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Syed Amir MianSyed Amir MianFollow4 Sept 2024, 06:22 pm
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समझौते के बावजूद मांग पूरी नहीं, सफाई कर्मचारियों का प्रदर्शन बढ़ा

Nuh, Haryana:समझौते के बावजूद मांगें पूरी न होने पर सफाई कर्मचारियों का प्रदर्शन, मंत्रियों के पुतले फूंके सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप, नगरपालिका परिसर से अंबेडकर चौक तक निकाली पुतलों की शव यात्रा नूंह जिले के फिरोजपुर झिरका में सफाई कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर बुधवार को कर्मचारियों का गुस्सा फूट पड़ा। कर्मचारियों ने सरकार पर 13 मई को हुए समझौते में किए गए वादों को पूरा नहीं करने का आरोप लगाते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने समाज कल्याण एवं अन्य संबंधित विभाग के मंत्री कृष्ण बेदी तथा मंत्री विपुल गोयल के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दोनों के पुतलों की शव यात्रा निकाली। बाद में अंबेडकर चौक पर पहुंचकर पुतलों का दहन किया गया। प्रदर्शन के दौरान सफाई कर्मचार्यों ने कहा कि 13 मई को सरकार के साथ उनकी मांगों को लेकर वार्ता हुई थी। वार्ता में कई मांगों पर सहमति बनी थी और सरकार की ओर से उन्हें जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया गया था। कर्मचारियों का आरोप है कि समझौते के बावजूद अब तक मांगों को लागू नहीं किया गया है। इससे कर्मचारियों में सरकार के प्रति भारी रोष है। नगरपालिका परिसर से शुरू हुई शव यात्रा सफाई कर्मचारियों की ओर से दोनों मंत्रियों के पुतलों की शव यात्रा नगरपालिका परिसर से शुरू की गई। शव यात्रा लाल कुआं चौक और शहर के विभिन्न बाजारों से होते हुए अंबेडकर चौक पहुंची। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और 13 मई के समझौते को तत्काल लागू करने की मांग उठाई। प्रदर्शन को देखने के लिए बाजारों में लोगों की भीड़ भी जमा हो गई। अंबेडकर चौक पर पहुंचने के बाद प्रदर्शनकारियों ने दोनों मंत्रियों के पुतलों का दहन किया। कर्मचारियों ने कहा कि सफाई कर्मचारी शहरों और गांवों की सफाई व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं। इसके बावजूद उनकी जायज मांगों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। कर्मचारियों ने कहा कि बार-बार बातचीत और आश्वासन के बाद भी समस्याओं का समाधान नहीं होना उनके साथ अन्याय है। मांगें पूरी नहीं हुईं तो तेज होगा आंदोलन प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सफाई कर्मचारों को नियमित करने, वेतन संबंधी समस्याओं का समाधान करने और अन्य लंबित मांगों को पूरा करने की दिशा में सरकार को गंभीरता से कदम उठाने चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही 13 मई को हुए समझौते में शामिल मांगों को लागू नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। कर्मचारियों ने एकजुट होकर कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
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HTET घोटाले के बाद हरियाणा में छात्र-board विरोध: लिखित आश्वासन की मांग

