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Mohd. Imran KhanMohd. Imran KhanFollow5 Jan 2025, 03:09 am

चरखारी में गौवंश की दुर्दशा पर रोष, गौरक्षा संगठन ने सौंपा ज्ञापन

Charkhari, Uttar Pradesh:

चरखारी तहसील सभागार में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान विश्व हिन्दू महासंघ गौरक्षा के पदाधिकारियों ने ठंड और भूख से मर रहे गौवंशों पर नाराजगी जताई। उन्होंने अपर जिलाधिकारी रामप्रकाश को ज्ञापन सौंपते हुए गौशालाओं के संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। संगठन ने चेतावनी दी कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन और धरना करने को बाध्य होंगे। मौके पर मण्डल प्रभारी गर्जन सिंह बुंदेला, जिलाध्यक्ष शिवप्रताप सिंह, जिला उपाध्यक्ष प्रदीप भदौरिया, ब्लॉक अध्यक्ष सत्यम तिवारी समेत दो दर्जन कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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शताब्दी एक्सप्रेस में पथराव, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत सुरक्षित

Firozabad, Uttar Pradesh:शताब्दी ट्रेन पर पथराव ANC - यूपी के फिरोजाबाद जिले में लखनऊ से नई दिल्ली जा रही सुपरफास्ट शताब्दी एक्सप्रेस (12003) पर बृहस्पतिवार कुछ असामाजिक तत्वों ने पथराव कर दिया। मक्खनपुर और फिरोजाबाद रेलवे स्टेशन के बीच हुई इस घटना ने रेलवे प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों में खलबली मच गई क्योंकि पत्थर लगने से जिस कोच का शीशा टूटा, उसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत भी सवार थे। गनीमत रही कि किसी को चोट नहीं आई, सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। Vo - संघ प्रमुख मोहन भागवत शताब्दी एक्सप्रेस के एग्जीक्यूटिव क्लास के ई-1 कोच में यात्रा कर रहे थे। ट्रेन जब मक्खनपुर-फिरोजाबाद के बीच से गुजर रही थी, अचानक बोगी पर पत्थर मारा । पत्थर सीधे उसी बोगी पर लगा जिसमें भागवत मौजूद थे। इससे खिड़की का एक शीशा टूट गया। गनीमत यह रही कि भागवत दूसरी साइड बैठे थे। सुरक्षा को देखते हुए ट्रेन को बीच रास्ते में नहीं रोका गया। घटना की सूचना मिलते ही टूंडला जंक्शन पर रेलवे सुरक्षा बल, राजकीय रेलवे पुलिस के आला अधिकारी की मौजूदगी में बोगी के अंदर जाकर उनसे मुलाकात की और उनका हालचाल जाना। संघ प्रमुख के पूरी तरह सही-सलामत होने की पुष्टि के बाद ही सुरक्षा एजेंसियों ने राहत की सांस ली। बेहद संवेदनशील मामले को गंभीरता से लेते हुए आरपीएफ व जीआरपी और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमों ने मक्खनपुर-फिरोजाबाद रेल खंड के आसपास के इलाकों में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया। मौके पर अपर पुलिस महानिदेशक आगरा,एसएसपी फिरोजाबाद मौके पर पहुंचे और उन्होंने बताया की ट्रेन पर पत्थर फेंका गया है जिससे ई -1 बोगी का एक शीशा क्षतिग्रस्त हुआ है लेकिन सभी लोग सकुशल है गहनता से जांच की जा रही है और एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में भी लिया गया है
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अभिषेक बनर्जी से 5.5 घंटे पूछताछ, दस्तखत जालसाजी पर नया मोड़

