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SGSatpal Garg13 Sept 2025, 03:17 pm

सतपाल गर्ग: 600 एकड़ धान डूबे, पानी ने हरचंदपुरा में हाहाकार मचा दिया

Patran, Punjab:पातडा़ं से सतपाल गर्ग स्टोरी। हल्का शुतराना के गांव हरचंदपुरा में किसानों की 600 एकड़ फ़सल पानी में डुबने से हुया भारी नुकसान घग्गर का पानी ओवरफ्लो, सरकार का कोई अधिकारी नहीं पहुँचा; किसानों ने माँगा 50 हजार रुपए प्रति एकड़ मुआवजा ऐकर। गांव हरचंदपुरा में घग्गर दरिया के उफान ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। घगर दरिया में पानी आने से गांव हरचंदपुरा में करीब 600 एकड़ में खड़ी धान की फ़सल पूरी तरह डूब गई। किसानों का कहना है कि 100 फीसदी फ़सल बर्बाद हो चुकी है। कई छोटे किसानों ने ठेके पर ज़मीन लेकर धान की बुआई की थी, पर अब सब कुछ चौपट हो गया। किसानों का आरोप है कि घग्गर दरिया में हरियाणा की ओर से बरसाती पानी की निकासी का कोई स्थाई प्रबंध नहीं है। यही वजह है कि हर साल यह समस्या सामने आती है। लेकिन अब तक सरकार की ओर से स्थाई समाधान नहीं किया गया।गांव हरचंदपुरा के किसानों ने कहा कि सरकार हर बार वायदे करती है, पर जमीनी स्तर पर कुछ नहीं होता। उनका कहना है कि खराब हुई फ़सल का गिरदावरी करवा कर 50 हजार रुपए प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाए । क्रांतिकारी किसान यूनियन के ब्लाक प्रधान चरनजीत सिंह धूडीया ने कहा कि घग्गर दरिया में बाढ़ का संकट पिछले कई सालों से बना हुआ है। हर साल किसानों की मेहनत बर्बाद होती है लेकिन सरकारें सिर्फ वादे कर वोट लेती हैं। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि किसान एकजुट होकर आवाज उठाएं और उन नेताओं से सवाल करें जो घग्गर का स्थाई हल करने की गारंटी दें। चरनजीत सिंह ने कहा कि न सिर्फ हरचंदपुरा बल्कि आसपास के गांवों के किसानों की भी फ़सल डूबी है। सरकार को तुरंत गिरदावरी करवा कर उचित मुआवजा देना चाहिए। बाईट किसान बाईट किसान यूनियन आगू चरनजीत कौर
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पंजाब के सभी मतदान केंद्रों पर 24 अक्टूबर को विशेष शिविर, नामांकन और संशोधन सुविधा

Chandigarh, Chandigarh:पंजाब भर के सभी मतदान केंद्रों पर 24 अक्टूबर को लगाए जाएंगे विशेष शिविर: अनिंदिता मित्रा चंडीगढ़, 23 अक्टूबर: भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार, मतदाताओं की सुविधा के लिए पंजाब राज्य के सभी मतदान केंद्रों पर 24 अक्टूबर, 2026 को दोपहर 3:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं। यह जानकारी पंजाब की मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्रीमती अनिंदिता मित्रा ने आज यहां साझा की। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि ये शिविर मतदाताओं की सुविधा के लिए लगाए जा रहे हैं, ताकि वे ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (एस.आई.