋਵੇ ਅਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਆਪਣੀ ਫ਼ਸਲ ਦੀ ਅਦਾਇਗੀ ਵੀ ਨਿਰਧਾਰਤ ਸਮੇਂ ਅੰਦਰ ਮਿਲੇ। ਇਸ ਲਈ ਮੰਡੀ ਵਿੱਚ ਕੀਤੇ ਪ੍ਰਬੰਧਾਂ ਦੇ ਨਾਲ-ਨਾਲ ਖਰੀਦ ਏਜੰਸੀਆਂ ਦੀ ਕਾਰਗੁਜ਼ਾਰੀ ਵੀ ਅਹਿਮ ਰਹੇਗੀ। ਸੁਲਤਾਨਪੁਰ ਲੋਧੀ ਦੀ ਅਨਾਜ ਮੰਡੀ ਵਿੱਚ ਸਰਕਾਰੀ ਖਰੀਦ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋਣ ਨਾਲ ਝੋਨੇ ਦੇ ਸੀਜ਼ਨ ਦੀਆਂ ਸਰਗਰਮੀਆਂ ਤੇਜ਼ ਹੋ ਗਈਆਂ ਹਨ। ਹੁਣ ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੀ ਨਜ਼ਰ ਇਸ ਗੱਲ ’ਤੇ ਰਹੇਗੀ ਕਿ ਮੰਡੀ ਵਿੱਚ ਫ਼ਸਲ ਦੀ ਆਮਦ ਦੇ ਨਾਲ ਖਰੀਦ ਪ੍ਰਕਿਰਿਆ ਕਿੰਨੀ ਸੁਚਾਰੂ ਰਹਿੰਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਆਪਣੀ ਉਪਜ ਵੇਚਣ ਸਮੇਂ ਕਿਹੋ ਜਿਹੀਆਂ ਸਹੂਲਤਾਂ ਮਿਲਦੀਆਂ ਹਨ。
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पंजाब सरकार ने अकाल तख्त के सुझावों पर सात-समिति गठित, दो महीने में हल की मांग

Noida, Uttar Pradesh:ਸ੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਤਖ਼ਤ ਸਾਹਿਬ ਨੇ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਨੂੰ ਸਹਿਮਤੀ ਬਣਨ ਤੱਕ ਬੇਅਦਬੀ ਰੋਕੂ ਕਾਨੂੰਨ ਨੂੰ ਮੁਅੱਤਲ ਰੱਖਣ ਲਈ ਨੋਟੀਫ਼ਿਕੇਸ਼ਨ ਜਾਰੀ ਕਰਨ ਨੂੰ ਕਿਹਾ ਐਕਟ ਦੇ ਮਾਮਲੇ ਵਿੱਚ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਵਲੋਂ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਦੇਰੀ ’ਤੇ ਸ੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਤਖ਼ਤ ਸਾਹਿਬ ਦੇ ਜਥੇਦਾਰ ਵਲੋਂ ਖੇਦ ਦਾ ਪ੍ਰਗਟਾਵਾ ਸ੍ਰੀ ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ, 1 ਅਕਤੂਬਰ- ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਬਣਾਏ ਗਏ “ਜਾਗਤ ਜੋਤ ਸ੍ਰੀ ਗੁਰੂ ਗ੍ਰੰਥ ਸਾਹਿਬ ਸਤਿਕਾਰ (ਸੋਧ) ਐਕਟ, 2026” ਦੇ ਚੱਲ ਰਹੇ ਮਾਮਲੇ ਸਬੰਧੀ ਜੋ ਸ੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਤਖ਼ਤ ਸਾਹਿਬ ਦੀ ਤਰਫ਼ੋਂ ਮਿਤੀ 31 ਜੁਲਾਈ 2026 ਨੂੰ ਉਠਾਏ ਗਏ ਇਤਰਾਜ਼ਾਂ ਤੇ ਸੁਝਾਵਾਂ ਦੇ ਮੱਦੇਨਜ਼ਰ ਕਾਨੂੰਨ ਵਿੱਚ ਵਧੇਰੀ ਸੋਧ ਦਾ ਸਮਾਂ ਦਿੱਤਾ ਸੀ, ਉਸ ਦਾ ਸਮਾਂ ਮਿਤੀ 30 ਸਤੰਬਰ 2026 ਨੂੰ ਪੂਰਾ ਹੋਣ ਉੱਤੇ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਦੇ ਗ੍ਰਹਿ ਮਾਮਲੇ ਵਿਭਾਗ ਵੱਲੋਂ ਅਧਿਕਾਰਤ ਰੂਪ ਵਿੱਚ ਸਕੱਤਰੇਤ ਸ੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਤਖ਼ਤ ਸਾਹਿਬ ਵਿਖੇ ਇਹ ਜਾਣਕਾਰੀ ਭੇਜੀ ਗਈ ਹੈ ਕਿ ਸੂਬਾ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਇਸ ਮਾਮਲੇ ਵਿੱਚ ਕਾਰਵਾਈ ਅੱਗੇ ਵਧਾਉਣ ਲਈ ਮਿਤੀ 16 ਸਤੰਬਰ 2026 ਨੂੰ ਇੱਕ ਸੱਤ-ਮੈਂਬਰੀ ਕਮੇਟੀ ਦਾ ਗਠਨ ਕੀਤਾ ਹੈ। ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਭੇਜੀ ਗਈ ਜਾਣਕਾਰੀ ਵਿੱਚ ਕਿਹਾ ਗਿਆ ਹੈ ਕਿ “ਸਰਕਾਰ ਦੀ ਕਮੇਟੀ” ਸ੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਤਖ਼ਤ ਸਾਹਿਬ ਵੱਲੋਂ ਪ੍ਰਾਪਤ ਹੋਏ ਸੁਝਾਵਾਂ ਅਤੇ ਮਾਰਗਦਰਸ਼ਨ ਨੂੰ ਪੂਰੇ ਸਤਿਕਾਰ ਸਹਿਤ ਵਿਚਾਰ ਅਧੀਨ ਲਿਆਂਦਾ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਗਠਿਤ ਕਮੇਟੀ ਵੱਲੋਂ ਵਿਸਥਾਰਪੂਰਵਕ ਵਿਚਾਰ-ਵਟਾਂਦਰਾ ਕਰਦੇ ਹੋਏ ਸ੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਤਖ਼ਤ ਸਾਹਿਬ ਵੱਲੋਂ ਗਠਿਤ ਕਮੇਟੀ ਨਾਲ ਵੀ ਲੋੜੀਂਦਾ ਵਿਚਾਰ-ਵਟਾਂਦਰਾ ਅਤੇ ਤਾਲਮੇਲ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇਗਾ ਅਤੇ ਸਾਰੇ ਸੁਝਾਵਾਂ ਤੇ ਵਿਚਾਰਾਂ ਨੂੰ ਧਿਆਨ ਵਿੱਚ ਰੱਖਦੇ ਹੋਏ ਮਾਮਲੇ ਨੂੰ ਸੁਚੱਜੇ ਢंग ਨਾਲ ਅੰਤਿਮ ਰੂਪ ਦਿੱਤਾ ਜਾਵੇਗਾ। ਸਕੱਤਰੇਤ ਸ੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਤਖ਼ਤ ਸਾਹਿਬ ਦੇ ਇੰਚਾਰਜ ਸ. ਬਗੀਚਾ ਸਿੰਘ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਭੇਜੀ ਗਈ ਜਾਣਕਾਰੀ ਸ੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਤਖ਼ਤ ਸਾਹਿਬ ਦੇ ਜਥੇਦਾਰ ਸਿੰਘ ਸਾਹਿਬ ਗਿਆਨੀ ਕੁਲਦੀਪ ਸਿੰਘ ਗੜਗੱਜ ਦੇ ਧਿਆਨ ਵਿੱਚ ਲਿਆ ਦਿੱਤੀ ਗਈ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸਿੰਘ ਸਾਹਿਬ ਨੇ ਇਸ ਗੱਲ ਉੱਤੇ ਖੇਦ ਪ੍ਰਗਟਾਇਆ ਹੈ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਇਸ ਮਾਮਲੇ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਸੰਜੀਦਾ ਨਹੀਂ ਤੇ ਸਰਕਾਰ ਦੀ ਪਹੁੰਚ ਗ਼ੈਰ-ਜ਼ਿੰਮੇਵਾਰੀ ਵਾਲੀ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸ੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਤਖ਼ਤ ਸਾਹਿਬ ਵੱਲੋਂ ਕਾਨੂੰਨ ਵਿੱਚ ਸਿੱਖ ਭਾਵਨਾਵਾਂ ਅਨੁਸਾਰ ਵਧੇਰੀ ਸੋਧ ਕਰਨ ਲਈ ਦੋ ਮਹੀਨੇ ਦਾ ਸਮਾਂ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ ਸੀ, ਜਿਸ ਤੋਂ ਭਾਵ ਹੈ ਕਿ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਦੋ ਮਹੀਨਿਆਂ ਦੇ ਵਿੱਚ-ਵਿੱਚ ਇਹ ਮਾਮਲਾ ਹੱਲ ਕਰਨਾ ਸੀ ਪਰੰਤੂ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਸਮਾਂ ਪੂਰਾ ਹੋਣ ਦੇ ਆਖ਼ਰੀ ਦਿਨ 30 ਸਤੰਬਰ 2026 ਨੂੰ ਕਮੇਟੀ ਸਬੰਧੀ ਸਿਰਫ ਜਾਣਕਾਰੀ ਹੀ ਭੇਜੀ ਹੈ ਜਦਕਿ ਕਾਰਜ ਕੁਝ ਵੀ ਨਹੀਂ ਕੀਤਾ ਗਿਆ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪਹਿਲਾਂ ਵੀ 29 ਜੂਨ 2026 ਦੇ ਸ੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਤਖ਼ਤ ਸਾਹਿਬ ਦੇ ਆਦੇਸ਼ ਅਨੁਸਾਰ ਜੋ ਇੱਕ ਮਹੀਨੇ ਦਾ ਸਮਾਂ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ ਸੀ, ਉਸ ਸਬੰਧੀ ਵੀ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਆਖ਼ਰੀ ਦਿਨ 29 ਜੁਲਾਈ 2026 ਨੂੰ ਆਪਣਾ ਜਵਾਬ ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਰਾਹੀਂ ਸਕੱਤਰੇਤ ਸ੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਤਖ਼ਤ ਸਾਹਿਬ ਨੂੰ ਭੇਜਿਆ ਸੀ, ਜੋ ਕਿ ਸਿੰਘ ਸਾਹਿਬ ਜੀ ਵੱਲੋਂ ਰੱद ਕਰ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ ਸੀ ਅਤੇ ਮਿਤੀ 30 ਜੁਲਾਈ 2026 ਨੂੰ ਸ੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਤਖ਼ਤ ਸਾਹਿਬ ਦੀ ਤਰਫੋਂ ਸਰਕਾਰ ਨਾਲ ਅਗਲੇਰੀ ਗੱਲਬਾਤ ਤੇ ਕਾਰਵਾਈ ਲਈ ਕਾਨੂੰਨੀ ਮਾਹਰਾਂ ਤੇ ਵਿਦਵਾਨਾਂ ਅਧਾਰਿਤ ਇੱਕ ਪੰਜ-ਮੈਂਬਰੀ ਕਮੇਟੀ ਦਾ ਗਠਨ ਕੀਤਾ ਸੀ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਭਾਵੇਂ ਕਿ ਸਰਕਾਰ ਨੇ 16 ਸਤੰਬਰ ਦੀ ਕਮੇਟੀ ਬਣਾਈ ਹੈ ਪਰ ਇਸ ਦੇ ਅਧਿਕਾਰਤ ਜਾਣਕਾਰੀ ਸ੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਤਖ਼ਤ ਸਾਹਿਬ ਨੂੰ ਸਮਾਂ ਪੂਰਾ ਹੋਣ ਦੇ ਆਖ਼ਰੀ ਦਿਨ ਭੇਜੀ ਗਈ, ਜਿਸ ਤੋਂ ਸਪੱਸ਼ਟ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਕਿ ਸਰਕਾਰ ਮਾਮਲਾ ਹੱਲ ਕਰਨ ਦੀ ਬਜਾਏ ਇਸ ਨੂੰ ਲਟਕਾ ਰਹੀ ਹੈ। ਸ. ਬਗੀਚਾ ਸਿੰਘ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜਦੋਂ ਤੱਕ ਇਸ ਮਾਮਲੇ ਵਿੱਚ ਆਪਸੀ ਸਹਿਮਤੀ ਨਹੀਂ ਬਣ ਜਾਂਦੀ ਉਦੋਂ ਤੱਕ ਕਾਨੂੰਨ ਨੂੰ ਮੁਅੱਤਲ ਕਰਨ ਲਈ ਸਰਕਾਰ ਨੂੰ ਨੋਟੀਫ਼ਿਕੇਸ਼ਨ ਜਾਰੀ ਕਰਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ, ਜਿਸ ਬਾਰੇ ਸਿੰਘ ਸਾਹਿਬ ਵੀ ਪਹਿਲਾਂ ਸਰਕਾਰ ਨੂੰ ਕਹਿ ਚੁੱਕੇ ਹਨ। *** ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਦਲਵਿੰਦਰਜੀਤ ਸਿੰਘ ਅੱਜ ਮਿਤੀ 1 ਅਕਤੂਬਰ 2026 ਨੂੰ ਸਕੱਤਰੇਤ ਸ੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਤਖ਼ਤ ਸਾਹਿਬ ਵਿਖੇ ਇੰਚਾਰਜ ਸ. ਬਗੀਚਾ ਸਿੰਘ ਨੂੰ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਦੇ ਗ੍ਰਹਿ ਮਾਮਲੇ ਵਿਭਾਗ ਵੱਲੋਂ ਭੇਜੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਸੌਂਪਦੇ ਹੋਏ ਕਿ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਕਾਨੂੰਨ ਸਬੰਧੀ ਸੱਤ-ਮੈਨਬਰੀ ਕਮੇਟੀ ਬਣਾਈ ਹੈ.
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HPNLU में निखिल के आत्महत्या के प्रयास पर रैगिंग और जातिगत भेदभाव के आरोप

Shimla, Himachal Pradesh:हिमाचल प्रदेश राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (एचपीएनएलयू) में छात्र निखिल के आत्महत्या के प्रयास के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने पूरे मामले पर अपना पक्ष रखा है। कुलपति प्रो. प्रीति सक्सेना ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि इस मामले को केवल रैगिंग की घटना के तौर पर देखना सही नहीं होगा। उनके मुताबिक, छात्रों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है और दोनों पक्षों की ओर से शिकायतें सामने आई हैं। वहीं, कुलपति ने छात्र की ओर से लगाए गए जातिगत