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Naresh sethiNaresh sethiFollow15 Apr 2025, 10:12 am

Faridkot - 4 ਮਈ ਨੂੰ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨਾਲ ਹੋਣ ਜਾ ਰਹੀ ਮੀਟਿੰਗ ਬਾਰੇ ਖੁੱਲਕੇ ਕੇ ਬੋਲੇ ਜਗਜੀਤ ਸਿੰਘ ਡੱਲੇਵਾਲਾ

Faridkot, Punjab:ਫਰੀਦਕੋਟ,ਨਰੇਸ਼ ਸੇਠੀ ਦੋ ਦਿਨ ਪਹਿਲਾਂ ਹਸਪਤਾਲ ਤੋਂ ਜਗਜੀਤ ਸਿੰਘ ਡੱਲੇਵਾਲਾ ਜ਼ਿਲਾ ਫਰੀਦਕੋਟ ਵਿਖੇ ਆਪਣੇ ਪਿੰਡ ਡੱਲੇਵਾਲਾ ਪਹੁੰਚੇ ਨੇ ਸਾਡੀ ਟੀਮ ਵੱਲੋਂ ਉਸਦੇ ਪਿੰਡ ਪਹੁੰਚ ਕੇ ਜਗਜੀਤ ਸਿੰਘ ਡੱਲੇਵਾਲ ਨਾਲ ਗੱਲਬਾਤ ਕੀਤੀ ਜਿਸ ਵਿਚ ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਜਿਹੜੀ ਸਾਨੂੰ ਅਗਲੀ ਮੀਟਿੰਗ ਦਿੱਤੀ ਹੈ ਉਹ 4 ਮਈ ਦੀ ਹੈ,ਪਰ ਉਸ ਮੀਟਿੰਗ ਬਾਰੇ ਮੌਕੇ ਤੇ ਜਦੋਂ ਲੈਟਰ ਆਏਗਾ ਉਸ ਵਿੱਚ ਕਿ ਲਿੱਖਿਆ ਹੋਏਗਾ, ਕਿਹੋ ਜਿਹਾ ਲੈਟਰ ਆਉਂਦਾ ਕਿਵੇਂ ਦੀ ਗੱਲ ਆਉਂਦੀ ਹੈ ਫੇਰ ਸੋਚਿਆ ਜਾਵੇਗਾ ਲੇਕਿਨ ਅਗਰ ਸਰਕਾਰ ਇਮਾਨਦਾਰੀ ਨਾਲ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨਾਲ ਗੱਲਬਾਤ ਕਰਨ ਦੀ ਨੀਅਤ ਦੇ ਨਾਲ ਸਾਨੂੰ ਸੱਦਾ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ਤਾਂ ਅਸੀਂ 200% ਇਸ ਮੀਟਿੰਗ ਚ ਜਾਵਾਂਗੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਕਈ ਵਾਰੀ ਹੋ ਸਕਦਾ ਕਿਸੇ ਆਦਮੀ ਦੇ ਮਨ ਦੇ ਵਿੱਚ ਜਾਂ ਸਾਡੇ ਕਿਸੇ ਫੋਰਮ ਦੇ ਲੀਡਰ ਦੇ ਮਨ ਚ ਹੀ ਆਵੇ ਕਿ ਏਡਾ ਵੱਡਾ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਸਾਡੇ ਨਾਲ ਧੱਕਾ ਕੀਤਾ ਤੇ ਹੁਣ ਅਸੀਂ ਮੀਟਿੰਗ ਦੇ ਵਿੱਚ ਕੀ ਲੈਣ ਜਾਣਾ ਤਾਂ ਮੈਨੂੰ ਲੱਗਦਾ ਇਹ ਸਰਕਾਰ ਨੂੰ ਅਸੀਂ ਇੱਕ ਮੌਕਾ ਦੇਵਾਂਗੇ ਅਸੀਂ
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संगरूर में कूड़े के ढेर पर राजनीति तेज, सफाई कर्मचारियों की मांगें बनी चर्चा

Sangrur, Punjab:ਅੱਜ ਦਾ ਮੁੱਦਾ ਹੈ ਕੂੜੇ ਦੇ ਢੇਰ ਸੰਗਰੂਰ ਦੇ ਵਿੱਚ ਪਿਛਲੇ ਕਈ ਦਿਨਾਂ ਤੋਂ ਸਫਾਈ ਸੇਵਕਾਂ ਵੱਲੋਂ ਆਪਣੀਆਂ ਮੰਗਾਂ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਕੂੜਾ ਨਹੀਂ ਚੁੱਕਿਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਜਿਸ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਸ਼ਹਿਰ ਦੀਆਂ ਗਲੀਆਂ ਮਹੱਲਿਆਂ ਸੜਕਾਂ ਦੇ ਵਿੱਚ ਗੰਦਗੀ ਦੇ ਢੇਰ ਲੱਗਣੇ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਗਏ ਹਨ ਤੇ ਗੰਦਗੀ ਦੀ ਢੇਰਾਂ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਹੁਣ ਇਸ ਤੇ ਰਾਜਨੀਤੀ ਵੀ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਗਈ ਹੈ ਪਿਛਲੀ ਸਰਕਾਰ ਸਮੇਂ ਵੀ ਕੂੜੇ ਦੇ ਢੇਰ ਲੱਗਦੇ ਸੀ ਤੇ ਉਸ ਦੇ ਉੱਤੇ ਪੋਸਟਰ ਲਾ ਕੇ ਰਾਜਨੀਤੀ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਸੀ ਤੇ ਇਸ ਵਾਰ ਵੀ ਕੂੜੇ ਦੇ ਢੇਰਾਂ ਤੇ ਮੌਜੂਦਾ ਸਰਕਾਰ ਦੇ ਲੀਡਰਾਂ ਦੀਆਂ ਫੋਟੋਆਂ ਲਾ ਕੇ ਰਾਜਨੀਤੀ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ। ਇਹ ਕਹਿਣਾ ਹੈ ਆਜ਼ਾਦ ਮਿਊਨਸੀਪਲ ਕੌਂਸਲਰ ਸਤਿੰਦਰ ਸੈਣੀ ਦਾ ਸਤਿੰਦਰ ਸੈਣੀ ਅਤੇ ਉਸਦੇ ਮਹੱਲਾ ਨਿਵਾਸੀਆਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਹ ਸੰਗਰੂਰ ਦਾ ਸਿਵਲ ਹੋਸਪਿਟਲ ਹੈ ਜਿਸ ਦੇ ਬਾਹਰ ਕੂੜੇ ਦਾ ਡੰਪ ਵੀ ਬਣਿਆ ਹੋਇਆ ਹੈ ਪਰ ਕੂੜੇ ਦੇ ਢੇਰ ਵੀ ਲੱਗਣੇ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਗਏ ਹਨ ਬਰਸਾਤ ਦਾ ਮੌਸਮ ਆ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਜਿਸ ਨਾਲ ਬਿਮਾਰੀਆਂ ਹੋਰ ਵੀ ਜਿਆਦਾ ਫੈਲਣਗੀਆਂ ਪੋਲੀਟੀਕਲ ਪਾਰਟੀਆਂ ਇਸ ਉੱਤੇ ਰਾਜਨੀਤੀ ਕਰਦੀਆਂ ਆ ਰਹੀਆਂ ਹਨ ਪਰ ਜਿਹੜੇ ਸਫਾਈ ਸੇਵਕ ਨੇ ਉਹਨਾਂ ਦੀ ਮੰਗਾਂ ਨਾ ਪਿਛਲੀ ਸਰਕਾਰ ਵੇਲੇ ਪੂਰੀਆਂ ਕੀਤੀਆਂ ਗਈਆਂ ਨਾ ਇਸ ਸਰਕਾਰ ਵੇਲੇ ਪੂਰੀਆਂ ਕੀਤੀਆਂ ਗਈਆਂ ਕਾਂਗਰਸ ਪਾਰਟੀ ਵੀ ਇਸ ਦੇ ਉੱਤੇ ਮੌਜੂਦਾ ਵਿਧਾਇਕ ਦੇ ਪੋਸਟਰ ਲਗਾ ਕੇ ਰਾਜਨੀਤੀ ਕਰ ਰਹੀ ਹੈ। ਸਤਿੰਦਰ ਸੈਣੀ ਨੇ ਪੋਲੀਟੀਕਲ ਪਾਰਟੀਆਂ ਦੇ ਲੀਡਰਾਂ ਦੇ ਬੈਨਰ ਬਣਾ ਕੇ ਉਹਨਾਂ ਦੇ ਉੱਤੇ ਕਾਟੀ ਮਾਰ ਕੇ ਇਸ ਨੂੰ ਸਾਰਾ ਡਰਾਮੇਬਾਜੀ ਘੋਸ਼ਿਤ ਕਰਦੇ ਹੋਏ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਸ ਤਰੀਕੇ ਦੀ ਰਾਜਨੀਤਿ ਅਤੇ ਸੰਗਰੂਰ ਦੇ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਸਫਾਈ ਦਾ ਹੱਲ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਇਨਾਂ ਕੂੜੇ ਤੋਂ ਆਜ਼ਾਦੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਜੋ ਕਿ ਇਹ ਰਾਜਨੀਤਿਕ ਪਾਰਟੀਆਂ ਕਰ ਰਹੀਆਂ ਹਨ। ਜਿਸ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਅਸੀਂ ਮਹੱਲਾ ਨਿਵਾਸੀ ਇਕੱਠੇ ਹੋ ਕੇ ਰੋਸ਼ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨ ਕਰ ਰਹੇ ਹਾਂ ਸਿਵਿਲ ਹੋਸਪਿਟਲ ਦੇ ਬਾਹਰ ਦੇ ਹਾਲਾਤ ਤੁਹਾਨੂੰ ਦੇਖ ਸਕਦੇ ਹੋ ਕਿ ਕਿਸ ਤਰੀਕੇ ਨਾਲ ਗੰਦਗੀ ਦੇ ਢੇਰ ਲੱਗੇ ਹੋਏ ਹਨ ਸੜਕ ਦੇ ਲੋਕ ਨਿਕਲ ਰਹੇ ਹਨ ਬਿਮਾਰ ਲੋਕ ਵੀ ਹਸਪਤਾਲ ਦੇ ਵਿੱਚ ਆ ਰਹੇ ਹਨ। ਬਿਮਾਰ ਬੰਦੇ ਠੀਕ ਹੋਣ ਦੀ ਬਜਾਏ ਹੋਰ ਵੀ ਜਿਆਦਾ ਬਿਮਾਰ ਹੋ ਜਾਣਗੇ ਇਹ ਕਹਿਣਾ ਹੈ ਸਮਾਜ ਸੇਵੀ ਅਤੇ ਨਗਰ ਕੌਂਸਲ ਐਮਸੀ ਸਤਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਸੈਣੀ ਦਾ
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हिमाचल में 450 मेगावाट शोंगटोंग-कड़छम जलविद्युत से बिजली व्यवस्था में बड़ा बदलाव

Shimla, Himachal Pradesh:हिमाचल प्रदेश की ऊर्जा क्षमता को नई ऊंचाई देने वाली 450 मेगावाट क्षमता की शोंगटोंग-कड़छम जलविद्युत परियोजना मार्च-अप्रैल 2027 तक बिजली उत्पादन शुरू कर देगी। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने सोमवार को ऊर्जा विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को किन्नौर जिले में सतलुज नदी पर निर्माणाधीन इस महत्वाकांक्षी परियोजना के निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने बताया कि परियोजना के पावर हाउस का लगभग 80 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि वर्तमान मानसून के दौरान भी बांध का निर्माण कार्य निर्बाध रूप से जारी रहेगा। इसके लिए सतलुज नदी के जल प्रवाह को गेट संख्या 4 और 5 से मोड़ा जाएगा, जबकि डायवर्जन बे (गेट) 1, 2 और 3 पर समानांतर रूप से निर्माण कार्य चलता रहेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश की स्वच्छ ऊर्जा अवसंरचना को मजबूत करने और सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उनके अनुसार यह परियोजना न केवल प्रदेश की बिजली उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि करेगी, बल्कि ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और पर्यावरण-अनुकूल विकास को भी नई गति देगी। उन्होंने कहा कि तकनीकी और भौगोलिक चुनौतियों के बावजूद सरकार लगातार निगरानी और बेहतर परियोजना नियोजन के माध्यम से निर्माण कार्य को आगे बढ़ा रही है। भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप नियमित तकनीकी उपाय अपनाए जा रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप परियोजना का 80 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा किया जा चुका है। परियोजना के पूर्ण होने पर प्रतिवर्ष लगभग 1,579 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन होने की संभावना है। इससे प्रदेश की ऊर्जा क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और बिजली ग्रिड की स्थिरता भी मजबूत होगी। साथ ही, इस परियोजना से हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था को प्रतिवर्ष लगभग 900 करोड़ रुपये का योगदान मिलने का अनुमान है。
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सुप्रीम कोर्ट फैसले के बाद हिमाचल को 4200 करोड़ बकाया वसूली जंग तेज

Shimla, Himachal Pradesh:किशाऊ बांध परियोजना के बाद हिमाचल सरकार ने भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) से प्रदेश के लंबित वित्तीय अधिकारों और बकाया राशि की वसूली के प्रयास तेज कर दिए हैं। