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ASAbdul SattarFollow19 Jul 2024, 01:11 pm
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बिहार पंचायती राज संघ ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला: पंच-सरपंचों की मांगें तेज

Patna, Bihar:बिहार पंच-सरपंच संघ के अध्यक्ष अमोद निराला ने पंच और सरपंचों की मांगों को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ आंदोलन का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि पिछले 20 वर्षों से पंच और सरपंचों का निर्वाचन कराया जा रहा है, लेकिन निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को सुविधाओं के नाम पर कुछ खास नहीं मिला है। इसको लेकर पंच और सरपंचों में नाराजगी और असंतोष है। अमोद निराला ने कहा कि पंच और सरपंच लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, लेकिन चुनाव होने के बावजूद उन्हें आवश्यक सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। उन्होंने संघ के जिला अध्यक्षों, प्रदेश पदाधिकारियों और उपस्थित सभी महिला-पुरुष सदस्यों का आभार जताया। अध्यक्ष अमोद निराला ने चेतावनी दी कि बिहार विधानसभा के आगामी सत्र की शुरुआत के साथ ही पंच-सरपंच संघ अपनी मांगों को लेकर सड़क से सदन तक जोरदार आंदोलन करेगा। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन की पूरी जवाबदेही बिहार सरकार के पंचायती राज विभाग की होगी।
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पुरानी रंजिश में दलित युवक से मारपीट के मामले में नहीं हुई कार्रवाई

Subhas ChandraSubhas ChandraFollow9m ago
Rajaura Kala, Uttar Pradesh:पनियरा (महराजगंज)। पनियरा थाना क्षेत्र के ग्राम सभा माधोनगर में मंगलवार की सुबह पुरानी रंजिश को लेकर एक दलित युवक के साथ मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने गांव के ही चार लोगों पर मारपीट करने, जान से मारने की धमकी देने और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। इस संबंध में पीड़ित ने पनियरा थाने में तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। मिली जानकारी के अनुसार, माधोनगर निवासी सुनील कुमार पासवान ने पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाया है कि मंगलवार की सुबह करीब साढ़े सात बजे पुरानी रंजिश को लेकर गांव के घिसियावन मौर्य, दिनेश मौर्य, संजय मौर्य और एस उर्फ कान्हा मौर्य ने उनके साथ मारपीट की। पीड़ित का आरोप है कि इस दौरान उनके साथ जातिसूचक शब्दों का प्रयोग भी किया गया और जान से मारने की धमकी दी गई। घटना के बाद पीड़ित ने थाने पहुंचकर पुलिस को पूरे मामले से अवगत कराया और तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। पीड़ित की शिकायत के बाद मामले को लेकर कार्रवाई की मांग की जा रही है। इस संबंध में चौकी प्रभारी मुजुरी देवेंद्र दुबे ने बताया कि जांच पड़ताल की गई प्रथम दृष्टया मामला स्कूल में पढ़ रहे बच्चे को मारने पीटने का है। फिलहाल अभी जांच जारी है
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सरकार के निर्देश पर आयोग ने इलेवन पावर के लाइसेंस पर कार्रवाई रोक दी

