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VIJAY CHAURASIYAVIJAY CHAURASIYAFollow18 Jan 2025, 06:03 pm

गोरखपुर-मां बनैलिया की स्थापना दिवस एवं शोभा यात्रा को लेकर तैयारी हुई पूरी

Devpur, Uttar Pradesh:

पड़ोसी मुल्क नेपाल से महज छह किलोमीटर दूर नौतनवा में मां बनैलिया समय माता के नाम से विख्यात मंदिर स्थित है। जहां प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी 20 जनवरी को मूर्ति स्थापना दिवस धूमधाम से मनाने की तैयारियां जोर शोर से चल रही हैं। इस वर्ष मां बनैलिया कि 34 स्थापना दिवस मनाया जायेगा .जिसमें विशाल झांकी नगर की परिक्रमा करेगी, वहीं 21 जनवरी को भगवती जागरण व भव्य भंडारे का आयोजन किया गया है। यह मंदिर भारत के विभिन्न हिस्सों समेत नेपाल के श्रद्धालुओं का आस्था का केंद्र है। देश-विदेश से नेपाल पर्यटन के लिए जाने वाले पर्यटक भी इस मंदिर पर रुकते हैं। 

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नवलगढ़ के गोठड़ा म mineिंग एरिया में खेजड़ी अवैध कटाई, ग्रामीणों का आरोप 600-700 पेड़

Jhunjhunu, Rajasthan:नवलगढ़, झुंझुनूं गोठड़ा माइनिंग एरिया में खेजड़ी के पेड़ों की कटाई का आरोप डेटढ़ महीने में 600–700 हरे पेड़ काटे जाने का ग्रामीणों का दावा दिन-रात चेनसा मशीनों से हो रही कटाई का आरोप पिकअप वाहनों में भरकर ले जाई जा रही खेजड़ी की लकड़ी ग्रामीण बोले– कई बार पुलिस को दी सूचना, नहीं रुकी कटाई प्रशासन से जांच कर सख्त कार्रवाई की मांग झुंझुनूं जिले के नवलगढ़ क्षेत्र के गोठड़ा स्थित सीमेंट कंपनी के माइनिंग एरिया में हरे-भरे खेजड़ी के पेड़ों की कथित अवैध कटाई का मामला सामने आया है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले करीब डेढ़ महीने से लगातार बड़े पैमाने पर खेजड़ी के पेड़ काटे जा रहे हैं। उनका दावा है कि इस दौरान लगभग 600 से 700 हरे खेजड़ी के पेड़ काटे जा चुके हैं। ग्रामीणों के अनुसार, पेड़ों की कटाई दिन और रात दोनों समय की जा रही है। उनका कहना है कि 25 से 30 लोगों का समूह 8 से 10 पिकअप वाहनों और पेट्रोल से चलने वाली 5 से 6 चेनसा मशीनों के साथ मौके पर पहुंचता है। इसके बाद कुछ ही समय में बड़े-बड़े खेजड़ी के पेड़ों को तने से काटकर छोटे-छोटे टुकड़ों में किया जाता है और पिकअप वाहनों में भरकर ले जाया जाता है। ग्रामीणों का दावा है कि पूरी कार्रवाई आधे से पौन घंटे के भीतर पूरी कर ली जाती है। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने कई बार इस संबंध में गोठड़ा पुलिस थाना और सीमेंट कंपनी के अधिकारियों को फोन कर सूचना दी, लेकिन पुलिस या संबंधित टीम के मौके पर पहुंचने से पहले ही पेड़ काटने वाले वहां से फरार हो जाते हैं। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि जब उन्होंने कटाई का विरोध किया तो आरोपियों ने वाहन चढ़ाने का प्रयास किया, जिससे क्षेत्र के लोगों में भय का माहौल है। उनका आरोप है कि माइनिंग क्षेत्र में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और तारबंदी नहीं होने के कारण असामाजिक तत्व आसानी से अंदर प्रवेश कर रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले डेढ़ महीने में इस क्षेत्र से 600 से 700 हरे खेजड़ी के पेड़ काटे जा चुके हैं। कई बार गोठड़ा पुलिस को सूचना दी गई, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही पेड़ काटने वाले पिकअप में लकड़ी भरकर फरार हो जाते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन, वन विभाग और पुलिस से मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा माइनिंग क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है, ताकि खेजड़ी जैसे पर्यावरण और ग्रामीण जीवन के लिए महत्वपूर्ण वृक्षों की अवैध कटाई पर रोक लगाई जा सके。
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झुंझुनूं के बुहाना नगरपालिका के स्थायी सफाई कर्मी भर्ती की मांग – वाल्मीकि समाज