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने इस मुद्दे पर केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर से फोन पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से सक्रिय सहयोग का आग्रह करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश लंबे समय से अपने वैधानिक अधिकारों की प्रतीक्षा कर रहा है और राज्य सरकार इन्हें हर हाल में सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि 422 मेगावाट की किशाऊ बहुउद्देश्यीय परियोजना पर हिमाचल प्रदेश तभी आगे बढ़ेगा, जब हरियाणा सरकार बीबीएमबी से संबंधित अपने हिस्से के बकाया भुगतान पर स्पष्ट सहमति देगी और इस संबंध में सर्वोच्च न्यायालय में शपथ-पत्र दायर करेगी। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के हितों की अनदेखी कर राज्य से किसी नई परियोजना में सहयोग की अपेक्षा करना उचित नहीं होगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि बार-बार आग्रह के बावजूद पंजाब और हरियाणा ने हिमाचल प्रदेश को उसके अधिकारों से वंचित रखा है। इस पर केंद्रीय ऊर्जा मंत्री ने आश्वासन दिया कि वह हरियाणा और पंजाब के मुख्यमंत्रियों से चर्चा कर हिमाचल प्रदेश के वैधानिक अधिकारों के संरक्षण और समाधान के लिए आवश्यक पहल करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 15 वर्ष पूर्व सर्वोच्च न्यायालय ने अपने आदेश में हिमाचल प्रदेश को बीबीएमबी की परियोजनाओं एवं उनसे प्राप्त होने वाले लाभों में 7.19 प्रतिशत हिस्सेदारी का अधिकार स्वीकार किया था। इसके बावजूद प्रदेश पिछले एक दशक से अधिक समय से अपने हिस्से की 13,066 मिलियन यूनिट बिजली और उससे जुड़े वित्तीय लाभों से वंचित है। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के बाद प्रदेश सरकार बीबीएमबी से अपने हिस्से के लगभग 4,200 करोड़ रुपये के बकाया की वसूली के लिए सभी आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक कदम उठा रही है। यह राशि हिमाचल प्रदेश के लोगों का वैधानिक अधिकार है और सरकार इसे प्राप्त करने के लिए पूरी दृढ़ता से प्रयासरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 422 मेगावाट की किशाऊ बांध परियोजना पर वर्ष 2023 में पुराने समझौते को उन्होंने अस्वीकार कर दिया था, जिसके तहत हिमाचल प्रदेश को बिजली उत्पादन की लागत का बड़ा हिस्सा वहन करना पड़ता। उनके कड़े रुख के बाद अब राज्य को बिना एक भी पैसा लगाए प्रतिवर्ष 600 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होगा, जिसे उन्होंने हिमाचल प्रदेश के अधिकारों की बड़ी जीत बताया।
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फाजिल्का आर्य समाज रोड में बरसाती पानी, दुकानों का कारोबार प्रभावित, व्यवस्था पर सवाल

Fazilka, Punjab:इन दिनों गर्मी के मौसम के चलते जहां लोग जगह-जगह पर लंगर लगा इंद्रदेवता को प्रसन्न कर बरसात होने की अरदास करते हैं । वही फाजिल्का के आर्य समाज रोड के निवासी दुकानदारों का बयान भी सामने आया है । जो कहते हैं कि फाजिल्का में कभी भी बरसात न हो । porque इस बरसात की वजह से उनकी दुकानों के बाहर इस कदर बरसाती पानी जमा हो जाता है । कि दो-दो दिन तक उनका कारोबार जमकर प्रभावित होता है । स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले 20 वर्षों से ऐसे हालात है । जिसका आज तक कोई समाधान नहीं हुआ । हालांकि कई बार नगर कौंसिल में शिकायतें भी दर्ज करवाई گئی । लेकिन कोई सुनवाई नहीं । उधर अधिकारियों का कहना है कि वह निकासी करवा देते हैं । और इसके पक्के समाधान के लिए टीम को भेजा जाएगा । जानकारी देते हुए आर्य समाज रोड पर मेडिकल संचालक अंकित अनेजा ने बताया कि पिछले 11 वर्षों से वह इस जगह पर अपनी मेडिकल की दुकान चला रहे हैं । लेकिन यह हालात इससे भी पहले के हैं । उन्होंने कहा कि आज से करीब 20 वर्ष पहले से यह हालात है कि यहां पर एक बरसात की वजह से इतना पानी जमा हो जाता है कि उनके साथ लगते स्टूडियो व अन्य दुकानों का कारोबार जमकर प्रभावित होता है । यहां तक कि पास में लड़कियों का सरकारी स्कूल है । और लड़कियों