भेदभाव के आरोपों से इनकार किया है। कुलपति प्रो. प्रीति सक्सेना ने बताया कि 21 अगस्त को ए anti रैगिंग स्क्वाड के पास शिकायत दर्ज हुई थी। इस शिकायत की जांच एंटी रैगिंग कमेटी कर रही है। उन्होंने कहा कि निखिल के खिलाफ भी पहले छात्रों से विवाद और मारपीट को लेकर शिकायत दर्ज हुई थी। जांच पूरी होने के बाद ही मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। जातिगत भेदभाव के आरोपों पर कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय में समान अवसर प्रकोष्ठ मौजूद है और विद्यार्थियों की ऐसी शिकायतों के लिए निर्धारित व्यवस्था है। घटना के बाद निखिल को पहले सीएचसी धामी ले जाया गया, जहां उसे करीब दो घंटे रखा गया। कुलपति के अनुसार, इस दौरान विश्वविद्यालय के अधिकारियों को उससे मिलने की अनुमति नहीं मिली। बाद में उसे आईजीएमसी ले जाया गया, लेकिन वहां भर्ती नहीं किया गया। इसके बाद सुबह निखिल को परिजनों के साथ भेज दिया गया। कुलपति ने यह भी कहा कि अब तक पुलिस ने विश्वविद्यालय के हॉस्टल की जांच नहीं की है। वहीं, मेंटर-मेंटी व्यवस्था को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कदम उठाए जा रहे हैं। फिलहाल, मामले में जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी。
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मानसा जेल के पास्टर बजिंदर सिंह की तबीयत खराब, हार्ट समस्या नहीं मिली

Mansa, Punjab:सीने में दर्द की शिकायत के बाद जेल से सिविल अस्पताल लाया गया पास्टर बजिंदर सिंह - एसएमओ मानसा जेल सुपरिंटेंडेंट के फोन के बाद बजिंदर पास्टर को अस्पताल लाया गया, जांच में हार्ट से जुड़ी कोई गंभीर समस्या सामने नहीं आई - एसएमओ मानसा मानसा जिला जेल में बंद पास्टर बजिंदर सिंह की आज अचानक तबीयत खराब हो गई। सीने में दर्द की शिकायत के बाद जेल प्रशासन की ओर से उन्हें मानसा के सिविल अस्पताल लाया गया।मानसा के SMO के मुताबिक, जेल सुपरिंटेंडेंट की ओर से फोन आया था कि बजिंदर पास्टर के सीने में दर्द हो रहा है। इसके बाद उन्हें जांच और इलाज के लिए मानसा सिविल अस्पताल लाया गया।सिविल अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों की टीम ने बजिंदर पास्टर के जरूरी टेस्ट किए। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, जांच के दौरान फिलहाल हार्ट से जुड़ी कोई समस्या सामने नहीं आई है।डॉक्टरों की ओर से उनकी स्थिति की जांच की गई और आवश्यक मेडिकल टेस्ट किए गए। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के मुताबिक उनकी तबीयत को लेकर किसी गंभीर हृदय संबंधी परेशानी की पुष्टि नहीं हुई है। बाइट डॉक्टर गुरमेल सिंह एसएमओ मानसा बजिंदर सिंह इस समय मानसा जेल में बंद हैं और एक मामले में उम्रकैদ की सजा काट रहे हैं। इससे पहले भी उनके खिलाफ अलग-अलग मामले सामने आ चुके हैं。 वही मानसा की जेल में बलजिंदर सिंह को मोबाइल मुहैय्या करवाने को लेकर पुलिस वालों पर कार्रवाई हो चुकी है पास्टर बजिंदर सिंह को 1 अप्रैल 2025 को मोहाली की अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी। 28 मार्च 2025 को अदालत ने पास्टर बलजिंदर सिंह को 2018 के रेप केस में दोषी करार दिया था।
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NIA ने तरन तारन के दो गांवों में दबिश, जगरूप सिंह के घर

Noida, Uttar Pradesh:तरन तारन में एनआईए की दो गांवों में दबिश रेलवे ट्रैक उड़ाने किस साजिश में मारे गए जगरूप सिंह के घर और सीमावर्ती गांव डल में अजयदीप सिंह के घर की छानबीन एनआईए (नेशनल इनवेस्टिगेशन एजेंसी) की दो टीम वीरवार को तरन तारन के गांव पंजवड़ और पाकिस्तानी सीमा से सटे गांव डल पहुंची। यहाँ एक टीम ने गांव पंजवड़ में रहने वाले शंभू रेलवे ट्रैक को उड़ाने की साजिश में शामिल मारे गए जगरूप सिंह के घर पहुंचीं । जहां टीम ने जगरूप सिंह की मां और पत्नी सहित अन्य पारिवारिक सदस्यों से पूछताछ की और जगरूप के कमरे की भी छानबीन की। उनके बैंक खातों के साथ साथ अन्य दस्तावेज के सबूत टीम ने कब्जे में लिए। इसके इलावा घर में रखा एक मोबाइल फोन भी टीम साथ ले गई। इसी तरह दूसरी टीम डल गांव निवासी अजयदीप सिंह के घर पहुंची। इस घर में एनआईए क्यों पहुंची यह गांव में भी चर्चा का विषय बना हुआ है। 23 वर्षीय अजयदीप सिंह दो सालों से विदेश में है। यहां भी टीम ने बैंक खातों के साथ साथ अन्य दस्तावेज जांचे कब्जे में लिए।
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नेशनल जस्टिस फ्रंट कैद सिंहों की रिहाई के लिए फतेहगढ़ साहिब से मार्च

Barnala, Bathinda, Punjab:नेशनल जस्टिस फ्रंट ने बरनाला में प्रेस कॉन्फ्रेंस की. बन्दी सिखों की रिहाई के लिए 2 अक्टूबर को फतेहगढ़ साहिब से अकाल तख्त साहिब तलवंडी साबो तक मार्च शुरू होगा. लाखों की संख्या में सिख समुदाय हिस्सा लेगा. बन्दी सिखों की रिहाई के लिए पूरे देश में लड़ाई लड़ने का ऐलान. केंद्र और पंजाब सरकार बंदी सिखों की