आर.), 2026 के तहत 12 अक्टूबर, 2026 को प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची में अपने नाम की जांच करने के साथ-साथ नए पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकें और मतदाता विवरण में संशोधन करवा सकें। श्रीमती मित्रा ने बताया कि आगामी ‘विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण’ (एस.एस.आर.) के तहत नए पंजीकरण के लिए पात्रता तिथि 1 जनवरी, 2027 होगी। कोई भी नागरिक, जो इस तिथि को या इससे पहले 18 वर्ष की आयु पूरी कर रहा है, वह ‘फॉर्म नंबर 6’ भरकर मतदाता सूची में अपना नाम शामिल करवाने के लिए आवेदन कर सकता है। आगामी एस.एस.आर. (विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण) के कार्यक्रम की जानकारी साझा करते हुए श्रीमती मित्रा ने बताया कि 1 जनवरी, 2027 को पात्रता तिथि मानकर पूरे राज्य में यह प्रक्रिया चलाई जाएगी। कार्यक्रम के अनुसार, 12 नवंबर, 2026 को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। इस संबंध में दावे और आपत्तियां दर्ज करवाने की अवधि 12 नवंबर, 2026 से 11 दिसंबर, 2026 तक होगी तथा अंतिम मतदाता सूची 4 जनवरी, 2027 को प्रकाशित की जाएगी। श्रीमती अनिंदिता मित्रा ने सभी मतदाताओं से अपील की कि वे निर्वाचन संबंधी सेवाएं प्राप्त करने और अंतिम मतदाता सूची में अपने नाम तथा विवरणों की पुष्टि करने के लिए इन शिविरों का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। उन्होंने विशेष रूप से 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवाओं से अपील की कि वे शिविर के दौरान अपने संबंधित मतदान केंद्रों पर जाएं और अपना वोट बनवाएं।
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पंजाब में गौशाला प्रबंधन पर अमन अरोड़ा की बैठक, आवारा पशु रोकथाम के लिए सिस्टम

Chandigarh, Chandigarh:चंडीगढ़: अमन अरोड़ा ने जानकारी दी कि पंजाब के अंदर आवारा पशुओं की समस्या से निपटने के लिए गौशाला का प्रबंध और सेस से जुड़े मुद्दे पर चर्चा की गई। आने वाले दिनों में आवारा पशु सड़क पर रहते हैं, इस पर गौ कमीशन से कहा गया है ताकि दुर्घटना रोकी जा सके। गौशाला की मैनेजमेंट ठीक ढंग से हो, जिसमें 20 जिलों में सरकारी गौशालाएं हैं। सुधार के लिए सभी के साथ सिस्टम बनेगा और जल्द बैठक होगी। बहुत से लोग गऊ रखते हैं पर दूध बंद होने पर छोड़ देते हैं। ऐनिमल हसबेंडरी को भी कहा गया है। पंजाब में 518 गौशालाएं हैं जिनमें लगभग 30 सरकारी गौशालाएं हैं।
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पंजाब विधानसभा: असली मुद्दों से भटकाने का आरोप, सरकार पर निशाना

Chandigarh, Chandigarh:Kewal Singh Dhillon ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਮੁੱਦਿਆਂ ਲਈ ਹੈ, ਆਮ ਆਦਮੀ ਪਾਰਟੀ ਦੇ ਸਿਆਸੀ ਸਟੰਟ ਲਈ ਨਹੀਂ! ਸੈਸ਼ਨ ਦੀ ਸ਼ੁਰੂਆਤ ਨਸ਼ਿਆਂ ਵਿਰੁੱਧ ਆਵਾਜ਼ ਚੁੱਕਣ ਵਾਲੇ ਸ਼ਹੀਦ ਪਰਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਝੋਟਾ ਦੇ ਕਤਲ ਦੀ ਛਾਇਆ ਹੇਠ ਹੋਈ। ਪੰਜਾਬ ਜਵਾਬ ਮੰਗ ਰਿਹਾ ਸੀ, ਪਰ ਇਸ ਅਾਪ-ਦਾ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਸਦਨ ਦਾ ਸਮਾਂ ਮੁੱਖ ਚੋਣ ਨਿਰਮਾਣ ਕਰਮਚਾਰੀ ਖ਼ਿਲਾਫ਼ ਮਤਾ ਪਾਸ ਕਰਣ ਵਿੱਚ ਲਾ ਦਿੱਤਾ。 