Noida, Uttar Pradesh:अभिषेक बनर्जी से साढ़े 5 घंटे मैराथन पूछताछ चली। सीआईडी सूत्रों के मुताबिक, बृहस्पतिवार को लंबी पूछताछ के दौरान अभिषेक बार-बार अपना आपा खो बैठे।रेजोल्यूशन बुक से जुड़े कई सवालों का वे सही जवाब नहीं दे पाए।सूत्रों का कहना है कि दस्तखत जालसाजी को लेकर पूछे गए कई सवालों के भी वह सही जवाब नहीं दे सके।मैराथन पूछताछ के बावजूद ज्यादातर सवालों का जवाब न मिलने पर उन्हें रविवार 14 जून सुबह 11 बजे फिर से हाजिर होने कोकहा गया है ।कल हाई कोर्ट की तरफ से कहा गया था कि अगर अभिषेक बनर्जी जांच में सहयोग करते हैं, तभी उन्हें राहत कवच दिया जाएगा। अस्थायी राहत कवच मिलने की पुष्टि होने के बाद ही अभिषेक दिल्ली से लौटकर कालीघाट के घर होते हुए भवानी भवन में सीआईडी के सामने पेश हुए। -विधानसभा दस्तखत जालसाजी कांड की शुरुआत स्पीकर को भेजी गई एक चिट्ठी से हुई थी। जिसमें विपक्ष के नेता और मुख्य सचेतक के नाम का प्रस्ताव दिया गया था। रेजोल्यूशन की जो कॉपी स्पीकर को भेजी गई थी, उसमें अभिषेक का दस्तखत था। उसमें तृणमूल के 70 विधायकों के भी दस्तखत थे। लेकिन तृणमूल के दो विधायक ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा ने आरोप लगाया कि उनके दस्तखत जाली थे। इस बारे में उन्होंने स्पीकर को चिट्ठी दी। नबान्न में इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उसके आधे घंटे के भीतर ऋतब्रत और संदीपन को तृणमूल से निष्कासित कर दिया गया। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने उस प्रेस कॉन्फ्रेंस में मामला उजागर किया। जांच करके मामले की तह तक जाने की बात कही गई। इसके बाद ही सीआईडी के जासूस तृणमूल विधायकों के घर पहुंचने लगे। कई लोगों को नोटिस दिया गया। अभिषेक को भी नोटिस गया, एक बार नहीं, तीन-तीन बार। अभिषेक जब अदालत में राहत कवच मांगने गए तो उन्हें जांच में पूरा सहयोग करने को कहा गया। मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के 30B हरीश चटर्जी स्ट्रीट स्थित घर पर भी सीआईडी पहुंची।
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बारां के महोदरा गांव के मुख्य मार्ग पर कीचड़-गंदगी से ग्रामीणों में आक्रोश

Baran, Rajasthan:महोदरा गांव में कीचड़ व गंदगी से परेशान ग्रामीणों में आक्रोश बारां के समरानियां ग्रामीण क्षेत्रों में विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। महोदरा गांव के मुख्य आम रास्ते पर इन दिनों कीचड़ और गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों का जीना मुहाल हो गया है। प्रशासन की इस बेरुखी से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीण विजय मेहता,दिलीप मेहता,भोला मेहता,मंजीत मेहता ने बताया कि महोदरा से सिरसौद, बरवन की ओर जाने वाले मुख्य रास्ते की हालत बद से बदतर हो चुकी है। पूरे रास्ते पर हर समय कीचड़ फैला रहता है और जलभराव के कारण गंदगी पसरी हुई है। इस मार्ग से रोजाना सैकड़ों ग्रामीणों और स्कूली बच्चों का आना-जाना होता है। कीचड़ के कारण आए दिन लोग फिसलकर गिर रहे हैं, जिससे चोट लगने का डर बना रहता है। वहीं गंदगी के कारण इलाके में संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी मंडरा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस गंभीर समस्या को लेकर कई बार पंचायत प्रशासन को लिखित और मौखिक रूप से अवगत कराया जा चुका है। लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है। बार-बार गुहार लगाने के बाद भी अब तक पंचायत द्वारा सफाई या रास्ते को दुरुस्त करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है।ग्रामीणों की मांग है soon समस्या का समाधान किया जाए .
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खीरी में हाईटेंशन लाइन से बस भिड़ी, एक महिला की मौत सहित कई घायल

Baibahamunnusingh, Uttar Pradesh:लखीमपुर खीरी के खीरी कस्बे में हाईटेंशन लाइन की चपेट में बारातियों से भरी बस के आ जाने से बस में करंट उतर गया जिसमें बस में अफरा-तफरी मच गई। घटना में कई बस सवार बाराती झुलस गये। जिन्हें आनन फानन में अस्पताल भेजा गया जहां इलाज के दौरान एक महिला मौत हो गई जबकि अन्य आधा दर्जन लोगों का इलाज किया जा रहा है। पूरी घटना में कई बस sवार बारातियों ने कूदकर अपनी जान बचाई। बारात पीलीभीत से कस्बा खीरी के मोहल्ला पट्टी रामदास में आई थी। घटना के बाद लोगों में बिजली विभाग के प्रति नाराजगी गुस्सा नजर आया पर कार्रवाई की मांग करते हुए हंगामा किया। सूचना मिलने पर आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। बिजली विभाग पर कार्रवाई के आश्वासन के बाद लोग शांत हुए।
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शिवपुर में एनकाउंटर: विशाल व रोहित गिरफ्तार, GST चोरी से जुड़ा मामला