को भी आने-जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है । आज भी यही हालात बने हुए हैं । रात को हुई बरसात की वजह से शास्त्री चौक से लेकर उनकी दुकान के आगे तक इतना बरसाती पानी जमा है कि इससे गुजरना भी मुश्किल है । यहां तक कि कई लोग हादसों का शिकार भी हो रहे है । उन्होंने कहा कि इसको लेकर कई बार उन्होंने नगर कौंसिल अधिकारियों तक पहुंच कर शिकायतें भी दर्ज करवाई । लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई । यहां तक कि स्थानीय विधायक द्वारा व्यापारियों के साथ शहर में जगह-जगह बैठके भी की जा रही है । जिस दौरान भी यह समस्या रखी गई थी जिसका एक हफ्ते में समाधान करवाने का भरोसा दिया गया था। लेकिन हालात ज्यों के त्यों बने हुए हैं । उन्होंने प्रशासन व सरकार से इस समस्या के पक्के समाधान की मांग की है । जबकि मौके से गुजर रहे स्थानीय निवासी सुरेंद्र कुमार ने कहा कि इसके पीछे सबसे बड़े जिम्मेदार स्थानीय नेता है । जिनका फर्ज बनता है कि ऐसी समस्याओं का समाधान पहल के आधार पर होना चाहिए । उधर इसको लेकर जब सवाल फाजिल्का नगर कौंसिल के सीईओ वीर विक्रम धूड़ीया को किया गया तो उन्होंने कहा कि फिलहाल नगर कौंसिल के सफाई सेवाक हड़ताल पर है । जिसके चलते दिक्कत आई है । उनके द्वारा इसकी निकासी करवा दी जाएगी । वहीं उन्होंने कहा कि इस समस्या के पक्के समाधान के लिए जेई सहित टीम को मौके पर भेजा जाएगा ।
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E20 पेट्रोल के विरोध से पंजाब में नीति पर सवाल उठने लगे

Moga, Punjab:पूरे देश में इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल के विरोध में विरोध की आवाज बुलंद हुई है और पंजाब में भी E20 पेट्रोल को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। गाड़ियों को संभावित नुकसान की चिंताओं के दरमियान केंद्र सरकार के इस फ़ैसले की आलोचना हो रही है। देशभर में E20 पेट्रोल को लेकर विरोध की आवाज़ें तेज़ हो रही हैं और पंजाब में भी इस पर सवाल उठ रहे हैं। वाहनों को संभावित नुकसान की चिंताओं के बीच केंद्र सरकार की E20 नीति पर चर्चा जारी है। पेट्रोल पंप एसोसिएशन के अध्यक्ष काका बलखंडी ने बताया कि E20 पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिलाया जाता है। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना, देश में उत्पादित इथेनॉल के उपयोग को बढ़ावा देना और ईंधन की लागत को नियंत्रित करना है। उन्होंने कहा कि इथेनॉल में नमी को अपनी ओर आकर्षित करने की क्षमता अधिक होती है。 कुछ परिस्थितियों में, विशेषकर मानसून के दौरान या जब वाहन लंबे समय तक खड़ा रहे, तो कुछ वाहनों में इंजन से जुड़ी समस्याएं आ सकती हैं। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि हर समस्या के लिए पेट्रोल पंपों को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता, क्योंकि पंपों पर तेल कंपनियों द्वारा आपूर्ति किया गया और निर्धारित मानकों के अनुसार जांचा हुआ ईंधन ही बेचा जाता है। दूसरी ओर रविंदर सिंह रवि ग्रेवाल ने दावा किया कि E20 लागू होने के बाद कई वाहन मालिक स्कूटर, मोटरसाइकिल और कारों में स्टार्टिंग तथा परफॉर्मेंस से जुड़ी समस्याओं की शिकायत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई लोग मजबूरी में महंगा प्रीमियम पेट्रोल भी भरवा रहे हैं। उन्होंने मांग की कि यदि लोगों को वास्तव में ऐसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, तो सरकार को E20 नीति की समीक्षा करनी चाहिए, इथेनॉल ब्लेंडिंग प्रक्रिया को और बेहतर बनाना चाहिए या आवश्यकता पड़ने पर इसमें संशोधन पर विचार करना चाहिए。 फिलहाल E20 पेट्रोल को लेकर अलग-अलग पक्षों की अलग-अलग राय और दावे सामने आ रहे हैं। इस मुद्दे पर सरकार और विशेषज्ञों के आधिकारिक स्पष्टीकरण का भी इंतजार किया जा रहा है。