ਕੇਜਰੀਵਾਲ ਜੀ, ਤੁਹਾਡੇ ਮੁੱਖਮੰਤਰੀ ਨੇ ਕਿਹਾ ਸੀ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਐਸਆਈਆਰ (SIR) ਦੌਰਾਨ ਇੱਕ ਵੀ ਯੋਗ ਵੋਟ ਨਹੀਂ ਕੱਟਣ ਦਿਆਂਗੇ, ਅਤੇ ਆਪ ਦੇ ਵਰਕਰ ਹਰ ਬੂਥ 'ਤੇ ਬੀਐਲਓ ਨਾਲ ਪਹਿਰਾ ਦੇਣਗੇ। ਹੁਣ ਉਸੇ ਪ੍ਰਕਿਰਿਆ 'ਤੇ ਸਦਨ ਵਿੱਚ ਮਤਾ ਪਾਸ ਕਰ ਰਹੇ ਹੋ。 ਜ਼ਮੀਨੀ ਕੰਮ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਦੇ ਆਪਣੇ ਅਮਲੇ ਨੇ ਕੀਤਾ ਅਤੇ ਬੂਥਾਂ 'ਤੇ ਪਹਿਰੇ ਦਾ ਦਾਅਵਾ ਆਪ ਦਾ ਸੀ। ਜਾਂ ਤਾਂ ਤੁਹਾਡੇ ਵਰਕਰ ਫੇਲ੍ਹ ਹੋਏ, ਜਾਂ ਇਹ ਸਿਰਫ ਸਿਆਸੀ ਡਰਾਮਾ ਹੈ। ਇਸ ਤੋਂ ਵੱਧ ਦੋਗਲਾ ਚਿਹਰਾ ਹੋਰ ਕੀ ਹੋਵੇਗਾ? ਸਦਨ ਵਿੱਚ ਗੱਲ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਸੀ ਨਸ਼ੇ ਦੀ, ਗੈਂਗਸਟਰਵਾਦ ਦੀ, ਭ੍ਰਿਸ਼ਟਾਚਾਰ ਦੀ। ਇਨ੍ਹਾਂ ਸਭ 'ਤੇ ਆਪ ਸਰਕਾਰ ਫੇਲ੍ਹ ਹੈ, ਇਸੇ ਲਈ ਅਸਲ ਮੁੱਦਿਆਂ ਤੋਂ ਭੱਜ ਰਹੀ ਹੈ。 ਮਾਨ ਸਾਬ੍ਹ, ਪੰਜਾਬ ਨੂੰ ਮਤੇ ਨਹੀਂ, ਨਤੀਜੇ ਚਾਹੀਦੇ ਹਨ。
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केवल ढिल्लों का मान पर तीखा हमला: क्या एसआईआर में सरकार हेराफेरी?

Chandigarh, Chandigarh:एसआईआर खुद करवाई, सवाल भी खुद उठा रहे हैं मान: केवल ढिल्लों चंडीगढ़, 23 अक्टूबर पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के विधानसभा में शुक्रवार को वोटर लिस्ट के एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) पर दिए भाषण पर तीखा पलटवार किया है। ढिल्लों ने कहा कि भगवंत मान का भाषण हास्यास्पद है। उन्होंने कहा, ‘राज्स में सरकार आपकी, अफसर आपके और एसआईआर भी आपने करवाई। अब सवाल भी आप ही उठा रहे हैं।‘ भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि पूरी प्रक्रिया राज्य सरकार की मशीनरी ने की। डिप्टी कमिश्नरों, एसडीएम से लेकर बूथ लेवल तक सभी अधिकारी इनके थे। इसमें केंद्र सरकार का कोई हस्तक्षेप नहीं रहा। अगर एसआईआर में आपके अफसरों ने कुछ गलत किया था, तो आपके नेता चुनाव आयुक्त के पास सब ठीक बताकर क्यों आए। एक तरफ आप विधानसभा में एसआईआर में गड़बड़ी का आरोप लगा रहे हैं और दूसरी तरफ आपकी पार्टी के ही नेता चुनाव आयोग के सामने जाकर कह रहे हैं कि सब ठीक है। उन्होंने मुख्यमंत्री को चुनौती दी कि वह राज्य के किसी एक वोटर को सामने लाएं जिसका नाम गलत तरीके से मतदाता सूची से कटा हो। उन्होंने यह भी कहा कि अगर वाकई में गड़बड़ी हुई है यह गंभीर मामला है और उसके लिए राज्य सरकार स्वयं जिम्मेदार है। मान का बयान इस बात का सबूत है कि यह नकारी सरकार है। इनकी सोचने-समझने की शक्ति खत्म हो चुकी है। ऐसा लग रहा है कि अब मान को अपने मंत्रियों और अफसरों पर भी भरोसा नहीं रहा। ढिल्लों ने कहा कि पंजाब में एसआईआर शुरू होने के समय मान ने कहा था कि पंजाब के किसी वोटर का नाम कटने नहीं दिया जाएगा। अगर किसी का नाम वोटर लिस्ट से गलत कटा है तो मुख्यमंत्री को जवाब देना चाहिए। केंद्र सरकार पर बेबुनियाद आरोप लगाकर मुख्यमंत्री अपनी जिम्मेदारी से भाग नहीं सकते। भाजपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि आप सरकार के पास जनता को जवाब देने की हिम्मत नहीं है। बकाया डीए, नशों की समस्या, नशों के खिलाफ आवाज उठाने वालों की हत्या, गैंगस्टरवाद, बिगड़ती कानून-व्यवस्था और पंजाब पर लगातार बढ़ते कर्ज जैसे गंभीर मुद्दों पर सरकार घिरी हुई है। इन सवालों से ध्यान भटकाने के लिए मुख्यमंत्री ऐसी बेतुकी बातें कर रहे हैं।