Noida, Uttar Pradesh:विशाल और उसका साथी रोहित गिरफ्तार शिवपुर थाना क्षेत्र के ऊंदी के पास पुलिस और बदमाशों में मुठभेड़ वाराणसी एसओजी प्रभारी गौरव कुमार सिंह ने अपनी टीम और शिवपुर पुलिस की संयुक्त टीम के साथ बदमाशो की आने की सूचना पर की थी घेराबंदी रोके जाने पर बदमाशों ने पुलिस बल पर की फायरिंग जवाबी फायरिंग में शातिर बदमाश विशाल को पैर में लगी गोली, मौके से भाग रहा उसके साथी रोहित को भी एसओजी के जवानों ने दौड़ाकर पकड़ लिया घायल बदमाश विशाल के खिलाफ पहले से भी एक दर्जन से अधिक मामले दर्ज है जानकारी के अनुसार विशाल ने ही पिछले दिनों शिवपुर थाना क्षेत्र में GST अधिकारी के यहाँ हुई करोड़ो की चोरी की घटना को अंजाम दिया था विस्तृत और आधिकारिक जानकारी की प्रतीक्षा है
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बारां में 11 अवैध ट्रांसफार्मर जब्त, बिजली चोरी पर बड़ी कार्रवाई

Baran, Rajasthan:टीम ने 5 गांवों से जब्त किए 11 ट्रांसफार्मर लोग कर रहे थे बिजली चोरी, विद्युत अधिनियम के तहत होंगे प्रकरण दर्ज बारां के छबड़ा में जयपुर डिस्कॉम ने उपखंड क्षेत्र में बिजली चोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 5 गांवों से 11 अवैध ट्रांसफार्मर जब्त किए हैं। निगम का दावा है कि इन ट्रांसफार्मरों से लंबे समय से अवैध रूप से बिजली का उपयोग किया जा रहा था। जिससे निगम को लाखों रुपए के राजस्व का नुकसान हो रहा था। साथ ही फीडरों पर अतिरिक्त भार बढ़ने से वैध उपभोक्ताओं को कम वोल्टेज और अघोषित बिजली कटौती की समस्या का सामना करना पड़ रहा था। बिजली निगम के एईएन जयेंद्र सिंह झाला के नेतृत्व में विद्युत चोरी निरोधक थाना बारां और कवाई थाना पुलिस की टीम ने कई गांवों में दबिश देकर कार्रवाई को अंजाम दिया। इस दौरान विभागीय तकनीकी कर्मचारियों और पुलिस की मौजूदगी में लिफ्टर मशीन की सहायता से पोल लगे अवैध ट्रांसफार्मर उतारकर जब्त किए। ग्रामीण क्षेत्रों में बिना स्वीकृति ट्रांसफार्मर लगाकर कृषि और अन्य कायों के लिए बिजली चोरी की जा रही थी। कार्रवाई के दौरान विद्युत चोरी निरोधक थाना बारां के थाना प्रभारी रामस्वरूप मीणा, अधिकारी सतीश वर्मा तथा बिजली निगम के तकनीकी कर्मचारी मौजूद थे। कार्रवाई के दौरान टीम ने सागोड़ा गांव से सिंगल फेज के 2 ट्रांसफार्मर, बीलखेड़ा गांव से सिंगल फेज के 2, कंचनपुरा गांव से सिंगल फेज का 1, सोनी गांव से सिंगल फेज के 2 तथा श्री फेज का एक और आनंदपुरा गांव से 3 सिंगल फेज सहित 11 ट्रांसफार्मर जब्त किए। सभी ट्रांसफार्मरों को कब्जे में लेकर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज करवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बिजली निगम के एईएन जयन्द्र सिंह झाला ने बताया कि इन अवैध कनेक्शनों के कारण फीडरों पर अतिरिक्त लोड बढ़ रहा था। जिससे नियमित बिल भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं को कम वोल्टेज और बार-बार बिजली बाधित होने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था。
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जन्म प्रमाण पत्र में नाम जुड़ना बंद: 15 साल से अधिक उम्र बच्चों पर असर