Chandigarh, Chandigarh:गुरुग्राम-नूंह में निजी बिजली वितरण कंपनी को बड़ा झटका, सरकार के निर्देश पर आयोग ने रोकी आगे की कार्रवाई हरियाणा में गुरुग्राम और नूंह जिलों में बिजली वितरण का काम करने के लिए इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड को दी गई समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस पर फिलहाल आगे की कार्रवाई नहीं होगी। हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (HERC) ने 28 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश में स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार के निर्देश लागू रहने तक इस मामले में आगे नहीं बढ़ेगा। राज्य सरकार ने समानांतर बिजली लाइसेंस पर लगाई रोक हरियाणा सरकार के ऊर्जा विभाग ने 26 अक्टूबर 2026 को बिजली अधिनियम, 2003 की धारा 108(1) के तहत आयोग को निर्देश जारी किए थे। इन निर्देशों में कहा गया कि प्रदेश में कहीं भी समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस बनाया, संचालित या प्रभावी नहीं किया जाए। सरकार ने यह फैसला उपभोक्ताओं के हित, राज्य के राजस्व पर संभावित वित्तीय प्रभाव और व्यापक जनहित को ध्यान में रखते हुए लिया। बिजली निगमों ने उठाए थे कई सवाल लाइसेंस देने की प्रक्रिया के दौरान दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVNL) और उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVNL) सहित संबंधित पक्षों ने कंपनी की वित्तीय क्षमता, तकनीकी तैयारी, न्यूनतम आपूर्ति क्षेत्र और सभी उपभोक्ताओं को बिजली उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी जैसे मुद्दों पर आपत्तियां उठाई थीं। मौजूदा बिजली ढांचे पर संभावित असर, क्रॉस-सब्सिडी और बिजली वितरण के खर्च को लेकर भी चिंताएं जताई गई थीं。
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बिहार विधान परिषद चुनाव में NDA को लगभग 50% समर्थन: मदन सहनी

Patna, Bihar:मदन सहनी, मंत्री, मद्य निषेध एवं उत्पाद विभाग, बिहार सरकार बिहार सरकार के मद्य निषेध एवं उत्पाद विभाग के मंत्री मदन सहनी ने बिहार विधान परिषद चुनाव के नतीजों को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि चुनाव में जेडीयू और एनडीए के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने मेहनत की जिसका परिणाम कई सीटों पर पार्टी के पक्ष में आया। उन्होंने कहा कि लगभग 50 प्रतिशत परिणाम उनके पक्ष में रहे हैं जबकि कुछ सीटों पर पार्टी के प्रत्याशियों को हार का सामना करना पड़ा। मंत्री ने जीतने वाले प्रत्याशियों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व के लिए उनका आभार जताया। साथ ही, सम्राट चौधरी, NDA और पार्टी के अन्य नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को भी बधाई और धन्यवाद दिया। उन्होंने मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए निर्वाचन आयोग से इसमें संशोधन करने की मांग की। मंत्री ने कहा कि स्नातक होने के बाद बार-बार मतदाता बनने की प्रक्रिया की आवश्यकता पर विचार किया जाना चाहिए और चुनाव की इस व्यवस्था में सुधार के लिए निर्वाचन आयोग को गंभीरता से पहल करनी चाहिए। मंत्री मदन सहनी ने बिहार में शराबबंदी कानून के प्रभावी क्रियान्वयन और नशे के खिलाफ कार्रवाई को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि पहले पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक किए जाने के बाद शराब और मादक पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई में तेजी आई थी। मदन सहनी के मुताबिक, महज चार महीने में 23.5 लाख लीटर शराब जब्त की गई थी और मादक पदार्थों की बरामदगी भी लगातार हो रही थी। उन्होंने कहा कि पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की नियमित समीक्षा और निगरानी से नशे के खिलाफ अभियान को और प्रभावी बनाया जा सकता है। इसी को लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री से भी आग्रह किया कि संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए जाएं और एक बार फिर समीक्षा की जाए, ताकि शराबबंदी कानून को बेहतर तरीके से लागू किया जा सके। मंत्री ने कहा कि बिहार को नशामुक्त बनाने के लिए पिछले दस वर्षों से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और इस अभियान को सफल बनाने के लिए प्रशासन तथा आम लोगों का सहयोग जरूरी है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा शराबबंदी लागू किए जाने के फैसले का उल्लेख करते हुए कहा कि इस कानून से खासकर महिलाओं के जीवन और परिवारों के माहौल में सकारात्मक बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि शराबबंदी के कारण कई परिवारों को बेहतर माहौल मिला है और इस बदलाव को बनाए रखना जरूरी है। मंत्री मदन सहनी ने सभी लोगों से शराबबंदी कानून के प्रभावी क्रियान्वयन में सहयोग करने की अपील की ताकि बिहार में नशे के खिलाफ अभियान को और मजबूती मिल सके।
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हरियाणा के 12 हजार अतिथि अध्यापकों को नियमितीकरण नहीं मिलेगा; कोर्ट-हाईकोर्ट के आदेश से नया मोड़

Chandigarh, Chandigarh:हरियाणा के 12 हजार गेस्ट टीचरों को बड़ा झटका, नियमितीकरण के दावे खारिज हरियाणा में करीब 12 हजार अतिथि अध्यापकों को नियमित शिक्षक का दर्जा देने की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है। प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग ने अतिथि अध्यापकों के नियमितीकरण के दावों को खारिज करते हुए स्पीकिंग ऑर्डर जारी कर दिए हैं। विभाग ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि अतिथि अध्यापकों की नियुक्तियाँ नियमित भर्ती के निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं हुई تھیں, इसलिए उन्हें वर्ष 2014 की नियमितीकरण नीतियों का लाभ नहीं दिया जा सकता। 21 साल की सेवा के बावजूद नहीं मिलेगा नियमितीकरण अतिथि अध्यापक वर्ष 2005 से सरकारी स्कूलों में सेवाएं दे रहे हैं। शिक्षा विभाग के अनुसार, उस समय शिक्षकों की कमी को पूरा करने के लिए स्कूलों में प्रति पीरियड के आधार पर अतिथि अध्यापकों की सेवाएं ली गई थीं। विभाग का तर्क है कि उनकी नियुक्तियों में नियमित भर्ती की तरह केंद्रीकृत चयन प्रक्रिया, परीक्षा आधारित मेरिट और आरक्षण के निर्धारित मानकों का पालन नहीं गया था। 2014 की नीति का दिया हवाला सरकार ने नियमितीकरण से इनकार करने के लिए 16 और 18 जून 2014 की नीतियों का हवाला दिया है। विभाग के अनुसार, नियमितीकरण के लिए निर्धारित सेवा अवधि, आवश्यक शैक्षणिक योग्यता, स्वीकृत रिक्त पद और अन्य पात्रता शर्तों को पूरा करना अनिवार्य है। केवल लंबे समय तक सेवा देने के आधार पर नियमितीकरण का अधिकार नहीं बनता। हाईकोर्ट के आदेश के बाद जारी हुआ स्पीकिंग ऑर्डर यह मामला सुखविंदर सिंह बनाम हरियाणा राज्य केस से जुड़ा है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने 25 मई 2026 को संबंधित याचिकाकर्ताओं के नियमितीकरण के दावों पर विचार करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद 6 अगस्त 2026 को हाईकोर्ट की खंडपीठ ने कहा कि दावों का फैसला उपलब्ध तथ्यों और कानूनी प्रावधानों के आधार पर किया जाए। नियमितीकरण का दावा पात्रता के तहत बनता है तो लाभ दिया जाए, अन्यथा उचित कारणों के साथ आदेश जारी किया जा सकता है। 2019 के कानून से सेवा सुरक्षा, नियमित पद का अधिकार नहीं विभाग ने हरियाणा अतिथि अध्यापक सेवा अधिनियम, 2019 का हवाला देते हुए कहा है कि इस कानून का उद्देश्य अतिथि अध्यापकों की सेवा निरंतरता और कार्यकाल को सुरक्षा देना है। विभाग ने इसे स्वतः नियमित शिक्षक का दर्जा या नियमित वेतनमान पाने का अधिकार नहीं माना है। शिक्षा विभाग के इस फैसले के बाद अतिथि अध्यापकों की नियमितीकरण की लड़ाई फिर अदालत पहुंच सकती है। अब सबकी निगाहें इस बात पर रहेंगी कि अतिथि अध्यापक इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती देते हैं या नहीं और अदालत इस मामले में आगे क्या रुख अपनाती है।
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नितिन नबीन के नेतृत्व में भाजपा लोकतंत्र बचाओ मार्च, अराजकता हटाने की तैयारी