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आपकी सरकार पर अपराधीकरण का आरोप, जाखड़ ने फिर किया धरना-घटना पर हैरानी

Chandigarh, Chandigarh:अजय कुमार हत्याकांड: लगातार दूसरे दिन विधानसभा के बाहर परिवार के धरने में शामिल हुए सुनील जाखड़ - “इस बहरी सरकार के कानों तक आवाज़ पहुँचाने के लिए हमें बार-बार आना पड़ेगा” - जाखड़ ने आप सरकार पर अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया - परिवार का आरोप- अजय के मृत्यु से पहले दिए गए बयान के बावजूद पुलिस ने न तो एफआईआर दर्ज की और न ही असली दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की - सिसोदिया और केजरीवाल पंजाब की राजनीति का अपराधीकरण कर रहे हैं: जाखड़ - जाखड़ का आरोप- ₹220 करोड़ के बैंक घोटाले में शामिल व्यक्ति की संपत्तियों की नीलामी रोकने के लिए उसे पुलिस सुरक्षा दी जा रही है चंडीगढ़, 23 अक्टूबर: पंजाब विधानसभा सत्र के दूसरे दिन पंजाब भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ एक बार फिर अबोहर के अजय कुमार के परिवार के साथ विधानसभा के बाहर धरने में शामिल हुए। परिवार ने कल भी विधानसभा के बाहर धरना दिया था। अजय कुमार को पिछले महीने अबोहर में एक मंदिर के बाहर गोली मारी गई थी और 19 अक्टूबर को उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। परिवार का आरोप है कि मृत्यु से पहले अजय द्वारा दिए गए बयान के बावजूद पुलिस ने असली दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की। यह भी उल्लेखनीय है कि अजय के भाई की गवाही के आधार पर अबोहर के बहुचर्चित 2015 के भीम हत्याकांड में आरोपियों को सज़ा हुई थी। अब परिवार उन्हीं लोगों पर अजय की हत्या में शामिल होने का आरोप लगा रहा है। इस अवसर पर सुनील जाखड़ ने मांग की कि सरकार अजय कुमार के मृत्यु से पहले दिए गए बयान के आधार पर एफआईआर दर्ज करे। उन्होंने कहा, “इस बहरी सरकार के कानों तक अपनी आवाज़ पहुँचाने के लिए हमें बार-बार यहाँ आने को मजबूर होना पड़ रहा है। फिर भी न तो मुख्यमंत्री और न ही उनकी सरकार के किसी मंत्री में इस परिवार की फरियाद सुनने का साहस है।” जाखड़ ने आरोप लगाया कि परिवार जिस व्यक्ति पर आरोप लगा रहा है, वह मनीष सिसोदिया और अरविंद केजरीवाल का चहेता है। उन्होंने कहा कि जिस दिन अजय की हत्या हुई, उसी दिन केजरीवाल ने स्वयं उसे आशीर्वाद दिया था। आम आदमी पार्टी पर राजनीति का अपराधीकरण करने का आरोप लगाते हुए जाखड़ ने कहा कि पार्टी किसी भी तरह चुनाव जीतने की रणनीति के तहत आपराधिक तत्वों को राजनीति में ला रही है। उन्होंने कहा कि उम्रकैद की सज़ा पाए और ज़मानत पर बाहर आए अपराधी को पुलिस सुरक्षा देना तथा उसके गलत कामों पर पर्दा डालना आप सरकार के दोहरे मापदंडों को दर्शाता है। उन्होंने कहा, “जिस शहर में पुलिस को एक अपराधी की सेवा में लगा दिया जाए, वहाँ आम लोगों की दुर्दशा का सहज ही अंदाज़ा लगाया जा सकता है।” जाखड़ ने आगे आरोप