Jhunjhunu, Rajasthan:झुंझुनूं बुहाना नगरपालिका को सफाई कर्मचारी भर्ती में शामिल करने की मांग वाल्मीकि समाज ने कलेक्टर को सौंपा मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन स्थायी सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं होने पर जताई नाराजगी भर्ती प्रक्रिया में बुहाना नगरपालिका को शामिल करने की मांग बुहाना से वाल्मीकि समाज के लोग पहुंचे कलेक्ट्रेट प्रदेश में चल रही सफाई कर्मचारी संविदा भर्ती प्रक्रिया में नवगठित झुंझुनूं जिले की बुहाना नगरपालिका को शामिल करने की मांग को लेकर बुहाना क्षेत्र के वाल्मीकि समाज के लोगों ने जिला कलेक्टरेट पहुंचकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम जिला कलक्टर डॉ. अरुण गर्ग को ज्ञापन सौंपा।ज्ञापन में बताया गया है कि बुहाना को नगरपालिका का दर्जा मिले काफी समय बीत चुका है, लेकिन आज तक यहां एक भी स्थायी सफाई कर्मचारी की नियुक्ति नहीं की गई है। वर्तमान में सफाई व्यवस्था ठेके के माध्यम से संचालित की जा रही है।समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि प्रदेश के अन्य नगर निकायों में सफाई कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया जारी है, लेकिन बुहाना नगरपालिका को इसमें शामिल नहीं किया गया। इससे क्षेत्र के बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर से वंचित होना पड़ रहा है।वाल्मीकि समाज ने मांग की कि वर्तमान भर्ती प्रक्रिया में संशोधन कर बुहाना नगरपालिका को भी शामिल किया जाए और यहां स्थायी सफाई कर्मचारियों के पदों पर भर्ती की जाए, ताकि स्थानीय युवाओं को रोजगार मिल सके और नगरपालिका क्षेत्र की सफाई व्यवस्था भी सुदृढ़ हो।
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नवलगढ़ के भाम्बू ढाणी स्कूल में शिक्षक ट्रांसफर पर ग्रामीणों का प्रदर्शन