Noida, Uttar Pradesh:दिल्ली: भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन आज जैन लाल मंदिर से टाउन हॉल चौक तक 'लोकतंत्र बचाओ अराजकता हटाओ' मार्च का नेतृत्व करेंगे। दिल्ली भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने कहा, "लोकतंत्र की दुहाई देने वाले वे लोग जिन्होंने आपातकाल लगाकर देश में लोकतंत्र की हत्या की। वे हाथ में संविधान की किताब पकड़ कर लोकतंत्र की, कानून की सब मर्यादाओं का उल्लंघन कर रहे हैं। वे देश में अराजकता फैलाना चाहते हैं...आज हम राहुल गांधी को बताना चाहते हैं कि शांतिपूर्ण पदयात्रा, शांतिपूर्ण प्रदर्शन कैसे किया जाता है। लोकतंत्र बचाने के लिए अराजकता को हटाने के लिए हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष पद यात्रा करेंगे।"
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अर्णव तूफान UP को चूमा: तेज हवाओं-बारिश से किसान और नागरिक सतर्क

Lucknow, Uttar Pradesh:अर्णव तूफान का यूपी में असर, मौसम बिगड़ने का अलर्ट सीएम योगी ने अधिकारियों को किया अलर्ट, 31 अक्टूबर तक सतर्कता आंधी, बारिश और आकाशीय बिजली का खतरा, किसानों की बढ़ी चिंता बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवाती तूफान अर्णव अब उत्तर प्रदेश के मौसम पर भी असर डाल रहा है... प्रदेश में मौसम का मिजाज बदलने की आशंका है... कहीं तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान है, तो कहीं गरज-चमक के साथ भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है... मौसम में होने वाले इस बदलाव को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों के साथ तैयारियों की समीक्षा की है और प्रशासनिक तंत्र को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं... सबसे ज्यादा चिंता पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों को लेकर है, जहां तेज हवाओं, आकाशीय बिजली और भारी बारिश का खतरा बन सकता है... आखिर अर्णव तूफान का यूपी में कितना असर होगा? किन जिलों में ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है? और इस बेमौसम बारिश से आम लोगों और किसानों को कितना नुकसान हो सकता है? इन तमाम सवालों के बारे में आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के मौसम पूर्वानुमान विभाग के प्रभारी एवं वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह से भी बात की गई... बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवाती तूफान अर्णव दक्षिण भारत के तटीय इलाकों से आगे बढ़ते हुए अब उत्तर प्रदेश के मौसम को प्रभावित कर रहा है... मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 28 से 31 अक्टूबर के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम बदला रह सकता है... खासकर पूर्वी उत्तर प्रदेश में गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं के साथ बारिश की आशंका है... पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी 29 और 30 अक्टूबर को गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की गई है... मौसम की संभावित चुनौती को देखते हुए प्रदेश सरकार भी सतर्क है... मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों के साथ तैयारियों की समीक्षा की है... प्रशासनिक