लगाया कि संबंधित व्यक्ति ने पंजाब नेशनल बैंक के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से ₹220 करोड़ का बैंक घोटाला किया है। उन्होंने दावा किया कि आम आदमी पार्टी ने उसे पुलिस सुरक्षा दी है, ताकि बैंक उसकी संपत्तियों की नीलामी करके अपना बकाया वसूल न कर सके। उन्होंने कहा, “गैंगस्टरों और आपराधिक तत्वों के प्रति आप का लगाव अब खुलकर सामने आ गया है।” जाखड़ ने कहा कि जब तक विधानसभा का सत्र चलेगा, वह हर दिन परिवार के साथ धरने में शामिल होंगे। इस अवसर पर अजय की माँ और बहन ने मीडिया को मामले की परिस्थितियों से अवगत कराया। उन्होंने आरोप लगाया कि हत्या करने वाले व्यक्ति ने अपने राजनीतिक संरक्षक शोली का नाम लेते हुए लोगों को धमकाने वाला एक वीडियो पोस्ट किया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इसी राजनीतिक संरक्षक को आम आदमी पार्टी ने अबोहर का प्रमुख नियुक्त किया है। अजय का शव अभी भी अबोहर के सिविल अस्पताल में रखा है, जहाँ समाज के लोग भी न्याय की मांग को लेकर धरना जारी रखें हुए हैं。
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श्रोमणि कमेटी ने हरिमंदिर साहिब में बाबा बूढ़ा साहिब का जन्मदिन श्रद्धा के साथ मनाया

Amritsar, Punjab:ਪ੍ਰੈੱਸ ਨੋਟਸ਼੍ਰੋਮਣੀ ਕਮੇਟੀ ਵੱਲੋਂ ਸੱਚਖੰਡ ਸ੍ਰੀ ਹਰਿਮੰਦਰ ਸਾਹਿਬ ਵਿਖੇ ਸ਼ਰਧਾ ਤੇ ਸਤਿਕਾਰ ਨਾਲ ਮਨਾਇਆ ਗਿਆ ਬਾਬਾ ਬੁੱਢਾ ਸਾਹਿਬ ਜੀ ਦਾ ਜਨਮ ਦਿਹਾੜਾ ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ, 23 ਅਕਤੂਬਰ- ਸ਼੍ਰੋਮਣੀ ਗੁਰਦੁਆਰਾ ਪ੍ਰਬੰਧਕ ਕਮੇਟੀ ਵੱਲੋਂ ਸ੍ਰੀ ਦਰਬਾਰ ਸਾਹਿਬ ਦੇ ਪਹਿਲੇ ਹੈੱਡ ਗ੍ਰੰਥੀ ਬਾਬਾ ਬੁੱਢਾ ਸਾਹਿਬ ਜੀ ਦਾ ਜਨਮ ਦਿਹਾੜਾ ਅੱਜ ਸ੍ਰੀ ਦਰਬਾਰ ਸਾਹਿਬ ਸਥਿਤ ਗੁਰਦੁਆਰਾ ਬੇਰ ਬਾਬਾ ਬੁੱਢਾ ਜੀ ਵਿਖੇ ਮਨਾਇਆ ਗਿਆ। ਭੋਗ ਉਪਰੰਤ ਸੱਚਖੰਡ ਸ੍ਰੀ ਹਰਿਮੰਦਰ ਸਾਹਿਬ ਦੇ ਹਜ਼ੂਰੀ ਰਾਗੀ ਜਥੇ ਵੱਲੋਂ ਗੁਰਬਾਣੀ ਕੀਰਤਨ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਅਤੇ ਅਰਦਾਸ ਭਾਈ ਪ੍ਰੇਮ ਸਿੰਘ ਨੇ ਕੀਤੀ। ਸੰਗਤ ਨੂੰ ਪਾਵਨ ਹੁਕਮਨਾਮਾ ਸੱਚਖੰਡ ਸ੍ਰੀ ਹਰਿਮੰਦਰ ਸਾਹਿਬ ਦੇ ਗ੍ਰੰਥੀ ਸਿੰਘ ਸਾਹਿਬ ਗਿਆਨੀ ਕੇਵਲ ਸਿੰਘ ਨੇ ਸਰਵਣ ਕਰਵਾਇਆ ਗਿਆ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਸੰਗਤ ਨੂੰ ਸੰਬੋਧਨ ਕਰਦਿਆਂ ਸੱਚਖੰਡ ਸ੍ਰੀ ਹਰਿਮੰਦਰ ਸਾਹਿਬ ਦੇ ਗ੍ਰੰਥੀ ਸਿੰਘ ਸਾਹਿਬ ਗਿਆਨੀ ਕੇਵਲ ਸਿੰਘ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਬਾਬਾ ਬੁੱਢਾ ਜੀ ਦਾ ਜੀਵਨ ਸੇਵਾ, ਸਿਮਰਨ, ਨਿਮਰਤਾ ਅਤੇ ਗੁਰੂ ਪ੍ਰਤੀ ਅਟੁੱਟ ਸ਼ਰਧਾ ਦੀ ਮਹਾਨ ਮਿਸਾਲ ਹੈ। ਬਾਬਾ ਬੁੱਢਾ ਜੀ ਦਾ ਜੀਵਨ ਸਾਨੂੰ ਨਿਮਰਤਾ, ਸੇਵਾ ਦੇ ਭਾਵ ਨਾਲ ਜੋੜਦਾ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਸੰਗਤ ਨੂੰ ਅਪੀਲ ਕੀਤੀ ਕਿ ਬਾਬਾ ਬੁੱਢਾ ਜੀ ਦੇ ਜੀਵਨ ਤੋਂ ਪ੍ਰੇਰਨਾ ਲੈ ਕੇ ਗੁਰੂ ਘਰ ਦੀ ਸੇਵਾ ਕਰੀਏ ਅਤੇ ਗੁਰਬਾਣੀ ਅਨੁਸਾਰ ਆਪਣਾ ਜੀਵਨ ਬਤੀਤ ਕਰੀਏ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਸ੍ਰੀ ਦਰਬਾਰ ਸਾਹਿਬ ਦੇ ਮੈਨੇਜਰ ਸ. ਰਾਜਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਰੂਬੀ ਅਟਾਰੀ, ਵਧੀਕ ਮੈਨੇਜਰ ਸ. ਜਸਬੀਰ ਸਿੰਘ, ਸ. ਯੁਵਰਾਜ ਸਿੰਘ, ਸ. ਗੁਰਤਿੰਦਰਪਾਲ ਸਿੰਘ, ਸ. ਗੁਰਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਭੋਮਾਂ, ਅਕਾਊਂਟੈਂਟ ਸ. ਸਰਬਜੀਤ ਸਿੰਘ ਸਮੇਤ ਸੰਗਤਾਂ ਨੇ ਹਾਜ਼ਰੀ ਭਰੀ।