Jhunjhunu, Rajasthan:झुंझुनूं के नवलगढ़ से खबर खिरोड़ की भाम्बू की ढाणी स्कूल में शिक्षक के तबादले का विरोध विद्यालय से शिक्षक राजेंद्र कुमार को हटाने पर रोष ग्रामीणों, अभिभावकों और विद्यार्थियों ने किया प्रदर्शन डेपुटेशन निरस्त कर पुनः स्कूल में लगाने की मांग विद्यार्थियों ने कक्षाओं का किया बहिष्कार 2 दिन में आदेश वापस नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी झुंझुनूं जिले के नवलगढ़ उपखंड की खिरोड़ ग्राम पंचायत स्थित भाम्बू की ढाणी राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत शिक्षक के कार्यव्यवस्था के तहत किए गए तबादले का ग्रामीणों, अभिभावकों और विद्यार्थियों ने विरोध किया। बड़ी संख्या में ग्रामीण स्कूल पहुंचे और शिक्षक का तबादला निरस्त करने की मांग उठाई। ग्रामीणों ने बताया कि विद्यालय में कार्यरत एल-1 शिक्षक राजेंद्र कुमार का हाल ही में कार्यव्यवस्था (डेपुटेशन) के तहत डाबली बलौदा में स्थानांतरण कर दिया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि राजेंद्र कुमार लंबे समय से विद्यालय में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दे रहे हैं और उनका व्यवहार भी अत्यंत सरल एवं सहयोगपूर्ण रहा है।ग्रामीणों के अनुसार, शिक्षक पहले बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं। उस दौरान भी वे अपने प्रशासनिक कार्य समय पर पूरा कर विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होने देते थे। इसी कारण विद्यार्थियों और अभिभावकों में उनके प्रति विशेष विश्वास और सम्मान है।अभिभावकों का कहना है कि विद्यालय में एल-1 शिक्षक का केवल एक ही पद है। छोटे बच्चों की प्रारम्भिक शिक्षा के लिए ऐसे शिक्षक की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। शिक्षक के स्थानांतरण से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी। विरोध के चलते कई विद्यार्थियों ने कक्षाओं का बहिष्कार भी किया।ग्रामीणों ने सीबीईओ और स्थानीय विधायक से मांग की है कि राजेंद्र कुमार का डेपुटेशन तत्काल निरस्त कर उन्हें पुनः भाम्बू की ढाणी विद्यालय में ही पदस्थापित किया जाए।ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि दो दिनों के भीतर स्थानांतरण आदेश निरस्त नहीं किया गया तो वे विद्यालय पर तालाबंदी कर आंदोलन तेज करेंगे और आवश्यकता पड़ने पर सड़क जाम जैसे कदम भी उठाएंगे.
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जेडीए ने 206.98 हेक्टेयर ग्रीन एरिया में रीको का आवंटन निरस्त किया

Dudu, Rajasthan:दूदू (जयपुर) जी राजस्थान की खबर का एक बार फिर दमदार असर... बिचून में भैराणा धाम में प्रस्तावित इंडस्ट्रियल एरिया के लिए आवंटित जमीन को जेडीए ने किया निरस्त। लगातार हो रहा था विरोध प्रदर्शन, आरएलपी सुप्रीम हनुमान बेनीवाल ने भी रीको के विरोध में कर चुके जयपुर कूच। विवाद के बाद जेडीए भूमि एवं संपत्ति निस्तारण समिति की हुई मीटिंग। आवंटन खारिज करने के बाद अब इस 206.98 हैक्टेयर ग्रीन एरिया में इंडस्ट्रियल एरिया में नहीं लगाया जा सकेगा रीको। जेडीए ने इस जमीन को हरित पट्टी और स्थानीय लोगों का विरोध देखते हुए किया निरस्त। भैराणा गांव में 800 बीघा जमीन पर रीको को औद्योगिक क्षेत्र के लिए जमीन की थी आवंटन। 500 साल पुरानी तपोस्थली और मोक्ष स्थली के पास रीको के विरोध में साधु-संतों ने विरोध शुरू कर दिया। आंदोल मंच हुआ और सरकार को बैकफुट पर आना पड़ा।
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हरियाणा में सावन के पहले कांवड़ियों की भीड़, मुख्यमंत्री के लिए मन्नत-गंगाजल का वादा

Panchkula, Haryana:सावन का महीना शुरू होते ही हरियाणा में कांवड़ियों की संख्या बढ़नी शुरू हो गई है। सड़कों पर बोल-बम-बम और हर-हर महादेव के जयकारे गूंजने लगे हैं। शिवभक्त अपनी-अपनी मन्नत के साथ कांवड़ लेकर शिवालयों की ओर बढ़ रहे हैं। पानीपत का एक शिवभक्त विलासराज सीएम नायब सैनी को प्रधानमंत्री बनाने की मन्नत के साथ अनोखी कांवड़ ला रहा है। उसने अपनी कांवड़ में भगवान भोनेनाथ और सीएम सैनी की फोटो भी लगाई है। विलासराज का कहना है कि यह गंगाजल लेकर वह 11 अगस्त को चंडीगढ़ में सीएम हाउस पहुंचेगा। हरिद्वार से इस यात्रा में उन्हें करीब 20 दिन का समय लगेगा। बताया कि यह गंगाजल वह सीएम सैनी को भेंट करेगा, जिससे भगवान शिव का जलाभिषेक किया जाएगा। वहीं, चरखी दादरी का एक अन्य कांवड़ियां जोनी 300 बीमार गोवंशों को नहलाने के लिए 500 लीटर गंगाजल लेकर आ रहा है। जोनी का कहना है- अपनी गोशाला में बेसहारा गोवंशों का इलाज करते हैं। इन्हें ठीक करने के लिए ही हरिद्वार से गंगाजल लेकर आ रहे हैं।
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कोटली में महिलाओं पर पाकिस्तानी सेना की बर्बरता, 50 घायल