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किशाऊ के बाद बीबीएमबी बकाया वसूली पर हिमाचल सरकार ने केंद्र से सहयोग मांगा

Shimla, Himachal Pradesh:किशाऊ के बाद बीबीएमबी के 4200 करोड़ एरियर पर सुक्खू सरकार का फोकस, केंद्र से मांगा सहयोग बीबीएमबी से प्रदेश के लंबित एरियर और वित्तीय अधिकारों की वसूली के प्रयास तेज कर दिए हैं। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर से फोन पर बातचीत कर इस मामले में केंद्र के सहयोग की मांग की है。 मुख्यमंत्री ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री को बताया कि हिमाचल प्रदेश लंबे समय से बीबीएमबी में अपने वैधानिक अधिकारों और बकाया राशि का इंतजार कर रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपने अधिकार हर हाल में सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है और केंद्र सरकार से इस दिशा में सक्रिय सहयोग की अपेक्षा रखती है。 सुक्खू ने स्पष्ट किया कि किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना पर हिमाचल तभी आगे बढ़ेगा, जब हरियाणा सरकार बीबीएमबी से जुड़े बकाया भुगतान पर अपनी सहमति दे और इस संबंध में सर्वोच्च न्यायालय में शपथ-पत्र दाखिल करे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हितों की अनदेखी कर किसी नई परियोजना में सहयोग की अपेक्षा उचित नहीं है。 मुख्यमंत्री के अनुसार, सर्वोच्च न्यायालय ने करीब 15 वर्ष पहले हिमाचल को बीबीएमबी परियोजनाओं में 7.19 प्रतिशत हिस्सेदारी का अधिकार दिया था। इसके बावजूद प्रदेश 13,066 मिलियन यूनिट बिजली और उससे जुड़े वित्तीय लाभ से वंचित रहा है। राज्य सरकार अब लगभग 4,200 करोड़ रुपये के बकाया की वसूली के लिए कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई तेज कर रही है。 मुख्यमंत्री ने कहा कि किशाऊ परियोजना पर पुराने समझौते को अस्वीकार करने के फैसले से हिमाचल को बड़ी राहत मिली है। अब राज्य को परियोजना में निवेश किए बिना हर वर्ष करीब 600 करोड़ रुपये का राजस्व मिलेगा। वहीं केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने आश्वासन दिया है कि वह इस मुद्दे पर पंजाब और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों से चर्चा कर हिमाचल के वैधानिक अधिकारों के समाधान का प्रयास करेंगे。
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किसान यूनियन ने पंजाब के MSP और पानी कानूनों में बड़े बदलाव की मांग की

Chandigarh, Chandigarh:ਭਾਰਤੀ ਕਿਸਾਨ ਯੂਨੀਅਨ (ਰਾਜੇਵਾਲ) ਵੱਲੋਂ 13 ਜੁਲਾਈ 2026 ਨੂੰ ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ਵਿਖੇ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਦੇ ਨਾਂ ਸੌੰਪੇ ਗਏ ਮੈਮੋਰੰਡਮ ਦੇ ਮੁੱਖ ਨੁਕਤੇ ਹੇਠ ਲਿਖੇ ਅਨੁਸਾਰ ਹਨ: * *ਮੈਮੋਰੰਡਮ ਅਤੇ ਪਾਣੀ ਦੀ ਗੰਭੀਰ ਸਥਿਤੀ:* 13 ਜੁਲਾਈ 2026 ਨੂੰ ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ਵਿਖੇ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਨਾਂ ਮੈਮੋਰੰਡਮ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ. ਇਸ ਵਿੱਚ ਚਿੰਤਾ ਜਤਾਈ ਗਈ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਯੂਰੇਨੀਅਮ, ਫਲੋਰਾਈਡ, ਆਰਸੈਨਿਕ ਅਤੇ ਲੈਂਡ ਵਰਗੇ ਜ਼ਹਿਰੀਲੇ ਤੱਤ ਮਿਲਣ ਕਾਰਨ ਸੂਬਾ ''ਕੈਂਸਰ ਸਟੇਟ'' ਬਣਦਾ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ. * *ਪਾਣੀ ਦੇ ਸਮਝੌਤੇ ਰੱਦ ਕਰਨ ਦੀ ਮੰਗ:* ਪੰਜਾਬ ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਵਿੱਚ ਮਤਾ ਪਾਸ ਕਰਕੇ ਹੁਨ ਤੱਕ ਹੋਏ ਪਾਣੀਆਂ ਦੇ ਸਾਰੇ ਗੈਰ-ਸੰਵਿਧਾਨਕ ਸਮਝੌਤਿਆਂ ਰੱਦ ਕਰਨ ਅਤੇ 25 ਸਾਲ ਤੋਂ ਪੁਰਾਣੇ ਸਮਝੌਤਿਆਂ ''ਤੇ ਪੁਨਰ ਵਿਚਾਰ ਕਰਨ ਦੀ ਮੰਗ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ . * *ਪੰਜਾਬ ਪੁਨਰਗਠਨ ਐਕਟ ਅਤੇ ਡੈਮ ਸੇਫਟੀ ਐਕਟ:* ਪੰਜਾਬ ਪੁਨਰਗਠਨ ਐਕਟ 1966 ਦੀਆਂ ਗੈਰ-ਸੰਵਿਧਾਨਕ ਧਾਰਾਵਾਂ 78, 79, ਅਤੇ 80 ਨੂੰ ਖਤਮ ਕਰਨ ਲਈ ਕੇਂਦਰ ਸਰਕਾਰ ਤੋਂ ਮੰਗ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇ. ਇਸ ਦੇ ਨਾਲ ਹੀ BBMB ਵਿੱਚ ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਮੈਂਬਰੀ ਬਹਾਲ ਕਰਨ ਅਤੇ ਡੈਮ ਸੇਫਟੀ ਐਕਟ ਨੂੰ ਰੱਦ ਕਰਨ ਲਈ ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਵਿੱਚ ਮਤਾ ਪਾਸ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇ. * *ਸਾਫ਼ ਪਾਣੀ ਦੀ ਸਪਲਾਈ:* ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਹਰ ਪਿੰਡ ਅਤੇ ਸ਼ਹਿਰ ਦੇ ਘਰ-ਘਰ ਤੱਕ ਨਹਿਰਾਂ/ਦਰਿਆਵਾਂ ਦਾ ਸਾਫ਼ ਪਾਣੀ ਪਹੁੰਚਾਇਆ ਜਾਵੇ. ਕੇਂਦਰ ਸਰਕਾਰ ਤੋਂ ਹੁਣ ਤੱਕ ਵਰਤੇ ਗਏ ਪਾਣੀ ਦੀ ਕੀਮਤ ਵਸੂਲ ਕੇ ਉਸ ਪੈਸੇ ਨੂੰ ਪਾਣੀ ਸਪਲਾਈ ਦੇ ਪ੍ਰਾਜੈਕਟਾਂ ''ਤੇ ਖਰਚਿਆ ਜਾਵੇ. * *ਪਾਣੀ ਦੇ ਪ੍ਰદੂਸ਼ਣ ''ਤੇ ਰੋਕ:* ਦਰਿਆਵਾਂ ਅਤੇ ਨਹਿਰਾਂ ਵਿੱਚ ਦੂਸ਼ਿਤ ਪਾਣੀ ਪਾਉਣ ਵਾਲਿਆਂ ਵਿਰੁੱਧ सਖ਼ਤ ਮੁਹਿੰਮ ਚਲਾਈ ਜਾਵੇ ਅਤੇ ਸੰਸਾਰ ਬੈਂਕ ਦੀ ਪਾਣੀ ਉੱਤੇ ਕਾਰਪੋਰੇਟਾਂ ਦੇ ਕੰਟਰੋਲ ਵਾਲੀ ਨੀਤੀ ਰੱਦ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇ. * *ਫ਼ਸਲੀ ਵਿਭਿੰਨਤਾ ਅਤੇ MSP ਦੀ ਗਾਰੰਟੀ:* ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੂੰ ਕਣਕ-ਝੋਨੇ ਦੇ ਚੱਕਰ ਵਿੱਚੋਂ ਕੱਢਣ ਲਈ ਬਾਸਪਤੀ, ਮੱਕੀ, ਮੂੰਗੀ, ਆਲੂ, ਤੇਲ ਬੀਜਾਂ ਅਤੇ ਦਾਲਾਂ ਦੀ ਖਰੀਦ ਦੇ ਫਾਰਮੂਲੇ ਅਨੁਸਾਰ ਐਮ.ਐਸ.ਪੀ. (MSP) ''ਤੇ ਯਕੀਨੀ ਬਣਾਈ ਜਾਵੇ. * *ਭਾਰਤ-ਅਮਰੀਕਾ ਮੁਕਤ ਵਪਾਰ ਸਮਝੌਤਾ:* ਕੇਂਦਰ ਸਰਕਾਰ ਵਲੋਂ ਅਮਰੀਕਾ ਨਾਲ ਕੀਤੇ ਜਾ ਰਹੇ ਮੁਕਤ ਵਪਾਰ ਸਮਝੌਤੇ ਦਾ ਵਿਰੋਧ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇ, ਕਿਉਂਕਿ ਭਾਰਤ ਦੇ ਛੋਟੇ ਕਿਸਾਨ ਅਮਰੀਕੀ ਕਿਸਾਨਾਂ ਦਾ ਮੁਕਾਬਲਾ ਨਹੀਂ ਕਰ ਸਕਦੇ. * *ਖੇਤੀ ਲਾਗਤ ਅਤੇ ਮੁੱਲ ਕਮਿਸ਼ਨ:* ਇਸ ਕਮਿਸ਼ਨ ਨੂੰ ਸੰਵਿਧਾਨਕ ਦਰਜਾ ਦਿੱਤਾ ਜਾਵੇ ਅਤੇ ਇਸ ਦਾ ਅਧਿਕਾਰ ਖੇਤਰ ਬਦਲ ਕੇ ਕਿਸਾਨ ਪੱਖੀ ਬਣਾਇਆ ਜਾਵੇ. * *ਨਵੀਂ ਲੈਂਡ ਪੂਲਿੰਗ ਪਾਲਿਸੀ ਦੀ ਵਾਪਸੀ:* ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਸੋਧਾਂ ਕਰਕੇ ਦੁਬਾਰਾ ਜਾਰੀ ਕੀਤੀ ਗਈ ਕਿਸਾਨ ਵਿਰੋਧੀ ਲੈਂਡ ਪੂਲਿੰਗ ਪਾਲਿਸੀ ਨੂੰ ਤੁਰੰਤ ਵਾਪਸ ਲੈਣ ਦੀ ਮੰਗ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ. * *ਕਰਜ਼ਾ ਮੁਕਤੀ:* ਸਰਕਾਰ ਦੀਆਂ ਨੀਤੀਆਂ ਕਾਰਨ ਕਰਜ਼ੇ ਹੇਠ ਦੱਬੇ ਕਿਸਾਨਾਂ ਅਤੇ ਖੇਤ ਮਜ਼ਦੂਰਾਂ ਦੇ ਕਰਜ਼ਿਆਂ ''ਤੇ ਤੁਰੰਤ ਲਕੀਰ ਮਾਰੀ ਜਾਵੇ (ਮੁਆਫ਼ ਕੀਤੇ ਜਾਣ) . * *ਸਹਿਕਾਰੀ ਅਦਾਰਿਆਂ ਦੀ ਬਹਾਲੀ:* ਭ੍ਰਿਸ਼ਟਾਚਾਰ ਕਾਰਨ ਡੁੱਬ ਰਹੇ 90% ਸਹਿਕਾਰੀ ਅਦਾਰਿਆਂ ਨੂੰ ਬਚਾਉਣ ਲਈ ਲੁਟੇਰੇ ਅਧਿਕਾਰੀਆਂ ਦੀ ਜਾਂਚ ਕਰਕੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਸਜ਼ਾ ਦਿੱਤੀ ਜਾਵੇ * *ਵਨ ਟਾਈਮ ਸੈਟਲਮੈਂਟ ਸਕੀਮ:* ਕਿਸਾਨਾਂ ਅਤੇ ਮਜ਼ਦੂਰਾਂ ਲਈ ਇੰਡਸਟਰੀ ਵਾਂਗ ਇੱਕ ਮੁਸ਼ਤ ਕਰਜ਼ ਨਿਪਟਾਰਾ ਸਕੀਮ (One time settlement scheme) ਬਣਾਈ ਜਾਵੇ ਅਤੇ ਸਾਰੇ ਕੋਰਟ ਕੇਸ ਵਾਪਸ ਲਏ ਜਾਣ. * *ਕਿਸਾਨ ਮਾਰੂ ਬਿੱਲਾਂ ਦਾ ਵਿਰੋਧ:* ਕੇਂਦਰ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਤਿਆਰ ਕੀਤੇ ਬਿਜਲੀ ਸੋਧ ਬਿੱਲ 2025 ਅਤੇ ਬੀਜ ਬਿੱਲ ਦਾ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਵਿਰੋਧ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇ. * *ਜ਼ਮੀਨਾਂ ਦਾ ਯੋਗ ਮੁਆਵਜ਼ਾ:* ਭਾਰਤ ਮਾਲਾ ਪ੍ਰੋਜੈਕਟਾਂ ਲਈ ਜ਼ਮੀਨ ਐਕੁਆਇਰ ਕਰਨ ਸਮੇਂ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੂੰ ਜ਼ਮੀਨ ਸੋਧ ਕਾਨੂੰਨ 2013 ਅਨੁਸਾਰ ਬਾਜ਼ਾਰੀ ਕੀਮਤ ਮੁਤਾਬਕ ਉਚਿਤ ਮੁਆਵਜ਼ਾ ਦਿੱਤਾ ਜਾਵੇ. * *ਸਰਹੱਦੀ ਵਪਾਰ:* ਪਾਕਿਸਤਾਨ ਅਤੇ ਮੱਝ ਪੂਰਬ ਨਾਲ ਵਪਾਰ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਨ ਲਈ ਵਾਹਗਾ ਅਤੇ ਹੁਸੈਨੀਵਾਲਾ ਬਾਰਡ ਤੁਰੰਤ ਖੋਲ੍ਹੇ ਜਾਣ. * *ਪੈਨਸ਼ਨ ਦੀ ਮੰਗ:* 58 ਸਾਲ ਤੋਂ ਵੱਧ ਉਮਰ ਦੇ ਹਰ ਕਿਸਾਨ ਅਤੇ ਖੇਤ ਮਜ਼ਦੂਰ ਨੂੰ ਘੱਟੋ-ਘੱਟ 10 ਹਜ਼ਾਰ ਰੁਪਏ ਪ੍ਰਤੀ ਮਹੀਨਾ ਪੈਨਸ਼ਨ ਦੇਣ ਦਾ ਪ੍ਰਬੰਧ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇ. * *ਖੇਤੀ ਮੋਟਰਾਂ ਅਤੇ ਤੇਲ ਦੀਆਂ ਕੀਮਤਾਂ:* ਖੇਤੀ ਮੋਟਰਾਂ ਦੇ ਜਾਰੀ ਕੀਤੇ ਡਿਮਾਂਡ ਨੋਟਿਸਾਂ ਦੀ ਮਿਆਦ ਵਧਾਈ ਜਾਵੇ, ਟਿਊਬਵੈੱਲ ਕਨੈਕਸ਼ਨ ਜਾਰੀ ਕੀਤੇ ਜਾਣ ਅਤੇ ਡੀਜ਼ਲ-ਪੈਟਰੋਲ ਦੀਆਂ ਕੀਮਤਾਂ ਘਟਾਈਆਂ ਜਾਣ.