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सुक्खू ने हिमाचल में 5% महंगाई भत्ता और 10 हजार रुपये एरियर घोषित किया

Shimla, Himachal Pradesh:दिवाली से पहले मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश के कर्मचारियों को तोहफा देते हुए 5 फीसदी महंगाई भत्ता (DA) देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसकी नोटिफिकेशन आज ही जारी की जाएगी और पहली तारीख को कर्मचारियों के खातों में महंगाई भत्ते की राशि क्रेडिट हो जाएगी। वहीं, प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र से मिलने वाली राजस्व घाटा अनुदान (RDG) बंद होने और कर्मचारियों की देनदारियों के बावजूद सरकार प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में लिए गए कर्ज का जिक्र करते हुए विपक्ष पर भी निशाना साधा। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि मौजूदा सरकार ने कर्मचारियों की देनदारियां चुकाने की दिशा में कदम उठाए हैं। उन्होंने पांच फीसदी DA देने की घोषणा करते हुए कहा कि इसकी अधिसूचना आज ही जारी होगी और पहली तारीख को कर्मचारियों के खातों में राशि आ जाएगी। मुख्यमंत्री ने क्लास-4 कर्मचारियों को 10 हजार रुपये एरियर देने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि सरकार कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए फैसले ले रही है और ओल्ड पेंशन स्कीम को भी जारी रखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार को वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के लिए कई कठिन फैसले लेने पड़े हैं। 31 मार्च 2023 तक हिमाचल प्रदेश पर 76,633 करोड़ रुपये का कर्ज था, जबकि कर्मचारियों की करीब 10 हजार करोड़ रुपये की देनदारियां थीं। जून 2022 में केंद्र सरकार की ओर से मिलने वाला GST कंपनसेशन भी बंद हो गया था। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने छठे वेतन आयोग की घोषणा तो की, लेकिन कर्मचारियों की देनदारियां नहीं चुकाईं। CM सुक्खू ने कहा कि राजस्व घाटा अनुदान बंद होने से प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर दबाव बढ़ा है। उनके मुताबिक, अगर RDG जारी रहती तो हिमाचल इसी साल आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ सकता था। उन्होंने कहा कि प्रदेश हित और राज्य को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार फैसले ले रही है। इन फैसलों से लोगों में नाराजगी हो सकती है, लेकिन सरकार का उद्देश्य प्रदेश की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना है। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधारों का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश में डॉक्टरों और अन्य कर्मचारियों की भारी कमी थी। जरूरत के मुकाबले करीब 35 फीसदी कर्मचारी और डॉक्टर ही उपलब्ध थे। एक्स-रे, MRI और CT स्कैन जैसी मशीनें भी लगभग 15 साल पुरानी थीं। सरकार IGMC, चमियाणा, टांडा, नेरचौक और हमीरपुर में दिल्ली AIIMS के स्तर की आधुनिक मशीनें उपलब्ध करवाने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत की गई है और चमियाणा