रिहाई के लिए कोई कोशिश नहीं कर रही. जत्थेदार जगतार सिंह हवारा के परिवार का कोई भी सदस्य कोई चुनाव नहीं लड़ेगा. सिख समुदाय सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों पर यकीन न करे. नेशनल जस्टिस फ्रंट पिछले चार साल से बंदी सिखों की रिहाई के लिए संघर्ष कर रहा है. लेकिन अभी तक बंदी सिखों की रिहाई नहीं हुई है. जिससे लेकर अब नेशनल जस्टिस फ्रंट खास तौर पर बंदी सिंहों की रिहाई के लिए पंजाब में मार्च निकाल रहा है. 2 मार्च को फतेहगढ़ साहिब से अरदास करने के बाद यह मार्च तख्त साहिब श्री दमदमा साहिब तलवंडी साहिब पहुंचेगा. इस मौके पर बरनाला में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए नेशनल जस्टिस फ्रंट के नेताओं में यूनाइटेड अकाली दल के प्रेसिडेंट जत्थेदार गुरदीप सिंह बठिंडा, भाना सिंह सिद्धू, शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) पार्टी के जत्थेदार जिला प्रेसिडेंट दर्शन सिंह मंडेर और दूसरे नेता मौजूद थे. इस मौके पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए जत्थेदार गुरदीप सिंह बठिंडा और भाना सिद्धू ने बताया कि जेलों में अपनी सज़ा पूरी कर चुके सिंहों को अभी तक रिहा नहीं किया गया है. कैद सिंहों की रिहाई को लेकर 9 सितंबर को चंडीगढ़ के किसान भवन में नेशनल जस्टिस फ्रंट, किसान संगठनों, संतों, सिख संगठनों, सभी सिख संगठनों और सिख पंथों, मज़दूर संगठनों, पत्रकारों और समाज सेवा संगठनों समेत 400 नुमाइंदों ने फैसला किया कि हमें एक साथ आकर कैद सिंहों की रिहाई के लिए बड़े फैसले लेने की ज़रूरत है. नेशनल जस्टिस फ्रंट पिछले चार सालों से कैद सिंहों की रिहाई के लिए संघर्ष कर रहा है, जिसमें किसान संगठनों समेत अलग-अलग धार्मिक और सिख संगठन भी कैद सिंहों की रिहाई के लिए संघर्ष कर रहे हैं. नेशनल जस्टिस फ्रंट अब 2 मार्च को फतेहगढ़ साहिब से जेल में बंद सिंहों की रिहाई के लिए मार्च शुरू कर रहा है. यह मार्च फतेहगढ़ साहिब से शुरू होकर तख्त साहिब श्री तलवंडी साहिब पहुंचेगा. इस मार्च का मुख्य मकसद जेलों में अपनी सजा पूरी कर चुके सिंहों को रिहा करवाना है. पंजाब के शहीदों ने हमेशा देश और पंजाब को आजाद कराने के लिए बड़ी कुर्बानियां दी हैं, लेकिन आज संविधान के मुताबिक अपनी सजा पूरी कर चुके कैदियों को राजनीतिक दबाव में जेलों में रखा जा रहा है, जो मानवाधिकार के तौर पर गैर-कानूनी है. उन्होंने पंजाब के लोगों से कैदियों की रिहाई के लिए एकजुट