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अमृतसर के शमशानघाट पर अज्ञात लाशों के मसले पर अखाली दल का आक्रोश

Amritsar, Punjab:ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ ਦੇ ਸ਼ਹੀਦਾ ਸਾਹਿਬ ਸ਼ਮਸ਼ਾਨਘਾਟ 'ਚ ਅਣਪਛਾਤੀਆਂ ਲਾਸ਼ਾਂ ਦੀ ਯਾਦ ਸ਼੍ਰੋਮਣੀ ਅਕਾਲੀ ਦਲ (ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ) ਨੇ ਕੀਤੀ 'ਚ ਅਰਦਾਸ ਜਸਵੰਤ ਸਿੰਘ ਖਾਲੜਾ ਵੱਲੋਂ ਉਠਾਏ ਗਏ ਮਾਮਲਿਆਂ ਨੂੰ ਮੁੜ ਚੁੱਕਿਆ, ਕਥਿਤ ਫਰਜ਼ੀ ਮੁਕਾਬਲਿਆਂ ਅਤੇ ਲਵਾਰਿਸ ਸਸਕਾਰਾਂ 'ਤੇ ਸਰਕਾਰ ਨੂੰ ਘੇਰਿਆ ਸ਼੍ਰੋਮਣੀ ਅਕਾਲੀ ਦਲ (ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ) ਦੇ ਆਗੂਆਂ ਦੇ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਦਾਅਵੇ, ਸਿੱਖਾਂ ਦੇ ਸਵੈ-ਨਿਰਣੇ ਦੇ ਅਧਿਕਾਰ ਅਤੇ ਇਨਸਾਫ਼ ਦੀ ਕੀਤੀ ਗੱਲ ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ ਵਿੱਚ ਸ਼੍ਰੋਮਣੀ ਅਕਾਲੀ ਦਲ (ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ) ਵੱਲੋਂ ਸ਼ਮਸ਼ਾਨਘਾਟ ਵਿਖੇ ਹਰ ਸਾਲ ਦੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਇਸ ਵਾਰ ਵੀ ਉਹਨਾਂ ਅਣਪਛਾਤੀਆਂ ਲਾਸ਼ਾਂ ਦੀ ਯਾਦ ਵਿੱਚ ਅਰਦਾਸ ਕੀਤੀ ਗਈ, ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਪਾਰਟੀ ਨੇ 1980-90 ਦੇ ਦਹਾਕੇ ਦੌਰਾਨ ਕਥਿਤ ਤੌਰ 'ਤੇ ਲਵਾਰਿਸ ਦੱਸ ਕੇ ਸਸਕਾਰ ਕੀਤਾ ਜਾਣ ਦਾ ਦਾਅਵਾ ਕੀਤਾ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਪਾਰਟੀ ਆਗੂਆਂ ਨੇ ਭਾਈ ਜਸਵੰਤ ਸਿੰਘ ਖਾਲੜਾ ਦੇ ਕੰਮ ਨੂੰ ਯਾਦ ਕਰਦਿਆਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਉਹਨਾਂ ਵੱਲੋਂ ਇਸ ਮਾਮਲੇ ਸਬੰਧੀ ਇਕੱਠੇ ਕੀਤੇ ਗਏ ਵੇਰਵੇ ਇਤਿਹਾਸ ਦਾ ਅਹਿਮ ਹਿੱਸਾ ਹਨ ਅਤੇ ਪੀੜਤ ਪਰਿਵਾਰਾਂ ਨੂੰ ਅੱਜ ਤੱਕ ਇਨਸਾਫ਼ ਨਹੀਂ ਮਿਲਿਆ。 ਸ਼੍ਰੋਮਣੀ ਅਕਾਲੀ ਦਲ (ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ) ਦੇ ਕਾਰਜਕਾਰੀ ਪ੍ਰਧਾਨ ਇਮਾਨ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੇ ਦਾਅਵਾ ਕੀਤਾ ਕਿ ਇਹ ਮਾਮਲਾ ਕਥਿਤ ਸਟੇਟ-ਸਪਾਂਸਰਡ ਐਕਸਟਰਾ-ਜੁਡੀਸ਼ੀਅਲ ਕਿਲਿੰਗ ਨਾਲ ਜੁੜਿਆ ਹੋਇਆ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਕੁਝ ਹੇਠਲੇ ਪੱਧਰ ਦੇ ਪੁਲਿਸ ਮੁਲਾਜ਼ਮਾਂ ਖ਼ਿਲਾਫ਼ ਕਾਰਵਾਈ ਹੋਈ, ਪਰ ਉੱਚ ਅਧਿਕਾਰੀਆਂ ਦੀ ਜਵਾਬਦੇਹੀ ਤੈਅ ਨਹੀਂ ਕੀਤੀ ਗਈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਆਪਣੇ ਬਿਆਨ ਵਿੱਚ ਕੇਂਦਰ ਸਰਕਾਰ, ਸੁਰੱਖਿਆ ਏਜੰਸੀਆਂ ਅਤੇ ਕੁਝ ਸਾਬਕਾ ਅਧਿਕਾਰੀਆਂ ਬਾਰੇ ਵੀ ਕਈ ਦੋਸ਼ ਲਗਾਏ ਅਤੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਨਾਲ ਸਬੰਧਤ ਕਈ ਮਸਲਿਆਂ ਦਾ ਹੱਲ ਸਿੱਖਾਂ ਦੇ ਸਵੈ-ਨਿਰਣੇ ਦੇ ਅਧਿਕਾਰ ਵਿੱਚ ਹੈ。 ਉੱਥੇ ਹੀ ਪਾਰਟੀ ਦੇ ਆਗੂ ਹਰਪਾਲ ਸਿੰਘ ਬੁੱਲੇਰ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਪਾਰਟੀ ਹਰ ਸਾਲ ਸ਼ਮਸ਼ਾਨਘਾਟ ਵਿੱਚ ਪਹੁੰਚ ਕੇ ਉਹਨਾਂ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਸ਼ਰਧਾਂਜਲੀ ਦਿੰਦੀ ਹੈ, ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਉਹ ਲਵਾਰਿਸ ਕਰਾਰ ਦੇ ਕੇ ਸਸਕਾਰ ਕੀਤਾ ਜਾਣ ਦਾ ਦਾਅਵਾ ਕਰਦੇ ਹਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਹੀਾ ਕਿ ਭਾਈ ਜਸਵੰਤ ਸਿੰਘ ਖਾਲੜਾ ਵੱਲੋਂ ਸਾਹਮਣੇ ਲਿਆਂਦੇ ਗਏ ਤੱਥਾਂ ਨੂੰ ਅਜੇ ਵੀ ਭੁਲਾਇਆ ਨਹੀਂ ਜਾ ਸਕਦਾ ਅਤੇ ਬਹੁਤ ਸਾਰੇ ਪਰਿਵਾਰ ਆਪਣੇ ਲਾਪਤਾ ਪਰਿਵਾਰਕ ਮੈਂਬਰਾਂ ਲਈ ਅਜੇ ਵੀ ਇਨਸਾਫ਼ ਦੀ ਉਡੀਕ ਕਰ ਰਹੇ ਹਨ。 