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SKSushil Kumar UpadhyayFollow3 Jan 2025, 07:36 am

Mirzapur: अहरौरा नगर पालिका की सफाई व्यवस्था पर उठे सवाल, बजबजाती नालियां बन रहीं समस्या

Prajapatipur, Uttar Pradesh:

बजबजाती नालियां मच्छरों के प्रजनन में सहायक साबित हो रही हैं, जिससे नागरिक नगर पालिका प्रशासन को कोस रहे हैं। स्वच्छता अभियान केंद्र और प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है लेकिन सफाई व्यवस्था बेपटरी होती नजर आ रही है। पट्टीकला वार्ड नं. 9 और अन्य वार्ड की सड़कों पर गंदगी का अंबार है, नालियां चोक हैं जिसके चलते नाले का पानी सड़कों पर बह रहा है। जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। सफाईकर्मी आकर सिर्फ कोरम पूरा कर चले जाते हैं, जबकि सड़कों पर नाले की गंदगी और पड़े कचरे से दुर्गंध उठ रही है जिससे नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

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मुरादाबाद: लौंगी खुर्द में पिंजरे में फंसा तेंदुआ, क्षेत्र के बचे तेंदुओं की आशंका

Moradabad, Uttar Pradesh:मुरादाबाद मे वन विभाग के पिंजरे ने फंसा एक और खूंखार तेंदुआ, अब तक एक शावक सहित 11 तेंदुए पिंजरे मे हो चुके कैद, ठाकुरद्वारा तहसील के लौंगी खुर्द गांव मे लगे पिंजरे मे कैद हुआ तेंदुआ, अभी और भी कई तेंदुए क्षेत्र मे होने की जताई जा रही आशंका, पिंजरे ने फंसे तेंदुए कों देखने के लिए ग्रामीणों की लगी भीड़, वन विभाग की टीम ने तेंदुए कों गांव से रेस्क्यू कर अपने साथ ले गयी, बता दें अब तक 4 लोगो कों मौत के घाट एवं 2 दर्जन के करीब कों घायल कर चुके तेंदुए, मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा तहसील क्षेत्र के गांव लौंगी खुर्द गांव का पूरा मामला।
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दिल्ली के कचरे से बड़ा एक्शन: 2.16 करोड़ MT प्रसंस्करण, लैंडफिल मुक्त भूमि

New Delhi, Delhi:दिल्ली में कूड़े के पहाड़ों पर बड़ा एक्शन, 2.16 करोड़ मीट्रिक टन कचरे का प्रसंस्करण पूरा, ओखला, भलस्वा और गाजीपुर लैंडफिल साइट्स से 100 एकड़ भूमि रिक्लेम ओखला में 70 लाख MT कचरा प्रोसेस, 35 एकड़ जमीन मुक्त भलस्वा में 1.02 करोड़ MT कचरे का प्रसंस्करण, 45 एकड़ भूमि रिक्लेम गाजीपुर में 44 लाख MT कचरा प्रोसेस, 20 एकड़ जमीन मुक्त कचरे से निकले इनर्ट मटेरियल का सड़कों के बेस और निचले इलाकों के भराव में इस्तेमाल किया जाएगा दिल्ली में 4 नए वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट लगाने की तैयारी पूरी दिल्ली में रोजाना पैदा होने वाले कचरे का रोजाना वैज्ञानिक प्रसंस्करण करने का प्रयास किया जा रहा है सारी लैंडफिल साइट पर रोजाना बायो मीनिंग का काम चल रहा है जो वहां पर मशीन द्वारा कूड़ा प्रक्रिया हो रहा है उसमें जो पतला कूड़ा निकलता है जिससे खाद बन रही है उसको खेत में इस्तेमाल किया जाएगा तो वहीं पर प्लास्टिक पूरा कूड़े से अलग किया जा रहा है और जो मोटा कचरा निकाल रहा उसको रोड बनाने में या गड्ढे भरने में इस्तेमाल किया जाएगा लांसर साइड के बाहर स्क्रीन भी लगाई गई एमसीडी द्वारा जिस पर पूरा रियल टाइम डाटा दिखाया जा रहा है की टोटल कितना एरिया है और कितना साइट को कूड़े से मुक्त कर दिया गया है
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अंबाला में सफाई कर्मचारी हड़ताल 26वें दिन, कूड़ा फैलाने के आरोप