Bhiwani, Haryana:बाइट : दीपक बाबूलाल करवा सचिव, छात्र निशांत NEET के बाद HTET में गड़बड़ी को लेकर Zen Z का हंगामा शिक्षा बोर्ड में घंटों से धरना प्रदर्शन कर उठाई समाधान की मांग चेयरमैन के बाद आज बोर्ड सचिव के सामने रखी समाधान की मांग सचिव ने तीन सप्ताह में समाधान का दिया भरोसा बार बार के भरोसे से परेशान बच्चों ने मांगा लिखित में जवाब lिखित में जवाब मिलने तक शिक्षा बोर्ड का घेराव कर धरने पर बैठे बच्चे मुख्य गेट पर घेराव कर पढ़ा महात्मा गांधी का पाठ (रघुपति राघव राजा राम) NEET के बाद हरियाणा में HTET को लेकर जैन जी का हंगामा शुरू हो गया है। HTET में धाँधली के आरोप लगा कर बच्चे बार बार शिक्षा बोर्ड में धरना देते हैं। आज ये बच्चे लिखित में आश्वासन की मांग पर बोर्ड का घेराव करके बैठ गए। गौरतलब है कि 4-5 जुलाई को प्रदेश भर में भावी अध्यापकों की HTET-2025 की परीक्षा हुई थी। जिसमें तीन लाख के करीब बच्चों ने आवेदन किया था। पर जब ये HTET का रिज़ल्ट जारी हुआ है, तब से हजारों बच्चे प्रश्न पत्र व आंसर की में ग़लतियाँ बता कर समाधान की मांग कर रहे हैं। इसको लेकर वो बार बार शिक्षा बोर्ड आकर धरना देते हैं। आज का धरना हंगामे में बदल गया। घंटो तक धरना देने के बाद शिक्षा बोर्ज सचिव दीपक बाबूलाल करवा बच्चों के बीच बातचीत के लिए आए। उन्होंने जल्द समाधान का भरोसा भी दिया। पर बच्चे बार बार के आश्वासनों से इतने परेशान थे कि उन्होंने लिखित में समाधान का भरोसा मांगा। इसको लेकर वो शिक्षा बोर्ड के मुख्य गेट पर घेराव करके बैठ गए और महात्मा गांधी का पाठ पढ़ने लगे। इसका कहना था कि लिखित में समाधान का भरोसा मिलने तक वो घेराव करके बैठे रहेंगे। शिक्षा बोर्ड का घेराव कर रहे बच्चों ने कहा कि बार हर ऑब्जेक्शन के 100-100 रूपये देने पर भी सुधार नहीं हो रहा। उन्होंने कहा कि शिक्षा बोर्ड हर बार गलत ‘अंसर की’ जारी करता है। यहां तक की OMR सीट भी 100 रूपये फीस भरने पर डाउनलोड नहीं होती। इन बच्चों ने बड़ा आरोप लगाया कि इस बार HTET में 20 से 30 सवाल गलत छपे थे। जिनका NCRT की किताबों का सबूत देने पर भी उतर सही नहीं माने जा रहे। इन बच्चों ने कहा कि शिक्षा बोर्ड प्रशासन बार बार तारीख पर तारीख दे रहा है। पर इस बार लिखित में आश्वासन ना मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा। इस पूरे मामले पर शिक्षा बोर्ड सचिव दीपक बाबूलाल करवा ने कहा कि तीन सप्ताह में सभी बच्चों की समस्या का समाधान करेंगे। इसको लेकर हर सब्जेक्ट के एक्सपर्ट की कमेटी बनेगी। साथ ही कहा कि इन ग़लतियों से सीख लेंगे ताकि भविष्य में ऐसी ग़लतियाँ ना हों। तारीख़ पर तारीख के बाद भी समाधान ना होने से जैन जी फिर से हंगामा कर आंदोलन पर है। ऐसे में देखना होगा की चेयरमैन के बाद क्या सचिव इन बच्चों का समाधान करते हैं या ये आंदोलन कोई बड़ा रूप लेगा.
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बिहार के ‘हर घर तक स्वास्थ्य’ योजना पर विपक्ष बनाम सरकार के दावे

Patna, Bihar:बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के तहत हर घर तक स्वास्थ्य सुविधा पहुँचाने की बड़ी पहल की जा रही है. सरकार के इस अभियान के संदर्भ में राष्ट्रीय जनता दल ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि अस्पतालों में स्ट्रेचर, बेड और अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी है, मरीजों के इलाज के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध नहीं हैं और मुफ्त दवाओं की उपलब्धता भी घट गई है. कांग्रेस ने चिकित्सा आपके द्वार जैसी योजनाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि बिहार में पहले भी ऐसी योजनाएं चलीं, पर हालात वही रहे. उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को बीमार बताया और बुनियादी सुविधाओं के अभाव पर ज़ोर दिया. भाजपा ने कहा कि जांच और उपचार अब घर-घर पहुँचेगा और गंभीर बीमारियों की प्रारम्भिक जांच भी घर-घर कराई जाएगी, ताकि मरीजों को अस्पताल जाने की आवश्यकता कम हो. भाजपा के प्रवक्ताओं ने ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका स्वास्थ्य’ नारे के साथ योजना के लाभों पर जोर दिया. JDU ने भी कहा कि निशांत कुमार के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीण क्षेत्रों में भी कदम उठाकर स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता दी है, ताकि कैंसर, थायरॉयड, हाईपरटेंशन आदि बीमारियों की पहचान और इलाज घर-घर हो सके. उनका मानना है कि स्वस्थ बिहार से ही विकसित बिहार बन सकता है और यह अभियान इसी दिशा में आगे बढ़ रहा है.
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कानपुर में BSF परीक्षा के दौरान तकनीकी गड़बड़ी से अभ्यर्थियों का हंगामा

