210431
विकासखंडों में मनरेगा कर्मियों का धरना छठे दिन भी जारी, हाथों में काली पट्टी बांधकर जताया विरोध
Rath, Uttar Pradesh:हमीरपुर जनपद के गोहांड राठ विकासखंड परिसर में मनरेगा कर्मचारियों और ग्राम रोजगार सेवकों का अनिश्चितकालीन धरना मंगलवार को छठे दिन भी जारी रहा। पिछले 10 माह से मानदेय न मिलने और मानदेय वृद्धि की मांग को लेकर कर्मचारी आंदोलन पर डटे हुए हैं। आर्थिक तंगी से जूझ रहे कर्मचारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में जुटे रोजगार सेवकों ने “मनरेगा एकता जिंदाबाद” और “हमारी मांगे पूरी करो” जैसे नारे लगाकर विरोध दर्ज कराया। सभी कर्मचारियों ने दाहिने हाथ में काली पट्टी बांधकर शासन-प्रशासन के प्रति अपना रोष जताया। उनका कहना है कि लंबे समय से लंबित भुगतान ने उनकी आर्थिक स्थिति को पूरी तरह से डगमगा दिया है। कर्मचारियों ने बताया कि 10 माह से मानदेय न मिलने के कारण उनके सामने रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो गया है। परिवार के भरण-पोषण, बच्चों की पढ़ाई और चिकित्सा जैसी आवश्यकताएं प्रभावित हो रही हैं। इसके बावजूद अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई है। धरना दे रहे कर्मचारियों के अनुसार, प्रदेश स्तर के आह्वान पर 15 अप्रैल को जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन खंड विकास अधिकारी अनिल कुमार पाण्डेय को सौंपा गया था। इसमें 16 अप्रैल से 25 अप्रैल तक अनिश्चितकालीन धरने की पूर्व सूचना भी दी गई थी। उसी क्रम में आंदोलन लगातार जारी है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर अब तक कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली है। कर्मचारियों ने आगे की रणनीति भी स्पष्ट कर दी है। उन्होंने बताया कि 1 मई, मजदूर दिवस के अवसर पर जिला मुख्यालय में एक बड़ा धरना-प्रदर्शन किया जाएगा, जिसके माध्यम से जिलाधिकारी के जरिए मुख्यमंत्री तक अपनी आवाज पहुंचाई जाएगी। आंदोलनकारी रोजगार सेवकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बकाया मानदेय का भुगतान नहीं किया गया और मांगों पर विचार नहीं हुआ, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था की जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।0
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आक्रोशित आधा दर्जन से ज्यादा लकड़ी व्यापारियों ने यूट्यूब पत्रकारों के विरुद्ध SDM को सौंपा ज्ञापन
Rath, Uttar Pradesh:यूपी के जनपद हमीरपुर की तहसील राठ क्षेत्र में लकड़ी व्यापारियों का आक्रोश उस समय खुलकर सामने आया, जब आधा दर्जन से अधिक व्यापारियों ने एकजुट होकर कुछ क्षेत्रीय व अन्य थाना क्षेत्रों के यूट्यूब पत्रकारों के खिलाफ आरोप लगाया कि उनके वैध और पंजीकृत कारोबार में लगातार दखलंदाजी की जा रही है और अपमानजनक भाषा का प्रयोग कर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। व्यापारियों के ने बताया कि वे सभी विधिवत पंजीकृत फर्मों के तहत कार्य कर रहे हैं और उनके पास जीएसटी नंबर, मंडी लाइसेंस सहित अन्य सभी आवश्यक दस्तावेज मौजूद हैं। साथ ही वे नियमित रूप से राजस्व शुल्क, मंडी शुल्क और जीएसटी का भुगतान करते हैं। इसके बावजूद कुछ यूट्यूब पत्रकार उनके प्रतिष्ठानों पर पहुंचकर वीडियो बनाते हैं और छूट प्रजाति की लकड़ी को लेकर भ्रामक जानकारी प्रसारित कर रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि वे किसानों द्वारा बेची गई छूट प्रजाति की लकड़ी को पूरी तरह वैध प्रक्रिया के तहत खरीदते हैं। लेकिन इस तथ्य को नजरअंदाज करते हुए कुछ लोग गलत तथ्यों के आधार पर वीडियो बनाकर न केवल उन पर दबाव बना रहे हैं, बल्कि शासन और प्रशासन तक भी गलत संदेश पहुंचा रहे हैं। इससे समाज में उनकी छवि भी धूमिल हो रही है और उनके व्यापार पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। व्यापारियों ने यह भी बताया कि हाल ही में वन विभाग द्वारा अधिक मात्रा में लकड़ी स्टॉक करने को लेकर उन्हें नोटिस जारी किया गया था। इस पर उन्होंने विभाग को स्पष्ट किया है कि उक्त स्टॉक संभावित संकट, विशेषकर गैस जैसी आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के उद्देश्य से सुरक्षित रखा गया है। मामले को गंभीर मानते हुए व्यापारियों ने जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन राठ उपजिलाधिकारी अभिमन्यु कुमार को सौंपा। ज्ञापन में संबंधित यूट्यूब पत्रकारों के खिलाफ कार्रवाई करने और व्यापार में अनावश्यक हस्तक्षेप पर रोक लगाने की मांग की गई है। ज्ञापन सौंपने वालों में भरत कुमार, नरसिंह यादव, सचिन यादव, जितेंद्र अहिरवार, विपिन कुमार, बृजेन्द्र साहू, गुलाब सिंह सहित अन्य व्यापारी शामिल रहे। व्यापारियों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कराकर उन्हें उत्पीड़न से राहत दिलाने और उनकी प्रतिष्ठा की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।0
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‘पोषण भी पढ़ाई भी’ बना भ्रष्टाचार का अड्डा! घटिया भोजन और बदहाल व्यवस्थाओं पर फूटा गुस्सा
Rath, Uttar Pradesh:*‘पोषण भी पढ़ाई भी’ बना भ्रष्टाचार का अड्डा! घटिया भोजन, बदहाल व्यवस्था व लापरवाही से भड़की आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां* तीन दिवसीय प्रशिक्षण समाप्त, लेकिन मामले ने प्रशासनिक व्यवस्था की खुली पोल अब सबकी नजर दोषियों पर कार्रवाई पर टिकी या यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा। राठ (हमीरपुर) विकासखंड परिसर में आयोजित ‘पोषण भी पढ़ाई भी’ कार्यक्रम का तीन दिवसीय प्रशिक्षण अब सवालों के घेरे में है। बच्चों के पोषण और शिक्षा का पाठ पढ़ाने के लिए बुलायी गईं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां खुद बदहाल व्यवस्थाओं और कथित भ्रष्टाचार की शिकार बन गईं। प्रशिक्षण के दौरान जो हालात सामने आए, उन्होंने पूरे कार्यक्रम की पोल खोलकर रख दी। सोमवार और मंगलवार को हालात इतने बिगड़े कि करीब एक सैकड़ा आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का गुस्सा फूट पड़ा। आरोप है कि उन्हें परोसा गया भोजन न सिर्फ घटिया था, बल्कि खाने लायक भी नहीं था। नाराज कार्यकत्रियों ने खाना लेने से साफ इनकार कर दिया और थालियां तक वापस लौटा दीं। उनका कहना है कि कागजों में प्रति कार्यकत्री 300 रुपये खर्च दिखाया जा रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत में बेहद सस्ता और निम्न स्तर का भोजन दिया जा रहा है। हालांकि प्रशिक्षण के अंतिम दिन बुधवार को खाने की गुणवत्ता में कुछ सुधार जरूर देखने को मिला, लेकिन यह सुधार भी सवालों के घेरे में है, क्या यह सिर्फ मामले को दबाने की कोशिश थी? *सिर्फ खाना ही नहीं, हर व्यवस्था फेल* मामला केवल खराब भोजन तक सीमित नहीं है। भीषण गर्मी के बीच प्रशिक्षण कक्ष में पंखे और कूलर केवल शोपीस बनकर रह गए। पीने के पानी की कोई समुचित व्यवस्था नहीं थी और परिसर में फैली गंदगी ने हालात और बदतर कर दिए। कार्यकत्रियों के अनुसार बैठना तक मुश्किल हो रहा था। सबसे शर्मनाक स्थिति तब सामने आई जब महिला कार्यकत्रियों के लिए शौचालय तक की व्यवस्था नहीं की गई। मजबूरी में उन्हें खुले में लघुशंका के लिए जाना पड़ा, जो उनकी गरिमा के खिलाफ है और प्रशासन की गंभीर लापरवाही को उजागर करता है। *बीमारी और अव्यवस्था, किसकी जिम्मेदारी?