Jammu, कोटली में प्रदर्शन के दौरान महिलाओं पर पाकिस्तानी सेना की बर्बरता, 50 महिलाएं गंभीर रूप से घायल। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के कोटली में वीरवार को शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहीं महिलाओं पर पाकिस्तानी सेना व स्थानीय पुलिस ने बर्बरता की। लाठीचार्ज, पैलेट गन और आंसू गैस के गोले छोड़े। इस दौरान 50 महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। जेकेएचआरओ के अनुसार वीरवार को तय कार्यक्रम के अनुसार कोटली में महिलाएं सड़कों पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहीं थीं। इस दौरान सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज कर दिया। इससे चीख-पुकार मच गई। महिलाओं को निशाना बनाकर फायरिंग भी की गई。
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सावन के पहले दिन महाकाल मंदिर में रिकॉर्ड भीड़, भक्तों की उमड़ी आस्था

Ujjain, Madhya Pradesh:उज्जैन। सावन मास के पहले दिन भगवान महाकाल के दरबार में आस्था का अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ पड़ा। देश के विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालुओं ने सुबह से लेकर देर रात तक बाबा महाकाल के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर परिसर में हर-हर महादेव और जय महाकाल के जयघोष लगातार गूंजते रहे। महाकाल मंदिर प्रशासन के अनुसार, सावन के पहले दिन कुल 2,23,542 श्रद्धालुओं ने भगवान महाकालेश्वर के दर्शन किए। तड़के होने वाली विश्व प्रसिद्ध भस्म आरती से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ना शुरू हो गई थी। दिनभर दर्शन के लिए लंबी कतारें लगी रहीं, लेकिन सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं के चलते श्रद्धालुओं को दर्शन कराने का क्रम लगातार जारी रहा। सावन का पहला दिन होने के कारण श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। कई श्रद्धालु परिवार सहित बाबा के दरबार पहुंचे। दर्शन के बाद भक्तों ने बाबा महाकाल से परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना की。 मंदिर प्रशासन ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त व्यवस्थाएं की गई थीं, जिनके चलते दर्शन व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित होती रही।
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जळगाव में पिछले 24 घंटों से भारी बारिश, नालों में बाढ़ की स्थिति

Jalgaon, Maharashtra:जळगाव जिल्ह्यात गेल्या २४ तासांपासून पावसाची जोरदार बॅटिंग. जळगाव शहरासह जिल्ह्यात सर्वच तालुक्यांमध्ये काल सकाळपासून जोरदार पाऊस सुरू. जोरदार मुसळधार पावसामुळे जामनेर सह इतर तालुक्यांमध्ये नाल्यांना पूर आल्याचे चित्र जिल्ह्यात अनेक दिवसांपासून जोरदार पावसाची प्रतिक्षा होती, गेल्या 24 तासाच्या सतत सुरू असलेल्या पावसामुळे जळगावातील मेहरून तलावाच्या पाणी साठ्यात देखील वाढ झाली मेहरूले तलावाच्या उगम स्थळी जोरदार पाऊस झाल्याने नाल्यांना पूर आला असून तलावाच्या पाणी साठ्यात वाढ झाली आहे. दोन दिवसांपासून सुरू असलेल्या सततच्या पावसामुळे बळीराजा सुखावला आहे..
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साध्वी हार्षानंद गिरि के बयान पर बवाल: माता-पिता के घर में सुरक्षा