मशीनरी को सक्रिय रखने और मौसम से जुड़ी चेतावनियों को गंभीरता से लेने की जरूरत है... क्योंकि तेज हवाओं के साथ बारिश होती है, तो इसका असर सिर्फ जनजीवन तक सीमित नहीं रहता... सड़कों पर जलभराव, पेड़ और कमजोर होर्डिंग गिरने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और यातायात प्रभावित होने जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं... ऐसे में प्रशासन के सामने चुनौती है कि मौसम की चेतावनी समय रहते लोगों तक पहुंचे और किसी भी आपात स्थिति में राहत एवं बचाव की व्यवस्था तैयार रहे... अन्ततः सवाल यह है कि अर्णव तूफान का उत्तर प्रदेश में कितना असर देखने को मिलेगा? क्या प्रदेश में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश होगी? तापमान में गिरावट आएगी? और क्या इस मौसम से किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है? इन्हीं सवालों के जवाब जानने के लिए हमने आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के मौसम पूर्वानुमान विभाग के प्रभारी एवं वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह से बातचीत की... केंद्रीय बात यह है कि तेज हवाओं, गरज-चमक और बारिश के दौरान कई तरह की चुनौतियां सामने आ सकती हैं... खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों, दोपहिया वाहन चालकों और खेतों में काम कर रहे किसानों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है... अगर तेज हवाओं के साथ बारिश होती है, तो कमजोर पेड़ों की शाखाएं टूट सकती हैं... अस्थायी ढांचे और कमजोर होर्डिंग क्षतिग्रस्त हो सकते हैं... बिजली के तारों और खंभों को नुकसान पहुंचने की स्थिति में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हो सकती है... वहीं, अगर खेतों में तैयार फसल या कटाई के बाद खुले में रखी उपज बारिश की चपेट में आती है, तो किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है... हालांकि, वास्तविक नुकसान कितना होगा, इसका आकलन मौसम की तीव्रता, बारिश की मात्रा और प्रभावित इलाकों की स्थिति के आधार पर ही किया जा सकेगा... खेतों में खड़ी फसल, कटाई के बाद खुले में रखी उपज और कृषि कार्यों पर बारिश का असर पड़ सकता है... तेज हवाओं और जलभराव की स्थिति में फसलों को नुकसान होने की आशंका भी रहती है... ऐसे में किसानों के लिए जरूरी है कि वे स्थानीय मौसम चेतावनी पर नजर रखें... कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थान पर रखें और खेतों में जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करें... आम लोगों के लिए सावधानी: मौसम विभाग की चेतावनी के बीच आम लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है... गरज-चमक के दौरान खुले मैदान में जाने से बचें... बिजली चमकते समय पेड़ों के नीचे शरण न लें... तेज हवा के दौरान कमजोर दीवारों, होर्डिंग और बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखें... अगर मौसम अचानक बिगड़ता है, तो सुरक्षित और पक्के भवन के अंदर रहें... किसी भी तरह की अफवाह पर भरोसा न करें और मौसम विभाग तथा जिला प्रशासन की आधिकारिक सूचनाओं पर ही ध्यान दें..
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राजौरी में आतंकी ठिकाने ध्वस्त, हथियार व गोला-बारूद बरामद