Kanpur, Uttar Pradesh:कानपुर अपडेट चकेरी थानाक्षेत्र के श्याम नगर स्थित MD Infotech परीक्षा केंद्र पर BSF परीक्षा के दौरान सिस्टम एरर और बायोमेट्रिक में दिक्कत के आरोपों को लेकर अभ्यर्थियों ने हंगामा कर दिया. अभ्यर्थियों का आरोप है कि परीक्षा के दौरान कई कंप्यूटर सिस्टम ठीक से काम नहीं कर रहे थे, जबकि कुछ उम्मीदवारों का बायोमेट्रिक सत्यापन भी नहीं हो पा रहा था. इससे नाराज छात्रों ने केंद्र के बाहर नारेबाजी शुरू कर दी. सूचना पर डायल 112 पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को शांत कराया. फिलहाल तकनीकी समस्या की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है.
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देवघर सदर अस्पताल को नया क्रिटिकल केयर ब्लॉक जल्द मिलने वाला है

Deoghar, Jharkhand:देवघर सदर अस्पताल को बहुत जल्द स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक नया क्रिटिकल केयर ब्लॉक मिलने जा रहा है देवघर सदर अस्पताल में बने यह क्रिटिकल केयर ब्लॉक का आज देवघर डीसी ने जायजा लिया इस दौरान उन्होंने क्रिटिकल केयर यूनिट के सभी वार्ड का निरीक्षण किया देवघर डीसी ने बताया कि एक हफ्ते के अंदर क्रिटिकल केयर ब्लॉक को हैंडोवर कर दिया जाएगा इसके बाद देवघरवासी को स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक नई सुविधा मिलने जाएगी इस क्रिटिकल केयर ब्लॉक में इमरजेंसी अत्यधिक ओटीआईसीयू डॉ ओपीडी जनरल वार्ड सहित स्वास्थ्य सुविधाओं की अत्याधुनिक व्यवस्थाएं की गई है इसके अलावा यह क्रिटिकल केयर ब्लॉक आधुनिक रूप से बनाया गया है इसमें फायर सेफ्टी को लेकर विशेष इंतेजामत भी किए गए हैं कुल मिलाकर अगले एक हफ्ते के भीतर देवघर को एक नया क्रिटिकल केयर ब्लॉक मिलने जा रहा है जिससे स्वास्थ्य के क्षेत्र में देवघरवासी को एक नई सुविधा मिलेगी।
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बिहार के राज्यपाल ने गार्ड ऑफ ऑनर के सामने मिठाई देकर बना दी ऐतिहासिक मिसाल

Motihari, Bihar:कभी कभी कुछ ऐसा होता है जिसे देखकर लोग अचंभित हो जाते हैं। बापू की कर्मभूमि मोतिहारी में आज कुछ ऐसा ही हुआ है। अवसर था पूर्व सैनिक के लिए आयोजित कार्यक्रम का । बापूधाम महोत्सव के दूसरे दिन आज बापू प्रेक्षागृह में जय जवान जय किसान ,विज्ञान सम्मेलन में शामिल होने बिहार के राज्यपाल सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन पहुंचे थे। बापू प्रेक्षागृह में आयोजित पूर्व सैनिक के कार्यक्रम में पहुंचे राज्यपाल को प्रोटोकॉल के हिसाब से पुलिस लाइन में गार्ड ऑफ ऑनर की सलामी दी गई।गार्ड ऑफ ऑनर के सलामी का नेतृत्व सार्जेंट संदीप कुमार कर रहे थे। गार्ड ऑफ ऑनर सलामी के दौरान राज्यपाल जो पूर्व सैन्य अधिकारी है उन्होंने कुछ ऐसा किया कि जिसे देखकर हर कोई अचम्भित रह गया। क्योंकि ऐसा पहली बार हुआ है कि गार्ड ऑफ ऑनर की सलामी के दौरान सलामी लेने वाले संवैधानिक पद पर बैठे किसी ने मिठाई बांटा हो। मिठाई जो ना सिर्फ मुंह मीठा करने या खुशी इजहार करने का जरिया होता है बल्कि यह सम्मान और प्यार देने का भी एक तरीका होता है जो आज राज्यपाल ने मोतिहारी में किया। बिहार के राज्यपाल ने गार्ड ऑफ ऑनर की सलामी देने वाले जाबांज जवानों को मिठाई दिया।आपको बता दे कि बिहार के वर्तमान राज्यपाल सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (Syed Ata Hasnain) हैं। उन्होंने मार्च 2026 में बिहार के 43वें राज्यपाल के रूप में पद की शपथ ली थी। उन्होंने इस पद पर आरिफ मोहम्मद खान का स्थान लिया है।
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नीरज कुमार ने नीतीश के संस्कारों का समर्थन किया, तेजस्वी पर आरक्षण सवाल