Ujjain, Madhya Pradesh:हर बात पर आपत्ति जताने वालों पर साध्वी का तंज— 'कुछ संत, संत कम और मेरी सास ज़्यादा बन गए हैं। इंस्टाग्राम पर वीडियो जारी कर कहा- जो संत जीवनभर सुरक्षा की जिम्मेदारी ले, मैं उसी आश्रम में रहने चली जाऊंगी उज्जैन। गुरु पूर्णिमा पर उज्जैन में दिए गए अपने बयान को लेकर हो रही चर्चाओं के बीच साध्वी हर्षानंद गिरि (हर्षा रिछारिया) ने इंस्टाग्राम पर वीडियो जारी कर अपना पक्ष रखा है। उन्होंने कहा कि संन्यास लेने के बाद माता-पिता के साथ रहने पर कुछ संत सवाल उठा रहे हैं, लेकिन जब तक उनका अपना आश्रम नहीं बन जाता, तब तक उनके पास रहने के लिए दो ही स्थान हैं—गुरु का आश्रम और माता-पिता का घर। वीडियो में साध्वी हर्षानंद ने कहा कि वह माता-पिता के घर इसलिए रहती हैं क्योंकि वहां खुद को सबसे अधिक सुरक्षित महसूस करती हैं। उन्होंने कहा कि समाज में महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा की स्थिति किसी से छिपी नहीं है। ऐसे में यदि कोई संत सार्वजनिक रूप से यह जिम्मेदारी ले कि उनके रहते उन्हें कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा, तो वह अपना सामान लेकर उसी आश्रम में रहने चली जाएंगी। उन्होंने कहा कि जिस दिन उनका अपना आश्रम बन जाएगा, उस दिन वह पूरी तरह आश्रम में रहकर संन्यासी जीवन का पालन करेंगी। फिलहाल स्थायी आश्रम नहीं होने के कारण माता-पिता के साथ रहने ही उनके लिए सबसे उचित और सुरक्षित विकल्प है। वीडियो में उन्होंने कुछ संतों पर नाराजगी भी जताई। उन्होंने कहा कि उनकी हर बात पर आपत्ति जताई जाती है, जबकि संतों का स्वभाव प्रेम, धैर्य और सहनशीलता का होना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि यदि उनके रहने, पहनने, खाने या मिलने-जुलने से कुछ लोगों को हर बार परेशानी होती है, तो यह संतों के आचरण के अनुरूप नहीं है। गौरतलब है कि गुरु पूर्णिमा पर उज्जैन में मीडिया से बातचीत के दौरान साध्वी हर्षानंद ने महिलाओं की सुरक्षा और आश्रमों में रहने को लेकर बयान दिया था, जिसके बाद उनके बयान पर चर्चा शुरू हो गई थी। अब उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर अपने बयान का विस्तृत स्पष्टीकरण दिया है। बाइट - साध्वी हर्षानन्द
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वाशीम में जोरदार बारिश से बड़े पेड़ गिरने, इलाके में दहशत

Washim, Maharashtra:वाशीम जिल्ह्यात रात्रभर झालेल्या जोरदार पाऊस आणि वादळी वाऱ्यामुळे अनेक ठिकाणी मोठी झाडे उन्मळून पडली. वाळकी, दोडकी, जुमडा या गावांसह वाशिम शहरातील शासकीय विश्रामगृह परिसरातही एक मोठे झाड कोसळल्याची घटना घडली. सुदैवाने ही घटना रात्रीच्या वेळी घडल्यामुळे कोणतीही जीवितहानी झाली नाही. मात्र,शासकीय विश्रामगृह परिसरात दररोज मोठ्या प्रमाणात नागरिकांची वर्दळ असते. त्यामुळे ही घटना दिवसा घडली असती, तर मोठी दुर्घटना घडण्याची शक्यता नाकारता आली नसती. या घटनेनंतर प्रशासनाने धोकादायक झाडांची पाहणी करून आवश्यक ती उपाययोजना करण्याची मागणी होत आहे.
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Panipat: सुरक्षा मजबूत, हर थाना क्षेत्र में 3-4 नाके, सीसीटीवी निगरानी के साथ कांवड़ यात्रा