Jammu, राजौरी में आतंकी ठिकाना ध्वस्त, भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में भारतीय सेना के जवानों ने सर्च ऑपरेशन के दौरान बड़ी कामयाबी हासिल की है। तलाशी अभियान के दौरान भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया है। इसके साथ ही सुरक्षाबलों ने आतंकी ठिकाने को ध्वस्त कर दिया। बरामदगी में UBGL के 4 राउंड, 3 हैंड ग्रेनेड, PK राइफल के 101 राउंड, पिस्तौल के 16 राउंड और AK राइफल के 237 राउंड शामिल हैं। इसके अलावा एक AK बेयोनेट, दो AK मैगजीन, एक कैरी बैग और एक ग्राउंड शीट भी बरामद की गई है। सुरक्षाबलों की इस कार्रवाई को राजौरी जिले में आतंकियों के खिलाफ अभियान के लिहाज से अहम माना जा रहा है। हालांकि, इस बरामदगी के संबंध में किसी आतंकी संगठन या संदिग्धों की मौजूदगी को लेकर अतिरिक्त जानकारी की पुष्टि नहीं हुई है।
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यूपी चुनाव: मौलाना सैफ अब्बास बोले ओवैसी को मुस्लिम वोट नहीं

Lucknow, Uttar Pradesh:यूपी में ओवैसी को मुस्लिम वोट नहीं देगा मौलाना सैफ अब्बास उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में मुसलमान के वोट के लिए सभी पार्टी दावा कर रही है ऐसे में मुस्लिम धर्मगुरु मोलाना सैफ अब्बास ने कहा है ओवैसी को उत्तर प्रदेश में कोई वोट नहीं देगा मुसलमान ओवैसी को पसंद नहीं करता है वह सिर्फ वोट काटकर बीजेपी को फायदा दिलाते हैं मस्जिदे टूट गई मदरसे गिराए गए यह सिर्फ भाषण बाजी की बात करते हैं जमीन स्तर पर इन्होंने कुछ नहीं किया समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश में मुसलमान के लिए काम किया है बीजेपी सबका सबका साथ सबका विकास का बात करती मुझे बीजेपी ने कितना काम किया है मुसलमान के लिए यह व्व खुद जानती है अब जब चुनाव से पहले मेनिफेस्टो आएगा उत्तर प्रदेश उसमें देखा जाएगा मुसलमान की हक की कौन बात कर रहा है उसे आधार पर मुसलमानों वोट करेगा सऊदी अरब जो बात कहता है हुतियो ने हमला किया यह गलत है सबको पता है वहां पर मक्का मदीना है अल्लाह को मानने वाले ऐसा कभी नहीं करेंगे जमीयत उलेमा हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने उत्तर प्रदेश में जो मस्जिद गिराई गई है फिर से उसमें अल्लाह अकबर की आजान गूंजेगी इस पर सैफ अब्बास ने कहा है कि देश में संविधान अभी जिंदा है सभी मज्जिदो के फैसला कोर्ट में है पर कोड जो फैसला करेगा उम्मीद उसे पर कायम है कि फिर से मस्जिद आबाद होगी ईरान की ताकत पूरे मुल्क ने देख ली ईरान कभी भी इसराइल को खत्म कर सकता है जो सुपर पावर थे उनको भी घुटनों पर ला दिया तो ईरान में अगर कहा है कि 1 घंटे में इसराइल को खत्म कर देंगे तो सही कहा है
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JNU आरक्षण विवाद: वृंदा करात ने BJP-RSS की 'गुप्त' रणनीति उजागर की

Noida, Uttar Pradesh:DELHI BRINDA KARAT (CPI(M) ON THE ALLEGED RESERVATION SCANDAL CARRIED OUT BY THE JNU ADMINISTRATION दिल्ली: जामिया मिलिया इस्लामिया में चल रहे विरोध-प्रदर्शन के मुद्दे पर CPI(M) नेता वृंदा करात कहती हैं, "JNU SFI ने बहुत अच्छा शोध और अध्ययन किया है। उन्होंने आंकड़ों के जरिए बिल्कुल स्पष्ट रूप से दिखाया है कि संविधान और कानून के अनुसार 7.5% आरक्षण मिलना चाहिए। JNU में 2021 से जानबूझकर ST छात्रों की संख्या कम की गई है। इसे घटाकर लगभग 5% कर दिया गया है... ऐसा उच्च शिक्षण संस्थानों में हर जगह हो रहा है। यह BJP-RSS की एक सोची-समझी रणनीति है—जिसमें वे आरक्षण के ढांचे को नाम के लिए तो बनाए रखते हैं, लेकिन असल में सीटों को 'डी-रिजर्व' करके और उम्मीदवारों को 'अयोग्य' घोषित करके, वे अंदर ही अंदर इस आरक्षण व्यवस्था को खोखला कर रहे हैं..."
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बिहार: अनंत सिंह की सदस्यता पर विधानसभा अध्यक्ष का बड़ा बयान

SShyamFollow30m ago
Patna, Bihar:

अनंत सिंह की सदस्यता पर विधानसभा अध्यक्ष का बड़ा बयान। अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता को लेकर बिहार की राजनीति में हलचल तेज।  विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने पूरे मामले पर स्थिति स्पष्ट की।  जदयू की ओर से शिकायत के साथ वीडियो फुटेज और अखबारों की कटिंग सौंपी गई शिकायत के साथ अन्य दस्तावेज भी विधानसभा अध्यक्ष को उपलब्ध कराए गए। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा, सभी साक्ष्यों की समीक्षा की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही नियमों के तहत आगे की कार्रवाई पर फैसला होगा। जदयू ने अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता समाप्त करने की मांग की है। अब सबकी नजर जांच के नतीजे और विधानसभा अध्यक्ष के अगले फैसले पर टिकी है। 

 

(पटना से जी न्‍यूज ब्‍यूरो प्रशांत झा की र‍िपोर्ट)

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