Patna, Bihar:जेडीयू एमएलसी नीरज कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी की कार्यशैली और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के संस्कारों का जिक्र करते हुए कहा कि बिहार में पुरखों और स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान की परंपरा को आगे बढ़ाया जा रहा है, उन्होंने कहा कि रामफल मंडल को नमन करते हुए 23 August को बिहार सरकार राजकीय समारोह आयोजित करेगी। नीरज कुमार ने कहा कि निशांत कुमार ने भी इस सोच को आगे बढ़ाया है और सम्राट चौधरी व निशांत कुमार की जोड़ी ने स्वतंत्रता सेनानियों को सम्मान देने का काम किया है,प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंत्री शीला मंडल भी मौजूद रहीं। तेजस्वी यादव के आरक्षण से जुड़े बयान पर जेडीयू ने सवाल उठाते हुए कहा कि मामला न्यायालय में है, नीरज कुमार ने पूछा कि क्या तेजस्वी यादव अति पिछड़ों के नायक हैं, उन्होंने तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने शानदार पराजय का रिकॉर्ड बनाया है। जेडीयू ने सवाल किया कि तेजस्वी यादव किसी दलित को प्रदेश अध्यक्ष क्यों नहीं बना रहे हैं और उनसे आरक्षण को लेकर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की, नीरज कुमार ने कहा कि तेजस्वी यादव को आरक्षण की लड़ाई पहले अपने घर में लड़नी चाहिए और आरोप लगाया कि लालू प्रसाद यादव ने भी जननायक कर्पूरी ठाकुर का अपमान किया था
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गाजीपुर में 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत; लाखों मामलों के निस्तारण की उम्मीद

Gazipur, Uttar Pradesh:गाजीपुर में 12 सितंबर को लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत, हजारों मामलों के निस्तारण का मौका! गाजीपुर में 12 सितंबर को लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत,  लंबित मामलों के निस्तारण के लिए लोगों को मिलेगा बड़ा मौका न्यायालय परिसर से निकली जागरूकता रैली, जनपद न्यायाधीश ने दिखाई हरी झंडी दीवानी कचहरी, कलेक्ट्रेट और सभी तहलों में होगा आयोजन बैंक ऋण, चेक बाउंस, पारिवारिक, राजस्व और विद्युत मामलों का हो सकता है निस्तारण मोटर दुर्घटना प्रतिकर और श्रम से जुड़े मामलों को भी सुलह से निपटाने का मौका समझौते से निस्तारण होने पर लंबित मामलों में न्याय शुल्क वापसी का प्रावधान प्री-लिटिगेशन वैवाहिक विवादों के समाधान के लिए भी दे सकते हैं प्रार्थना पत्र गाजीपुर में अदालतों में लंबित मामलों के निस्तारण के लिए बड़ी पहल होने जा रही है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से 12 सितंबर 2026, शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इससे पहले लोगों को लोक अदालत के प्रति जागरूक करने के लिए न्यायालय परिसर से जागरूकता रैली निकाली गई। जनपद न्यायाधीश जय प्रकाश यादव और लोक अदालत के नोडल अधिकारी एडीजे शक्ति सिंह ने हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव नीरज ने बताया कि दीवानी कचहरी, कलेक्ट्रेट और जनपद की सभी तहसीलों में लोक अदालत के जरिए मामलों का त्वरित एवं सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण कराया जाएगा। लोक अदालत में दीवानी, वैवाहिक एवं पारिवारिक विवाद, बैंक ऋण, चेक बाउंस, मोटर दुर्घटना प्रतिकर, राजस्व, विद्युत, श्रम समेत उपयुक्त मामलों का निस्तारण कराया जा सकता है। सबसे खास बात यह है कि समझौते के आधार पर मामले का समाधान होने पर लंबित मामलों में न्याय शुल्क वापसी का भी प्रावधान है। इसके अलावा प्री-लिटिगेशन वैवाहिक विवादों को भी लोक अदालत के जरिए सुलझाने की पहल की जा सकती है। इसके लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में प्रार्थना पत्र देकर प्रक्रिया शुरू कराई जा सकती है। यानी अगर आपका कोई मामला अदालत में लंबित है और आप उसे सुलह-समझौते से खत्म करना चाहते हैं, तो 12 सितंबर की राष्ट्रीय लोक अदालत आपके लिए अहम मौका साबित हो सकती है।
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बस्ती में 1017 फर्जी लाइसेंस निरस्त, चार कर्मचारियों पर FIR