अस्पताल में भी आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार किया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि मेडिकल कॉलेजों में स्टाफ की नियुक्ति का स्तर करीब 70 फीसदी तक पहुंचा है। सभी मेडिकल कॉलेजों में आधुनिक टेस्टिंग लैब स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसे दो चरणों में पूरा किया जाएगा। प्रदेश में पोस्ट ग्रेजुएट डॉक्टरों के 577 पदों के मुकाबले सरकार ने 320 पद बढ़वाए हैं। इसके अलावा डेडिकेटेड पैरामेडिकल कॉलेज विकसित किया गया है, जिसमें वर्ष 2028 में पहला बैच शुरू होने की उम्मीद है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2030 तक हिमाचल प्रदेश को स्वास्थ्य क्षेत्र में शीर्ष राज्यों में शामिल करना सरकार का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के बयानों पर पलटवार करते हुए कहा कि उनकी सरकार के कार्यकाल में 43,261 करोड़ रुपये का कर्ज लिया गया था। इसमें बाजार से 34,790 करोड़, नाबार्ड से 3,530 करोड़ और EAP के तहत 381 करोड़ रुपये का कर्ज शामिल था। सुक्खू ने कहा कि मौजूदा सरकार अब तक 37,781 करोड़ रुपये का कर्ज ले चुकी है, जिसमें बाजार से लिया गया 30,095 करोड़ रुपये का कर्ज भी शामिल है। उन्होंने RDG बंद होने के बावजूद सरकार की वित्तीय चुनौतियों का सामना करने की बात कही और जयराम ठाकुर पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष को अपने कार्यकाल के दौरान लिए गए कर्ज का भी हिसाब देना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले कई मामलों में सरकार के वकील तथ्यों को प्रभावी ढंग से पेश नहीं कर पाते थे, जबकि निजी पक्षों के वकील मजबूत पैरवी करते थे। उन्होंने JSW से जुड़े मामले का उदाहरण देते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट में वकीलों पर करीब एक करोड़ रुपये खर्च कर सरकार ने 150 करोड़ रुपये का लाभ हासिल किया। उन्होंने किशाऊ बांध परियोजना का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार हिमाचल प्रदेश के अधिकारों की लड़ाई लड़ रही है। ऊर्जा से जुड़े मामलों में भी प्रदेश के हितों को सुरक्षित रखने के प्रयास किए जा रहे हैं। CM सुक्खू ने कहा कि सरकार ने राजस्व बढ़ाने के लिए भी कदम उठाए हैं। शराब के ठेकों की नीलामी से करीब 400 करोड़ रुपये की आय हुई है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले पांच वर्षों में इससे होने वाली आय बढ़कर 1,500 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास प्रदेश के संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल कर आय बढ़ाना और आर्थिक निर्भरता कम करना है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार को अभी 13 महीने हुए हैं और आने वाले समय में सरकार अपने कामकाज के आधार पर जनता के बीच जाएगी। उन्होंने दावा किया कि भाजपा के 16 विधायक चुनाव नहीं जीतेंगे। सुक्खू ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी प्रदेश में केवल हौसला अफजाई करने में लगी है और दिल्ली भी हिमाचल भाजपा से दुखी है.