ਬੁੱਲੇਰ ਨੇ ਦਾਅਵਾ ਕੀਤਾ ਕਿ ਪਾਰਟੀ ਦਰਬਾਰ ਸਾਹਿਬ ਵਿਖੇ ਵੀ ਅਰਦਾਸ ਕਰਨਾ ਚਾਹੁੰਦੀ ਸੀ ਪਰ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਮਨਜ਼ੂਰੀ ਨਹੀਂ ਮਿਲੀ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਕਾਨੂੰਨਾਂ, ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਮਸਲਿਆਂ, ਵਿਦੇਸ਼ਾਂ ਵਿੱਚ ਸਿੱਖਾਂ ਨਾਲ ਜੁੜੀਆਂ ਘਟਨਾਵਾਂ ਅਤੇ ਪੰਥਕ ਏਕਤਾ ਬਾਰੇ ਵੀ ਆਪਣੇ ਵਿਚਾਰ ਪ੍ਰਗਟ ਕੀਤੇ। ਇਸ ਦੇ ਨਾਲ ਹੀ ਉਨ੍ਹਾਂ ਸਾਰੀਆਂ ਪੰਥਕ ਧਿਰਾਂ ਨੂੰ ਇਕ ਮੰਚ 'ਤੇ ਇਕੱਠੇ ਹੋ ਕੇ ਮੀਰੀ-ਪੀਰੀ ਦੇ ਸਿਧਾਂਤਾਂ ਅਨੁਸਾਰ ਸਿਆਸਤ ਕਰਨ ਦੀ ਅਪੀਲ ਕੀਤੀ。
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शिलाई में महिला कबड्डी छात्रावास का उद्घाटन, जल्द बनेगा नया भवन

Paonta Sahib, Himachal Pradesh:शिलाई को मिला महिला कबड्डी छात्रावास, जल्द बनेगी नया भवन, बोले शिक्षा मंत्री शिलाई में बालिका कबड्डी छात्रावास का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के दौरान उद्योग मंत्री एवं स्थानीय विधायक हर्षवर्धन चौहान भी मौजूद रहे। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि खेलों और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। विश्व विजेता महिला कबड्डी टीम की कप्तान ऋतु नेगी सहित कई अंतरराष्ट्रीय महिला कबड्डी खिलाड़ी देने वाले शिलाई क्षेत्र को आखिर महिला कबड्डी छात्रावास की सौगात मिली। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान की उपस्थिति में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने खेल छात्रावास का उद्घाटन किया। दरअसल, पिछले लंबे अरसे से शिलाई में महिला कबड्डी छात्रावास खोलने की मांग की जा रही थी। शिलाई क्षेत्र की बालिकाओं के विश्व स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन को देखते हुए सरकार ने यहां महिला कबड्डी छात्रावास को मंजूरी दी। फिलहाल एक किराए की बिल्डिंग में छात्रावास शुरू किया गया है। यहाँ महिला कबड्डी छात्रावास सहित तमाम सुविधाएं उपलब्ध होने से अब महिला खिलाड़ियों को घर द्वार पर ही उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगी। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने इस अवसर पर कबड्डी खिलाड़ियों और क्षेत्र वासियों को शुभकामनाएं दिए उन्होंने कहा कि जैसे ही छात्रावास के लिए जमीन उपलब्ध हो जाती है इसके लिए बजट मंजूर किया जाएगा और अलग से नए भवन का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सुखविंदर सिंह सुख सरकार शिक्षा और खेलों के क्षेत्र में गुणवत्ता सुधार के हर संभव प्रयास कर रही है।
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