* अव्यवस्थाओं का असर स्वास्थ्य पर भी पड़ा। सोमवार को चार आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की तबीयत बिगड़ गई, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से तत्काल कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। *‘बजट हजम, सुविधाएं गायब’ का आरोप* कार्यकत्रियों ने आरोप लगाया है कि प्रशिक्षण के नाम पर लाखों रुपये का बजट कागजों में खर्च दिखाकर बंदरबांट की जा रही है, जबकि जमीनी स्तर पर सुविधाएं पूरी तरह नदारद हैं। यहां तक कि एक सैकड़ा से अधिक पैकेट बंद खाना भी वापस करवा दिया गया, जो इस पूरे मामले की गंभीरता को दर्शाता है। *जांच का भरोसा या लीपापोती?* मामले में जिला कार्यक्रम अधिकारी ने जांच की बात जरूर कही है, लेकिन बड़ा सवाल यही है कि क्या यह मामला भी सिर्फ जांच और कागजी कार्रवाई तक सिमट जाएगा, या फिर जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों पर वास्तव में कोई सख्त कार्रवाई होगी? ‘पोषण’ के नाम पर चल रहा यह प्रशिक्षण खुद ही कुपोषित व्यवस्थाओं और भ्रष्टाचार का शिकार बन गया। जिन महिलाओं पर बच्चों के भविष्य को संवारने की जिम्मेदारी है, उन्हें ही अपमान और अव्यवस्था का सामना करना पड़ा। बुधवार को प्रशिक्षण भले ही समाप्त हो गया हो, लेकिन यह मामला प्रशासन की कार्यशैली और जवाबदेही पर बड़ा सवाल खड़ा कर गया है। अब देखना होगा कि यह मामला ठंडे बस्ते में जाता है या दोषियों पर सच में कार्रवाई होती है।0
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हमीरपुर में मिट्ट का अवैध खनन का संरक्षित खेल! राठ, कुरारा, सुमेरपुर में प्रशासन बना तमाशबीन
Rath, Uttar Pradesh:राठ और सुमेरपुर थाना क्षेत्र में मिट्टी का अवैध खनन का खेल खुलेआम चल रहा है। जैसे ही शाम ढलती है, वैसे ही खनन माफिया सक्रिय होकर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से धड़ल्ले से सुरक्षा कवच की तरह अवैध खनन किया जाता है। आरोप है कि पूरी रात ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की फर्राटे भरने की आवाजाही होती रहती है, लेकिन जिम्मेदार विभागों की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आती। खुलेआम प्रशासन की आंखों में धूल झोंकते हुए सरकार के राजस्व को करोड़ों रुपये का चूना लगा रहा है। लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई न होना कई सवाल खड़े कर रहा है।0
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कड़ाके की ठंड में एसडीएम का औचक निरीक्षण, गौशाला में गौवंशों को गुड़-अजवाइन, जरूरतमंदो को कंबल वितरण
Diktora, Uttar Pradesh:जनपद हमीरपुर में शीतलहर और कड़ाके की ठंड के बीच राठ नगरपालिका की गौशाला का एसडीएम अभिमन्यु कुमार ने औचक निरीक्षण किया। सीओ, तहसीलदार व नायब तहसीलदार भी मौजूद रहे। एसडीएम ने गौवंशों को गुड़ व अजवाइन खिलाकर ठंड से बचाव के इंतजामों का जायजा लिया। अलाव, पर्याप्त भूसा, स्वच्छ पेयजल व नियमित पशु चिकित्सा सुविधाओं में लापरवाही मिलने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। तत्पश्चात गौशाला कर्मचारियों व सड़क किनारे बसे निराश्रितों एवं जरूरतमंदों को ठंड से बचाव के लिए कंबल वितरित किए गए।0
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