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शिमला के SSP पर नया मामला: आवास पर फंड दुरुपयोग की जांच शुरू

Shimla, Himachal Pradesh:ज़िला शिमला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रहे DIG संजीव कुमार गांधी की मुश्किलें ख़त्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। अब उन पर एक और मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस कांस्टेबल से धोखाधड़ी के आरोप के बाद अब शिमला में तत्कालीन पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार गांधी के खिलाफ सरकारी धन के कथित दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। मामला शिमला के साउथवुड स्थित एसपी के सरकारी आवास की मरम्मत पर खर्च की गई धनराशि से जुड़ा है। पुलिस मुख्यालय की ऑडिट कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर सदर पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। SSP पद से ट्रांसफर होने के बाद जब उन्होंने अपना सरकारी आवास खाली नहीं किया, तो विभाग ने उनके कार्यकाल के दौरान किए गए कार्यों की जांच करवायी थी। रिपोर्ट के आधार पर यह मामला दर्ज किया गया है। पुलिस मुख्यालय की ऑडिट समिति की रिपोर्ट में सामने आई वित्तीय अनियमितताओं के आधार पर पुलिस थाना शिमला में 22 अक्टूबर 2026 को FIR संख्या 139/2026 दर्ज की गई। मामला भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(5) के तहत दर्ज किया गया है। ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2022-63 से 2024-25 के दौरान पुलिस भवनों और जवानों के सरकारी आवासों की मरम्मत के लिए आवंटित करीब 1.28 करोड़ रुपये में से 14,07,392 रुपये तत्कालीन SSP संजीव गांधी के शिमला स्थित सरकारी आवास ‘साउथवुड’ पर खर्च किए गए दर्शाए गए। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस आवास की मरम्मत के लिए न तो सरकार और न ही पुलिस मुख्यालय ने अलग से बजट स्वीकृत किया था। संबंधित कार्य मूल प्रस्तावों में भी शामिल नहीं थे और इनके लिए सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति तथा जरूरी स्वीकृतियों के दस्तावेज उपलब्ध नहीं मिले। ऑडिट में सामने आया कि रामपुर के SDPO आवास की मरम्मत के लिए स्वीकृत 2.80 लाख रुपये संबंधित आवास पर खर्च करने के बजाय तत्कालीन SSP के शिमला स्थित सरकारी आवास पर खर्च किए गए दर्शाए गए। इसी तरह, शोघी पुलिस बैरियर की गुमटी की मरम्मत के लिए निर्धारित 2.50 लाख रुपये की राशि भी तत्कालीन SSP के आवास पर खर्च दर्शाई गई। रिपोर्ट के मुताबिक, फरवरी 2023 में काम पूरा होने का हवाला देकर यह राशि वापस प्राप्त की गई, लेकिन ऑडिट के दौरान शोघी में मरम्मत कार्य पूरा होने के प्रमाण नहीं मिले। रिपोर्ट में वर्ष 2023-24 के दौरान 1.62 लाख रुपये और वर्ष 2024-25 में 7.22 लाख रुपये तत्कालीन SSP के आवास पर खर्च किए जाने का भी उल्लेख है। इन कार्यों के लिए जरूरी पूर्व स्वीकृति और जिला स्तरीय समिति की अनुशंसा से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं पाए गए। इसके अलावा, वर्ष 2025-26 में 28.67 लाख रुपये के बजट के तहत प्रस्तावित 50 कार्यों में से 22 कार्य किए जाने का रिकॉर्ड मिला। इनमें 13 कार्य ऐसे बताए गए हैं, जो मूल स्वीकृत प्रस्ताव में शामिल नहीं थे। इस मामले में एक अहम पहलू यह भी है कि जिस मद से पुलिस जवानों के आवासों और कार्यस्थलों की मरम्मत होनी थी, उसी धनराशि का इस्तेमाल कथित तौर पर तत्कालीन SSP के सरकारी आवास पर किया गया। विज्ञप्ति में कहा गया है कि शोघी पुलिस पोस्ट आज भी एक कंटेनर में संचालित हो रही है, जहां पुलिस कर्मचारियों को कठिन परिस्थितियों में ड्यूटी करनी पड़ रही है। ऑडिट के दौरान खर्च से जुड़े पर्याप्त अभिलेख नहीं मिलने के कारण यह भी जांच का विषय है कि संबंधित धनराशि वास्तव में किन कार्यों पर खर्च हुई और वित्तीय नियमों तथा निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन किया गया या नहीं। पुलिस मुख्यालय के अनुसार, SP शिमला की ओर से मामला संज्ञान में लाए जाने के बाद FIR दर्ज करने के आदेश दिए गए। मामले की निष्पक्ष जांच जारी है और जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। संजीव गांधी के सरकारी आवास को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। इसके अनुसार, फरवरी 2026 में SP शिमला के पद से स्थानांतरण होने के बावजूद उन्होंने अभी तक पद के लिए निर्धारित सरकारी आवास खाली नहीं किया है। प्रचलित नियमों के अनुसार, पद छोड़ने के बाद संबंधित सरकारी आवास अधिकतम एक महीने तक अपने पास रखा जा सकता है। इससे पहले SP शिमला के पद पर रहे अधिकारियों ने पदभार छोड़ने के एक महीने के भीतर आवास खाली कर दिया था। ऐसे में स्थानांतरण के करीब आठ महीने बाद भी सरकारी आवास खाली नहीं किए जाने का मामला नियमों के अनुपालन और सभी अधिकारियों के लिए समान व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े करता है। फिलहाल, मरम्मत के बजट से जुड़े कथित वित्तीय दुरुपयोग के आरोपों की जांच जारी है। आरोपों की पुष्टि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही होगी.
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