Ambala, Haryana:अंबाला में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल 26 दिनों से जारी है. आज प्रदर्शन के दौरान शहर की अलग-अलग सड़कों पर कूड़ा फैलाने के आरोप लगे. नगर निगम प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है. निगम कमिश्नर वीरेंद्र सहरावत ने चेतावनी दी कि सरकारी काम में बाधा डालने और कूड़ा उठाने के कार्य को रोकने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. अंबाला में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल लगातार जारी है. 26 दिनों से अपनी मांगों को लेकर कर्मचारी हड़ताल पर बैठे हैं. आज प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने शहर की अलग-अलग सड़कों पर कूड़ा फैलाकर विरोध जताया. नगर निगम प्रशासन के मुताबिक, हड़تال के दौरान कूड़ा उठाने के लिए ड्यूटी पर जा रही गाड़ियों को कुछ कर्मचारियों ने रोकने की कोशिश की. कमिश्नर वीरेंद्र सहरावत का आरोप है कि कुछ लोगों ने गाड़ियों के साथ तोड़फोड़ की और गाड़ियों पर चढ़कर उनमें मौजूद कचरे को सड़कों पर बिखेर दिया. कमिश्नर ने इस तरह की कार्रवाई को सरकारी कार्य में बाधा बताया है. निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमित और रोल वाले करीब 350 कर्मचारियों में से यदि कोई कर्मचारी इस प्रकार की गतिविधियों में शामिल पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सर्विस रूल्स के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. वहीं, निगम प्रशासन ने यह भी चेतावनी दी है कि कूड़ा उठाने के काम में दोबारा बाधा डालने की कोशिश की गई तो पुलिस फोर्स की मदद से सख्त कार्रवाई की जाएगी. नगर निगम कमिश्नर के मुताबिक, अगर किसी कर्मचारी ने कूड़ा उठाने वाली गाड़ियों को रोकने या सरकारी काम में बाधा डालने की कोशिश की, तो संबंधित व्यक्ति को हिरासत में लेकर उसके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की जा सकती है.
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नूंह के सफाई व फायर कर्मी धरना: 26वें दिन, मांगों का समाधान अभी नहीं

Nuh, Haryana:नूंह में सफाई कर्मचारियों और फायर कर्मियों का धरना 26वें दिन भी जारी, मांगों को लेकर हड़ताल पर कर्मचारी。 नूंह जिले में सफाई कर्मचारी और फायर विभाग के कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर पिछले 6 अगस्त से धरने पर बैठे हुए हैं। सोमवार को कर्मचारियों के धरने का 26वां दिन रहा। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल लगातार जारी रहने के कारण जिले में सफाई व्यवस्था प्रभावित होने की स्थिति बनी हुई है。 कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर सरकार और संबंधित विभाग के अधिकारियों के समक्ष अपनी बात रखते आ रहे हैं, लेकिन अभी तक उनकी मांगों का ठोस समाधान नहीं हुआ है। इसी के चलते कर्मचारियों ने आंदोलन का रास्ता अपनाया है。 सफाई कर्मचारियों की पूरी तरह हड़ताल सफाई कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में कामकाज बंद कर हड़ताल जारी रखी हुई है। कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने से शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित सफाई कार्य प्रभावित हो रहा है। कई स्थानों पर सफाई व्यवस्था को लेकर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है。 वहीं, फायर विभाग के कर्मचारी भी धरने में शामिल होकर अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा。 26 दिन से जारी है आंदोलन。 6 अगस्त से शुरू हुआ कर्मचारियों का धरना अब 26वें दिन में पहुंच चुका है। कर्मचारियों ने धरना स्थल पर एकजुट होकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। उनका कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचा रहे हैं और उम्मीद है कि जल्द ही उनकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। कर्मचारियों के लगातार धरने और सफाई कर्मियों की हड़ताल के चलते अब प्रशासन के सामने भी सफाई व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने की चुनौती है। कर्मचारी अपनी मांगों पर सरकार की ओर से ठोस आश्वासन मिलने का इंतजार कर रहे हैं मांगों के समाधान की उम्मीद धरने पर बैठे कर्मचारियों का कहना है कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए जल्द समाधान किया जाना चाहिए। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों को लेकर सकारात्मक पहल नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा。 अब देखना होगा कि 26 दिनों से चल रहे इस आंदोलन को समाप्त कराने के लिए प्रशासन और सरकार की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं और कर्मचारियों की मांगों पर कब तक निर्णय लिया जाता है。
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