नेपाल सीमा से सटे बसंतलाल इंटर कॉलेज को नहीं बनाया परीक्षा केंद्र, थारू छात्राओं में आक्रोश
Newal Garh, Uttar Pradesh:बलरामपुर: यूपी बोर्ड 2027 के लिए जारी 70 प्रस्तावित परीक्षा केंद्रों की सूची में नेपाल सीमा से सटे गैंसड़ी के एकमात्र विद्यालय बसंत लाल स्मारक इंटर कॉलेज रतनपुर, झिंगहा-बालापुर को शामिल न किए जाने से आक्रोश है। विद्यालय कोड 69/1113 है और यह सीमावर्ती सुदूर वन क्षेत्र में स्थित है।
प्रधानाचार्य शब्बीर हसन ने माध्यमिक शिक्षा परिषद प्रयागराज, जिलाधिकारी बलरामपुर और DIOS को पत्र भेजकर बताया कि यह क्षेत्र OBC/SC/ST बाहुल्य है, अभिभावक मजदूरी और कृषि पर निर्भर हैं। विद्यालय में इस वर्ष 43 छात्राएं बोर्ड परीक्षा के लिए पंजीकृत हैं और हाईस्कूल-इंटर के 9 बैच पास आउट हो चुके हैं। विद्यालय बोर्ड के सभी मानक पूरे करता है और पिछले 3 वर्षों से केंद्र के लिए लिखा-पढ़ी की जा रही है।
पत्र में कहा गया है कि सुदूर क्षेत्र होने के कारण नजदीक कोई अन्य विद्यालय नहीं है। केंद्र न बनने से छात्राओं को नूर पब्लिक स्कूल गैसड़ी जो 25-30 किमी दूर है और तुलसीपुर जो 40 किमी दूर है, जाना पड़ेगा। जबकि नियमानुसार 5 किमी की परिधि में केंद्र होना चाहिए। सोनगढ़ा, मुतेहरा, अकलघरवा, नेवलगढ़ की थारू छात्राएं रोज 10 किमी साइकिल से पढ़ने आती हैं।
छात्रा लक्ष्मी थारू मुतेहरा ने कहा- "जंगल के रास्ते 40 किमी जाना असुरक्षित है।" अंबिका, भोलाडीह की श्वेता दर्जिनिया, चित्रा थारू मुतेहरा, प्रिया थारू नेवलगढ़ ने कहा- "यह थारू बेटियों के साथ अन्याय है।"
वहीं महाराणा प्रताप जनजातीय सेवा संस्थान के अध्यक्ष मदनलाल जायसवाल ने बताया कि छात्राएं जंगल में निवास करती हैं, जिनके पास संसाधन की कमी है। लड़कियों की सुविधा हेतु 20 से 25 किलोमीटर दूर केंद्र बनाया जाना अनुचित है। उन्होंने जिलाधिकारी एवं मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर विद्यालय को स्वकेंद्र बनाए जाने की मांग की है।