Panipat, Haryana:कांवड़ यात्रा को लेकर प्रशासन अलर्ट पूरे रूट का निरीक्षण सुरक्षा और सुविधाओं के पुख्ता इंतजाम डीसी डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ और एसपी भूपेंद्र सिंह ने सनौली सीमा से जिले के अंतिम छोर तक कांवड़ मार्ग का किया निरीक्षण संबंधित विभागों को कमियां दूर करने के निर्देश पानीपत सावन मास में महाशिवरात्रि पर गंगाजल से भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए लाखों शिवभक्त कांवड़ यात्रा पर निकल चुके हैं। श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन ने सभी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है. इसी कड़ी में उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ और पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह ने सनौली सीमा से लेकर जिले के सभी प्रमुख कांवड़ मार्गों और शिविर स्थलों का संयुक्त निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सड़क, प्रकाश व्यवस्था, ट्रैफिक प्रबंधन, सुरक्षा इंतजाम तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं का जायजा लिया गया। जहां भी कमियां मिलीं, संबंधित विभागों को उन्हें एक-दो दिन के भीतर दूर करने के निर्देश दिए गए हैं. प्रशासन ने स्पष्ट किया कि पूरी कांवड़ यात्रा के दौरान प्रमुख मार्गों पर पुलिस बल तैनात रहेगा। प्रत्येक थाना क्षेत्र में कम से कम तीन से चार नाके स्थापित किए जाएंगे। कई स्थानों पर 24 घंटे संचालित होने वाले स्थायी नाकों के लिए टेंट, बिजली और पुलिस कर्मियों के ठहरने की व्यवस्था भी की जाएगी। आवश्यकता के अनुसार कुछ मार्गों पर भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी ताकि कांवड़_ix की यात्रा निर्बाध और सुरक्षित बनी रहे। पूरे रूट पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी भी की जाएगी। पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य है कि कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न हो। निरीक्षण के दौरान सड़क मरम्मत, गड्ढों की भराई, स्पीड ब्रेकरों की पेंटिंग, प्रकाश व्यवस्था और पेड़ों की छंटाई जैसे कार्यों की समीक्षा की गई है। सभी संबंधित अधिकारियों और थाना प्रभारियों को मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि जैसा-जैसे कांवड़ियों की संख्या बढ़ेगी, उसी अनुरूप सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा. एसपी ने बताया कि प्रत्येक थाना क्षेत्र में तीन से चार नाके लगाए जाएंगे। कई स्थानों पर पुलिस कर्मियों के लिए टेंट और अन्य आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। जहां जरूरत होगी, वहां भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाकर केवल कांवड़ियों के लिए मार्ग सुरक्षित रखा जाएगा. डीजे और मॉडिफाइड साइलेंसर के संबंध में एसपी ने कहा कि सभी डीजे संचालकों को निर्धारित ऊंचाई और ध्वनि सीमा का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। तेज आवाज या नियमों के उल्लंघन की अनुमति नहीं होगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि धार्मिक आस्था का सम्मान करते हुए ऐसे किसी भी कार्य से बचें जिससे आम नागरिकों को परेशानी हो. उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि कांवड़ यात्रा के पूरे मार्ग का निरीक्षण कर सभी आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई है। जहां सड़क, बिजली या पेड़ों की शाखाओं से संबंधित समस्याएं मिली हैं, वहां संबंधित विभागों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि कांवड़ शिविर मुख्य मार्ग से हटकर लगाए जाएं ताकि यातायात बाधित न हो और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो. डीसी ने कांवड़ियों से अपील की कि वे सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। डीजे और वाहनों की ऊंचाई निर्धारित सीमा से अधिक न रखें, क्योंकि अतीत में बिजली की तारों से संपर्क होने के कारण दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। उन्होंने दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) को भी बिजली लाइनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि श्रावण मास हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र माना जाता है और प्रशासन का प्रयास है कि सभी श्रद्धालु सुरक्षित, शांतिपूर्ण और बिना किसी दुर्घटना के अपनी यात्रा पूरी कर सकें.
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