Basti, Uttar Pradesh:बस्ती में फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस के मामले में कार्रवाई शुरू हो गई है, जिसने परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच में 1017 ऐसे ड्राइविंग लाइसेंस सामने आए हैं, जिन्हें नियमों को दरकिनार कर जारी किया गया। आरोप है कि दूसरे राज्यों के बैकलॉग की आड़ में लाइसेंस बनवाने का पूरा खेल दलालों के सिंडिकेट के जरिए चलाया गया और इस फर्जीवाड़े में करीब 4 करोड़ 75 लाख रुपये की अवैध वसूली का भी आरोप है। अब 1017 लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है, जबकि लाइसेंस बनाने में भूमिका सामने आने पर सेवा प्रदाता कंपनी के चार कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज कराई गई है। बस्ती में फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस के मामले में कार्रवाई का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। जांच के दौरान सामने आए 1017 लाइसेंसों को निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वहीं, लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया में सेवा प्रदाता कंपनी के कर्मचारियों की भूमिका सामने आने के बाद चार कर्मचारियों के खिलाफ शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया है। आरटीओ बस्ती की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे के बाद संबंधित सेवा प्रदाता कंपनी पर भी कार्रवाई की तैयारी है। फर्म को ब्लैकलिस्ट करने और उसकी सिक्योरिटी मनी जब्त करने की प्रक्रिया शुरू किए जाने की बात सामने आई है। आरटीओ फरीउद्दीन के मुताबिक, उच्चाधिकारियों से मिले निर्देश के क्रम में चार कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। दरअसल, जांच में पता चला कि एक अप्रैल 2013 के बाद बस्ती कार्यालय से जारी किए गए 1017 लाइसेंसों को दूसरे राज्यों के बैकलॉग के रूप में दर्ज किया गया। आवेदन स्वीकृत करने से पहले सारथी पोर्टल पर उपलब्ध रिकॉर्ड का निर्धारित प्रक्रिया के तहत परीक्षण नहीं किया गया। कई आवेदनों में पुराने ड्राइविंग लाइसेंस की कॉपी तक अपलोड नहीं की गई, जबकि पता बदलने के लिए किए गए कई आवेदनों में लगाए गए पते के प्रमाण-पत्र का भी नियमानुसार सत्यापन नहीं कराया गया। जांच में सिर्फ कर्मचारियों की भूमिका ही नहीं, बल्कि पर्यवेक्षण स्तर पर भी लापरवाही सामने आई है। एमवीआई से ऊपर के अधिकारियों की भी पोर्टल पर निगरानी की जिम्मेदारी होती है। ऐसे में पर्यवेक्षण दायित्व का पालन हुआ या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है। आरोप है कि दलालों के सिंडिकेट के जरिए आवेदकों की बैकलॉग एंट्री अरुणाचल प्रदेश से कराई गई और बस्ती में भारी वाहनों के ड्राइविंग लाइसेंस जारी कराए गए। इसी प्रक्रिया के जरिए करीब 4 करोड़ 75 लाख रुपये की अवैध वसूली किए जाने का आरोप है। मिर्जापुर, संतकबीरनगर, पडरौना और गोरखपुर समेत आसपास के जिलों के आवेदकों के लाइसेंस भी इसी तरीके से बनाए जाने की बात जांच में सामने आई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए परिवहन आयुक्त ने डीएम बस्ती को पत्र भेजकर अपने स्तर से जांच कराकर रिपोर्ट मांगी थी। शासन स्तर से संभागीय परिवहन विभाग की आरआई सीमा गौतम को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। अब 1017 लाइसेंसों के निरस्तीकरण और चार कर्मचारियों पर एफआईआर के बाद सवाल ये है कि फर्जीवाड़े का ये नेटवर्क आखिर कितना बड़ा था और इसमें कौन-कौन शामिल था इसकी जांच आगे बढ़ने के साथ ही कई और नाम सामने आने की उम्मीद है।
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