होने की अपील की. ताकि हम कैदियों को रिहा करवा सकें. उन्होंने यह भी कहा कि दूसरी तरफ, राजनीतिक नेता अपने राजनीतिक फायदे के लिए सरसों के नेता समेत दूसरे लोगों को पैरोल दे रहे हैं. लेकिन जिन कैदियों ने अपनी सजा पूरी कर ली है, वे अभी भी जेल में हैं. इस मौके पर यूनाइटेड अकाली दल के प्रेसिडेंट जत्थेदार गुरदीप सिंह बठिंडा ने सोशल मीडिया पर जत्थेदार जगतार सिंह हवारा की बहन के चुनाव लड़ने के मुद्दे पर जवाब देते हुए कहा कि आज उनकी मीटिंग हुई, जहां उनका केस सुप्रीम कोर्ट में है और कुछ ही दिनों में सुनवाई है. जगतार सिंह हवारा के सिर्फ 2 भाई-बहन हैं. उनके रिश्तेदारों में से उनकी बहन के चुनाव लड़ने के मुद्दे पर उन्होंने साफ किया कि न तो जत्थेदार जगतार सिंह हवारा और न ही उनका कोई रिश्तेदार या परिवार का सदस्य चुनाव लड़ेगा. सोशल मीडिया पर गलत प्रचार फैलाया जा रहा है. उन्होंने पूरी सिख संगत को साफ कर दिया कि परिवार से कोई भी चुनाव नहीं लड़ेगा. कैद में बंद सिंहों की रिहाई के लिए केंद्र और पंजाब सरकार से कोई मदद नहीं मिल रही है. इस मौके पर नेताओं ने SGPC और अकाल तख्त साहिब जी के जत्थेदारों से भी रिक्वेस्ट की और कहा कि कैद में बंद सिंहों की रिहाई के हक में एकजुट होकर बड़ा फैसला लेने की जरूरत है. बंदी सिखों की रिहाई के लिए निकाले जा रहे मार्च में नेशनल जस्टिस फ्रंट, शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर), यूनाइटेड अकाली दल, पुनर् सुरजीत, वारस पंजाब दे, पंथक दल, सिख प्रचारक, दमदमी टकसाल, सिख संगठनों के नेता, जिनमें राजेवाल संगठन, क्रांतिकारी संगठन, सिद्धूपुर संगठन, खोसा संगठन, फतेह संगठन, लखोवाल संगठन और दूसरे किसान संगठन शामिल हैं, इस मार्च में शामिल हो रहे हैं. आने वाले समय में बंदी सिखों की रिहाई के लिए और भी बड़े संघर्ष किए जाएंगे. इस मौके पर नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पंजाब के युवाओं और लोगों से अपील की और कहा कि बंदी सिखों की रिहाई के लिए फतेहगढ़ साहिब से तरवंदी साहिब तक जाने वाले इस मार्च में ज्यादा से ज्यादा सिख आगे आएं. ज्यादा से ज्यादा युवा अपने ट्रैक्टर, मोटरसाइकिल और साधना पर इस मार्च में शामिल हों. बरनाला पहुंचने पर गांवों में बड़ी संख्या में लोग इस मार्च में पहुंचेंगे. प्रेसिडेंट जत्थेदार गुरदीप सिंह बठिंडा (यूनाइटेड अकाली दल) और भाना सिंह सिद्धू की भागीदारी.
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