Jaipur, Rajasthan:एंकर-अगर आपका जन्म प्रमाण पत्र तो बना हुआ है। लेकिन उसमें नाम दर्ज नहीं है। तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। केंद्र सरकार की ओर से मिली विशेष राहत अवधि खत्म हो चुकी है। अब 15 साल से अधिक उम्र वाले बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र में नाम जुड़वाना बंद हो गया है। राजस्थान में लाखों परिवार इस स्थिति से प्रभावित हो सकते हैं, इसलिए पहचान पोर्टल के जरिए 6 लाख अभिभावकों को विशेष अलर्ट भेजा गया है. VO-1-राजस्थान में हजारों परिवारों के लिए जन्म प्रमाण पत्र से जुड़ी एक बड़ी परेशानी सामने आई है। जिन बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र (बर्थ सर्टिफिकेट) में अब तक नाम दर्ज नहीं है और उनकी उम्र 15 साल से अधिक हो चुकी है, अब उनके लिए नाम जुड़वाने का रास्ता बंद हो गया है। केंद्र सरकार द्वारा पुराने मामलों में दी गई विशेष छूट की अवधि भी समाप्त हो चुकी है। मुख्य रजिस्ट्रार (जन्म-मृत्यु) कार्यालय ने पहचान पोर्टल के माध्यम से करीब 6 लाख अभिभावकों को एसएमएस भेजकर सचेत किया है। संदेश में ऐसे अभिभावकों से अपने बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र की जांच करने और समय रहते नाम दर्ज कराने की अपील की गई है। जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 और नियम, 2000 के अनुसार बिना नाम जारी जन्म प्रमाण पत्र में नाम दर्ज कराने के लिए अधिकतम 15 वर्ष की समय सीमा निर्धारित है। हालांकि केंद्र सरकार ने 7 अप्रैल 2021 को विशेष राहत देते हुए पुराने मामलों में नाम दर्ज कराने की अतिरिक्त छूट दी थी, जिसकी अवधि अप्रैल 2026 में समाप्त हो गई। इसके बाद प्रदेश के नगर निगमों, निकायों और पंचायतों में ऐसे मामलों का निस्तारण रुक गया है। क्या करें अभिभावक? जन्म प्रमाण पत्र में नाम दर्ज है या नहीं, इसकी जांच करें। पहचान पोर्टल या स्थानीय जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रार कार्यालय से जानकारी लें। 15 वर्ष से कम आयु के बच्चों का नाम तुरंत दर्ज कराएं। सभी दस्तावेजों को अद्यतन और पूर्ण रखें। क्यों जरूरी है जन्म प्रमाण पत्र में नाम? पासपोर्ट और वीजा के लिए महत्वपूर्ण। स्कूल-कॉलेज प्रवेश में आवश्यक। सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में सहायक। पहचान और दस्तावेज सत्यापन का आधार। भविष्य के कानूनी और प्रशासनिक विवादों से बचाव。 VO-2- इसका सबसे ज्यादा असर उन परिवारों पर पड़ेगा, जिनके बच्चों का जन्म वर्ष 2011 या उससे पहले हुआ और किसी कारणवश जन्म प्रमाण पत्र में नाम दर्ज नहीं कराया गया। अब ऐसे मामलों में नाम जोड़ने का विकल्प बंद हो गया है। दरअसल, जन्म प्रमाण पत्र आज केवल जन्म का रिकॉर्ड नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण पहचान दस्तावेज भी है। पासपोर्ट, वीजा, विदेश यात्रा, दस्तावेज सत्यापन, स्कूल-कॉलेज प्रवेश और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में इसकी अहम भूमिका होती है। ऐसे में बिना नाम वाला जन्म प्रमाण पत्र भविष्य में कई प्रशासनिक और कानूनी दिक्कतों का कारण बन सकता है। अधिकारियों का कहना है कि जिन बच्चों की उम्र अभी 15 वर्ष से कम है, उनके अभिभावक तत्काल नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया पूरी करें, ताकि आगे किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े。 बहरहाल,बचपन में छूटा एक नाम, बड़े होकर बन सकता है बड़ी परेशानी। पासपोर्ट से लेकर प्रवेश परीक्षा तक, एक अधूरा बर्थ सर्टिफिकेट कई सपनों की राह में रुकावत बन सकता है। सरकार का अलर्ट साफ है। समय रहते जन्म प्रमाण पत्र पूरा कराइए। वरना आने वाले समय में पहचान साबित करने के लिए कागज तो होगा, लेकिन उस पर नाम नहीं होगा।
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